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विक्षनरी:भारतीय भाषा कोश ०५

विक्षनरी से

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1201ज्ञानपुंलिंग----जानकारी, बोध।----गिआन----इ़ल्म (मारिफ़त)----ज्ञान----ज्ञानु, जा॒ण----ज्ञान, बोध, माहिती----ज्ञान----ज्ञान----ज्ञानं----ज्ञान----ज्ञानमु, तेलिवि----अरि॒वु, ञानम्----ज्ञानं----तिळिवळिकॆ, ज्ञान----
1202ज्ञापनपुंलिंग----कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र।----गिआपन----याददाश्त----नोटस----पधरनामो, शिकायतनामो----स्मरणपत्र, निवेदन----जणाववुं ते, जाहेरात----ज्ञापन----बिज्ञापन----ज्ञापन----प्रकटन----कुरि॒प्पाणै----अरि॒यिप्पु----ज्ञापनॆ----
1203ज्यादाविशेषण----अधिक, अतिरिक्त, बहुत।----जिआदा----ज़ियादा----ज़्यादु॑----वधीक, ज्यादह----अधिक, जास्त----खूब----बेशी, अधिक, अतिरिक्त, प्रचुर----अधिक, बेछि----बेशी, ज्यादा----ऎक्कुव----अदिगमान, निरै॒य----अधिकं, कूटुतल्----हॆच्चु, बहळ----
1204ज्योतिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---प्रकाश, उजाला;लपट, लौ।---जोत, जोती----रोशनी----जूत्यरॆह---जोति, ज्योति----प्रकाश, उजेडज्वाला, ज्योत---ज्योतिज्वाळा, ज्योत---ज्योति, दीप्तिझलक, शिखा---ज्योति, प्रकटअग्निशिखा, जुइर आग---ज्योतिशिखा---ज्योति, वेलुगुमंट, शिख---ऒळितीप्पिऴम्बु---ज्योतिस्ज्वाल---बॆळकुज्वालॆ---
1205ज्योतिषपुंलिंग----ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र।----जोतिश----नुजूम----जोतु॑श----ज्योतिष, नजूमत----ज्योतिष----ज्योतिष----ज्योतिष----ज्योतिष----ज्योतिष----ज्योतिष्यमु----जोदिडम्----ज्योतिषं----ज्योतिष्य----
1206ज्वरपुंलिंग----शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर)।----बुखार----बुख़ार----तफ----बुख़ारु, तपु----ताप----ताव----ज्वर----ज्वर----ज्वर----ज्वरमु----जुरम्, काय्च्यल्----ज्वरं----ज्वर----
1207ज्वारभाटापुंलिंग----चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार।----जवार भाटा----मद्दोजज़्र----ज्वारबाटु॑----वीर चढ़णुलहणु----भरती-ओहोटी----भरती ओट----जोयार भाटा----जोवार-भाटा----जुआर-भटा----आटुपोटु----कडल्, पॊगुदलुम् वडिदलुम्----वेलियेट॒ट॒वुं, इर॒क्कवुं----समुद्रद एरिळित----
1208ज्वालास्त्रीलिंग----आग की लपट या लौ, अग्निशिखा----जुआला----शौल़ा, लौ----नारु॑-ब्रेह, रॆह----जि॒भी, ज्वाला----ज्वाळा, अग्निशिखा, ज्योत----ज्वाला (ळा)----आगुनेर झलक, अग्निशिखा----जुइर आग, अग्निशिखा----ज्वाळा----ज्वाल, मंट----जुवालै----ज्वाल----उरि, ज्वालॆ----
1209ज्वालामुखीपुंलिंग----वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो)।----जुआलामुखी----आतिशफ़िशाँ----आतश-फिशान----ज्वालामुखी, बरं॒दड़ु जबलु----ज्वालामुखी----ज्वालामुखी----आग्नेयगिरि----ज्वालामुखी----ज्वाळामुखी, आग्नेयगिरि----अग्निपर्वतमु----ऎरिमलै----अग्निपर्वतं----ज्वालामुखि----
1210झंकारस्त्रीलिंग----धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द।----झंकार----झंकार----ठसराय----झंकार----झंकार----झंकार----झड्.कार----जनजननि----झंकार----झंकृति----'गणीर्' ऍन्र॒ ऒलि----झंकारं----झेंकार----
1211झंडापुंलिंग----पताका, निशान।----झंडा----अ़लम (झंडा)----जंडु॑, अलम----झंडो----झेंडा, निशाण----झंडो, ध्वज----पताका, ध्वजा, झण्डा----पताका, निचान----झंडा, पताका----जेंडा----कॊडि----कॊटि, चिह्नं----बाउट----
1212झगड़ापुंलिंग----दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई।----झगड़ा----झगड़ा----ज॑गरु॑, लडा॑य----झगि॒ड़ो----भांडण, झगड़ा----झघडो----झगड़ा----काजिया, दन----झगड़ा, कजिआ----तगुलाट, जगडमु----सण्डै----कलहं, वऴक्कु----जगळ----
1213झगड़ालूविशेषण----जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो।----झगड़ालू----झगड़ालू----लडायि गॊर----झगि॒ड़ालू, झेड़ाकारु----भांडकुदळ----झघडाळुं, टंटाखोर----झगड़ाटे----काजियाखोर, दंदुरा----कळिआ----जगडालमारि----सण्डैक्कारन्----कलहप्रियन----जगळगंट----
1214झटकनासकारात्मक क्रिया----किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना।----छंडणा----झटकना----दु॑नुन, दकु॑ द्युन----झटिको डि॒यणु, ज़ोर सां लोड॒णु, धोड॒णु----झाडणें, झटका देणें, हिसडादेणें----झटकवुं----झटका देओया, झटकानि देओया----जोकारि दे----झटकाइबा, झुकेंइबा----विदिलिंचुट----उदर॒----कुटयुक----जाड़िसुवुदु----
1215झटकापुंलिंग----हलका धक्का, झोंका, आधात।----झटका----झटका----द्रसु॑----झाटिको, धोडो॒----झटका, धक्का----झटको----झटका, झापटा, मृदु आघात----ठेला, गता----झींकिबा (झिंकिबा)----ऊपु, विदिलिंपु----उररु॒दल, तळ्ळुदल----आधातं----सॆळतॆ, तळ्ळु----
1216झटपटअव्यय----अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम।----झटपट----झटपट (फ़ौरन)----जटोपठ----झटपट----झटकन्, लगेच----झटपट, झटझट----झटपट, चटपट----सोनकाले, एतियाइ----शीघ्र----चकचका----तुरिदमाग, उडने----पॆट्टुन्नु, अतिवेगं----बेगनॆ----
1217झड़पस्त्रीलिंग----दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों।----झड़प----झड़प (आवेज़िश)----जफ्य----झड़प, झेड़ो----झड़प----झडप----दुटि प्राणीर झगड़ार समय, माझे-माझेर आक्रमण----किलाकिलि, मराकटा---------तगुवु, देब्बलाट----कै कलप्पु, सच्चरवु----एट॒ट॒मुट्टल, उरसल्----कॉदाट----
1218झड़ीस्त्रीलिंग----कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा।----झड़ी----झड़ी----जॆर्य----झड़ी, लगा॒तारि वस----झड़, संततधार----झडी----वृष्टि धारा----नेरानेपेरा बरषुण----लगाण वर्षा (झड़ी)----जड़िवान----विडादु पॆय्दल्----तुटर्च्चयाय मळ्----जडि मळॆ----
1219झपकीस्त्रीलिंग----हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद।----झोक----झपकी----ज़िफ----झूटो----डुलकी, झापड----झोकुं, डोलुं----तन्द्रा, ढुल, ढुलुनि----कलाघुमटि, चिलमिल टोपनि----ढूल (ढुळाइबा)----कुनिकिपाटु----कण् अयर्वु----मयक्कं----तूकडिकॆ, अरॆनिद्रॆ----
1220झपटनाअकारात्मक क्रिया----किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना।----झपटणा----झपटना----थफ दिन्य----झटु हणणु----झपटणें----झपटवूं----झापटा मारा----जँपियाइ पर----झीकिं आणिबा----दुमुकुट----वेगमाय्पाय----चाटि वीळुक----हायुवुदु, ऎरगुवुदु----
1221झरनापुंलिंगपुंलिंगअकारात्मक क्रिया--ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात;चश्मा, सोता।ऊंचे स्थान से पानी या किसी चीज का लगातार नीचे गिरना।--झरना----झरना (आबशार)-झरना--नागव॑सुनआबशार--झर्णोचश्मोकिरणु (मथां खां हेठि, पाणी वग़ैरह)--धबधबांपाण्याचा झरा, स्रोतकोसळणें--झरणुंझरणुंटपकवुं--झरना, झर्णासोत, सोंतझरा, बओया--झरणा, जुनिचच्माअहरह पानी तलतै बागलि आह--झरणाचश्मा, निर्झर---सेलयेरुसेलयेरुसेलयरु--नीर् वीऴच्चिनीर् ऊट॒टुउदिर, पाय--वॆळ्ळच्चाट्टंअरुविपॊऴियुक--झरि, प्रपातबुग्गॆसुरियुवुदु--
1222झरोखापुंलिंग----दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष।----झरोखा----झरोका (दरीचा)----दा॑र----झरोखो, गिड़िखी----झरोका, गवाक्ष----झरूखो----झरोका, गवाक्ष----सरु खिरिकि, गवाक्ष----झरका, खिड़िकि----किटिकी, गवाक्षमु----शाळरम्----किळिवातिल्----गवाक्ष----
1223झलकस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---चमक, दमक, आभा;आकृठति का आभास या प्रतिबिंब।---झलक----झलक----चमख----झलक----ओझरते दर्शन, झलक, चमक आभाप्रतिबिंब---झलक----झलक, दमक आभाझलक---चमकआभास---झलक, चमकझलक---मेरुपुप्रतिबिंबमु---पळपळप्पु मिन्नल्तोट॒ट॒म्---शोभ, मिन्नल्मिन्नाट्टं---हॊळपुनसु नोट---
1224झांकीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन;सजीव दृश्य, नाटकीय दृश्य, मनोहर दृश्य।---झाकी----ज़ियारत (दीदार)मंज़र (नज़्ज़ारा)---जांकी----झांकी----दर्शननाटकीय दृश्य, मनोहर दृश्य---झांखीनाटकीय दश्य---झाँकी-दर्शन, एक झलकनाटकीय, मनोरम दृश्य---दर्शनमनोरम दृश्य---दर्शनसजीब दृश्य (सजीव दृश्य)---दर्शनमुमनोहर दृश्यमु---दरिशनम्मनम् कवरुम् काट्चि---काऴ्च्च, दर्शनंकॆट्टुकाऴ्च---दर्शननोट, दृश्य---
1225झागपुंलिंग----किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन।----झग्ग----झाग (कफ़)----पॊस----गजि, गजी, फेणु----फेंस----फीण----फेना----फेन----फेण----नुरुगु----नुरै----नुर, पत----नॊरॆ----
1226झाड़नासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना;फटकारना।---झाड़ना----झाड़ना----दु॑नुनजाडुन---छंडणुछंडणु---झाडझूड करणेंफटकारणें, खरडपट्टी काढणें---झाडवुं, कचरो काढवोठपको आपबो---झाड़ाभर्त्सना करा, धमकानो---सारधमक दे---झाड़िबागाळि देबा---विदिलिंचुटचीबाट्लुपेट्टुट जाडिंचुट---तूश्यि तट्टि आगट॒ट॒, पॆरुक्ककंडिक्क---पॊटि तट्टुकशकॉरिक्कुक---झाडिसुवुदुगदरिसुवुदु---
1227झाड़ीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---छोटा झाड़ या पौधा;कंटीले पौधों या झाड़ों का समूह।---झाड़ी----झाड़ी----कंड्य दॅफकंड्य कुल---बूटोबूड़ो---झाड़ीकाटेरी झाड़ी, जाळी---झाडी, वेला, घास इत्यादिनो भरावोकांटाळी झाड़ी---झाड़झोप-झाड़---जोपोहा, पुलिजोपोहा---बुदाकंटाबुदासमृह---पोदपोद---सिरि॒य मरम, शॆडिपुदर्---कुट॒टि॒च्चॆटिकुट॒टि॒क्काटु---पॊदॆ, पॊदरुमळ्ळु पॊदॆ., पॊदरु, पॊदॆ---
1228झाडूपुंलिंग----लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है।----झाडू----झाडू (जारोब)----ल़छुल----बुहारो----केरसुणी----झाडु, सावरणी----झाँटा, झाडु----शोटा, बाढ़नी----झाडु----चीपुरु----तुडैप्पम्----चूल्----पॊरकॆ----
1229झिझकस्त्रीलिंग----किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक।----झिझक----झिझक----मंदछ----हटक, हब॒क, झिझक----संकोच, बुजरेपणा----आनाकानी----द्विधा, संकोच----संकोच----थंग थंण हेबा, संकोच----संकोचमु----तयक्कम्----मटि, संकोचं----संकोच----
1230झिड़कनासकारात्मक क्रिया----अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना।----झिड़कणा----झिड़कना----ब्यवा॑री करु॑न्य----छींभणु, दब॒ कढणु----झिडकारणें----झाटकवुं, वठवुं----भर्त्सना, करा, तिरस्कार करा----चकु पोंदोहा कै कथा क----सोदिबा----कसुरुट----अदट्ट, तिट्ट----शकारिक्कुक----गदरिसुवुदु, गदरिके----
1231झीलस्त्रीलिंग----लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक)।----झील----झील----जील, सर----ढंढ----नैसर्गिक सरोवर, मोठा तलाब----झील, ऊंडा पाणी वाळी प्राकृतिक जगा----हद----बिल----हृद (हृद)----सरस्सु----एरि----तटाकं, कायल्----करॆ, सरोवर----
1232झुंझलानाअकारात्मक क्रिया----झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना।----खिझणा----झुंझलाना----वदनस खनुस----ख़फ़े थियणु, चिड़णु----चिडणें, रागावणें, कावणें----धूंधवावुं, चिडावुं----विरक्त हओया, खिटखिट करा----खिंखिङाइ उठ, खिंखिङा----चिड़चिड़ हेबा----मंडिपडुट विसुगुकोनुट----शिडुशिडुक्क----देष्यप्पॆटुक----रेगुवुदु, सिडुगुट्टुवुदु----
1233झुंझलाहटस्त्रीलिंग----झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट।----खिझ----झुंझलाहट----ड्यकु॑गु॑ह----ख़फ़िगी, नाराज़िपो----चीड, त्रागा----धूंधवाट, खीज----विरक्ति----क्रोध----चिड़चिड़ा-पण----विसुगु----शिडुशिडुप्पु----अरिशं, पिणक्कं----सिडुकु----
1234झुंडपुंलिंगपुंलिंग---पशु-पक्षियों आदि का समूह;व्यक्तियों या जीवों का समूह।---झुंड----झुंड----जबलश्कर---झुंडु----थवासमूह---झुंडसमूह---दल, झाँकदल, समूह---जाकदल---दळ, समूह----गुंपु, मंदगुंपु, मंद---मन्दै, कूट्टम्मन्दै, कूट्टम्---कूट्टंकूट्टं---हिंडुतंड---
1235झुकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---टेढ़ा होना, मुड़ना;आदर, लज्जा अथवा बोझ, भार आदि के कारण नमित होना।---मुड़नानिऊणा---झुकना----नमुन, होल गछुननमुन---झुकणु----झुकणें, लंवणें, वांकणेंखाली झुकणें---झूकवुंआदर शरम वगेरेने कारणें नमवुं---बाँका हओयाझोंका, झुका---हलमूर तललै ह---झुंकिबातइंबा---वंगुटवंगुट---कुनियतलै वणंग---कुनियुकताणुवणङ्ङुक---बग्गुवुदुबग्गुवुदु, विनतनागुवुदु---
1236झुग्गीस्त्रीलिंग----झोंपड़ी या कुटी।----झुग्गी----झोंपड़ी----प॑ह॑र, खॊफु॑र----झुगी॒----झोपड़ी, कुटी----झूंपड़ी----कुँडेघर----जुपुरि----कुटीर----पूरिल्लु----कुडिशै----चॆट॒ट॒क्कुटिल्----गुडिसलु----
