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विक्षनरी:भारतीय भाषा कोश ०९

विक्षनरी से

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2401मांगनासकारात्मक क्रिया----किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना।----मंगणा----मांगना----मंगुन----धुरणु, मङणु----मागणें----मागवुं----चाओया, याचना----खोचा, बिचार----मागिबा, याचना-करिबा----याचिंचुट, अडुगुट----कॆट्टु वांग याशिक्क----आवश्यप्पॆटुक याचिक्कुक----बेडुवुदु, केळुवुदु----
2402मांजनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना ;किसी काम या चीज का अभ्यास करना।---मांजणा----मांझना----मांजुनमांजुन---मलणुअभ्यासु, करणु---घासणेंअभ्यास करणें---माजुवुं, अजावाळवुं----माजा, घषाअभ्यास करा भ्भा---माज, घँहअभ्यास कर---माजिबा----तोमुटमेरुगु पॆट्टुट---तुलक्कअब्बियसिक्क, पयिल---तेय्क्कुक मिनुक्कुकअभ्यासिक्कुक---उज्जुवुदु, तिक्कुवुदुऊभ्यासिसुवुदु---
2403मांसपुंलिंग----मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त।----मास----गोश्त----नॆनि, माज़----मासु----मांस----मांस, चरबी----माङ्स, गोश्त----मांस मङह----मांस----मांसमु----मामिसम्, पुलाल्----मासं----मांस----
2404माड़नासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---गूंधना, सानना ;अन्न की बालों में से दाने झाड़ना।---गुन्नहणाभोरना---गूंधना (मांडना)गाहना (मांडना)---मांडुन----गो॒हिणुसंगनि मां दाणा कढणु---तिंबणेंतळणी करणें---गूंदवुंझाडवुं---मारवा, ठासाझाडानो---मार, सानमार, मरणा मार---चकटिबा, मकचिबाझाड़िबा---कलुपुटमर्दिंचुट---पिसैयकदिरिलिरुन्दु दानियंगळै उदर॒---कुऴय्क्कुकधान्यं उतिर्क्कुक---नादुवुदु, कलसुवुदुकेरुवुदु---
2405मातृभाषास्त्रीलिंग----अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा।----मात भाषा, मां बोली----मादरी ज़बान----माजि जॆब, मादरी ज़बान, पनु॑न्य ज़बान----मातृ भाषा, मादरी ज़बान----मातृभाषा----मातृभाषा----मातृभाषा----मातृभाषा----मातु भाषा----मातृभाषा----ताय्-मॊऴि----मातृभाष----मातृभाषॆ----
2406मातृभूमिस्त्रीलिंग----जन्मभूमि, स्वदेश।----मातभूमि----मादरे वतन (ज़ाद बूम)----मादु॑रि वतन----मातृभूमि----मातृभूमि, स्वदेश----मातृभूमि----जन्मभूमि----जन्मभूमि----मातुभूमि----ममृभूमि----ताय-नाडु----मातृभूमि----मातृभूमि----
2407मादकविशेषण----नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला।----नशीला----नशा आवर----नशीलु॑----नशेदारु----माकद----मादक, केफी----मादक, नेशार----मादक----मादक----मत्तुपदार्थमु, उत्तेजकमु----बोदै उण्डाक्कुकिर॒----मादकं, लहरियुळ्ळ----मत्तु बरिसुव, मादक----
2408माधुर्यपुंलिंगपुंलिंग---मधुरता, मिठास ;काव्य का एक गुण।---मिठास----शीरीनीतरन्नुम (नग़्मगी)---मेछरमेछर---मेठाजुकविता जो हिकु गुणु---माधुर्य, गोडीमाधुर्य---माधुर्य, मधुरता----माधुर्य॒, मिष्टता (ज)----माधुर्य, मधुरताकाब्यर एटा गुण---माधुर्ज्य----माधुर्यमुमाधुर्यमु---इनिमैमदुरं---मधुरं, माधुर्यंमाधुर्य---माधुर्यमाधुर्य गुण---
2409माध्यमपुंलिंग----साधन, जरिया।----माधिअम----ज़रिआ----ज॑रियि----वसीलों, जरीओ, साधनु----माध्यम----माध्यम----माध्यम, साधन----माध्यम----माध्यम----माध्यममु, साधनमु संधानमु----मूलम्, वऴि----माध्यमम्----माध्यम----
2410मानकपुंलिंग----विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड)।----मिआर, मानक----मेअयार----मया॑री----स्टैन्डर्ड, मानक----मानदंड----मानदंड, धोरणा----मान, मानदण्ड----मान, मानक----मानक, मान-दण्ड----प्रामाणिकमु----निगरम् तिट्टमान----निलवारं, मानदंड----मान, प्रमाण----
2411मानकीकरणपुंलिंग----एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन)।----मानकीकरण----मेअ़यार बंदी----मया॑रीकरन----मानकी करणु स्टैंडर्डाइजेशन----दर्जा, ठरविणें----धोरण स्थापन----मान-निर्धारण----मान विरुपण मानकीकरण----मानकीकरण मान-निर्धारण----प्रमाणीकरणमु----तर निर्णयम् सॆयदल----निलबारप्पॆटुतल्----प्रमाण स्थापनॆ----
2412माननाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---स्वीकार करना, कबूल करना ;(किसी के प्रति) श्रद्धा रखना, गुण योग्यता आदि का कायल होना।---मन्ननामन्नना---मानना----मानुनमानुन---मञणु----मान्य करणें, कबूल करणेंश्रद्धा ठेवणें---मानवुं, कबूल करवुंगणवुं लेखवुं---स्वीकार करा कबुलकराश्रद्धा करा---मानमानि ल---मानिबा, स्वीकार करिबा----अंगीकरिंचुटगर्तिचुट, गौरविंचुट---ऒप्पुक्कोळ्ळमादिक्क---अंगीकरिक्कुक सम्मतिक्कुकमानिक्कुक, करुतुक---ऒप्पुवुदुगौरविसुवुदु---
2413मानवपुंलिंग----मनुष्य, आदमी।----मानव----आदमी (इंसान)----इनसान, आदम----मानवु, माण्हूं, मनुष्यु----मानव, माणूस----मानव, माणस----मानव, मानुष----मानव, मनुह----मानब, मनुष्य----मानवुडु----मानिडन्, मनिदन्----मनुष्यन्----मनुष्य----
2414मानवतास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति ;मनुष्य के आदर्श तथा स्वाभाविक गुणों, भावनाओं आदि का प्रतीक या समूह।---मानवता----बशरीयतइंसानियत---इनसा॑नियत----मानवताइन्सानियत---मानवता----मानवतामाणसाई---मानवता----मानवतामानवत्व, मनुष्यत्व---मानबता, मनुष्यता----मानवत्वमुमानवत्वमु---मानिदत्तन्मैमानिद-पणवु---मनुष्यत्त्वं, मानवराशिमनुष्यत्त्वं---मानवीयतॆमानवीयतॆ---
2415मानसिकविशेषण----मन-संबधी।----मानसिक----दिली----द्यमा॑गी----मानसिक----मानसिक----मानसिक----मनोगत----मानसिक----मानसिक, मनोगत----मानसिकमु----मनदै शार्न्द----मानसिकं----मानसिक----
2416मान्यविशेषणविशेषण---मानने योग्य ;आदरणीय, सम्मान का अधिकारी।---मन्नन योगमान योग---काबिले कुबूललाइफे ताज़ीम (मोह्तरम)---मानु॑नस लायकमानु॑नस लायक---मञण जोगो॒मानवारो---मान्यआदरणीय, माननीय---मान्य, माननीयशिष्ट, आदरपत्र---मान्य॒, मानना (न्न)माननीय, सम्मानीय---मान्यमान्य, माननीय---मान्य----माननीयमुमाननीयुडु---ऒप्पत्तक्क मदिप्पिर्कुरियमदिपपिर्कुरिय---अंगीकार्यमायमान्यन्---ऒप्पुबंथआदरणीय---
2417मापस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---मापने की या नापने की क्रिया या भाव ;मापने पर ज्ञात होने वाला नाप, परिमाण, मात्रा या मान।---मापमाप---पैमाइश----मींच़मींच़---माप----मापवज़न, परिमाण, माप---मापलंबाई, वजन---मापपरिमाण॒ (न)---जोख, जोखा कार्यजोखा, माप---मापपरिमाण, मात्रा---कोलतकोलत---अळत्तल्अळवु---अळवु, अळक्कलअळबु---अळतॆअळतॆ---
2418मापनासकारात्मक क्रिया----वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना।----मापणा----नापना----म॑नुन----मापणु----माजणें, मापणें----मापवुं----मापा----जोख----मापिबा----कोलचुट----अळक्क----अळक्कुक----अळॆयुवुदु----
2419माफविशेषण----जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो।----माफ----मुआफ़ (माफ़)----माफ----माफु----माफ----माफ----माफ, क्ष॒मा (ख)----क्षमा करा----माफ्, ख्यमा----मन्निंपबडिन----मन्निप्पु----माप्पु----मन्निसिद----
2420मायका (मैका)पुंलिंग----विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर।----पेका----मायका (मैका)----माल्युन----पेका----माहेर----पियर, पिहेर----बापेर बाडी----आद्र घर----बापघर----पट्टिल्लु----मगळिरिन् पिरन्दगम्----जन्मगृहं----तवरुमनॆ----
2421मारनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया--जान लेना, हत्या करना ;पीटना, प्रहार करना, चोट पहुँचाना ;मानसिक या शारीरिक आवेग दबाना या रोकना।--मारनामारनामारना--मारना----मारुनमारुनमारुन--मारणुमारणु---मारणेंचोपणेंआवरणें वा दाबणें--मारवुंपीटवुंदाबवुं--मारा, बधकरा----मार, बधमार, कोबाशामकटा, दमन कर--मारिबा, बध-करिबापिटिबा, प्रधर करिबा फारिबाशमन करिबा, दबाइबा--चंपुटकोट्टुटचंपुकोनुट--कॊल्लअडिक्क, कायप्पडुत्तमन एळुच्चियै तडुक्क--कॊल्लुकतल्लुक, आटिय्क्कुकनियंत्रिक्कुक, अटक्कुक--कॊल्लुवुदुहॊडॆयुवुदुतडॆगट्टुवुदु--
2422मार्गपुंलिंगपुंलिंग---रास्ता, पथ, राह ;माध्यम, साधन।---मारगमारग---रास्ता, राह----वथवथ---मार्गु, राह, पथुसाधनु, वसीलो---रास्ता, मार्गमाध्यम, साधन, मार्ग---मार्ग, रस्तोमाध्यम, साधन---रास्ता, पथ, मार्गमाध्यम, साधन---मार्ग, पथ, बाटमाध्यम---मार्ग, पथ, बाट, रास्तामाध्यम, साधन---मार्गमुमार्गमु---वऴि/सालैबऴि---मार्ग, वळिमार्ग---दारिमाध्यम---
2423मार्मिकविशेषण----मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी।----प्रभावक----दिलचस्प----स॑नु॑वुन----दिलि खो धुंहदड़ु----मार्मिक, मर्मस्पर्शी----मार्मिक, मर्मभेदी----मार्मिक, मर्मस्पर्शी----मर्मस्पर्शी----मर्मिक----मार्मिकमु, गंभीरमु----मनदै तॊडुगिर----मर्म प्रधानं----मार्मिक----
2424मालपुंलिंगपुंलिंग---प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है ;धन-संपत्ति, रुपया-पैसा, दौलत।---माल----माल----माल----मालु----सामान, मालधनदौलत---माल, मालमत्ताविसात, पूंजी---माल, पण्य॒ (न्न)धन, संपत्ति टाका-पयसा---माल, बस्तुधन सम्पति---मालधन, संपत्ति, टंका-पइसा---वस्तुवुआस्ति---पोरुळ्, सरक्कुपणम्-काशु, सॊत्तु शेलवम---चरक्कुस्वत्तु, संपत्तु---मालुसंपत्तु---
2425मालूमविशेषण----जाना हुआ, ज्ञान, विदित ।----मलूम, मालूम----मालूम----मोलूम----मैलूम----ज्ञात, माहीत----मालूम, जाणवुं----जाना, ज्ञात, मालुम----ज्ञान, जना, विदित----मालुम----तॆलिसिन, तेलुसु----तॆरिन्द, अरि॒न्द----अरि॒यावुन्न----गॊत्ताद, तिळिद----
2426मिटानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---दाग, निशान आदि दूर करना।नष्ट करना, बरबाद करना।---मिटाउणामिटाउणा---मिटाना----मिटावुनमिटावुन---मिटाइणु, डाहिणु----मिटविणें, डाग पुसणेंनष्ट करणें---मटाडवुं, दूरकरवुंरद करवुं---मेटानो, चुकानोनष्ट करा---गुचा, खेदा, एरुवानष्ट कर---मिटाइबा----तुडिचिवेयुटनाशनमु चेयुट---तुडैत्तु अळिक्कनाशप्पडुत्त---माच्चु कळयुकनशिपिक्कुक---अळिसुवुदुनष्टपडिसुवुदु---
2427मिट्टीस्त्रीलिंग----धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं।----मिट्टी----मिट्टी (ख़ाक)----म्यॆच़----मिटी----माती----मिट्टी, माटी----माटि, मृत्तिका----माटि----माटि----मट्टि----मण्----मण्णु----मण्णु----
2428मिठाई (मीठा)स्त्रीलिंग----कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें।----मिठिआई----मिठाई (मीठा)----मिठा॑य----मिठाई----मिठाई, पक्कवान्न----मीठाई----मिष्ट द्रव्य, मेठाई मिष्टि----मिठाइ----मिठाइ----मिठायि----मिट्टाय् इनिप्पु पण्डम्----मिठायि, मधुरपलहारं----सिहि तिंडि----
2429मितभाषीविशेषण----अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला।----घटबोलणा----कमगो (कमसुख़न)----कम कथु॑ करन वोल----घटि गा॒ल्हाऊ----मितभाषी----मितभाषी----मितभाषी----मितभाषी, अल्पभाषी----मितभाषी, अळ्प भाषी----मितभाषि----अळवोडु पेशुगिर----मितभाषि----मितभाषि----
2430मित्रपुंलिंग----सखा, सुह्द, दोस्त।----मित्तर----दोस्त----दोस्त, यार----मित्र, दोस्तु----मित्र----मित्र, भाई बंध----मित्र, सखा, दोस्त----मित्र, बन्धु----मित्र----मित्रुडु, स्नेहितुडु----तोळन, नण्बन्----सुहृत्तु----स्नेहित----
2431मिथ्याविशेषणविशेषण---असत्य झूठा ;कृत्रिम, बनावटी।---झूठाझूठा---बातिलमस्नूई---मॆथ्या, अपुज़मॆथ्या, अपुज़---मिथ्या, कूड़ुबनावटी---खोटे, असत्य, मिथ्याकृत्रिम, बनावटी---मिथ्या, असत्य----मिथ्या, मिछा, झुँटनकल, कृत्रिम---मिछा, असत्यकृत्रिम---मिथ्याकृत्रिम---मिथ्यकृत्रिममैन---पॊय्सॆयर्कैयान---मिथ्यकृत्रिममाय---सुळ्ळुकृत्रिम---
2432मिलनसारविशेषण----जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो।----मिलणसार----मिलनसार (ख़लीक)----मिलनसार----रिलिणों- मिलिणो----मनमिळाऊ----मिलनसार, मत्त्वतावडुं----मिशुक, सामाजिक----सरबही, अमायिक----मिशाणिआ----स्नेह शीलि----नन्गु पऴगुगिर्----स्नेहबुद्धियाय----स्वभावदव हॊन्दिकॊळ्ळुव----
2433मिलानपुंलिंगपुंलिंग---तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना ;गुण, दोष, विभिन्नता या समानता जाने के लिए दो चीजों या बातों के संबंध में किया जाने वाला विवेचन, तुलना।---मिलानमिलान---मिलान (मुआ़ज़ना)तक़ाबुल (मुआ़ज़ना)---मिलु॑नावुनमिलु॑नावुन---मिलाइण या भेंटण जो कमुभेंट---तुलनातुलना---केळववुं ते, मेलवणीतुलना, मुकाबलो---मिल-मिलावमिल-तुलना---मिलोबा कार्य, मिलाई चोवा कार्यजुलना, रिजनि---मेळाणतुळना---सरिचूचुटपोलिक---ऒप्पिट्टु पार्त्तल्ऒट॒टुमै वेट॒टुमैकलिन् ऒप्पिडुदल्---ऒत्तुनोक्कुकतारतम्यप्पॆटुत्तल्---होलिकॆहोलिकॆ---
