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विक्षनरी:भारतीय भाषा कोश ०८

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2101प्रेरकविशेषण----प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला।----प्रेरक----मुहरिंक----ह्यमथ दि॑नुवोल----प्रेरणा डींदडु, उत्साहु डींदडु.----प्रेरक----प्रेरक----प्रेरक----प्रेरक----प्रेरक----प्रेरकमु----तूण्डुगिर॒----प्रेरकं----प्रचोदक----
2102प्रेरणास्त्रीलिंग----किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव।----प्रेरना----तह्रीक (तरग़ीब)----प्रेरना----प्रेरणा, उत्साहु----प्रेरणा----प्रेरणा----प्रेषणा॒ (न)----प्रेरणा----प्रेरणा----प्रेरण----तुण्डुदल्----प्ररेण----प्रेरेपणॆ----
2103प्रेषणपुंलिंग----भेजना, रवाना करना।----भेजणा----तरसील----सोजुन----मोकिलणु, रवानिगी----धाडणें----प्रेषणा, मोकलवुं ते----प्रेषण॒ (न)----प्रेषणा----प्रेषण----प्रेषणमु, पंपुट----अनप्पुदल्----प्रेषणं, अयक्कल्----कळिसुविकॆ, खानॆ----
2104प्रोत्साहनपुंलिंगपुंलिंग---हिम्मत बढ़ाना ;प्रोत्साहित करने के लिए कही जाने वाली बात।---जी बधाउणा----हिम्मत अफ़्ज़ाई (हौस्ल: अफ़्ज़ाई)----ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ----हिमथ अफ़्ज़ाईहिमथ वधाइण लाइ चयल गा॒ल्हि---प्रोत्साहन----प्रोत्साहन----प्रोत्साहन----साहसउत्साहित कथा---प्रोत्साहन----प्रोत्साहनप्रोत्साहन---उर्चागमळित्तल्उचार्ग मोऴि---प्रोत्साहिप्पिक्कल्प्रोत्साहनं---उत्तेजनप्रोत्साहनॆ---
2105प्रोढ़विशेषणविशेषणविशेषण--अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ ;आरम्भिक अवस्था पार करके मध्य अवस्था में पहुँचा हुआ (व्यक्ति) (एडल्ट) ;पुष्ट, परिपक्व (मैच्योर)।--प्रौढ़----बालिग़----मरद्यादम, बालेंगअडवरपूठ, पॅख्तु॑--सामाणलुबालिगुपकलु, रस्यलु--प्रोढ़प्रौढ़, वयस्क---प्रौढ़पुख्त, आधेडपरिपक्व, गंभीर--पूर्ण॒वर्धित (न)प्रौढ़परिपक्व--पूरठप्रौढ़परिपूर्ण, पूरण--प्रौढ़----प्रौढ़मयिनवयोजनुडुपरिपक्वमयिन--मुऴुवळर्चियुट॒ट॒वयदुवन्दपक्कुवमान--वळर्च्चये॑त्तियप्राय पूर्त्तियायपक्वत वन्न, पाकत वन्न--पूर्णवागि बॆळॆदवयस्क, प्रौढपक्वतॆ हॊन्दिद--
2106फकीरपुंलिंगपुंलिंग---भिखमंगा, भिखारी ;संत, साधु, महात्मा।---फकीर----फ़क़ीर----फकीरदरवेश, साद---फ़क़ीरु----भिकारीफकीर---फकीरत्यागी, वैरागी---फकिर, भिक्षु॒क (क्ख)साधु, सन्यासी---भिखारीसाधु-संत---फकीर----फकीरुसाधु---पिच्चैक्कारन्इस्लामिय सादु (तुर॒वि)---भिक्षक्कारन्सन्यासी, पक्कीर॒---भिक्षुकसंत---
2107फटकनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना ;कपड़े को इस प्रकार झाड़ना कि उसमें से लगी हुई धूल या सिलवटें निकल जाएँ।---छट्टणा, फटकणाछंडणा---फटकना----छटुनदुनु॑न---छंडणु----पाखडणेंझटकणें---झाटकवुंझाटकवुं---झाड़ा, पाछड़ानों----जारफाल---पाछोरिबाझाड़िबा---चेरगुटविदिलिंचुट---मुर॒त्ताल् पुडैक्कतुणियै उदर॒---चेरु॒क, पाट॒ट॒ककुटयुक---केरुवुदुऒदरुवुदु---
2108फड़कनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना।कोई बहुत बढ़िया या विलक्षण चीज देखकर मन में उक्त प्रकार का स्फुरण होना जो उस चीज के विशेष प्रशंसक होने का सूचक होता है।पक्षियों के पर हिलना, फड़फड़ाना।--फड़कणाफड़कणाफड़कणा--फड़कना----फोरुनफोरुनवुफु॑नावुन--फड़िकणु----स्फुरण पावणेंमन प्रशंसेने भरुन येणेंपंख फडफडणें--फडकवुंऊछळवुंफडफडवुं--कम्पन हओया, नाचा-डाना झाड़ा--लरआनंद बिरिङधपधपा--फड़किबा, डेइँबास्फुरण, स्फुरित हेबापंख फड़काइबा--अदरुटअदरुट़आर्चुट--तुडिक्कमनम् उक्क्क(परं॒वेगळ्) सिर॒गै अडित्तुक्कॊळ्ळ--तुटिक्कुकतुटिक्कुकचिर॒कटिक्कुक--अदुरुवुदुमिडियुवुदु, प्रफुल्लित- वागुवुदुबडियुवुदु--
2109फबनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना ;बात आदि का ठीक मौके पर उपयुक्त लगना।---फबणा----फबना----फबुन, शूबुनफबुन, शूबुन---फब॒णु, ठहिकणुसूंहणु---शोभणेंआवडणें---शोभवुंसारुं लागवुं---शोभा पाओया----भाल-लाग----फाबिबा, मानिबा----शोभिंचुटराणिंचुट---शोबिक्कपॊरुत्तमायिरुक्क---शोभिक्कुकसमयत्तु शोभिक्कुक---शोभिसुवुदुउचितवागि तोरुवुदु---
2110फर्कपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता ;हिसाब-किताब आदि में भूल-त्रुटि आदि के कारण पड़ने वाला अंतर ;भेद-भाव, दुराव।--फरकफरक---फ़र्क़----फरु॑खफरु॑खफरु॑ख--फ़र्कु----फरक, तफावतअंतरभेद-भाव--फरक, फेरतफावतभेद-भाव--पार्थक्य, तफात, प्रभेद (क्ख)तफात, फाराकभेदभाव, अवधान--पार्थक्यभुलबरात, होवा अंतरभेदभाव--फरक----भेदमुभेदमुभेदमु--विद्दियासम्कणक्किल उण्डागुम पिळैयाल् वरुम् विद्दियासम्विद्दियासम्--व्यत्यासंअंतरं, पॊरुत्तक्केटुभेदभावं--व्यत्यासव्यत्यासभेदभाव--
2111फलपुंलिंगपुंलिंग---पेड़ का फल ;किसी प्रकार की क्रिया, घटना, प्रयत्न आदि के परिणाम के रूप में होने वाली बात।---फलफल---फलनतीजा---फल, म्यवु॑नतीजि---फलु, मेवोफलु, नतीजों---फळपरिणाम---फलपरिणाम---गाछेर फलफल, परिणा॒म (न)---फलफलाफल---फळफळाफळ, परिणाम---फलमु, पंडुफलितमु---पऴम्पयन्---काय् फलं, पऴंफलं---हण्णुप्रतिफल---
2112फलनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया--वृक्ष का फलों से युक्त होना ;किसी काम या बात का शुभ परिणाम प्रकट होना ;सुख-समृद्धि का कारण बनना।--फलणाफलणाफलणा--फलना----फॅलुनफलुनफलुन--फलणु, फलु डि॒यणुसुठो नतीजो निकिरणुबधणु-वीझणु--फळ धरणेंफळ मिळणेंफलदायक होणें--फळवुंसिद्ध थवुं---फलाफलाफलन्त हओया--गुटि लागफलाफल घोषित हसुख-समृद्धिर कारण ह--फळिबा----पंडुटफलिंचुटफलिंचुट--काय्क्कपलिक्कअबिविरुद्दि अडैय--काय्क्कुकफलिक्कुकसमृद्धि उण्टाकुक--हण्णु विडुवुदुफलिसुवुदुसमृद्धि हॊन्दुवुदु--
2113फसलस्त्रीलिंग----खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट)।----फसल----फ़स्ल----फसु॑ल----फ़सुलु----पीक, हंगाम----फसल----फसल----शस्य, खेति----फसल----पंट----विळैच्चल्----विळवु----बॆळॆ----
2114फब्बारापुंलिंग----एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन)।----फुहारा----फ़व्वारा----फंववारु॑----फूहारो----कारंजे, फवारा----फुवारो----फोयारा----फोहोरा----फुआरा----ऊट, इटमु, नाटिगोट्टमु----नीर ऊट॒टु----अरुवि, ऊटटॅ फौटिन----कारंजि----
2115फहरानाअकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट)।कोई चीज इस प्रकार खुली छोड़ देना जिससे वह हवा में हिले और उड़े।---फहराउणाफहराउणा---लहराना----फहरावुन, लहरावुनफहरावुन, लहरावुन---फहिराइणुलोडा॒इणु, झूलाइणु---फडकणें, उडणेंफडकविणें---फरकाववुंफहेराववुं---उड़ानो, ओड़ानोउड़ा, ओड़ा---उरउरा---पबनरे हलिबा----ऍगुरवेयुटऍगुरवेयुट---(तुणि मुदलियवै) पर॒क्क(काटटिल्) पर॒क्क विड़---(काट॒ट॒त्तु) पर॒क्कुक(काट॒ट॒त्तु) पर॒त्तुक---हारुवुदुहारिसुवुदु---
2116फांसनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना ;छल, ठगी, युक्ति आदि से किसी व्यक्ति को अपने लाभ के लिए फंसाना।---फाहुणा, फसाउणाफाहुणा, फसाउणा---फांसना----फसावुनफसावुन---फासाइणु----अडकविणेंफशी पाडणें, फसीविणें----फसाववुं---धरा फाँदे फेलाफांसानो---फाँदत पेलानिजर बश कर, फांदत पेला---फास----पट्टुकोनुटवललो वेसुकोनुट---(वलैयिल) सिक्कवैक्कवशप्पडुत्त एमाट॒टि॒---करु॒क्कुककरु॒क्कुक---बलॆयल्लि बीळिसुवुदुसिक्किसुवुदु---
2117फांसीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---प्राणदंड;रस्सी का वह फंदा जिसे लोग गले में फंसाकर आत्महत्या के लिए झूल या लटक जाते हैं।---फाही, फांसी----फांसीफांसी---फांस्य॑फांस्य॑---फासी, फासीअ जी सज़ाफासी, फाही---फाशी----फांसी, मृत्युदंडफांदो, फांसो---फाँसि, प्राणदंडफाँस---मृत्युदंडखोचोरा गाँठि---फाशी----उरिउरि त्राडु---मरणदंडनै, तूक्कु दण्डनैशुरुक्कु---तूक्कुशिक्षकॊलक्कयरु॒, कॊलक्कुटुक्कु---प्राणदंडनेणु---
2118फाटकपुंलिंग----मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट)।----फाटक----फाटक----फाटक----फाटकु----फाटक----फाटक, झांपो----फटक----गेट, नङलामुख----फाटक----सिंहद्वारमु----मुक्किय वायिल्----प्रधान कवाटं----मुख्य बागिलु मुख्य, द्वार, हॆंब्बागिलु----
2119फाड़नासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना ;किसी वस्तु का मुंह साधारण से अधिक और दूर तक फैलाना या बढ़ाना ;किसी गाढ़े द्रव पदार्थ के संबंध में ऐसी क्रिया करना कि उसका जलीय अंश तथा ठोस अंश अलग हो जाए।--पाड़नापाड़नापाड़ना--फाड़ना----चटुनत्रु॑थद्युनफाटु॑वुन--फाड़णु----फाडणेंरुंदावणेंफाटणें (दूध)--फाडवुं, चीरवुंपहोळुं करवुंफाडवुं--छेंड़ाबाड़ानो, फाँक करा(छाना) काटानो--फालबरकै मुख मेलफाल--फाडिबा, चिरिबा----चिंचुटचील्चुटविरुग, गोट्टुट--किऴिक्कवायै पिळक्कगॆटिटियान दिरवपदार्त्तत्तै मुरि॒क्क, तिरैयवैक्क--कीरुकपॊलिक्कुक(पाल) पिरिक्कुक वॆळ्ळवुं कट्टयुं वेरॆयाक्कुक--हरियुवुदुसीळुवुदुऒडॆयुवुदु--
2120फालतूविशेषणविशेषण---जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक ;बेकार।---फालतूफालतू---फ़ालतू (फ़ाज़िल)----फालतूबॆकार---फ़ालतू----निरर्थक, फालतूबेकार---फालतु, नकामुंनकामो, बेकार---फालतो, अनावश्यकफालतो, बेकार---अतिरिक्तअनुपयोगी---बेकार, फालतु----मिगिलिनव्यर्थमु---अदिगप्पडियानउबयोगमट॒ट॒---आवश्यत्तिलधिकमाय वेण्टतिलेरॆ॒व्यर्थमाय---उळिदकॆलसक्कॆ बरद---
2121फिरक्रिया विशेषणक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण--दोबारा या पुन: ;पीछे, अनंतर, उपरान्त, बाद ;तब।--फेरफेरफेर--फिर----ब्ययिपतु॑पतु॑--वरीपाइतड॒हिं--पुन्हानंतरतेव्हा, मग--फरीथी, पुन: पाछुंवळी, बीजीवारत्यारे--पुनराय, आबार, फेरपरे, अनन्तरतबे, तखन--आकौपाछततेतिया--फेर, पुणि----मरलतर्वातअप्पुडु--मरु॒मुरै॒पिर॒गुअप्पॊळुदु--वीण्टुंपिन्निल्, अनंतरंअप्पोळ्--मत्तॆनंतरआग--
2122फीकाविशेषणविशेषणविशेषण--स्वादहीन (पदार्थ) ;जो यथेष्ट चमकीला या तेज न हो, (रंग);जिसमें आनन्द की प्राप्ति न हुई हो, नीरस (खेल) तमाशा आदि।--फिक्काफिक्काफिक्का--फीका----बॆमजु॑, फीकु॑बॆमजु॑, फीकु॑फीकु॑--फिको----नीरस, फिका, रुचिहीननिस्तेजनीरस--फिक्कुं, फीकुंनिस्तेजनीरस, मोळुं--फिका, विस्वाद (स्सा)फिका, हाल्कानीरस--सोवाद नोहोवाशेंतानिष्प्राण, नीरस--फिका----चप्पनिपालिपोयिननीरसमु--रुचियट॒ट॒मंगलानअळगट॒ट॒--स्वादिल्लात्तमङ्ङियविरसमाय--सप्पॆमंकुनीरस, आसत्ति-रहित--
2123फीतापुंलिंगपुंलिंग---सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) ;वह पट्टी जिस पर इंचों आदि के निशान बने होते हैं और जो लंबाई, चौड़ाई आदि नापने के काम आती है (टेप)।---फीताफीता---फ़ीता----फीतु॑फीतु॑---पटी, कहींफीथ---फीत, नाडी, रिबन, लेसटेप---गूंथेली दोरटेप---फिता/फितेफिता, टेप---लेस, जरीटेप---फीता----लेसुटेपु---नाडाटेप्---लेस्, रेन्तटेप्प्, अळवुनाट---लेसुटेपु---
2124फीसस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन;वह धन जो विद्यार्थी की शिक्षा के लिए मासिक रूप में देना पड़ता है, शुल्क।---फीस----फ़ीस----फीसफीस---फी----शुल्क, फीफी---फी, दस्तूरीशिक्षण-फी---फी, पारिश्रमिकफी, वेतन, माहिना---फिजमाछुल---फीस, पारिश्रमिक----फीजुजीतमु---कट्टणम्पळ्ळिक्कूड संबळम्, कट्टणम्---फ़ीस्फ़ीस्---रुसुमु प्रतिफल वेतन, फीसुतॆर, फीसु---
2125फुंकारस्त्रीलिंग----वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार।----फुंकार----फुंकार----फूंकुन----फूकार----फूत्कार----फूंकार----फुत्कार----फोंचफोंचणि----फूत्कार----बुस----शीरु॒दल्----फूत्कारं----बुसुगुट्टुवुदु----
2126फुटकरविशेषणविशेषण---भिन्न या अनेक प्रकार का ;जो इकट्ठा या एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग या खंडों में आता या रहता हो, थोक का विपर्याय (रिटेल)।---फुटकलपरचून---मुख़्तलिफ़ख़ुर्दा---परचूनपरचून---रेज़्की, मुतफ़र्कोरेज़्की, छोटिकू---विभिन्न प्रकारचाफुटकळ---फुटकळ, भिन्नपरचुरण फाल्तु, नकामुं---एकमारिखुचरा, खुचरो---विभिन्न धनणरखुचुरा---बहुविधखुचरा---कलगूरगंपचिल्लरगा---पल विदमानशिल्लरै॒यान---पल तरंचिल्लर॒---बेरॆ बेरॆचिल्लरॆ---
2127फुदकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना ;उमंग में आकर अथवा प्रसन्नता-पूर्वक उछलते हुए इधर-उधर आना-जाना।---टप्पणाटप्पणा---फुदकनाफुदकना---वॅटु॑ तुलनिवॅटु॑ तुलनि---टपणु, टपो डि॒यणुउमंग में उछिलिजणु---उड्या मारणेंआनंदाने, नाचणें, बागडणें---कूदको मारवो, भूसको मारवोऊछळवुं---लाफानो----जँपियाई फुरआनन्दते इफाले-सिफाले प्यूरि फुर---ड़ेइँबा----गेंतुटदुमुकुट---तत्ति तत्ति नड़क्कसंदोषत्तिनाल् कुदिक्क---तत्ति नटक्कुकतुळ्ळिच्चाटुक---नलिदाडुवुदुनॆगॆदाडुवुदु---
2128फुलझड़ीस्त्रीलिंग----छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं।----फुलझड़ी----फुलझड़ी (गुलरेज़)----फुलु॑जर्य----चिण्गाई तीली----फुलबाजी----फूलकरणी----फुलझुरी----फुलजारि----फलझड़ी----काकरपूलु----मत्ताप्पु----पूत्तिरि----हूबाण----
2129फूलवारीस्त्रीलिंग----फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा।----फुलवाड़ी----फुलवारी----पोशिवार॑----फुलवाड़ी----बाग----फूलवाडी, बगीचो----बगिचा----फुलनि बगिछा----बगिचा, बाटिका----पूदोट----पूंगा, नन्दवनम्----पून्तोट्टं----हूदोट----
2130फुसफुसानासकारात्मक क्रिया----बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना।----फुसफुस करना, बुड़बुड़ करना----फुसफुसाना----कनु॑फिसराय----भुणि भुणि करणु----कुजबुजणें----गुसपुस----फिसफिस करा----फुचफुचा----फुस-फुस करि कहिबा----गुसगुसचेयुट----किशुकिशुक्क----कुशुकुशुक्कुक----पिसुगुट्टुवुदु----
2131फुहारस्त्रीलिंग----ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे।----फुहार----फुवार----पाँछिकु॑----फुहार, हलको मीहुं----तुषार, थेंब----फरफर, फोरुं----फोंटा----बुरबुरणि----फुहार----नीटिपोग----शारल्----नीर्त्तुळ्लि, एरवॆळ्ळं----तुंतुरु----