1237झुठलानासकारात्मक क्रिया----किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना।----झुठाउणा----झुठलाना----अपज़ाबुन----कूड़ो साबितु करणु----खोटे ठरविणें, बहकाविणें----झूठुं ठराववुं----भोलानो, भुलानो----फॉकि दे----काहाकु, झुटा, मिथ्यावादी वनेइबा----दगा चेयुट, मोस पुच्चुट----पॊयपिक्क, एमाट॒ट॒----कळ्ळनाक्कुक----सुळ्ळु ऎन्दु तोरिसुवुदु----
1238झुर्रीस्त्रीलिंग----त्वचा पर पड़ने वाली शिकन।----झरड़ी----झुर्री (शिकन)----गॆन्य----घुंजु (चमिड़ी वगैरह में)----सुरकुती----करचली----क्षुद्र, कुश्चत, बलिरेखा, भोज----शोटोरा----बळि----मुडत----तोलिल् उंडागुम् सुरुक्कम्----चुळिवु----सुक्कु----
1239झूठपुंलिंग----असत्य, मिथ्या।----झूठ----झूठ (किज़्ब)----अपुज़----कूडु----असत्य, खोटे मिथ्या----जूठुं----असत्य, मिथ्या----मिछा----असत्य, मिथ्या----अबद्धमु----पॊय्----असत्यं; कळ्ळं----सुळ्ळु----
1240झूमनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना;नशे, नींद, प्रसन्नता या मस्ती में शरीर को धीरे-धीरे हिलाना।---झूमणा----झूमना----नचुन, गीरुन----झूमणु, लुड॒णु----झुलणें, डुलणें, आदोंळणेंडुळणें---झूमवुंडोलवुं---दोला, दोल खाओया, झोलाढोला, दोला---हालि-जालि थाक्बागरि-जुगरि थाक---टळिबाहलाइबा (हलाइबा)---ऊगुटतूलुट---ऊंजलाडअसैन्दाड---आटुकआटुक---तूगाडुवुदुतूगाडुवुदु---
1241झूलनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना।झूले पर बैठ कर पेंग लेना।---झूटेलैणा, झूलणा----झूलना----जूलुनग्रायि मारनि---लुड॒णु----झूलणेंझोका धेणें---झूलवुं, लटकवुंहींचवुं---झोला, दोलादोला, दोल खाओया---दुलि थाकदोलना खेल---झुलिबाझुला उपरे वसि झुलिबा---ऊगुटऊगुट---ऊशलाडऊंजलिल् आड---चांचाटुकऊञ्ञालाटुक---नेताडुवुदु, जोलाडुवुदुउय्यालॆ आडुवुदु---
1242झूलापुंलिंग----पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग)।----पींघ----झूला----जूलु॑----झूलो, पींघ----झोका, हिंदोळा, झोपाळा, पाळणा----झूलो, हींचको, हिंडोळो, खाट----दोलना----दोलना----झुला, दोळि----उय्याल----ऊंजल्----ऊञ्ञाल्----उय्यालॆ----
1243झेंपस्त्रीलिंग----लज्जा, संकोच, शर्म।----संग----शर्मिंदगी (झेंप)----मंदछ----शर्मु, लज॒----लज्जा, शरम, लाज, संकोच----लाज, शरम----लज्जा, संकोच, शरम----लाज----लज्जा, संकोच----सिग्गु, बिडियमु----नाणम्----नाणं----नाचिकॆ, संकोच----
1244झेंपनाअकारात्मक क्रिया----लज्जित होना, शर्माना।----संगाउणा----शर्माना (झेंपना)----मंदछुन----शर्माइणु, लजी॒ थियणु----खजिल होणें----शरमावुं----लज्जित हओया, संकोच करा----लज्जित ह----लज्जित हेबा----सिग्गुपडुट----नाण----लज्जिक्कुक, नाणिक्कुक----नाचिकॊळ्ळुवुदु----
1245झेलनासकारात्मक क्रिया----अपने ऊपर लेना, सहना।----झल्लणा----झेलना (सहना)----बरदाश करून----सहणु----सहन करणें----सही लेवुं----सह्य करा, सओया----सह, सहन कर----सहिबा----ओर्चुकोनुट----अनुबविक्क----सहिक्कुक, पॊरु॒क्कुक----सहिसुवुदु----
1246झोंकनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---किसी वस्तु को आग में फेंकना;वेग से किसी चीज को डालना या फेंकना।---झोकणा----झोंकना----नारस बरिथ द्युनहु॑कु॑ दा॑रिथ द्युन---विझणु (का शइ बाहि में)फिटी करणु, उछिलाइणु---झोंकणें, झुगारणेफेकणें---झोंक वुंनांखवुं---आगुने निक्षिप्त कराविक्षेप करा---जुइ लगादलियार दे---निंआरे फिंगिबा----अग्निलो विसुरुटपडवेयुट---तीयिल् पोडवेगमाय् तळ्ळ---तीयिल् तळ्ळुकवेगत्तिल् इटुक---बॆकिगॆ हाकुवुदु, ऎसॆयुवुदुबिसाडुवुदु---
1247झोंकापुंलिंगपुंलिंग---थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी;थोड़े समय के लिए सहसा आने वाली नींद।---बुल्लाझोक---झोंका----हवा दकु॑ज़िफ---झूटो----झुळूकडुलकी---थोड़ा समय माटे, एकाएक वेगपूर्वक चालनीझोकुं, डोलुं---झापट (वातासेर)घुमेर ढुलुनि---बताहर एको एकोटा कोबचिलमिल टोपनि---सहसा सबेग, बायु लहरीसहसा आसिथिबा निद---ईदुरुगालिकुनिकिपाटु---काट॒टि॒न्कण् अयर्वु---काट॒ट॒टिमयक्कं---हॊय्गाळितूकडिसु---
1248झोंपड़ीस्त्रीलिंग----घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी।----झौपड़ी----झोंपड़ी----प॑ह॑र----झूपिड़ी----झोपडी----झूंपडी, झूंपडुं, घास, सांठी, छाण वगैरे थी बनवेलुं घर----कुँडेघर----जुपुरि----कुड़िआ----पूरिल्लु, गिडिसे----कुडिशै----कुटिल्----गुडिसलु----
1249झोलापुंलिंग----चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला।----झोला----झोला (थैला)----जोलनु॑----झोलो, थेल्हो (कपिड़े जो)----पिशवी----झोलो, झोली----झोला, थले----मोना----झुला (मुणि)----संचि----पॆरिय पै (जोल्ना पै)----संचि----चील----
1250टंकारस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि;धातु खण्ड, विशेषत: धातु के कसे या तने हुए तार पर आधात लगने से होने वाली टन-टन ध्वनि।---टंकार----टनटनाहटटनटनाहट---टनकारटनकार---टंकार----धनुष्याचा टंकार;टंकार---टंकारटंकार---टंकारटंकार---टंकारझंकार---टंकार----झंकारनादमुझंकारमु---नाण् ऒलिकंबियै/उलोगत्तुण्डै/तट्टिनाल् उंडागुम् 'टन' एन्नुम ऒलि---टंकारंझणत्कारं---टंकारठण्ठण् शब्द---
1251टंकीस्त्रीलिंग----पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड।----टांकी----टंकी----टंकी----टांकी----टांकी, हौद, कुंड----टांकी----चौबाच्चा, हौज----टेंकी----टांकी----तोट्टि----तण्णीर्ताटॆटि----जलसंभरणि----तॊट्टि----
1252टकरानाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---भिड़ना;मार्ग में बाधक होना, मुकाबला या सामना करना, संघर्ष होना।---टकराउणाटाकरा करना---टकराना----टकरावुन, ठासुनु युन----टकिर्जणु----भिडणेंसंघर्ष होणें, सामना करणें---टकरावुं, अफळावुंअथडावुं---टक्कर, धाक्का लागाबाधक हओया, बाधार सुम्मुखीन हओया, सड्.घर्ष हओया---काजिया लागसंघर्ष ह---धक्का----गुद्दुकोनुटढीकोनुट---मोदतडुक्क---इटयुकएट॒ट॒मुट्टुक---डिक्कि हॊडुयुवुदुबाधॆयागुवुदु, ऎदुरिसुवुदु---
1253टकसालस्त्रीलिंग----वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है।----टकसाल----टक्साल----टकसाल----ज़बंख़ानो----टांकसाळ----टंकसाळ----टॉकसाल----टाकशाल----टंका-शाला----टंकशाल----नाणयंगळ् तयारिक्कुम्इडम् (तंगशालै)----कम्मट्टं----टंकसालॆ----
1254टक्करस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना;संघर्ष, मुकाबला।---टक्कर----टक्कर----टकर----टकरु----टक्करसंघर्ष, मुकाबलना, सामना---टक्करसामनो, प्रहार---टक्करसंघर्ष, मोकाबिला---ठेका खाकाजिया, दन---धक्कासंघर्ष---ढीकोनुटपोटी---मुट्टिक्कॊळ्ळल्मोदल्---कूट्टिमुट्टल्संघट्टनं---डिक्किप्रतिभटनॆ---
1255टटोलनासकारात्मक क्रिया----स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना।----टोहणा----टटोलना----सारुन----हथोराड़ियूं हणणु----चांचपडणें----टटोळवुं, मसोसवुं----हातड़ानो----चुइ चाइ जान----अंडाळिबा----तडवुट----तडवित्तेड----तप्पिनोक्कुक----तडकाडुवुदु----
1256टपकनाअकारात्मक क्रिया----किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना।----चोणा----टपकना----द्रशुन----टपिकणु, टिमणु----ठिबकणें, टपकणें, गळणें----टपकवुं, चूवुं----चोया----टप-टप कै पर्----टप् टप् पाणि पड़िबा----कारुट----शॊट्ट, कीऴॆविळ----इट॒टुवीऴुक----तॊट्टिक्कुवुदु, सोरुवुदु----
1257टहनीस्त्रीलिंग----वृक्ष की शाखा, डाल, डाली।----टहिणी----शाख़ (टहनी)----लं॑ड----टारी----वृक्षाची फांदी, डहाळी, फांदी----वृक्षनी डाळी----डाल, शाखा----डाल, डाली----डाळ----कोम्म----सिरु॒ किलै, मिळारु----चिल्ल, कॊम्पु----कॊम्बॆ----
1258टहलनाअकारात्मक क्रिया----जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना।----टहिलणा----टहलना----चकर करुन----टहिलणु, सैरु करणु----हिंडणें, फिरणें, हवा खाणें----टहेलवुं----बेड़ानो, हाँटा----फुर----ठहलिबा----पचार्लुचेयुट----उलाव----उलात्तुक----तिरुगाडुवुदु----
1259टांकनासकारात्मक क्रिया----सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना।----टांकणा----टांकना----त्रोप द्युन----टाकणु----टाका घालणें----टांकवुं----टाँका----टापलि मार्----टांकिबा----कुट्टुट----तुणियिन् मेल् तैक्क----तुन्निच्चेर्क्कुक----हॊलियुवुदु----
1260टांकास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच);धातुओं को जोड़ने या सटाने के लिए लगाया गया जोड़।---टांका----टांका----टेबवाठ---टाको----शिवण, ठिगळ (स्टिच)टाका---टांको, बखियोरेण---टाँका, स्टिच, सेलाईसाला, पान दिया धातु द्रव्य जोड़ा---चिलाइमोध्, जोन्---टांक----कुट्टुअतुकु---तैयल्पट॒ट॒ वैत्तल्---तय्यल----हॊलिगॆबॆसगॆ---
1261टांगनासकारात्मक क्रिया----लटकाना।----टंगणा----टांगना----अवेज़ान थवुन, अलाद त्रावुन----टंगणु----टांगणे----टांगवुं, लटकाववुं----टांगानो----उलमा----टांगिबा----तगिलिंचुट----त॑गंविड, माट्ट----तूक्कियिटुक----नेतुहाकुवुदु----
1262टाटपुंलिंग----सन या पटसन का मोटा कपड़ा।----टाट----टाट----टाठ----टाटु, पालु----तरट----टाट, शणनी दोरीओनी वणटनुं जाडुं कपडुं----चट----शत तथा मरापाटर डाठ कापारे---------गोने पट्ट----कित्तान्----चाक्कुतुणि----गोणीताटु----
1263टापूपुंलिंग----स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप।----टापू----जज़ीरा----शाठ----बे॒टु----बेट----टापु, बेट, दीप----द्वीप----बालिचर, टापु----टापु----द्वीपमु----तीवु----द्वीपु----द्वीप----
1264टालनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--स्थगित करना;बहाना करके पीछा छुड़ाना, टरकाना;निवारण करना, घटित न होने देना।--टालणा----टालना----पथकुन त्रावुनमशरावुनमशरावुन--टारणु----स्थगित करणेंटाळणेंनिवारण करणें--टाळवुंदूर करवुंनिवारवुं--स्थगित राखा, मुलतबी राखाटाल बहाना करानिवारण करा--स्थगित करमूर पुलुका मारबाधा दे--टाळिबा----निलिपिवेयुटसाकुचेप्पुटरिवरिंचुट--ऒत्तिप् पोडतट्टिक्कऴिक्कतडुक्क--माट॒टि॒ वॆक्कुकऒऴिवु कऴिवु, पर॒युकऒऴिवाक्कुक--मुंदक्कॆ हाकुवुदुनॆव हळुवुदुनिवारिसुवुदु--
1265टिकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना;यात्रा के समय विश्राम के लिए कहीं ठहरना।---टिकणा----टिकना----टिकुन, ठीकु॑रुन----टिकणु----टिकणें----टकवुं----टेका----थाक, निर्भर करक्षंतिकलैक्लांति दूर कर---भरादेइ ठिआ हेबा आउजिबा----आगुटमन्निकगल---निलैत्तुनिर्कवऴित्तंग---उर॒च्चु निल्क्कुकतङ्ङुक---निल्लुवुदुतंगुवुदु---
1266टिकाऊविशेषण----जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत।----टिकाऊ----पाएदार (मज़्बूत)----पायदार----टिकाऊ----टिकणारा, मजबूत----टकाउ----टेकसइ, मजबूत----स्थायी----मज़भूत, बहंतरी---------उरु॒दियान, नॆडुनाळ् उऴैक्किर॒----ईटुळ्ळ----बाळिकॆ बरुव----
1267टिकियास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट);साबुन आदि का छोटा आयताकार टुकड़ा।---टिक्कीगाची, टिक्की---टिकिया (कुर्स)----टिक्य, पिलचाट्य, टिकी---टिकीचकी---चकतीवडी---टीकडीगोटी---बड़िखण्ड, टुकरो---बरि, बड़िसरु टुकुरा---बटिका----मात्र, बिळ्ळबिळ्ळ---मात्तिरैविल्लै---चॆरि॒य गुळिककट्ट---मात्रॆबिल्लॆ---
1268टीकापुंलिंगस्त्रीलिंग---तिलक, बिंदी;किसी गन्थ, पद आदि का अर्थ स्पष्ट करने वाला कथन, व्याख्या।---टिक्काटीका---टीकाशरह---ट्यॊकटीका, तशरीह---तिलकु, टिकोटीका, समुझाणी---टिळा, कुंकवाची टिकलीव्याख्या---टीकी, टीलडी, कंकुनुंसमजूती आपवा करेलुं विवरण---टिका, तिलक, टिपटीका---फोंट, तिलकव्याख्या---टीकाव्याख्या---बोट्टुव्याख्य, टीक---नॆट॒टि॒प पॊट॒टुतिळक्क उरै---पॊट्टु, कुरिव्याख्यानं---तिलक, बॊट्टुटीकॆ, ब्याख्यॆ---
1269टीका-टिप्पणीस्त्रीलिंग----किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार।----टीका टिप्पणी----हाशिया----व्यछु॑न्यार----टीका-टिपणी----आलोचना, समीक्षा, टीका----टीका-टीपणी, गुणदोषनी समालोचना----टिप्पणी, आलोचना----टीका-टिप्पणी----टीका-टिप्पणी----विमर्श----कुट॒ट॒म कुरगळ एडुत्तुक्काट्टुदल्----अभिप्रायं, विमर्शनं----भाष्य, टीकॆ, टिप्पणि----
1270टीलापुंलिंग----छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह।----टिब्बा, टिल्ला----टीला----टेंग, लॅबुर----दड़ो, टीलो----टेकडी, टेकाड----टीलो, टिंबो----टिला----टिला, ढाप----छोट-मुड़िआ, ढिच, ड़िह----दिब्ब मिट्ट----मणल्मेडु, सिरु॒कुन्रु॒----पार॒----गुड्डु----
1271टुकड़ापुंलिंग----अंश, खंड, भाग।----टुकड़ा----टुकड़ा----टुकरु॑----टुकिरो, टुकरु----तुकडा----टुकडो, ककडो----टुकरो/टुकरा----टुकरा----खंड----मुक्क, तुनक----तुण्डु----कषणं, तुण्टु----चूरु, तुण्डु----
