विक्षनरी:वाणिज्य परिभाषा कोश

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search
  • Abandonment -- परित्याग
बीमादार द्वारा बीमा कंपनी पर पूर्ण हानि का दावा करने के उद्देश्य से नष्ट अथवा खोई हुई संपत्ति का स्वत्व बीमा कंपनी के हक़ में छोड़ देना।
  • Abatement -- कमी
निर्धारित कर को आंशिक रूप से या पूरी तौर पर माफ़ कर देना।
  • Above par -- अधिमूल्य पर
जब किसी प्रतिभूति, बंधपत्र आदि का बाज़ार-मूल्य उसके अंकित मूल्य से अधिक हो तो वह प्रतिभूति ‘अधिमूल्य पर’ कही जाएगी।
समान. at a premium
तुल. दे. at par, below par
  • Absolute acceptance -- निरपेक्ष सकार, निरपेक्ष स्वीकृति
भुगतान के लिए व्यक्त तथा अशर्त सहमति।
दे. general acceptance भी
  • Absolute ownership -- पूर्ण स्वामित्व
व्यक्ति अथवा संस्था का किसी संपत्ति में ऐसा हित अथवा निर्बाध अधिकार कि उसे उसकी सहमति के बिना उससे वंचित न किया जा सके।
  • Absorption -- अवशोषण
अ – (लागत लेखाकरण) खर्च की विभिन्न मदों का वस्तु अथवा सेवा की पूर्ण लागत में प्रत्यक्ष अंतर्लयन।
आ – (परिवहन) वसूल किए जाने वाले भाड़े का कुछ अंश वाहक कभी-कभी स्वयं वहन कर लेता है। यह रियायत ‘अवशोषण’ है।
  • Acceptance -- सकार, स्वीकृति
अ – एक पक्ष के प्रस्ताव अथवा कार्य के प्रति दूसरे पक्ष की निहित सहमति जो उनके बीच किसी वैध संविदा को जन्म देती है।
आ – निर्धारित शर्तों के अनुसार भुगतान के लिए देय मिति ड्राफ्ट या हुंडी को स्वीकार करना।
acceptance के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. conditional acceptance, general acceptance, partial acceptance, qualified acceptance
  • Acceptance supra protest -- नकारोत्तर सकार, नकारोत्तर स्वीकृत
किसी नकारित रूक़्क़े, बिल या हुंडी का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भुगतान के लिए स्वीकार किया जाना जिससे कि वास्तविक ऋणी की साख की रक्षा हो सके। वैसे, वास्तविक ऋणी अपने दायित्व से मुक्त नहीं होता।
  • Accidental means -- दुर्घटना निमित्त
बीमाकृत व्यक्ति को नुकसान अथवा क्षति पहुँचाने वाला ऐसा कार्य अथवा ऐसी घटना जो आकस्मिक तथा अप्रत्याशित हो और किसी व्यक्ति द्वारा अभिप्रेत अथवा किसी षड़यंत्र का परिणाम न हो।
  • Accommodation -- वित्त-निभाव
किसी पक्ष द्वारा अपने जरूरतमंद मित्र की आर्थिक सहायता करने के उद्देश्य से उसे अपने ऊपर हुंडी करने की अनुमति देना, जिसे वह बाद में भुनाकर धन प्राप्त कर लेता है। यह पारस्परिक भी हो सकता है।
  • Accord and satisfaction -- एवज़ी राजीनामा
एक नया क़रार जिससे किसी पिछले दावे, माँग अथवा ऋण का निपटारा होता हो। नए क़रार के अंतर्गत लेनदार या तो कम राशि लेना स्वीकार कर लेता है अथवा किश्तों का समय बढ़ाने के लिए सहमत हो जाता है।
  • Account -- 1. लेखा, खाता, हिसाब 2. सौदा-अवधि
1. लेखा, खाता, हिसाब : खाता-अभिलेख जिसमें परिसंपत्ति, देयता, स्वामित्व, आय तथा व्यय से संबंधित प्रविष्टियाँ की जाती है;
किसी अवधि विशेष के दौरान किए गए सौदों का विवरण जिससे लेनदेन का निवल परिणाम ज्ञात होता हो।
2. सौदा-अवधि : दो निपटारा-दिनों के बीच की अवधि जिसमें सटोरिए प्रायः हिसाब बेबाक़ किए बिना सौदे करते जाते हैं।
  • Accountancy -- लेखाविधि, लेखाशास्त्र; लेखा-कार्य
लेखाविधि, लेखाशास्त्र : बहीखाताकार द्वारा तैयार किए गए लेखाओं आदि को सुनियोजित क्रम में लगाने और उनके आधार पर ऐसे विवरण तैयार करने की वैज्ञानिक पद्धति जो व्यापारिक संस्था द्वारा एक निश्चित अवधि के दौरान किए गए सौदों के सम्मिलित मुद्रा-प्रभाव को दर्शाती हो।
दे. accounting भी
लेखा-कार्य : लेखाकरण का व्यवसाय।
  • Account days -- निपटारा-अवधि
शेयर बाजार में कारोबार के वे दिन जिनमें लेनदेनों के अंतिम निपटारे या उनकी मिती बढाने के प्रबंध किए जाते हैं।
  • Accounting -- लेखाकरण
व्यावसायिक, सार्वजनिक तथा अन्य प्रतिष्ठानों के लेनदेनों का अभिलेख रखने तथा उनका वर्गीकरण एवं विश्लेषण एवं विश्लेषण करने की विधि एवं तत्संबंधी सिद्धांत और तकनीके;
किसी आय, व्यय, पूंजी, परिसंपत्ति, अथवा देयता का हिसाब देने के लिए क़ानूनी अथवा अन्य रूप से उत्तरदायी व्यक्ति द्वारा उनका लेखा-जोखा प्रस्तुत करना।
समान. accountancy
  • Accounting period -- लेखा-अवधि
वह समयावधि जिसके अंत में व्यापारिक लेनदेनों के सारांश तथा खातों के शेष-विवरण तैयार किए जाते हैं और अगली अवधि के लिए पिछले लेखा-शेषों को लेकर नए बहीखाते खोले जाते हैं।
  • Accounting unit -- लेखाकरण इकाई ; लेखाकरण एकक
लेखाकरण इकाई : किसी देश की वह मौद्रिक इकाई जिसमें लेखे रखे जाते हैं, जैसे, रुपए, पैसे आदि।
लेखकरण एकक : कार्यालय का वह अनुभाग जो लेखे रखने का कार्य करता है।
  • Account in operation -- सक्रिय खाता
वह बैंक खाता जिसमें जमा अथवा नामे की प्रविष्टियाँ होती रहती हैं। एक निश्चित अवधि तक किसी प्रकार की प्रविष्टि न होने पर खाता मृत मान लिया जाता है।
  • Account rendered -- प्रस्तुत हिसाब, प्रस्तुत लेखा
लेनदार द्वारा अपने देनदार के समक्ष भुगतान के लिए समय-समय पर प्रस्तुत किया गया हिसाब।
तुल. दे. account stated
  • Account sales -- बिक्री-विवरण
किसी दलाल, अभिकर्ता, नीलामकर्ता या ऐसे ही अन्य पक्ष द्वारा मालिक को प्रस्तुत किया गया विवरण जिसमें मालिक की ओर से किए गए सौदों का पूरा ब्यौरा दिया जाता है जैसे जाता है जैसे, बिक्रीत माल का परिमाण, बिक्री आगम, प्रासंगिक व्यय, दलाली तथा शेष देय/प्राप्त राशि।
  • Accounts payable -- देनदारो लेखे
वित्तीय स्थिति-विवरण में देयताम्रों के अंतर्गत दी गई प्रविष्टि जो प्रतिष्ठान द्वारा खरीदे गए माल और ली गई सेवाओं की बाबत देनदारी दर्शाती है।
तुल. दे. accounts receivable
  • Accounts receivable -- लेनदारी लेखे
वित्तीय स्थिति-विवरण में परिसंपत्तियों के अंतर्गत दी गई प्रविष्टि जो प्रतिष्ठान द्वारा बेचे गए माल और प्रदत्त सेवाओं की बाबत लेनदारी दर्शाती है।
तुल. दे. accounts payable
  • Account stated (or accepted) -- स्वीकृत लेखा, स्वीकृत हिसाब
किसी अवधि के सौदों का दो पक्षों के बीच प्रचारित हिसाब जिसकी शुद्धता उन पक्षों ने निहित अथवा व्यक्त रूप में स्वीकार कर ली हो।
तुल. दे. accounts rendered
  • Accrual -- उपचय
ब्याज, किराया, कर आदि प्रत्याशित मदों के लिए आवधिक तौर पर देय/प्राप्य राशि।
  • Accrual basis accounting -- उपचय-आधार लेखाकरण
लेखाकरण की वह प्रणाली जिसके अंतर्गत आय और व्यय उनके वस्तुतः प्राप्त होने अथवा अदायगी के समय नहीं बल्कि उस अवधि के खातों में दर्ज किए जाते हैं जिससे वे संबंधित होते हैं।
तुल. दे. cash basis accounting
  • Accrued dividend -- उपचित लाभांश
किसी शेयर अथवा स्टाँक पर निर्दिष्ट दर से उपार्जित अथवा उपार्जित माना गया ऐसा लाभांश जिसकी अभी तक अदायगी नहीं हुई है।
  • Accrued income -- उपचित आय
वह आय जो किसी अवधि विशेष में अर्जित हो चुकी हो परंतु नक़दी के रूप में अभी प्राप्त न हुई हो।
  • Accumulated dividend -- संचित लाभांश
संचयी अधिमान्य शेयरों पर किसी अवधि विशेष से संबंधित अदत्त लाभांश। कंपनी के वित्तीय स्थिति-विवरण में इसे प्रासंगिक देयता के रूप में दिखाया जाता हैं।
  • Accumulation -- संचय, संचयन
अ – (व्यापार) संचित होने अथवा करने की प्रक्रिया; वह माल जो संचित हो गया है अथवा किया गया है।
आ – (बीमा) लाभांशों को भविष्य में बोनस के रूप में वितरित करने के लिए रोके रखना।