2132फुहारापुंलिंगपुंलिंग---ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग);एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानीया किसी तरल पदार्थ की बूंदे निरन्तर गिरती हैं, फव्वारा (फाउन्टेन)।---फुहाराफुहारा---फ़व्वारा----चश्मु॑, फंवारचश्मु, फंवार---चश्मोफूहारो---कारंजेंफवारा---फुवारो, झरोफुवारो---झरनाफोयारा---जरणाफोहोरा---झरणाउत्स, प्रग्रबठा---जलधारऊट नीरु---नीर् ऊट॒टुपीच्चि आडिक्कुम अमैप्पु---ऊटटॅ, उर॒वकृत्रिम अरुवि---बुग्गॆकारंजि---
2133फूंकनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना ;आग लगाना, जलाना या सुलगाना;बुरी तरह से नष्ट या बरबाद करना।--फूकमारनाफूंकणा---फूंकना----फुकुनज़ालुनबॊरबाद करुन--फूकणुफूक ड॒ई बा॒रणुविञाइणु, बर्बादु -करणु--फुंकणेंआग फुलविणेंविध्वंस करणें, फुंकून टाकणें--फूंकवुंबाळी मूकवुंफूंकी मारवुं--फुँका/फोंकाआगुन ज्वालानों (ज)फुँका/नष्ट करा--फु मारजुइ जलाध्वंस कर--फुंकिबाफुंकिबाफुंकिबा--ऊदुटरगुल्चुटतगलबेट्टुट--ऊदती वैक्कपोरुळै वीणाक्क--ऊतुकतपिटिप्पिक्कुकपाऴाक्कुक--ऊदुवुदुउरिसुवुदुभस्म माडुवुदु, हाळुमाडुवुदु--
2134फूटस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---आपसी अनबन या बिगाड़ ;एक प्रकार की बड़ी ककड़ी जो पकने पर प्राय: खेतों में ही फट जाती है।---फुटफुट---निफ़ाक़फूट---निफाक----फूटि, अणबणतिहिक किस्म जी बडी॒ ककिड़ी---दुही, वैमनस्यएक प्रकारची मोठी काकड़ी---फूट, फाटचीमडुं---विरोध, मनोमालिन्यफुटि---काजिया मनोमालिन्यचिराल---मनोमालिन्यफुटि काकुड़ि---भेदुम----पिळवु, विरोदम्पळुत्तदुम् वेड़िक्कुम् वेळ्ळरिक्काय्---पिळर्पुऒरु तरं कक्करिक्क---ऒडकु, कलह'फूट' ऍब हण्णु---
2135फूलपुंलिंगपुंलिंग---पुष्प, कुसुम ;शव के जल जाने के बाद बची हुई हड्डियाँ।---फुल्लफुल्ल---फूल----पोशअस्त्रु॑कु॑---गुलु, फूलुसंख, मुर्दे जूं सड़ी वञण खां पोइ बच्यल हडि॒यूं---फूलअस्थि---फूल, कुसुमअस्थि---फुलअस्थि---फुलदाह-कर्म पाछत बाछि थका हाड़---फुल, पुष्प, कुसुम, सुमनअस्थि-हाड़---पुव्वुअस्तिकलु---मलर्, पूपिणत्तै ऎरित्तपिन् इरुक्कुम ऎलुंबुगुल् (अस्ति)---पूवु, पुष्पंचिताभस्मं---हूवुअस्ति---
2136फूलदानपुंलिंग----फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान।----फुल्लदान----गुलदान----पोशिगमलु॑, गुलदान----फूलदानु, गुलदानु, गुलदस्तो----पुष्पपात्र----फूलदान----फूलदानि----फुलदानी----फुलदानी----पूलसज्ज----पूक्कळै अडुक्कि वैक्कुम् पात्तिरम्----पूप्पालिक----हूकुड----
2137फूलनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया--फूलों से युक्त होना ;उमंग से भर जाना, बहुत प्रसन्न होना ;बहुत अधिक उभर जाना या ऊंचा होना, सूजना।--फुल्लणाफुल्लणाफुल्लणा--फूलना----फॅलुनफॅलुनहु॑नुन--फुटणु, फलणुटिड़णु, खुशि थियणुसुज॒णु--फुलणें, बहरणेंआनंदणेंसुजणें--फूलवुंहरखावुंऊपसवुं, सूजी जवुं--पुष्पित हओया-फोला--फुलआनन्दित हबेछिकै ओलार आइ--फुलिबा, पुष्पित हेवाआनन्दितइबा, फुलि उठिबाफुलिबा--पुष्पिंचुटउब्बुटवाचुट--मलर्मनमगिऴ्वीङ्ग--पूक्कुकप्रफुल्लितनावुकविकसिक्कुक--हूबिडुवुदुउल्लसितनागुवुदुउब्बुवुदु ऊदिकॊळ्ळुवुदु--
2138फेंकनासकारात्मक क्रिया----हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना।----सुट्टणा----फेंकना----दा॑रिथ द्युन----उछिलाइणु फिटो करणु----फेंकणें----फेकवुं, नांखवुं----छोंड़ा, फेला----दलियाइ दे----फिंगिबा----विसरिवेयुट----विट्टॆरिय----ऎरि॒युक----बिसाकुवुदु----
2139फेनपुंलिंग----बुलबुलों का समूह, झाग।----झग्ग----झाग (कफ़)----पॊस----फेणु, गजि----फेस----फेन, फीण----फेना बुद्बुद्----फेन----फेण----नुरुगु, फेनमु----नुरै----पत, नुर----नॊरॆ----
2140फेरापुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव ;विवाह के समय वर-बधू द्वारा की जाने वाली अग्नि की परिक्रमा ;बार-बार कहीं आने-जाने की क्रिया या भाव।--फेरालां, फेराफेरा--फेरा----फेरु॑फेरु॑फेरु॑--फेरो----फेरी मारणेंसप्तपदीचकरा मारणें--फेरो, चक्करसप्तपदीआंटो--परिक्रमाअग्नि परिक्रमापरिक्रमा--चारिओफाले घूरा कार्यप्रदक्षिणऊहा-योवा कर करि थका कार्य--चारिपटे बुलिबाप्ररिक्रमा करिबा---प्रदक्षिणमुप्रदक्षिणमुप्रदक्षिणमु--शुट॒टुदल्तिरुमणत्तिन् पॊळुदु अग्गिनियै वलम् वरुदल्अडिक्कडि पोय् वरुदल्--चुट॒ट॒ल्, वलं वेंक्कल्वलं अग्निप्रदक्षिणंकर॒क्कं--सुत्तुप्रदक्षिणॆसुत्तुवरि, तिरुगाट--
2141फैलनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---किसी चीज का विस्तार होना ;किसी बात आदि का व्यापक क्षेत्र में चर्चा का विषय बनना।---फैलणाफैलणा---फैलनाफैलना---फ॑हलुनफ॑हलुन---फहिलिजणु, फैलजणु----प्रसरण होणेंपसरणें---फेलावुं, वधवुंप्रसरवुं---छड़िये जाओयाछड़िये पड़ा---बियपि परबियपि पर---विस्तरित हेबाबयापिबा---विस्तरिंचुटविस्तरिंचुट---विरिवडैयपरव---परक्कुकपरक्कुक---हरडुवुदुहब्बुवुदु---
2142फोड़नासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना ;किसी खोखली या वायु-भरी वस्तु को आघात या दबाव द्वारा तोड़ना ;किसी दल या पक्ष के व्यक्ति को प्रलोभन देकर अपनी ओर मिलाना।--तोड़नापाड़ना---फोड़ना-तोड़ना--फुटरुनफाटु॑वुन, फुटरुनबरगु॑लावुं--भञणु (सख़्तु शइ)फाड़णु (फूकिणों वग़ैरह)भञणु, पंहिंजे तर्फ करणु--फोडणेंतोडणेंफोडणें--फोडवुंतोडवुंफोडबो--भाङा, खानखान् कराभाङाभाङनो--भाङफुटाफुचलाई निजर फलीया कर--भांगिबाफाटिबाफाटिबा--पगल गोट्टुटचितक गोट्टुटमरचुट--उडैक्कवॆडिक्ककट्चि मारु॒म्वड़ि सेयदल्--उटय्क्कुकपॊट्टिक्कुकवशत्ताक्कुक--ऒडॆयुवुदुऒडॆयुवुदुऒडकु हुट्टिसुवुदु--
2143बंगलापुंलिंग, स्त्रीलिंगपुंलिंग, स्त्रीलिंग---चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान;बंगाल की भाषा।---बंगला----बंगलाबंगाली जुबान---बॊंगंलु॑बंगाल्य---बंगुलो----बंगलाबंगाली (भाषा)---बंगलोबंगाली (भाषा)---बाङ्लोबाङ्ला भाषा---बङला घरबङाली भाषा---बंगळा----बंगलाबेंगाली---बंगळा, माळिगैवंग मोळि---बंगलावुबंगाळि भाष---बंगलॆबंगालि भाषॆ---
2144बंजरविशेषण----ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके।----बंजर----बंजर----बंजर----कलराठी (ज़मीन)----ओसाड----ऊषर, ऊखर----अनुर्वर भूमि----शुकान चापरि----उषर भुमि----बंजरु भूमि----तरिश् निलम्----ऊषर भूमि पाऴ्निलं----बंजरु----
2145बंदविशेषणविशेषणविशेषण--बंधा हुआ, कसा हुआ ;चारों ओर की दीवारों आदि से घिरा (स्थान) ;बाधा युक्त।--बंद----बंद-बंद--बंद----बंदि----बधलेले, बद्धबंदअडचणीचे--बंध, बांधेलुं, कसेलुंवंडोअडचणवाळुं--बन्धबद्ध, रूद्धबाधा प्राप्त--बंधाआबरि थकाबाधायुक्त--बंद----बिगिंचिनमूयबडिनआटं कुलुगल--कट्टप्पट्टशुवराल् सूऴप्पट्टमूडप्पट्ट--अटञ्ञमूटियतटस्समुळ्ळ--कट्टिद, बिगिदमुच्चिद् सुत्तुवरिदतॊदरॆगॊळपट्ट--
2146बंदनवारपुंलिंग----आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली श्रृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है।----बंदनवार----झंडी----बंदनवार, वावु॑मालु॑----झालरि----तोरण----तोरण----बंदनवार----तोरण----तोरण----तोरणमु----तोरणम्----तोरणं----तोरण----
2147बंदरगाहपुंलिंग----समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर)।----बंदरगाह----बंदरगाह----बंदरगाह----बंदरगाहु----बंदर----बंदर----बन्दर----बंदर----बंदर----ओडरेवु----तुरै॒ मुहम्----तुर॒मुखं----बंदरु----
2148बंदीपुंलिंग----कैदी (प्रिज़नर)।----कैदी----क़ैदी----कू॑द्य----बंदी, कैदी----बंदि, कैदी----बंदि, केदी----बन्दी, कयेदी----बंदी----बंदी----खैदी----कैदि----तटवुमारन्----कैदि----
2149बंदूकस्त्रीलिंग----ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट)।----बंदूक----बंदूक़----बॊंदूख----बंदूक॑----बंदूक----बंदूक----बंदुक----बंदुक----बन्धुक----तुपाकि----तुप्पाक्कि----तोक्कु----बंदूक----
2150बंधकपुंलिंग----गिरवी या रेहन।----गहिणे----रह्न----गिरवी----गिरवी----गहाण ठेवलेली वस्तु----गिरो, गीरवी----बंधक----बंधक----बंन्धक----ताकट्टु----अड़गु----पणयं, ईटु----अडवु----
2151बकनासकारात्मक क्रिया----ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना।----बकणा----बकना----बकुन----बकणु----बडबड करणें----बकवुं----बकबक करा----बक----अजथा कथा कहिबा----वागुट----उळर॒----पुलंपुक, चिलय्क्कुक----तलॆहरटॆ आडुवुदु----
2152बकायाविशेषणपुंलिंग---बाकी बचा हुआ।किसी काम, बात या राशि का वह अंश जिसकी अभी पूर्ति होनी शेष हो।---बकाइआबकाइआ---बक़ाया----बकाया----बकाया----बाकी राहिलेलेउरलेले---बाकी, बचेलुंबाकी (शेष)---बाकी, बकेया----बाचि थकाबाकी अंश---बाकी----मिगिलिनबाकी---मिच्चनाननिरैवुपरा॒द पगुदि---शेषिच्चकुटिश्श्कि---उळिदमिक्किद्दु---
2153बगीचापुंलिंग----छोटा बाग या फुलवारी।----बगीचा----बाग़ीचा----पोशिवा॑र, बाग----बाग़ीचो----बगीचा, लहान बाग----बगीचो, बाग----बागिचा----बागिछा----बगिचा----तोट----तोट्टम्----चॆंरि॒य पून्तोट्टं----नोट----
2154बचतस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि;लागत आदि निकालने के बाद बचा हूआ धन, मुनाफा, लाभ।---बच्चतबच्चत---बचत (पसंदाज़)मुनाफ़अ़---बचथबचथ, नफा---बचति----बचतनफा---बचतलाभ, नफो---बचतमुनाफा, लाभ---राहि धनलाभ---संचय----पोदुपु, निलवलाभमु---बाक्कि, मिच्चम्निहर लाबम्---मिच्चंसंपाद्यं, लाभं---उळितायलाभ---
2155बचनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया--उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे;बंधन, विपद, संकट आदि से किसी प्रकार सुरक्षित रहना ;किसी कार्य, व्यक्ति से संकोच करना।--बचणाबचणाबचणा--बचना----बचुनबचुनबचुन--बचणु-बचणु--शिल्लक राहणेंवाचणें, बचावणेंसंकोच करणें--बचवुं, शिल्लक रहेवुंऊगरवुंसंकोच राखवो--बाँचा, शेषबाँचाएड़िये जाओया--हाते जमा हबाचि थाकआँतरि थाक--बंचिवा----मिगुलुटदुक्कुटतप्पिंचुकोनुट--बाक्कि इरुक्क, मिंजबद्दिरमायिरुक्कतप्पित्तु क्कॊळ्ळ--शेषिक्कुकरक्षप्पॆटुकऒऴिञ्ञु मारु॒क--उळियुवुदुतप्पिसि कॊळ्ळुवुदुहिंजरियुवुदु--
2156बचपनपुंलिंग----बाल्यावस्था----बचपन----बचपन----लॅकु॑चार, बचपन----बा॒लपणु----बालपण, लहानपण----बचपण, बाळपण----बाल्यावस्था, छोटबेला----लराकाल----बाल्यावस्था----बाल्यमु----कुऴन्दैप्परुवम----कुट्टिक्कालं----बाल्य----
2157बच्चापुंलिंगपुंलिंग---प्राणी का नवजात शिशु ;बालक।---बच्चाबच्चा---बच्चा----बचि, शुर----बा॒रु ब॒चो----पिल्लूबालक---बच्चुंबाळक---छोटे बच्चा, शिशुबालक---शिशुलरा---पिला----पिल्लबालूडु, शिशुवु---कुंजु, कुट्टिकुऴन्दै (आण)---कुञ्ञुबालन्---मगुहुडुग---
2158बजनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना ;संगीत अथवा वाद्ययंत्र में से ध्वनि निकलना।---वज्जणाबज्जणा---बजना----बज्रुन, बजुन----बज॒णु----वाजणेंवाजणें---बजवुं, वागवुंवागवुं---बाजा----शब्द हबाद्य ध्वनि ह---बाजिबा----म्रोगुटम्रोगुट---उरक्क ऒलिक्कवाद्दियत्तिलिरुन्दु ऒलिवर, इशैक्करुवि ओलिक्क---मुऴङ्ङुकमुऴङ्ङुक---शब्दवागुवुदुध्वनिसुवुदु---
2159बजेअव्यय----समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक)।----बजे----बजे----बजे----लगे॒ वगे॒----बाजतां----वाग्ये, वागतां----बाजा----बजा----बेळे----गंटलु, गंटलकु----मणिक्कु----मणिक्कु----गंटॆ----
2160बटुआपुंलिंग----कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स)।----बटुआ----बट्वा----बट॑वु॑----ब॒टूं----बटवा----बटवो----बटुया----बटुआ----बटुआ----पर्सु----पणप्पै, पर्सु----कैसंचि, पळ्स्----पर्सु, दुड्डिन चील----
2161बड़ाविशेषणविशेषणपुंलिंग--जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल ;जो पद, गरिमा, गुण आदि की दृष्टि से बड़ा हो, महान, श्रेष्ठ।उरद की दाल का एक प्रकार का नमकीन पकवान।--वड्डाबड्डावड़ा--बड़ा----बॊडबॊडवॊर, वडु॑--बडो॒-वड़ो--मोठाश्रेष्ठवडा--मोटुंमहान्, वडुंवडुं--बड़ो, विशालकायबड़ो, श्रेष्ठ, महानबड़ा--डाङरजेष्ठबर--बड़श्रेष्ठ, महानबरा--पेद्दपेद्दवड़--पॆरियउयर्न्द, शिर॒न्द, मेलानवडै--वलियमहानायवट--दॊड्डदॊड्डवडॆ--
2162बड़ाईस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---बड़े होने की अवस्था या भाव ;प्रशंसा, तारीफ।---वडिआईवडिआई---बड़ाई----बजरता॑रीफ---वड॒पणुवडा॒ई---मोठेपणाप्रशंसा---बड़ाई, मोटाईवखाण---बड़ाई, श्रेष्ठत्वबड़ाई, प्रंशंसा---डाङर बा महान होवार भाव वा कार्यप्रशंसा---बड़ेइ----गोप्पतनमुघनत, पोगड्त---पॆरुमैपुगऴ्---वलिप्पंप्रशंस---दॊड्डस्तिकॆहॊगळिकॆ---
2163बढ़नाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया--आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना;आगे की ओर चलना या अग्रसर होना;किसी प्रकार की उन्नति या तरक्की होना।--वधणावधणावधणा--बढ़ना----बडुनब्रॊहं पकुनतरकी--वधणु----वाढणेंपुढे जाणेंप्रगति करणें--वढवुं, वधवुंआगळजवुंबढती थवी--बाड़ाबाड़ाबाड़ा--डाङर ह. बुद्धि हआग बाढ़उन्नति ह--बढ़िबा----पेरुगुटसागुटपुरोगमिंचुट--वळरमुन्नेर॒उयर्वु अडैय--वळरुकपुरोगमिक्कुकउयर्च्च प्रापिक्कुक--हॆच्चागुवुदमुंदुवरियुवुदुबड़ति आगुवुदु प्रगति हॊदुवुदु--
2164बढ़ानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना ;परिणाम, मात्रा, संख्या आदि में वृद्धि करना ;किसी प्रकार की व्याप्ति में विस्तार करना।--वधाउणाबधाउणावधाउणा--बढ़ाना----बडावुनबडारावुनहुररावुन--बधाइणु----प्रवृत्त करणेंवृद्धि करणें, वाढ़विणेंविस्तार करणें--बडाववुंबधारर करवोविस्तारवुं--बाड़ानोबाड़ानो---आग बढ़ाबृद्धि करबिस्तारित कर--बढाइबावृद्धि करिबाबिस्तारिबा--वृद्धिचेयुटवृद्धिचेयुटवृद्धिचेयुट--वळरच्चॆय्यअदिगरिक्कविरिवाक्क--वळर्त्तुकअळवु वर्द्धिप्पिक्कुकव्यापिप्पिक्कुक--मुंदुवरिसुवुदुवृद्धिधसुवुदु हॆच्चुमाडुवुदुविस्तरिसुवुदु--