1272टेकपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--सहारा, आधार;हठ, आग्रह, संकल्प;गाने की प्रथम पंक्ति जो बार-बार दोहराई जाती है।--टेक----टेक----डॊख-योज--टेक, सहारोज़िदुटेक--टेकूहट्ट, आग्रह, संकल्पपालुपद--टेकपणकवितानुं ध्रुवपद--ठेस, ठेकज़िद, हठकारिता, दृढ़सड्.कल्पधुया--सहाय भेटिप्रतिज्ञा, संकल्पगीतर दोहोर--टेकआग्रहघोषा--पोटु, आधारमुमोंडितनमु, संकल्पमुपल्लवि--मुट्टुअड़म्पल्लवि--आश्रयं, ऊन्नुनिर्बधपल्लवि--आधार, बॆबंलहट, निश्चयपल्लवि--
1273टेकनासकारात्मक क्रिया----अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना।----टेकणा, टिकाउणा----टेकना----ठीकु॑रावुन----टेकणु, टेक डि॒यणु----टेकणें----टेकवुं, टकेववुं----ठेस देओया----ठेका दे, ढोका दे----टेकिबा----पोटीपेट्टि निलुपुट----साय्न्दु कॊळळ, साय्त्तु वैक्क----ऊन्नुक----ऊरुवुदु, आनिसुवुदु----
1274टेढ़ाविशेषणविशेषणविशेषण--जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र;कुटिल, धूर्त;मुश्किल, कठिन, उलझनपूर्ण।--बिंगा, टेढ़ाटेढ़ा---टेढ़ा----हॊलहॊलकठ्युन--डिं॒गो, फिडो॒, टेडो॒डिं॒गो, लुचोडुख्यो--वाकडाकुटिल, धूर्तअवधड--टेडुं, वांकु, आडुंकुटिल, धूर्त---बाँका, तेरछा, टेड़ाकुटिल, धूर्तकठिन--बेंकाकुटिलकठिन--टेढ़ाकुटिळमुस्किल, कठिन--वक्रमयिन, वंकरकुटिलमयिन, धूर्तुडयिनकष्टमु--कोणलानपोक्किरिसिक्कलान--वळञ्ञवक्रबुद्धियायविषर्म पिटिच्च--वक्र, सॊट्टकुटिल, धूर्तकष्ट, डोंकाद--
1275टोकनासकारात्मक क्रिया----रोकना, बाधा डालना।----टोकणा----टोकना----नस डालु॑न्य----टोकणु----हटकणें----टोकवुं----बाधा देओया, टोका----राख, बाधा दे----बाधा देबा----आटंकमुलु पेट्टुट----तडुक्क----तटयुक----तडॆयुवुदु----
1276टोकरीस्त्रीलिंग----बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट)।----टोकरी----टोकरी----टूकु॑र----टोकिरी----टोपली----टोकरी, छाबड़ी----झुड़ि, टुकरि----पाचि, खराहि----टोकेइ----अड़डगिंचुट बुट्ट----कूडै----कॊट्ट, कुट्ट----मक्करि----
1277टोलीस्त्रीलिंग----मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह।----टोली----टोली (गुरोह)----छॅख, जमाथ----टोली----टोळी----टोळी, समूह----दल, समूह----गोट, समूह, दल----मंडळी----दळमु, गुंपु----कुळ----संघं----समूह, गुंपु----
1278टोहस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---खोज, जांच, तलाशी;किसी अज्ञात बात का पता लगाने की क्रिया अथवा उससे प्राप्त होने वाली जानकारी।---टोह----टोह (जुस्तुजू)जूस्तुजू---छ़ाँडवपय---टोह----तपास, चौक़शीमाहिती---तपासमाहिती---खोंज, तल्लाशखोंज, सूचना---परीक्षा, अनुसंधानअनुसंधान---खोज, तलाशी जांचअज्ञात वस्तु संबंधी ज्ञान---वेतकुट, सोदाअन्वेषण---तेडुदल्अरि॒याद पॊरुळै तॆरिन्दुकॊळ्ळशॆययुम् मुदर्चि---अन्वेषणं तेटल्अन्वेषणं---हुडुकुविकॆ, तलाशिपत्तॆ---
1279ठंडकस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो;जलन की कमी, चैन।---ठंड----ठंडक (बुरुदत)चैन---ठं॑डी, सरदी----थधिकार----गारवा, गारठाथंडावा आराम---ठंडक, शीतळतानिरांत, शांति---ठाण्डा, अल्पशीतआराम---चेंचा, ठांडाशांति---हालुका, सुखद (अळच-शीत)आराम, शांति---च़ल्लदनमुशांति---कुळिर्चचिआरु॒दल्---तणुप्पुकुळुर्म---तुंपुआराम---
1280ठंडाविशेषण----उष्णता या ताप से रहित।----ठंडा----ठंडा (सर्द)----तुरुन, यख----थधो----थंड़गार, थंड----ठंडुं, टाठुं----ठाण्डा----चेंचा, ठांडा, जुर----थंडा----चल्लनि----कुळिर्न्द----तणुत्त----तण्णगाद, तण्णगिरुव----
1281ठगपुंलिंग----वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त।----ठग्ग----ठग (अ़य्यार, मक्कार)----ठग----ठगु----ठग----ठग, प्रपंची----ठग, धूर्त----ठगोंता, धूर्त----ठक----मोसगाडु टक्करि----एमाटटुक्कारन्, पोक्किरि----वंचकन्, तट्टिपरि॒क्करान्----ठक्क कपरि----
1282ठगनासकारात्मक क्रिया----धोखा देना, छलना।----ठग्गणा----ठगना----ठगुन----ठग॒णु----फसविणें, ठगविणें----ठगवुं, भोळवीने, छेतरवुं----ठकानो, धोका देओया----ठगा----ठकिबा----मोसगिंचुट----एमाट॒ट॒----चतिक्कुक, वंचिक्कुक----मोसमाडुवुदु, वंचिसुवुदु----
1283ठप्पापुंलिंगपुंलिंग---धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर;ठप्पे का छापा या चिह्न---ठप्पा----छाप (ठप्पा)----ठपु॑----ठपो----शिक्काछाप अथवा चिह्न---सिक्को, छाप, महोर----मोहर, सील मोहरसील मोहर वा ताहार छाप---मोहरमोहर---छापा, मोहरछापा---मुद्रमुद्र---मुद्दिरैमुद्दिरै---मुद्रमुद्र---मुद्रॆ अच्चुनिल्लुवुदु---
1284ठहरनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---रुकना;किसी स्थान पर थोड़े समय के लिए रहने के लिए रुकना।---ठहिरना----ठहरना----ठहरुन----तर्सणु----थांबणेंमुक्काम करणें---ठेरवुं, रहेवुंमुकाम करवो---थामाथामा----जिरणि---रोकिबाकिछ समय पाइं रहिबा---आगुटआगुट---तंगवऴित्तंग---निल्क्कुक, तड्.डु.कतड्.डु.क---निल्लुवुदुतंगुवुदु---
1285ठहाकापुंलिंग----जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास।----ठहाका----क़हक़हा----ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन, असन खंगाल----टहिकु----अट्टाहास्य----अट्टहास्य, अडखडाट, हसवुं ते----अट्टहास----अट्टहास्य, ढेकढेकनि----अट्टहास----अट्टहासमु----उरत्त शिरिप्पु----अट्टहासं, पॊट्टिच्चिरि----अट्टहास----
1286ठाट-बाटपुंलिंग----आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत।----ठाठ-बाठ----ठाट-बाट (शानोशौकत)----ठाठ-बाठ----ठाठ-बाठु----थाटमाट, अवडंबर----ठाठमाठ----ठाटबाट, जाँक-जमक----आंबर----आडंबर----आंडबरमु----आडंबरम्, विमरिसै----आडंबरम्----ठीवि, आंडबर----
1287ठिकानापुंलिंग----रहने या ठहरने का स्थान।----टिकाणा----ठिकाना----रोज़न जाय----ठिकाणों, रहण जी जाइ----राहण्याचें ठिकाण----ठेकाणुं----ठिकाना----ठिकना----ढिकणा----चोटु, आश्रयमु बस----तंगुमिडम्----तावळं----निवास बीडुमन----
1288ठीकविशेषण, क्रिया विशेषणपुंलिंग---उपयुक्त।शुद्ध, सत्य।---ठीक----ठीक----ठीखपॊज़, सही---ठीकु----ठीकशुद्ध, सत्य---ठीक----ठिक----उपयुक्त, ठीकसत्य---ठीक----सरि अयिननिजमु---सरियानसरि, नल्लदु---योजिच्च, शरियायशरि---सरियादनिजवाद, सत्यवाद---
1289ठुकरानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---पैर से ठोकर लगाना;उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक अस्वीकार करना।---ठोकर मारना, ठुकराउणा----ठुकराना----ठूकरु॑ दिन्यठूँठ दिन्य---ठुकिराइणु----ठोकर मारणें, लाथाडणेंधुड़कावून लावणें---ठोकर मारवी----पदाघात कराअग्राह्य करा, उपेक्षा करा, अवज्ञा करा---गोर मारि दे, मोर मारउपेक्षा कर---गोइठा मारिबा, पदाघात करिबाउचेख्या-करिबा, अबहेळा-करिबा---तन्निवेयुटतिरस्करिंचुट---उदैत्तुत्त्तळ्ळअवमदिक्क---चविट्टुक, तट्टुकचविट्टित्तळ्ळुक---ऒदॆयुवुदुतळ्ळुवुदु, उपेक्षिसुवुदु---
1290ठूंठपुंलिंग----वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों।----रुण्ड-मुण्ड----ठूंठा----लंडुर----ठूंठो (वणु), बिना टार्युनि----बठलेला----ठूंठ, ठूंठु, झाडनुं थडियुं----ठुँटा गाछ----गछर मूढ़ा----थुंटा, शुष्क बृख्यर गंडि----मोडु----मॊट्टै मारम्----कुट॒टि॒----बोळु मर----
1291ठूंसनासकारात्मक क्रिया----जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना।----ठोसणा----ठूंसना----सु॑तुन----ढूसणु, ड॒टणु----ठासून भरणें, कोंबणें----ठोंसवुं, ठोसवुं----ठुसा, ठोसा----हेंयि हेंचि भरा----खुंदि भरति करिबा----कूरुट, कुक्कुट----तिणिक्क----तिरुकिनिर॒क्कुक----तुरुकुवुदु----
1292ठेकेदारपुंलिंग----वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर)।----ठेकेदार----ठेकेदार----ठेकु॑दर----ठीकेदारु----भक्तेदार, ठेकेदार----ठेकेदार, इजारदार----ठिकादार----ठिकादार----ठिकादार----गुत्तकाडु, कान्ट्रेक्टरु----ऒप्पन्दक्कारर्----करारु॒कारन्----गुत्तिगॆदार----
1293ठोंकनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---अच्छी तरह पीटना;किसी चीज को किसी दूसरी चीज के अंदर गड़ाने, धंसाने आदि के लिए उसके पिछले भाग पर जोर से आघात करना।---ठोकणा----ठोंकना----ठासुनठुकुन---ठोकणु----ठोकणें, मारणेंठोकणें---ठोकवुं, पीटवुं, मारवुंठोकवुं---ठोकाठोका---मरियामरियाह मरियार, सुमा---ठुंकिबा, भल करि पीटिबा----बादुट, तट्टुटकोट्टुट, नाटुट---नन्गु तट्टनग्नु तट्ट---आञ्ञटिक्कुकतर॒क्कुक---हॊडॆवुदुबडियुवुदु---
1294ठोकरस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे;पदाघात।---ठोकर----ठोकर----ठूँकु॑रु॑ठूँकु॑रु॑---ठोकरलत---ठेंच, ठोकरपदाघात---ठोकर, ठेसलात मारवी---ठक्कर, ठोक्करपदाघात, लाथि---उजुटिगोर, पदाघात---ठोकरपदाघात, नातमारिबा---देब्बतन्नु---इडरुदल्कालाल् उदैत्तल्---तट्टुचविट्टु---ऎडवुऒदॆ---
1295ठोसविशेषणविशेषण---जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर;तथ्यपूर्ण, दृढ़, प्रमाणिक।---निग्गर, ठोस----ठोस----ठोसठोस---निहुरोसही, बादलील---भरीव, मजबूत, बळकटप्रामाणिक, दृढ़, तथ्यपूर्ण---मज़बूतदृढ़---निरेटदृढ़, तथ्यपूर्ण---परिपूर्णतथ्यपूर्ण, सारुवा---निदातथ्यपूर्ण, दृढ़, प्रामाणिक---धनमयिन, गट्टिदृढ़मयिन---दिडमानउण्मैयान---कट्टियायउर॒च्च---गट्टितथ्यपूर्ण, तुबिद, प्रामाणिक---
1296डंकपुंलिंग----बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा।----डंग----डंक (नेरा)----टॅफ---------दंश----डंख, दंश----हुल----शुं----नाहुड़----कोंडि----कॊडुक्कु----कुत्तु, मुळ्ळु----कॊंडि----
1297डंडापुंलिंग----लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड।----डंडा----डंडा----डंडु॑, लूर----डं॒डो----सोटा, दंडा----डंडो----लाठि, डाण्डा----टोकोन, लाखुटि, लाठी, लाठि----बाड़ी, दंड----कर्र----तडि----वटि----दॊण्णॆ----
1298डकारस्त्रीलिंग----भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार।----डकार----डकार----डाकुर----ओगि॒राई----ढेकर----ओड़कार----ढेकुँर----उगार----एउड़ि----तेपु----एप्पम्----एंपक्कं----तेगु----
1299डकैतीस्त्रीलिंग----डाका, लूट-मार।----डाका, डकैती----डाका (डकैती)----डाकु॑----धाड़ो----दखड़ा, डाका----डाकाटी, धाड----डाकाति, लुटमार----डकाइति----ड़कायति----दोपिडि----कॊळ्ळै----कॊळ्ळ----दरोडॆ----
1300डगपुंलिंग----कदम।----पलांघ, डग----क़दम----कदम----कदमु, विख़----पाऊल----डग----पदक्षेप, कदम (क्ख)----खोज, कदम----पादे----अडुगु----कालडि----अटि, काल् वॆप्पु----हॆज्जॆ----
1301डगमगानाअकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना;विचलित होना या करना।---डगमगाउणा----डगमगाना----डगमगावुन----लुड॒णु, धुड॒णुलोड॒णु---डगमगणें, हलणेंविचलित होणें वा करणें---डगमगयुविचलित थवुं या करवुं---टलमल कराविचलित करा वा हओया---थरकबरक हबिचलित कर---टळमळ हेबा----चलिंचुट, तप्पटडुगुलु वेयुटचलिंचुट---तळ्ळाडसंचलप्पड---इटरु॒कइळकुक---अलुगाडुवुदुविचलितनागुवुदु---
1302डरनाअकारात्मक क्रिया----भयभीत होना।----डरना----डरना----खोचुन----डिज॒णु----घाबरणें----डरवुं, बीवुं----भय पाओया, डरा----भयभीत ह----डरिबा----भयपडुट----बयप्पड----पेटिक्कुक----हॆदरुवुदु----
1303डरपोकविशेषण----कायर, भीरु----डरपोक----डरपोक (बुज़दिल)----डरपोक, खोचु॑बुड----डिजि॒णो----भित्रा, मयाड----डरपोक, बीकण----भीरु, भीतु----भायात्तुर, भरु----भीरु----पिरिकिवाडु----कोऴै, बयगॊळि----भीरु----अंजुपुरक, हेडि----
1304डरानासकारात्मक क्रिया----किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना।----डराउणा----डराना----खोच़ु॑नावुन----डेजा॒रणु----धाबरविणें, भिवविणें----डराववुं, बिवराववुं----भय देखानो, धमकानो----धमकि दे, भय खुवा----डराइबा----भयपेट्टुट----बयमुरुत्त----पेटिप्पिक्कुक, भयप्पॆटुत्तुक----हॆदरिसुवुदु----
1305डरावनाविशेषण----भयानक।----डराउणा----खौफ़नाक (दहशतनाक)----खोचु॑वुन----डेजा॒रींदडु, भयानकु----भयानक, भयंकर----डरामणुं, डर लागे एवुं----भयानक, भयङ्कर, भयावह----भयानक, भयंकर----भयानक----भयंकरमयिन----बयंगरमान----भयानकमाय----भयंकर----
1306डसनासकारात्मक क्रिया----किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए।----डसणा----डसना----टॅफ दिन्य----डं॒गणु----डसणें----डसवुं, दंश देवो----दंशन करा, कामड़ानो----खोट, कामोर----कामुड़िबा, दंशिबा----काटुवेयुट----विष जंतु तीण्ड----कटिक्कुक, दंशिक्कुक----कुटुकुवुदु, कच्चुवुदु----
1307डांटस्त्रीलिंग----किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना।----डाट----डांट (सरज़निश)----ग्रुं॑ज़न, बुथ फिरुन----दब॒, तड़ी----धमकी, वटावणी----ठपको----धमक बकुनि----धमकि----सोदिबा (शोधिबा)----बेदरिंपु----अदट्टल्----शकारिक्कुक----गदरिकॆ----