इ – (शेयर बाज़ार) अवमूल्य पर खरीदे गए बंधपत्र की आय का परिकलन करते समय उसकी ख़रीद-क़ीमत और अंकित मूल्य का अंतर।
  • Acknowledgement -- अभिस्वीकृति; पावती, प्राप्ति-सूचना
अभिस्वीकृति : किसी तथ्य अथवा घटना की औपचारिक स्वीकृति।
पावती, प्राप्ति-सूचना : किसी वस्तु अथवा प्रपत्र के प्राप्त होने की लिखित सूचना।
  • Acquired surplus -- अवाप्त अधिशेष
एक व्यापारिक संस्था द्वारा दूसरी संस्था को ख़रीदते अथवा किसी अन्य रीति से अपने नियंत्रण में लेते समय यदि नियंत्रण में आने वाली संस्था आधिक्य में चल रही हो तो नियंत्रक संस्था को मिला यह आधिक्य ‘अवाप्त अधिशेष’ कहलाएगा।
  • Acquisition -- अर्जन, उपार्जन, अधिग्रहण
एक प्रतिष्ठान द्वारा दूसरे प्रतिष्ठान को ख़रीद लेना। कंपनी अथवा निगम को खरीदने के लिए क्रेता पक्ष सामान्यतः उसके इतने शेयर खरीद लेता है कि उनके बल पर उसका कंपनी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके।
  • Acquittance -- फारखती, भुगतान
अ – वह लिखित क़रार जिसके अनुसार किसी व्यक्ति को उसमें उल्लिखित देयता से मुक्त कर दिया गया हो।
आ – किसी ऋण का पूर्ण भुगतान प्राप्त कर लेने की स्वीकृति।
  • Active deposit (= derivative deposit) -- व्युत्पन्न जमा
ग्राहक के खाते में जमा वह राशि जो वस्तुतः उसके द्वारा बैंक में जमा न की गई हो बल्कि उसे साख प्रदान करने के उद्देश्य से बैंक ने उसके खाते में नोट कर दी हो। ग्राहक इस राशि का वैसे ही उपयोग कर सकता है जैसे कि अपने द्वारा जमा राशि का।
  • Active market -- सक्रिय बाजार
गतिरूद्ध बाजार के विपरीत ऐसा बाज़ार जिसमें भरपूर सौदे हो रहे हों।
  • Active money -- सक्रिय द्रव्य
परिचालित मुद्रा का वह अंश जो सामान्यतः वस्तुओं और सेवाओं के क्रय-विक्रय में प्रयुक्त होता है।
  • Active trade balance -- अनुकूल व्यापार-शेष
दे. favourable balance of trade
  • Act of god -- दैवी संकट
घटनाओं के सामान्य क्रम में बाधा डालने वाला कोई ऐसा असाधारण प्राकृतिक उत्पात जिसके बारे में न भविष्यवाणी करना संभव है और न जिसे घटित होने से रोका जा सकता है जैसे, बाढ़, भूकंप, तूफान आदि।
  • Acts of firm -- फ़र्म के कृत्य
फ़र्म के साझेदारों, किसी एक साझेदार या फ़र्म के अभिकर्ता द्वारा किए गए कोई ऐसे कार्य या ऐसी चूक जिनके फलस्वरूप फ़र्म को कोई प्रवर्तनीय अधिकार मिलता हो या फ़र्म के विरूद्ध किसी अधिकार का प्रवर्तन किया जा सकता हो।
  • Actual delivery -- वास्तविक सुपुर्दगी
विक्रय-विधि के अंतर्गत ‘वास्तविक सुपुर्दगी’ का अर्थ है विक्रीत वस्तु का विक्रेता के क़ब्ज़े से क्रेता या उसके अभिकर्ता के क़ब्ज़े में वस्तुतः अंतरण।
तुल. दे. constructive delivery
  • Actuary -- बीमांकक
जीवन बीमा के जोखिमों के निर्धारण में प्रायिकता के सिद्धांत को प्रयुक्त करते हुए बीमा-किश्तों, आरक्षित निधियों और लाभांशों की राशियों का परिकलन करने वाला विशेषज्ञ।
  • Adjuster -- समायोजक ; दावा समायोजक, क्षति समायोजक
समायोजक : वैयक्तिक या संपत्ति की क्षति के दावों, असंतोषजनक सेवा, दोषपूर्ण या क्षतिग्रस्त माल की सप्लाई या बीजक संबंधी शिकायतों की जाँच करने और दावे की राशि तय करने वाला।
दावा समायोजक, क्षति समायोजक : अग्नि, समुद्री तथा अन्य बीमा पॉलिसियों द्वारा संरक्षित हानियों की जाँच तथा उनके अनुमान तैयार करके बीमा कंपनी और बीमाकृत पक्ष के बीच फ़ैसला कराने वाला।
  • Adjusting (journal) entry -- समायोजक (जर्नल) प्रविष्टि, समायोजक (जर्नल) इंदराज
किसी अशुद्ध प्रविष्टि को ठीक करने, अप्राप्त ऋण अथवा मूल्यह्रास की व्यवस्था करने, उपचित अथवा देय राशि को हिसाब में लाने और रक़मों को बट्टे खाते लिखने आदि के लिये जर्नल में की गई प्रविष्टि;
लेखापरीक्षक की अभ्युक्तियों का परिपालन करने के उद्देश्य से जर्नल में की जाने वाली प्रविष्टियाँ जिनके परिणामस्वरूप लेखाओं में अभीष्ट संशोधन हो जाते हैं।
  • Adjustment -- समायोजन
अ – ऐसे दावे अथवा ऋण का निपटारा जिसकी राशि अनिश्चित हो या जहाँ पूरी राशि चुकाए जाने की संभावना न हो।
आ – (बीमा) बीमाकृत संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित बीमाकर्ताओं के बीच दावे की राशि का बँटवारा।
इ – (लेखाविधि) लेखाकरण संबंधी कोई त्रुटि का पता चलने पर उसका निराकरण करने के लिए की गई प्रविष्टि।
ई – (लेखाविधि) लेखा-अवधि के समाप्त होने पर अंतिम लेखे तैयार करते समय प्रतिष्ठान की सही आर्थिक स्थिति प्रकट करने के विचार से की गई संशोधनात्मक प्रविष्टियाँ।
  • Adjustment of account -- लेखा-समायोजन
लेखा-अवधि के अंत में सही स्थिति दर्शाने के लिए रोज़नामचे के जरिये संशोधक प्रविष्टियाँ करके उद्भूत राशियों, देय राशियों तथा मूल्यह्रास आदि को लेखे में दिखाने की प्रक्रिया।
  • Administered price -- निर्देशित क़ीमत
माँग और पूर्ति की बाजार शक्तियों की अनदेखी करके स्वैच्छिक रूप से राज्य अथवा किसी विक्रेता द्वारा तय की गई किसी वस्तु की बाज़ार क़ीमत।
  • Ad valorem -- यथामूल्य, मूल्यानुसार
किसी वस्तु का उसके मूल्य के अनुसार निर्धारण।
  • Ad valorem duty -- यथामूल्य शुल्क, मूल्यानुसार शुल्क
किसी मद अथवा वस्तु पर उसके मूल्य के आधार पर निर्धारित किया जाने वाला कर अथवा शुल्क। इस प्रकार से लगाए जाने वाले कर से यह लाभ होता है कि मुद्रास्फीति के समय स्वतः अधिक कर वसूल होता है। साथ ही, वस्तु के मूल्य के साथ प्रत्यक्ष रूप से संबंधित रहने के कारण कर का यह आधार अधिक समानतापरक भी है।
तुल. दे. specific duty
  • Advance -- अग्रिम, पेशगी; उधार, ऋण
अग्रिम, पेशगी : पहले से जमा की गई रकम; व्यापारी अथवा अढ़तिया द्वारा क्रेय माल का बीजक या लदान-पत्र प्राप्त होने पर परेषक को किया गया आंशिक भुगतान।
उदार, ऋण : नियोक्ताओं द्वारा अपने कर्मचारियों आदि को किसी उद्देश्य विशेष के लिए दिया गया उधार जो आगे चल कर एकमुश्त या किश्तों में लौटाना होता हैं।
  • Advantage of location -- स्थिति-सुलाभ
अ – (उद्योग) किसी प्रतियोगी के मुक़ाबले मिलने वाला फ़ायदा जो स्थान, कच्चे माल की पूर्ति अथवा परिवहन के साधनों की सुगम उपलब्धि आदि के कारण हो सकता है।
आ – (परिवहन) दरों के औचित्य अथवा अनौचित्य का निर्धारक तत्त्व। स्थिति एवं प्राकृतिक फ़ायदों आदि के आधार पर ही दरें निर्धारित की जाती हैं।
  • Adventure -- जोखिम लदान, एडवेंचर
अच्छी से अच्छी क़ीमत पर बेचने के उद्देश्य से माल का किसी नई तथा अनजानी मंडी के लिए लदान;
परेषक द्वारा अपनी जोखिम पर माल का लदान।
  • Adverse balance of payments -- प्रतिकूल भिगतान-संतुलन
ऐसी स्थिति जिसमें किसी देश को एक अवधि विशेष के दौरान अन्य देशों से प्राप्ति कम हुई हो पर उन्हे भुगतान अधिक करना हो।
  • Advertising -- विज्ञापन, विज्ञापन-कार्य; विज्ञापन देना
प्रायोजक द्वारा किसी वस्तु, सेवा अथवा वाणिज्यिक विचार को श्रव्य अथवा दृश्य साधनों के माध्यम से बाज़ार के समक्ष प्रस्तुत करना।
  • Advice -- सूचना
व्यवसाय में एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष को व्यापारिक व्यवहारों के संबंध में भेजी गई कोई ख़बर।
  • Aero insurance -- उड्डयन बीमा
माल अथवा यात्रियों के हवाई यातायात की जोखिम के प्रति संरक्षण प्रदान करने वाला बीमा।
  • After date -- तिथ्युत्तर
विनिमय-पत्र या हुंडी में इस अभिव्यक्ति के प्रयोग का अर्थ होता है कि प्रपत्र की मियाद इसमें उल्लिखित तारीख से शुरू मानी जाएगी।
तुल. दे. after sight
  • After sight -- दर्शनोत्तर
विनिमय-पत्र या हुंडी में इस अभिव्यक्ति के प्रयोग का अर्थ होता है कि प्रपत्र की मियाद उसे प्रस्तुत करने या दिखाने की तारीख़ से शुरू मानी जाएगी।