2434मिलानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियामिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना;जोड़ना, सटाना ;भेंट कराना, मेल-मिलाप कराना;तुलना करना, जाँच करना।किसी को अपने पक्ष में लाना।रलाउणामिलाउणामिलाउणामिलाउणामिलाउणा, रलाउणामिलाना----मिलु॑नावुनमिलु॑नावुनमिलु॑नावुनमिलु॑नावुनमिलु॑नावुनमिलाइणु, गड॒णु----मिळवणेंजोडणें, चिकटविणेंभेंट घडविणेंतुलना करणें, तपासणेंपक्षात घेणेंमेलववुं, एकठुं करवुंउमेरवुंमेळवी आपवुंसरखामणी करवीपक्षमां लेवुंमिलानो, मेलानो----मिहला, मिलालग लगा, जोश लगासाक्षात् करा, चिनाकि करि दिरिजा, तुलना करनिजर पक्षलै आनामिळाइबाजोड़िबा (मिलाइबा)साख्यात करिबा (मिलाइबा)निजचरव्यरे करिबा (मिळाइबा)-कलुपुटजोडिंचुटऎरुक परचुटपोल्चुटकलुपुकोनुटऒन्रु॒ सेर्क्क कल्क्कइणैक्क कूट्टसादिक्क वैक्कओप्पिडतन्नुडन् सेर्त्तुक्कोळ्ळलकलर्त्तुककूट्टुक, चेर्क्कुकपरिचयप्पॆटुन्तुक, सन्धिप्पिक्कुवतुलनं चॆप्युक, ऒत्तुनोक्कुकवशत्ताक्कुकबेरसुवुदुजोडिसुवुदुपरिचय माडिसुवुदुहोलिसुवुदुसेरिसुवुदु
2435मिलावटस्त्रीलिंग----किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल।----रला, मिलावट----मिलावट, (आमेज़िश)----मिलावठ----मिलावट----भेसळ, निसळ----मिलावट, भेंग----भेजाल----भेंजाल, मिहिल----अपमिश्रण----कल्ती----कलप्पडम्----कळर्प्पु----बॆरकॆ----
2436मिश्रणपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना ;उक्त प्राकर से मिलाने से तैयार होने वाला पदार्थ या रूप ;मिलावट।--मिशरणमिशरण---आमेज़िशआमेज़ा (मुरक्कब)मिलावट--मिलावठ-----मिक्सचरुमिलावट--मिश्रण करणेंमिश्रणभेसळ--मिश्रण करवुंमिश्रण, मेळणीमिलावट--मिश्रण॒ (न)----मिश्रणमिश्रण, मिश्रभेंजाल--मिश्रणमिश्रण---मिश्रणमुमिश्रितमुकल्ती--कलवैतन्नुडन् सेर्त्तुक्कॊळ्ळल्कलप्पडम्--मिश्रणंमिश्रणकलर्प्पु--बॆरसुविकॆमिश्रणबॆरकॆ--
2437मीठाविशेषणविशेषण---जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला ;धीमा, मंदा।---मिट्ठामट्ठा---मीठा (शीरी)धीमा, मंदा---म्यूठ----मिठो----गोडहळु, मंद---मीठुं, मधुरधीमुं, मंद---मिष्टिहाल्का, मृदु--------मिठा----तिय्यनिमेल्लनि---तित्तिप्पान, इनिप्पुमन्दमान---मधुरमायपतुक्कनॆयुळ्ळ---सिहियादमंदवाद---
2438मीनाकारीस्त्रीलिंग----सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम।----मीनाकारी----मीनाकारी----मीनाका॑री----मीनाकारी----मिन्याचे काम----मीनाकारी----मिनारकाज----मिना करा काम----मीनाकारी----नगिषी----नकासुवेलै----पूच्चुपणि, गिल्टपणि----ऎनामल कॆलस----
2439मुंडेरस्त्रीलिंग----छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार।----बनेरा----मुंडेर----देवारु॑, बेर, मोरख----ब॒नो----वखंडी----मुंडेर---------पेरापेट----पाचेरी, पारापेट----पिट्टगोड----कैप्पिडिच्चुवर्----केवरि----कुम्बॆ----
2440मुकदमापुंलिंग----वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए।----मुकदमा----मुक़द्दमा----मुकु॑दिमु॑----केसु----खटला----मुकद्दमो----मकद्दंमा, मामला----मोकर्दमा----मोकदमा----केसु----वऴक्कु----अन्यायं, व्यवहारं----दावॆ----
2441मुकुटपुंलिंग----एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है।----मुकट----ताज----मुकट----मुकुट/मुटुकु----मुकुट----मुकुट, पाघडी----मुकुट----मुकुट----मुकुट----मुकुटमु, किरीटमु----मुगुडम्----किरीटं----किरीट----
2442मुक्तविशेषणविशेषणविशेषण--जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो ;मोक्ष-प्राप्त, भव-बंधन से मुक्त ;छूटा हुआ, फैंका हुआ।--मुक्तमुक्तमुक्त--आज़ादनजातयाफ़्तागुज़ाश्ता--यलु॑यलु॑यलु॑--आज़ादुमुक्त, मोक्षु हासुलु कयलुछुटलु--मुक्तमोक्ष-प्राप्त, मुक्तफेकलेला--मुक्तमोक्षप्राप्तछुटुं--मुक्तमोक्ष॒-प्राप्ति (क्ख)छाड़ा, खोला--मुक्त, मुकतिमोक्ष प्राप्तएरि दिया, पेलाई दिया--मुक्तमोख्य प्राप्ति (मुकृ)छाड़ि-दबा (मुकृ)--मुक्तुडुमुक्ति पोंदिनमुक्ति पोंदिन--विडुपट्टमुक्ति अडैन्दऎरि॒यप्ट्ट--बंधन मुक्तनायमोक्षं नेटियविट्टुपोय--विडुगडॆ हॊन्दिदमुक्तबिट्ट ऎसॆद--
2443मुक्तिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा;धार्मिक क्षेत्र में वह स्थिति जिसमें जीव जन्म-मरण के बंधन से छूट जाता है, मोक्ष।---मुक्तीमुक्ति---गुलू खुलासी, आज़ादीनजात---मॅख्ती----आज़ादीमुक्ती---मुक्तिमोक्ष---मुक्तिमोक्ष---मुक्तिमोक्ष॒ (क्ख)---मुक्तिमोक्ष---मुक्तिमोख्य (मुत्क्ति)---मुक्तिमोक्षमु---विडुदलैमोट्चम्---मोचनंमोक्षं---मुक्तिमोक्ष---
2444मुखपुंलिंगपुंलिंग---मुंह ;किसी पदार्थ का अगला या ऊपरी खुला भाग।---मुखमत्त्था---मुंहचेहरा (रुख़)---मॅख, बुथ----मुंहुंमुंढु, अगि॒याड़ी---तोंड, मुखतोंड---मुख, मों, चहेरोमुख, मों, चहेरो---मुखअग्रभाग---मुखमुख---मुख, मुइंअग्रभाग (मुख)---मुखमु, नोरुमुखमु, नोरु---वाय्, मुगम्तिर॒न्द मेल् वागम्, वाय्, मुगम्---मुखम्वायु---मुखबायि---
2445मुखपृष्ठपुंलिंग----किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है।----मुख पन्ना----सर वरक़----गॅडु॑ वरुख----पहिर्यों पनो----मुखपृष्ठ----मुखपृष्ठ----मुखपृष्ठ----(कितापर) बेटुपात----मलाट, मुख्य-पृष्ठ----कवरुपेजी, आवरणपुट----पुत्तगत्तिन् मुदल् पक्कम्----पुरं॒चट्ट----आवरण पुट----
2446मुख्यविशेषणविशेषण---प्रधान, खास ;महत्व पूर्ण या सारभूत।---मुखमुख---ख़ासअह्म---खास----मुख्यु, ख़ासि----मुख्य, खासमहत्वपूर्ण---मुख्य, प्रधानसारभूत---मुख्य, प्रधानश्रेष्ठ---मुख्यमुख्य, मूल---मुख्य----मुख्यमु----मुक्कियमानशिर॒प्पान---मुख्यंप्रधानपॆट्ट---मुख्यमहत्वपूर्ण---
2447मुख्यालयपुंलिंग----किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय।----सदर मुकाम----सदर दफ़्तर----सदर मुकाम, बॊड दफ्तर----हेड आफ़ीस----मुख्य कार्यालय----मुख्य कार्यालय----मुख्य कार्यालय (ज)----प्रधान कार्यालय----मुख्यळय----प्रधान कार्यालयमु----तलैमै सॆयलगम्----प्रधान कार्यालयं----प्रधान कार्यालय मुख्य कचेरि----
2448मुग्धविशेषण----मोहित, मूढ़।----मुगध----फ़िरेफ़ता----मूहयत----मोहितु, मोगो॒----मुग्ध, मोहित----मुग्ध, मोहित----मुग्ध, मोहित----मुग्ध----मुग्ध, मोहित----मुग्धमु, मुग्धुडु----मयंगिय, तन्नै मरन्द----मुग्धन्----मोहगॊण्ड----
2449मुट्ठीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है ;उतनी वस्तु जितनी मुट्ठी में आ सके ;मुट्ठी की चौड़ाई का माप।--मुट्ठमुट्ठमुट्ठ--मुट्ठी (मुश्त)----मॅठ----मुठि----मूठमूठभरमूठ--मुठ्ठी, मूठीमूठीभरमूठ--मुठा, मुठो----मुठिएमुठि (परिमाण)एमुठि (दैर्ध्य)--मुठि, मुठामुठि, मुठा---पिडिकिलिपिडिकेडुपिडिकेडु--मुष्टि, पिडिपिडि अळवुमुष्टियिन् अळवु--मुष्टि, पिटिऒरु पिटिपिटि--मुष्टिहिडिमुष्टि--
2450मुद्रणपुंलिंगपुंलिंग---छापने की क्रिया या भाव ;मुद्रा से अंकित करना, मोहर लगाना।---छपाईछपाई---तबाअ़ततस्जील (सिक्का ज़नी)---छापु॑----छपाई, छपण जो कमुमुहिर हणण जो कमु---मुद्रण, छपाईमोहोर लवणें शिक्का मारणें---मुद्रणसिक्को मारवो---मुद्रण॒, छपाई (न)----मुद्रणमोहर मरा---मुद्रण----मुद्रणमु, अच़्चुमुद्रवेयुट---अच्चडित्तल्मुद्दिरै कुत्तुदल्---अच्चटिमुद्र पतिक्कल्---मुद्रणमुद्रॆ ऒत्तुविकॆ---
2451मुद्रणालयपुंलिंग----जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना।----छापाखाना----मत्ब़ा----छापु॑खानु॑----छापखानो प्रिंटिंग प्रेस----मुद्रणालय, छापखाना----मुद्रणालय, छापखानुं----छापाखाना, प्रेस----छपाखाना, प्रेछ----मुद्रणाळय----मुद्रणालयमु----अच्चगम्----मुद्रणालयं, अच्चटिशाल----मुद्रणालय----
2452मुद्रास्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग-चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील ;ऐसी अंगूठी जिस पर किसी का नाम या कोई वैयक्तिक चिह्न अंकित हो ;क्रय-विक्रय का आधिकारिक माध्यम, सिक्का ;आंख मुंह हाथ आदि की ऐसी क्रिया जिससे मन की कोई विशिष्ट प्रवृति या भाव प्रकट हो।-मोहरमोहरमोहरमुद्रा-मोहरख़ातिमसिक्काअदा-मॊहर, सीलसिकु॑मॊहर, सीलमॊद्रा-सील, मुहिर-सिकोयोग जूं मुद्राऊं-मुद्रा, मोहोर, शिक्काअंगठीनाणें, मुद्रामुद्रा मुखाकृति-मुद्रा, छाप, महोरवींटीसिक्को (नाणुं)मुखाकृति, मुखमुद्रा-सील मोहर-टांका सिकि आदिहस्त मुखादि भङ्गी-मोहर, मुद्रानाम लिखा आङुलिमुद्रा-टका-पइचामुद्रा-मुद्रा, मोहरनामांकित मुद्रिकामुद्रा, मोहर, टंकामुद्रा, भाब भंगी-मुद्रमुद्रिकमुद्र, जाण्यमुमुख मुद्र, भंगिम-मुद्दिरैतन् पेयर् पोरित्त मोदिरमनाणयम्, चॆलावणिनाट्टिय मुद्रदिरै-मुद्र, सील्मुद्रमोतिरंनाणयंआंग्य, मुद्रे-मुद्रॆ, सीलुमुद्रॆयुंगुरनाण्यमुद्रॆ, भंगि-
2453मुनाफापुंलिंग----क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा।----मुनाफा----मुनाफ़ा----मुनाफु॑----फाइदो, मुनाफो----फायदा, नफा----नफो, कमाणी----मुनाफा----लाभ----लाभ----लाभमु----लाबम्----लाभं----लाभ----
2454मुरझानाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना ;उदास या सुस्त होना, कांति श्री आदि से रहित होना।---मुरझाउणामुरझाउणा---मुरझाना----ह॑रिथ प्यॊन, चमु॑ठुन----मुर्झाइजणु, कूमाइजणु----कोमेजणेंखिन्न होणें, मलूल होणें---मुरझावुं, चीमळावुंउदास होवुं---म्लान हओआ, सुकानोम्लान, श्रीहिन/विषण्ण॒ (न्न)---मरह, जँइ परउदास ह, म्लान ह, शेंता पर---झांउळि जिबाझँउऴिबा, म्लान, उदास हबा, श्री-हीन, मउळिबा---वाडि पोवुटपालिपोवुट---वाडिप्पोगऒळि इळक्क---वाटुकवाटुक---बाडुवुदुखिन्ननागुवुदु---
2455मुर्दनीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न ;शव के साथ अंत्येष्टि-क्रिया के लिए जाना।---मुदरेहाणा, मुरदणी----मुर्दनीतशयीअ़---मुरद्दाशवु॑यात्रा---मुर्दनी----प्रेतकळाप्रेतयात्रेत जाणें---चहरो पर प्रगट थतुं मरण नुंचिन्हश्मसान यात्रामां जवुं---मुर्दनीश्म॒सान-बन्धु (श)---मृत्युर लक्षणशवयात्रा---उदासीनता मळिनताअंत्येष्टि क्रिया रे जिबा शब-साथिरे श्मशान कु जिबा---अवसान दशशावमुतो पाट् पोवुट---मरण कळैशवत्तुडन् इडुकाडु शॆल्लुदल्---मरण चिह्नं प्रेत कलमय्यत्तु कूटल्---मरणचिह्नॆशवयात्रॆ---
2456मुश्किलविशेषणस्त्रीलिंग---कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य।कठिनाई, परेशानी।---मुशकलमुशकल---मुश्किल----मुश्किलमुश्किल---मुश्किलु----कठिण, अवधडअडचण---मुशिकल, कठणमुश्केली, अडचण, विघ्न---मुशकिलसंकट, विघ्न, बाधा---कठिन, टानकठिनता---मुसकिल----कष्टमु, कष्टकरमुइब्बंदि, कष्टमु---कडिनमानतोन्दरवु, कष्टम्---विषमं, कठिनंकाठिन्यं, बुद्धिमुट्टु---कष्टवादतॊदंर. इक्कट्टु---
2457मुस्कानस्त्रीलिंग----धीरे से हंसना।----मुसकड़ी, मुसकान----तबस्सुम----असुन----मुश्क, मुस्किराहट----स्मित हास्य----स्मित, हास्य----मुचकि हासि, स्मित हास्य----मिचिल हाँहि----मुचकि हसिबा, स्मितहास्य----चिरुनव्वु----पुन्चिरिप्पु पुन्नहै----पुंचिरि----मुगुळुनगु----
2458मुहावरापुंलिंगपुंलिंग---वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो।अभ्यास।---मुहावरामुहावरा---मुहावरा----महावरु॑----पहाको, मुहावरोमुहावरो, अभ्यासु---वाक्प्रयोग, वाक्संत्रदायअभ्यास---कहेवतमहावरो, अभ्यास, टेव---भाषा वैशिष्टिय-मूलक प्रकाश-भंगिअभ्या॒स (भ्भ)---जतुवा ढाँचअभ्यास---रूढ़ि प्रयोग, ढग----नुडिकारमुअलबाटु---मोऴि नडै, मरवुच् चॊल्वऴक्कं---शैलिकीळ् वळक्कं---नुडिगट्टुअभ्यास---
2459मूहूर्त्तपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है ;ज्योतिष के अनुसार शुभाशुभ समय ;श्री गणेश, आरंभ।--महूरतमहूरतमहूरत--साअ़तसाअ़ते सईदमहूरत--साथसाथसाथ र॑टुन--मुहूर्तु/महूरतु----मुहूर्तमुहूर्तप्रारंभ--मुहूर्तमुरतश्रीगणेश, शुभारंभ--मुहूर्तशुभ समयआरम्भ, शुरु--मुहूर्त्तशुभ क्षणशुभारम्भ--मुहूर्त्तमुहूर्त्तशुभारंभ, श्री-गणेश--मुहूर्तमुमुहूर्तमुआरंभमु--मुहूर्त नेरम्, नल्ल नेरम्मुहूर्त्तम्आरंबित्तल्--मुहूर्त्तकालंमुहूर्त्तंआरंभं--गळिगॆशुभ गळिगॆप्रारंभ--
2460मूकविशेषण, पुंलिंग----गूंगा।----गूंगा----गूंगा (गुंग)----कॊल----गूंगो----मुका----मूक, मूंगुं----मूक, बोबा----मूक, बोबा----मूक----मूग----ऊमै----ऊम, मूकन----मूग----
2461मूलभूतविशेषण----आधार रूपी, बुनियादी।----बुनियादी----बुनियादी----बुनिया॑दी----बुनियादी----मूलभूत----मूळभूत, बुनियादी----मूलीभूत----बुनियादी, मूल----मूळभूत----आधारभूतमु----आदारमान----आधारभूतमाय----मूलभूत----
2462मूल्यांकनपुंलिंग----मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया।----मुलंकण----निर्ख़बंदी----परखुन----कथ----मूल्यमापन, मूल्यांकन----मूल्यांकन----मूल्यांकन----मूल्यांकन----मुल्यांकन----मूल्य निर्धारण----विलै भदित्तल्----मूल्यांकनं, विलयिरुत्तल्----बॆलॆ निर्धरिसुविकॆ----
2463मृत्युस्त्रीलिंग----मरण, मौत।----मौत, मिरतू----मौत----मोथ----मौतु----मृत्यु----मृत्यु----मृत्यु, मरण॒ (न)----मृत्यु, मरण----मृत्यु----मृत्युवु, मरणमु----मरणम्, शावु----मरणं, मृत्यु----सावु----
2464मेहंदीस्त्रीलिंग----एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं।----महिंदी----मेंहदी (हिना)----मा॑ज़----मेंदी----मेंदी----मेंदी----मेहेदि----जेतुका----मेहंदी----गोरिंटाकु----मरुदाणि----मयिलांचि----अलतिगॆ----
2465मेखलास्त्रीलिंग----करधनी, कमरबंद, पेटी।----कमरबंद, तड़ागी----कमरबंद----मेखल आट्य॑पन----चेल्हिकी, कमरबंदु----मेखला, करगोटा, कंददारा----मेखला, कंदोरो----कटि भूषण॒ (न)----पेटी, कर्दनी----मेखळा----वड़डाणमु, मोहनूलु----ऒड्डियाणम् बेलटु----मेंखल----डाबु----