1308डांवाडोलविशेषणविशेषण---जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे;(व्यक्ति अथवा स्थिति) अनिश्चित।---डांवांडोल----डावांडोल----डांवा-डोलडांवा-डोल---डांवाडोलु----डळमळीत, अस्थिरअनिश्चित---डामाडोळअनिश्चित---दोलायमानसंशयापन्न, अस्थिर---थरक बरकअनिश्चित---टळमळ----अस्तव्यस्तमुतलक्रिंदुलु---आट्टम् कंडनिलैयट॒ट॒---आटुन्न, इळकुन्नअनिश्चितं---अल्लांडुवअस्थिर, कदलिद---
1309डाकस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था;उक्त व्यवस्था द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाया जाने वाला पत्र या सामग्री।---डाक----डाक----डाक, डाख----टपाल----टपाल, पोस्टडाक---कागळोटपाल---डाकडाक, चिठिपत्रादि---डाकडाक---डाकडाक द्वारा प्रेरित सामग्री---तपालाटपालु---तपाल्अञ्ञर कडिद त्तोहुदि---तपाल्तपाल् उरुप्पटि---अंचॆटपालु---
1310डाकघरपुंलिंग----डाकखाना।----डाकखाना----डाकख़ाना----डाकखानु॑----टपाल आफ़ीस, पोस्ट आफ़ीस----टपालघर, डाकखाना----टपाल ओफिस----डाकघर----डाकघर----ड़ाकघर----पोस्टाफीसु, तपालाफीसु----तपाल् आपीस्, अंजल्----पोस्टाफीस्, तपालाफीस्----अंचॆ कचेरि, पोस्ट् आफीसु----
1311डाकापुंलिंग----डकैती, लूट-मार।----डाका----डाका----डाकु॑----धाड़ों----दरवडा, वाटमारी----डाको, धाड़----डाकाति, लुटमार----डकाइति----डकैति----दोपिडि----कॊळ्ळै----कॊळ्ळ----डकायिति----
1312डाकूपुंलिंग----डाका डालने वाला।----डाकू----डाकू----डाकू----धाड़ेलु, डाकू----दरवडेखोर, लुटारु, डाकू----डाकु----डाकात----डकाइत----डाकु----दोपिडिदोंग----कॊळ्ळैक्कारन्----कॊळ्ळक्कारन्----दरोडॆगार----
1313डालस्त्रीलिंग----पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा।----डाल----डाल (शाख़)----लं॑ड----टारी, डार----फांदी, डहाळी----डाळ----डाल, शाखा----डाल, डाली----शाखा, डाळ----कोम्म----मरक्किळै----कॊम्पु, शाख----रॆम्बॆ, शाखॆ----
1314डालनासकारात्मक क्रिया----किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना।----पाउणा, रखणा----डालना----त्रावुन----विझणु----घालणें, टाकणें, सोडणें, ओतणें----नाखवुं----ढाला, छाड़ा राखा----बाक----पकाइबा----वेयुट----पोड----इटुक----हाकुवुदु----
1315डाहस्त्रीलिंग----ईर्ष्या, जलन, कुढ़न।----साड़ा----जलन (हसद)----दज़ुन, दाह----साडु, हसदु----ईर्ष्या, मत्सर---------ईर्षा, ईर्ष्या, परश्रीकातरता----ईर्षा, दाह----ज्वळन, ईर्षा----ईर्ष्य, कुळ्ऴु----पॊरामै----असूय----हॊट्टॆयुरि----
1316डिबियास्त्रीलिंग----किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा।----डब्बी----डिबिया----डब्य----दबुली----डबी----डबी, दाबड़ी----डिबा, कौटा----टेमा, टेमि----छोट ड़बा----चिन्नडब्बा, भरिण----डब्बि----डप्पि----चिक्क डब्बि----
1317डिब्बापुंलिंगपुंलिंग---सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है;रेलगाड़ी का एक घटक, माल या सवारी गाड़ी का डिब्बा।---डब्बा----डिब्बा----डबु॑----दबो॒दबो॒, गाडो॒---डबाआगगाडीचा डबा---डब्बोरेलगाडीनो डबो---डिबा/डिबेडिबा/डिबे---बाकच, डाडव्र टेमाडबा---डबारलगाड़िर ड़बा---डब्बापेट्टे---डब्बारयिल् पॆट्टि---डप्प, टिन्तीवण्डि मुरि॒---डब्बिडब्बि (रेलु) गाडि---
1318डींगस्त्रीलिंग----अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी।----फड़, डींग----डींग (शेख़ी)----थ्यॆकुन----ब॒टाक, ढींगु----फुशारकी, बढाई----डिंग, शेखी----चालियाति----डांकोप----बाहापिआ कथा----बडाइ, प्रगल्भमु----तर्पेरुमै----पॊड्.ड.च्चं पर॒यल, डीक्क----जंभ, बडायि----
1319डुबानासकारात्मक क्रिया----ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए।----डोबणा----डुबाना----फाटवुन----बो॒ड़णु----बुडविणें----डुबाडवुं----डुबानो----बुरा----डुबाइबा----मुंचुट----मूऴ्गाडिक्क----मुक्कुक----मुळुगिसुवुदु----
1320डेढ़विशेषण----मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण।----ड्रढ़, डेढ़----डेढ़----डॅड----डे॒ढु----दीड----दोढ----देड़----डेर----देढ़----ओकटिन्नर----ऒन्र॒रै----ऒन्नर----ऒंदूवरॆ----
1321डेरापुंलिंग----पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव।----डेरा----डेरा----डेरु॑----डे॒रो, छेरो----तंबू, पडाव----डेरो, पडाव----थामास्थान----बाहर----ड़ेरा, शिबिर----डेरा, गुडारमु----वऴित्तंगुमिडम्----पाळयं, तावळं----डेरॆ----
1322डोंगीस्त्रीलिंग----एक प्रकार की छोटी खुली नाव।----बेड़ी----डोंगी----नाव, डूँगु॑----डूंडी, नंढी बे॒ड़ी----लहान होडी----उघाडी नावडी अथवा होडी----डिड्.गी----सरु नाओ----डंगी----चिन्न पडव----तोणि----वंचि----चिक्क दोणि----
1323डोरस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा;पतंग आदि उड़ाने के लिए वह धागा जिस पर मांझा लगा होता है।---डोरीडोर---डोर----पन, सुथुरपन---डो॒रि----जाडदोरा, धागामांजा---दोरोमांजो---सुता, डोरसुता, डोर---रछि, जरिरछि---ड़ोरड़ोर---दारमुदारमु---कयिरुनूल् (मांजा)---चरटुचरटु---हुरि, हग्गदार---
1324डोलपुंलिंग----कुएं से पानी खींचने का बरतन;----डोल----डोल----डोल----डो॒लु (खूह मां पाणी कढण जो बर्तणु)----पोहरा----डोल, बालदी----डोल----कुँवार पानी तोला पात्र----पाणि कढ़ा पात्र----चेद----वाळि----पाळ, तॊट्टि----बानॆ----
1325डोलीस्त्रीलिंग----पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है।----डोली----डोली----डूल्य----डो॒ली----पालखी, डोली----पालखी, सुखपाल----डुलि----डोला----सबारि----पल्लकी----मूडु पल्लक्कु----मंचल, पल्लक्कु----मेणॆ, मेनॆ पल्लक्कि----
1326ड्योढ़ीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान;घर के मुख्य द्वार के अंदर का वह भाग जिसमें से होकर घर के कमरों, आंगन आदि में जाया जाता है।---डिओढ़ी----डियोढ़ी----डीड्यडीड्य---डे॒ढ़ी----उंबरठादेवडी---दोढी, देवडी, मांडवीचोकी, चबूतरो---देहली, देहलिदेहड़ि---घरर आग दुबारमुखर, आशपाशर ठाइघरर आगर मुकलि, बारांडा---दांड, पहंडप्रवेश द्वार स्थान---वाकिलि, गडप----निलैप्पडिनिलैवायिल्---वीट्टुमुट॒टं॒इटनाऴि---अंगळहॊस्तिलु---
1327ढंगपुंलिंग----कोई काम करने की रीति।----ढग----तौर, तर्ज़ (ढंग)----वतीरु॑----ढंगु----ढब, पद्धत----ढंग----रीति, ढड्.----कामर नीतिनियम----ढंग----पद्धति----मुरै॒----मट्टु----रीति----
1328ढकनासकारात्मक क्रियापुंलिंग---किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े।वह चीज या रचना जिससे कोई चीज ढकी जाती है, ढक्कन।---ढक्कणाढक्कण---ढकनाढक्कन---डकुनु॑, ठानु थवुनडकनु॑---ढकणु----झाकणेंझांकण---ढांकवुंढांकण---ढाकाढाकना---ढाकएकोन---ढांकिबाढांकुणी---मूत पेट्टुकमूत---मूडमूडि---मूटुकअटप्पु---मुच्चुवुदुमुच्चळ---
1329ढकेलनासकारात्मक क्रिया----धक्का देकर आगे बढ़ाना।----धक्कणा----धकेलना----दकु॑ द्युन----धिकणु----ढकलणें----धकेलवुं, हडसेलवुं----ढेला, धाक्का देओया----खुंदा मारि आगलै करि दे----धक्का देबा, पेलिदेबा----तोयुट, नेट्टुट----मुन्नेरुं॒बडि तळ्ळ----तळ्ळिनीक्कुक----तळ्ळुवुदु----
1330ढकोसलापुंलिंग----स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा।----ढकौसला----ढकोसला (रियाकारी)---------ढोंगु, पाखंडु----देखावा----ढोंग, पाखंड----बुजरुकि, भण्डामि, भड़ङ----फाँकि, भाओ----देखाइ हेबा----बूटकमु, कपटमु----शूदु, वॆळिप्पगट्टु----कपट----बूटाटिकॆ----
1331ढक्कनपुंलिंग----ढकना।----ढक्कण----ढक्कन (सरपोश)----डकनु॑----ढकणु----झांकण----ढांकणुं----ढाकना----ढाकोन----ढाकिबा----मूत----मूडि----अटप्पु----मुच्चळ----
1332ढलाईस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---ढालने की क्रिया या भाव;पिघली हुई धातु को सांचे में ढालकर बरतन, मूर्त्तियां आदि बनाने की क्रिया, भाव और मजदूरी।---ढलाई----ढलाई----डला॑यडला॑य---पलटपलटाणी---ओतकाम, ओतणीओतकामाची मजुरी---ढळाई, ढाळवुंतेढाळवानी मजूरी---ढालाढालाइ वां तार पारिश्रमिक---ढला कार्य बा भाबगलित धातु साँचत ढला कार्य वा भाव, आरु मजूरी---ढळाइछांच---पोतपोयुटपोतपोयुट---वार्प्पुवार्प्पुक्कूलि---वार्प्पुंवार्प्पुकूलि---ऎरकऎरक, हॊय्युविकॆ---
1333ढलानस्त्रीलिंग----कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो।----ढलाण----निशेब (ढलान)----वसवुन----लाही, लाहु----उतार----ढळाण, ढोळाव----ढालु, गड़ाने----एढलीया ठाइ----ढालु----एटवालुगनुण्डुट----सरिवु----चरिवु----इळिजारु----
1334ढांचापुंलिंगपुंलिंग---कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम);ठठरी या पंजर।---ढांचापिंजर---फ्रेम (ढांचा)क़ालिब (काल्बुद)---डाँचु॑क्रंज़---ढांचोहडा॒ओं पिञिरो---सांगाडा, सांपळाअस्थिपंजर, कंकाल---ढांचो, काचो खरडो, आकार, बीबुंकोई वस्तुनुं खोखुं---अस्थि-पञ्ञर, कड्.कालकाठामो---जकाँफ्रेम, साज---पंजरढांचा---चट्मुऎमुकलगूडु---एलुम्बुक्कूडुवडिवम्---ऎल्लिन्कूटुचट्टं---चोकट्टुअस्थिपंजर---
1335ढाईविशेषण----(इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो।----ढाई----अढ़ाई----डाय----अढाई----अडीच----अठी----आड़ाइ----आढ़ै----अढ़ाइ (2.5)----रेडुन्नर----इरण्डरै----रण्टर----ऎरडुवरॆ----
1336ढाढ़सपुंलिंग----तसल्ली, सांत्वना, धीरज।----धारस----दिलासा (तसल्ली), ढारस----तसली----दिलासो, तसल्ली----धीर, सांत्वना----तसल्ली, सांत्वना----भरसा, सान्तवना----धैर्य, सांत्वना----सांत्वना----धैर्यमु, ओदार्पु----आरु॒दल, मनोदैयिम्----समाधानं, सांत्वनं----समाधान, धैर्य----
1337ढाबापुंलिंग----वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है।----ढाबा----ढाबा----टाबु॑, बता॑यवान, होटल----ढाबो----गावठी खाणवळ----तातीवीशी----ढाबा----रुटि आदि बनोबा दोकान, चाह-दोकान----ढाबा----फलहारशाल----सिरि॒य उणवु विडुदि----चायक्कट----उपाहार गृह----
1338ढालस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे;किसी भूखंड का ऐसा तल जो क्षितिज के समतल न हो बल्कि तिरछा या नीचे की ओर झुका हो, ढलान।---ढालढलाण---ढाल (सिपर)ढलान---डालवसु॑वुन---ढाललाही, ढार---ढालउतार, उतरणी---ढालढाळ---ढालढाल---ढालअवबाहिका, एढलीया ठाइ---ढालढलु---डालुऎटबालु---केडयम्शरिवान निलम्---परिचचरिवु---गुराणिइळुकलु---
1339ढिंढोरा (ढंढोरा)पुंलिंगपुंलिंग---वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है;उक्त प्रकार से की हुई घोषणा।---डौंडी, ढंडोरा----ढिंढोरा----डॊंडूरु॑डॊंडूरु॑---पढ़ो, ढंढोरो----डांगोरा, ढोलदवंडी---ढंढेरोज़ाहेरनामुं---ढेंटरा, डुगडुगितद्दारा घोषणा करा---ढोलढोल कोबाई शुरोवा बातरि---डेंगुराउक्त प्रकार करा जिबा घोषणा---दंडोराचटिंपु---दण्डोरादण्डोरा अडित्तु अरि॒विप्पु---चॆण्ड कॊट्टुकॊट्टि अरि॒यिप्पु---डंगुरडंगुर सारिसुवुदु, गॊषणॆ---
1340ढीठविशेषणविशेषण---जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट;जो प्राय: ऐसे अवसरों पर भी संकोच न करता हो जहां बड़ों की मान-मर्यादा का ध्यान रखना आवश्यक हो।---ढीठ----ढीटगुस्ताख़---डीठ, हठीडीठ, हठी---निठरु, होडी॒निर्लजो॒---धीट, धाडशी, निर्भयगर्विष्ठ, उद्दाभ---धृष्टगविष्ठ---ढेंटा, अबाध्य, धृष्टधृष्ट, उद्धत---धृष्टगर्बी---जिदिआ----मोंडिउद्दंडुडु---पिडिवादमानतुडुक्कान---दुर्बाशिक्कारन्धिक्कारि---दिट्टउद्धट---
1341ढीलाविशेषणविशेषणविशेषण--शिथिल;जिसमें उचित कसाव-खिंचाव या तनाव का अभाव हो;जो नाप में आवश्यकता से अधिक गहरा, लंबा या चौड़ा हो।--ढिल्ला----ढीला----ड्यॊलड्यॊलड्यॊल--ढिलो-ढिलो, वडो॒, वेकिरो--सैल, ढिलासैलमोठा--ढीलुंजेमां खेंचताणनो अभाव होयमोटुं--ढिला, ढिलेढिला, आलगाढिला, ढिले, ढिलेढाला--ढिला, शिथिलढिलाढिला--ढ़िला----सडलिनवदुलुवदुलु--तळर्न्दतॊय्न्दतॊळतॊळत्त--शिथिलमायअयञ्ञअयञ्ञ--शिथिलअळ्ळकसडिल--
1342ढुलाईस्त्रीलिंग----ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी।----ढुआई----ढुलाई----डुला॑य----ढोआणी----ओझे वाहण्याचें काम किंवा मजुरी----वज़न ऊंचकवुं, के तेनी मजूरी----ढोलाई----धोवा कार्य वा भाव बा मज़ूरी----बोहिनेबा----कूलि----सुमै कूलि----चुमक्कल्, चुमट्टुकूलि----हॊरुविकॆ, हॊरुव कूलि----
1343ढूंढनासकारात्मक क्रिया----कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना।----ढूंडणा----ढूंढना----छ़ाँडुन, छ़ारुन----गो॒लणु (गो॒ल्हणु)----शोधणे----ढूंढवुं----खोंजा----बिचार----खोजिबा----वेदकुट----तेड----अन्वेषिक्कुक, तिरयुक----हुडुकुवुदु----
1344ढेरपुंलिंग----एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह।----ढेर----अंबार (ढेर)----डेर----ढेरु----ढीग----ढेर, ढगलो----ढेर, ढेरी----दम----गदा, राशि----कुप्प----कुवियल्----कूंपारं----राशि, गुड्डॆ----