तुल. दे. after date
  • Agency -- अभिकरण, एजेन्सी
संविदा-विधि के अधीन स्थापित एक संबंध जिसके द्वारा एक पक्ष (मालिक) दूसरे पक्ष (एजेन्ट) को इस बात के लिए प्राधिकृत कर देता है कि वह किसी तीसरे पक्ष के साथ प्रथम पक्ष की ओर से सौदा, व्यापार अथवा व्यवहार कर सकता है।
  • Agent -- अभिकर्ता, एजेन्ट
वह व्यक्ति जिसे किसी अन्य व्यक्ति (मालिक) ने अपनी ओर से तृतीय पक्षों के साथ सौदे या लेनदेन करने के लिए प्राधिकृत कर दिया है।
agent के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. Authorised agent, commission agent, del credere agent, forwarding agent, sole agent
  • Agreement -- क़रार
दो या अधिक पक्षों के बीच अपसी समझौता। केवल वे ही समझौते संविदा का रूप लेते हैं जो क़ानूनन प्रवर्तनीय हों।
  • Agreement to sell -- बिक्री-क़रार
माल बिक्री अधिनियम में ‘बिक्री’ तथा ‘बिक्री-करार’ में अंतर किया गया है। बिक्री में माल की सुपुर्दगी (वास्तविक अथवा प्रलक्षित) शामिल होती है जबकि ‘बिक्री-करार’ में सुपुर्दगी भविष्य में किन्हीं शर्तों के पूरा होने पर किए जाने को व्यवस्था होती हैं।
  • All commodity rates -- समस्त पण्य दर, समस्त जिन्स दर
ऐसी दर जो सभी प्रकार की वस्तुओं की ढुलाई पर लागू हो। सामान्यतः यह दर यान-भार माल के लिए ही होती है।
  • Allied products -- सहबद्ध उत्पाद
किसी प्रमुख वस्तु के साथ-साथ उत्पादित अन्य संबंधित वस्तुएँ। उदाहरण के लिए, आटा मिल ‘सहबद्ध उत्पाद’ के रूप में मैदा और सूजी भी तैयार करते हैं।
  • Allocation -- बँटवारा, विनिधान
प्रभाजन क्रिया; किन्ही विशेष उद्धेश्यों अथवा संगठनों के लिए राशि का प्रभाजन जैसे :-
लेखाविधि में : किसी स्वैच्छिक नियम के अनुसार लागत और ख़र्च को विभिन्न लेखाओं के बीच प्रभाजित करना।
सरकारी अथवा अन्य संस्थानों में : आर्थिक नियंत्रण-उपाय के रूप में धनराशि का प्रभाजन।
कंपनी लेखाओं के संदर्भ में : लाभ का विभिन्न मदों के बीच ‘बँटवारा’।
दे . appropriation भी
  • All or any part -- पूर्णोवा अंशोवा
प्रतिभूतियों की हामीदारी-संविदा में प्रयुक्त होने वाला एक वाक्यांश जिसके अनुसार हामीदार किसी कंपनी द्वारा निर्गमित प्रतिभूतियों के सारे अथवा एक अंश को बेचने अथवा स्वयं ले लेने के लिए सहमत हो जाता हैं।
तुल. दे. all or none
  • All or none -- पूर्णोवा शून्योवा
प्रतिभूतियों की हामीदारी-संविदा में प्रयुक्त होने वाला एक वाक्यांश जिसके अनुसार हमीदार इस आधार पर अपने भाव देता है कि उसे सारी की सारी प्रतिभूतियाँ नियत कर दी जाएँगी।
तुल. दे. all or any part
  • All risk insurance -- सर्वजोखिम बीमा
स्पष्टतः उल्लिखित अपवादों को छोड़कर शेष सभी जोखिमों से उत्पन्न हानि के प्रति संरक्षण प्रदान करने वाली बीमा पॉलिसी।
  • Alternative drawee -- विकल्पी अदाकर्ता
दे. drawee in case of need
  • Amalgamation -- समामेलन
दो या अधिक कंपनियों के परस्पर विलय की प्रक्रिया जिसके परिणामस्वरूप प्रायः एक नई कंपनी का जन्म होता है।
  • Amortization -- परिशोधन
अ – किसी ऋण की क्रमिक चुकौती। यह सीधी लेनदारों को हो सकती है या एक निक्षेप-निधि में नियमित रूप से राशि डालते रहकर भी की जा सकती है।
आ – बढ़ौती पर ख़रीदे गये बंधपत्रों का निवल प्रतिफल (net yield) ज्ञात करने की विधि। इसमें बंधपत्र के चालू प्रतिफल (current yield) में से उसकी क्रय और परिपक्वता की तारीख़ों के बीच की अवधि के दौरान बढ़ौती की राशि के समान अंशों को कम करते चले जाते हैं।
इ – पेटेन्ट, रॉयल्टी आदि अमूर्त परिसंपत्तियों के अभिग्रहण की लागत का उसके जीवन-काल के बीच विनिधान।
  • Amount -- राशि, रकम; परिमाण, मात्रा; मिश्रधन
राशि, रकम : समक्ष अथवा विचारगत धन।
परिमाण, मात्रा : कुल संख्या, भार, आदि।
मिश्रधन : मूलधन और ब्याज का योग।
  • Ancillary industry -- आनुषंगिक उद्योग
किसी प्रमुख उद्योग द्वारा उत्पादित माल अथवा मशीनों के विभिन्न कल-पुर्जों की अथवा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले छोटे-छोटे उद्योग।
  • Ancillary products -- आनुषंगिक उत्पाद
वे वस्तुएँ जो किसी मूल वस्तु के निर्माण के लिए आवश्यक हों।
दे. ancillary industry
  • Annual stock-taking -- वार्षिक माल-पड़ताल
प्रतिष्ठान का वार्षिक व्यापार-लेखा और तुलनपत्र तैयार करने के सिलसिले में उसके पास मौजूद कुल माल (कच्चा, अर्धनिर्मित और निर्मित) का मूल्य ज्ञात करने की क्रिया।
  • Annuity -- वार्षिकी
एक निश्चित अथवा अनिश्चित अवधि तक प्रतिवर्ष अथवा अन्य समान अंतरालों (जैसे तिमाही, छमाही) पर देय कोई धनराशि।
annuity के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. annuity due, acontingent annuity, deferred annuity, immediate annuity, joint and survivor annuity, perpetual annuity.
  • Annuity deposit scheme -- वार्षिकी जमा योजना
बैंक, डाकघर या किसी अन्य निवेश संस्था में एक निश्चित संस्था में एक निश्चित अवधि के अंतर से (प्रायः वार्षिकी या तिमाही) रुपया जमा करने की योजना। इस प्रकार जमा रक़म ब्याज समेत एक पूर्व निश्चित विधि से जमाकर्ता को लौटाई जाती है।
  • Annuity due -- देय वार्षिकी
ऐसी वार्षिकी जिसका प्रथम भुगतान प्रत्येक अवधि की समाप्ति के बजाय उसके प्रारंभ में किया जाता है।
  • Anticipation -- 1. समय-पूर्व भुगतान 2. पूर्व प्रावधान
1. समय-पूर्व भुगतान : माल अथवा सेवाओं के बिल की निर्धारित समय से पहले अदायगी। ऐसा करने पर विक्रेता प्रायः कुछ छूट देता है भले ही बिक्री की शर्तों में इस प्रकार की नक़द छूट का कोई उल्लेख न हो।
2. पूर्व प्रावधान : देय अथवा प्राप्य होने के पूर्व ही धन का उपयोग अथवा व्यय जैसे, न्यास संपदा से प्राप्त होने वाली आय को प्राप्ति से पूर्व ही ग्रहण करना अथवा समनुदेशन आदि के द्वारा उसका स्वत्व अंतरित करना।
  • Anti-inflationary measures -- प्रतिस्फीति उपाय, स्फीति-निवारक उपाय
स्फीति रोकने के लिए उठाए जाने वाले विभिन्न उपाय जिनमें बैंक-दर में वृद्धि, विभिन्न प्रकार के करों अथवा शुल्कों में वृद्धि, वचत की योजनाएँ, उत्पादन में वृद्धि आदि शामिल हैं।
  • Apex bank -- शिखर बैंक
किसी बैंकिंग प्रणाली का सर्वोच्च सदस्य बैंक।
  • Application money -- आवेदन-राशि
कंपनी की प्रतिभूतियों के निर्गमन के सिलसिले में निवेशकर्ता से आवेदन-पत्र के साथ माँगी गई रक़म।
  • Apportionment -- प्रभाजन
ख़र्च की किसी मद अथवा लागत-राशि को कई अवधियों के बीच फैलाना।
  • Appraisement -- कूतना, आँकना, निरूपण
माल, संपत्ति अथवा अन्य संसाधनों का मूल्यांकन।
  • Appreciation -- वृद्धि, मूल्यवृद्धि
किसी परिसंपत्ति के मूल्य में हुई बढ़ोतरी।
  • Appropriation -- विनियोजन
सरकार द्वारा सार्वजनिक धन के व्यय अथवा किन्हीं निर्दिष्ट देयताओं के निपटान के लिए व्यवस्थापिका अथवा विधान मंडल द्वारा दी गई स्वीकृति;
वह धनराशि जिसे भविष्य में व्यय करने की स्वीकृति दे दी गई हो;
निवल आय का विभिन्न लेखाओं के बीच वितरण;
अर्जित अधिशेष का विभिन्न मदों के बीच बँटवारा।
दे. allocation भी
  • Appropriation account -- विनियोजन लेखा
प्रतिष्ठान का निवल लाभ ज्ञात कर लेने के बाद विभिन्न मदों और निधियों के बीच उसका प्रभाजन दिखाने के लिए बनाया गया लेखा।
  • Arbitrage -- अंतरपणन
दो वायदा बाज़ारों में विद्यमान क़ीमतों के अंतर से लाभ प्राप्त करने के लिए कम क़ीमत वाले बाज़ार में वस्तु अथवा विदेशी मुद्रा ख़रीदना और साथ-ही-साथ अधिक क़ीमत वाले बाज़ार में उसी वस्तु अथवा विदेशी मुद्रा को बेच देना।