2466मेधावीविशेषण----असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान।----सूझवान----ज़की (फ़तीन)----लायख----अकुलवारों, बुधीमानु----बुद्धिमान----मेधावी, पंडित----मेधावी----मेधावी----मेधाबी----मेधावि----मेदावि----प्रतिभाशालि----मेधावि----
2467मेरासर्वनाम, विशेषण----'मै' का संबंध कारक।----मेरा----मेरा----म्योन----मुंहिंजो----माझे----मारो, मारी, मारुं, मारां----आमार, मदीय----मोर----मोर, मोहर----ना योक्क----ऎनदु----ऎन्टॆ----नन्न----
2468मेरु-दंडपुंलिंग----मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी।----कंगरोड़----रीढ़ (सुलब)----थ॑र काड----करंधो----मेरुदंड, पाठीचा कणा----मेरु-दंड, करोड----मेरुदण्ड----मेरुदण्ड----मेरुदंड----मेरु दंडमु, वेन्नुपूस----मेरु-दण्डम् मुदुगॆलुम्बु----मेरुदंडं, नट्टॆल्लु----बॆन्नुमूळॆ----
2469मेहतरपुंलिंग----भंगी।----जमांदार----मेहतर----वातुल----मेहतरु, भंगी----भंगी----मेहतर, भंगी----मेथर----मेतर----मेहेन्तर----पाकीवाडु----तोट्टि----तोट्टि----भंगि, तोटि----
2470मैंसर्वनाम----सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद।----मैं----मैं----बु॑----मां----मी----हु----आमि----मइ----मुँ----नेनु----नान्----ञान्----नानु----
2471मैदानपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग-विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन ;पर्वतीय क्षेत्र में भिन्न समतल भू भाग ;खेल आदि का स्थान ;युद्ध-क्षेत्र, रण-भूमि।-मैदानमैदानमैदानमैदान-मैदान----मा॑दानमा॑दानमा॑दानजंगुक मा॑दान-मैदानु----मैदानसमतल भूमिखळाचे मैदानरणभूमि, रणमैदान-मेदानसमतल भूमिरमवानुं स्थलरणभूमि-मयदानसमतल भू भागभयदान, माठरण भूमि (न)-पथारसमभूमिखेल-पथाररणथली, रणक्षेत्र-पड़िआ, मैदानपड़िआ, (समतळ-भूमि)पड़िआरणक्खेत्र, संग्राम-भूमि रण-भूमि-बयलु, मैदानमुपल्लमुक्रीडांगणमु, मैदानमुरणरंगमु-मैदानम्, तिर॒न्द र्वोळसमवेळिविळैयाट्टुत्तिडल्पोर्कळम्-मैतानंसमतल भूमिकळि स्थळं, कळंयुद्धक्कळं-बयलुसमतल भूमिक्रीडांगणरण भूमि-
2472मैलस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि ;किसी के प्रति मन में संचित दुर्भाव।---मैलमैल---मैल----मलमल---मैलु, मारुमैलु---मैळ, घाणमनोमालिन्य---मेल, कचरो, गंदकीकपह---मयलामालिन्य, कुटिलता---मलि, मलईर्षा, कपट---मैळा (मइळा)मैळा, (मुश्मुबित्ता)---मलिनमु, मुरिकिमालिन्यमु---अळुक्कानकॆट्ट ऎण्णम्---अळुक्कुदुर्भावन---कॊळॆकॆट्ट भावनॆ---
2473मैलखोराविशेषण----धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके।----मैलखोरा----मैलख़ोरा----मल खॅर----मैल ख़ोरो----मळखाऊ रंगांचा----मेलखाउ----मयलखोर----सहजे लेतेरा नोहोवा----मैलखोरा----मुरिकि कानरानि----अऴुक्किल्लाद----अऴुक्किल्लात्त----कॊळॆ काणद----
2474मैलाविशेषणपुंलिंग---जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ।विष्ठा।---मैलामैला---मैला (गंदा)गिलाज़त---मालु॑मल-मादान---मेरोबिष्ठा, टोरो---घाणेरडा, अस्वच्छविष्ठा---मेलुं, गंदुंमळमूत्रादि---मयला, मल्युक्तमल, विष्ठा---मलिन, लेतेराबिष्ठा, गु---मैळा, (मइळा) मळिनबिष्ठा, मळ, गुइ---मलिनमुमलमु---अऴुक्कानविष्टै, मलम्, ऎच्चम्---मलिनं, अळुक्कुळ्ळमलं---हॊलसाद, कॊळॆयादमल---
2475मोटाविशेषणविशेषण---जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय ;जो पतला या बारीक न हो (कपड़ा आदि)।---मोटामोटा---मोटा----व्यॊठव्यॊठ---थुल्हो----लठ्ठ, स्थूलजाड---जाडुं, स्थूलजाडुं---मोटा, मांसल, स्थूलमोटा---मोटा, शक्तडाठ, मोटा---मोटा, स्थूळमोटा---लावयिनमुतक---परुमनानदडियान---तटिच्चकट्टियुळ्ळ---दप्पदप्प---
2476मोतीपुंलिंग----एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता।----मोती----मोती (गौहर)----मॅखतु॑----मोती----मोती----मोती----मोति, मुक्ता----मुकुता----मोति----मुत्यमु----मुत्तु----मुत्तु----मुत्तु----
2477मोदकपुंलिंगपुंलिंग---लड्डू।आनंद देने वाला।---लड्डू----लड्डूफ़्रहत बख़्श (मुफ़्र्रेह)---लॊड----लडूंसुखदायकु---लाडू, मोदकआनंददायक---मोदक, लाडुआनंददेवावाळुं---मोदक, लाडुआनन्ददायक---लाडूमोदक---मोदक, लडूआनन्द-दायी---लडुमोदकरमु---कॊळुक्कट्टै, मोदकम्मगिऴ्च्चि अळिक्किर---मोदकं, कॊळुक्कट्टआनन्दमरुळुन्न---लाडुआनन्द पडिसुव---
2478मोलपुंलिंग----कीमत, मूल्य, दाम।----मुल्ल----कीमत (निर्ख़)----कू॑मथ----मुल्हु----मोल, किंमतं----मूल, किंमत----मूल्य, दाम----मोल, मूल्य----मूल्य, दाम----विलुव----विलै----विल----वॆलॆ----
2479मोहपुंलिंग----स्नेह, लगाव।----मोह----उल्फ़त----मुह----मोहु----स्नेह, मोह----मोह, आसक्ति, प्यार----मोह, माया, आसक्ति----चेनेह, प्रीति----मोह----मोहमु----मोहम्, अन्वु----मोहं----मोह----
2480मोहकविशेषणविशेषण---मोह उत्पन्न करने वाला ;मन को आकृष्ट करने वाला, लुभावना।---मोहकमोहक---दिलफ़रेब----मूहक----मोहींदडु.----मोहकारकमोहक, चित्ताकर्षक---मोहकलोभामणुं---मोहजनकचित्ताकर्षक, मनोहर---मोहकमोहनीय---मोहकमहिनीय, चित्ताकर्षक---मोहकमुमोहजनकमु---मनत्तै मयककुगिर॒मनत्तै कवरुगिर॒---मोहकारिमोहिप्पिक्कुन्न---मोहिसुवआकर्षिसुव, सॆळॆयुव---
2481मौतस्त्रीलिंग----मरण, मृत्यु।----मौत----मौत----मा॑थ----मौतु----मरण, मृत्यु----मोत, मरण, मृत्यु----मरण॒, मृत्यु (न)----मरण, मृत्यु----मरण----चावु, मरणमु----मरणम्, शावु----मरणं, मृत्यु----सावु----
2482मौनपुंलिंगविशेषण---न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी।जो न बोले, चुप।---चुप, मौनमोनी---ख़ामोशीख़ामोश---मोनममोनम---मौनु----मौनमूक---मौनमूक, चुप---मौन, अभाषणमौनी---मौनता, मौनमौन, निमात---मौन----मौनमुमौनि, मौनमुपूनिन---मौनम, पेशामत्तिरुत्तल्पेशामल् इरुक्किर॒---मौनंमिण्डान्त---मौनमौनि---
2483मौलिकविशेषणविशेषण---मूल-संबंधी, मूलगत ;जो किसी की छाया, उलथा, अनुकृति आदि न हो।---मौलिकमौलिक---बुनियादीअस्ल---मूलुकअसु॑ली---बुनियादीअसुली---मौलिकमौलिक---मौलिक, मूल, मुख्य----मूल, मूलागतमौलिक---मौलिकखाटि, मौलिक---मौळिक----मूलमुमौलिकमु---असलान, मूलमूलनूल---अटिस्थानपरं, मौलिकंस्वतंत्रं---मूलदमूल---
2484मौसमपुंलिंग----गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु।----मौसम----मौसम----मूसिम----मौसम----मोसम, ऋतु----मोसम, ऋतु----मौसम, ऋतु----काल, बतर, ऋतु----मौसम (रुतु)----ऋतुबु----काल निलै, परुवम्----ऋतु कालावस्थ----ऋतु, हवामान----
2485मौसम विज्ञानपुंलिंग----मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान।----मौसम विज्ञान----मौसिमयात----मूसिमी सयनस----मौसम विज्ञानु----हवामानशास्त्र----वायुचक्र शास्त्र----जलवायु-संक्रान्त-विज्ञान----बतर-विज्ञान----मौसम बिज्ञान----ऋतु शास्त्रमु----वानिलै शात्तिरम्----व्योमनिरीक्षण शास्त्रं----हवामान विज्ञान----
2486म्यानपुंलिंग----तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ।----मिआन----मियान----तलवारि हुँद गॊत----मियाण----म्यान----म्यान----खाप----फाक----म्यान, तरबारिर-खोळ----ओ़र----बाळुरै----बाळुर॒----ऒरॆ----
2487यंत्रपुंलिंग----औज़ार, उपकरण।----यंतर----औज़ार (आला)----यंथु॑र----यंत्रु, ओज़ारु----यंत्र----यंत्र----यंत्र----सरंजाम----जंत्र----यंत्रमु----इयन्तिरम्, करुवि----यंत्र----यंत्र----
2488यथार्थपुंलिंग, विशेषण----जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक।----यथारथ----हक़ीक़ी----पज़र----यथार्थु----यथार्थ, वास्तविक----यथार्थ, साचुं, खरुं----यथार्थ॒ (ज)----यथार्थ----जथार्थ----यथार्थमु----उणमैयान, उण्मै----यथार्थं----यथार्थ, नैज----
2489यद्यपिअव्यय----यद्यपि, अगर ऐसा है।----भावें----आग्रचे (गो)----अगर चि, यॊदवय, हरगाह----जेतोणीकि----यद्यपि, जरी----यद्यापि, जो के----यद्यपि, यदिओ----यद्यपि, यदिओ----जद्यपि----अयिननु----आयिनुम्, इरुन्दालुम्----ऎकिलुं----आदरू----
2490यशस्वीविशेषण----जिसका यश चारों ओर फैला हो।----जसवान----नामवर----मोशूर इन्सान----जसवारो----यशस्वी----यशस्वी----यशस्वी----यशस्वी----जशस्वी----यशस्बि, पेरुपोंदिन----पुगऴ् पॆट्ट----यशस्वि----हॆसरुवासियाद----
2491यहसर्वनाम, विशेषण----एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है।----एह, इह----यह----यि----होउ (पुं.) हीअ (स्त्री.)----हा, ही, हे--------एइ----इ, एइ, एइले----एहि----इतडु, ईमे, ई----इदु, इवन्, इवळ्----इवन्, इवळ्, इतु, ई----इदु, इवनु, इवळु----
2492याअव्यय----विकल्प सूचक शब्द, अथवा ।----यां----या----या----या----वा, अथवा----या, याने----वा, अथवा----बा, अथबा----बा, अकबा, किंबा----लेक----अल्लदु----अल्लॆङ् किल्----अथवा----
2493याचकविशेषण, पुंलिंग----मांगने वाला, भिक्षुक।----मंगता, जाचक----साइल----मंगन वोल, वेछु॑वुन----मंगतो, जाजिकु----भिक्षुक, याचक----याचक, मागण----याचक----मगनीय, भिखारी----जाचक----याचकुडु----याचकन्, इरप्पोन----याचकन्----याचक----
2494यातनास्त्रीलिंग----घोर कष्ट।----तसीहा----अ़कूबत (अ़जाब)----अज़ाब----कष्टु, पीड़ा----यातना----यातना, दु:ख, पीडा----यातना, घोर कष्ट----यातना, कष्ट----जातना----यातन----कडुम् वेदनै----यातन----यातनॆ----
2495यातायातपुंलिंग----एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना।----आवाजाई----आमदो रफ़्त----युन-गछुन आम द्रफ़्त----आमदरफ्त----दळणवळण----वाहन व्यवहार----यातायात----यातायत् आह जाह----जातायत आबागमन----राकपोकलु----पोक्कु वरन्तु----पोक्कुवरवु संचारं----सागणॆ, सारिगॆ----
2496यादस्त्रीलिंग----स्मरण रखने की क्रिया या भाव।----याद----याद----याद----यदि, यादिगीरी----आठवण, स्मरण----याद, स्मरण, यादी----स्मरण॒ (न)----सोंवरण, स्मृति----स्मरण राखिबा मने-रखिबा----गुर्तु, ज्ञापकमु----ञापगम्, निनैवु----स्मरण ओर्म्म----नॆन्पु----
2497यानपुंलिंग----वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है।----यान----गाड़ी----गाड॑य----वाहणु, सुवारीअ जो साधनु----यान----यान, वाहन----या॒न (ज)----यान, वाहन----ज़ान----यानमु, वाहनमु, प्रयाण साधनमु----वाहनम्, वण्डि----वाहनं----वाहन----
2498युक्तविशेषणविशेषण---किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ ;सम्मिलित।---युकतयुकत---मुल्हकशामिल---सात्य----जुड़ियलुगडि॒यलु---युक्त, जोडलेलेंसम्मिलित---युक्त, जोडायेलुंमळेलुं---यु॒क्त (ज)सम्मिलित---युक्त, लगासमिलित, मिलित---जुक्त----संयुक्तमु----इणैन्दकूडिय, शेर्न्द---चेर्न्नकूटिच्चेर्न्न---सरिदि, कूडिकॊण्ड सहितसेरिद---
2499युगपुंलिंगपुंलिंग---काल, समय ;काल-गणना के विचार से कल्प के चार उप-विभाग (सत्य, त्रेता, द्वापर और कलि में से प्रत्येक।)---युग, जुगयुग, जुग---अ़ह्द (ज़्माना)जुग---काल, बखयॅग---युगु, जुगु----काळ, समय युगयुग---युग, काल, समय, जमानोंयुग---यु॒ग, काल (ज)----युग, कालयुग---जुग (जुग)----युगमु, कालमुयुगमु---कालम्, नेरम्युगम---कालम्, समयम्युगं---युगयुग---
2500युगलविशेषण, पुंलिंग----युग्म, जोड़ा।----जोड़ा----जोड़ा----जूर्य----जोड़ो----जोड़ा, युगल----युगल, जोडुं----यु॒ग्म, जोड़ा (ज)----युगल, युग्म----जुगळ----युगळमु----जोडि, इरट्टै----युगळं, जोडि, इरट्ट----जॊतॆ, जोडि----
2501युग्मपुंलिंग----दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा।----जोड़ा----जोड़ा (ज़ौज)----जूर्य----जोड़ी, जोड़ो, जुतु----युगल, जोड़ा, युग्म----युग्म, युगल, जोडुं----यु॒गल, युग्म (ज)----युग्म, युगल----जुग्म----युग्ममु, जंट, ज़ोडु----युग्मम् इरट्टै----युग्मं, जोडि----जोडि----
2502युद्धपुंलिंग----अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम।----जुद्ध, युद्ध----जंग----लडा॑य----जुधि, जंगि----रण, संग्राम, युद्ध----युद्ध, लड़ाई----यु॒द्ध, रण, समर, (ज)----जुद्ध----जुद्ध----युद्धमु----युद्दम, पोर्----युद्धं----युद्ध----
2503युवकपुंलिंग----जवान आदमी।----जवान----जवान----नवजवान----जुवानु, युवकु----तरुण, माणूस, युवक----युवक----यु॒वक, तरुण (ज)----युवक, डेका----जुबक----युव्कुडु----इळैञन्----युवावु----युवक----
2504योगदानपुंलिंग----किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव।----देण----तआ़दुन----मदद----योगदानु----सहकार्य----फाळो----योगदान, सहयो॒ग (ज)----योगदान, सहयोग----जोगदान----सहकारमु----ओत्तुऴैपपु----सहकरणं----सहाय, माडुविकॆ----
2505योगीपुंलिंग----वह जो योग की साधना करता हो।----जोगी, योगी----जोगी----यूग्य, यूगी----योगी, जोगी॒----योगी----योगी, तपस्वी----यो॒गी, तपस्वी (ज)----योयी, साधक----जोगी----योगी----योगि, तवसि----योगि----योगि----