1345ढेलापुंलिंग----मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा।----ढीम, ढेला----डला (ढेला)----टुल----भितरु----गोटा, लहान दगड, मातीचें ढेकूळ----ढेपुं, ढेफुं----ढेला, ढिल----दलि----ढेला----पेळ्ळ----मण्-कट्टि----मण्णांकट्ट----मण्णिन हॊंटॆं, कल्लिन तुंडु----
1346ढोंगीविशेषण----झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी।----पखंडी----रियाकार (ढोंगी)----पाखं॑डी, मकार----ढोंगी----ढोंगी----ढोंगी----भण्ड, बुजरुक----आड़ंबर प्रिय----ढंगेइ, पाख़ंडी, भंड----मोसगाडु, कपटि----नय वंजगन्----कपटि----आषाढभूति----
1347ढोनासकारात्मक क्रिया----पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना।----ढोणा----ढोना----सारुन, नख्य सारुन----ढोइणु----ओझे वाहणें----भार वहवो----ढोया, हओया----बै नि----बोहिबा----मोयुट----सुमन्दु सॆल्ल----चुमक्कुक----हॊरुवुदु----
1348तंगविशेषणविशेषणविशेषण--संकरा, संकीर्ण;आवश्यकता से अधिक कसा हुआ और कुछ छोटा, चुस्त;परेशान, हैरान।--भीड़ा, तंगभीड़ा, तंगतंग--तंग----तंगतंगतंग--सोढ़ो, तंगि-तंगि--संकुचित, घट्ट, आवळलेलाघट्ट व तंगहैराण, बेचैन--तंगताणेलुंकटाळेलुं--सड्.कीर्ण, सरु (न)आँट, कसाहयरान--संकीर्ण, ठेकअधिक टानि बंधाआमनिकर--संकीर्ण-हइराण--इरुकयिनबिगुवयिनविसुगेत्तिन--कुरु॒गलानइरु॒गियतॊल्लैक्कुळ्ळान--इटुड्.डि.यमुरु॒कियविषमिच्च--इक्कट्टाद, संकीर्णबिगियादव्याकुल, पेचाडुव--
1349तंतुपुंलिंग----ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा;----तंद----तागा----तार----तंदु, धागो॒----धागा----तंतु, तांतणो----तन्तु सुतो----तन्तु, सूता----तंतु----नूलु----इऴै----तूल्, तन्तु----दार, नूलु----
1350तंदूरपुंलिंग----एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन)।----तंदूर----तंदूर (तनूर)----तॊन्दूर----तंदूरु----चूळ, तंदूर (ओवन)----तंदूर, एक जातनो भट्ठी जेवो चूलो----तन्दुर----रुटि सेका एबिध विशेष चौका----तंदूर (एक प्रकार चूलि)----रोट्टेचेयुपोयि----तंदूर रो॑ट्टि अडुप्पु----तंदूर अटुप्पु----गूडु, ऒलॆ----
1351तंद्रास्त्रीलिंग----हलकी नींद, ऊंघ।----ऊंघ, झोक----झपकी (गुनूदगी)----ज़िफ----निंडाखिराई----तंद्रा----तंद्रा----तंद्रा----तंद्रा, चिलमिल टोपानि----तंद्रा----निद्रमत्तु, तूगु----तूक्कमयक्कम्----तंद्र----तूकडिकॆ----
1352तंबाकूपुंलिंग----एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं।----तमाकू----तम्बाकू (तंबाकू)----तमोक----तमाकु----तंबाखू----तंबाकु (कू)----तामाक----धँपात----तमाखु, दोकता, धुआंपत्र----पोगाकु----पुगैइलै----पुकयिल----हॊगॆसॊप्पु----
1353तंबूपुंलिंग----शमियाना, खेमा।----तंबू----शामियाना (ख़ैमा)----शामियानु॑, खू॑मु----तंबू----डेरा, तंबू----तंबु (बू)----ताँबु----तंबु----तंबू----डेरा, गुडारमु----तूणिप्पन्दल् कूडारम्----कूटारं----गुडार, डेरॆ----
1354तंबोली (तमोली)पुंलिंग----पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला।----तमोली----पानफ़रोश (पनवाड़ी)----पानु॑वोल----पानवारो----तांबोळी----तंबोळी----पान विक्रेता, तामली, बारुइ----तामोल-पाणर दोकानी---------तमलपाकुलनम्मुवाडु----बीडा विर्पवन्----वॆट॒टि॒लक्कारन्----बीळ्यदॆलॆ व्यापारी----
1355तकनीकस्त्रीलिंग----शिल्प, पद्धति।----तक्नीक----तकनीक----हॅनर, तकनीक (टेकनीक)----टेक्नीक----तंत्र----तकनिक, टेकनिक तंत्रविज्ञान----टेकनिक, प्रयुक्ति----टेकनिक, पद्धति----पद्धति----शिल्पमु, पद्धति----तॊऴिल् नुट्पम्----टॆक्निक्----शिल्प पद्धति----
1356तकलापुंलिंग----सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ।----तक्ला----तक़ला----यन्दरु॑तुल----टकुली----चाती----तकलो----टाकु, टेको, तकलि----टाकुरि----तकली----कदुरु----राट्टै-क्-कदिर्----चर्खयिलॆ कंपि, स्पिंडिल्----कदिरु----
1357तकलीफस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---कष्ट, दुख, पीड़ा;विपत्ति, संकट।---तक्लीफ----तक्लीफ़मुसीबत---तकु॑लीफतकु॑लीफ---तकलीफ़----कष्ट, कष्ट, क्लेश, दु:खसंकट---तकलीफसंकट---कष्ट, पीड़ा, तकलिफविपद, सड्.कट---कष्ट, दुखबिपद---कष्ट, पीड़ाबिपत्ति---कष्टमुसंकटमु---कष्टम्, तॊन्दरवुसंगड़म्---कष्टप्पाटुआपत्तु---तॊन्दरॆसंकट, विपत्तु---
1358तख्तपुंलिंगपुंलिंग---राजसिंहासन;लकड़ी की बनी बड़ी चौकी।---तख़तचौकी---तख़्त----तखतु॑, चूक्यतखतु॑---तख्तुतख्तु, सदुलु---राजसिंहासनलकडी चौकी---तख्त, सिंहासनपाट---सिंहासनतख्ता, बडो चोकि---राजसिंहासनतक्तापोछ---तक्तपटा---सिंहासनमुबल्ल---अरियणैउट्कारुम् पलगै---सिंहासनंपीठं---सिंहासनगद्दुगॆ---
1359तख्तापुंलिंग----लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा।----तख़ता----तख्ता----तखतु॑----तख्तो----तख्तपोशी, लकडी फळा----पाटियुं----तख्ता, काठ इत्यादिर फलक----तक्ता----तट----कोय्यपलक, बल्ल----पलगै----पलक----मरद हलगॆ----
1360तटपुंलिंग----कूल, किनारा, तीर।----कंढा----किनारा (कनारा)----बॊठ----किनारो----किनारा, तट----तट----तर्यकूल, तीर----पार, किनार----तटस्थ----तटमु, ओड्डु----करै----कर, तीरं, तटं----दड, तट----
1361तटस्थविशेषण----विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष।----निरपक्ख----गैरजानिबदार (लातअ़ल्लुक)----लॊब कुन----किनारो, कधी----तटस्थ----तटस्थ----तटस्थ, निरपेक्ष----निरपेक्ष----निरपेक्ष----तटस्थमयिन----नडुनिलै निर्कुम्----तटस्थन्, मध्यस्थन्----तटस्थ, निर्लिप्त----
1362तड़पनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना;किसी वस्तु के लिए बेचैन होना।---तड़फणा----तड़पना----तडु॑पुनतडु॑पुन---तड़िफणु----तड़फडणेंतळमळणे---तडपवुं, आतुरताथी तरफडवुंतलपवु---छटपट करा, आकुल हओयाअस्थिर हओया, आकुल हओया---दुखित ह, छटपटनि उठआशा पालि र---छटपट हेबाकोणसि बस्तु पाइं, व्यस्त हेबा---तपिंच़ुटतपिंच़ुट---तुडिक्कतुडिक्क---पिटयुकअस्वस्थनाकुक---तळमळिसुवुदुगॊळ्ळुवुदु नागुवुदु---
1363तत्परतास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता;मनोयोगपूर्वक काम करने का भाव, तल्लीनता।---ततपरता----मुस्तइदीयकसूई---तनदिथदिलदिथ---चुस्तीतल्लीनता---तत्परतातल्लीनता---तत्परतासज्जता---तत्परतातत्परता, तत्परायणता---तत्परतामनोयोगिता---तत्परतातल्लीनता---सन्नद्धतमनसुंचिपनिचेयुट---मुनैन्दनिलैईडुपाडु---तत्परतश्रद्ध, तल्लीनत---तत्परतॆ, सिद्धतॆतल्लीनतॆ---
1364तथाअव्ययअव्यय---दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और;किसी के अनुरूप या अनुसार, वैसा ही।---तेउहोजेहा---ओर (व), नीज़वैसा---तु॑त्युथुय---ऐंउन जहिड़ो---तथातसाच---तथा, अनेते प्रमाणे, तेम---तथा, ओतथा, सेइ (कम)---आरुतेनेदरे---तथा, एवं, ओसेहिपरि---मरियुआविधमुग---मेलुम्, मट॒टुम्अदु पोलवे---उंअतुपोलॆ---हागूमत्तुहागॆ, हग्गॆयॆ---
1365तथ्यपुंलिंग----सत्यता, यथार्थता।----तत्त्थ----हक़ीक़त----पज़र----सचाई, हकीकत----तथ्य----तथ्य----तथ्य, सत्यता, यथार्थता----सत्यता, तथ्य----तथ्य----यथर्थमु, तथ्यमु----उण्मै----सत्यं, यथार्थं----निज, तथ्य----
1366तनपुंलिंग----शरीर, देह, जिस्म।----तन----जिस्म (बदन)----तन, शरीर, जिसु॑म----तनु, सरीरु----देह, तन----तन----तनु, शरीर, देह----शरीर, देह----तन (तनु)----शरीरमु, तनुवु----उडल्----शरीरं----शरीर----
1367तनापुंलिंग----पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़।----तणा----तना----गॅड----थुड़ु----वृक्षाचे खोड----झाडनुं थड----काण्ड, गुँडि----गा गछ----गंडी (बुख्यर)----बोदे----अड़िमरम्, तण्डु----तटि----मरद ताळु, कांड----
1368तनखाहस्त्रीलिंग----वेतन।----तनख़ाह----तन्ख़्वाह----तनु॑खा----पधार, तनख़्वाह----वेतन, पगार----तनखो, पगार, वेतन----वेतन----दरमहा----बेतन, दरमा----जीतमु----संबळम्----शंपळं----संबळ----
1369तन्मयतास्त्रीलिंग----मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव।----मगन----इन्हिमाक (तनदेही)----दिलदिथ----तलीनता----तन्मयता----तन्मयता----तन्मयता----तन्मयता----तन्मयता----तन्मयत्वमु----ऒन्रि॒प्पोदल्----तन्मयत----तल्लीनतॆ----
1370तपस्यास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप;कष्ट-सहन।---तपसिआ----रियाज़तरियाज़त---तपस्यातपस्या---तपस्यातपस्या---तपश्चर्याकष्ट सहन करण्याची क्षमता---तपस्याकष्ट सहन करवानी शक्ति---तपस्यातपस्या, कष्टसहन---तपस्यातपस्या, कष्टसहन---तपस्याकष्ट-साहिबा---तपस्सुतपस्सु---तवम्कष्टत्तै मेर॒कॊळ्ळल्---तपस्सुकष्टं साहिक्कल्---तपस्सुकष्ट सहनॆ---
1371तबक्रिया विशेषणक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण--उस समय;बाद में;उस कारण।--तद, तदों, तांतदोंतां--तबतबतब--तॆलिपतु॑तमिकिन्य--तड॒हिंपोइ, तड॒हिंतड॒हि, तंहिं करे--त्योवेळी, तेव्हांनंतरत्यामुळे--त्यारेपछीतेथी--तखन, सेइ समयपरेसेइ जन्ये--तेतियापाछतसेइ कारणे--तेबेपरेसे कारण--अप्पुडुतरुवातअंदुवलन--अप्पॊऴदुपिर॒गुआदलाल्--अप्पोळ्पिन्नीटुअतुकॊण्टु--आग, आसमयआमेलॆआकारण--
1372तबीयतस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज;मन का रुझान, प्रवृत्ति।---तबीअत----तबीअ़त----तबियथतबियथ---तबीयत----स्वभाव, तब्येतबृत्ति---तबियत, शरीर की हालत, मननी स्थिति, मिजाजवृत्ति---स्वास्थ्य, मेजाजरुचि, प्रवृत्ति---स्वास्थ्यप्रबृति, स्वभाव---शरीरिक, मानसिक स्थितिमानसिक प्रबत्ति---आरोग्यमुमनस्थिति---उड्लनिलै, मननिलेमनप्पोक्कु---शरीरस्थितिमन: स्थिति---देहस्थिति, मनस्थितिइच्छॆ---
1373तमगापुंलिंग----पदक (मेडल)।----तमगा----तमग़ा----तॅगमु॑----बि॒लो----पदक, बिल्ला----चांद, चंद्रक, महोर----तकमा, पदक----पदक----पदक----पदकमु----पदक्कम्----मॆडल्, पतक्कं----बिल्लॆ, पदक----
1374तमाचापुंलिंग----थप्पड़, झापड़, चांटा।----चपेड़----तंमाचा----थापु॑र----थफड़ु, चमाट----थप्पड, चपराक----तमाचो, थप्पड़, लपडाक----थाप्पड़, चड़----थापर, धोचा, खकरा मुकुटि----चापड़ा----चेंपदेब्ब----कन्नत्तिल अरै॒----अटि, प्रहरं----कॆन्नॆ एटु----
1375तमाशापुंलिंगपुंलिंग---मनोरंजक दृश्य;अद्भुत बात।---तमाशा----तमाशा----तमाशु॑तमाशु॑---तमाशो----करमणूक, मनोरंजक दृश्य तमाशाअद्भुत गोष्ट---तमाशो (सो)अदभुत वात---तामाशातामाशा, कौतुक---खेल, हास्यपूर्ण नाटक आदिआचरित कथा---तामसाअदभूत बात---तमाषाविनोदमु---वेडिक्कैवेडिक्कै---नेरं पोक्कुअद्भुत कार्यं---तमाजॆतमाजॆ मातु---
1376तय करनाविशेषणविशेषण---फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना;(रास्ता आदि) पूरा या समाप्त करना।---तै करना----तय करना----अं॑ज़रावुनतय करुन---तइ करणु----ठरविणें, निर्णय, निर्णितसंपविणें---निश्चय करवो(रस्तो) पूरो करवो---निश्चय करा, मीमाड्.शा कराफुरानो, फुरनो---समाधान कराशेष करा---निर्णय करिबापूरा करिबा---निर्णयिंचुटदादुट---तीर्मानिक्ककडक्क---निश्चयिक्कुकवऴि मुऴुवन्, कटक्कुक, ताण्टुक---तीर्मानिसुवुदु, निश्चय माडुवुदुसागुवुदु---
1377तरंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--पानी की लहर, हिल़ोर;उमंग;स्वरलहरी।--तरंग----लहरमौजतरंग--तरंग, ल॑हरतरंग, ल॑हरतरंग, ल॑हर--तरंग, लहिरतरंग, लहिर---लाट, तरंगउत्साहस्वरलहरी--तरंगउमंगस्वरलहरी--तरड्.ग, ढेउमनेर आवेगस्वर लहरी--ढौउत्साहस्वरलहरी--तरंगउत्साहस्वरलहरी--तरंगमु, अलतरंगमु, अलतरंगमु, अल--अलैउर्चाहम्इशैयिन् अलै--तिरउत्साहंस्वरलहरि--अलॆहुरुपुस्वरलहरि--
1378तरकीबस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---उपाय, युक्ति;ढंग, तरीका।---उपा----तर्कीबतर्कीब---तरकीब, बथ, वॅपायतरकीब, वथ, वॅपाय---तरकीब----युक्ति, उपायरीत, पद्धत---तरकीब, युक्तिढंग, रीत, तरीको मार्ग---उपायढंग, पद्धति, प्रणाली---उपाय, पथउपाय---उपायढंग---उपायमुउपायमु---वऴि, युक्तिमुरै॒, वगै---उपायंमट्टु, रीति---उपाय, युक्तिरीति, बगॆ---
1379तरक्कीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति;पदवृद्धि, पदोन्नति।---तरक्की----तरक्की----तरकी----तरक्की----उन्नति, प्रगतिपदोन्नति, बढती---तरक्की, उन्नति, आबादीचडती---प्रगति, उन्नतिपदवृद्धि, पदोन्नति---उन्नतिपदोन्नति---प्रगति, उन्नतिपदवृद्धि---पेरुगुदल्उन्नति---मुन्नेट॒ट॒म्पदवि उयर्वु---उन्नतिस्थानक्कयट॒टं॒---प्रगति, उन्नतिपदोन्नति---
1380तरहस्त्रीलिंग----ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म।----तरां----तरह----पा॑ठ्य----तरहु----प्रकार----प्रकार----प्रकार, रीति, ढंग----प्रकार----प्रकार----रकमु----मादिरि, मुरै॒----रीति----रीति, जाति----