  • Arbitrated exchange rate -- अंतरपण्य विनिमय-दर
अधिक अनुकूल विनिमय-दर का लाभ उठाने के उद्देश्य से एक देश में विनिमय-पत्र ख़रीद कर उसे सीधे अभिप्रेत देश में भेजने के बजाय किसी तीसरे देश में बेचना और वहाँ से नया विनिमय-पत्र लेकर अभिप्रेत देश को भेजना विनिमय अंतरपणन कहलाता है। इस अंतरपणन में जो विनिमय-दर स्थापित होती है वह ‘अंतरपण्य विनिमय-दर’ है।
  • Arrangement -- 1. व्यवस्था 2. पुनर्विन्यास
1. व्यवस्था : सामान्य अर्थों में, किसी मुक़दमे के दोनों पक्षों के बीच होने वाले राज़ीनामे को दिया गया कार्यरूप; दिवाला क़ानून के अंतर्गत देनदार द्वारा अपने लेनदारों के समक्ष क़र्ज के निपटान अथवा भुगतान की अवधि को बढ़ाने के लिए प्रस्तुत की गई योजना। ऐसा करके देनदार औपचारिक रूप से दिवालिया घोषित होने की प्रक्रिया से बच सकता है।
2. पुनर्विन्यास : विभिन्न श्रेणियों के शेयरों को समेकित कर अथवा शेयरों को विभिन्न श्रेणियों में बाँटकर अथवा दोनों ही विधियों को अपनाकर कंपनी की शेयर पूंजी का पुनर्गठन करना।
  • Arrivals -- आमद
बाज़ार खुलने पर सौदों की शुरूआत अधिकतर पिछले दिन के बचे हुए माल से होती है। इसके अलावा और जो माल दिन के दौरान बाज़ार में बिकने के लिए आता है, उसे ‘आमद’ कहा जाता है।
  • Articles of association -- संस्था के अंतर्नियम
वे विनिमय या उप-नियम जिनके अधीन कंपनी का आंतरिक संगठन और व्यवहार संचालित होता है और जो कंपनी की बहिर्नियमावली से नियंत्रित होते हैं।
तुल. दे. memorandum of association
  • As is where is -- जैसा है जहाँ है
किसी माल का जैसी हालत में वह है और जहाँ है, बेचा जाना। तात्पर्य यह है कि माल में जो भी दोष अथवा टूट-फूट है, विकेता उसकी दुरुस्ती नहीं कराएगा। साथ ही, क्रेता को माल उस स्थान से अपने ख़र्चे पर उठाकर ले जाना होगा।
  • As per advice -- 1. आदेशानुसार 2. सूचनानुसार
1. आदेशानुसार : सामान्य व्यापारिक प्रयोग में इससे आशय है, किसी पक्ष के निर्देश के अनुसार किया गया कार्य।
2. सूचनानुसार : विनिमय-पत्र या हुंडी में प्रयुक्त होने वाली अभिव्यक्ति जिसका अर्थ है कि अदाकर्ता को यह सूचना दे दी गई है कि उस पर हुंडी की जा रही है। किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि अदाकर्ता ने हुंडी का भुगतान करने की गारन्टी दे दी है।
  • Assay -- आमापन, परख
रासायनिक परीक्षण अथवा अन्य उपायों द्वारा सोना, चाँदी आदि बहुमूल्य धातुओं की शुद्धता ज्ञात करना।
  • Assembly line production -- समनुक्रम-उत्पादन
उत्पादन की ऐसी व्यवस्था जिसमें निर्माणाधीन वस्तु कन्वेयर बैल्ट के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच जाती है और कारीगर विभिन्न चरणों में उस पर काम करते जाते हैं। अंत में, वह पूरी तरह तैयार होकर फ़ैक्टरी से बाहर निकलती है। इस प्रकार, प्रारंभ से लेकर पूर्ण निर्माण की अवस्था तक वस्तु पर श्रृंखलाबद्ध रूप से काम होता रहता है।
  • Assessee -- निर्धारिती, कर-निर्धारिती
वह व्यक्ति जिसकी आय, संपत्ति आदि का किसी कर विशेष के लिए निर्धारण किया गया है;
वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध किसी कर-विधान के अंतर्गत कराधान संबंधी कोई कार्रवाई की जा रही है।
  • Assessment -- निर्धारण, कर-निर्धारण
अ – कराधान के उद्देश्य से सरकार अथवा स्वायत्त शासन द्वारा आय अथवा संपत्ति का मूल्य कूतना।
आ – सरकार द्वारा नागरिकों पर अथवा कंपनी द्वारा अपने शेयरधारियों पर लगाई गई लेवी।
इ – सरकार द्वारा नागरिकों पर लगाया जाने वाला पुनरावर्तक कर (यथा, संपत्ति कर, आयकर आदि)।
ई – सड़कें, फुटपाथ, भूमिगत नालियाँ आदि नागरिक सुविधाएँ प्रदान करने अथवा उनमें सुधार करने के लिए लगाए जाने वाले विशेष कर।
  • Assessment year -- निर्धारण-वर्ष, कर-निर्धारण वर्ष
भारत सरकार का वित्त-वर्ष अर्थात् प्रत्येक वर्ष की 1 अप्रैल से आरंभ होने वाली 12 महीने की अवधि।
  • Assessor -- निर्धारक, कर-निर्धारक
कराधान अथवा अन्य उद्देश्य से संपत्ति का मूल्य कूतने वाला व्यक्ति।
  • Asset -- परिसंपत्ति
कोई भी मूल्यवान वस्तु अथवा अधिकार जिस पर किसी का स्वामित्व हो। यह मूर्त भी हो सकती है और अमूर्त भी जैसे, पेटेन्ट, सुनाम आदि।
asset के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. capital asset, current asset, fixed asset, intangible asset, liquid asset, tangible asset, wasting asset.
  • Assignee -- समनुदेशिती
वह व्यक्ति, फ़र्म अथवा कंपनी जिसको कोई स्वामित्व, हित अथवा अधिकार अंतरित किया गया हो।
  • Assignment -- समनुदेशन, नाम करना
किसी अधिकार, स्वामित्व अथवा हित को अन्य पक्ष के प्रति अंतरित करने की क्रिया। यह अंतरण या तो बेचान के रूप में किया जाता है (जैसे कि लदान-पत्रों में) या किसी क़ानूनी कार्रवाई के रूप में (जैसे, हिताधिकारों के मामले में)।
  • Assignor -- समनुदेशक
वह व्यक्ति जो अपने किसी स्वामित्व, हित अथवा अधिकार का किसी दूसरे के प्रति अंतरण करता है।
  • Assimilation -- आत्मसात्करण, आपीकरण (मराठी)
किसी प्रतिष्ठान द्वारा जारी किए गए शेयरों आदि को जनता द्वारा पूर्ण रूप से ख़रीद लिया जाना और इसके फलस्वरूप शेयर बाज़ार में उस प्रतिभूति की क़ीमत स्थापित हो जाना।
  • At a discount -- बट्टे पर, अवमूल्य पर
दे. below par
  • At a premium -- प्रीमियम पर, अधिमूल्य पर
दे. above par
  • At best (= at the best order) -- अनुकूलतम क़ीमत आदेश
व्यापारी द्वारा बाज़ार-स्थित अपने दलाल अथवा आढ़तिया को दिया गया निर्देश जिसके अनुसार उसे बाज़ार के रूख़ को देखकर सबसे लाभकर क़ीमत पर सौदा कर लेने की अनुमति दे दी जाती है।
  • At par -- सममूल्य पर
किसी प्रतिभूति, बंधपत्र आदि के अंकित मूल्य और बाज़ार में समता होना। प्रतिभूति जब बाज़ार में अंकित मूल्य पर बिकती है तो उसे ‘सममूल्य पर’ बिक्री कहा जाता है।
तुल. दे. above par, below par
  • At sight -- दर्शनी
विनिमय-पत्र या हुंडी पर लिखे गए इस शब्द का अर्थ यह होता है कि दिखाने के समय अर्थात् प्रस्तुत किए जाते ही उसका भुगतान करना होगा। इसलिए इस प्रकार के विनिमय-पत्र के लिए सकार की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक नहीं होता।
  • At the market -- तुरत सौदा आदेश
दलाल अथवा आढ़तिया को दी गई यह हिदायत अथवा आदेश कि वह तत्काल बाजार-भाव पर सौदा कर दे।
  • Auction -- नीलाम
किसी वस्तु की बोली लगाकर सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे ऊँची बोली लगाने वाले को वस्तु बेच दी जाती है।
  • Audit -- लेखापरीक्षा
किसी प्रतिष्ठान अथवा सरकारी इकाई के लेखा संबंधी दस्तावेजों और बहीखातों की विशेषज्ञ द्वारा जाँच अथवा परीक्षा।
  • Auditor -- लेखापरीक्षक, ऑडिटर
वह लेखा-विशेषज्ञ जो लेखाओं का विश्लेषण तथा जाँच करके उसकी परिशद्धता का प्रमाणपत्र देता है।
  • Authorised agent -- प्राधिकृत अभिकर्ता, प्राधिकृत एजेन्ट
कंपनी, प्रतिष्ठान, फ़र्म अथवा व्यक्ति द्वारा नियुक्त अभिकर्ता। इस प्रकार के अभिकर्ता को निर्दिष्ट क्षेत्र में मालिक की ओर से कार्य करने के पूर्ण अधिकार प्राप्त होते हैं।
  • Authorised capital -- प्राधिकृत पूँजी, अधिकृत पूँजी
किसी नई कंपनी के गठन तथा उसके भारतीय कंपनी अधिनियम के अधीन पंजीकृत होते समय कंपनी के प्रवर्तकों द्वारा प्रस्तावित और सरकार द्वारा अनुमोदित पूँजी-राशी। कंपनी को ‘अधिकृत पूँजी’ की सीमा में रहते हुए ही शेयर जारी करने का अधिकार होता है। इसमें संशोधन के जरिए वृद्धि कराई जा सकती है। इसे “पंजीकृत पूँजी” (registered capital) भी कहते हैं।