2165बढ़ियाविशेषण----जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा)।----वधीआ----उ़म्दा (बढ़िया) (नफ़ीस)----रुत, जान----सुठो, उम्दो----उत्तम, उत्कृष्ट----ऊंचुं, उच्च, उत्तम----भालो, उत्तम----सुंदर----बढ़िआ----मेलु रकमु----सिर॒न्द----मेल्तरं----उत्तम----
2166बतानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना ;किसी प्रकार का निर्देश या संकेत करना।---दस्सणादस्सणा---बताना----वनुनवनुन---बुधाइणुड॒सु डि॒यणु---सांगणेंनिर्देश करणें---बताववुंबताववुं---बला, जानानज्बला आदेश करा---परिचय करासंकेत कर---बताइबा----तेलियपरचुटऍरुक परचुट---अरि॒विक्क, कूर॒कुरि॒प्पिड---पर॒ञ्ञु कॊटुक्कुकनिर्देशिक्कुक---तिळिसुवुदुहेळुवुदु---
2167बत्तीसीस्त्रीलिंग----मनुष्य के 32 दाँतों का समूह।----बीड़, बतीसी----बतीसी----दंदु॑वॊट----ब॒टीही----बत्तीशी----बत्तीसी----बत्रिश पाटि----बत्रिश दाँत----बतिस----पलुवरुस----मुप्पत्तिरण्डु पर्कळ्----मुप्पत्तिण्टु पल्लुकळ्----मूव्वत्तॆरडु हल्लुगळु----
2168बदनामविशेषण----जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात।----बदनाम----बदनाम़----बदनाम----बदनामु----कुख्यात, बदनाम----बदनाम----कुख्यात----बदनामी----बदनाम----चेड्ड पेरुगल----निन्दिक्क प्पट्ट कॆट्ट पॆयर् वांगिय----दुष्पेरुळ्ळ, अपख्यातियुळ्ळ----हॆसरु कॆट्ट----
2169बदलनाअकारात्मक क्रिया----परिवर्तन होना।----बदलणा----बदलना----बदलुन----बदिलिजणु----बदलणें----बदलवुं----बदलानों----परिबर्तन ह----बदळिबा----मारुट, मार्चुट----मार्----मारु॒क----बदलायिसुवुदु----
2170बदलापुंलिंग----प्रतिकार, पलटा।----बदला----बदला----बदलु॑----बदिलो----बदला, सूड----बदलो, फेरफार----प्रतिशोध, प्रतिकार----प्रतिशोध----बदळा----पगतीर्चुकोनुट----पऴिक्कुप्पलि, माट॒ट॒म्----प्रतिकारं, पकपोक्कल्----मुय्यि, सेडु----
2171बदसूरतविशेषण----भद्दी सूरत वाला, कुरूप।----बदसूरत----बदसूरत----बदसूरत----बदसूरत, बदशिक्ल----कुरूप----बदसूरत, कदरूपुं----कुरुप, कुत्सित----कुरुप----असुन्दर, कुरुच----कुरूपि----विकारमान----विरूपन्----कुरूपि----
2172बधाईस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---मंगल अवसर का गाना-बजाना ;मुबारकबाद।---वधाई----शादियानामुबारकबाद---पोशतु॑वदु॑व--------अभिनंदनअभिनंदन---वधाई, वधामणीमुबारकबाद---मांगलिक अवसरेर गीत-बाद्यअभिनन्दन---मांगलिक गीत-बाद्यधन्यबाद---बधाइ----मंगलगीतमुअभिनंदनलु---मंगळ इशैवाऴ्त्तुक्कळ्---आशंसअभिनन्दनं---हुट्टु हब्बद उत्सव संगीतअभिनंदनॆ---
2173बधिरविशेषण----बहरा।----बोला----बहरा----ज़ॊर----बो॒ड़ो----बहिरा----बधिर, बेहरुं----काला, बधिर----कला----बधीर----बधिरुडु, चेविटिवाडु----सॆविडु----बधिरन्----किवुड----
2174बनजारापुंलिंग----वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है।----बणजारा----बनजारा----बजजार्य----ख़ानाबदोशु----बंजारी----वणझारो----वणि, या॒या॒वर (जज)----गरुर ओपरत बोज बिदेशत बेपार करा बेपारी----वणिजार, जाजावर----वणिजुडु----नाडोडि----नाटोटि----वणजिग----
2175बनानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना ;बातचीत में किसी की प्रशंसा करते हुए उसे ऐसी स्थिति में लाना कि वह आत्म-प्रंशसा करता-करता औरों की दृष्टि में उपहासास्पद और मूर्ख सिद्ध हो।---बनाउणाबनाउणा---बनाना----बनावुन----ठाहिणु, बणाइणुबेवकूफु बणाइणु---तयार करणेंमूर्ख बनविणें---बनाववुं, रचवुंमश्करी करवी---बनानोबोका बनानो---बना, साजअति प्रंशसा करि मानुहक हाँहियातर पात्र कर---बनेइबा----तयारुचेयुटपरिहसिंचुट---तयारिक्क, सॆय्यकेलि पण्ण, किंडल्, सॆप्प---उण्टाक्कुकप्रशंसच्चु नाणिप्पिक्कुक---तयारिसुवुदुमूर्खनागिसुवुदु---
2176बनावटीविशेषणविशेषण---जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी ;वास्तविकता के अनुकरण पर बनाया हुआ, कृत्रिम, नकली।---बनाउटी, बनावटी----मसनूई (बनावटी)----बनावटीबनावटी---बनावटी----बनावटी कृत्रिम, नकली----बनावटी, कृत्रिम, खोटुं----कृत्रिमकृत्रिम, मेकि---सजाकृत्रिम---कृत्रिम----कपटमुकृत्रिममु, नकली---वेळित्तोट॒ट॒म् मट्टुमुळ्ळसॆयर्कैयान---कृत्रिममायकृत्रिममाय---मेल्तॊरिकॆयकृतक---
2177बनियापुंलिंगपुंलिंग---व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य ;आटा, दाल, नमक, मिर्च आदि बेचने वाला दुकानदार।---बणीआबणीआ---बनिया----वोन्यवोन्य---वाण्यो----वैश्य, व्यापारीवांणी---वाणियो, वैश्यवेपारी---बेने, बनियामुदि---बैश्यगेलामालर दोकानी---बेपारी, बणिक, बणिआदोकानी---वर्तकुडु, वैश्युडुअंगडिवाडु---वाणिगन्, सॆट्टियार्मळिगै वियाबारि---वैश्यन्, व्यापारिपल चरक्कु कटक्कारन्---ब्यापारिकिराणि अंगडियवनु---
2178बरसनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---वर्षा होना, गिरना ;किसी चीज का बहुत अधिक मात्रा, मान, संख्या में लगातार गिरना।---वस्सणावस्सणा---बरसना----रूद वालुनरूद वालुन---वसणु----पाऊस पडणेंवर्षाव होणें---वारसवुं, वरसाद----वृष्टि हओया/पड़ावर्षण हओया---पर, बरषबरष---वर्षिबां----कुरियुटकुरियुट---पेय्य, विऴपॊऴिय---पॆय्युकपॆय्युक---मलॆयागुवुदुसुरियुवुदु---
2179बरसातस्त्रीलिंग----बारिश, वर्षा-ऋतु।----मीहं, बरसात----बरसात----बरसाथ----बर्साति, मीहुं----पाऊस----वरसाद----वर्षाकाल----वर्षाऋतु----वर्षा, वर्षारुतु----वर्षमु, वर्षाकालमु----मऴैक्कालम्----मऴ, वर्षकालं, वर्षं----मळॆ, मळॆगालॆ----
2180बरसीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि ;मृत का वार्षिक श्राद्ध।---वरीहणा, बरसीवरीहणा, बरसी---बरसी----वहरु॑ वा॑रश्राद---वर्सी----मृताची वार्षिक तिथिवर्ष श्राद्ध---बरसी, छमछरीवरसी---मृत्यु वार्षिकीवार्षिक श्राद्ध---मृत्युबार्षिकीबछेरे कीया श्राद्धा---बरषिकिआ----सांवत्सरीकमुएडदि---इरन्द तिदि/नाळ्शिराद्दम, तिवसम्---चरमदिनंआण्डुबलि---वर्षाब्दिक तिथिश्राद्ध---
2181बरातीपुंलिंग----किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति।----जांजी, बराती----बाराती----बरा॑त्य----जा॒ञी----बर्हाडी----जानैयो----वरया॒त्री (ज)----बरयागी----बरजात्री----पेंड्लि पेद्द----मण मगन् वीट्टारिन् ऊर्वलत्तिल् कलन्दु कॊळ्बवर्----वरपक्षक्कार॒----दिब्बणदवरु----
2182बराबरविशेषणविशेषणक्रिया विशेषण--जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान;(तल) जो ऊँचा-नीचा या खुरदरा न हो सम।लगातार, निरन्तर।--बाराबरबराबरबराबर--बराबर (मसावी)बराबर (मुसत्तह)मुतवातिर--बराबरसॊमलगातार--बराबरि-लगा॒तारि--समानसमसतत--बरोब्रसमलगातार, निरंतर--समान, बराबरसमतलअविराम, निरन्तर--समान, तुल्यसमान, समएकेराहे, निरन्तर--समान, समकक्ष----समानमुसमतलमुऍडतेगक--सममानसरियानइड़ैविड़ादु--ऒप्पं, समं, तुल्यंसमतलंमुर॒क्कु--समानसमतलआन्देसमनॆ ऎडॆबिडदॆ--
2183बर्फस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---हिम (स्नो) ;बहुत अधिक ठंडक के कारण जमा हुआ पानी जो ठोस हो जाता है और आघात लगने पर टुकड़े-टुकड़े हो जाता है (आइस)।---बरफबरफ---बर्फ़----शीनतुलु॑कतुर---बर्फ़----बर्फ----बरफ, हिमबरफ---बरफ, तुषारबरफ---बरफ, हिमबरफ---बरफ, तुषारबरफ---मंचुअइसु---पनिपनिक्कट्टि---मञ्ञुमञ्ञुकट्टि---हिममंजिन गॆड्डॆ---
2184बर्बरविशेषण----जंगली, असभ्य।----जंगली----वहशी----जंगली----झंगिली, असभ्यु----जंगली, रानटी----बर्बर, असंस्कारी----बर्बर, असभ्य----बर्बर, असभ्य----बर्बर----मोरटु----काट्टु किराण्डित्तनमान, नागरिकमटट----संस्कारहीनन्, काटन्----काडुतन, अनागरिक----
2185बलपुंलिंगपुंलिंग---ज़ोर, शक्ति, ताकत ;कपड़ो आदि पर पड़ने वाली सिलवट, शिकन।---बलवट्ट---ज़ोर (ताक़त)शिकन---बल, ज़ोर, ताकथगॆन्य---ब॒लुधुंजु---जोर, बळसुरकुती---बल, जोर, ताकातकरचती---बल, जोरभाँज---बल, जोर, शक्तिशोटोरा, कोंच, चिंन, रेखा---बळ----बलमुमुडुत---बलम्, वलिमैसुरुक्कम्---बलंचळिवु---जोरुसुक्कु---
2186बलवान्विशेषण----शक्तिशाली, ताकतवर।----बलवान----ताक़तवर----ताकथवर----ब॒लवानु----बलवान----बलवान----शक्तिमान, बलवान----बलवान, शक्तिशाली----बळवान----बलवंतुडु----बलमुळ्ळ----बलवान्----शक्तिशालि----
2187बलात्कारपुंलिंगपुंलिंग---बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना ;किसी लड़की अथवा स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध बलपूर्वक किया जाने वाला यौनाचार।---जोर जबरदसतीजबरजनाह---ज़बरदस्तीज़िना बिलजब्र, इ़स्मतदरी---मजबूरीज़िनाह---ज़बरदस्तीज़ोरी, ज़नाउ---जबरदस्तीबलात्कार---बलात्कार----बलपूर्वक कराबलात्कार---बलेरे करा कामबलात्कार---बळात्कार----बलवंतमुबलात्कारमु---बलात्कारम्कर्पऴित्तल्---बलात्कारंबलात्संगं---ऒत्तायबलात्कार---
2188बलिदानपुंलिंगपुंलिंग---देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि ;किसी उद्देश्य या बात के लिए अपने प्राण तक दे देना, कुर्बानी।---बलीकुरबानी---कुर्बानी (अज़हा)----कॅरबानीकॅरबानी---ब॒लीदानु----बळीआत्म बलिदान---बलिदानकुरबानी, त्याग---बलिदान, बलिआत्मबलिदान---बलिदान, बलिआत्मोत्सर्ग, उछगां---बळिदान----बलिबलि---बलि इडुदलऒरु कोळ्गैक्काग अयिरैयुम् तियागम् सॆय्दल---बलिप्राणत्यागं, बलि---बलिआहुति, आत्मार्पणॆ---
2189बल्किअव्यय----ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन्।----सगों----बल्कि----ब॑ल्कि----बल्कि----किंन्तु, परन्तु----बल्के----बरञ्च, बरङ्----बरं, किन्तु----वरं, प्रत्युत----अंतेकाक----आनाल्----नेरॆ मरिच्चु, ऎन्नाल्----अल्लदॆ----
2190बवंडरपुंलिंग----आँधी, तूफान।----हनेरी----गिर्दबाद (बगूला)----तुफान----तूफानु, वाचूड़ो----झंझावात, वावटळ, वादळ----तोफान----झञ्झा, प्रबल झड़----बा-मारन्नी, घूर्णीबताह----तोफान, झड़, झंझा बात्या----दुमारमु----पुयल् काट॒ट॒----चुळलिक्काट॒टॅ॒----सुळिगाळि----
2191बहकानासकारात्मक क्रिया----चकमा या भुलावा देना।----भरमाउणा----बहकाना----वरगु॑लावुन----भंभुलाइणु----बहकाविणें, फुसलाविणें----बहेकाववुं, छकाववुं----भोलानो----ठग, छलना कर----भलाइबा----रेकॆत्तिंचुट----तवरा॒न वऴियिले नडत्तिच् सेल्लल----कबळिप्पिक्कुक----दारि तप्पिसुवुदु----
2192बहनाअकारात्मक क्रिया----द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना।----वगणा----बहना----बहाव----वहणु----वाहाणें----बहेवुं----बहा/बओया----ब, बैया----बहिबा----प्रवहिंचुट----पायन्दु ओड़----ऒऴुकुक----हरियुवुदु----
2193बहराविशेषण, पुलिंग----जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर।----बोला----बहरा----ज़ॊर----बो॒ड़ो----बहिरा----बहेरुं----काला, बधिर----कला----बधिर, काला----चेविटिवाडु----सॆविडु----चॆकिटन्, बधिरन्----किवुड----
2194बहलानासकारात्मक क्रिया----किसी को प्रसन्न या शांत करना।----वराउणा----बहलाना----बहलावुन----विंदुराइणु----रमविणें----बहलाववुं----प्रसन्न/शांत करा----आनन्द दि, आमोद दि----बा आं रेइबा----संतोष पेट्टुट रंजिंप चेयुट----मगिऴ्विक्क अमैदिप्पडुत्त----समाधानिप्पिक्कुक संतोषिप्पिक्कुक----मनरंजनॆ माडुवुदु----
2195बहसस्त्रीलिंग----तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद।----बहिस----बह्स----ब॑हस----बहिसु----वादविवाद, तर्क, हुज्जत----बहस, चर्चा----तर्क, विवाद----तर्क-बितर्क, बाद-बिबाद----तर्क, जुक्ति----चर्च----विवादम्----वाद-प्रतिवादं----वाद----
2196बहादुरविशेषण----वीर, शूर-वीर, सूरमा।----बहादर----बहादुर----बा॑हदुर----बहादुरु----वीर, शूर, बहादुर----बहादुर, शूरवीर----बाहादुर----बीर, साहसी----बाहादुर----वीरुडु----वीरम् निरै॒न्द----वीरन्----वीर----
2197बहानापुंलिंग----तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना।----बहाना----बहाना----बहानु॑----बहानो----निमित्त, कारण थाप----बहानुं----बाहाना----छलना, मुबा, चेलु----बाहाना----साकु----शाक्कुप्पोक्कु----ऒऴिवु कऴिवु----नॆव----
2198बहारस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु;सौंदर्य आदि के फलस्वरूप होने वाली रमणीयता या शोभा।---बहारबहार---बहारबहार---बहार, सोंथ----बहारु, बसंतुबहार, सूंहं---वसंत ऋतुबहार---बहारभभको, मजा---बहारबाहार---फुल-फुला क्तर, बसन्त कालबाहार, रमणीयता---वसंत-ऋतु, शोभारमणीयता, सुषमा---वसंतमुवसंतमु---वसंत कालम् ऎऴिल्शौबै, ऎऴिल्---वसंतकालंतुटुप्पु---सुग्गि, वसंत कालरमणीयतॆ---
2199बहिर्मुखविशेषणविशेषण---जिसका मुँह बाहर की ओर हो ;जो बाहर की ओर उन्मुख या प्रवृत्त हो।---बाहरमुख-----दरूंबी---न्यबु॑र्य मॅखन्यबु॑रुट---बा॒हिर-मुखु----बहिर्मुख----बहिर्मुख----बहिर्मुखबहिर्मुख---बहिर्मुखीबहिर्मुख---बहिर्मुख----बहिर्मुखमुबहिर्मुखमु---मुहम् बॆळि नोक्कि उळ्ळवॆळि विषयंगळिळ् ईडुपाडुउळ्ळ---बहिर्मुखन्----बहिर्मुखबहिर्मुख---
2200बहिष्कारपुंलिंगपुंलिंग---जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना;देश-विदेश के माल का सामूहिक व्यवहार-त्याग (बायकॉट)।---हुक्का-पाणीबंदबाई काट---इख़्राजवाइकाट---छुह द्युनबायकाठ---बहिष्कारु----बहिष्कारबहिष्कार---बहिष्कारअस्वीकार, त्याग---बहिष्कार, निष्कासनबहिष्कार---बहिष्कारंबर्जन---बहिष्कार----बहिष्कारमुबहिष्कारमु---बहिष्करित्तल् विलक्कुदल्अन्निय नाट्टु पारुळ्गळै वांगामालिरुत्ताल्---पुर॒त्ताक्कल्बहिष्करणं---बहिष्कारबहिष्कार---
2201बही-खातापुंलिंग----हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक।----वही खाता----खाता बही----बही खातु॑----बंदी, वही----वहीख़ाते, चोपडे----चोपडो----खतियान/खतेन----बही खाता----बहिखाता----जमा खर्चु----पेरेडु----कणक्कु-पुस्तकं----लॆक्कद पुस्तक----
2202बहुतविशेषणक्रिया विशेषण---परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक।अधिक परिमाण या मात्रा में, ज्यादा।---बहूतबहुत---बहुत----स्यठास्यठा, ज़्यादु---वधीक, घणों----पुष्कक, अधिकजास्त, अधिक---बहु----यथेष्टअनेक---बहुतबेछिकै, बेछि---बहुत----चाला अधिकमुगाअधिकमु---निरै॒य, निरंबअदिगमाग---बळरॆकूटुतल्---बहळ, जास्तिबहळ, जास्ति---