1381तरीकापुंलिंगपुंलिंग---रीति, ढंग;उपाय, युक्ति।---तरीका----तरीका----तरीकु॑तरीकु॑---तरीको----रीत, पद्धतउपाय, युक्ति---तरीको, रीतमार्ग, रस्तो---रीति, ढंगउपाय, यु॒क्ति (ज)---रीतिउपाय---रीति----पद्धतिउपायमु, युक्ति---वऴि, मुरै॒, विदम्युक्ति, वऴि---रीतिउपायं---रीतिउपाय---
1382तरुणविशेषण----जवान।----जवान----नौजवान----जवान----जुवानु----तरुण----तरुण, जुवान, जुवान पुरुष----तरुण, य॒वान (ज)----तरुण, डेका----तरुण----युवकुडु, चिरुत----वालिबन्----युवावु, तरुणन्----तरुण, युवक----
1383तर्कपुंलिंग----युक्ति, दलील।----तरक----दलील----दलील----दलीलु, तर्कु----तर्क----तर्क, विचार प्रक्रिया----तर्क, यु॒क्ति, (ज)----युक्ति----तर्क----युक्ति----तरूक्कम्, वादम्----युक्ति, तर्कं----युक्ति, तर्क----
1384तलपुंलिंगपुंलिंग---निचला भाग, पेंदा, तला;ऊपरी सतह।---थल्ला----तहसतह---चॊक----तरोमथाछिरो---बूड, तळ भागवरील स्तर---तल, तळ, तळियुंसपाटी---तल, तलाउपरि स्तर---तलिओपर फाल---तळतळिया---अडुगुतलमु---कीऴ् बागम्मेल् मट्टम्---तलं, चुवटु, अटि भागंउपरितलं---अडि, तळमेळु भाग---
1385तलवापुंलिंग----पैर का नीचे का भाग; पदतल।----तली----कफ़ेपा----तलपॊद----तिरी (पेर जी)----पायाचा तळवा, पदतळ----तळियुं, छेक नीचेनो भाग, पगनुं तळियुं----पदतल (पायेर तला)----भरिर तलुवा----पादर तळ अंश----अरिकालु----उळ्ळंकाल्----उळ्ळंकाल्----अंगालु----
1386तलवारपुंलिंग----खड्ग, कृपाण।----तलवार----तल्वार----तलवार----तलवार----तलबार----तलवार, तरवार, खड्ग----खड्ग, तरवारि, कृपाण॒ (न)----तरोवाल----खण्डा, तरबारि----कत्ति----वाळ्----वाळ्, खड्गं----कत्ति----
1387तलापुंलिंगपुंलिंग---पेंदा;जूते के नीचे का चमड़ा।---थल्लातला---तलातला---च़ॊकपार---तरो----बूडजोडयाच्या खालचे चामड़े---तळी, सखतळीजोडानां पगनां तळियाने अडीने रहेती चमड़ानी पट्टी---तलातला (जुतोर)---तलिजोतार तल भागर चामरा---तळाजोता, तळर चमड़ा---अडुगु भागमुअडुगु भागमु---अडिबागमशॆरुप्पिन् (अडित्तोल्)---चुवटुचॆरिप्पिन्टॆ अटित्तोल्---अडि, तळअट्टे (जोडिन)---
1388तलाकपुंलिंग----वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद।----तलाक----तलाक़----तलाख, मॅकु॑जार----तलाक----घटस्फोट, काडी-मोड----तलाक (तल्लाक), छूटा छेडा, फारगती----तलाक----बिबाह-बिच्छेद----छाड़ पत्र----विडाकुलु----विवाह रद्दु----विवाहमोचनं----विवाहविच्छेद, तलाकु----
1389तसल्लीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---ढाढस, दिलासा, सांत्वना;संतोष।---तसल्ली----तसल्ली----तसली----तसल्लीसंतोष, समाधान---सांत्वना, दिलासासंतोष, समाधान---सांत्वन, दिलासों----धैर्य, सान्त्वनासन्तोष---सांत्वनासंतोष---सांत्वनासंतुष्ट---ऊरट, धैर्यमुसंतोषमु---आरु॒दल्मन निरै॒वु---समाधानं, सांत्वनंतृप्ति---समाधानतृप्ति---
1390तसवीरस्त्रीलिंग----चित्र।----तसवीर----तस्वीर----तसवीर----तस्वीर----तसबीर, चित्र----तस्वीर, चित्र, छबी----तसबिर, छबि, चित्र----चित्र----चित्र----बोम्म----पडम्, चित्तिरम्----चित्रं, पटं----पट, चित्र----
1391तस्करपुंलिंग----देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर)।----समगलर----इस्मगलर----गुज़रच़ूर----तस्करु, चोरीअ मालु आणींदडु, स्मगिलर----स्मगलर----तस्कर, दाणचोर----चोरा कारबारी----चोरांब्यवसायी----चोरा बाजारी----तस्करुडु दोंग व्यापारि----कळ्ळळ्कडत्तलकारन्----कळ्ळक्कटत्तुकारन्----कळ्ळ सग्मणें, माडुववनु, सुंकगळ्ळ----
1392तहस्त्रीलिंग----परत।----तहि----तह----ताह----तहु----स्तर, तळ----स्तर----भाँच, स्तर----तरप----भांग----मडत----मडिप्पु----मटक्कु, अटुक्कुअट्टि----पदर----
1393ताकनासकारात्मक क्रिया----देखना।----तक्कणा----ताकना----बुछुन----तकणु----टक लावून----टकटक जोणु----ताकानो, देखा----चा----देखिबा, नजर रखिबा----चूचुट----उट॒टु नोक्क----सूक्षिच्चु नोक्कुक----निट्टिसुवुदु----
1394तागापुंलिंग----डोरा----धागा----तागा----पन----धागो॒----धागा, दोरा----दोरो----सुता, सुतो, डोर----सूता----सूता----दारमु----नूल, कयिरु----नूल्, चरटु----दार----
1395ताजपुंलिंग----राजमुकट।----ताज----ताज----ताज----ताणु----राजमुमुट----राजमुगट----राजमुकुट, ताज----मुकुट, राजमुकुट----राजमुकुट----किरीटमु----मगुडम्, किरीडम्----किरीटं----किरीट----
1396ताजाविशेषणविशेषण---जो अधिक दिनों का या बासी न हो;प्रफुल्लित और स्वस्थ।---ताजा----ताज़ा----सा॑दु॑रवार, ताजु॑ताजु॑---ताज़ो----ताजेंप्रफुल्लित---ताजुं, नवुंप्रफुल्लित---टाटका, ताजा----नतुन, गरम----तटका----सरिकोत्त, ताजा----पुदिय, इन्रैय----पळ्क्कमिल्लात्त----ताज़ा, हंसिगलुविनॆ---
1397ताड़ीस्त्रीलिंग----ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस।----ताडी----ताड़ी----ताड़ी----ताड़ी----ताड़ी----ताडी-------------------कल्लु--------------कळ्ळु, हॆड----
1398ताना-बानापुंलिंग----बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत।----ताणा-पेटा----ताना बाना----यॆन्य-वोनुन----ताञी-पेटो----उभे आडवे धागे----ताणो वाणी----टाना-पड़ेन----दीघ-पथालि----ताण-वाण----पडुगुपेक----पावु नूल, ऊडै नूल----ऊटुं पावुं----हासु हॊक्कु----
1399तापपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--उष्णता, गरमी;ज्वर, बुखार;उष्मा।--ताप-तपाउ--हरारत, हिद्दत, गर्मी----ताफ, गरमीतफवुश्नेर--तपतितपुगर्मी--उष्णताज्वर, तापऊष्मा--ताप, गरमी, आंचतावउष्मा--ताप, उष्णताज्वरताप, उष्मा--तापज्वरउष्मा--ताप----वेडि, तापमुज्वरमुवेडि--वॆप्पम्, शुडुजुरम्उष्णम्, वॆप्पम्--चूटुज्वरं, पनिउष्मावु--बेगॆज्वरताप--
1400तापमानपुंलिंग----थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर)।----तापमान----दरजए हरारत----दरजि हरारथ----गर्मी-पदु----तपमान----तापमान----तापमान----ताप---------शीतोष्ण स्थिति उष्णोग्रत----वॆप्प निलै----तापनिल, टॆपरेचर----तापमान----
1401ताम्रपत्रपुंलिंगपुंलिंग---तांबे की पत्तर;तांबे की वह पत्तर जिस पर महत्वपूर्ण बात स्थायी रूप से लिखी गई हो।---तांबे दा पत्तरतामर-पत्तर---तांबे की तख़्ती----त्रामु॑ पॊटत्रामु पॊट---टामे जो पटुताम्रपत्रु, टामे जो पत्रो जंहिं ते कुछ लिख्यलु हुजे---तांब्याचा पत्राताम्रपत्र---ताम्रपत्रताम्रपत्र---तांबारताम्रपट्ट---तामर पातताम्रपत्र---ताम्र पत्र----ताम्रपत्रमुंताम्र शासनमु---तामिरत् तगडुतामिर पत्तिरम्---चॆम्पुत्तकिटुचॆम्पुपट्टयं, ताम्रपत्रं, चेप्पेटु---ताम्रद रेकुताम्रशासन---
1402तारपुंलिंगपुंलिंग---धातु का तागा-रूप (वायर);तार द्वारा समाचार या वह कागज जिस पर उक्त समाचार पहुंचाया जाता है।---तार----तार----तारतार---तार----तार (धातूची)तार (पोस्टाची)---तार, तंतुतार (टपालनो)---तार----ताँरटेलिग्राम---तार----तीगेतंति---कवितन्दि---कंपिकंपि, टॆलिग्रा---ततितति, टंकिया---
1403तारकोलपुंलिंग----अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है।----तारकोल----तारकोल----तारकोल----डा॒मरु----डाँबर----डामर----आलकातरा----आलकतरा----पिचु----तारु----तार्----टार्, कीलु----डावरु----
1404तारतम्यपुंलिंग----क्रम, क्रमबद्धता।----सिलसिला----तसल्सुल----सिलसिलु॑----सिलसिलो----तारतम्य----तारतम्य----क्रमबद्धता----तारतम्य----तारतम्य----क्रममु, तारतम्यमु----ऒळुगु, वरिशैक्किरमम्----क्रमं, अटुक्कु----तारतम्य----
1405तारापुंलिंगपुंलिंग---नक्षत्र, सितारा;आंख की पुतली।---तारा----सितारामर्दुम---तारुखमुन्य फॊल---तारो----नक्षत्र, ताराडोळयांतील बाहुली---तारो----तारा, तारकातारा, मणि---तराचकुरमणि---तारा----नक्षत्रमु, चुक्ककंटिपाप---नक्षत्तिरम्, विण्मीन्कण् मणि---नक्षंत्रंकृषणमणि---नक्षत्रकण्णिनपापं---
1406तारीखस्त्रीलिंग----दिनांक, तिथि।----तरीक----तारीख़----तारीख----तारीख़----तारीख----तारीख----तारिख----तारिख----तारीख----तारीकु, तेदी----तेदि----तीयति----तारीखु, दिनाक----
1407तालमेलपुंलिंग----समन्वय, संगति।----तालमेल----हमआहंगी, तालमेल----हिशर----तालमेलु, लागा॒पो----ताळमेळ----तालमेल----समन्वय, संगति----समन्वय, गिल----समन्वय----पोंदिक----शीरान इणैप्पु----समन्वयं----समन्वय, हॊन्दकॆ----
1408तालापुंलिंग----जंदरा (लाक)।----जंदरा, ताला----कुफ़्ल (ताला)----कुलुफ---------कुलुप----ताळुं, बारणां----ताला, कुलुप----तला----ताला----ताळमु----पूट्टु----पूट्टु, ताऴु----वीग----
1409तालाबंदीस्त्रीलिंग----कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना।----तालाबंदी----तालाबंदी----कुलुफ लगुन, तालु॑बंदी----तालेबंदी----टाळेबंदी----ताळुं देवावुं ते----तालाबंदि----तलाबंध----तालाबंदी----मूत----कदवडैप्पु----लॉक ओट्----कार्मिक बहिष्कार, बीग मुद्रॆ----
1410तालाबपुंलिंग----पोखर, सरोवर।----तलाअ----तालाब----तलाव----तलाउ----तळें, तलाव----तळाव----पुकुर----पुखुरी----पोखरी----सरोवरमु, चेरुवु----कुळम्----कुळं----कॆरॆ----
1411तालिकास्त्रीलिंग----सूची।----सूची----फ़ेहरिस्त----फिरिस्तु॑----सूची, लिस्टि----सूची, लिस्टि----सूची, अनुक्रमणिका, यादी----तालिका, सूत्री पत्र----सूची, तालिका----तालिका, सूची----जाबित----पट्टियल्, जाबिता----सूचिक, पट्टिक----पट्टि, तपशीलु पट्टि----
1412तावीज़पुंलिंग----चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है।----तवीत----ताअ़वीज़----ता॑बीज़----तावीज़ु----ताईत----तावीज----ताबिज, मादुलि----ताबिज----ताबिज, डेउंरिआ----ताइत्तु----तायत्तु----रक्ष, यंत्रं, उरुक्कु----तायित, यंत्ररक्षॆ----
1413ताशपुंलिंग----गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड)।----ताश----ताश----तास----ताश/तास----पत्ते, पत्त्याचा खेळ----गंजीफो----तास----ताच----ताश----चीट्लपेक----विळैयाडुम् शीट्टु----चीट्टु----इस्पीटु----
1414तिजोरीस्त्रीलिंग----लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ)।----पेटी, तिजौरी----तिजोरी----सेफ----टिजोड़ी----तिजोरी----तिजोरी, नाणां----लोहार सिन्दुक----लोहार बाकच बा आलमारि----ट्रेजेरी, कोष----इनुपपेट्टे----इरुंबुप्पॆट्टि----इरुंपुपॆट्टि, पगप्पॆट्टि----तिजोरि, दुड्डिन पॆट्टिगॆ----
1415तिथिस्त्रीलिंग----चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या।----थित्त----तारीख़----त्यथ----तिथी----तिथि----तिथि----तिथि----तिथि----तिथि----तिथि----तिदि----तिथि, पक्कं----तिथि----
1416तिनकापुंलिंग----तृण, घासफूस।----तीह्ला----तिनका----ग्रासु॑ तुज----कखु----तृण, काडी----तृण, तरणुं----तृण, खड़कुटा----तृण----घास, तृण----गड्डिपोच----तुरुंबु, पुल्----पुल्लु, तृणं----हुल्लु कड्डि----
1417तिपाईस्त्रीलिंग----बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी।----तिपाई----तिपाई----तिपायि----टिपाई----तिवई----टिपाई----तेपाया----जाति----त्रिपादी----टीपाइ----मुक्कालि----स्टूळ्, मुक्कालि----मुक्कालु मणॆ, टीपाइ----
1418तिमाहीविशेषण----हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक।----तिमाही----सिहमाही (तिमाही)----त्रु॑माही----टिमाही----त्रैमासिक----त्रिमासिक----त्रैमासिक----त्रैमासिक, तिनि महीया----त्रैमासिक----त्रैमासिकमु----काल्-वरुडत्तिय----त्रैमासिकं----त्रैमासिक----
1419तिरंगाविशेषण----तीन रंगों वाला।----तिरंगा----सिहरंगा (तिरंगा)----तिरंगु॑----टिरंगो----तिरंगी, तीन रंगी----त्रिरंगी----तेरड्.गा----तिरंगा----त्रिरंगी----मुव्वन्नेल----मूवण्णम्----त्रिवर्णं----मूरु बण्णद, त्रिवर्ण----
1420तिरपालपुंलिंग----राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा।----तिरपाल----तिरपाल----त्रुपाल----तिरपालु, तालपत्री----ताडपत्री----ताडपत्री----तेरपल----तिरपाल, त्रिपाल----केरपालु----फालिष् चेचिन केन्वासु गुड्ड----तार् पाय्----टार्पोळिन्----तार्पालिन----
1421तिलकपुंलिंग----केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका।----तिलक----तिलक (क़श्क़ा)----ट्यॊक----तिलकु----गंध, टिळा, तिलक----तिलक, टींकुं----तिलक, फोंटा, टिका----फोंट----तिळक----बोट्टु----नॆट॒टि॒प् पॊट्टु----तिलकं, पॊट्टु----तिलक, वॊट्टु----
1422तिलमिलानाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---बेचैन या विकल होना;बौखलाना।---तिलमिलाउणा----तिलमिलाना----छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्यवोरुन---बेचैनु या व्याकुलु थियणुनाराजु थियणु---कळवळणेंकातावणे---तडफडवुंगभरावुं---ब्याकुल हओयासंगे गुमरानो---बिचलित हखं कर---बिकळ हेबा----व्याकुलपडुटमंडिपडुट---तुडित्तुप्पॊगमनम् कुळंब---पिटक्कुकविरळुक---तळमळिसुवुदुक्रोधांधनागुवुदु---