तुल. दे. issued capital
  • Automobile insurance -- मोटर बीमा
मोटर आदि वाहनों के उपयोग से उत्पन्न जोखिम के लिए दिया गया संविदागत संरक्षण। यह संरक्षण टक्कर, तीसरे पक्ष को होने वाली हानि, संपत्ति को नुकसान, चोरी, अग्नि आदि के लिए दिया जाता है।
  • Autonomous investment -- स्वायत्त निवेश
ऐसा नया निवेश जो ब्याज की दर, उपभोग-स्तर अथवा राष्ट्रीय आय मे हुए परिवर्तनों के कारकों से नहीं अपितु किन्ही अन्य स्वतंत्र कारकों से किया जाए।
  • Avail -- अवशिष्ट राशि
अ – ऋण अथवा ख़र्च काटकर शेष बची राशि। इसका प्रयोग संपदा की नीलामी आदि के संदर्भ में दिया जाता है।
आ – बट्टा पेशगी काटने के बाद बची ऋण की निवल राशि।
  • Average due date -- औसत देय तिथि
यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य पक्ष को विभिन्न तारीख़ों पर कई भुगतान किए जाने हैं तो इतने सारे भुगतान अलग-अलग करने के बजाय वह यह भी कर सकता है कि एक आकलित तारीख़ को एक ही समेकित भुगतान कर दे। इस तारीख़ का आकलन गुणनफल-विधि से किया जाता है और इस प्रकार आकलित तारीख़ ‘औसत देय तिथि’ कहलाती है।
  • Backing -- प्रत्याभूति, पाठिंबा (मराठी)
अ – (मुद्रा) किसी देश की कागजी मुद्रा के पीछे स्वर्ण अथवा प्रतिभूतियों का समर्थन।
आ – (वित्त) किसी प्रपत्र अथवा चैक का एक ऐसे पक्ष द्वारा पृष्ठांकन जो स्वयं आदाता अथवा पृष्ठांकिती नहीं है। यह पृष्ठांकन चैककर्ता, आदाता अथवा प्रपत्र से संबंधित किसी अन्य पक्ष के जमानती बनने के उद्देश्य से किया जाता है।
  • Backwardation -- मंदी बदला
यदि विक्रेता सटोरिया निपटान-दिवस पर क्रेता सटोरिये को बेचे गए माल की सुपुर्दगी देने में असमर्थ होता है तो क्रेता दंडस्वरूप एक रक़म लेकर विक्रेता को अगले निपटान-दिवस तक सुपुर्दगी स्थगित रखने की अनुमति दे देता है। यह रक़म ‘मंदी बदला’ कहलाती है।
तुल. दे. contango
  • Backwash effect -- अतिनिर्यात प्रभाव
निर्यात (अधिकतर कच्चे माल का) पर अत्यधिक ज़ोर देने के कारण बहुत से अल्पविकसित देशों में उत्पन्न प्रतिकूल स्थिति। यह निर्यात देशीय विनिर्माण तथा पिछड़े क्षेत्रों के औद्योगीकरण को काफ़ी हानि पहुँचाता है। जब औद्योगीकरण की दिशा में वह देश पिछड़ जाता है तो उसका विकास अवरूद्ध हो जाता है और उन्नत देशों की तुलना में उसकी उत्पादन-क्षमता कमज़ोर हो जाती है।
  • Bad debt -- अशोध्य ऋण, डूबी रकम
ऐसा ऋण जिसका भुगतान मिलने की कोई संभावना नहीं रही है अर्थात् ऐसी लेनदारी जिसे तक़ाजों के बावजूद वसूल नहीं किया जा सका है।
  • Bad debts reserve -- अशोध्य ऋण आरक्षित निधि
व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा प्रत्येक लेखा-अवधि में लाभ का एक हिस्सा (प्रायः लेनदारियों का एक नियत प्रतिशत) उन रक़मों को बट्टे खाते डालने के लिए अलग से निर्दिष्ट कर दिया जाता है जिनका भुगतान मिलने की संभावना नहीं होती। इस प्रकार निर्दिष्ट राशियों से “अशोध्य ऋण आरक्षित निधि “का निर्माण होता है।
  • Bailment -- उपनिधान,निक्षेप
ऐसा संविदागत संबंध जिसके द्वारा एक पक्ष (उपनिधाता) अपनी संपत्ति अथवा माल का क़ब्जा किसी दूसरे पक्ष (उपनिहिती) को सशुल्क अथवा निःशुल्क सौंप देता है किंतु उसका स्वामित्व अपने पास ही रखता है।
  • Balance -- 1. संतुलन 2. बाकी, शेष, अतिशेष
1. संतुलन – दो राशियों अथवा लेखाओं को समकारी राशि अथवा प्रविष्टि द्वारा बराबर करना।
2. बाकी, शेष, अतिशेष – किसी लेखे की जमा और नामे प्रविष्टियों के योगों का अंतर अथवा उन दोनों का मिलान करने पर बचने वाली राशि;
प्राप्य रक़मों के लेखे में वह निवल राशि जो अभी मिलनी है।
  • Balanced budget -- संतुलित बजट
किसी अवधि विशेष (सामान्यतः एक वर्ष) के लिए बनाया गया ऐसा बजट जिसमें प्रत्याशित आय और व्यय समतुल्य हों अथवा जिसमें उन्हें समतुल्य बनाने का प्रयास परिलक्षित होता हो।
  • Balanced growth -- संतुलित संवृद्धि
देश की अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रकों का ऐसा समन्वित विकास कि किसी क्षेत्रक में अवरोध अथवा गतिरोध की स्थिति पैदा न होने पाए। अधिकतर विकासशील देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं की “संतुलित संवृद्धि” के लिए निवेश तथा उत्पादन का एक ऐसा कार्यक्रम तैयार करते हैं, जिससे परस्पर संबद्ध क्षेत्रकों का साथ-साथ विकास हो। उदाहरण के लिए, वस्त्रोद्योग के विकास का कार्यक्रम तैयार करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लिया जाता है कि कपास का उत्पादन बढ़े, रंजक द्रव्यों का उद्योग विकसित हो, परिवहन सुविधाओं में वृद्धि हो और कपड़े की खपत बढ़े।
  • Balance of payments -- भुगतान-संतुलन, अदायगी-संतुलन
किसी देश द्वारा, एक अवधि विशेष में, विदेशों से प्राप्त राशियों और उनको किए गए भुगतानों के मूल्य का अंतर। इसके परिकलन में दृश्य, अदृश्य ओर अन्य सभी प्रकार की मदें शामिल की जाती है।
तुल. दे. balance of trade
  • Balance of trade -- व्यापार-शेष
किसी देश द्वारा, एक अवधि विशेष में, आयातित और निर्यातित वस्तुओं के मूल्य का अंतर। जब निर्यात-राशि आयात-राशि से अधिक हो तो ‘व्यापार-शेष’ अनुकूल और आयात-राशि निर्यात-राशि से अधिक हो तो ‘व्यापार-शेष’ प्रतिकूल कहलाता है। ‘व्यापार-शेष’ केवल दृश्य मदों को शामिल करके परिकलित किया जाता है।
तुल. दे. balance of payments
  • Balance sheet -- तुलन-पत्र, वित्तीय स्थिति-विवरण, पक्का चिट्ठा, बैलेन्स शीट
एक निर्दिष्ट तिथि को (सामान्यतः लेखा-अवधि के अंत में) किसी फ़र्म अथवा प्रतिष्ठान की वित्तीय स्थिति दर्शाने वाला विवरण जिसमें उसकी परिसंपत्तियों तथा देयताओं एवं उसकी निवल मालियत का ब्यौरा होता है।
  • Bank advances -- बैंक उधार
बैंक द्वारा ग्राहकों को दी गई विभिन्न प्रकार की उधार राशियाँ।
  • Bank discount -- बैंक बट्टा
किसी विनिमय-पत्र अथवा हुंडी की परिपक्वता-तिथि से पहले ही उसकी अंकित राशि प्रपत्र के धारक को अदा करने के एवज़ में बैंक द्वारा वसूल किया गया प्रभार। यह विनिमय-पत्र की अंकित राशि अदा करते समय उसी में से काट लिया जाता है। बट्टा-दर प्रायः प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाती है और बैंक दर से संबद्ध रहती है। वैसे, किसी प्रपत्र विशेष पर काटा गया बट्टा उसके अदाकर्ता की साख पर भी निर्भर करता है।
  • Bank draft -- बैंक ड्राफ़्ट
बैंक की एक शाखा द्वारा दूसरी शाखा के नाम काटा गया आदेश-पत्र जिसके अनुसार वह शाखा आदेश-पत्र में बताए गए व्यक्ति अथवा उसके द्वारा निर्दिष्ट किसी अन्य व्यक्ति को आदेश-पत्र में उल्लिखित रक़म अदा करती है।
  • Banker -- महाजन, साहूकार, बैंकर
जमा-राशियाँ स्वीकार करने, कर्ज देने अथवा विदेशी विनिमय का व्यापार आदि करने वाले व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान।
  • Bank guarantee -- बैंक गारन्टी
बैंक द्वारा अपने ग्राहक की ओर से किसी विशिष्ट देयता का निर्धारित समय पर भुगतान किए जाने के बारे में प्रतिभू के रूप में दिया गया लिखित वचन।
  • Banking -- अधिकोषण, महाजनी, बैंक व्यवसाय, बैकिंग
मुद्रा और ऋण के लेनदेन से संबंधित व्यवसाय। इसमें ग्राहकों से जमा-राशियाँ स्वीकार करना, चैक आदि के द्वारा निर्दिष्ट पक्षों को उनका भुगतान करना, विविध प्रकार के ऋण देना, बिल और हुंडियों को भुनाना, मुद्रा-विनिमय आदि अनेक कार्य सम्मिलित हैं।
  • Bank money -- बैंक द्रव्य