2203बहुभाषीपुंलिंगपुंलिंग---बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला ;बहुत बोलने वाला, बकवादी।---बहुभाशीबड़बोला---कसीरुल लिसानलस्सान (लफ़्फ़ाज़)---स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोलबकवास्य, कथल---घण बो॒ल्यो, घण्यूं बो॒ल्यूं जा॒णंदड़ुघण गालहाऊ---बहुभाषीवाचाळ---बहुभाषीवातोडियुं---बहुभाषीबाचाल---बहुभाषीबरकै कथा कओंता, कथकी---बहुभाषी----बहुभाषा वेत्तवागुडुकाय---पल मोळिगळ् पेसुगिर॒अदिगप्पिरसंगि, वायाडि---बहुभाषापंडितन्वायाटि---बहुभाषा पंडितवाचाल, हरटॆमल्ल---
2204बहुमूल्यविशेषणविशेषण---जिसक मूल्य बहुत हो ;जो गुण, महत्त्व की दृष्टि से अति प्रशंसनीय या उपयोगी हो।---वडमुल्लावडमुल्ला---बेशक़ीमत (क़ीमती)----मॅलुलमॅलुल---कीमती, घणमुल्होमुल्हाइतो---बहुमूल्य, मौल्यवानबहुमोल---मूल्यवान, अतिकीमतीबहुमूल्य---बहुमूल्य, मूल्यवान----बहुमूलीयाबहुमूलीया मूल्यवान---बहुमूल्य----बहुमूल्यमयिनबहुमूल्यमयिन---विलैयुयर्न्दअदिग मदिप्पुळ्ळ---विलकूटियविलपिटिच्च---बहुमूल्यअमूल्य---
2205बहुरूपियापुंलिंग----अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला।----बहुरूपीआ----बह्रूपया----बॊहु॑रूपी----ब॒हुरुपी----बहुरुपी सोंगाड्या----बहुरुपी----बहुरुपी----बहुरुपी----बहुरुपी----पगटि वेषगाडु----पल वेषक्कारन् वेषदारि----पलवेषक्कारन्----बहुरूपि----
2206बहूस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---नव विवाहिता स्त्री ;पत्नी, जोरु।---वहुटीवहुटी---बहू----नॅशआशॆन्य---कुंआरिज़ाल---नवरी, नववधूसून, पत्नी---वहुपत्नी---बउ, नववधूबउ, स्त्री---न-कइनापत्नी, धैनी---बोहुजोरु, पत्नी---पेंड्लिकूतुरुभार्य---पुदु मणप्पेण्मनैवि---बधु कल्याणप्पॆण्णुपत्नी, भार्य---नववधुहॆण्डति---
2207बांगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर ;मसजिद में आकर नमाज पढ़ने के लिए बुलाने के लिए मुल्ला द्वारा की जाने वाली उच्च स्वर में पुकार।---बांगबांग---बांग----बांगबांग---बां॒ग----आरवणेंबां॒ग---बांग----बांगआजान---(पुवार) कुकुरार डाकआजान---कुकुड़ा-डाक----कोडिकूतनमाजु---आदिकालैयिल् कोऴि कूबुदल्मसूदियिल् नमाजु पड़िप्पदरक्काक अऴैप्पुक्कूरल्---कोऴिकूवल्बांगॅ विळि---कोळिय कूगुमुल्लान उच्च ध्वनिय करॆ---
2208बांझविशेषण, स्त्रीलिंग----वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके।----औंतरी----बांझ (अक़ीमा)----हांठ॑----संठि (संढि)----वांझ----बांझ, वंध्या----बन्ध्या, बांझा----बन्ध्या बांझा----बाँजी, बन्ध्या----गोड्रालु----मलड़ि----मलड़ि----बंजॆ----
2209बांटनासकारात्मक क्रिया----किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण।----वंडणा----बांटना----बा॑गरुन----विराहिणु----वांटणें----बांटवुं वहेंचवुं----बाटन करा (न)----बिला, भगाई दि----बांटिबा----पंचि पेट्टुट----पंगिड----पंकिटुक----हंचुवुदु----
2210बांधपुंलिंग----वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम)।----बन्न्ह----बांध----सॊथ----बंदु----धरण, बांध----बांध, पुस्तो----बाँध----बान्ध, भेटा, मयाउरि---------आनकट्ट----अणैक्कट्टु----अणक्कॆट्टु----अणॆकट्टु----
2211बांधनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना ;कागज, कपड़े आदि से किसी चीज को इस प्रकार लपेटना कि वह बाहर न निकले (पैक)।---बन्न्हणाबन्न्हणा---बांधना----गंडुनवॊलुत---ब॒धणु----बांधणेंपैक करणें, बांधणें---बांधवुं----बाँधा----बान्धबान्ध---बांधिबा----कट्टुटबिगिंचुट---कयिराल्कट्टपॊट्टलंकट्ट---कॆट्टुकपॊतियुक, पॊतिञ्ञु कॆट्कुक---कट्टुवुदुपॊट्टण कट्टुवुदु---
2212बांसुरीस्त्रीलिंग----मुरली या वंशी।----बंसरी----बांसरी (नै)----बनसरी----बंसुरी, मुर्ली, मुरली----बांसरी----बंसरी, मोरली----बाँशी----बाँही----बंशी, बइंशी----वेणुवु, पिल्लन-ग्रोवि----पुल्लांगुऴल्----मुरळि ऒटक्कुऴत्----कॊळलु----
2213बाकीविशेषणस्त्रीलिंग---जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो।गणित में बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घटाने पर निकलने वाला फल।---बाकीबाकी---बाक़ीबाक़ी---बाकु॑यबाकु॑य---बाकी----शिल्लक, बाकीबाकी---बाकी, शेषबाकी---बाकीवियोगफल---बाकी, अवशेषबाकी, अवशेष---बाकीवियोग-फळ, अवशेष, बाकी---मिगिलिनशेषमु---सॆलवु पोग, मिच्च मुळ्ळमीदि तॊहै---बाक्किशेषं, वाक्कि---उळिद, मिक्कउळिदद्दु, शेष---
2214बागडोरस्त्रीलिंग----लगाम।----वागडोर----लगाम (बागडोर)----लाकम----वाग॒डो॒रि----लगाम----बागडोर, लगाम----लागाम----लेकाम, लेगाम----बागडोर----पग्गमु----लगान्----कटिञ्ञाण्----लगामु----
2215बाज़ारपुंलिंग----वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं।----बाज़ार, बज़ार----बाज़ार----बाज़र----बाज़ारि----बाजार, पेठ----बजार, हाट----बाजार----बजार----बजार----बजारु----कड़ैवीदि----बसार॒, अङ्ङाटि----पेटॆ, अंगडिबीदि----
2216बाजीगरपुंलिंग----जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर।----बाजीगर----बाज़ीगर----बा॑ज़्यगर----बाज़ीगरु----जादूगर----बाजीगर----बाजिकर, जादुकर----बाजिकर----बाजीगर----ऐन्द्रजालिकुडु गारडी वाडु----जालविद्दै- क्करान्----इंन्द्रजालक्कारन् चॆप्पटि विद्यक्कारन्----मंत्रगार, माटगार----
2217बाटस्त्रीलिंगपुंलिंग---राह, रास्ता, मार्ग ;पत्थर, लोहे आदि का वह टुकड़ा जो चीजें तौलने के काम आता है (वेट्स)---वाटवट्टा---रास्ताबाट (वज़्न)---वथवटु॑, परमानु॑---वाटबटु---मार्ग, रास्ता, वाटवजन---वाट, रस्तोकाटलुं---बाट, पथ, रास्ताबाट खारा---बाटदगा---बाटबाट---दारि, बाटतूकपुरायि---वऴि पादैपडिक्कल्---वऴिकट्टि---रस्तॆ, दारितूकद बट्टु---
2218बाढ़स्त्रीलिंग----नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है।----हड़----सैलाब----यूप, सहलाब----बो॒डि॒----पूर----पूर----बन्या॒, बान (न्ना)----बानपानी, बन्या----नई बढ़ि----वरद----वॆळ्ळम्----वॆळ्ळप्पॊक्कं----प्रवाह----
2219बाणपुंलिंग----इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर।----बाण----तीर----तीर----बा॒णु, तीर----बाण----बाण, तीर----बाण॒, तीर (न)----बाण----बाण----वाणमु----अंबु----बाणं, अम्पु----बाण----
2220बातचीतस्त्रीलिंग----वार्तालाप।----गल्लबात----गुफ़्तगू----कथबाथ----गा॒ल्हि-बोल्हि, गुफ़्तगू----वार्तालाप, संभाषण----बातचीत, संभाषण----कथावार्ता----कथाबार्त्ता----बातचित----संभाषणमु----उरैयाडल्----वर्त्तमानं, संसारं----मातुकतॆ----
2221बादअव्यय----पश्चात्, अनंतर, पीछे।----पिच्छे, पिच्छों----बाद़----पतु॑----पोइ----नंतर, मागाहून----बाद, पछी, पछे----पश्चाते, परे अनन्तर----पिचत----बाद्----अनंतरमु, तर्वात----पिर॒गु, पिन्नर्----शेषं, पिन्नीटु----नंतर, आमेलॆ----
2222बादलपुंलिंग----मेघ।----बद्दल----बादल----ऒबुर----बादलु, ककरु----मेघ, ढग----बादळ, वादळुं----मेघ----मेघ----बादल, मेघ----मेघमु, मब्बु----मेहम्----मेघं----मोड----
2223बादशाहपुंलिंग----बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट।----बादशाह----बादशाह----बादशाह----बादशाहु----बादशहा----बादशाह, सम्राट----बादशाह, सम्राट----बादचाह, सम्राट----बादशाह, सम्राट----चक्रवर्त्ति, बादुषा----चक्रवर्त्ति, पादुषा----चक्रवर्त्ति----चक्रवर्त्ति----
2224बाधकपुंलिंगपुंलिंग---बाधा के रूप में होने वाला ;विघ्न या अड़चन डालने वाला।---विधनकारीविधनकारी---मानेअ़----ठॊरठॊर---रोकीदंडुरंडक विझदड़ु---बाधकविघ्नकारी---बाधक----बाधक----बाधा, बाधकविघिनि---बाधकविघ्न, बाधा---आटंकमुअड्डु पडु वाडु---इडैजंल्विघ्नकारि---बाधकमायविघ्नकारि---तडॆ पडिसुवविघ्नकारि---
2225बाधास्त्रीलिंग----रोक, रुकावट, अड़चन।----विघन----रुकावट----रुकावठ----रुकावट, रंडक----बाधा----पीड़ा, विघ्न----बाधा----बाधा, बन्ध----बाधा----अवरोधमु, आटंकमु----इडैयूरु॒, तडै----तटस्सं----तडॆ, अडचणॆ----
2226बापपुंलिंग----पिता या जनक।----बापू, बाप----बाप (वालिद)----मोल----पीउ----बाप----बाप, जनक----बाप, पिता----बाप, पिता, देउता----बाप, बापा----तंड्रि----तन्दै, मगप्पन्---अच्छन्----तंदॆ----
2227बायांविशेषण----'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट)।----खब्बा----बायाँ----खॊहवुर----खाबो॒, डा॒ओ----डावा----डाबुं----बां, बाम----बाँओ----बांआ----ऍडम----इड्दु----इटतु----ऎड----
2228बारूदस्त्रीलिंग----गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है।----बरूद----बारूद----शोरु॑----बारूदु----दारू----बारूत----बारूद----बारुद, खार----बारुद----तुपाकिमंदु----वेडि, मरून्दु----वॆटि मरुन्नु----तुपाकि मद्दु----
2229बारे मेंअव्यय----(किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में।----बारे----बारे में----मुतलख, वेरि----बारे में----विषयी, बाबतीत----विषे, बाबतमां----प्रसंगे, विषये----प्रसंगते, सन्दर्भत----प्रसंग रे----गुरिंचि----संबन्दभाग, कुरि॒त्तु----पट॒टि॒----संबंधवागि, बग्गॆ----
2230बालपुंलिंगपुंलिंग---वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा ;जीव-जन्तुओं के शरीर में त्वचा से ऊपर निकले हुए वे सूक्ष्मतंतु जो रोयों से मोटे होते हैं और बढ़ते रहते हैं, सिर के बाल, केश।---बालवाल---बच्चाबाल---शुरवाल---बा॒रुवारु---बालक ,बाळकेस---बाल, बाळकबाल, केश---बालक, शिशुरोम, लोम---बाल, बालकनोम, चुलि---बाळ (बाळक), शिशुबाल, लोम---बालुडुवेंट्रुकलु---बालन्, कुऴ्न्दैमयिर्---बालन्तलमुटि---हुडुगकूदलु---
2231बालीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण ;अनाज की हरी नन्हीं बाल, सिट्टा।---वालीसिट्टा---बालीख़ोशा---कनु॑वा॑जह्यॊल---वालीसंगु---रिंगकणीस, ओंबी---वाळीडूंडुं---माकड़ी, रिंगशीष---काण फुल, काण बालिशस्यर शुं---नीळिकेंड़ा---रिंगुलुकंके---कादिल् अणियुम् वळैयम्दानियक्कदिर्---कुणुक्कुकतिरु---आलॆतॆनॆ---
2232बालूपुंलिंग, स्त्रीलिंग----पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत।----रेत, बालू----रेत----स्यख----वारी, रेती----वाळू, रेती----बालुका, रेती----बालि बालुका----बालि----बालि, बालुका----इसुक----मणल्----मणल्----मरळु----
2233बावलाविशेषण, पुंलिंग----विक्षिप्त, पागल, दीवाना।----झल्ला, बाउला----बावला----बोवलु॑, पागल----चर्यो, बांविलो----बावळट, वेडा, वेडपट----बावरुं, बेबाकळुं----विक्षिप्त, पागल----पगला, बलिया----पागळ----पिच्चि वाडु----पैत्तियम्----भ्रान्तन्----हुच्च----
2234बासीविशेषण----जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय।----बहिआ----बासी----तुरुन----बासी, पारूथो----शिळा----वासी----बासी----बाही----बासी----चद्दि----पऴयदु (सोरु)----पऴय, पऴकिय----तंगळु----
2235बाहरक्रिया विशेषण----किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय।----बाहर----बाहर----न्यबर----बा॒हिरि----बाहेर----बहार----बाहिरेर----बाहिर, बाहिरत----बाहार----बयट, वेलुपल----वॆळिये----पुर॒त्तु, पुर॒मॆ----हॊरगॆ----
2236बिंदीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं ;शून्य का सूचक चिह्न (सिफर)।---बिंदीबिंदी---बिंदीसिफ़र---ट्यॊकसिफर---तिलकु, बिंदीबुड़ी---टिकली, कुंकूबिन्दु, टिंब, अनुस्वार---चांदलो, टपकुंबिंदु, मींडु---टिपशून्य---सेन्दुरर फोटबिन्दु---टोपाटोपा---बोट्टुबिंदुवु---नेट॒ट॒टि॒यिल् इडुम् पॊट्टुपूज्यम्, शून्यम्---पॊट्टुपूज्यं---कुंकुम, बॊट्टुसॊन्नॆ---
2237बिंबपुंलिंगपुंलिंग---किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं।प्रतिमूर्त्ति।---बिंबबिंब---अ़क्स----छ़ाय, अंकु॑सछ़ाय, अकु॑स---अक्सु, पाछोसागी॒ सूरत---प्रतिबिंब, पडछायाप्रतिमूर्त्ति---बिंब, छायाप्रतिबिंब---बिम्ब, प्रतिबिम्बप्रतिमूर्त्ति---बिम्ब, प्रतिबिम्बप्रतिमूर्त्ति---बिंबप्रतिमूर्त्ति---प्रतिबिंबमुप्रतिबिंबमु---पिरदिपलित्तल् निळ्लुरुवम्पिरतिंबिंबम्---बिंब, निऴल्प्रतिम---नॆरळुप्रतिबिंब---
2238बिखरनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना ;अलग-अलग या दूर-दूर होना।---खिंडना, खिंडरनाखिंडना, खिंडरना---बिखरना----वाहरावुनछकरुन---पखिड़िजणुधार धार थी बञणु---विखुरणें, पसरणेंबिखुरणें, पसरणें---प्रसरवुंबिखरवुं, फेलावुं---छड़िये पड़ा----सिचरति ह, छिटिकसिचरति ह---विचि हेबाबुणि हेवा---चिंदर वंदर अगुटविडिवडुट---सिदर॒तनित्तनियागप् पिरिन्दुविड---चितरु॒क परक्कुकवेरॆ॒ वेरॆ॒ यावुक---चदुरुवुदुबेरॆ बेरॆयागुवुदु---
2239बिखेरनासकारात्मक क्रिया----वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना।----खिलारना----बिखेरना----वाहरावुन छकरावुन----पखेड़णु----विखुरणें, पसरणें----विखेरवुं, वरेवुं----छड़ानो----छटिया, सिंच----विंच्चोइबा----बेदजल्लुट----सिदर॒ड़िक्क----चितरु॒क, वितरु॒क----चदुरिसुवुदु ऎरचुवुदु----
2240बिगाड़नासकारात्मक क्रिया----ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना।----विगाड़ना----बिगाड़ना----बिगारुन----बिगाड़णु----बिघडविणें----बगाडवुं----खाराप करा, नष्ट करा----नष्टकर, विकृत कर, हानि कर----बिगाड़िबा----चेडगोट्टुट----कॆडुक्क----कुऴप्पमाक्कुक, तॆट्टिक्कुक----कॆडिसुवुदु----
2241बिछानासकारात्मक क्रिया----दूर तक फैलाना या बिखेरना।----विछाउणा----बिछाना----वॅथरावुन----विछाइणु----अंथरणे----बिछाववुं, पाथरवुं----पाता, बिछानो----सिंच, छटिचा----बिछेइबा----परचुट----परप्प, विरिक्क----विरिक्कुक, परत्तुक----हासुवुदु, हरडुवुदु----
2242बिछुड़नासकारात्मक क्रिया----अलग होना।----विच्छड़ना----बिछड़ना----अलग सपदुन, छ़यनु॑ गछुन----विछुड़िजणु----वेगळे होणें----वियोग थवो, जुदुं पडवुं----पृथक् हओया----आलग ह, बेलेग ह एर----अलगा हेबा----विडिपोवुट----पिरिन्दु पोग----पिरियुक----बेरॆयागुवुदु, अगलुवुदु----