1423तिलांजलिस्त्रीलिंग----सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद।----तिलांजली----फ़ातिहा (पढ़ना)----त्यलांज॑ली----तिलांजलि----तिलांजलि----तिलांजलि, रूखसद----तिलाञ्जलि----तिलांजलि----ळिंजळि----तिलोदकमुलिच्चुट, विडिचिपेट्टुट----ऒरे अडियाग तॊडबैं अरु॒त्तुक्कॊळ्ळल्----तिलांजलि, उपेक्षिक्कल्----संबंध, बिडुवुदु, तिलांजलि----
1424तीक्ष्णविशेषणविशेषण---तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज;उग्र, कटु।---तिक्खा----तेज़तीखा---तेज़, नोखदारतेज़---तिखो----तीक्ष्णउग्र, कटु---तीक्ष्ण, बरीकउग्र, कटु---तीक्ष्ण, धारालउग्र, कटु---तीक्ष्ण, चोकाउग्र, कटु---तीक्ष्ण----तीक्ष्णमयिनउग्रमयिन, कटुवयिन---कूमैयानकडुमैयान---तीक्ष्णं, मूर्च्चयुळ्ळउग्रमाय---चूपु, तीक्ष्ण, हरिनउग्र, कटु---
1425तीखाविशेषणविशेषणविशेषण--कटु, अप्रिय;चरपरे स्वाद वाला;तेज नोक या धार वाला।--तिक्खाकरारा, चटपटातिक्खा--कड़ुआतीखातेज़--ट्यॊठट्यॊठनोखदार--तिखो, कौड़ोतिखो, धणे मिर्च मसालेवारोतिखो--तिखट, अप्रियझणझणीतअणुकुचीदार--तीखुं-तेज--कटु, कड़ा-धाराल--कटु-चोक थका--पिता, कटु-मूतिआ--कटुवयिन, तीक्ष्णमयिनकारमुपदुनयिन--मनदुक्कु पिडिक्कादकारमानकूर्मैयान, कूरान--अप्रियंएरिवुळ्ळमुर्च्चयुळ्ळ--अप्रिय, कटुकारवादचूपाद--
1426तीरपुंलिंगपुंलिंग---नदी का किनारा, तट;बाण।---कंढाबाण---लबेजूतीर---बॊठतीर, कान---किनारोतीरु---तीर, तट, किनारातीर, बाण---तीर, कांठोबाण---तीरॆ, कूल, तटतीर, बाण---पारबाण, काँड़---तीरबाण---तीरमु, वड्डुबाणमु---नदिक्करैअंबु---तीरंबाणं, अबु---दडबाण---
1427तीर्थपुंलिंग----धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र।----तीरथ----मक़ामे मुक़द्दस, ज़ियारतगाह----तिरु॑थ----तीर्थु----तीर्थ स्थान----तीर्क----तीर्थ----तीर्थ----तीर्थ----पुण्यतीर्थमु----पुण्णियत्तलम्----पुण्यंस्थलं, तीर्थस्थलं----पुण्यक्षेत्र----
1428तीलीस्त्रीलिंग----माचिस की सलाई।----तीह्ली----तीली----तुज्य----तीली----काडी----सळी----काठि, देशलाई----दियाचलाइट कांठि----दिआसिलीकाठि----अग्गिपुल्ल----ईर्कुच्चि----कॊळ्ळि----बेकि कड्डि----
1429तुकबंदीस्त्रीलिंग----साधारण पद्य रचना।----तुकबंदी----क़ाफ़िया पेमाई (तुकबंदी)----तुकबन्दी----तुकबन्दी----सामान्य पद्यरचना, यमक जुळवणी----जोडकणुं----सामान्य कविता रचना----पदय्-रचना----पदपडु किबा आशु कबिता----कुकवित----इयैबोलितोगुप्पु----पॊट्टक्कवित----प्रासक्कागि कवितॆ----
1430तुतलानाअकारात्मक क्रिया----शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण।----तुतलाउणा----तुतलाना----अडु॑कज़र----तुतिलाइणु, बा॒ताइणु----तोतरे बोलणें----तोतडावुं----तोतलान----बेलबेला----तुतळाइबा----नत्ति----मऴलैयागप्पेश----कॊञ्चुक----तोदलुवुदु----
1431तुमसर्वनाम----तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है।----तुसी----तुम----च़ु॑----'तूं' जो जमउ तव्हीं----तुम्ही----तमे----तुमि----तुमि----तुमे----नीवु----नीं/नीर्----निड्.ड.ळ्----नीनु, नीवु----
1432तुम्हारासर्वनाम----तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप।----तुहाडा----तुम्हारा----चोन----तुंहिंजो, तव्हां जो----तुमचा----तमारो, तमारा----तोमार----तोमार----तुमर----नी, नीयोक्क----उंगळुडैय, उन्नुडैय----निड्.ड.ळुटॆ----निन्न, निम्म----
1433तुरंतक्रिया विशेषण----शीघ्र, झटपट।----तुरत----फ़ौरन, जल्द----जल, वल्य-वल्य----तुर्तु----लगेच----तुरंत----शीघ्र, ताड़ाताड़ि----तुरंत, एतियाइ----तुरंत----वेंटने----उडने----उटन्, शीघ्रं----बेग----
1434तुरपनासकारात्मक क्रिया----सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना।----नगदणा----तुरपना----त्रॊप द्युन----वडो॒ टोपो डि॒यणु----शिवणे, टाके घालणे----ओटवुं----हेमइड्.ग----चिला----हेम करिबा----कुट्टुट----ओट्टुत्तैयल् पोड----इऴनूल इटुक----दाटु होलिगे हाकुवुदु----
1435तुलास्त्रीलिंग----तराजू, कांटा।----कंडा----तराज़ू----त्रकु॑र----ताराज़ी----तराजू, काटा----तुला, कांटो----तुला, तराजु----पाला, तुला चालनि----तुळा----त्रासु----तिरासु, निरै॒कोल्----त्रासु----तक्कडि----
1436तुलादानपुंलिंग----अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान।----तुलादान----तुलादान----तोलु॑बार----सरीर जी तोर जेतिरो कंहिंशई (अनु, सोनु वगैरह) जो दानु----तुलादान----तुलादान----तुलादान----तुलादान----तुळादान----तुलादानमु----तन् ऎडैक्कु सममान पॊरुळै दानमळित्तल्, तुलाभारं----तुलाभारं----तुलाभार----
1437तुषारपातपुंलिंग----बर्फ का गिरना, हिमपात।----बरफ्बारी----वर्फ़बारी----शीन प्यॊन----ग॒ड़ो किरणु, बर्फ़ पवणु----तुषार-वृष्टि, हिमपात----तुषारपात----तुषारपात----तुषारपात----तुषारपात----हिमपातमु----पनि मऴै----हिमपातं----हिमपात----
1438तूसर्वनाम----एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है।----तूं----तू----च़ु॑----तू----'तू'----तुं----तुड़----तइ----तु----नीवु----नी----नी----नीनु----
1439तूफानपुंलिंग----बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है।----तुफान----तूफ़ान----तूफान, तुफान----तुफानु----बादळ, तुफान----तोफान----झंड़, तुफान----तुफान, धुमुहा----तोफान----तुफानु----पुयलुम्, मऴैयुम्----कॊटुकाट॒टु----बिरुगाळि----
1440तूलिकास्त्रीलिंग----चित्र अंकित करने की कूंची।----कूची----क़लम, ब्रश----बुरुश----ब्रशु (चिट सालीअ लाइ)----तुलिका, कुंची----पीछी----तुलि, तुलिका----तुलिका----तूऴिका----कुंचे----वण्णम् वीट्टुम कुच्चि, बिरष्----ब्रष्----ब्रश्, कुंच----
1441तृणपुंलिंग----तिनका, घास।----तीह्ला----तिनका, ख़स----गासु॑ तुल----करवु, गाहु----गव़त काडी----तृण, घास----तृण, घास----तृण, घाँह----तृण----तृणमु, गड्ड़िपोच़----तुरुंबु, पुल्----तृणं, पुल्लु----हुल्लु, तृण----
1442तृप्तिस्त्रीलिंग----आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद।----त्रिपती----आसूदगी----त्रफती----तृप्ती----तृप्ति----तृटि, संतोष----तृप्ति----तृप्ति----तृप्ति----तृप्ति----तिरुप्ति, मननिरै॒वु----संतृप्ति----तृप्ति----
1443तेजपुंलिंगपुंलिंगविशेषणविशेषण-दीप्ति;प्रताप।तीक्ष्ण पैनी धार वाला;प्रखर, प्रचंड।-तेज----रोशनी (नूर)जलालतेज़--तीज़ (हि.)नूरतेज़तेज़-तेजु-तेजु--दीप्ति, तेजप्रतापतीक्ष्णप्रखर, प्रचण्ड-तेज, दीप्तिप्रभावतीक्ष्ण धारवाळुंप्रखर, प्रचंड-तेज, दीप्तितेज, प्रतापतेज, धारालतेज, प्रखर, प्रचण्ड-दीप्ति, प्रकाशप्रताप, शक्तिचोकाप्रखर-तेज दीप्तिप्रतापमुनिआ, तक्खिणप्रखर, प्रचंड-तेजमु, तेजस्सुप्रतापमुपदुनुगलप्रचंडमयिन-ऒळिमहिमैकूमैंयानपिरकाशमान-तेजस्सुप्रतापंमूर्च्चयुळ्ळउग्रमाय-कांतिपराक्रमचुपुतीक्ष्ण-
1444तेरासर्वनाम----तू का संबंध कारक का रूप।----तेरा----तेरा----चोन----तुंहिंजो----तुझा----तारो, तारुं----तोर----तोर----तोर----नी, नीयोक्क----उनदु, उन्नुडैय----निन्टॆ----निन्न----
1445तेलपुंलिंग----तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ।----तेल----तेल (रौगन)----तील----तेलु----तेल----तेल----तेल----तेल----तेल----नूने----ऎण्णॆय्----ऎण्ण----ऎण्णॆ----
1446तेलीपुंलिंग----तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति।----तेली----रौगनगर, तेली----तीलु॑ बोन्थ----तेली----तेली----तेली, धांची----तेली/तेलि----तेली----तेली----तेलुकलवाडु----वाणियन्----वाणियन्----गाणिग----
1447तैयारविशेषणविशेषणविशेषण--कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत;जो पक कर खाने योग्य हो गया हो;जो बन कर बिल्कुल ठीक और हर प्रकार से दुरस्त हो गया हो।--तिआर----तैयार----तयारपॊपतयार--तयारुतयारु---तयार, तत्परतयारतयार--तैयार, तत्परतैयारतैयार--तयेरतयेर, परिपक्वतैरि--तत्परयोग्यसाजु--प्रस्तुत, तत्पर, तिआर----तयारुतयारुतयारु--तयारानशाप्पिड़त्तक्कनन्गु, तयार् सॆय्द--तैयारा॒नतिन्नान् पाकमायशरिक्कुं तय्यारा॒य--सिद्ध, उद्यत, तयारुसिद्ध, पक्ववादतयाराद--
1448तैरनासकारात्मक क्रिया----किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए।----तरना----तैरना----छ़ाँठ वायिन्य----तरणु----पोहणें----तरवुं----सांतरानो, साँतारकाटा----साँतोर----पहंरिबा----ईदुट----नीन्द----नीन्तुक----ईजुवुदु----
1449तैराकपुंलिंग----वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो।----तराक----तैराक (शिनावर)----छ़ाँटल----तारू----पटाईत, पोहणारा----तरवैचो----साँतारू----साँतोरओंता----पहंराळी----ईतगाडु----नन्गु नीन्दतॆरिन्दवन्----नीन्तल् विदग्धन्----ईजुगार----
1450तोड़नासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए;किसी नियम, कानून आदि का पालन न करना।---तोड़णा----तोड़नातोड़ना---फुटरुनफुटरुन---भञणु, छिनणु, टोड़णुभञणु---तोडणें, फोडणेंनियमभंग करणें---तोडवुंनियमभंग करवों---भाङा, नष्ट-भ्रष्ट करानियम अमान्य करा---भांभंग कर---भांगिबानियम लंघन करिबा---विरुगगोट्टुट विरुचुटउल्लघिंचुट---उडैक्कशट्टत्तै मुरि॒क्क---उटय्क्कुकलांघिक्कुक---तुंडरिसुवुदु, ऒडॆयुवुदुनियम भंग माडुवुदु---
1451तोड़फोड़स्त्रीलिंग----जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना।----भन्नतोड़, तोड़-फोड़----तोड़-फोड़ (शिकस्तो रेख़्त)----डुबु॑-डास----भञु डाह----मोड तोड----तोड फोड----माड.चुर, तचनच----ध्वंस----नष्ट-भ्रष्ट करिबा----ध्वंसमु----नाशवेलै----नाशनष्टं----विनाश पडिसुवुदु----
1452तोरणपुंलिंगपुंलिंग---किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार।प्राय: शोभा या सजावट के लिए बनाए जाने वाला अस्थायी स्वागत-द्वार।---फाटकगेट---बाब (गेट)गेट (बाब)---डीड्य, दरवाजु॑डीड्य---कमानदार बा॒हिर्यो वडो॒ दर्वाज़ोसूंहं लाइ ठाह्यलु-सजायलु दर्वाज़ो---तोरणस्वागतद्वार---तोरणस्वागतद्वार---तोरण, प्रवेशद्वारतोरण, प्रवेशद्वार---प्रवेशद्वारतोरण---तोरण, प्रवेशद्वार----तोरणमुतोरणमु---नगरत्तिन्, माळिगैयिन् तलैमे वायिल्अलंगार, नुऴै वायिल्---प्रवेशनद्वारंतोरणं---हॆब्बागिलुतोरण---
1453त्यागपुंलिंग----किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया।----तिआग----तर्क----त्रावुन----त्यागु----त्याग----त्याग, सन्यास----त्याग----त्याग----त्याग----त्यागमु----उरिमैयै विट्टु विडुदलं----त्यागं----त्याग----
1454त्योहारपुंलिंग----कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव।----तिहार----तक्ऱीब, त्यौहार----बॊड दोह----डि॒णु----सण, पर्व----तहेवार----पर्व, उत्सव, परब----पर्ब, उत्सव----पर्ब----पंडुग----तिरुविऴा, पंडिगै----उत्सवं----हब्ब----
1455त्रस्तविशेषणविशेषण---बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत;पीड़ित।---त्राहिआ----दहशतज़दाज़दा (सितमज़दा)---त्रच़्योमुत----डि॒नलुदुखी---त्रसपीडित---त्रस्त, डरेलुंपीडित, दु:खी---त्रस्त, भीतपीड़ित---भयभीतपीड़ित---त्रस्त----भयपडिनपीडिंचबडिन---मिक्क बयमडैन्दतुन्बप्पट्ट---भयप्पॆट्टपीडितनाय---भयभीतपीड़ित---
1456त्रिशूलपुंलिंग----लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है।----तरसूल----त्रिसूल (तिरसूल)----त्रु॑शूल----त्रिशूलु----त्रिशूळ----त्रिशूल----त्रिशूल----त्रिशूल----त्रिशूऴ----त्रिशूलमु----तिरिशूलम्----त्रिशूलं----त्रिशूल----
1457थकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना;उत्साह न रह जाना, हार जाना।---थकणा----थकना----थकुनथकुन---थकिजणु----दमणें, थकणेंथकणें, निरुत्साही होणें---थाकवुंहारवुं---क्लान्त हओयानिरुत्साहित हओया---भागरनिरुत्साह ह---थकिबाक्लान्त---अलिसिपोवुटनिराशचेंदुट---कळैत्तुप्पोगउर्चाहम् इऴन्दुविड---क्षीणिक्कुकतऴरुक---दणिसुवुदु, आयासगॊळ्ळुवुदुबेसरवागुवुदु---
1458थनपुंलिंग----गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन।----थण----थन----थन----थणु (जानवरजे)----स्तन----थान, स्तन----बाँट----ओहार----स्तन, थन----पोदुगु----काल् नडैगळिन् पाल् मडि, अकडु----मुल----कॆच्चलु----
1459थपथपानासकारात्मक क्रिया----प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना।----थापड़णा----थपकना----मटि मटि दिन्य----थपिकी डि॒यणु----थोपटणें----थाबडवुं----थाबड़ानो, चापड़ानो----पिठि चपरिया----थापुड़ाइबा----तट्टुट----अन्बडुन् तट्टिक कॊडुक्क----पतुक्कॆ तट्टिक्कॊटुक्कुक----बॆन्नु तट्टुवुदु----
1460थप्पड़पुंलिंग----चाटा, तमाचा।----थप्पड़----थप्पड़----थापेर॑, थापेर----थप्पड़ु----थप्पड, चापटी----थप्पड, तमाचो, लपडाक----थाप्पड़, चड़, चाँटि----धोचा, खकरा मुकुटि----चापड़ा----चेंपदेब्ब----कन्नत्तिल अरै॒----अटि----कॆन्नॆ हॊडॆत----