2506योग्यविशेषणविशेषण---काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब;योग्यता रखने वाला।---योग, जोगयोग, जोग---अह्लज़ी इस्तेदाद (क़ाबिल)---का॑बिल----जोगु, योग्यु लाइकुजोगो॒---योग्य, उपयुक्तयोग्य, समर्थ---योग्य, छाजतुं, लायकयोग्य, छाजतुं, लायक---यो॒ग्य, उपयुक्त समर्थ (ज)----योग्य, लायकयोग्यता, थका, योग्य---जोग्य----योग्यमुयोग्युडु---तुगुदियुळ्ळलायक्कान---योग्यम्, उचितंअर्हत युळ्ळ---तक्कयोग्य---
2507योग्यतास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत ;गुण।---योगता----क़ाबलियत (अहलियत)ख़ूबी---का॑बलियत----लियाकत----योग्यतागुण---योग्यतागुण---यो॒ग्यता (ज)गुण॒ (न)---योग्यता अर्हतागुण---जोग्यता----योग्यतयोग्यत---तगुदिगुणम्---अर्हतयोग्यत---योग्यतॆगुण---
2508योजनास्त्रीलिंग----किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान)।----योजना----मनसूबा----मंसूबु॑----योजना, रिथा----योजना----योजना, व्यवस्था----यो॒जना, परिकल्पना (ज)----योजना, परिकल्पना आँचनि----जोजना----प्रणाळिक----तिट्टम्----पद्धति----योजनॆ----
2509यौवनपुंलिंग----युवा या युवती होने की अवस्था या भाव।----जोबन----शबाब (जोबन)----यावुन, जवा॑नी----जोभनु, जवानी----तारुण्य, यौवन----यौवन, जुवानी----यौ॒वन तारुण्य (ज)----यौवन, डेका, अवस्था----जौबन----यौवनमु----इळैमैप् परुवाम्----यौवनं----यौवन----
2510रंगपुंलिंग----वर्ण (कलर)।----रंग----रंग----रंग----रंगु----रंग, वर्ण----रंग----रंग, वर्ण॒ (न)----रं, वरण बोल----रंग----रगु, वन्ने----निरम्, चायम्----निरं, वर्णं----बण्ण----
2511रंगनासकारात्मक क्रिया----रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना।----रंगणा----रंगना----रंगुन----रङणु----रंगीवणें----रंगवुं----रङानो----रं दि, बोला----रंग करिबा----रंगु वेयुट----चायम् पोड़----निरं पिटिप्पिकक्कुक----बण्ण हाकुवुदु----
2512रंगमंचपुंलिंग----वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं।----रंगमंच----स्टेज----सिटॆज----रंगमंच, स्टेज----रंगभूमि, रंगमंच----रंगभूमि----रंगमच, रंगभूमि----रंगमंच, नाट्यशाला----रंगमंच----रंगशाल----नाडग मेडै----स्टेज, अरङ्ङु----रंग भूमि----
2513रंभानाअकारात्मक क्रिया----गाय का मुँह से आवाज करना।----अड़िगना----रांभना----डां-डां करुन----रंभणु----हंबरणें----भांभरवुं----हम्बानो, हाम्बानो----हेम्बेलिया----हंबारड़ि करिबा----अंबा अनुट----पशु माट्टिन् कत्तुदल्----(पशु) अमरु॒क----अंबा ऎन्दु कूगुवुदु----
2514रक्तपातपुंलिंग----लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा।----खून खराबा----ख़ूनरेजी (ख़ूरेज़ी)----खून रीज़ी----रत जो दाबु----रक्तपात----रक्तपात----रक्तपात, खुन खारिपि----रक्तपात----रक्तपात----रक्त स्रावमु रुधिर पातमु----रत्तम् शिन्दुदल्----रक्तच्चॊरिच्चिल्----रक्तपात----
2515रक्षास्त्रीलिंग----ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव।----राखी, रखिआ----दिफ़ाअ़ (तहफ़्फुज़)----हयफाजथ----रक्षा, बचाउ----बचाव, रक्षण----रक्षा, बचाव, रखवाळी----रक्षा॒ त्राण॒, बाँचोया (क्ख) (न)----रक्षा, रक्षण----रख्या----रक्षण----काप्पाट॒ट॒दळ्----रक्ष----रक्षणॆ----
2516रखनासकारात्मक क्रिया----किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना।----रखणा----रखना----थवुन----रखणु----ठेवणें, सांभाळणें----राखवुं, बचाववुं----राखा----राख, थ----रखिबा----उंचुट----वैक्क----वॆक्कुक----इडुवुदु----
2517रगड़स्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---रगड़ने की क्रिया या भाव ;वह चिह्न जो किसी चीज से रगड़े जाने पर दिखाई देता है, खरोंच।---रगड़रगड़---रगड़----फशज़ु॑ल, खुह---रगड़----घर्षणउझरणें---रगड़----रगड घर्षण॒ (न)आँचड़, दाग---घँहन, घर्षणआँचोर, घँहनिर चिन---रगड़रगड़---ओरिपिडिगीर---तेय्त्तल, उराय्दल्शिराय्पपु---उरसल्पोर॒ल---उज्जुविकॆ, घर्षणॆगीचु, गॆरॆ---
2518रचनास्त्रीलिंग----बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव।----रचना----तख़्लीक़----तखलीक, रचु॑ना----रचना रचणु----रचना----रचना, कृति----रचना----रचना, रच रचना कर----रचना----रचन, रचिंचुट----पडैप्पु, तयारिप्पु----रचन रचिक्कुक----रचनॆ, रचिसुवुदु----
2519रजनीस्त्रीलिंग----रात, रात्रि----रात----रात (शब)----राथ----राति----रात्र, रजनी----रजनि, रात----रजनी, रात----रजनि, राति----रजनी----रजीन, रात्रि----रात्तिर, इरवु----रात्रि, रजनि----रात्रि----
2520रटनासकारात्मक क्रिया----कंठस्थ करना।----रटणा----रटना----याद करुन, गोटु॑ मारुन----रटणु----तोंडपाठ करणें----रटवुं----मुखस्थ करा----मुखस्थ कर----रटिबा----वल्ले वेयुट----मणप्पाडं सॆय्य----काणातॆ मन: पाठं आक्कुक----वायिपाठ माडुवुदु----
2521रणपुंलिंग----लड़ाई, युद्ध।----रण----जंग (म़ारिका)----लडा॑य----जंगि----युद्ध, रण----रण, लड़ाई----रण॒, युद्ध (न)----रण, जुद्ध----रण----रणमु----पोर्----युद्धं, रणं----काळग, युद्ध----
2522रत़िस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---काम क्रीड़ा ;साहित्य में श्रृगार रस का स्थायी भाव।---प्रेम पिआररती---मुबाशरत (जिमाअ़)वस्ल---प्रॆयम----संजोगु, संभोगु मेलापुमेलापु---काम क्रिडा, रतिश्रृगार रसाचा स्थायी भाव, रति---रति, आसक्ति, कामक्रीडारति, आसक्ति, कामक्रिडा---रति, मैथुनरति---रति, कामकेलिरति रस, श्रृंगार रस स्थायी भाव---रति----रतिरति---सिट॒टि॒न्बम्रति एन्र॒ इलक्कियत्तिलुळ्ळ शिरुंगाररसत्तिन् निलैयान बावम्---रतिरति---कामक्रीडॆरति---
2523रत्नपुंलिंग----बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं।----रतन----जौहर, जवाहिर----रेतु॑न----रत्नु/रतनु----रत्न----रत्न----रत्न----रत्न----रत्न----रत्नमु----इरत्तिनम्----रत्नं----रत्न----
2524रफ़्तारस्त्रीलिंग----चाल, गति।----रफतार----रफ़्तार----चाल, रफतार----रफ़तार----गति, वेग----चाल, गति----चाल, गति----चाल, गति----गति, चाल्----वेगमु, वडि----नडै, वेगम्----वेगत----वेग----
2525रमणीस्त्रीलिंग----सुंदर नारी, युवती।----सोहणी----हसीना----सॅन्दर ज़नानु॑----रमाणी, सुहिणी स्त्री----सुंदर स्त्री, रमणी----रमणी, स्त्री----रमणी॒, युवती (न)----रमणी, सुन्दरी----रमणी, जुबली----रमाणि----अऴगिय----रमणि, युवति----युवति----
2526रमणीकविशेषण----सुंदर, मनोहर।----रमणीक----हसीन (दिलरुबा)----सॅन्दर----रमणीक, सुंदरु,----सुंदर, मनोहर----रमणीक, सुंदर----रमणीय, रम्य----रमणीय, मनोहर----रमणीयक, मनोहर, सुन्दर----रमणीयमु----अऴगान----रमणीयं, मनोहरं----रमणीय----
2527रविपुंलिंग----सूर्य।----सूरज----सूरज----सिरियि----सिजु----सूर्य, रवि----रवि, सूर्य----सूर्य, रवि----सूर्य----रबि, सूर्ज्य----रवि, सूर्यडु----सूरियन्----सूर्यन्, रवि----सूर्य----
2528रश्मिस्त्रीलिंग----किरण।----रिशम----किरन (शुआअ़)----जुच़, किरण----किरिणो----किरण, रश्मि----रश्मि, किरण----रश्मि, किरण॒, (स्सिँ) (न)----रश्मि, किरण----रश्मि----रश्मि----ऒळिक्कदिर्----रश्मि----किरण----
2529रसपुंलिंगपुंलिंग---शोरबा (जूस) ;मन में उत्पन्न होने वाला वह भाव जो काव्य आदि पढ़ने या देखने से होता है, काव्यानंद।---रसारस---शोरबाजज़्बा---रसरस---रसु (स्त्री.)रसु (पुं.)---रस, रस्साकाव्यानंद---रस, द्रव----झील, रसकाव्या॒नंद (ब्ब)---रस(काब्यर) रस---रसरस---रसमुरसमु---शारु, रसम्इलक्कियच्चुवै---चारु॒रसं---रसरस---
2530रसायनपुंलिंग----उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि।----रसाइण----कीमिया----कीमिया----कीमिया रसायनु----रसायन--------------रसायन (औषध)---------रसायनमु----रसायन पॊरुळ्----रसायनं----रसायन----
2531रसीलाविशेषण----रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट।----रसीला----रसीला----र॑स्युल----रसीलो, रसवारो सवादी----रसाळ----रसीळुं, स्वादिष्ट----रसाल, रसपूर्ण॒ (न)----रसाल----रसमय----रसवंतमु----शारु निरै॒न्द, रुचि कय्यान----सरसं----रसभरित----
2532रस्सापुंलिंग----मोटी डोरी (रोप)।----रस्सा----रस्सा----मॊट रज़, रसु॑----रसो, नोडु.----दोर----रस्सो, रसो----रशि, दड़ि----जरी, रद्दा----मोटा डोर, मोटा,-दउड़ी----ताडु----तांबुक्कासिरु----वटं----हग्ग----
2533रहटपुंलिंग----खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील)।----हलट----रहट----अरहठ----नारु----रहाट----रहेट----अरघट्ट----पथारलै नादर पानी तुलि निया यंत्र----रहट----मोट----तण्णीर् इरैक्कुम राट्टु----राट्टु----पर्शियन ह्वील्----
2534रहस्यपुंलिंग----मर्म या भेद की बात, गुप्त बात।----रहस्स----राज़----राज़----रहस्यु, राजु----रहस्य----रहस्य----रहस्य॒ (स्स)----रहस्य----रहस्य----रहस्यमु----रगसियम्----रहस्यं----गुट्टु, रहस्य----
2535रहितविशेषण----के बिना, के विहीन।----रहित----बग़ैर (ख़ाली)----बरा॑य----खां सवार----रहित----रहित----रहित, विहीन----रहित बिहीन----रहित----रहितमु----इल्लामल, इन्रि॒----रहितं, इल्लातॆ----इल्लद, रहित----
2536राक्षसपुंलिंग----निशाचर, दैत्य।----राखश, दैंत----रफ़्रीत----राख्युस----राकासु, दैतु, दैत्यु----राक्षस----राक्षस, दैत्य----राक्ष॒स, दैत्य (क्ख)----राक्षस, दैत्य----राख्यस (राख्यस)----राक्षसुडु----अरक्कन्----राक्षसन्----राक्षस----
2537राखस्त्रीलिंग----भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष।----सुआह----राख----सूर----रख----राख----राख----भस्म, खाक----छाँइ, भस्म----भस्म, पाउंस----बूडिद----शाम्बल्----चारं, भस्मं----बूदि----
2538रागपुंलिंगपुंलिंग---अनुराग, प्रेम।शास्त्रीय संगीत का विशिष्ट गान-प्रकार।---रागराग---रागराग---राग, मॊहब्बतराग, मॊहब्बत---प्रेमु, प्यारुरागु---अनुराग, प्रेमसंगीत (राग)---रागसूर---अनुराग, प्रीति----प्रेम, अनुराग(संगीतर) राग---राग----अनुरागमुरागमु---अन्बुरागम्---अनुरागंरागं---अनुरागराग---
2539राजपुंलिंगपुंलिंग---राज्य, राजकीय शासन ;मकान बनाने वाला कारीगर (मेसन)।---राजराज---राज (हुकूमत)मेअ़मार (राज)---राज़द॑सिल---राजुराज़ो---राज्यगवंडी---राज, राज्यकडियो---राज्यराज मिस्त्री---राज्यराज मिस्त्री---राज्य----राज्यमुमिस्त्री---अरशाट्चिकॊत्तनार्---राज्यभरणंकल्पणिक्कारन् कॊत्तन्, कल्लाशारि---राज्याडळितउप्पार---
2540राजकुमारपुंलिंग----राजा का पुत्र।----राजकुमार----शहज़ादा----राजु॑कॅमार----राजकुमारु----राजकुमार, राजपुत्र----राजकुमार----राजकुमार----राजकोंवर----राजकुमार----राजकुमारुडु----अरश कुमारन्----राजकुमारन्----राजकुमार----
2541राजचिह्नपुंलिंग----राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो।----राजचिह्न----सरकारी निशान----राजु निशा॑न्य----शाही निशानु राज॒ जी निशानी----राजचिह्न----राजचिह्न----राजचिह्न----राजलक्षण----राजचिह्न----राजलक्षणमुलु----अरशु-चिन्नम्----राजचिह्नं----राज्यद चिह्नॆ----
2542राजदूतपुंलिंग----किसी राजा या राज्य का दूत।----राजदूत----सफ़ीर----राजदूत, सफीर----राजदूतु, एलची----राजदूत----राजदूत, एलची----राजदूत----राजदूत----राजदूत----रायबारि----राज दूतन्----राजदूतन, बंबासडर॒----राजदूत----
2543राजद्रोहीपुंलिंग----वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी।----राजधरोही----बाग़ी----बा॑गी, बगावत करन बोल----राज॒द्रोही, बाग़ी----राजद्रोही----राज्द्रोही----राजद्रोही, देशद्रोही----राजद्रोही देशद्रोही----राजद्रोही----राजद्रोहि----राजदुरोहि----राजद्रोही, राज्यद्रोहि----राजद्रोहि----
2544राजधानीस्त्रीलिंग----किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो।----राजधानी----दारुस्सल्तनत, दारुसहुकूमत----राजदा॑न्य----राज॒धानी----राजधानी----राजधानी, पाटनगर----राजधानी----राजधानी----राजधानी----राजधानि----राजदानि तलै नगरम्----राजधानि----राजधानि----
2545राजनीतिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप)।गुटों, बर्गों आदि की पारस्परिक स्पर्धा वाली स्वार्थपूर्ण नीति (पालिटिक्स)।---राजनीतीराजनीती---सियासत----सियासथ, राजनीतिसियासत, राजनीति---राज॒नीती----राजनीतिराजनीति---राजनीतिकूटनीति---रातनीति----शासन पद्धतिराजनीति---राजनीति----राजनीतिराजकीयमुलु---राज तन्दिरमअरशियल्---राजतंत्रंराष्ट्र मीमांस---राज्यतंत्र प्रावीण्यतॆराजनीति---
2546राजभाषाविशेषण----किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो।----राजभाशा----सरकारी ज़बान----सरकार्य ज़बान----राज॒भाषा----राज्यभाषा----राजभाषा----राजभाषा----राजभाषा----राजभाषा----अधिकार भाषा----आट्चि मॊऴि----औद्योगिक भाष----सरकारद् भाषॆ----
2547राजमार्गपुंलिंग----मुख्य मार्ग, राजपथ।----राजमारग----शाहराह----कोमी शाहरा----राज॒पथु, शहेराह----राजमार्ग----राजमार्ग----राजमार्ग, राजपथ----राजपथ----राजमार्ग----राजमार्गमु, राजवीधि----राज पाट्टै, नेडुम् पादै----राजमार्ग, पॆरुवऴि----राजमार्ग----
2548राजस्वपुंलिंग----वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो।----मालीआ (रेवन्यू)----मालिया----मा॑लियि----ढल, टैक्सु----महसूल----महेसूल, आवक----राजस्व, राजकर----राजह----राजस्व----राजस्वमु, प्रभुत्वादौयमु----वरि----राजस्वं रॆ॒वन्यु----तॆरिगॆ- आदाय----