2243बिछौनापुंलिंग----बिछावन, बिस्तर।----विछौणा----बिस्तर----वथरुन----हंधु बिस्तिरो----बिछाना, अंथरुण----बिछानुं, पाथरणुं----बिछाना----बिछना, शय्या----बिछणा----पक्क, पडक----पडुक्कै----विरिप्पु, किटक्क----हासिगॆ----
2244बिजलीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) ;घर्षण, ताप और रासायनिक क्रियाओं से उत्पन्न होने वाली एक शक्ति जिससे ताप और प्रकाश उत्पन्न होता है (इलेक्ट्रिसिटि)।---बिजलीबिजली---बिजली----वुज़मलु॑बिजु॑ली---विजुबिजिली---वीज, विद्युतवीज---वीजळीवीज---विद्युत (द्द)बिजली---बिजुलीविद्युत, तड़ित शक्ति---बिज़ुळि, विद्युतबिद्युत, शक्ति---मेरुपुविद्युत्तु---मिन्नल्मिन्सारम्---मिन्नल्वैद्युति, विद्युच्छाक्ति---मिंचुविद्युत्---
2245बिजलीघरपुंलिंग----वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस)।----बिजलीघर----बिजलीघर----बिजलीगर----बिजिलीघरु, पावर हाऊसु----विद्युतगृह----वीजळी घर----बिजली घर----विद्युत शक्ति केन्द्र पावार हाउछ----बिजुळि घर----विद्युन्निलयमु----मिन्सार उर॒पत्ति निलैयम्----वैद्युत्ति-केन्द्रं, पवर॒ हौस्----विद्युत कारखानॆ----
2246बिनाअव्ययअव्यय---बगैर ;अतिरिक्त, सिवा।---बिना----बिना----वरा॑यवरा॑य---बिनाखां सवाइ---वांचून, शिवाय, विनाखेरीज---विना, वगरसिवाय---बिना, छाड़ाअतिरिक्त---बिना, अबिहनेबाहिर, उपरिओ---बिना----लेकुंडालेकुंडा---इन्रि॒तविर, इल्लामल्---कूटातॆपुर॒मॆ---इल्लदॆअल्लदॆ, बिट्टु हॊरतागि---
2247बिनौलापुंलिंग----कपास का बीज।----बड़ेवा----बिनौला----टॊट----ककिड़ो----सरकी----कपासियो----कापासेर बीज----कपाहर गुटि----कपा मंजि----पत्तिवित्तनालु----परुत्तिक् कॊट्टै----परुत्तिक्कुरु----हत्तिय बीज----
2248बिरादरीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) ;भाईचारा, बंधुत्व।---बिरादरीबिरादरी---बिरादरी----बरादरीबा॑यचारु॑ बंदुत---बिरादरी----भाउबंद, आप्तेष्ट जातबंधुत्व---नयात, जातिभाई चारो---ज्ञाति, गोष्ठीज्ञातित्व---समाजआत्मीयता, श्रातृत्व, बंधुत्व---बंधु-बांधवबंधुत्व---बंधुवर्गमुबंधुवर्गमु---उर॒विनर्, बंदुक्कळ्उर॒विनम्---करक्कार् समूहंबंधुत्वं, साहोदर्यं---बळगबंधुत्व, भ्रातृत्व---
2249बिलपुंलिंगपुंलिंग---जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान ;किसी को हिसाब चुकता करने के लिए किया जाने वाल वह पुरजा जिसमें प्राप्य मूल्य का पूरा ब्यौरा लिखा रहता है।---बिलबिल---बिल----ओल, वा॑ज्यबिल---बि॒रुबिलु---बीळबिल---बिल, दर कोतर, गुफाबिल---गर्त, बिवरबिल---जीव-जन्तु, यका गाँतबिल, आदेयक---बिळ, गात-बिबरबिल् रसिद---कन्नुमबिल्लु---पॊन्दुविलैप्पट्टियल्---पॊत्तुबिल्, पट्टियल्---बिल, होरुबिल्---
2250बिलकुलक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब ;निरा, निपट।---बिलकुल----बिल्कुल----बिलकुलबिलकुल---बिलकुलु----संपूर्ण, एकंदरअगदी, बिलकुल---बिलकुलसाब, संपूर्ण---समस्त, बिलकुलएकेबारे, नितान्त---सम्पूर्णएकेबारे---बिलकुल, पूरा----पूर्तिगाबोत्तुगा---मुट॒टि॒लुम्रॊम्बुवुम्---तीरॆ, मुळुवनुंवॆरुं॒---ऎल्ला, ऒट्टु, अष्टूनूशुद्ध---
2251बिलखनाअकारात्मक क्रिया----रोना, कलपना, विलाप करना।----कलपणा----बिलकना----वदुन, रिवुन----सुडि॒कणु, विर्लाप करणु----रडणें, विलाप करणें----विलखवुं, झूखुं----काँदा, विलाप करा----कान्द, बिना----कांदिबा----विलपिंचुट----पुलंब----करयुक, विलपिक्कुक----बिक्कि बिक्कि, अळुवुदु, विलपिसुवुदु----
2252बिलोनासकारात्मक क्रिया----किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना।----रिड़कणा----बिलोना----छोंफ, द्युन----विलोड़णु----घुसळणें----वलोववुं, चर्चवुं चूंथवुं----मन्थन करा, घोंटा----घाँट, घोंट, जोकार----मंथिबा----चिलुकुट----कडैय----कटयुक----कडॆयुवुदु----
2253बिस्तरपुंलिंग----बिछावन या बिछौना।----बिसतरा----बिस्तर----बिस्तर, बथरुन----हंधु, बिस्तिरो----बिछाना, अंथरुण----बिस्तरो, पथारी----बिछाना----बिछना, शय्या----बिछणा----पक्क, परुपु----पडुक्कै, विरिप्पु----किटक्क----हासिगॆ----
2254बीचपुंलिंगअव्यय---किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य।दरमियान, अंदर, में।---विचविच---बीच (वस्त)----मंज़मंज़---विचुविच में---मध्यमध्ये, आंत---वच्चे, वचवचमां, दरमियान---मध्य, माझमध्ये, भेतरे---माज, मध्य, केन्द्रमाजत, भितरात---मध्य----मध्य नडुममध्य, लोपल---मैयम्, नडुं, इडैइडैये---मध्यंनटुविल्, इटक्कु---मध्यॆ, नडुनडुवॆ, ऒळगॆ---
2255बीजपुंलिंग----अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड)।----बी, बीज----बीज----ब्योल----बि॒जु----बीज, बीं----बीज, बी----बीज----बीज, सँच----मंजि----वित्तनमु----विदै----वित्तु----बीज----
2256बीजकपुंलिंगपुंलिंग---सूची, फेहरिस्त;वह सूची जिसमें किसी को भेजे जाने वाले माल का ब्यौरा, दर, मूल्य आदि लिखा रहता है (इन्वॉयस)।---बीजक----फ़ेहरिस्तबीजक---फिरिस्तु॑बीचक---बी॒जकु----यादी, सूचीचलान---यादी, सूचीबीजक---तालिका, सूचीचालान---तालिका, लिष्टीइनभयछ, चालानी बस्तुर बिबरणी---सूचीतालिका---जाबिताइन्वायसु---जापितापट्टियल्---सूचि, पट्टिकइन्वाय्स् बिल---पट्टिसरकुपट्टि---
2257बीजगणितपुंलिंग----गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा)।----बीजग़णित----अलजब्रा----अलजबरा----आलजब्रा----बीजगणित----बीजगणित----बीजगणित----बीजगणित----बीजगणित----बीजगणितमु----बीजगणिदम्----बीजगणितं----बीजगणित----
2258बीननासकारात्मक क्रिया----छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना।----चुणना, चुगणा----चुगना, चुनना----च़ारुन----चूंडणु, मेंड़णु----वेचणें, निवडणें----वाणवुं, चूंटवुं----बाछा----बोटल, तोल, गोटा, बाछ----खुंटिबा----एरुट----पोरु॒क्कि, ऎडुक्क, अगट॒ट॒----पॆरु॒क्कुक, तिरियुक----आरिसुवुदु----
2259बीमापुंलिंग----किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स)।----बीमा----बीमा----बीमु॑----वीमो----विमा----वीमो----बिमा----बीमा----बीमा----भीमा----इन्षूरन्स्, आयुळ्काप्पु----इन्ष्यूरन्स्, रक्षाभोगं, भीम----विमॆ----
2260बीमारविशेषण----वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी।----बिमार----बीमार----ब्यमार----बीमारु----आजारी, रोगी----बीमार, मांदुं----असुस्थ, रोगी----बेमार, रोगी----बेमार----रोगि----नोयुट॒ट॒, नोयाळि----असुखमुळ्ळवन, रोगि----रोगि, अस्वस्थ----
2261बुझानासकारात्मक क्रिया----ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए।----बुझाउणा----बुझाना----छ़्यतु॑ करुन----विसाइणु----विझविणें, शमविणें----बुझाववुं, ओलववुं----निभानो----नुमुवा----लिभाइबा----आर्पुट----ऎरिवदै अणैक्क----कॆटुत्तुक----आरिसुवुदु----
2262बुढ़ापापुंलिंग----बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था।----बुढ़ेपा----बुढ़ापा----बुजर----बुढापो----वृद्धावस्था, म्हातारपण----वृद्धावस्था, बुढापो----वार्द्धक्य----बुढ़ालि, बृद्धत्व----वार्द्धक्य, वृद्धावस्था----मुसलितनमु, वार्द्धक्यमु----मूप्पु----वार्द्धक्यं, वयस्सुकालं----मुप्पु----
2263बुद्धिस्त्रीलिंग----विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ।----बुद्ध, बुद्धी----अक़्ल----बॅद, अकु॑ल----बुद्धी/बुधी----बुद्धि----बुद्धि, समज----बुद्धि ज्ञान (ग्याँ)----बुद्धि----बुद्धि----बुद्धि----बुद्दि----बुद्धि----बुद्धि----
2264बुनकरपुंलिंग----कपड़ा बुनने वाला कारीगर।----बुणकर----बुनकर----वोवुर----कोरी----विणकर, कोष्टी----वणकर----ताँती----ताँती----बुणाकर----चेनेतवाडु----नॆशवाळि, शेणियन्----नॆयत्तुकारन्----नेकार----
2265बुननासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---करघे के द्वारा वस्त्र बनाना ;ऊन, तार आदि से स्वेटर, चटाई आदि बनाना।---बुणनाबुणना---बुनना----वोनुनवोनुन---उणणु----विणणेंविणणें---वणवुंगूंथवुं---बोनाबोना---कापोर बगोंठ, सि---वुणिबा----नेयुटअल्लुट---नॆययकंबळि नूलाल् पिन्न---नॆय्युकस्वेटरुं मट॒टं॒ पिन्नकु---नेयुवुदुहॆणॆयुवुदु---
2266बुराविशेषण----ख़राब, दोषयुक्त।----बुरा----बुरा----नाकारु॑----शराबु, बुरो----वाइट, सदोष----बुरुं, खराब----खाराप, मन्द----बेया, असत्, अनुचित----खराप----चेड्ड----कॆट्ट, माशुळ्ळ----चीत----कॆट्ट----
2267बुरादापुंलिंग----आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा।----बुरादा----बुरादा----कॊश----बूरो, चूरो----भुसा----भुसा----काठेर गुँड़ा----काठर गुरि----करत गुंड़----रंप्पु पोडि----मरत्तूळ्----मरप्पॊटि, अरक्कप्पॊटि----मरद हुडि----
2268बुलानासकारात्मक क्रिया----किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना।----बुलाउणा----बुलाना----आलव करुन, नाद लायुन/द्युन----सड॒णु----बोलाविणें----साद, बोलाववुं----डाका----माता; आह्वान कर, रिङिया----ड़ाकिबा----पिलुचुट----कूप्पिड----विळिक्कुक----करॆयुवुदु----
2269बूटिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है ;छोटे पौधों या फूलों के आकार का कोई अंकन या चित्रण।---बूटीबूटी---बूटीबूटी---जड़ी-बूटीबूटु॑---बूटी----जडीबुट्टीवेलबुट्टी---बुट्टीबुट्टो---जड़ि बुटिबुटि---बनौषधि, दरबर गछ-लताकापोरत तोला फुल, बुटा---जडी-बुटी----मूलिकबुट्टपनि---मूलिगैपूवेलै---मरुन्नु पच्चिल मरुन्नुपूवेल---वनस्पति, गिडमूलिकॆकसूति चित्र---
2270बूढ़ाविशेषण, पुंलिंग----बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध।----बुड्ढा----बूढ़ा----बुडु॑----बुढो----म्हातारा----बूढुं, वृद्ध----बुड़ा/बुड़ो----बढ़ा, बृद्ध----बुढ़ा----मुसलि----वयदु, मुदिर्न्द, किऴ----वयस्सन्, वृद्धन्----मुदुक----
2271बेईमानविशेषणविशेषण---जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी;अविश्वसनीय।---बेईमानबेईमान---बेईमान----बॆयिमानबॆयिमान---बेईमानु----बेईमानअविश्वसनीय---बेईमान, कृतघ्न----बेईमान, अधर्मीअविश्वस्त---अबिश्वासी, अधर्मीअबिश्वासी---बेईमान----नम्मरानिवाडु मोसकारिनम्मरानिकडु---आयोग्गियन्नंबत्तगाद---नारित्तकन्अविश्वस्तन्---अधर्मिअप्रामाणिक---
2272बेगारस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए ;अनिच्छित रूप से चलता किया जाने वाला काम।---वगारवगार---बेगार----बेगार्यबेगार्य---बेगारि----वेठबिगारबेगार---बेगार----बेगार----बेगार, बेगारिलाक पाक कै करा काम---बेगार----ऍट्टि चाकिरिऍट्टि चाकिरि---ऊदियम् इल्लमल् सॆय्विक्कुं वेलैकट्टायमाग वेलै वांगुदल्---शंपळमिल्लातॆ निर्बधिच्चु चैय्यिक्कुन्न तॊळिल्पाऴवेल इष्टमिल्लात्त वेल---बिट्टि कॆलसइष्टविल्लदॆ माडिद कॆलस---
2273बेचनासकारात्मक क्रिया----अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना।----वेचणा----बेचना----कु॑नुन----विकिणणु----विकणें----बेचवुं, बेकवुं----बेचा, विक्रय करा----बेच, बिक्री कर----बिकिबा----अम्मुट----विर्क, विर्पनै सॆय्य----विल्क्कुक----मारुवुदु----
2274बेचाराविशेषण----नि:सहाय, दीन, गरीब।----विचारा----बेचारा----बिचा॑र----वेचारो----बिचारा----बिचारुं----बेचारा, असहाय----छिला, दरिद्र, दीनहीन----बिचरा----दिक्कुलेनि, दीनुडु----ऎळिय, आदरवट॒ट॒ एळै----निस्सहायन्, दरिद्रन्----बडव, बडपाई----
2275बेलपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है ;लता ;कपड़े आदि पर टंका जाने वाला फीता।--बेलवेलवेल--बेल----ब्यलराठेंकिनोर्य--बेल (हिकु मशहूर बणु)वलिलेस, भर्थु--बेलवेल, लताकाठ, किनार--बिल्व, बीलीवेल, लताकिनार, कोर--बेल, श्रीफललताबेल--बेललतापटि, पाटि--बेल----बिल्ववृक्ष्मु, मारेडुतीगअंचु--विल्व मर्मकॊड़ि (पडरुम्)तुणियिल् तैक्कपडुम् नेस, नाड़ा--विल्वं, कूवळंवळ्ळिपुवुळ्ळ नाट--बॆलद मरबळ्ळिकसूति कॆलसद पट्टि--
2276बेलबूटापुंलिंग----किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र।----बेलबूटा----बेलबूटा----पोशिथ॑र----बेलि-बूटा----वेल बुट्टी----वेल बुट्टी----बुटि----कापोरत बा आन किहबात तोला फुल-जालि----बेलबूटा----अल्लिक----वैलैप्पाडु----पूवेल, हल चित्रप्पाणि----बुट्टा कॆलस----
2277बैठकस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---बैठने का स्थान ;सभासदों का एकत्र होना।---बैठकबैठक---बैठक----बैठकमिटिंग, समुन---बैठकबेठक, मिटिंग---बैठकसभा, बैठक---बेठकसभा, बेठक---बैठकखाना----बैठकखानाबैठक, सभा---बेठेक----कूर्चुंडुस्थलमुसमावेशमु---उट्कारुमिडम्कूट्टम्---इरिप्पुमुरि॒योगं, सभ---हाल्सभॆ---
2278बैठनाअकारात्मक क्रिया---असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना।----बैठणा----बैठना----बिहुन----बिहणु----बसणें----बेसवुं----बसा----बह, आसन ल----बसिबा----कूर्चुंडुट----उट्कार, अमर----इरिक्कुक, उपविष्टनावुक----कुळितुकॊळ्ळुवुदु----
2279बैरपुंलिंग----शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी।----वैर----दुश्मनी----वा॑र----वेरु----वैर, शत्रुता----वेर, द्वेष----शत्रुता, वैर----शत्रुता, बैरिता----बैर, शत्रुता----वैरमु----विरोदम्----शत्रुत, वैरं----वैर, हगॆ----
2280बैरापुंलिंग----होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक।----बैरा----बैरा----बहरु॑----बैरो----बेयरा----बेरा, बेरर----बेयारा----बेहेरा----बेहेरा----बटरु----परिचारग्न, सर्वर्----विळंपुकारन्, बॆयर॒----होटॆलु परिचारक----
2281बैलपुंलिंग----गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है।----बलद, ढग्गा----बेल----दांद॑----ढगो॒, डां॒दु----बैल----बळद----बलद----बलध----बळद----ऍद्दु----एरुदु----काळ----ऎत्तु----
2282बैलगाड़ीस्त्रीलिंग----बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी।----गड्ड----बैलगाड़ी----दांदु गा॑ड्य----ढ़गे॒ गाडी॒, डां॒द गाडी॒----बैलगाडी----बळदगाडी, बेलगाडी----गरुर गाडी----गरुर गाड़ी----बळदगाड़ी----ऍददुबंडि----माट्टु वण्डि----काळवण्डि----ऎत्तिनगाडि----