1461थलचरपुंलिंग----पृथ्वी पर रहने वाले जीव।----थलचर----ख़ुश्की का जानवर----थलचर, ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य----थलचरु, खुश्कीअ जो जानवरु----स्थलचर----स्थलचर----स्थलचर----थलचर, स्थलचर----स्थळचर, थळचर----भूचरमु----तरै-वाऴ्वन----करजीवि----थलचर----
1462थलसेनास्त्रीलिंग----वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी)।----थलसेना----बर्री फ़ौज (बर्रिया)----फोज, बरी फोज----बरी फ़ौज, थल-सेना----स्थलसेना----स्थळसेना, भूसेना----स्थलसेना----स्थलसेना----थलसेना----भूसैन्यमु----तरैप्पडै----करसेन----स्थलसेमॆ----
1463थातीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---धरोहर, अमानत;जमापूंजी, संचित धन।---अमानत----अमानतजमा---अमानथसंच्यथ---अमानतजमापूंजी---ठेव, अमानतसंचित धन---थापण, न्यासमूडी---आमानतपुँजि-पाटा---आमानतसंचित धन---थाती, अमानत----ताकट्टुकूडबेट्टिन धनमु---ऒप्पडैत्त पॊरुळ्शेर्त्त सॆल्वम्---ईटुसंचित धनं, मुतल्---ठेवाणि, अमानत्तुबंडवाळ---
1464थानपुंलिंग----एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा।----थान----थान----थान----थानु----कापडाचा तागा----थान----थान----थान----थन----तानु----पीस् (तुणि)----कॆट्टु----थानु----
1465थानापुंलिंग----पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय।----ठाणा----थाना, कोतवाली----थानु॑----थाणो----ठाणे, पोलिस चौकी----थाणुं, पोलीस चोकी----थाना----थाना----थाना----पोलीसुस्टेषनु----कावल् निलयम्----पोलिस् स्टेषन्, ठाणावु----पोलीस् स्टेशन्----
1466थापीस्त्रीलिंग----राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी।----थापी----थापी----ठा॑प्य----मारो (राज़े जो ओज़ारु)----थापी----थापी----मुगुर----थापि----पिटणा----दिम्मिस----दिम्मिस----इटितटि, निलंतल्लि----दम्मस्सु----
1467थिरकनाअकारात्मक क्रिया----नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना।----थिरकणा----थिरकना----नचुन, गतु॑ ख्यॊन----नचण में लुड॒णुलमणु----नाचणें----मलकवुं---------लयलास गतित अंग संचालित ह----थिरकना----नाट्यमु चेयुट----नाट्टियमाड----नृत्तं चॆय्युक----नर्तिसुवुदु----
1468थूकनाअकारात्मक क्रिया----मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना।----थुक्कणा----थूकना----थॊख त्रावु॑न्य----थुकणु----थुकणें----थूकवुं----थुतु फेला----थुइ पेला, युवा----थुक-पकाइबा----उम्मिवेयुट----तुप्प, उमिऴ----तुप्पुक----उगुळुवुदु----
1469थूथनपुंलिंग----कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह।----थूथणी----थूथनी----थोंथुन----थूथनी, किन जानवरणि जो बूथ जो अग़ियां निकितलु भाङो----थोबाड----थूथन----थोतना----जन्तुर नाकटि, येन गाहरिर----छेप-पकाइबा----मुट्टे----शिल पिराणिगळिन् नीळमान मुगम्----पोंत्त----मूति----
1470थैलापुंलिंग----झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं।----थैला----थैला----ठेलु॑----थेल्हो, थेल्ही----पिशवी----थेली, कोथळी----थले----थैला, बस्ता----थोमणि----संचि----पॆरिय पै----संचि----चील----
1471थोकपुंलिंगपुंलिंग---एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि;चीजें खरीदने-बेचने का वह प्रकार जिसमें बहुत सी चीजें एक साथ इकट्ठी खरीदी बेची जाती हैं। (खुदरा या फुटकर का विपर्याय)---थोक----अंबारथोक---डेरथोक---ढेरु, ढिग॒ब॒धो (वापारु)---थोकठोक---थोकथोक-जथाबंध---थोकथोक---दममुठाइ करा, किना-बेचा---थळीथोके (थोक)---राशिटोकुबेरमु---ऒरेविद पारुळिन् कुवियल्मॊत्त वियापारम्---कूंपारंमॊत्तं (मॊत्तक्कच्चवटं)---रांशिठोकु व्यापार---
1472थोड़ाविशेषणक्रिया विशेषण---अल्प मात्रा या मान, उचित से कम।अल्प मात्रा में, कुछ, जरा।---थोड़ा----थोड़ा, कम, क़लीलज़रा---कम, रछ़खंडकम, रछ़खंड---थोरोथोरो---थोडाअल्प, जरा, थोडेसे---थोडुं, अल्पजराक---अल्प, कमअल्प---अलपअलप कै---थोड़ा----कोंचेमुकोंद्दिगा---सिरि॒दुकॊंजमाग---अल्पमाय, कुर॒वायकुर॒च्चु, अल्पं---कडमॆस्वल्प---
1473दंगलपुंलिंग----पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता।----घोल, दंगल----दंगल----दंगल----दंगलु, मलाखिड़ो----कुस्तीची स्पर्धा----दंगल----दड्.गल----कुस्ति-प्रतियोगिता----कुस्ति-प्रतिजोगिता----मल्लयुद्धमु----गुस्तिप् पोट्टि----गुस्ति----कुस्ति----
1474दंगापुंलिंग----उपद्रव, फसाद।----दंगा----फ़साद----फसाद----फ़सादु, दंगो----दंगा----दंगो----दाड्.गा----उपद्रव----दंगा----कोट्लाट----कलगम्, कैक़लप्पु----लहळ----तॊन्दरॆ, बंडाय----
1475दंडपुंलिंगपुंलिंग---सज़ा, ज़ुर्माना;बांस या लकड़ी का डंडा।---डंडडंडा---सज़ा (जुर्माना)डंडा---सज़ाडंडु॑---डं॒डुडं॒डो---दंड, शिक्षादंड, सोटा---दंड, सजाछडी, सोटो---दण्ड, शास्तिडाण्डा---जरिमनालाखुटि---दंडबाड़ी---दण्डनमु शिक्षकर्र---दंडनै, अबराद्म्तड़ि, कम्पु---शिक्षवटि---शिक्षॆदॊण्णॆ---
1476दंडनीयविशेषण----दंड दिए जाने योग्य।----डंडण योग----क़ाबिले स़ज़ा----सज़ावार----डं॒ड जोगो॒----दंडनीय----दंडनीय----दण्डनीय----दंडनीय----दंडनीय----शिक्षिंपदगिन----दंडिक्कत्तक्क----शिक्षार्हन्----शिक्षेंगॆ तक्क----
1477दंपत्तिपुंलिंग----पति-पत्नी।----पती-पतनी----जौजैन----बाच़॑ जु, जूर्य----ज़ाल-मुड़िसु----दंपति----दंपत्ति----दम्पति----दंपती----दंपति----भार्याभर्तलु, दंपतुलु----कणवनमनैवि----दंपति मार॒----दंपति----
1478दंभपुंलिंग----अहंकार।----दंभ----ग़ुरूर----गमंड----हठु, घमंडु----अहंकार, दंभ----दर्प, अहंकार----दम्भ, अहंकार----दंभ----दंभ----दंभमु, गर्वमु----डंबम्, गरुवम्----दंभं, डंभु----अहंकार----
1479दक्षिणास्त्रीलिंग----यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य।----दच्छणा----नज़ाना (दछिना)----दखिना----ड॒खिणा----दक्षिणा----दक्षिणा----दक्षिणा----दक्षिणा----दक्खिणा----दक्षिण----दक्षिणै----दक्षिण----दक्षिणॆ----
1480दत्तकपुंलिंग----गोद लिया हुआ।----मुतबन्ना----मुतबन्ना----मंगतु॑----गोदि वर्तलु----दत्तक----दत्तक----दत्तक----तोलनीया पो----दत्तक, पोष्य----दत्तिव्वबडिन----दत्तु ऎडुत्त----दत्तुपुत्रन्----दत्तु तॆगॆदुकॊड----
1481दतचित्तविशेषण----जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन।----इकागरचित----मुनहमिक----दिलदिथ----मह्व, हिक मनो----तल्लीन----एकाग्र----अभिनिविष्ट, मनोयोगी----मनयोगपूर्वक, मनयोगी----दत्तचित्त----तदेकध्यानमु----बेलैयिल् मुऴु गवनम् सॆलुत्तुगिर----तल्लीनन्----मग्न----
1482दफनानासकारात्मक क्रिया----मुर्दे को जमीन में गाड़ना।----दफ्नाउणा----दफ़नाना----व॑डरावुन----दफ़िनाइणु----दफन करणें----दफनाववुं----कबर देओया----कबर दे----पोतिबा----पूड्चिपेट्टुट----पुदैक्क----कबर॒टक्कुक----हूळुवुदु----
1483दबंगविशेषणविशेषण---जो किसी से दबता न हो, साहसी;प्रभावशाली।---दबंग----दबंग----रोबदा॑बी, दबंग----बेडपोअसराइतो---साहसीप्रभावशाली---अडबंगप्रभावशाली---साहसीप्रभावशाली---साहसीप्रभावशाली---साहसी----दिट्ट, साहसिपलुकुबडिगल---बयप्पडादसॆल्वाक्कुळ्ळ---कूसलिल्लात्त, तन्टेटियायसाहसी, प्रतापि---अदम्यप्रतापि---
1484दबदबापुंलिंग----रोब, आतंक।----दबदबा----दब्दबा----दबदबु॑----दब॒दबो॒----दबदबा----दबदबो, रोब----दबदबा, प्रतिपत्ति----आतंक----आतंक----दबायिंमु----आदिगारम्, शॆल्वाक्कु----प्रतापं----भय आटोप----
1485दबानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--भार या दाब के नीचे लाना;किसी बात या मामले को आगे न बढ़ने देना, रोकना;दमन करना।--दबाउणा----दबाना----दबावुनदबावुनदबावुन--दबा॒इणु----दाबणेंथांबविणें, रोखणेंदमन करणें--दबाबवुं, ताबे करवुंरोकवुंदमन करवुं--दाबनो, चापादाबिये, चेपे राखादमन करा, दाबानों--हेंचधर, हेंचारवाबाधा देदमन कर--दबाइबा----अणचिपेट्टुटअणचिंपेट्टुटअणचिंपेट्टुट--अऴुत्त, अमुक्कआमुक्किविडआदिक्कम् शॆलुत्त--अमर्त्तुक, ऒतुक्कुकऒतुक्कित्तीर्क्कुकअमच्चं वरुत्तुक कीळ॒टक्कुक--अदुमुवुदु, ऒत्तुवुदुदबायिसुवुदुअडगिसुवुदु--
1486दबावपुंलिंग----दाबने की क्रिया या भाव, दाब।----दबा, दबक----दबाव----दबाव----दबा॒उ----दबाव----दाब----दाब, चाप----हेंचा----दाबिबा----ओत्तिडि----अऴुत्तम्----स्वाधीनं, शक्ति----ऒत्तड, दमन----
1487दबोचनासकारात्मक क्रिया----झपट कर दबा लेना।----दबोचणा----दबोचना----तल द्युन----ओचितो धुटणु----झडप घालून दाबणें----संताडवुं----चेपे धरा----जँपियाइ पर----करगत करिबा----हठात्तुगपडि अणचिवेयुट----पाय्न्दु अमुक्कि विड----सम्मर्दं कीऴमर्त्तुक----हिडिदुकोळळुवुदु----
1488दमपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--ताकत, जोर;हुक्के आदि का कश;सांस, श्वास, प्राण।--दम----दम----दम, ज़ोरदामशाह--दमु----ताकत, सामर्थ्य, जोरचिलमीचा झुरकाश्वास, प्राण--दम, शक्तिसडाकोश्वास--शक्ति, जोरदमश्वास-प्रश्वास--शक्ति, बलशोहाउशाह, प्राण, दम--दम्, ज़ोरकशश्वास--बलमुपोगदम्मुश्वास--बलम्, वलुपुगै पिडित्तल्मूच्चु--शक्तिवलिश्वासं--शक्तिदम्उसिरु, प्राण--
1489दमकस्त्रीलिंग----चमक, प्रभा।----दमक----दमक----चमख----चिम्को----चमक----चमक, चमक----दमक, चमकानि----चमक----चमक, प्रभा----तळुकुबेळुकु, वेलुगु----पळपळप्पु----प्रभ, शोभ, तिळक्कं----होंळपु----
1490दमकलस्त्रीलिंग----आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह।----दमकल----दमकल----बम----बाहि विसाइण जी मशीन----आगीचा बंब----अग्नि बंबो----दमकल----अग्नि निर्वाचित यंत्र----दमंकळ----अग्निमापकमु----तीअणैक्कुम, करुवि, पडै----अग्निशमनयंत्रं, तीकॆटुत्तु यंत्रं----अग्निशामक यंत्र----
1491दयनीयविशेषण----दया के योग्य।----तरसयोग----क़ाबिले रहम----काबिलि रह॑म----दया जोगो॒----दयनीय----दयनीय----दयनीय----दयनीय----दयनीय----दयनीयमु----इरक्क प्पडत्तक्क----दयनीयं----दयनीय----
1492दयास्त्रीलिंग----रहम, अनुकंपा, तरस।----दइआ----रहम (मेहरबानी)----दया, रह॑म----दया----दया----दया, कृपा----दया, अनुकम्पा----दया, अनुकंपा----दया----दय----इरक्कम्, करुणै----दय----दयॆ----
1493दयादृष्टिस्त्रीलिंग----दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना।----दइआद्रिशटी----नज़रे करम, नज़रे इ़नायत----र॑हमु॑च नज़र----दया दृष्टि----दयादृष्टि----दयादृष्टि----दया दृष्टि----कृपा दृष्टि----दयादृष्टि----जॊलि, कनिकरमु----करुणै नोक्कु, करुणै उळ्ळम्----कृपादृष्टि----दयादृष्टि----
1494दरपुंलिंग, स्त्रीलिंगपुंलिंग, स्त्रीलिंग---द्वार, दरवाजा;निर्ख, भाव (रेट)---दर----दरनिर्ख़, शरह---दरवाजु॑दर, न्यरु॑ख---दरुअघु---दरवाजादर, भाव---दर, बारणुंभाव, किंमत---द्वार, दुयारदर---दुवारभाव, दर---दुआर, कबाटरेट, दर---तलुपुघर---वाइल्, वाशल्विलै विगिदम्---वातिल्निरक्कु---बागिलुधारणॆ---
1495दरखास्त (दरख्वास्त)स्त्रीलिंग----आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी।----दरखासत----दरख़्वास्त----दरखास----दख़्र्वास्त----अर्ज, आवेदन, प्रार्थना-पत्र----दरखास्त, अरजी----दरखास्त, आवेदन----आबेदन----दरखास्त----निवेदनपत्रमु अर्जी----विण्णप्पम्----अपेक्ष, दर्घास्----अरिकें, प्रार्थनॆपत्र----
1496दरबानपुंलिंग----फाटक पर रहने वाला चौकीदार।----दरबान----दरबान----डीड्यवोन्य----दर्बानु----चौकीदार----दरबान----दारोयान, चौकिदार----दारोवान, दुवरी----दर्वान----द्वारपालकुडु----कावल्कारन्----डर्बान्, कावल्क्कारन्----द्वारपालक----
1497दरवाज़ापुंलिंग----द्वार, कपाट, किवाड़।----दरवाजा----दरवाज़ा----दरवाजु॑, बर----दर्वाज़ो----दरवाजा----दरवाजो----दरजा, कपाट----दुवार----दरजा, कबाट----तलुपु----वायिल्, कदवु----वातिल्, कतकु----बागिलु----
1498दरारस्त्रीलिंग----रेखा की तरह का लंबा छिद्र।----त्रेड----दराड, दर्ज़----फ्राठ, रुम----डा॒र, चीरु----चीर, फट----तराड, फाट----फाटल----रेखार दरे दीघलीया फुटा----फाट----पगुलु, चीलिक----वॆडिप्पु, पिळवु----विटवु----बिरुकु----
1499दरिद्रविशेषण, पुंलिंग----निर्धन, कंगाल, गरीब।----कंगाल----मुफ़लिस, नादार----गरीब, नादार----गरीबु, मिस्कीनु----दरिद्र----दरिद्र, कंगाल----दरिद्र, निर्धन----दुखीया, दरिद्र----दरिद्र----द्ररिदुडु, पेदवाडु----दरिद्दिरन्, एऴै----दरिद्रन्----बडव----
1500दरीस्त्रीलिंग----मोटे सूत का एक बिछावन।----दरी----दरी----सतरं॑ड----फ़रासी, फ़रासु----सतरंजी----दरी, शतरंजी----शतरंजी----दरी----दरी----जंपखाना पट्ट----जमक्काळम्----विरि----जमखानॆ----