2549राजापुंलिंग----वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति।----राजा----बादशाह (राजा)----राजु॑----राजा----राजा----राजा, नृपति, भूपति----राजा, भूपति, नरेश----रजा----राजा, नर-पति, नरेश नृपति, भूपति----राजु----राजा, अरशन्----राजावु----राज----
2550रात्रिस्त्रीलिंग----रात, निशा।----रात----रात----राथ----राति----रात्र, निशा----रात्रि, रात----रात्रि, निशा----निशा, राति----रात्री, निशा, जामिनी----रात्रि----रात्तिरि, इरवु----रात्रि----रात्रि----
2551राशिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--किसी पदार्थ का समूह ;गणित में कोई ऐसी संख्या जिसके संबंध में जोड़, गुणा, भाग आदि क्रियाऍ की जाती हैं ;ज्योतिष शास्त्र के अन्तर्गत क्रांति वृत्त में पड़ने वाले 12 तारा समूहों में से कोई एक।--राशीराशीरास--अंबार (ढेर)रक़मबुर्ज--राशरकमराश--ढेरु, ढिगुरकमराशि--रास, ढीगसंख्यारास--राशि, ढगलोसंख्यारास--राशि, समूहअक, संख्या॒ (ख्ख)---राशि, समूह(अंकर) राशि, संख्या(ज्योतिषत) राशि--राशिअंकर राशि, संख्याज्योतिषर राशि--राशिराशिराशि--कुवियळ्तॊगै12 राशिगळिळ् ओन्रु॒ (जोदिडम्)--कूट्टंतुकराशि (मेषादि)--राशि, गुड्डॆसंख्यॆराशि--
2552राष्ट्रपुंलिंग----राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं।----राशटर----क़ौम----कोम----राष्टु, कौम----राष्ट्र----राष्ट्र, देश----राष्ट्र, राज्य----राष्ट्र----राष्ट्र, राज्य----जाति, राष्ट्रमु----देशम्, नाडु----राष्ट्रं, राज्यं----राष्ट्र----
2553राष्ट्रगानपुंलिंग----किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो।----कौमी तराना, राशटर गान----कौमी तराना----कोमी बा॑थ----राष्ट्र गानु, कौमी तरानो----राष्ट्रगीत----राष्ट्रगीत----जातीय संङ्गीत----राष्ट्रीय संगीत----राष्ट्रीय गीत----जातीय गीतमु----देशीय गीतम्, नाट्टुप्पण्----राष्ट्रगीतं----राष्ट्रगीतॆ----
2554राष्ट्रध्वजपुंलिंग----किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा।----कौमी झंडा, राशटरी झंडा----कौमी परचम----कोमी जंडु॑----कौमी झंडो----राष्टध्वज----राष्ट्रध्वज----जातीय पताका/ध्वजा----राष्ट्रीय पताका----राष्ट्रीय-पताका----जातीय पताक----देशीय-क्-कोड़ि----राष्ट्र पताक----राष्ट्रध्वज----
2555राष्ट्रभाषास्त्रीलिंग----राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों।----राशटर भाषा, कौमी जबान----क़ौमी जबान----कोमी ज़बान----राष्ट्रभाषा----राष्ट्रभाषा----राष्ट्रभाषा----राष्ट्र भाषा----राष्ट भाषा----राष्ट्र-भाषा----जातीय भाषा----देशीय मॊऴि----राष्ट्र भाष----राष्ट्रभाषॆ----
2556राष्ट्र मंडलपुंलिंग----ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ)।----राशटर मंडल----दौलते मुशतरिका (दुवले मुशतरिका)----दोलति मुश्तरकु॑, कामन् वॆलथ----राष्ट्रमंडलु, कौमुनि जो मंडलु----राष्ट्रमंडल----राष्ट्रसमूह----राष्ट्र पुञ्ज----कामन वेल्थ, राष्ट्र मंडलं----राष्ट्र-मंडळ----राष्ट्रमंडलि----रामनवॆलत्तु, नाडुगळिन् कुळु----कामण्वॆल्थ्----राष्ट्रमंडल----
2557राष्ट्रवादीपुंलिंगविशेषण---राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति।राष्ट्रवाद से संबंधित।---राशटर वादी----कौमपरस्तकौमपरस्ताना---कोम परस----राष्ट्रवादी, कौमी----राष्ट्रवादी----राष्टवादी----स्वेदश भक्त व्यक्ति----जातीयताबादी----राष्ट्रबादी----जातीयवादि----देशीय वादि----राष्ट्रवादि, नेषनलिस्ट्----राष्ट्रवादि राष्ट्रीयराष्ट्रीय---
2558राष्ट्रीकरणपुंलिंग----राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव।----राशट्रीकरन----कौमियाना----कोमियावुन----राष्ट्रीयकरणु----राष्ट्रीयकरण----राष्ट्रीयकरण----राष्ट्रीयकरण----राष्ट्रीयकरण----राष्ट्रीयकरण----जातीयकरणमु----देशीय मय माक्कुदल्----देशवत्करणं----राष्ट्रीय करण----
2559रास्तापुंलिंग----मार्ग, पथ।----रसता----रास्ता----वथ----रस्तो, राह----रस्ता----रास्तो, पथ, राह----रास्ता, पथ----रास्ता, पथ----रास्ता----दारि----रस्ता, वऴि----मार्गं, वळिं----रस्तॆ----
2560रिमझिमस्त्रीलिंग----फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना।----किणमिण----रिमझिम----रूदु लवु----रिम झिंम----झिमझिम पाउस----वर्षानी फरफर----झिर झिरे वृष्टि----किनकिनीया बरषुण----कुंडा झडिबा----चिनुकुलु चिट पट----मऴैत्तूरल्----चार॒ल्, तुळ्ळिमळ----तुंतुरुमळॆ हिनमळॆ----
2561रिवाजपुंलिंग----प्रथा, चलन।----रिवाज----रिवाज (रवाज)----रिवाज, रॆवाज----रवाजु----प्रथा, चालुरीत----रिवाज, प्रथा, चाल----रेओयाज, दस्तुर, राति----प्रथा, रीति, नियम----प्रथा, चळणी----रिवाजु, आचारमु----वऴक्कम्, संपिरदायम्----पतिवु, संप्रदायं----संप्रदाय, रूढि----
2562रिश्वत खोरीस्त्रीलिंग----घूस लेने की क्रिया।----रिशवत खोरी, वड्ढी खोरी----रिश्वत खोरी----रशवथ खोरी----रिश्वतख़ोरी----लाचलुचपत----रिश्वतखोरी----घुश खाओया----घोच खोवा कार्य----रिस्मत खोरि, उत्कोच----लंचगोंडितनमु----लंचम्, ऊऴलू----कॆक्कूलि----लंच तिन्नूविकॆ----
2563रीझनाअकारात्मक क्रिया----मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना।----रीझणा----रीझना (फरेफ़्ता होना)----खॅश सपदुन----रीझणु----मोहितहोणें----रीझवुं, खुश कवुं----मुग्ध हओया----मोहित ह----मोहित छेबा, प्रसन्न हेबा----प्रसन्नुडगुट----मयंगि विड----संतोषिक्कुक, मोहिक्कुक----मुग्धनागुवुदु----
2564रीतिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---प्रथा, रिवाज;काम करने का विशिष्ट ढंग या तरीका, कायदा।---रीतरीत---रिवाज (रस्म)क़ायदा---रीथचलु॑नी---रीति----प्रथा, रीतिपध्दत---रीति, रुढ़िपद्धति, तरेह---रीति, प्रथा, दस्तुरधरण---रीति, प्रथाकायदा, पद्धति---रीति----आचारमुरीती, पद्धति---वऴक्कम्सॆयल् मुरै॒---रीति, पतिवुसंप्रदाय मट्टु---रूढिरीति---
2565रुकनाअकारात्मक क्रिया----ठहरना, थमना।----रुकणा----रुकना----ठह॑रुन----रुकिजणु----थांबणें----रोकावुं----रोखा, थामानो----र, थाम----रोकिबा, बन्द करिबा----आगुट----तंग, तडैपड----निल्क्कुक----निल्लुवुदु----
2566रुकावटस्त्रीलिंग----विघ्न, बाधा, अटकाव।----रुकावट, रोक----रुकावट (ख़लल)----रुकावट----रुकावट----विघ्न, बाधा----रुकावट, रोकाण----रोग, बाधा, प्रतिरोध----बाधा, बांधकता----विध्न, बाधा----आटंकमु----तंगुतडै----विध्नं, तटस्सं----तडॆ----
2567रुचनाअकारात्मक क्रिया----रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना।----रुचणा----भाना----प्रॆयुन----वणणु, पसंद, पवणु----रुचणें----रुचवुं, गमवुं----रोचा, भालो लागा----भाल, लाग, जुति लाग----रुचिबा----रुचिंचुट----मनदुक्कु-प् पिडिक्क----रुचिक्कुक----रुचिसुवुदु----
2568रुचिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---इच्छा;दिलचस्पी।---रुची----ख़्वाहिशरग़बत (शौक)---रगबथ----रुची, चाहुदिलचस्पी---इच्छारुचि, गोडी, आवड---रुचि, इच्छादिलचस्पी---रुचि, इच्छाआग्रह---रुचि, इच्छारुचि, जुति, शोभा---रुचि----मक्कुवअभिलाष---इच्चै, सुवैविरुप्पम्---रुचितात्पर्यं---इष्टआसॆ---
2569रुपयापुंलिंग----सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट।----रुपैआ----रुपया----रॅपु॑यि----रुपयो----रुपया----रुपियो----टाका, रुपेया----टका----टंका----रूपायि----रूबाय्----रुप, उरु॒प्पिक----रुपायि----
2570रुष्टविशेषणविशेषण---रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध ;रूठा हुआ, अप्रसन्न।---गुसैलरुस्सिआ---बरहमनाराज़ (ख़फ़ा)---रुठमुत, खफु॑----नाराजुरुठलु---रुष्ट, क्रुद्धरुष्ट, रुसलेता---रुष्टरुठेलुं---रुष्ट, क्रुद्धमानी अभिमानी---रुष्अ, व्रुद्धअसंतुष्ट ओफोन्दा लगा---रुष्ट, क्रुद्ध, असन्तुष्टअसन्तुष्ट---रोष पडिनअलिगिन---कोबमडैन्दकोषमाह---क्रुद्धन्पिणङाङिय---कोप गॊण्डअप्रसन्न---
2571रूखाविशेषणविशेषण---जिसमें चिकनाहट का अभाव हो ;शुष्क, नीरस।---रुक्खा----रूखा----हॊख----अणिभोरुखो खुश्कु---रुक्ष, कोरडानीरस, शुष्क---रुक्ष, लूखुंनीरस---रुक्ष॒, रूखा (क्ख)शुष्क, नीरस---रुख, कठुवाशुकानं, नीरस---रुख्य, नुखुरा----एंण्डिपोयिनशुष्कमु---वरण्डसुवैयट॒ट॒---मिनुसमिल्लान्त, उणङाङियशुष्कमाय---ऒणगिद, तुप्प हच्चदऒणगिद---
2572रूठनाअकारात्मक क्रिया----रुष्ट या अप्रसन्न होना।--रुस्सणा--रूठना--रोशुन--रुसणु--रूसणें--रूठवुं, कोपवुं--मानकरा, रुष्ठ हओया--असन्तुष्ट ह, रुष्ठ ह--रगिबा, रुष्ठ हेबा, क्रुउइणा--अलुगुट--कोबिक्क, ऊडल् कॊळ्ळ--पिणङ्ङुक--मुनियुवुदु--
2573रूढ़िस्त्रीलिंग----परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों।----रूढ़ी----रस्म (रिवायत)----परंपरा----रसम, पुराणी रीति----रूढ़ि----रूढ़ि----परम्परागत----प्रचलन, रीति, परम्परां----रूढ़ि----रूढ़ि----परंपरै, वऴक्कम्----मामूल्, पारंपर्यं----वाडिकॆ----
2574रूपकपुंलिंगपुंलिंग---ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक ;साहित्य में एक प्रकार का अर्थालकांर (मेटाफर)।---रूपकरूपक---ड्रामाइस्तिआ़रा---रूपकशा॑यिरी हुंद गन---नाटकरूपक---नाटकरूपक, अर्थालंकार---रूपक, नाटकरूपक, अर्थालकार---रूपक, नाटकअर्थालंकार---रूपक, नाटकरूपक---रूपक, नाटकरूपक---रूपकमुरूपकालंकारमु---शिरु॒नाड़गमंउरुवणि---रूपकंरूपकालंकारं---नाटकरूपक---
2575रूप रेखास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच);किसी कार्य या बात का संक्षिप्त रूप (आउटलाइन)।---रूप-रेखारूप-रेखा---ख़ाका----खाकु----रूप रेखा----रूपरेखारूपरेखा---रूपरेखारूपरेखा---परिलेख, स्केचसंक्षिप्त खसड़ा---आँचनि, रूपरेखारूपरेखा---रूपरेखारूपरेखा, संक्खिप्त रूप---रेखा चित्रमुस्थूल रूपमु---उरु वरै वम्तिट्ट उरु वरै---स्कॆच्संक्षिप्त रूपं---रूपरेखॆस्थूल विवरणॆ---
2576रूपान्तरपुंलिंग----रूप-परिवर्तन।----रूपान्तर----तब्दीली-ए-हैअत----तरज॑मु----उलको----रूपान्तर----रूपान्तर----रूपान्तर----रूपान्तर----रूपान्तर----रूपान्तरमु----उरु माट॒ट॒म्----रूपान्तरं----रूपान्तर----
2577रेंगनाअकारात्मक क्रिया----पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप)।----रेंगणा----रेंगना----येड सूत्य॑ पकुन----रेढ़ियूं पाइणु, सुरणु----सरपटणें----सरपटवुं---------चोंचर, बगुबा बा----गुरुंडिबा----प्राकुट----तवऴ----इऴयुक----अंबॆगालिडुवुदु तॆवलुवुदु----
2578रेखागणितपुंलिंग----ज्यामिति (जिआमिट्री)।----रेखा गणित----उक़्लीदिस (इल्मुल मिसाहत)----जामट्री----जामेट्री, रेखागणित----भूमिति, ज्यामिति----रेखागणित----ज्यामिति----ज्यामिति----ज्यामिति, रेखागणित----क्षेत्र गणितमु----क्षेत्तिर गणितम, वरै गणितम्----रेखागणितं----रेखागणित----
2579रेखाचित्रपुंलिंग----केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच)।----रेखा चित्तर----नक़्शा (ख़ाका)----खाकु॑----रेखाचित्रु----रेखाचित्र----रेखाचित्र----परिलेख, स्केच----रेखाचित्र----रेखाचित्र----रेखाचित्रमु----कोडुगळाळ् वरैन्द पडम्----रेखाचित्रं स्कॆच्----रेखाचित्र----
2580रेज़गारीस्त्रीलिंग----छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज)।----भान----रेज़्गारी (ख़ुर्दा)----फुटु॑ वोट----रेजगारी, रेज़ो----चिल्लर, खुर्दा----रेजगी----भाङगानि, खुचरा, रेजागि----भंङा, पइचा----रेजि/रेजगारी, खुचुरा भंगा-पइसा----चिल्लर----शिल्ल रै ककाशु----चिल्लर----चिल्लरॆ----
2581रेतस्त्रीलिंग----बालू।----रेत----रेत----स्यख----रेती, वारी----वाळुं, रेती----रेत, वालुका----बालु, बालि----बालि----बालि----इसुक----मणल्----मणल्----मरळु----
2582रेलगाड़ीस्त्रीलिंग----भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन)।----रेल गड्डी----रेलगाड़ी----रेलगा॑ड्य----रेलगाडी----आगगाड़ी----रेल----रेलगाड़ि, ट्रेन----रेलगाड़ी----रेलगाड़ी----रइलु बंडि----पुगै वंडि, रयिल् वंडि----तीवण्टि----रैलु----
2583रोकस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---प्रतिबंध (बैन) ;रोकने (बाधा डालने या निषेध करने) की क्रिया या भाव।---रोकरोक---रोक----रोक, ठाखरोक, ठाख---रोक----प्रतिबंधआडकाठी---रोक, रोकणी----प्रतिबन्ध, रोकरोक, निषेध---बन्ध, निषेधबाधा, प्रतिरोध---प्रतिबंध, रोक----प्रतिबंधमुअड्डु---तडै, तडुप्पुतडुत्तल्---तटस्संतटस्सप्पॆटुत्तल्---तडॆ, निषेधतडॆयुविकॆ---
2584रोकथामस्त्रीलिंग----किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय।----रोकथाम----रोकथाम----रोकथाम, वॅपाय----ज़ाब्तो, रोक----अवरोध----रोकवुं ते----प्रतिरोध----रोध, बन्ध----प्रतिरोध----निरोधमु----तडुप्पु----तटस्सं, प्रतिरोधं----तडॆ, नियंत्रण----
2585रोगपुंलिंग----बीमारी।----रोग----बीमारी----रूग, बॆमार्य----रोगु, बीमारी----रोग----बीमारी, रोग----रोग, व्याधि----रोग, बेमार----रोग----रोगमु----वियादि, नोय्----रोगं----कायिलॆ----