2283बोझपुंलिंग----वजन, भार।----भार----बोझ (वज़्न)----वजुन, बार----बारु----ओझे, भार----बोज, भार----बोझा, भार, ओजन----बोजा, भार----बोझ----बरुवु----सुमै, बारम्----चुमटु, भारं----भार----
2284बोतलस्त्रीलिंग----शीशी।----बोतल----बोतल----बोतल----बोतल----बाटली----बाटली, शीशी----बोतल----बटल----बोतल----सीसा----सीसा, पुट्टि----कुप्पि----सीसॆ----
2285बोनासकारात्मक क्रिया----पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना।----बोणा, बीजणा----बोना----बॅवुन----पोखणु, छटणु (बि॒जु)----पेरणें----वाववुं, रोपवुं----बोना, वपन करा----सिंचन, रोपण----बुणिवा----वित्तुट----विदैत्तल्----वितय्क्कुक----वित्तुवुदु----
2286बोलचालस्त्रीलिंग----वार्तालाप।----बोलचाल----तर्ज़े-गुफ़्तगू----बोलचाल, कथबाथ----गा॒ल्हि-बोल्हि गुफ़्तगू----संभाषण, वार्तालाप----वार्तालाप, संभाषण----कथावार्ता, आलाप----कथार्बात्ता, आलाप----बोलचाल----संभाषण----संबाषणै, उरैयाडल्----संभाषणं----मातुकतॆ----
2287बोलनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना ;शब्दों द्वारा कहकर विचार प्रकट करना।---बोलणाबोलणा---बोलना----वनुन----गा॒ल्हाइणु, बो॒ल्णु----बोलणेंसांगणें---बोलवुंकहेवुं---कओया/बला----बोल, क, मातकथा क---बोलिबा, कहिबा----माट्लाडुतव्यक्त परचुट---पेशसॊल्ल---संसारिक्कुकपर॒युक---उच्चरिसुवुदुमाताडुवुदु, हेलुवुदु---
2288बौखलानाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---मानसिक संन्तुलन खो बैठना;आबेश या क्रोध में आकर अंड-बंड बकना।---बोखलाउणाबोखलाउणा---बौखलाना----हय बुंगु॑ गछ़ुन----जोश में अचणु----चिडणेंसंतापणें---चिडाई जवुंसंतापवुं---काण्ड-ज्ञान शून्य हओयातर्जन गर्जन करा---हिताहित ज्ञान होरुवातर्जन गर्जन कर---व्यस्त हेबागर्जन-तर्जन करिवा---पिच्चेत्तुटवागुट---वेरि कॊळ्ळवेरियिल् पिदट्ट---विरळुकदेष्यत्तिल् पुलम्पुक---हिच्चुच्चागुवुदुआवेश पडुवुदु---
2289बौछार (बौछाड़)स्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों ;बहुत अधिक संख्या में लगातार किसी वस्तु का बरसना।---वाछड़वाछड़---बौछार----रूदु॑ लवु----वस्कारो----तुषार, भुरभुरवर्णाव---पाणीटोणो, कटाक्ष---एक पाशला वर्षन----आछारकणिबर्षण---असरा, झड़ीअसरा----जडिवान---शारल् तूर॒लपॊऴिय---चाट॒ट॒ल्पॆय्यल्---तूरलुसुरियुवुदु---
2290बौद्धिकविशेषण----बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य।----बौधिक----अ़क़्ली----अकलि, हुन्द, बॊज़ हुन्द----बौ॒धिक, बुधीअ सां वास्तेदारु----बौद्धिक----बौद्धिक----बौद्धिक----बौद्धिक----बौद्धिक----बौद्धिकमु----बुद्दि संबन्दमान----बौद्धिकमाय----बौद्धिक----
2291ब्याजपुंलिंग----वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट)।----बिआज----सूद----सूद----ब्याजु----ब्याज----व्याज----सूद----सुत----सुध, कळंतर----वड्डी----वड्डि----पलिश----बड्डि----
2292ब्यौरापुंलिंग----किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त।----वेरवा----तफ्सील (तफ़्सीलात)----तफसील----विचूर----तपशील, विवरण----ब्यान, हेवाल----विवरण॒, लिपि, वृतान्त (न)----बितं बातरि, विशद बिबरण----पूरा बृतान्त----विवरण----विवरम् विरुन्तान्तम्----विवरणं----विवरणॆ----
2293भंडार (भांडार)पुंलिंगपुंलिंग---कोष, खजाना ;अन्नादि रखने का स्थान।---भंडारभंडार---मख़्ज़नज़ख़ीरा---बंडारु॑अंबार---भंडारु----खजिनाकोठार, भांडार---भंडार, खजानो----कोष, धनागारभाण्डा॒र, भांड़ार (न)---राज कोष, भाण्डारभँराल---भंड़ार----भंडारमुआगारमु---पंडग शालैउक्किराणम्---खजनावुकलवर॒---खजानेउग्राण---
2294भंवरपुंलिंग----जलावर्त।----घुम्मण घेर----गिर्दाबा----आवलुन----कुनु----भोवरा----भ्रमर, वमळ----जलावर्त, घूर्णि॒ (न)----चाकनैया----भंउरी, जळाबर्त्त----सुडिगुंडमु----सुऴळ्----चुळि----सुळि----
2295भक्तिस्त्रीलिंग----किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा।----भगती----अ़क़ीदत----बख्ती----भक्ती/भग्ती॒----भक्ति----भक्ति, प्रेम, आदर----भक्ति, श्रद्धा----भक्ति/भकति----भक्ति----भक्ति----भक्ति, ईडुपाडु----भक्ति----भक्ति----
2296भगवानपुंलिंगपुंलिंग---परमेश्वर ;पूज्य, आदरणीय और महिमा शाली।---भगवान----अल्लाह (ख़ुदा)म़ाबूद (अ़ज़्मत मआब)---बगवान----भग॒वानु----परमेश्वर, देव, भगवानपूज्य, आदरणीय---भगवान, प्रभु, ईश्वरश्रीमंत---भगवानपूज्य, आदरणीय---भगवान्पूज्य, श्रद्धास्पद---भगबानपूज्य---भगवन्तुडुभगवन्तुडु---भगवान्, कडवुळ्वणक्कत्तिर् कुरिय---भगावान्महात्मावु---देवरुपूज्य---
2297भड़कानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---आग को तेज करना ;उत्तेजित या क्रुद्ध करना।---मचाउणाभड़काउणा---भड़काना----हुं॑स द्युन, तुलुन----भड़काइणु----भड़कविणें, फूसदेणेंउत्तेजित करणें---भड़काववुंचमकाववुं---उसकानोंउत्तेजित करा---ज्वलाउत्तेजित कर, खं तोल---निंआ कु तेजकरिवक्रुध करिबा---रगुल्चुटरेकेत्तिंचुट---नेरुप्पै नन्गु ऎरिय विडतूण्डि विड---आळिक्कुक, आळिक्कत्ति-ककुकदेष्यप्पॆटुत्तुक---उरिसुवुदु, कॆदुकुवुदुउत्तेजिसुवुदु---
2298भड़कीलाविशेषण----जिसमें खूब चमक-दमक हो।----भड़कीला----ज़र्क़-बर्क़----चमकु॑वुन----भड़केदारु----भडक----भडकदार----भड़कालो, चटकदार----जकमक, रंचक्रीया----चमक जुक्त----तुळुक बेळुकु----पगट्टान----निरप्पकिट्टार्न्न----हॊळॆयुव----
2299भद्रविशेषण----शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित।----साऊ----शाइस्ता----रुत मॊहन्युव----सखरु, भलो----सभ्य, सज्जन----भद्र, सभ्य----भद्र, शिष्ट, सभ्य----भद्र, शिष्ट----भद्र----मर्यादस्तुडु----गण्णियमान----संस्कारमुळ्ळ, अभ्यस्त विद्यनाय----सभ्य----
2300भरती (भर्ती)स्त्रीलिंग----प्रवेश, दाखिला।----भरती----भरती (दाख़िला)----ब॑रती----भर्ती----प्रवेश, दाखल----भरती----भरति, प्रवेश----प्रबेश----भरति----प्रवेशमु----शंर्त्तुकॊळ्ळल्----प्रवेशनं----प्रवेश, दाखलु----
2301भरनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना ;(रिक्तता अथवा हानि की) पूर्त्ति करना।---भरनाभरना---भरना----बरुन----भरुणु----भरणेंभरपाई करणें---भरवुं, नाखवुंभरपाई करवुं---भरा, ढाला, राखापूर्त्ति करा---भरा, बाक, ठालपूरा, पूर कर---भरिबापूरा कर---निंपुटपूरिंचुट---निरप्पुदल्ईडु सॆय्य---निर॒य्क्कुकनिकत्तुक---तुम्बुवुदुपूर्त्तिमाडुवुदु---
2302भलाविशेषणपुंलिंग---अच्छा, नेक, साधु।हित, लाभ।---भला----भला----जान----भलो, चङो, सुठोभलो, भलाई---चांगला, भलाहित, फायदा---भलुं, सारुंहित, लाभ---भालो, सत्, साधुलाभ, हित---भाल, साधुहित, लाभ---भलहित, लाभ---मंचिमेलु---नल्ल, सादुवाननन्मै, लाबम्---नल्ल, नेरुळ्ळनन्म---ऒळ्ळॆयहित---
2303भवनपुंलिंगपुंलिंग---प्रासाद, महल ;घर, मकान, इमारत।---भवनभवन---महलमकान---मह॑ल----भवनु----प्रासाद, महालभवन, इमारत, घर---भवन, महेलमकान, घर---भवन, महलपाका बाड़ि, इमारत---भवन, महलघर---भबन, प्रासादघर---भवनमुभवनमु---माळिगैवीडु, कट्टिडम्---भवनम्, कॊट्टारंवीडु, कॆट्टिटं---अरमनॆभवन---
2304भविष्यपुंलिंग----आनेवाला समय, भविष्यत् काल।----भविक्ख----मुस्तक़्बिल----यिनु॑ वोल वख----भविष्यु, आईंदो, मुस्तकबिलु----भविष्य----भविष्य, नसीब----भविष्य----भविष्य----भविष्य----भविष्यत्तु, भावि----ऎदिर् काळम्----भावि----मुबरुव काल, भविष्यत्काल----
2305भव्यविशेषण----सुंदर और प्रभावशाली, शानदार।----शानदार----शानदार----शानदार----शानदारु----भव्य----भव्य, प्रभावशाली----भव्य (ब्ब)----सुन्दर, प्रभाव शाली----भध्य----भव्यमु----गंबीरमान, ऍक्रिलुडैप----भव्यं, प्रौढियुळ्ळ----भव्य----
2306भांपनासकारात्मक क्रिया----रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना।----भांपणा----भांपना----चेनुन----भांपणु, ताड़णु----ताडणें----ओळखवुं, पारखवुं----ठाओरानो, आँचकरा----अनुमान कर, धारणा कर----भाँपना, अनुमान करिबा रंग ढंग रु जाठिबा----पोल्चुकोनुट----ऊहिक्क----ऊहिच्चरि॒युक----ऊहिसुवुदु----
2307भागनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---दौड़ना ;जान बचाना, पीछा छुड़ाना।---नस्सणा----भागना----च़लुन----भज॒णु----पळणेंपिंड सोडवणें, जीव वाचवणें---भागवुं, दोडवुं----दौडानों, छुटाभागा---दौर, भागपला---दौड़िबा----परुगेत्तुटपरिपोवुट---ओडिप्पॊगतप्पित्तुक्कॊळ्ळ---ओटुकरक्षप्पॆटुक---ओडुवुदुओडि होगुवुदु---
2308भाग्यपुंलिंग----किस्मत, तकदीर, नसीब।----भाग----नसीब, किस्मत (तकदीर)----कु॑स्मत----भागु----भाग्य, नशीब----भाग्य, नसीब----भाग्य, नसिब, कपाल----भाग्य----भाग्य----अदृष्टमु, भाग्यमु----विदि, तलै ऎळुत्तु----भाग्यं----अदृष्ट----
2309भानाअकारात्मक क्रिया----रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना।----भाउणा----भाना----पसंद युन----वणणु, भांइणु----रुचणें, आवडणें----भाववुं, शोभवुं----भालो लागा, रोचा----पछन्दह, भाल लाग----भल लगिबा, रुचिबा----रुचिंचुट, नच्चुट----मनदुककुप्पि-डिक्क----इष्टप्पॆटुक----हिडिसुवुदु----
2310भारतीयविशेषणपुंलिंग---भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित।भारतवासी।---भारतीभारती---हिन्दुस्तानी (हिंन्दी)----हिन्दुस्तॉन्य----भारतीभारतवासी---भारतीयभारतवासी---भारतीयभारतवासी---भारतीयभारतवासी---भारतीयभारत बासी---भारतीयभारत बासी---भारतीयभारत युलु---भारत नाट्टिन्भारत नाट्टिनर्---भारतीयंभारतीयर॒---भारतीयभारतीय---
2311भारीविशेषणविशेषण---अधिक भार वाला, वज़नी ;दु:खी उदास (मन आदि)।---भारीभारी---भारी----बा॑रीख----गौ॒रो, भारी----जड़, भारी----भारी, भारे, कीमतीदु:खी, उदास---भारी, वेशी ओजनेरदु:खी, उदास---गधुरदु:खी, उदास---भारी----बरुवयिनभारमु---बारमान, गममानवरुत्तमंडैन्द---भारिच्चदु:खिवतन्---भारवाददु:खितनाद---
2312भावनास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---चिंतन, ध्यान ;कल्पना, इच्छा।---भावनाभावना---एहसास (जज़्बा)----बावना, द्यान----भावना----चिंतन, ध्यानभावना, कल्पना, इच्छा---भावना, ध्यानकल्पना, धारणा---चिन्तन, ध्यानकल्पना, भावना---चिन्ता, भावनाकल्पना, इच्छा---भाबना----भावनाकोरिक---चिन्तनै, मननिलैकर्पनै, विरुम्पम्---ध्यानम्, चिंतभावन, आग्रहं---चिंतनॆभावनॆ, कल्पनॆ---
2313भाषणपुंलिंग----वक्तृता, व्याख्यान।----भाशण----तक्रीर----बाशन लॆक्चर----भाषणु, लैक्चुर----व्याख्यान, भाषण----भाषण----वक्तृता, भाषण----भाषण----भाषण----उपन्यासमु----सॊर्पाऴिवु----प्रसंगं----भाषण----
2314भाषास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन ;बोली, जबान।---भाशा----ज़बान----ज़बान----भाषा, बो॒ली----भाषाबोली---भाषा, वाणीबोली, जबान---भाषाभाषा---भाषाभाषा, कथा----भाषा---भाषभाष---मॊळि, बाषैकुरुमॊऴि, पेंच्चुमॊळि---भाषसंसारं, मॊऴि---भाषॆऒळभाषॆ---
2315भिक्षुपुंलिंगपुंलिंग---भिखारी ;संन्यासी विशेषत: बौद्ध संन्यासी।---भिक्खूभिक्खू---फ़क़ीरतारिकुद्दुनिया---बिखा॑रयबाबा जी---बिखारीभिक्षू---भिक्षुकबौद्ध भिक्षु---भिक्षुभिक्खु---भिक्षुक, भिखारी----भिखारीबौद्ध भिक्षु---भिक्खु, भिखारीबौड़-सन्यासी---बिच्चगाडुभिक्षुतु---पिचचैक्कारन्सन्नियासि (बौद्ध सन्निसासि)---भिक्षुसन्यासि---भिक्षुकबौद्ध सन्यासि---
2316भिखारीपुंलिंगपुंलिंग---भीख माँगने वाला ;कंगाल, अकिंचन।---मंगता, भिखारी----भिकारी----बेछिवुन----बिखारी, फ़कीरु----भिकारीकंगाल, दरिद्री---भिखारीकंगाल, अकिंचन---भिखारीकाङग्ल---भिखारीकाङाल, दरिदु---भिखारी----बिच्च़गाडु, बिखारिबिखारि---पिच्चैककारन्एऴै---भिक्षक्कारन्, पिच्चक्कारन्दरिद्रन---भिक्षुकभिक्षुक---
2317भिगोनासकारात्मक क्रिया----पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना।----भिउंणा----भिगोना----कु॑चनावुन, अदरावुन----भिजा॒इणु----भिजविणें, ओले करणें----भींजववुं----भेजानो----तिता-भिजा----ओहा हेबा, भिजिबा----नानबेट्टुट----ननैक्क----ननय्क्कुक, कुतिर्क्कुक----नेनसुवुदु----
2318भिन्नविशेषणपुंलिंग---अलग, पृथक।गणित में किसी पुरी इकाई का छोटा अंश या टुकड़ा (फ्रैक्शन)।---वक्खरा, भिन्नभिन्न---जुदाकग्र---जुदा, ब्यॊन----जुदा, अलगि॒जुज़ो---अंश, भिन्नअंश---भिन्न, जुदुं अंशअंश---भिन्न, आलादा, पृथकभग्नाङक्---भिन्न, पृथकभग्नांश, अशं---भ्न्नि, पृथक्भग्नाङक्---भिन्नमु, वेरुभिन्नमु---मट॒टु वेरु॒बिन्नम्---भिन्न, व्यत्यस्तंभिन्न संख्य---बेरेभिन्नराशि---
2319भीड़स्त्रीलिंग----जन समूह।----भीड़----भीड़ (मज्मा)----खलकथ, बीरु॑----भीड़----गर्दी, दाटी----भीड----भिड़----भानुहर भीर बा जुम----भिड़----गुंपु----जनक्कूट्टम्----जनक्कूट्टं, आळ्क्कूट्टं----गुपुं----
2320भीरुपुंलिंग----कायर, डरपोक।----डरपोक----बुज़दिल----खोचु॑बुड----डिजि॒णों, काइंरु----भ्याड, भागूबाई----भीरू, कायर----भीरू, भीतु----भीरू----भीरू----भरूवु, पिरिकि----कोऴै----भीरु, पेटित्तॊण्टन्----हॆडि, पुक्कलु----
2321भीषणविशेषणविशेषण---भयानक, डरावना ;दुष्परिणाम के रूप में हाने वाला, विकट।---डराउणा----ख़ौफ़नाकशदीद---बयानखबयानख---भयानकुडुख्यो---भयानक, भीषणविकट---भीषण, भयंकरविकट---भीषण॒, भयानक (न)विकट---भीषण, भयानकभीषण---भीषण----भीषणमुभयंकरमु---बयंकरमानकॆट्ट मुडिबुळ्ळ---भयंकरंभीषणमाय---भयंकरविकट---
2322भुगतानपुंलिंग----देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी।----भुगतान----अदाइगी----पा॑सु दिन्य----आदायगी चुकाइण जी हालत----कर्जफेड----आदायगी, चुकादों----पाओना, मिटमाट----आदाय, परिशोध----परिशोध करिबा----चेल्लिंपु----कणक्कुतीर्त्तल्----अटय्क्कल, ऒटुक्कल्----कॊडुवुदु, सल्लिसुवुदु, बटवाडॆ, संदाय----
2323भुनानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना ;नोट रुपए आदि को छोटे सिक्कों में बदलवाना।---भुनाउणाभुनाउणा---भुनाना----बुजु॑नावुनबुजु॑न---भुञाइणुमटाइणु, भञाइणु (रेज़े वग़ैरह)---भाजून घेणें----वहेंची लेवुं----भाजानोभाग्ङानों---भजा(टका पाइचा) भङा, कर---सेकेइबा, भाजिबाभंगाइबा---काल्चुटमार्चुट (चिल्लर मार्चुट)---वरुक्क च्चॆय्यशिल्लरैमाट्ट्ट---वरु॒क्कुक पॊरिक्कुकचिल्लर॒ माट्टुक---हुरियिसुवुदुचिल्लरॆ माडिसुवुदु---