बैंक के ग्राहकों के खातों में मौजूद वे जमा-राशियाँ जिन्हें द्रव्य की ही भाँति प्रयोग में लाया जा सकता है अर्थात् जिन्हे ग्राहक अपनी इच्छानुसार चैक काट कर निकाल सकते हैं। यह उल्लेखनीय है कि बैंक अपनी कुल जमा-राशियों के बराबर द्रव्य अपने पास नहीं रखते बल्कि उनका एक अंश ही रखते हैं क्योंकि इस बात की संभावना नहीं होती कि सारे जमाकर्ता एक साथ अपना कुल पैसा निकाल लेंगे।
  • Bank note -- बैंक नोट
केंद्रीय बैंक द्वारा निर्गमित कागज़ी मुद्रा जिस पर निर्गम-बैंक द्वारा दिया गया यह वचन अंकित होता है कि वह धारक को, माँगने पर उल्लिखित धनराशि अदा कर देगा। कहींकहीं अन्य बैंकों को भी नोट जारी करने का अधिकार दे दिया जाता है।
  • Bank of issue -- मुद्रा-प्रचालक बैंक
कागज़ी और धातु मुद्रा जारी करने वाला बैंक। यह कार्य अधिकतर देश का केंद्रीय बैंक ही करता है।
  • Bank rate -- बैंक दर
केंद्रीय बैंक अंतिम ऋणदाता की भूमिका निभाते हुए जिस ब्याज-दर पर अनुसूचित बैंकों को उधार देता है वह ‘बैंक दर’ कहलाती है।
  • Bank rate policy -- बैंक दर नीति
मुद्रा तथा उधार-नियंत्रण के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न उपायों में से एक उपाय जिसके अंतर्गत बैंक दर में परिवर्तन द्वारा उसकी मात्रा को न्यूनाधिक किया जाता है।
  • Bank reconciliation statement -- बैंक समाधान विवरण
ग्राहक द्वारा तैयार किया गया ऐसा विवरण जिसमें बैंक पासबुक के अनुसार शेष और ग्राहक के अपने बहीखातों में बैंक लेखे में प्रदर्शित शेष के अंतर की व्याख्या होती है।
  • Bankruptcy -- दिवालियापन
देनदार द्वारा अपने दायित्वों का भुगतान न कर पाने की स्थिति। ऐसी सूरत में स्वयं देनदार या उसके लेनदार अदालत से प्रार्थना करते है कि देनदार को दिवालिया घोषित किया जाए और उसकी समस्त संपत्ति एक न्यासधारी को अंतरित कर दी जाए जो विभिन्न लेनदारों के बीच उनके दावों के अनुपात में संपत्ति (अथवा उसकी बिक्री से प्राप्त रक़म) का बँटवारा कर दे।
  • Bargain -- सौदा; रियायती सौदा
सौदा: किसी वस्तु के क्रय-विक्रय की शर्तों को लेकर किया गया मोल-भाव।
रियायती सोदा: मूल क़ीमत से कम अर्थात् सस्ती दरों पर किया गया क्रय-विक्रय।
  • Basic yield -- आधारिक प्रतिफल, उत्कृष्ट प्रतिभूति आय
उत्तम निवेश जैसे, दीर्धकालीन सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाली वार्षिक आय जो वित्त-बाज़ार में अन्य ब्याज-दरों को प्रभावित करती है।
  • Bear -- मंदड़िया
ऐसा सटोरिया जो शेयरों, जिन्सों अथवा बंधपत्रों के भावों में गिरावट लाने के प्रयास करके मुनाफ़ा कमाने की चेष्टा करता है।
तुल. दे. bull
  • Bear account -- मंदड़ियों का ज़ोर
सट्टा बाज़ार की ऐसी अवस्था जिसमें शेयरों, जिन्सों अथवा बंधपत्रों की बिकवाली लेवाली से अधिक हो और फलतः बिकवाल या मंदड़िए बाज़ार पर छाए हों।
तुल. दे. bull account
  • Bear covering -- मंदड़िया पटान
यदि सुपुर्दगी की तारीख़ पर क़ीमतें मंदड़िए की आशा के अनुसार नहीं गिरती तो माल की सुपुर्दगी देने के निमित्त मंदड़िए को उसी या उससे भी अधिक क़ीमत पर माल ख़रीदना पड़ सकता है। इस प्रकार जब कोई मंदड़िया घाटे में माल ख़रीदने के लिए विवश होता है तो इस स्थिति को ‘मंदड़िया पटान’ कहते हैं।
तुल. दे. bull liquidation
  • Bearer cheque -- धनीजोग चैक, वाहक चैक
ऐसा चैक जिसे अदाकर्ता-बैंक में प्रस्तुत करके धारक तत्काल उसका भुगतान ले सकता है। इस प्रकार के चैक का धारक बिना किसी पृष्ठांकन के उसे किसी दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित भी कर सकता है।
  • Bearish -- मंदी रूख
क़ीमतों में निरंतर गिरावट की प्रवृत्ति दिखाई पड़े तो बाज़ार की उस अवस्था को ‘मंदी रूख’ कहते हैं।
तुल. दे. bullish
  • Bear raid -- बाज़ार गिराना
मंदड़िर्यों द्वारा भारी बिकवाली और अफ़वाहें आदि फैलाकर क़ीमतों में गिरावट लाने के पुरज़ोर प्रयास।
तुल. दे. bull campaign
  • Below par -- अवमूल्य पर
जब किसी प्रतिभूति, बंधपत्र आदि को अंकित मूल्य से कम पर ख़रीदा या बेचा जाता है तो यह ‘अवमूल्य पर’ किया गया सौदा कहलाता है।
समान. at a discount
तुल. दे. above par, at par
  • Beneficiary -- हिताधिकारी
ऐसा व्यक्ति जिसे बीमा पॉलिसी, न्यास, निधि या किसी अन्य प्रकार के संविदा से हितलाभ मिलना हो।
  • Benefit -- हितलाभ
अ – सामान्यतः किसी व्यक्ति को होने वाली कोई लब्धि, सुलाभ या सुविधा।
आ – (बीमा) स्वास्थ्य, चिकित्सा, कर्मचारी क्षतिपूर्ति या इसी प्रकार की अन्य बीमा पॉलिसियों के अंतर्गत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति की धनराशि।
  • Best seller -- उठंत माल, बहुविक्रीत
कोई ऐसी व्यापारिक जिन्स, मुख्यतः कोई ऐसी पुस्तक, जिसकी बिक्री उसके साथ प्रतियोगिता करने वाली अन्य वस्तुओं की तुलना में कहीं अधिक हो।
  • Bilateral trade -- द्विपक्षीय व्यापार
दो देशों के बीच परस्पर आयात और निर्यात ‘द्विपक्षीय व्यापार’ कहलाता है। यह प्रायः एक समझौते पर आधारित होता है।
  • Bill -- 1. बीज़क, बिल 2. बिल, हुंडी
1. बीज़क, बिल : विक्रीत वस्तुओं अथवा प्रदत्त सेवाओं की मदवार क़ीमत दर्शाने वाला विवरण जो विक्रेता द्वारा क्रेता को प्रस्तुत किया जाता है।
2. बिल, हुंडी : लेनदार द्वारा लेनदारी के दावे के रूप में देनदार को प्रस्तुत किया जाने वाला वाणिज्यिक प्रपत्र।
समान. bill of exchange
  • Bill at sight -- दर्शनी बिल, दर्शनी हुंडी
वे बिल, हुंडी, ड्राफ्ट़ या अन्य परक्राम्य प्रपत्र जिनका भुगतान आदाता द्वारा उन्हें प्रस्तुत किए जाने पर तत्काल या प्रपत्र में निर्दिष्ट दिनों के तुरंत बाद करना होता है।
  • Bill market -- बिल बाज़ार, हुंडी बाज़ार
बट्टा बाज़ार के लिए प्रयुक्त आभिव्यक्ति। ऐसा बाज़ार जिसमें देशी-विदेशी हुंडियों का उनकी परिपक्वता-तिथियों से पूर्व बट्टे पर क्रय-विक्रय होता है। इस बाज़ार में भाग लेने वालों में वाणिज्यिक बैंक, विदेशी बैंकों की शाखाएँ, बट्टा घर आदि शामिल हैं।
  • Bill of entry -- आगम-पत्र
आयातकर्ता को वस्तुओं की क़ीमत तथा अन्य आवश्यक विवरण जिस फ़ार्म पर भर कर सीमाशुल्क अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने पड़ते हैं और जिसके स्वीकार होने पर ही माल छुड़ाने की अनुमति दी जाती है, उसे ‘आगम-पत्र ‘कहते हैं।
  • Bill of exchange -- विनिमय-पत्र, बिल, हुंडी
ऐसा हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज़ जिसमें उसके लेखक ने किसी पक्ष को दस्तावेज़ में उल्लिखित रक़म निर्दिष्ट पक्ष अथवा उसके आदेशिती या वाहक को अदा करने का अशर्त आदेश दिया है।
bill of exchange के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. domestic bill, foreign bill
  • Bill of lading -- लदान-पत्र, लदान बिल
विदेश-व्यापार में प्रयुक्त एक दस्तावेज़ जो वाहक द्वारा नौभार-परेषक को एक रसीद और संविदापत्र के रूप में दिया जाता है और जिसके अनुसार माल का नौवहन तथा सुपुर्दगी की जाती है। इसमें जहाज का नाम तथा माल के बारे में विवरण होता है। इसकी एक प्रति निर्यातक, दूसरी जहाज के कप्तान तथा तीसरी आयातक को दी जाती है। यह स्वामित्व प्रदान करने वाला दस्तावेज़ है जिससे इसका धारक उल्लिखित माल का क़ब्जा लेता है।
  • Bills payable -- देय बिल
वे बिल, हुंडियाँ आदि जो अन्य पक्षों (विक्रेताओं, ऋणदाताओं आदि) द्वारा प्रतिष्ठान के ऊपर की गई हैं और इसलिए जिनकी अदायगी का दायित्व इस प्रतिष्ठान पर है।
तुल. दे. bills receivable
  • Bills payable on demand -- माँग-देय बिल
वे बिल, हुंडियाँ आदि जिनकी अदायगी उनके प्रस्तुतीकरण पर तत्काल करनी होती हैं।
  • Bills receivable -- प्राप्य बिल