2586रोचकविशेषण----रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक।----रोचक----दिलचस्प----दिलचस्प, मनपसंद----रोचकु, मज़ेदारु----रुचकर, मनोरंजक----रोचक----रोचक, रूचिकर----रोचक, सुस्वादु मनोरंजक----रोचक----रंजकमु----रूचिकरमान्, मनदुक्कु इनिय----रूचिक्कुन्न----स्वारस्यवाद----
2587रोज़गारपुंलिंग----धंधा, पेशा, आजीविका का साधन।----रोज़गार----रोज़गार----रोज़गार, रीज़िख----रोज़गारु----रोज़गार, धंदा----रोजग़ार----रोजगार, उपार्जन----बृत्ति, जीविकार उपाय----रोजगार----पनि, उद्योगमु----तॊऴिळ् उद्दियोगम्----तॊऴिळ्, उपजीवनं----उद्योग, कसबु----
2588रोनाअकारात्मक क्रिया----आंसू बहाना, रुदन करना।----रोना----रोना----वदुन----रुउणु----रडणें----रोवुं----काँदा, रोदन करा----कान्द----कांदिबा, रोदन करिबा----एड्चुट----अऴ्----करयुक----अळुवुदु----
2589रोमपुंलिंग----शरीर पर के बाल, रोंआं।----लूँ, रोम----रोआं----जथ, रुम----वारु, रोमुं----लव----रोम, वाळ----रोम, लोम रोंआं----नोम----रोम----रोममुलु, वेंट्र॒कलु----रोमम्----रोमं----रोम----
2590रोलीस्त्रीलिंग----हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है।----रोली----रोली----रोली----रोली----कुंकू----कुंकु----रोली----रोली----रोली----कुंकुम----कुंमुमम्----तिलकं----श्रीचूर्ण, तिलक----
2591रोशनदानपुंलिंग----गवाक्ष, वातायन।----रोशनदान----रोशनदान----रोशनदान----रोशानदानु----गवाक्ष----बारी, गवाक्ष----गवाक्ष॒, वातायन (क्ख)----खिरिकि----झंरका, गबाख्य----पइ किटिकी----साळरम्, कात्तुवारि----जन्नल्, जालकं----गवाक्ष----
2592रोषपुंलिंग----क्रोध, गुस्सा, कोप।----रोस----गुस्सा (ग़ज़ब)----शरारथ, गॅसु----कावड़ि गुसो----क्रोध, रोष----रोष, गुस्सो----रोष, राग, क्रोध, कोप----रोष, क्रोध----रोष----रोषमु----रोषम्, कोबम्----रोषं----कोप----
2593रौंदनासकारात्मक क्रिया----किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना।----मिद्धणा----रौंदना----लतु॑ मँजि करुन----लताड़णु, चीथाड़णु----तुडविणें----कचडवुं, कचरवुं----मर्दन करा, पेषण॒ करा (न)----गचक, खचक----दळिबा----मर्दिंचुट अणगद्रोक्कुट----कालाल, नशुक्क----चविट्टित्तेय्क्कुक----तुळियुवुदु मॆट्टुवुदु----
2594रौनकस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---चमक-दमक, शोभा ;चहल-पहल, जमघट।---रौणक----रौनक----रोनख, शूब----रौनक----शोभाधामधूम---रोनक, तेजभभको---चकमक, दमक, शोभाधुमधाम, भिड़---शोभा, जेउतिहेंचा-ठेला, भीड़---शोभाछोटेइबा---तळुकु बेळुकुसंदडि---पहट्टु मिनुप्पुविमरिशै---शोभ, कांतिउत्साहं---कळॆसडगर---
2595लंगड़ानाअकारात्मक क्रिया----लंगड़ा कर चलना।----लंगडाउणा----लंगड़ाना----लंगुन----मंडिकाइणु----लंगडणें----लंगडावुं----खोंड़ानो, खोंड़ार मतो चला----लेङेरा, लेकेचिया----छोटेइबा, लंगड़ाइबा----कुंटुट----नोण्ट----मुटन्तुक----कुण्टुवुदु----
2596लंगरपुंलिंगपुंलिंग---लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है।वह स्थान जहाँ पका हुआ भोजन गरीबों व आगुन्तुकों में बांटा जाता है तथा इस प्रकार बांटा जाने वाला भोजन।---लंगरलंगर---लंगर----लंगर----लंगरुलंगरु---लंगरअन्नछत्र---लंगरलंगरखानुं, सदाव्रत---नङ्गर, नोङरलङ्गरखाना, अन्नसत्र---लंगरदुखीया दरिद्रक खाद्य बिलोवा ठाइ---नंगर, लंगरअन्न सत्र, छतर बांटिबा---लंगरुउचित भोजनमु---नंगूरम्अन्नदान, शत्तिरम्---नंकूरंसत्रं, सर्वणि भोजनं---लंगरुअन्नसत्र---
2597लंपटविशेषण----कामी, विषयी।----विशई----बदकार (ज़िनाकार)----लफंगु॑, बदकार----कामी----लंपट----लंपट, कामी, व्याभिचारी----लम्पट, कामुक----लम्पट----लंपट----लंपटुडु----कामवॆरि॒ कोण्ड----लंपटन, विष्यासक्तन्----कामि----
2598लंबाविशेषणविशेषण---जो अधिक ऊँचा हो ;अधिक विस्तार वाला, दीर्घकायिक।---लम्बालम्मा---लंबा----ज़्यूठ, थॊद----डिघो, लंबो----उंचदीर्घकालीन---लांबुंदीर्घकालिन---लम्बाप्रसारित, विस्तृत---अति ओरवबिस्तृत, सुदीर्घ---लंबा----पोडवयिनविशालमयिन---नीळमान, मिग उरयमाननीडकालत्तिय---नीळमुळ्ळविस्तृतं, दीर्घकालं, निल्क्कुन्न---एत्तरवादउद्दवाद---
2599लकड़ीस्त्रीलिंग----कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि।----लकड़ी----लकड़ी----ककु॑र, ज़्युन----काठु, काठियूं----लाकूड----लाकडुं----काठ----शुकान काठ----काठ----कोय्य, कर्र----मरक्कट्टै----तटि----कट्टिगॆ----
2600लकीरस्त्रीलिंग----रेखा (लाइन)।----लकीर----लकीर----रु॑ख----लीक----रेघ, ओळ----लकीर, रेखा----रेखा, लम्बा दाग----रेखा----रेखा----गीत, रेख----कोडु----वर, रेख----गॆरॆ----
2601लक्षणपुंलिंगपुंलिंग---किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स)।शरीर में दिखाई पड़ने वाले वे चिह्न आदि जो किसी रोग के सूचक हों या सामुद्रिक के अनुसार शुभाशुभ के सूचक हों।---लच्छणलच्छण---सिफ़त (ख़सलत) (ख़ासियत)अ़लामत---लख्यनलख्यन, लखचिन्य---लछणनिशान्यूं---लक्षण, वैशिष्टयलक्षण, चिन्ह---लक्षण, विशिष्टताचिन्ह---वैशिष्ट॒य, गुण॒, लक्षण (ष्ट्ट) (न)लक्षण॒ (न)---लक्षण, बैशिष्ट्यलक्षण, चिन---लख्यण----लक्षणमुलक्षणमु---लक्षणम्, विशेष गुणम्उडलिल् काणप्पडुम् अडैयाळंगळ्---लक्षणंलक्षणं---लक्षण, गुणगळुलक्षण---
2602लक्षणास्त्रीलिंग----वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो।----लक्खणा----अ़लामतीयत----ला॑गिथ माने, लख्यना----लक्षणा----लक्षणा----लक्षणा----लक्षणा॒ (न)----लक्षणा----लख्यणा, चिन्ह----लक्षण----मरै॒पॊरुळ् अणि----लक्षण----लक्षणा----
2603लक्ष्मण-रेखास्त्रीलिंग----ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो।----लछमण-रेखा----हिसार----लख्यमन रु॑ख----लछिमण-रेखा----लक्ष्मण-रेखा----लक्ष्मण-रेखा----लक्ष्म॒ण॒-गण्डि रेखा (क्ख) (न)----लक्ष्मण-रेखा----लख्यणा-शक्ति, लख्मण-रेखा----लक्ष्मण रेख----ताण्डक् कूडाद ऎल्लैक् कोडु----लक्ष्मण रेख----लक्ष्मण रेखॆ----
2604लक्ष्मीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---धन-सम्पत्ति, दौलत ;शोभा, श्री।---लछमी----दौलतशानो शौकत, इक़बाल---ल॑खिमील॑खिमी---लक्ष्मी/लछिमी----लक्ष्मी, धन, संमत्तिश्री, शोभा---धनसंपत्तिलक्ष्मी, शोभा, श्री---लक्ष्मी॒, धनसम्पत्ति (क्ख)शोभा, श्री---धन-सम्पत्तिशोभा, श्री---लख्मी----लक्ष्मिशोभ---सॆलवम्अळहु---ऐश्वर्यंशोभ---लक्ष्मि, ऐश्वर्यशोभॆ---
2605लक्ष्यपुंलिंगपुंलिंग---निशाना ;अभीष्ट वस्तु, उद्देश्य।---निशाना, टीचानिशाना, टीचा---निशानानस्बुलऐन---निशानु॑मकसद---निशानुमक्सदु---लक्ष्यउद्देश्य---लक्ष्य, निशानउद्देश्य, ध्येय---लक्ष्य, वेध्यउद्देश्य---लक्ष्यउद्देश्य---लख्य----लक्ष्यमुलक्ष्यमु---कुरि॒कुरि॒क्कोळ्---उन्नं, लक्ष्यंउद्देशं---गुरिउद्देश---
2606लखपतिपुंलिंग----लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति।----लक्खपती----लखपती----लछि वोल----लखापती----लक्ष्याधीश----लखपति----लक्षपति----लाखपति----लख्यपति----लक्षाधिकारि----लक्षादिपदि----लक्षाधिपति, लक्षप्रभु----लक्षाधिपति----
2607लगनस्त्रीलिंगपुंलिंग---मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ।विवाह या अन्य शुभ कार्य का महूर्त्त।---लगन----लगन----लगल, कल, मन, लगुन----लगनिकंहि शुभ कम जो महूरतु---छंद, ध्यास, तळमळमुहूर्त---लगन, धूनलग्न---झोंक, आग्रह तन्मयतालग्न---आसक्ति, रतिलग्न, शुभक्षण---लग्न, लगन----पट्टुदललग्नमु---मनप्पट॒ट॒ ऊक्कम्नल्ल, नेरम्---उत्साहं, तात्पर्यंशुभ लग्नं---गमनलग्न---
2608लगानपुंलिंग----सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर।----मामला, हाला----लगान (मालगुज़ारी)----लगान मोलियि----ढल----शेतसारा----महेसूल----कर, खाजना, राजस्व----राजह, खाजाना----भूमिकर, खजणा----शिस्तु----निलवरि----भूनिकुति----कंदाय----
2609लगानाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---जोड़ना, संलग्न करना ;रोपना।---लाउणालाउणा---लगाना----लगावुनवॅवुन---जोड़णु, लगा॒इणुलगा॒इणु, पोखणु---जोडणेंलावणें---लगाववुंरोपवुं---जोड़ा, युक्त करालागानो, रोपा---जोरा, लगलगारो, पोत---लगाइबा----जोडिंचुटनाटुट़---इणैक्कनड---कूट्टुकनटुक---जोडिसुवुदुनॆडुवुदु---
2610लगामस्त्रीलिंग----बाग, रास।----वाग, लगाम, रास----लगाम----लाकम, लगाम----लगामु----लगाम----लगाम, वाध, राश----लगाम, बलगा, रास----लेकाम, लेगाम----लगाम----कळ्ळेमु----लगान, कडिवाळम्----कटिञ्ञाण----लगामु----
2611लगावपुंलिंगपुंलिंग---स्नेह ;दिलचस्पी।---लगाउलआउ---लगाव----लगाव, दिलचस्पीदिलचस्पी---लगा॒उ----स्नेहआवड---लगाव, स्नेहदिलचस्पी---आसक्ति, अनुरागरुचि---मरम, स्नेहआकर्षण---स्नेह, आसक्ति, अनुरागआकर्षण, रुचि---अनुरागमुआसक्ति---अन्बु, पट॒ट॒अक्करै---स्नेहंअभिरुचि, तात्पर्यं---स्नेहअभिरुचि---
2612लघुतमविशेषण----सबसे छोटा।----लघुतम----अस्ग़र (अकल)----सारिवेय लॅकुट----सभ खां नंढो----ल्धुतम----लघुतम----लघुतम----आटाइतकै सरु----लघुतम----कनिष्ठमु----मिगच्चिरि॒य----लघुवाय----अत्यन्त चिक्क----
2613लचकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना ;चलते समय कमर का थोड़ा झुकना या मुड़ना।---लिफणालिफणा---लचकना----अलोंद गछुनग्राय खयॊन---लचिकणु----वाकणें, लचकणेंलचकणें---लचकवुंलचकवुं---झुंका/झोंकाझुँकानो, बँकानो---भाँज लाग, बेंकाहकँकाल हाल---लतकिबा, नचकिबा----वंगुटवंगुट---तुवऴ वळैन्दु कॊडुक्ककून् विऴ---वळयुककूनुक---मणियुवुदुबग्गुवुदु---
2614लजानाअकारात्मक क्रिया----लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना।----संगणा----शर्माना----शरमंदु गछुन----लज॒ करणु, शर्माइणु----लाजणें----शरमावुं, लाजवुं----लज्जित हओया----लाज पा----लाजेइबा----सिग्गु पडुट----वॆट्कप्पड----लज्जिक्कुक नाणिक्कुक----नाचिकॆ पडुवुदु----
2615लज्जास्त्रीलिंग----लाज, शर्म, हया।----संग, लाज----शर्म (हया)----शरु॑म----लज॒, शर्मु/शरमु----लज्जा, लाज----लज्जा, शरम----लज्जा, व्रीड़ा, शरम----लाज----लज्जा, लाज, व्रीड़ा----लज्ज, बिडियमु, सिग्गु----वेट्कम्, नाणम्----लज्ज, नाणं----नाचिकॆ----
2616लटकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना ;काम पूरा न होना, देर होना।---लटकणालटकणा---लटकना----अलोंद गछुन----लटिकणु, टंगिजणु----लोंबकळणें, लोंबणेंउशीर होणें---लटकवुं, झूलवुंभॊडा पडवुं---लटकानो, टाङ्गानोझुलानो---ओलमअसम्पूर्ण है, थाक बा र---लटकिबा----व्रेलाडुटऊगुलाडुट---तॊंगवैलै तामदप्पड---तूङ्डुककुऴयुक---नेताडुवुदुतडवागुवुदु---
2617लट्टूपुंलिंग----लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप)।----लाटू----लट्टू----मरचु पिपिन्य, लॊट----लाटूं----भोवरा----लट्टु, भमरडो----लाटीम, लाट्टु----लाटुम----लटु----बेंगरमु----पंबरम्----पंपरं----बुगुरि----
2618लड़कपनपुंलिंगपुंलिंग---बाल्यवस्था, बचपन ;बचकाना आचरण।---बचपनाबचपुणा---लड़कपन----लॅकचारलॅकचार---नंढ पणु, बा॒लापणुबा॒राणों वहिंवारु---बालपणपोरकटपणा---बचपण, बाळपणछोकरमन---बाल्यावस्था, छेलेवेलाछेले मानुषि---लराकाल, बाल्यकाललरालि---बाल्याबस्थाशैशव---बाल्यमुपिल्ल तनमु कुर्र तनमु---पिळ्ळैप्परुवम्सिरु॒ पिळ्ळैत्तनम्---कुट्टिक्कालंकुट्टित्तं---बाल्यहुडुगुतन---
2619लड़कापुंलिंगपुंलिंग---बालक, जो अभी युवक न हुआ हो।पुत्र।---लड़का, मुंडालड़का, मुंडा---लड़का----बालुख, थुर, ल॑डु॑कल॑ड़कु॑---छोकिरोपुटु---मुलगापुत्र---छोकरोपुत्र, दीकरो---बालकपुत्र---लरापो, पुत्र---बाळकपुत्र---बालुडुकुमारुडु---पैयन्मगन्---आणकुट्टि, बालन्पुत्रन्---हुडुगमग---
2620लड़खड़ानाअकारात्मक क्रिया----चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना।----लड़खडाउणा----लड़खड़ाना----लंगुन----थाबि॒ड़िजणु----लटपटणें, तोलजाणें----लडथडवुं, गोथुं खावुं----टला, टलमलानो----ढलं पलं कर, थरक बरक कर----ढळ-मळ-इबा, थरि थरि चालिबा----तडबडुट----तळ्ळाड----इटरु॒क, चांचाटुक----तूराडुवुदु----
2621लड़नाअकारात्मक क्रिया----लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना।----लड़ना----लड़ना----लडुन----विढ़णु----भांडणें----लडवुं----लड़ाई करा, झग करा----युँज, काजिया कर----लढ़ई करिबा, कजिआ करिबा, कळि-करिबा----पोराडुट----शण्डैयिड----युद्धं चॆय्युक, पट वॆट्टुक इटयुक----जगळ माडुवुदु, युद्ध माडुवुदु----
2622लतास्त्रीलिंग----जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल।----वेल----बेल----पोशि थ॑र, क्रीपर----वलि, लता----वेल, लता----लता, वेल----लता, वल्लरी----लता----लता, बल्लरी----लत, तीगॆ----कॊडि----लत----बळ्ळि----
2623लदनाअकारात्मक क्रिया----बोझ या भार से युक्त होना।----लद्दणा----लदना----लदुन----लडि॒जणु----लादणें----लदावुं----लादा, बोझ चापानो----बोजाइ ह, गधुर ह----लदिबा----मोयुट----शुमै एट॒ट॒प्पड----भारं कयरु॒क----हॊरल्पडुवुदु----