2324भुरभुराविशेषण----साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं।----भुरभरा----ख़स्ता (भुरभुरा)----बुरुबुरु----भुर्किणो----भुसभुशीत----भभरूं----भुरभुरा----चनका, मुरमुरीया----हालुका रगड़िबा----पेळुसु----मुरु॒गलान मोरुमोरुपान----पॊटियुन्न----गरगु----
2325भूकंपपुंलिंग----भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल।----भुचाल----ज़ल्ज़्ला----बुन्युल----भूकंपु, ज़िलज़िलो----धरणीकंप, भूकंप----भूकंप----भूकम्प----भुँइकँप----भूकंप----भूकंपमु----बूकंपम्----भूकंपं----भूकंप----
2326भूखस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---भोजन की इच्छा, क्षुधा ;कोई चीज प्राप्त करने की उत्कट इच्छा।---भुक्खभुक्ख---भूक----बॅछिबॅछि---बुख----भूक----भूख क्षुधाइच्छा---क्षु॒धा, भुख (क्ख)----भोकलोभ---भोक----आकलिआत्रमु---पसिअवा, तीविर विरुप्पम्---विशप्पुवलिय आग्रहं आर्त्ति---हसिवुलालसॆ---
2327भूख-हड़तालस्त्रीलिंग----किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक)।----भुक्ख-हड़ताल----भूक हड़ताल----बूख हरताल----बुख-हड़ताल----भूक-हरताळ----भूख-हडताल----अनशन-धर्मघट----अनशन----अनशन----निराहारदीक्ष----उण्णाविरदम्----निराहार सत्याग्रहं----उपवास मुष्कर----
2328भूचालपुंलिंग----दे भूकंप----भुचाल----ज़लज़ला----बुन्युल----भुकंपु----भूकंप----भूकंप----भूकम्प----भुंइकंप----भूमिकंप----भूकंपमु----बूकम्पम्----भूकंपं----भूकंप----
2329भूतविशेषणपुंलिंग---बीता हुआ, अतीत, भूतकाल।प्रेत पिशाच।---भूतभूत---माज़ीभूत---गुज़र्योमुतवखबूत, जिन---गुज़िरी वियलु, ज़मानु माज़ीभूतु, प्रेतु---भूतकाळप्रेत, पिशाच, भूत---भूत, वीतेलुंप्रेत, पिशाच---विगत, अतीतप्रेत, पिशाच---भूत, अतीतभूत, प्रेत---भूत----भूतकालमुभूतमु, दय्यमु---इर॒न्द कालम्बूदम्, पिशासु---कऴिञ्ञ कांल, भूतकालंभूतं---कळॆदु होद, भूत कालपिशाचि---
2330भूतपूर्वविशेषण----पूर्ववती, पहला।----भूतपूरब----साबिक़----ब्रुह्युम----आगि॒यों, पहिर्यों----भूतपूर्व, माजी----भूतपूर्व----भूतपूर्व, पूर्ववर्ती, आगेर----पूर्बबर्त्ती, भूतपूर्व----भूतपूर्ब----माजी----मुन्नाळैय, मुन्----मुन्----हिंदिन, माजि----
2331भूमिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है ;जमीन, धरती।---भोंइभोंइ---ज़मीन----ज़मीन, प्रथवी----भूमि, धर्तीज़मीन---पृथ्वीभूमि, जमीन---भूमि, देशजमीन, धरती---पृथिवीभूमि, जमि---पृथिबीभूमि, माटि---भूमि----पृथ्विभूमि---बूमिनिलम्, तरै---भूमितर॒, निलं---भूमिनॆल---
2332भूमिकास्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--ग्रंथ आदि की प्रस्तावना ;अभिनय ;किसी क्षेत्र विशेष में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य।--भूमका----तम्हीद (दीबाचा)अदाकारीकिरदार (रोल)--गॅडु कथ, दीबाचि----भूमिका, मुहागुअदाकरी, पार्टुकंहिं क्षेत्र में कयलु कार्यु--भूमिका, प्रस्तावनाअभिनयकार्य--भूमिका, प्रस्तावनाअभिनयकार्य--भूमिका----भूमिका, पातनिअभिनयकार्य बा भूमिका--भूमिका----पीठिकवेषमुपात्र--मुन्नरै, मुगवुरैनडिप्पुचॆयक्, पंगु--मुखवुरवेषंपंकु--मुन्नुडिअभिनयकॆलस-कार्यगळल्लि वहिसिद पात्र--
2333भूराविशेषणपुंलिंग---मटमैला, खाकी,खाकी रंग।---भूराभूरा---ख़ाकी (रंग)ख़ाकी रंग---खा॑क्य, काचुर----ख़ाकी----भूरा, करडाखाकी रंग---भूरुं----मेटे, खाकी----खाकी बा मुगा रङर----खाकि, भाटिआ रगं----बूडिदरंगुख़ाकी---पळुपपु निरमानकाक्कि निरम्---तविट्टु निर॒मुळ्ळतविट्टुनिरं---खाकिखाकि, कंदु बण्ण---
2334भूल-चूकस्त्रीलिंग----लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि।----भुल-चुक----ग़लती----बुल चुख----भुल-चुक----चूक-भूल----भूलचूक-भूल----भुल-भ्रान्ति, बढ़ा-टुटा----भुल-भटका----पोरबाहु----पोरबाटु----पिळैगऴम् तवरुगळुम्----तेट॒टॅ॒, कुरखुं----तप्पु-ऒप्पु----
2335भूलनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---याद न रहना, विस्मृत होना ;गलती या त्रुटि करना।---भुल्लणाभुल्लणा---भूलना----मशिथ गछुनगलती---विसारणु, भूलिजी वञणुभुल करणु---विसरणेंचूक करणें---भूलवुंभुल करवी---भुले याओआभूल---पाहरभुलकर---भुलिबाभुलिबा---मरचुटपोरबडुत---मरन्दु विडपिऴै रोय्य---मरक्कुकतॆट॒टि॒क्कुक---मरॆयुवुदुतप्पु माडुवुदु---
2336भेजनासकारात्मक क्रिया----रवाना करना, प्रेषण करना।----भेजणा----भेजना----सोजुन----मोकिलणु----पाठविणें----मोकलवुं----पाठन, प्रेषण करा----पठिया----पठाइबा, प्रेषिबा----पंपुट----अनुप्प----अयक्कुक----कळुहिसुवुदु----
2337भेदपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--अंतर, फरक ;रहस्य, मर्म ;प्रकार, तरह।--फरक, भेदभेतप्रकार--फ़र्क़राज़क़िस्म (नौअ)--फरु॑खराज़---तफावतु, फर्कुभेदु, गुझुकिस्मु--भेद, अंतर, फरकरहस्य, मर्मप्रकार, पद्धत--भेद, जुदापणुंमर्म, रहस्यबर्ग, विभाग--भेद, अन्तररहस्य, मर्मप्रकार, रकम--भेद, अन्तररहस्य, मर्मप्रकार, तरह--भेदरहस्य-मर्मप्रकार, रकम--भेदमुरहस्यमुरकमु--विद्दियासम्रगसियम्विदम्--व्यात्यास भेदंरहस्यंवक, तरं--व्यात्यासगुट्टुतरह--
2338भोलाविशेषणविशेषण---छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी ;बुद्धू।---भोलाभोला---भोला (सादालोह)बेवुकूफ़---स्यॊद, सादु॑----बा॒लो-भोलोबुधू---भोळा, सरळमूर्ख---भोळुं, सीधुंभोळियुं---सरल, सहजबोका---बम भोला, खोला अन्तररमूर्ख---भोळा----अमायकुडुतेलिवितक्कुववाडु---कबटमट॒ट॒, अप्पवियानमुट्टाळ्---कपटमिल्लान्तमठयन्---सरल, निष्कळंकबॆप्प---
2339भौतिकविशेषणविशेषण---पंचभूतों से संबंध रखने वाला ;लौकिक, सांसारिक।---भौतिकभौतिक---माद्दीदुनियावी---संसार्य----भौतिकसंसारी दुन्यवी---भौतिकलौकिक, संसारिक---भौतिक, स्थूललौकिक, सांसांरिक---भौतिकलौकिक, सांसारिक---भौतिकलौकिक, ऐहिक, सांसारिक---भौतिकभौतिक---भौतिकलौकिकमु---बौदिगउलग इयलान्---भौतिकंलौगिकं, ऐहिकं---भौतिकलौकिक---
2340भ्रमपुंलिंग----मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा।----भरम----वह्म (भरम)----ब्रम----भ्रभु, दोखो----संभ्रम----भ्रम, सन्देह----भ्रम, धोंका----भ्रम, भ्रन्ति----भ्रम----भ्रम, भ्रन्ति----भ्रमम्----अमळि----भ्रमॆ----
2341भ्रमणपुंलिंग----घूमना-फिरना, विचरण।----फेरी----सैर----सार॑ करुन----घुमण-फिरणु----भ्रमण, फिरणें, हिंडणें----भ्रमण----भ्रमण, विचरण----भ्रमण, फुरण----भ्रमण----भ्रमणमु----सुट॒टुदल, पयणम्----चुट॒टि॒त्तिरियल् दात्र----तिरुगाट----
2342भम्ररपुंलिंग----भौंरा, मधुप, भंवर।----भौरा----भौरा----बॊबुंर----भौरों/भौरु----भुंगा, भोंवरा, भ्रमर----भ्रमर----भ्रमर, भोमरा----भोमोरा----भ्रमर----भ्रमरमु, तुम्मेद----कुऴवि, करुवुडुं----भ्रमरं, वण्टु----दुंबि----
2343भ्रष्टविशेषणविशेषण---बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय ;(मार्ग से) च्युत, विचलित।---भ्रिशट----बद् उनवानगुमराह---ब्रश्ट----भ्रष्टु, बद्चालिकिर्यलु---पतित, भ्रष्टविचलित---भ्रष्ट, पापीमार्ग च्युत---भ्रष्ट, निन्दनीयमार्गच्युत, विचलित---भ्रष्ट, असत्स्खलित, पतित---भ्रष्ट----भ्रष्टमुभ्रष्टडु---ऊऴल मलिन्दनडत्तै तवरि॒य---आचारहीनन्, अऴिमतिक्कारन्(वळि), तॆट्टिय अघ: पतिच्च---दुराचारिदरि तप्पिद---
2344मंगलविशेषणपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग-कल्याणकारी, शुभ।कल्याण, भलाई, हित ;सौर मंडल का एक ग्रह ;मंगलवार।-मंगलमंगलमंगलमंगल-नेकनेकीमिर्रीख़मंगल-मंगल, रुत-बोमबॅम्वार-शुभ, मंगलकारीकल्याणु, मंगलुमंगलुमगलु-मंगलकारी, शुभहित, कल्याण, मंगलमंगल ग्रहमंगळवार-मंगल, शुभहित, कल्याणमंगलनो ग्रहमंगलवार-मंगल, कल्याणकारीकल्याण, मंगल---मंगल जनक, शुभमंगल, कल्याणमंगलग्रहमंगलबार-मंगळ, शुभ----मंगलकरमुमंगळमुअंगारकुडुमंगळवारमु-मंगलकरमाननन्मैसॆव्वाय गिरहम्किऴमै सॆव्वाय्-मंगळकरंमंगळं, हितंचॊव्व, कुजन्चॊव्वाऴच्च-शुभहितमंगळ ग्रहमंगळवार-
2345मंगल-सूत्रपुंलिंग----सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र।----मंगल-सूतर----मंगल सूत्र----माल, मंगल सूतु॑र----मंगल सूत्रु----मंगलसूत्र----मंगल (ळ) सूत्र----मंगल-सूत्र----मंगल सूत्र----मंगल सूत्र----मंगळसूत्रमु----ताक्ति, मंगळ-नाण्----कॆट्टुतालि, मंगल्यसूत्रं----मांगल्य----
2346मंगलाचरणपुंलिंगपुंलिंग---शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि ;ग्रंथ के आरंभ में मंगल की कामना तथा उसकी निर्विध्न समाप्ति के लिए लिखा जाने वाला पद्य।---मंगलाचरणमंगलाचरण---दुआ़दुआ़इया---मंगलाचरन----मंगलाचरणुं----मंगलाचरणमंगलाचरण---मंगळाचरण----मंगलाचरण॒ (न)----मंगलाचरणमंगलाचरण---मंगळा चरणमंगळा चरण---नांदिश्रीकारमु, कृत्यादि---इरै॒ वणक्कम्नूलिन आरंबतिळ इरै॒वणक्कपपा---ईश्वर प्रार्थनमंगल श्लोकं, नान्दि---देवर स्तुतिमंगळाचरणॆ---
2347मंचपुंलिंगपुंलिंग---सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस)कुछ विशिष्ट प्रकार के कार्य कलापों के लिए उपयुक्त क्षेत्र (फोरम)।---मंचमंच---इस्टेजफोरम---स्टेज----स्टेजफोरमु---रंगमंचफोरम---मंच, व्यासपीठमंच, तख्तो---मञ्च, रंगमंच, स्टेजमंच, वेदी---मंचमंच, फोराम---मंचमंच---वेदिकवेदिक---मेडैमन्र॒म्---अरङ्ङु, वेदिवेदि---वेदिकॆ, पीठफोरम, सभा स्थान---
2348मंजिलस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---गन्तव्य (डेस्टिनेशन)।पड़ाव, मुकाम।---मंजिलमंजिल---मंज़िल----मंज़िल----मंज़िल----लक्ष्य, गन्तव्य मुक्कामपडाव---मंजिल, गन्तव्यपड़ाव, मुकाम---गन्तव्य स्थल (ब्बो)मोकाम---लक्ष्य, गन्तव्य, स्थानजिरणि-घर---गन्तब्य, लख्यपड़ा मुकाम---गम्य स्थानमुशिबिरमु, मजिली---पोय् सेरवेण्डिय इडम्पयपत्तिन् इडैयतंगुइडम्---लक्ष्यंपाळयं---गम्य स्थानबीडु---
2349मंत्रपुंलिंगपुंलिंग---देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह ;कार्य-सिद्धि का ढ़ंग, गुर या नीति।---मंतरमंतर---वज़ीफ़ामंतर---मंतु॑र----मंत्रु----मंत्रमंत्र---मंत्रमंत्रणा---मन्तर----मंन्त्रउपाय, किटिप---मंत्रमंत्र---मंत्रमुमंत्रमु---मन्दिरम्वॆट्टि॒ परुवदर्कान रगसियम---मंत्रंसूंत्र---मंत्रमंत्र, उपाय---
2350मंत्रीपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला ;आमात्य ;सचिव।--मंतरीमंतरीमंतरी--मुशीरवज़ीरनाज़िम (मोतमद)--वज़ीर----मंत्री, वज़ीरु-सेक्रेटरी--मंत्रीअमात्यसचिव--मंत्री, सलाहकारप्रधानप्रधान--मन्त्रीआमात्यसचिव--परामर्श दातामन्त्री, अमात्यसचिव--मन्त्री----मंत्रिमंत्रिमंत्रि--मन्दिरिअचैच्चरसॆयळाळर्--मंत्रिमंत्रिसचिवन्, कार्यदर्शि--सलहॆगारमंत्रिसचिव कार्यदर्शि--
2351मंदाविशेषण----जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार)।----मंदा----मंदा (कसाद बाज़ारी)----सस्तु॑----माठो (धंधो वापारु)----मंद----मंदी, कमीपणुं----मन्दा----एस्तीया, घोर, मन्दा----मांदा----मुंदगुडि, मंदमु----मन्दमान्, शुरु॒शुरु॒प्पट॒ट॒----विलयिटिञ्ञ----अग्गद, कॊडिमॆयाद----
2352मंदिरपुंलिंग----देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान।----मंदर----मंदिर----मंदर----मंदिरु, मंदरु----मंदिर, देवालय----मंदिर, देवालय----मन्दिर----मन्दिर----मंदिर----मंदिरमु, आलयमु----कोविल्, कोइल्----देवालयं, क्षेत्रं, अम्पलं----देवस्थान----
2353मक्कारविशेषण----कपटी, छली।----मक्कार----मक्कार----मकार, दगाबाज़----मक्कारु----कपटी, धूर्त----कपटी----कपटी, वञ्चक, धूर्त----कपटीया----कपटी----कपटि, मोसगाडु----वंजनैयुळ्ळ----तट्टिप्पुकारन्, चतियन्----मोसगार----
2354मखमलस्त्रीलिंग----एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा।----मख़मल----मख़मल----मखमल----मख़मलु----मखमल----मखमल----मखमल----मखमल----मखमल----मखमलु----वॆल्वॆट॒ट॒ तुणि----विल्लीस्----मखमल्लु----
2355मगरपुंलिंगअव्यय---घड़ियाल।लेकनि, परन्तु पर।---मगरमगर---मगर----मगर मछ़लकीन, मगर---मांगर मछु, बाघूपर, लेकिन---मगरपरन्तु, पण---मगरपण, परन्तु---कुमीर, मकरकिन्तु---धरियालकिन्तु---मगर, घड़ियाल, कुंभरिपरन्तु, किन्तु---मोसलिकांनि---मुदलैआनाल्---मुतलपक्षॆ---मॊसलॆआदरॆ---
2356मग्न (मगन)विशेषण----किसी काम या बात में तन्मय, लीन।----मगन----मुस्तग़्रक़ (मगन)----मगन----मग्नु/मगनु----मग्नु, तल्लीन तन्मय----मग्न, तल्लीन, मगन, राजी----मग्न, तन्मय, लीन, विभोर----मग्न, तन्मय----मग्न, लीन, तन्मय, सिभोर----मग्नमु----आऴ्न्द----लीनन्, मग्नन्----तल्लीन----
2357मच्छरदानीस्त्रीलिंग----जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी।----मच्छरदानी----मच्छरदानी----मछर दा॑न्य----मछरदानी----मच्छरदाणी----मच्छरदानी----मशारी----आठुवा----मशारी----दोमतेर----कॊशु वलै----कॊतुकुवल----सॊळ्ळॆपरदॆ----
2358मज़दूरपुंलिंग----शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति।----मजूर, मजदूर----मज़्दूर----मॊज़ूर----मज़्दूरु----मजूर, हमाल----मजदूर----मजुर----मजदूर----मज़दुर, श्रमिक, कुलि, मुलिआ, मजुर----कूलिवाडु----कूलियाळ्----कूलिक्कारन् तॊऴिलाळि----कूलि, आळु----
2359मज़दूरीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---मजदूर का काम ;भाड़े या वेतन के रूप मे मज़दूर को दिया जाने वाला धन।---मजूरी, मज़दूरी----मज़्दूरी----मॊज़ूर्य----मज़दूरी, मजूरी----मजुरी, हमाली----मज़दूरी, मजूरी----मुजरेर, काज, मजुरी----मजदुरिमजुरी, परिश्रममिक---मज़्दुरि----कूलिपनिकूलि---कूलि वैलै, वाडगैपूपणम्---कूलिवेलकूलि---कूलि कॆलसमजूरि---