वे बिल, हुंडियाँ आदि जो प्रतिष्ठान द्वारा अन्य पक्षों (क्रेताओं, कर्ज़दारों आदि) पर की गई हैं, और इसलिए जिनकी अदायगी इस प्रतिष्ठान को मिलती है।
तुल. दे. bills payable
  • Bimetallism -- द्विधातुमान
ऐसी मुद्रा-प्रणाली जिसमें दो मूल्यवान धातुओं (यथा, सोना और चाँदी) के सिक्के मानक मुद्रा के रूप में चलते हैं। दोनों धातुओं की सिक्का-ढलाई निःशुल्क की जाती है और दोनों धातुओं के सिक्के असीमित वैध मुद्रा माने जाते हैं तथा सरकार द्वारा दोनों के बीच एक निर्धारित मूल्य-अनुपात बनाए रखा जाता है। अब इसका प्रचलन समाप्तप्राय है।
तुल दे. monometallism
  • Black marketing -- कालाबाज़ारी, चोरबाज़ारी
क़ीमत-नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन करके दुर्लभ या नियंत्रित वस्तुओं को चोरी-छिपे निर्धारित क़ीमत से अधिक भाव पर बेचने का कार्य।
  • Blank endorsement -- कोरा बेचान, कोरा पृष्ठांकन
ऐसा बेचान जिसमें बेचानकर्ता के हस्ताक्षर होते हैं किंतु किसी आदाता का नामोल्लेख नहीं होता। इसका परक्रामण और आगे बेचान किए बग़ैर किया जा सकता है और कोई भी धारक इसका भुगतान ले सकता है। कोरे चैक पर इस प्रकार का पृष्ठांकन करने से यह चैक वाहक-देय हो जाता है।
समान. general endorsement
  • Blind sale -- अंधा सौदा
किसी वस्तु को बिना उसे दिखाए ही क्रेता के हाथ बेचने की प्रथा के लिए प्रयुक्त अभिव्यक्ति। फिल्मों आदि के संबंध में वितरकों के साथ किए गए सौदे प्रायः इसी प्रकार के होते हैं।
  • Blockade -- नाकाबंदी, संरोध
किसी देश या बंदरगाह के साथ चलने वाले व्यापार को रोकने के लिए जहाजों या अन्य मालवाही नौकाओं को बलपूर्वक रोकने की प्रक्रिया या कार्य। युद्ध में अधिकांश देश विरोधी पक्ष को कमज़ोर करने के लिए प्रायः इसे व्यवहार में लाते हैं।
  • Blocked account -- निरूद्ध लेखा
ऐसे बैंक लेखे जिनमें जमा-राशियों का प्रयोग करने पर देश की सरकार द्वारा रोक लगा दी गई है। ऐसा अक्सर अन्य देशों के निर्यातकों के लेखाओं के विषय में उस समय किया जाता है जब विदेशी मुद्रा विनिमय के संबंध में प्रतिबंधात्मक नीति अपनाई जा रही हो। युद्धकाल, मंदी अथवा आयातक देश में व्याप्त मुद्रा स्फीति के समय प्रायः ऐसी कार्यवाही की जाती है। स्फीति के समय तो अपने देशवासियों के बैंक लेखे भी निरूद्ध किए जा सकते हैं।
  • Board of directors -- निदेशक-मंडल
किसी कंपनी के नीति-निर्धारण तथा कार्य-निर्देशन के लिए उसके शेयरधारियों द्वारा चुनी गई समिति जिसके सदस्य प्रायः उस कंपनी के हिस्सेदार ही हो सकते हैं।
  • Body corporate -- निगमित निकाय
किसी उद्देश्य विशेष के लिए गठित कृत्रिम व्यक्ति अथवा संगठन जिसके कर्तव्य और अधिकार उन लोगों के कर्तव्यों और अधिकारों से पृथक् होते हैं जो इस कृत्रिम व्यक्ति अथवा संगठन के सदस्य होते हैं। संयुक्त पूँजी कंपनी के लिए प्रयुक्त वैकल्पिक अभिव्यक्ति।
  • Bond -- बंधपत्र, बॉन्ड
अ – धारक को निश्चित समय (सामान्यतः एक वर्ष से अधिक) के पश्चात् निर्दिष्ट धनराशि उल्लिखित ब्याज दर पर अदा करने का लिखित वचन; ऋण का प्रमाणपत्र। प्रतिभूति बाज़ार के प्रसंग मे इसका आशय सरकार, सरकारी अभिकरण, स्थानीय स्वायत्त संस्था अथवा किसी गैर सरकारी प्रतिष्ठान द्वारा ऋण के प्रमाणस्वरूप प्रदान किए गए पत्रों से है।
आ – जमानत के संदर्भ में : एक पक्ष का दूसरे पक्ष के प्रति तीसरे पक्ष की ओर से यह दायित्व लेना कि यदि तीसरा पक्ष दूसरे पक्ष के प्रति अपना दायित्व नहीं निभाता तो वह उसे निभाएगा।
  • Bonded warehouse -- बंधक मालगोदाम
विशेष कोटि के सरकारी अथवा गैर सरकारी मालगोदाम जिनमें ऐसा माल जिस पर आयात शुल्क, सीमाशुल्क अथवा उत्पादन शुल्क आदि देय है, बिना उस शुल्क का भुगतान किए इस शर्त पर रखा जाता है कि माल उठाने से पूर्व देय शुल्क का भुगतान कर दिया जाएगा।
  • Bonus -- बोनस
अ – (कंपनी वित्त) कर्मचारियों को नियमित वेतन से ऊपर दी जाने वाली ऐसी रक़म जो किन्ही भत्तों के अंतर्गत नहीं आती।
आ – (बीमा) सलाभ बीमा पॉलिसियों के मामले में बीमा कंपनी के लाभ का एक अंश प्रतिवर्ष पॉलिसियों की रक़मों में प्रतिशत-आधार पर जुड़ता जाता है। इसे भी ‘बोनस ‘ कहते हैं।
  • Bonus share -- बोनस शेयर
कंपनी द्वारा अपने अवितरित लाभों या आरक्षित निधि का पूँजीकरण करने के उद्देश्य से शेयरधारियों को, बिना कोई अतिरिक्त भुगतान लिए, जारी किए गए शेयर।
  • Book-keeping -- बहीखाता; बहीखाता पद्धति
लेनदेनों को हिसाब-किताब की बहियों में प्रणालीबद्ध करीक़े से प्रविष्ट करना ताकि उनसे समय-समय पर प्रतिष्ठान की स्थिति ज्ञात की जा सके; बहीखाता रखने की पद्धति।
  • Books of original entry -- मूल प्रविष्टि की बहियाँ
वे बहियाँ जिनमें प्रतिष्ठान द्वारा किए गए लेनदेनों का सर्वप्रथम अभिलेख किया जाता है। क्रय, विक्रय, भुगतान, प्राप्तियों आदि का अभिलेख सबसे पहले जर्नल और उसकी सहायक बहियों में किया जाता है। अतः जर्नल आदि को ‘मूल प्रविष्टि की बहियाँ’ कहते हैं।
  • Book value -- अंकित मूल्य, खाता मूल्य
किसी परिसंपत्ति का लेखे में प्रदर्शित निवल मूल्य जो उसके वास्तविक मूल्य या बाज़ार-मूल्य से भिन्न भी हो सकता है।
  • Boom -- तेजी, व्यापार-उत्कर्ष
व्यावसायिक कार्यकलाप में त्वरित वृद्धि। इस दौरान बेरोज़गारी में कमी और व्यावसायिक लाभों और क़ीमतों में बराबर वृद्धि होती जाती है। ‘व्यापार-उत्कर्ष’ की स्थिति बहुत समय तक नहीं बनी रह सकती।
तुल. दे. slump
  • Borrowing -- उधार लेना, उधार करना
किसी से कोई धनराशि इस शर्त पर लेना कि माँगने पर या निर्धारित अवधि के पश्चात् वह दाता को ब्याज समेत लौटा दी जाएगी।
  • Bottomry bond -- पोत बेधपत्र, पोत बॉन्ड
समुद्र-यात्रा के दौरान अनिवार्य मरम्मत आदि का ख़र्च उठाने के लिए जहाज़ के कप्तान को कभी-कभी पोत, नौभार और प्राप्य भाड़े को बंधक रखकर ऋण लेना पड़ता है। ऐसा तभी किया जाता है जब ऋण लेने का अन्य उपाय न हो। ऋणदाता ऋण की राशि और ब्याज वसूल करने का हक़दार उसी स्थिति में होता है जबकि पोत अपनी निर्दिष्ट यात्रा पूरी करके गंतव्य स्थान पर पहुँच जाए। इस प्रकार के बंधक के काग़जात ‘पोत बंधपत्र’ कहलाते हैं।
  • Bounty -- अधिदान
किसी उद्योग विशेष को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा उसके निर्यातकों को दी गई आर्थिक सहायता। ऐसा करने से उस उद्योग का विनिर्मित माल विदेशों में सस्ता पड़ता है और उसकी माँग बढ़ने के फलस्वरूप उत्पादन को प्रेरणा मिलती है।
  • Brand -- छाप, ब्रान्ड
उत्पादक या वितरक द्वारा किसी वस्तु के अभिज्ञान के लिए प्रयुक्त कोई नाम, शब्द, प्रतीक या डिज़ाइन अथवा इनका मिलाजुला रूप जिससे वह वस्तु प्रतियोगी उत्पादकों या वितरकों की ऐसी ही वस्तुओं से अलग पहचानी जा सके। इसे व्यापार चिह्न भी कहते हैं।
दे. trade mark भी
  • Brassage -- ढलाई
धातु के सिक्के बनाने के लिए सरकार द्वारा वसूल किया जाने वाला प्रभार। इसमें सिक्का-ढलाई की लागत मात्र ही शामिल की जाती है।
  • Breach of contract -- संविदा-भंग
प्रतिज्ञाकर्ता द्वारा संविदा की किसी शर्त का पालन न किया जाना। ‘संविदा-भंग’ दो प्रकार से हो सकता है- संविदा में कोई कार्य करने का वचन दिया गया हो लेकिन वह कार्य किया न गया हो अथवा संविदा में कोई कार्य न करने को कहा गया हो लेकिन दोषी पक्ष द्वारा वह कार्य किया गया हो।
  • Breach of trust -- न्यास-भंग, अमानत में खयानत
न्यासधारी द्वारा अपने कृत अथवा अकृत व्यवहार से न्यास की शर्तों को तोड़ना। उदाहरणार्थ, रूपयों का कपटपूर्ण विनियोग अथवा उनके व्यय, निवेश आदि में जानबूझ कर लापरवाही।