2624लपकनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना;फैंकी गई किसी वस्तु को जमीन पर गिरने से पूर्व पकड़ लेना।---बोचणा----लपकना----जॆफ्य छु॑नु॑न्य, लपु॑कुनथप दिन्य---तकिड़ो या ओचितो बधणुझपणु---झेप घेणेंपकडणें---लपकवुंपकडी लेवुं---ऐगोनोलुफा---बेगेरो आग बाढ़, जोरेरे ओलथाप मारि धर---छुटि-चालिबा झचटिबा, फुरती-चालिबातोळि नबा---पइबडुटलागुकॊनुट---मेले पाय, विरैन्दु मुन्नेर॒पिड़िक्क---कुतिच्चु चाटुकचाटि पिटिक्कुक---पुटियुवुदु, चिम्मुवुदुहिडियुवुदु---
2625लपटस्त्रीलिंग----आग की लौ, ज्वाला।----लाट----लपट----रॆह, ब्रॆह----जिभी॒, शोलो----ज्वाला----ज्वाळा, लपट----अग्नि-शिखा----जुइर शिखा----ज्वाळा, निआर तेज----मंट----तीप् पिऴंबु, जुवालै----ज्वाल----ज्वालॆ----
2626लपेटनाअकारात्मक क्रिया----सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना।----वल्हेटणा----लपेटना----वलुन----लपेटणु----गुंडाकणें----लपेटवुं, वीटवुं----जड़ानो----मेरिया, पका नुरिया----लपेटिबा----चुट्टुट----सुट॒ट॒----चुट॒ट॒क----सुत्तुवुदु----
2627लयपुंलिंगस्त्रीलिंग---एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना।स्वर के आरोह-अवरोह का ढंग।---लैलै---हल् (तह्लील)लय---लयलय---लइ----विलयलय---लय, विलय----लय, विलीन----लय, लीनलय, लीन---लय----लयमुलय---ऒन्रि॒ विडुदल्लयम् (इशैयिल्)---विलयंलयं---विलीनवागुवुदुलय---
2628ललकारस्त्रीलिंग----लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती।----वंगार----ललकार----ललकार----ललकार----ललकार----ललकार, पडकार----ललकार----आह्वान, प्रत्याह्वान्----रेरेकार, आहवान-दबा----पिलुपु, सवालु----अरै॒कूवल्----वॆल्लुविळि----युद्धक्कॆ करॆयुविकॆ----
2629ललकारनाअकारात्मक क्रिया----विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना।----वंगारना----ललकारना----ललकारुन----ललकारणु----ललकारणें, आव्हान देणें----ललकारवुं, पडकारवुं---------प्रत्याह्वान कर----आहवान-दबा----कालु दुय्युट----अरै॒कूव----वॆल्लु विळिक्कुक पोरिनु विळिक्कुक----युद्धक्कॆ आह्वानिसुवुदु----
2630ललचानाअकारात्मक क्रिया----कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना।----ललचाउणा----ललचाना----तंबु॑लुन----लालचाइणु----लालायित होणें, लालचावणें----ललचावुं, लालसा करवी----लुब्ध हओया----लोभ लगा, लालायित कर----लाळायित हेबा----आश पडुट----आशै काट्ट----कॊतिप्पिक्कुक----आसॆ पडुवुदु----
2631ललाटपुंलिंगपुंलिंग---माथा ;भाग्य।---मत्था----पेशानीक़िस्मत---ड्यकु॑लोन---ललाटु, मथो, निरिडुभाग्य---ललाट, कपाळभाग्य, नसीब---ललाट, कपाळ----ललाट, कपाल, माथाभाग्य---कपालभाग्य---ललाट, कचाळ, माथाभाग्य---ललाटमुललाट रेख, नोसटि व्रात---नॆट॒टि॒विदि, तलैऎळुत्तु---नॆट॒टि॒, ललाटंभाग्यं, विधि---हणॆहणॆ बरह---
2632ललितविशेषण----मनोहर, सुंदर।----सोह्णा, ललित----लतीफ़ (जमील)----सॅदर----सुहाणो, मनोहरु----ललित----ललित, मनोहर, सुंदर----ललित, मनोहर, सुंदर----मनोहर, सुन्दर----लळित (लळित्त) मनोहर, सुंदर----ललितमु----अऴगान----लळितं----मनोहर, ललित----
2633लहरस्त्रीलिंग----हिलोर, मौज, तरंग (वेव)।----लहिर----लहर (मौज)----मलख, लह॑र----लहिर----लाट, तरंग, मौज आनंद----लहेर, तरंग, मोजुं----ढेउ, तरंग----लहर ठौ----लहर----अल, केरटमु----अलै----तरंगं----अलॆ----
2634लहरानाअकारात्मक क्रिया----हवा के झोंकों से हिलना डुलना।----लहिराउणा----लहराना----लहरावुन, वुडुन----लहिर हणणु फड़िकणु (झंडो)----फडफडणें, हलणें डुलणें----लहेरावुं----लहरानो----हाल-जाल----लहराइबा, हलिबा----आडुट, अल्लाडुट----अलै वीश, काट॒टि॒ल असैय----तिरयटिक्कुक----अल्लाडुवुदु----
2635लहलहानाअकारात्मक क्रिया----हरा भरा होना, पनपना।----खिड़ना----लहलहाना----फंलुन, खिलुन----साओ सब्जु थियणु----बठरणें----लहेरावुं----सबुज हओया, पल्लवित हओया----लहपहकै बाढ़, लहपहा----सबुज हेबा, सागुआहबा----पच्च पच्चगा उंडुट----पसुमै नॆळिय----तळिर्क्कुक, पच्च पिटिक्कुक----हुलुसागि बॆळॆयुवुदु----
2636लहू-लुहानविशेषण----खून से तर-बतर।----लहू लुहान----लहू लुहान----रतु दा॑व्य, खूनु॑ सर्य----रतो रतु----रक्त रंचित----लोहीलोहाण----रक्ताक्त----तेजेरे लुतुरि-पुतुरि----लहु-लुहाण----रक्तसिक्तमु----रत्तक्कळरियान----रक्तमयं, चोरपुरण्ट----रक्तमय----
2637लांघनासकारात्मक क्रिया----डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना।----लंघणा----फांदना----लांफ तुलुन्य----लंघणु----उल्लंघणें----लांघवुं----डिङ्गानो----चेरा, पार ह----फांदिबा----दाटुट, दूकुट----तांडिच्चॆल्लल्, तांडुदल्----चाटिक्कटक्कुक, कटक्कुक----दाटुवुदु----
2638लांछनपुंलिंग----चरित्र पर धब्बा, कलंक।----तोहमत----दाग़----दाग----कलंकु, दागु----कलंक----लांछन, कलंक----लांछन, कलंक----कलंक, चका, दाग----लांछन----कळंकमु, मच्च----माशु, कळंगम्----माशु, कळंगम्----कळंकं----
2639लाखविशेषणविशेषण---जो संख्या में सौ हज़ार हो।सौ हजार की अंकों में सूचक संख्या - 1,00,000।---लक्खलक्ख---लाख----लछ----लखु----लाख, लक्ष----लाख----लक्ष----लाख, लक्ष----लख्य----लक्षलक्ष---लक्षम्----लक्षंलक्षं (तुक)---लक्षलक्ष---
2640लागतस्त्रीलिंग----किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च।----लागत----लागत (सर्फ़ा)----लागथ----लाग॒ति----खर्च----लागत, पडतरखर्च----खर्चा----गढ़नी, खरच----खर्चा, खर्च----खर्चु----अडक्क शॆलवु----मुतल् मुटक्कु----खर्चु, वेच्च----
2641लाचारीस्त्रीलिंग----मजबूरी, असमर्थता, विवशता।----लाचारी----लाचारी----लाचा॑री----लाचारी----अगतिकता, विवशता----लाचारी, विवशता----असमर्थता, विवशता----असमर्थता, असहाय, अवस्था----नाचारि, लाचारि----गत्यंतरमु लेक पोवुट----वलुक्कट्टायम् वेरुवऴियिन्मै----गतिकेटु----विवशतॆ----
2642लाड़-प्यारपुंलिंग----प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार।----लाड-पियार----लाड प्यार----लाड़-प्यार, खानु॑ माज्यर----लाडु-प्यारु लाडु-कोडु----प्रेम, लाडकोड----लाड चाग, दुलार----प्रीतिपूर्ण॒ व्यवहार, स्नेह (न)----आदर-सादर, आदर-चेनेह----गेल, प्रेमपूर्ण व्यबहार----ऑपेक्ष, मुरिपेमु----शेल्लम् कॊंजल्----स्नेहं, लाळन----मुद्दाट----
2643लाभपुंलिंगपुंलिंग---प्राप्ति, लब्धि ;फायदा, नफा।---लाभ----हासिल (हुसूल)फ़ाएदा (नफ़ा)---लाब, नफा, फा॑यदु॑फा॑यदु॑---लाभु, फाइदो----लाभ, प्राप्तिफायदा, नफा, लाभ---लाभफायदो---प्राप्ति, लाभलाभ, मुनाफा---लाभ, प्राप्तिलाभ---लाभ----लब्धिलाभमु---किडैत्तललाबम्---प्राप्तिलाभं---प्राप्तिलाभ---
2644लाभदायकविशेषण----जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो।----लाभदाइक, लाहेवन्दा----नफ़ाबख़्श----न॑फ़ा दिनु॑ वोल, फ़ायदु दिनु॑ वोल----लाभदायकु, फ़ाइदेमंदु----लाभदायक----लाभदायक, लाभप्रद---------लाभजनक----लाभदायक----लाभकरमु----लाबकरमान----लाभकरं----लाभदायक----
2645लाभांशपुंलिंग----लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड)।----लाभ-अंश----मुनाफ़ा----मुनाफु॑, नफा हुक हिसु॑----लाभ जो हिसो फांडिणी----लाभांश----लाभांश---------लाभांश----लाभांश----लाभांशमु----लाबत्तिन् पगुदि----लाभवीतं----लाभांश----
2646लालपुंलिंगपुंलिंगविशेषण--छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा;माणिक नामक रत्न।रक्तवर्ण का, सुर्ख।--लाललाललाल--मुन्नालाल (लअ़ल)लाल (सुर्ख़)--लाल, टोठ, नॆचुवलाल, हीरु॑वॅजुल--लालु-गा॒ढ़ो--पुत्रमाणिकलाल--लाल, पुत्र छोकरोंमाणेकलाल, रातुं--दुलाल, बापधनमाणि॒क (न)लाल, रक्तवर्णे॒र (न)--सोणाइ, बोपाइमाणिक (रत्न)रङा, रङ चुवा--प्रियबाळकमाणिक्यलाल, रक्त-बर्ण--पापमाणिक्यमुऍरुपु--अन्बु मगन्माणिक्कम्शिवन्द--ओमनप्पुत्रन्, ओमनमाणिक्यंचुवन्न--मरि, कंदकॆम्पुकॊम्पाद--
2647लालचपुंलिंग----कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ।----लालच----लालच----तमाह, लूब----लालचि----हांव लोभ, लालूच----लालच, ललचावुं ते----लोभ----लालसा, लोभ----लाळसा, लोभ----आश----पेराशै----कॊंति, अत्याग्रहं----अति आसॆ, दुरासॆ----
2648लालटेनस्त्रीलिंग----हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील।----लालटैन----लालटेन----लालटीन----लालटीनु----दिवा, कंदील----लालटेन, फानस----हारिकेन----ल्मॆ----लंटन----लांतरु----लान्दर् विळक्कु----रां॒तल्----लालटेनु----
2649लाशस्त्रीलिंग----किसी प्राणी का मृत शरीर, शव।----लोथ, लाश----लाश----लाश----लाशु----प्रेत, शव----लाश, शब----शव, लाश----श, लाच----लास, शब----शवमु----पिणम्----शवं----हॆण----
2650लिपिस्त्रीलिंग----किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट)।----लिपी----रसमुलख़त----रस्मुलख़त लिपी----लिपी----लिपि----लिपि----लिपि----लिपि----लिपि----लिपि----मॊऴियिन् ऎळुत्तुगळ्----लिपि----लिपि----
2651लीनविशेषणविशेषण---जो किसी में समा गया हो ;जो किसी काम में इस प्रकार लगा हुआ हो कि उसे और बातों का ध्यान न रहे, तन्मय।---लीनलीन---ग़र्क----लीनलीन---लीनुलीनु---लीनतन्मय---लीन, विलीनतन्मय, तल्लीन---लयप्राप्त, मिलिततन्मय---लीन, बिलीनमग्न, बिभोर, तन्मय---लीनतन्मय---लीनमुलीनमु---आऴ्न्द ईडुपट्टलयित्तुप्पोन---लीनन्लयिच्च---मग्नतन्मय---
2652लीपनासकारात्मक क्रिया----किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना।----लिप्पणा----लीपना----लिवुन----लेपणु----लिंपणें----लीपवुं----लेपा----लिप, लेओ दि----लिपिबा, लेपिबा----अलुकुट पूयुट----लेऴुग, पूस----पूशुक----बळियुवुदु----
2653लुटेरापुंलिंग----लूटने वाला, डाकू।----लुटेरा----लुटेरा----लूटन गॊर, लुटेरु॑----लोटू, फोरू----लुटारू----लुटारू, लूटनारो----लुटेरा, डाकात----डकाइत, डाकु----लुटि करिबा बाला----दो पिडि दोंग----कॊळ्ळैक्कारन्----कॊळ्ळैक्कारन्----दरोडॆगार----
2654लुभानाअकारात्मक क्रिया----आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना।----लुभाउणा----ललचाना----खॅश करुन----लालचिजणु मोहिजणु----मोहित होणें----लोभावुं, ललचावुं----लुब्ध/मोहित----आकृष्ट ह, मुग्ध ह----लोभेइबा----आश पडुत, आश पेट्टुट----वशीकरिक्क, आशैप्पड----कॊतिक्कुक----मोहिसुवुदु----
2655लूस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा ;ग्रीष्म ऋतु में गर्म हवा लग जाने से होने वाली एक बीमारी।---लूलू---लू----गरु॑म हवा----लुक----ऊष्ण, वाराऊष्ण वार्याच्या झळीमुळे होणारा रोग---लू, लूनो, पवनलूलागवाथी थतो रोग---लुलु लागा---लु (बायु)रॆदे धरा, ठँक---लू----वड गालिवड देब्ब---अनल् काट॒ट॒कडुमैयान---चुटुकाट॒ट॒सूर्यातापं---बिसिगाळिबिसिलु ज्वर---
2656लूटस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---जबरदस्ती छीनने की क्रिया ;लूट से मिलने वाला धन या सम्पत्ति।---लुट्ट----लूट----लूठ----लुट----लूटलुटीचा माल---लूट, लूंटलूंटनो माल---लुट/लुठलुटेर धन---लुट, लुटपातलुट, लुटि लोवा बस्तु---लूट, लुंठनलूट, लूटर धन---दोपिडिदोपिडि, द्रव्यमु---कॊळ्ळैयडित्तल्कॊळ्ळै अडित्त पॊरूल्---पिटिच्चुपरि॒, कॊळ्ळकॊळ्ळ मुतल्---कॊळळॆकॊळ्ळॆय मालु---
2657लेकिनअव्यय----परन्तु, किन्तु, मगर।----पर----लेकिन----लीकिन, अमापॊज़----लेकिन----किन्तु, पण, परंतू----लेकिन, पण----किन्तु, अथच----किन्तु, पिचे----किन्तु, परन्तु----कानि----आनाल्----पक्षॆ, ऎन्नाल्----आदरॆ----
2658लेखकपुंलिंग----पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला।----लेखक----मुसन्निफ़----लिखा॑र्य, लेखन वोल----लेखकु----लेखक----लेखक----लेखक----लेखक, लिखक----लेखक----रचयित, ग्रन्थकर्त----ऎळुत्ताळर् (नूल) आशिरियर्----लेखकन्----लेखक----
2659लेखा-जोखापुंलिंग----हिसाब-किताब।----लेखा-जोखा----हिसाब किताब----हिसाब-किताब----लेखो-चोखो हिसाबु-किताबु----आढावा, हिशोब----हिसाब-किताब----लेखा-जोखा, हिसाब----हिचाब-पत्र----लेखा-जोखा, हिसाब-किताब----लेक्क----कणक्कुविवरम्----कणक्कु----लॆक्काचार----
2660लेटनाअकारात्मक क्रिया----विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना।----लेटणा, पैणा----लेटना----शॊगिथ रोज्रुन----लेटणु----लबंडणें, निजणें----लेटवुं, लोटवुं----शोया, शयन करा----दीघल दि, आराम कर----गड़ि-पड़िबा (लम्बा-सोइ-विश्राम-करिबा)----परुंडुट----पडुक्क----किटक्कुक----मलगुवुदु----
2661लेन-देनपुंलिंगपुंलिंग---किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार ;उधार लेने-देने का व्यवहार।---लैण-देण----लेन देन----दारु॑होरलेन-देन---डे॒-वठु----देवाण-घेवाणउधारीची देवाण घेवाण---लेण-देणलेवड-देवड---लेनदेन, आदान, प्रदान----आदान-प्रदान, लेन-देन----लेण-देण----इच्चि पुच्चुकोनुट, लावा देवीबड्डी व्यापारमु---कोडुक्कल् वांगल्कडन् कॊडुक्कुम् तॊळिल्---कॊटुक्कल्-वाङ्कल्पणमिटपाटु---ब्यवहारलेवादेवि---
2662लेनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---थामना, पकड़ना ;खरीदकर या उधार के रूप में प्राप्त करना।---लैणालैणा---लेना----रटुन, न्युनअनुन---वठणु----पकडणेंघेणें---लेवुं, पकडवुं----नेओया, धरा----धरकिन, ल---नेबा धरिबाकिणिबा---पट्टुकोनुटतीसिकोनुट---ऎडत्तुक्कॊळ्ळ पिडिक्कविलैक्कुवांग, कडनागप्पॆर---ऎटुक्कुकवाङ्ङुक---तॆगॆदु कॊळ्ळुवुदुकॊंडु कॊंळ्ळुवुदु---