2360मज़बूतविशेषणविशेषण---दृढ़, पक्का, टिकाऊ ;(व्यक्ति) हृष्ट-पुष्ट, तगड़ा, शक्तिशाली।---मज़बूतमज़बूत---मज़्बूत----मज़बूत----मज़्बूतु----दृढ़, टिकाऊ, मजबूतबलिष्ठ, तगड़ा---मजबूत, दृढ़सबल---मजबुत, शक्तबलिष्ठ, तागड़ा---मजबुतबलिष्ठ---मतभूत, दृढ़, शक्तहृष्ट-पुष्ट, शक्तिशाली, बळिष्ठ---गट्टिबलशालि---उरु॒दियान, दिडमानदिडगात्तिरमान (नबर्) वलुवान---उर॒च्च, दृढ़मायशक्तियुळ्ळ---बाळिकॆ बरुवगट्टि---
2361मज़ाकपुंलिंग----परिहास, हंसी, दिल्लगी।----मख़ौल, मज़ाक----मज़ाक----मज़ाख----मज़ाक----मस्कारी, टर, टिंगल, चेष्टा----मजाक, ठठ्ठो----परिहास, हासिठाट्ठा----हाँहि-धेमालि----परिहास----परिहासमु, परियाचकमुं----परिगासम्----नेरंपोक्कु, विनोदं----हास्य, गेलि----
2362मझधारस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---नदी आदि के बीच की धारा ;किसी काम या बात के मध्य की स्थिति।---मंझदारमंझदार---मंझधार----मंज दरियावसआवलुक---विचसीर----मध्यधारामधली स्थिति---मझधार----माझामाझि----माजर सुति बा धारअनिश्चयता---मझिधार----नन्नीळ्ळु, नट्टेरुनट्टेरु---आट्टिन् नडुप्पगुदिवेलैयिन् नडुप्पगुदि---आट॒टि॒न् नटुवुमध्यस्थिति, नटुनिल---नडुहॊळॆनडु---
2363मठपुंलिंग----साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान।----मठ----मठ----मठ----मठु, मढ़ी----मठ, आश्रम----मठ----मठ----मठ----मठ----मठमु----मडम्----मठं----मठ----
2364मतदानपुंलिंग----चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया।----मतदान----राएदिही----बोद द्युन----मतदानु, वोटु डि॒यणु----मतदान----मतदान----मतदान----भोट दान, मतदान----मतदान, भोट----वोटु, ओटु----वाक्कळिप्पु----बोट्टॆटुप्पु----मतदान----
2365मताधिकारपुंलिंग----किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार।----मत-अधिकार----हक़्क़े राएदिही----वा॑टुक हख----मत-अधिकारु, वोट जो हकु----मताधिकार----मतधिकार----मताधिकार----भोटाधिकार----मताधिकार----ओटु हक्कु----वाक्कुरिमै----वोट्टवकाशं----मत कॊडुव अधिकार----
2366मथनासकारात्मक क्रिया----दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना।----रिड़कणा----मथना----मथुन----विलोड़णु----मंथन करणें, घुसळणें----मथवुं, वलोववुं----मन्थन करा----मथ----मंथिबा----मथिंचुट----कडैय----कटयुक----कडॆयुवुदु----
2367मथानीस्त्रीलिंग----दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण।----मधाणी----मथनी----द्योन----मांधाणी----रवी----रवैयो----मउनि----घोंटनी----खुआ, मंधनदंड----कव्वमु----मत्तु----कटकोल्----कडॆगोलु----
2368मदपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--नशा, मस्ती ;निंदनीय अहंकार या गर्व ;मतवाले हाथी का कनपटी से बहने वाला गंधयुक्त द्रव्य।--मदमदमद--नशाग़ुरूरमद--मद, नाशि----नशोंबांवरु---नशा, मस्तीगर्वमद--मद, केफगर्व, तोरमद--प्रमत्तता, नेशागर्वमद--राणि, निचागर्ब, अहंकारमद, हिमेजु--मद, नशाअहंकार गर्ब, दंममद--मदमुमदमुमदमु--बॆरि, बौदेअहंतैयानैयिन् मद नीर्--लहरिमंदमदजलं, मंद--मत्तुकॊब्बुमद--
2369मदारीपुंलिंगपुंलिंग---बाजीगर;बदर-भालू आदि नचाकर जीविका चलाने वाला।---मदारीमदारी---मदारी (बाज़ीगर)----बा॑ज़िगर----मदारी----गारुडी, डोंबारीमदारी---मदारी, बाजीगरगारुडी---बाजिकर, जादुकरमादारी---बाजिकरबान्दर बा भालुक नचुवाइ फुरा मानुह---बाजिगर, जादुकर----गारडीवाडुकोतुलवाडुं---कुरं॒ गाट्टिकुरंगु, करडि, अमट्टि संबादिप्पवन्---इन्द्रजालक्कारन्कुरङाण्डि---दॊबरवनुमंगवन्नाडिसुवव, करडियान्नाडिसुवव---
2370मदिरास्त्रीलिंग----शराब, मद्य।----शराब----शराब----शराब----शराबु, मदिरा----दारु, मद्य, मदिरा----मदिरा, शराब, दारू----मद्य, मदिरा----मदिरा, मद----मदिरा, मद----मद्यमु, सारायि----मदु, सारायम्----मद्यं----हॅण्ड, मद्य----
2371मद्यपपुंलिंग----जो मदिरापान करता हो, शराबी।----शराबी----शराबी----शराब्य----शराबी----मद्यपि, दारुडा----मद्यप, दारूडियों----मद्यप (द्द)----मदपी, मदाही----मद्यप----तागुबोतु----कुड्रिकारन्----कुटियन् मद्यपन्----कुडुक----
2372मद्युपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--शहद ;शराब ;बसंत ऋतु।--शहदशराबबहार--शहदशराबबहार का मौसम--माँछशराबसोंथ--माखीशराबुबंसतु--मधु, मछदारूवसंतऋतु--मधुदारूबसंतऋतु--मधुमद, मदिरा---मौफटिका, मदबसन्त काल--मधु, महुमदबसन्त काळ, बसन्त-रुतु--मधुवु, तेनेसारायिमधुमासमु--तेन्मदुबसन्त कालम्--मधु, तेन्मद्यंवसंतं--जेनु, तुप्पहॆण्डवसंत ऋतु--
2373मधुरविशेषण----जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा।----मधुर----शहद आगीं (शीरीं)----मॊदुर----मिठो, मधुरु----मधुर----मधुर, मीठुं----मधुर, मिष्ठ----मधुर, मिठा----मधुर----मधुरमु----इनिमैयान----मधुरं----सिहि----
2374मध्यस्थपुंलिंग----आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया।----विचोला----सालिस----मेंज़्युम योर----विचवारो----मध्यस्थ----मध्यस्थ, तटस्थ----मध्यस्थ----मध्यस्थ----मध्यस्थ----मध्यस्थमु, मध्यस्थुडु----मद्दियस्कन----मध्यस्थन्, इटानिलक्कारन्----मध्यस्थगार----
2375मनपुंलिंगपुंलिंग---मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है ;वज़न में चालीस सेर।---मनमण---मन (दिल)मन (वज़्न)---मन, दिल----मनु----मन----मन, इच्छामण---मन----मनमोन---मन----मनस्सुमणुवु---मनदुमणङ्गु---मरस्सुमन्नु---मरस्सुमण---
2376मनचाहाविशेषण----जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार।----मनचाहिआ----मन पसन्द (ख़ातिर ख़्वाह)----मनस प्रॆथिवुन----मन चाह्यो----मनोवंछित----मनचाह्युं, मनपसंद----पछन्दसइ, मन:पूत----बांछित, मनोमत----मनलाखी, मनपसंद इटिसत----कोरिन, इष्टमयिन----विरुंबिय----इष्टप्पॆट्ट----बेकाद, इष्टवाद----
2377मनोरंजनपुंलिंग----दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता।----मनोरंजन----तफ्ऱीह----मनोरंजन, मनुच खुशी, दिल----मनोरंजनु----मनोरंजन----मनोरंजन, मजा----मनोरंजन----मनोरंजन----मनोरंजन----विनोदमु----पोळुदु पोक्कु----मनोविनोदं, नेरंपोक्कु----मनोरंजनॆ----
2378मनोरथपुंलिंग----अभिलाषा, वांछा, इच्छा।----मनोरथ----तमन्ना (आर्ज़ू)----कांख्या----मनोरथु----मनोरथ----मनोरथ, मुराद----मनोरथ, इच्छा----मनोरथ----मनोरथ----मनोरथमु----आशै, विरुप्पम्----मनोरंथं----मनोरथ----
2379मनोरमविशेषण----जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक।----मनोहर----दिलकश----मार्य, मॊन्द----वणंदडु, सुंदरु----मनोरम----मनोरम----मनोरम, रमणीय----मनोरम, रमणीय----मनोरम----मनोहरमु, मनोरममु----मनदैक कवरुगिर॒ अऴगान----मनोरमं----आकर्षक----
2380ममतास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---अपनत्व का भाव, ममत्व ;मन में होने वाला मोह या लोभ का भाव।---ममताममता---ममता----ममताममता---ममता----ममत्वममता, मोह---ममतामतत्व---ममता, ममत्वमोह, आसक्ति---ममत्व, आत्मीयताममता, मोह---ममता----ममकारमुममकारमु---तनदु ऎन्नुम् बावनैमनप्पट॒ट॒---ममतमोहं---ममतॆमोह---
2381मरनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना ;खेलों में खिलाड़ियों का हार जाना।---मरनामरना---मरना----मरुनमरुन---मरणु----मरणेंहारणें---मरवुंहारीजवुं---मराहारा---मर, ठुकामर, हार---मरिबामरिबा---मरणिंचुटचनिपोवुट---मरणमडैय, इर॒न्दु पोगविळैयाट्टिळ् तोट्टल्---मरिक्कुकतोल्क्कुक---सायुवुदुआउट़ आगुवुदु---
2382मरहम (मलहम)पुंलिंग----चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप।----मल्लहम----मरहम (मल्हम)----महलामु॑----मरहम/मलमु----मलम----मलम, लेप----मलम----मलम----मलम----पट्टी, मलामु----मरुन्दुप्पूच्चु, कळिंबु----कुळम्पु----मुलामु----
2383मरोड़नासकारात्मक क्रिया----किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना।----मरोड़ना----मरोड़ना----वुठुन----मरोड़णु, मरोरणु----पिरगळणें----मरडवुं, मरोडवुं----मोचड़ देओया----मोचर, पका----मोड़िबा जोर रे बुलाइबा----मेलबेट्टुट----मुरु॒क्क----पिरिक्कुक----तिरिचुवुदु----
2384मर्मपुंलिंग----किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य।----भेद----राज़ (रम्ज़)----राज़----मर्मु, राजु, गुझु----मर्म, रहस्य----मर्म, रहस्य----मर्म, रहस्य, भेद----मर्म, रहस्य----मर्म----रहस्यमु----मर्मम् रगसियम्----मर्मं, रहस्यं----गूढ़ार्थ----
2385मर्यादास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---सीमा, हद ;लोक में प्रचलित व्यवहार और उसके नियम आदि, लोकाचार।---मरयादामरयादा---हदरिवायत---मर्यादामर्यादा---मर्यादा----सीमा, मर्यादामर्यादा---मर्यादा, हदअदब, विवेक---सीमा, मर्यादा (ज)लोकाचार, शिष्टाचार---सीमा, हदलोकोचार---मर्ज्यादा----हद्दुमरियाद, मर्याद---ऎल्लैमरियादै मुरै॒---अतिरुमर्याद, नाट्टाचारं---ऎल्लॆमर्यादॆ---
2386मलनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना ;लेप करना।---मलणामलणा---मलना----मलुन----महिटणुलगा॒इणु---रगडणें, चोळणेंलेप लावणें---मसळवुं, चोळवुं, रगडवुंलेप करवो---घषा, माजाप्रलेप करा---घँह, लगालेओ दि---मळिबा, घषिदबा घषिबालेप्-करिबा, लगाइबा---नलुपुटपूयुट---कैयाल् तेय्क्कतडव, मेऴुग---पुरट्टुकतेय्क्कुक लेपनं चॆय्युक---उज्जुवुदुलेपिसुवुदु---
2387मलबापुंलिंगपुंलिंग---कूड़ा-करकट;टूटी या गिराई हुई इमारत का ईंट-पत्थर, चूना आदि।---मलबामलबा---मलबा----मलबु॑----गंदु-किचिरोसिरोटा---केरकचराडबर---कचरोकाटमाळ---जंजाल, आवर्जना----जाबर जोंथरध्वंसावशेष---मइळा, गंदा, आबर्जना----चेत्तचेदारुचेत्त कुप्प---कुप्पै कूऴम्इडिन्द कारे कल् मुदलियवै---चवरु, कुप्पभग्नावशेषं---कसकड्डिइट्टिगॆ चूरू मुतादवु---
2388मलिनविशेषणविशेषण---मैला-कुचैला, गंदा ;उदास, म्लान।---मैलाउदास---गंदाकबीदा (अफ्सुर्दा)---मालु॑वॅदास---मेरोउदासु---मळका, मलिनउदास, म्लान---मलिन, मेलुंउदास, म्लान---मलिन, मयलाम्लान, विषण्ण (न्न)---मलिन, मयलाम्लान---मळिन----मलिनमुदिगालु---अळुक्कारन्मनम् तळर्न्द---मलिनंम्ळानं---कॊळॆमंकु---
2389मल्लाहपुंलिंग----नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी।----मलाह----मल्लाह----हां॑ज़----मल्लाहु----नावाडी----मल्लाह, नाविक----माझि, केवट----नावरीया, माजी----केउट, मांझी, नाउरिआ----नाविकुडु, पल्लेवाडु----पडगोट्टि----वळ्ळक्कारन्----अंबिग----
2390महंगाविशेषण----जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों।----महिंगा----महंगा (गिराँ)----द्रॊग----महांगो----महाग----मोघुं, कीमती----माग्गि, महार्घ----महङा/दामी----महंगा----प्रियमयिन----गिराक्कियान----विलकुटिय, विलयेरि॒य----दुबारि----
2391महंगाईस्त्रीलिंग----साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना।----महिंगाई----महंगाई (गिरानी)----द्रॅजर----महांगाई----महागई----मोंघाई----महार्धता, दाम----महङा दरत बेचा, मूल्य वृद्धि----महंगाई, मूल्य-बृद्धि----प्रियमु, गिराकि----गिराक्कि----विलक्कयट॒ट॒म्----तुटिट----
2392महत्तास्त्रीलिंग----बड़प्पन, महिमा, महत्व।----महत्ता----अज़मत (अहमीयत)----बड़ा॑यी----महत्वु, बडा॒ई----महत्ता, मोठेपणा, श्रेष्ठता----महत्ता, महिमा----महात्म्य, महिमा----महत्त्व, गुरुत्व----महत्ता, महिमा----महत्वमु, प्रामुख्यमु----मेन्मै, महत्तुवम्----महत्त्वं----हिरिमॆ----
2393महत्त्वपुंलिंग----महत्ता, बड़प्पन।----महत्तव----अज़मत----बजर----महत्वु----महत्त्व----महत्त्व, मोटापणुं----महत्त्व, गौरवत्त----महत्त्व----महत्त्व, गौरब, बड़पयिआ----महनीयत, घनत----मदिप्पु, मेन्मै----वलिप्पं महत्त्वं----महत्त्व----
2394महत्त्वाकांक्षास्त्रीलिंग----बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा।----उच्च अकांखिया----जाहतलबी----बॊड बनु॑नुक हवस----घणी इच्छा----महत्त्वाकांक्षा----महत्वकांक्षा----महत्वाकांक्षा----उच्चाकांक्षा----महत्त्वाकांख्या----कांक्ष, कीर्तिकामन----उदन्द कुरिक्कोळ्----महत्वभिलाषं----महत्वाकांक्षॆ----
2395महलपुंलिंग----भवन, प्रासाद।----महिल----महल----म॑हल----महलु/महिलु----महाल/प्रासाद----महेल----महल, प्रासाद----महल, प्रसाद----महल, प्रासाद----मेड, भवंति----अरण्मनै, माळिगै----कॊट्टारं----अरमनॆ----
2396महान्विशेषणविशेषण---बहुत बड़ा, विशाल ;उच्च कोटि का।---महानमहान---अज़ीमआ़ला---बॊड----महानु----खूप मोठा, विशालमहान---महान, मोटुं, भव्य----अत्युन्नत्, वृहतमहान, श्रेष्ट, उदार---महान, विशालओख खापर---महान----गोप्पमहा---पेरियउयर्न्द---वळरॆ बलियमहत्ताय---दॊड्डउच्चकोटिय---
2397महापुरुषपुंलिंग----महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन।----महापुरष----अज़ीम इंसान----महापॅरुश----महापुरुषु----महापुरुष----महापुरुष, सज्जन----महापुरुष, साधु, पुरुष----महापुरुष----महापुरुष, श्रेष्ठ-व्यक्ति साधु-पुरुष----महापुरुषुडु----सान्रोर महान----महान्----महापुरुष----
2398महाविद्यालयपुंलिंग----उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज)----महाविदिआला----कालिज----कालेज----महाविद्यालय----महाविद्यालय----महाविद्यालय, कालेज----महाविद्यालय, कलेज----महाविद्यालय----महाविद्याळय कलेज----कळाशाल----कल्लूरि----काळेज, कलालयं----कालेजु----
2399महिलास्त्रीलिंग----स्त्री, औरत।----महिला----ख़ातून (औ़रत)----ज़नानु----स्त्री, औरत----महिला, स्त्री----महिला, स्त्री----महिला----महिला, तिरोता----महिळा----महिळ, स्त्री----मगळिर्----महिळ----हॆंगसु----
2400मांगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--मांगने की क्रिया या भाव, याचना;किसी निश्चित मूल्य पर किसी चीज की खरीद या चाही जाने वाली मात्रा ;सिर के बालों को विभक्त करके बनाई जाने वाली रेखा, सीमान्त।--मंगमंगचीर, मांग--मुतालिबातलबमांग--मंगमंगसुम--घुर----याचनामागणीमांग--मांगमागणीसेंथों--दाबि-सीमन्त, सिंथि--मागन, भिक्षाचाहिदासेंओता--मागण जाचना, मिख्या, मागिबादाबिमांगु, सीमन्त, सुन्था--याचनगिराकिपापट--विंरुबिक्केट्टल्तेतैवगिडु--आवश्यप्पॆटल्आवश्यम्सीमन्तरेख--बेडिकॆ, केळुविकॆगिराकिबैतलॆ--