2663लेपपुंलिंगपुंलिंग---गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो ;शरीर पर लगाया जाने वाला उबटन आदि।---लेपलेप---लेप----लिवुन----लेपु----लेपउटणें---लेप, खरडउपटण---लेपप्रलेप, अंगराग---लेओ, लेपगात घँहा बस्तु---लेप----लेपनमुपूत---पूच्चुनलुंगुप्पोडि---लेपनंकुळंपु, तैलं---लेपअनुलेप---
2664लोक कथास्त्रीलिंग----लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल)।----लोक कथा----अ़वामी किस्सा (लोक कहानी)----लुकु॑ कथ----लोककथा----लोककथा----लोककथा----रूपकथा----किम्बदन्ति, साधुकथा----लोककथा, किम्बदन्ती----जानपद कथ----नाडोडिक्कदै----नाटोटिक्कथ, ऐतिह्यं----जानपद कथॆ----
2665लोककलास्त्रीलिंग----अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ।----लोककला----अ़वामी फ़ुऩून----लूकु॑-फन----लोककला----लोककला----लोककळा----लोक कला----लोक कला, लोक संस्कृति----लोक कळा----जानपद कळ----परंपरैयाग वन्द कलैगळ्----नाटन् कल----जानपद कलॆ----
2666लोकगीतपुंलिंग----जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग)।----लोकगीत----लोकगीत (अ़वामी गीत)----लूकु॑ बा॑थ----लोक गीतु----लोकगीत----लोकगीत----लोकगीत----लोकगीत----लोकगीत----जानपद गेयमु----नाट्टुप्पाडल्----नाटन् पाटु----जनपद हाडु----
2667लोकप्रियविशेषण----जो जनसाधारण को प्रिय हो।----लोक पिआरा----मक़्बूले अ़वाम----हरदिल अज़ीज़----लोक प्रियु आम में प्यारो----लोकप्रिय----लोकप्रिय----लोकप्रिय----लोकप्रिय----लोक-प्रिय----जनप्रियमु, प्रजा रंजकमु----पॊदु मक्कलुक्कुप् पिडित्त----जन सम्मतं नेटिय----जनप्रिय----
2668लोक संगीतपुंलिंग----परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक)।----लोक संगीत----अ़वामी मुसीक़ी----लूकु॑ ग्यवुन----लोक संगीत----लोकसंगीत----लोकसंगीत----लोक सङ्गीत----लोक संगीत----लोक संगीत----जानपद संगीतमु----नाडोडि इशै----नाटोटि संगींत----जनपद संगीत----
2669लोकापवादपुंलिंग----लोक निंदा, बदनामी।----बदनामी----बदनामी (रुसवाई)----न्यंद्या, बदनामी----लोक निंदा, बदनामी----लोकापवाद----लोकापवाद, लोकनिंदा----लोक निंदा----लोकापबाद----लोकापबाद----अपकीर्ति लोकापवादमु----अवदूरु॒, पऴिच्चोल्----जनापवादं----लोकापवाद, कॆटट् हॆसरु----
2670लोकोक्तिस्त्रीलिंग----लोक में प्रचलित बात, कहावत।----अखाण----ज़र्बुल मसल (कहावत)----कहावथ----चविणी, कहावत----लोकोक्ति----लोकोक्ति कहेवत----प्रवाद वाक्य----लोकोक्ति, प्रबचन----लोकोक्ति----लोकोक्ति, सामॆत जनवाक्यमु----पऴ मोंऴि----पऴंचॊल्लु----गादॆमातु----
2671लोभपुंलिंग----दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच।----लोभ----लालच (तम्अ़)----लालच, लूब----लोभु----लालसा, लोभ----लोभ, लालच, तृष्णा----लोभ, लालसा----लोभ, लालसा----लोभ, लाळसा----लोभमु----पेराशै----लोभं, कॊति----दुरासॆ----
2672लोरीस्त्रीलिंग----बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत।----लोरी----लोरी----मंजु॑ल्य बा॑थ----लोली----अंगाई गीत----हालरडुं----लोरी----निचुकनि गीत----नानाबाया गीत----लालिपाट----तालाटटु----ताराट्टु----जोगुळ----
2673लोहापुंलिंग----प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन)।----लोहा----लोहा (आहन)----शॆशतु॑र----लोहु----लोखंड----लोह, लोढुं लोखंड़----लोहा----लो, लोहा----लुहा----इनुमु----इरुं॒बु----इरुंपु----कब्बिण----
2674लौस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---आग की लपट, ज्वाला ;लगन, धुन।---लाटलिव---लौ----रॆह----जि॒भीलौ---ज्वालाएकाग्रता, तन्मयता---अग्निशिखा, ज्वालालहे, लगनी---अग्निशिखासंलग्नता, एकाग्रता---जुइर शिखाअनुराग, निचा---ज्वाला, तेज, शिखा----ज्वालदीक्ष---तीक्कॊळुन्दु जुबालैईडुपाडु---ज्वालतात्पर्यं---ज्वालॆतन्मयतॆ---
2675लौकिकविशेषण----सांसारिक।----लौकिक----दुनियावी (माद्दी)----व्यवहा॑री----लौकिक, संसारी----लौकिक, सांसारिक----लौकिक, दुन्यावी----लौकिक, सांसारिक----लौकिक, ऐहिक, सांसारिक----लौकि, ऐहिक, सांसारिक----लौकिकमु----उलग----लौकिकं----लौकिक----
2676लौटनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---वापस आना या जाना ;पीछे की ओर घूमना, मुड़ना।---मुड़णा, परतणा----लौटना----वापस युनवापस युन---मोटणुपुठियां मुड़णु---परतणेंमागेवळणें---पाछा आववुंपाछा करवुं---फेराघोरा, पिछन फेरा---घूर, औलटघूर, पिच होंहक---लेउटिबा----तिरिगि वच्चुटमरलुट---तिरुंबिवरपिन् पक्कम् तिरुंब---मटङ्ङुकपिन्तिरियुक, मटङ्ङुक---हिंतिरुगुवुदुतिरुगुवुदु---
2677वंशपुंलिंग----जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान।----खानदान, बंस----ख़ानदान----खानदान----वंशु----बंश, कुल----वंश, कुळ----वंश, कुल----बंश, कुल----बंश----वंशमु----वमिशम्, कुलम्----वंशं----वंश----
2678वंशजपुंलिंग----वंश विशेष में उत्पन्न संतान।----उलाद----औलाद (आल)----अवलाद, संतान----वंश में जा॒वलु----वंशज----वंशज, संतान----वंशज----बंशज, सन्तान, सति-सन्तति----बंशज----वंशजुडु----कुलत्तोर्----वंशजन् पिन्मुर॒क्कारन्----वंशज----
2679वंशावलीस्त्रीलिंग----किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची।----बंसावली----नसब नामा (शज्रा)----कॅलावली, नसु॑बनामु॑----वंशावली, शजिरो नसबनामो----वंशावळ----वंशावळी, पेठीनामुं----वंशावली, कुलजि----बंशावली----बंशाबळी----वंश वृक्षमु----वंश-परंपरै, वमिशावळि----वंशावलि----वंशावळि----
2680वकालतस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---वकील का काम या पेशा ;अन्य व्यक्ति द्वारा किसी के पक्ष का किया जाने वाला मंडन, पक्ष समर्थन।---वकालतवकालत---वकालत----वकालथवकालथ---वकालत----वकीलीसमर्थन---वकीलात----ओकालतिपक्षसमर्थन---उकालतिउकालति, पक्ष समर्थन---ओकालति----वकीलु पनिसमर्थन---वक्कील् तॊऴिल्वक्कालत्तु---वक्कील्पणिवक्कालत्तु---वकालत्तुपक्ष समर्थनॆ---
2681वचन-बद्धविशेषण----जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो।----बचन-बद्ध----पाबंद----पाबंद, लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ----वचन-ब॒धो----बचनबद्ध----वचनबद्ध----वचनबद्ध----जबान-बन्दी, कथारे बान्धखोवा----बचन बद्ध----माट इच्चिन, वचन बद्धुडु----वाक्कुक्कु कट्टुप्पट्ट----वाक्कु कोंटुत्त----मातिगॆ कट्टुबिद्द----
2682वधपुंलिंग----अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या।----कतल----क़त्ल----खून, हत्या, कतु॑ल----कत्लु, ख़ूनु----हत्या, वध----वध, घात, हत्या----वध----बध, हत्या----बध----वध----वदम्, कोल्लुदल्----वधं----कॊलॆ----
2683वधूस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन ;पत्नी।---वहुटीवहुटी---बहू----नॅशआशॆन्य, ज़नानु॑---कुंआरिज़ाल---नवरी, वधूपत्नी, बायको---वधू वहुजुवान पत्नी, वहु---वधू, कने, बउबउ, स्त्री, पत्नी---न-कइनाबधु, घैनी---बधू, बोहू----वधुवुभार्य---मणप्पॆण्मनैवि---वधुपत्नि---मदुमगळुवधु, हॆंडति---
2684वनवासपुंलिंग----वन का निवास, जंगल में रहना।----बनवास----सह्रानशीनी (सह्रा गुज़ीनी)----वनु॑वास----बनवासु----वनवास----बनवास----वनवास----बनबास----बनबास----वनवासमु----वन वासम् काट्टिल् वशित्तल्----वनवासं----वनवास----
2685वनस्पतिस्त्रीलिंग----जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि।----बनसपती----नबातात----वनुसपथ, नबातात----वनस्पति----वनस्पति----वनस्पति----वनस्पति----गछ-गछनि, उद्य्मिद----बनस्पति----बनस्पति, वृक्षाजालभु----तावरम्----सस्यवर्गं, वनस्पति----वनस्पति----
2686वनितास्त्रीलिंग----औरत, स्त्री।----तीवीं----औ़रत (ज़न)----सॅदर ज़नानु----ज़ाल, स्त्री----वनिता, बाई----वनिता, स्त्री----स्त्री, वनिता----तिरोता----बनिता----वनित, स्त्री----मंगै----वनित----हॆंगसु----
2687वयस्कविशेषणविशेषण---शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़;विधिक दृष्टि से आयु विशेष का वह व्यक्ति जिसे निर्वाचन में मत देने, अपनी संपत्ति की व्यवस्था करने, कानूनी विवाह करने आदि का अधिकार प्राप्त होता है, बालिग।---बालग़बालग़---बालिग़----बालेंग जवानबालेंग जवान---बालिगु----प्रौढ़, वयस्कसज्ञान---वयस्क, उमर लायकप्रौढ, पुख्त---वयस्क, प्रौढ़साबालक---बयस्क, बयसीयाप्राप्त बयस्क डाङर---बयस्क----वयस्कुडुवयस्कुडु, मेजरु---मयदुवन्दमेजरान---पूर्णवळर्च्च ऎत्तियप्रायपूर्त्तियाय---प्रायक्कॆ बंदवबयस्क---
2688वरपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो ;नव विवाहित स्त्री का पति, दुल्हा ;वरदान।--वरवरवर--बरदूल्हाबरदान--म॑हराज्रु॑म॑हराज्रु॑वर--वरु, घोटु-वरु--वरनवरा, पतिवरदान--वर, वरराजापतिवरदान--पात्रवरवरदान--बर, दराबर, स्वामीबर, आर्शीर्वाद, कृपा--बर-पात्रबर, स्वामीबरदान, कृचा--वरुडुपेंडिल कोडुकुवरमु--वरन्मण मगन्वरम्--वरन्पुतुमाप्पिळ, नवविवाहितन्वरं--वरवर, मदुमगवरदान--
2689वरदानपुंलिंग----देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि।----वरदान----बरदान----वरदान----वरदानु----वरदान----वरदान----वरदान, फलसिद्धि----बर, आर्शीर्बाद----बरदान----वरमु----वरम् कॊडुत्तल्----वरदानं, अनुग्रहं----वर----
2690वर्गपुंलिंगपुंलिंग---स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी;कुछ विशिष्ट कार्यो के लिए बना हुआ कुछ लोगों का समूह, दल।---वरग, जमातवरग, जमात---तबक़ाजमाअ़त---ज़ाथज़ाथ---दर्जो, तबिकोपार्टी---वर्गसमुदाय, दल---वर्ग, कोटि, कक्षासमुदाय, दल---सजातीय समूहसमूह, दल, वर्ग---बर्गदल, संघ---बर्ग----वर्गमुवर्गमु---वगुप्पुपिरिवु---समूहंवर्गं---वर्गबर्ग---
2691वर्गीकरणपुंलिंग----गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना।----वरगीकरण----दर्जा बंदी----ज़ा॑च बा॑गरन, दरजि बॅदी----दर्जेवारि, विराहसत----वर्गीकरण----वर्गीकरण----श्रेणी-विभाजन----बर्गीकरण----बर्गीकरण----वर्गीकरणमु----परप्पिरिवनै इनवारियाह पिरित्तल्----वर्गीकरणं----वर्गीकरण----
2692वर्णनपुंलिंग----किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन।----वरणन----बयान----ज़िकिर, खुलासु----बयानु, वर्णनु----वर्णन----वर्णन----वर्ण॒न (न)----बर्णन, बर्णना, बिबृत्ति----बर्णन----वर्णनमु----वर्णनै----वर्णन----वर्णनॆ----
2693वर्णमालास्त्रीलिंग----किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची।----पैंती----हुरुफ़े तहज्जी (हुरुफ़े हिजा)----वरनु माल----वर्णमाला----वर्णमाला----वर्णमाळा----वर्ण॒माला (न)----बर्णमाला----बर्णमाळा----वर्णमाल----मॊऴियिन् ऍऴुत्तु वरिशै----अक्षरमाल, वर्णमाल----वर्णमालॆ----
2694वर्तमानविशेषणविशेषण---जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो ;उपस्थित, प्रस्तुत, विद्यमान।---वरतमान----मौजूदाहाज़िर---अज़कल----मौदूदह, हलंदडु----वर्तमानउपस्थित, प्रस्तुत---वर्तमान, चालु, आधुनिकहाजर, विद्यमान, जीवंत---वर्तमान----बर्तमान, जीवित थका----बर्त्तमान----वर्तमानमु, उन्नटुवंटि----निगऴ् कालत्तिय----वर्तमानं----ईगिन----
2695वर्षगांठस्त्रीलिंग----जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह।----वहरे गंढ----साल गिरह----वॊहरु॑ वोद----सालगिरह जनम डी॒हुं----वाढदिवस----वर्षगांठ, जन्मदिन----जन्मदिन----जन्म दिवस, जन्म तिथि----जन्मदिन----पुट्टिन रोजु, जन्मदिनमु----पिर॒न्द नाळ्----पिर॒न्नाळ्, जन्म दिनं----जन्म दिन----
2696वसीयतस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी ;उक्त आशय का लिखा हुआ आदेश पत्र, वसीयत-नामा, इच्छापत्र।---वसीअतवसीअत---वसीयत----वसीयथ----वसीयत----मृत्युपत्रमृत्युपत्र---वीलवील---उइलइष्टिपत्र---उइल, अधिकार पत्रइच्छा पत्र---उइल, अधिकार-पत्रइच्छा पत्र---वीलुवीलुनामा---उयिल्उयिल्---मरण पत्रं, ऒस्यत्तुमरण पत्रं, ऒस्यत्तु---उयिलु, मरणशासनउयिलु---
2697वसुन्धरास्त्रीलिंग----पृथ्वी।----धरती----ज़मीन (अर्ज़)----प्रॆथवी, बुतराथ----पृथ्वी, धर्ती----वसुंधरा, पृथ्वी----बसुन्धरा, पृथ्वी----पृथिवी, वसुन्धरा----बसुन्धरा, पृथिबी----बसुंधरा----वसुंधर----बूमि----भूमि, वसुन्धर----वसुंधरॆ----
2698वसूलीस्त्रीलिंग----वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही।----वसूली----वुसूली----वॅसूली----वसूली----वसुली----वसूलात----आदाय, उसुल----आदाय, प्राप्ति----असुलि----वसूलु----वसूलित्तल्----वसूल, पिरिवु----वसूलि----
2699वस्तुस्त्रीलिंग----गोचर पदार्थ, चीज़।----वसत, वसतू----चीज़ (शै)----चीज़----शइ, वथु----वस्तु----वस्तु, चीज----वस्तु, जिनिस----बस्तु----बस्तु----वस्तुवु----वस्तु पॊरुळ्----वस्तु----वस्तु----
2700वस्त्रपुंलिंग----ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े।----बसतर----कपड़ा----कपरु॑, कपुर----कपिड़ो, वस्त्रु----वस्त्र----वस्त्र, कपडुं----वस्त्र----कापोर, बस्त्र----बस्त्र----वस्त्रमु----तुणि----वस्त्रं----बट्टॆ----