  • Breakage -- टूट-फूट
मार्ग में, भंडारण में अथवा चढ़ाई-उतराई के दौरान माल के टूटने-चटख़ने आदि से होने वाली हानि;
ऐसी हानि के लिए रखी गई गुंजाइश अथवा उसकी भरपाई के लिए दी जाने वाली छूट।
  • Break-even point -- संतुलन-स्तर बिंदु, लाभ-अलाभ स्थिति
संतुलन-स्तर चार्ट में बने दोनों वक्र जहाँ एक दूसरे को काटते हैं, उसे ‘संतुलन-स्तर बिंदु’ कहा जाता है। इस बिंदु पर प्रदर्शित मात्रा बनाने या बेचने पर उत्पादक को न लाभ होता है, न हानि।
  • Break-up value -- अवशिष्ट मूल्य
कारोबार में किसी परिसंपत्ति का प्रयोग बंद किए जाने के उपरांत उसे बेचने पर प्राप्त अथवा प्राप्य मूल्य।
  • Broad market -- व्यापक बाज़ार, सक्रिय बाज़ार; व्यापक सौदा स्थिति
व्यापक बाज़ार, सक्रिय बाज़ार : यदि किसी वस्तु का व्यापक क्षेत्र में एक ही भाव चल रहा है और उस भाव पर वह बहुतायत से ख़रीदी-बेची जा रही है तो ऐसी स्थिति को उस वस्तु के ‘व्यापक बाज़ार’ की संज्ञा दी जाएगी;
क्षेत्र की दृष्टि से विस्तृत बाज़ार अर्थात् ऐसा बाज़ार जिसकी भौगोलिक सीमाएँ पर्याप्त विस्तृत हों;
वह बाज़ार जिसमें बहुत प्रकार की वस्तुओं का काफ़ी मात्रा में क्रय-विक्रय होता है।
व्यापक सौदा स्थिति : प्रतिभूति-बाज़ार की वह अवस्था जिसमें विभिन्न प्रकार के शेयरों आदि का ज़ोरदार क्रय-विक्रय होता है।
  • Broker -- दलाल
क्रेता और विक्रेता के बीच का अभिकर्ता जो उनकी ओर से माल, शेयर आदि का क्रय-विक्रय करता हैं और इस सेवा के पारिश्रमिक के रूप में अपना कमीशन अथवा दलाली पाता है।
समान. middleman
  • Brokerage -- दलाली
दलाल अथवा अभिकर्ता को सौदे पर मिलने वाला कमीशन। यह एकमुश्त रक़म हो सकती है अथवा सौदे की रक़म का कोई निश्चित प्रतिशत।
  • Brought forward (b/f) -- अग्रनीत
किसी लेखे के शेष अथवा जमा और नामे दोनों ओर के जोड़ों को पृष्ठ भरने पर अगले पृष्ठ पर या नई लेखा-अवधि आरंभ होने पर नए अथवा उसी पृष्ठ पर टीपने की क्रिया।
  • Budget -- बजट, आय-व्यय पत्रक
एक निर्धारित अवधि के दौरान होने वाली आमदनी और उसके ख़र्च की ब्यौरेवार योजना। इस प्रकार के आय-व्यय के अनुमान व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपने लाभ को अधिकतम बनाने ओर सरकार द्वारा अपने आय-व्यय को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयार किए जाते हैं।
  • Budget deficit -- बजट घाटा
बजट में आय से अधिक व्यय की स्थिति।
  • Budget surplus -- बजट अधिशेष
बजट में व्यय से अधिक आय की स्थिति।
  • Budla transaction -- बदला सौदा
जब सट्टा बाज़ार में क़ीमतें सौदे के पक्षकारों की आशा के अनुरूप नहीं घटती-बढती तो एक प्रकार का शुल्क देकर निपटान को अगली निपटान-तिथि तक निलंबित कर देते हैं। यह ‘बदला सौदा’ कहलाता है।
  • Buffer stock -- समकारी भंडार, सुरक्षित भंडार, बफर स्टाँक
उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हित में वस्तुओं और जिन्सों की क़ीमतों को निर्धारित सीमाओं में रखने के उद्देश्य से सरकार अथवा उसकी एजेन्सियों द्वारा पूर्व-निश्चित क़ीमतों पर माल खरीदकर बनाए गए भंडार।
  • Bulk -- 1. प्रपुंज, पुंज, बहुमात्रा; थोक 2. खुला
1. प्रपुंज, पुंज, बहुमात्रा : किसी वस्तु अथवा माल की बड़ी मात्रा अथवा परिमाण; एक ही बंडल में बँधा बहुत-सा माल; सामान अथवा वस्तुओं का ऐसा ढेर जिसे सही-सही मापना, गिनना अथवा तौलना संभव या व्यावहारिक नहीं है और इसलिए जिसे ढेरी अथवा पुंज में ही खरीदा-बेचा जाता है।
थोक : बड़ी मात्रा में माल की ख़रीद-बेच।
2. खुला : ऐसा माल जो पैक अथवा डिब्बों में बंद न हो।
  • Bull -- तेजड़िया
वह सटोरिया जो इस आशा में शेयर अथवा जिन्स की ख़रीदारी करता रहता है कि आगे चलकर भाव बढ़ेगे और तब वह बिकवाली करके लाभ कमा लेगा।
तुल. दे. bear
  • Bull account -- तेजडियों का ज़ोर
जब बाज़ार में तेज़ी की आशा से सटोरिए माल अथवा शेयरों की खूब ख़रीदारी करते हैं और यह स्थिति पैदा हो जाती है कि वे मंदाड़ियों अर्थात् विक्रेताओं पर हावी हो जाते हैं तो इसे ‘तेजड़ियों के ज़ोर’ की स्थिति कहते हैं।
तुल. दे. bear account
  • Bull campaign -- बाज़ार चढ़ाना
जब बाज़ार तेजड़ियों के विरूद्ध व्यवहार करने लगता है तो वे बाज़ार में अफ़वाहें फैलाकर या अन्य प्रकार से क़ीमतें चढ़ाने का प्रयत्न करते हैं। इस व्यवहार को ‘बाज़ार चढ़ाने’ की क्रिया कहा जाता है।
तुल. दे. bear raid
  • Bullion -- बुलियन, सोना-चाँदी
मूल्यवान धातु अर्थात् सोना-चाँदी; उसकी छड़े, सिल्लियाँ आदि।
  • Bullish -- तेज़ी रूख
जब बाज़ार में व्यापारी लेवाली में बैठे हों, भाव बढ़ने के प्रति आशावादी हों और व्यावसायिक क्रियाकलापों में सरगर्मी हो तो ऐसी स्थिति को ‘तेज़ी रूख़’ कहा जाता है।
तुल. दे. bearish
  • Bull liquidation -- तेजड़िया पटान
तेजड़ियों की आशा के अनुरूप यदि बाज़ार में तेज़ी की स्थिति न आए और निपटारा-तिथि तथा सुपुर्दगी लेने का समय आ जाए तो लेवाल को चालू भाव में अर्थात् घाटा उठाकर भी माल अपने ऊपर से उतारना होता है; ऐसी बाध्यता को ही ‘तेजड़िया पटान’ कहा जाता है।
तुल. दे. bear covering
  • Business -- कारबार, कारोबार, व्यवसाय, धंधा
कोई भी वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा वित्तीय कार्यकलाप; किसी व्यापार अथवा उद्योग के रूप में जीविका कमाने का साधन; किसी उत्पादन अथवा माल या सेवाओं के विनिमय से संबंधित कार्यकलाप।
  • Business management -- व्यवसाय-प्रबंध
किसी व्यवसाय को चलाने के लिए आवश्यक बातों अथवा साधनों को जुटाने एवं उनका नियंत्रण तथा मार्गदर्शन करने की कला।
  • Buyer -- क्रेता, ख़रीदार
वस्तुओं अथवा सेवाओं को ख़रीदने वाला। ख़रीदार तीन प्रकार के होते है ; –
1. उपभोक्ता : जो वस्तुओं को व्यक्तिगत उपभोग के लिए ख़रीदता है;
2. व्यापारी : जो वस्तुओं और सेवाओं को आगे बेचने के लिए ख़रीदता है; और
3. विनिर्माता : जो कच्चे या अर्ध-निर्मित माल को विनिर्माण के उद्देश्य से ख़रीदता है।
  • Buyer’s market -- क्रेता बाज़ार
बाज़ार की वह स्थिति जिसमें पूर्ति माँग से अधिक होती है अतः ख़रीदार ऐसी प्रभावी स्थिति में होता है कि वह चुनींदा वस्तुओं की ग्राहकी कर सके और साथ ही साथ क़ीमतों को भी अपने अनुकूल कर सके। इस प्रकार की बाज़ार स्थिति में क़ीमतों पर विक्रेता की अपेक्षा क्रेता का नियंत्रण अधिक होता है।
तुल. दे. sellers’ market
  • Buying in -- 1. बदला खरीद 2. खुद खरीद
1. बदला खरीद : यदि विक्रेता नियत दिन पर जिन्स, शेयर आदि की सुपुर्दगी देने में असमर्थ हो तो सट्टा बाज़ार का बदला ख़रीद विभाग अपेक्षित संख्या में शेयर (या जिन्स) बाज़ार से ख़रीद कर क्रेता को दे देता है और जो भी बेशी ख़र्च बैठता है वह विक्रेता से वसूल कर लिया जाता है। इस प्रक्रिया को ‘बदला ख़रीद’ कहते है।
2. खुद खरीद : नीलामी विक्री के समय संपत्ति के मूल स्वामी अथवा किसी अन्य हितबद्ध व्यक्ति द्वारा स्वयं बोली लगा कर उसे ख़रीद लेना।
  • By-product -- उपोत्पाद
किसी वस्तु के विनिर्माण के विभिन्न चरणों में उत्सर्जित गौण पदार्थ जिसका स्वतंत्र रूप में उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, चीनी बनाते समय निकलने वाले सीरे से तैयार किया गया अल्कोहल।
  • Cabotage -- तट-व्यापार
देश के समुद्र तट पर स्थित बंदरगाहों के बीच चलने वाला व्यापार जिसमें खुले समुद्र का उपयोग नहीं करना पड़ता अपितु मालवाही नौकाएँ एवं पोत तट के साथ-साथ ही नौवहन करते हैं।
अर्थ विस्तार से अब यह अभिव्यक्ति देश के आंतरिक हवाई अड्डों के बीच चलने वाले व्यापार अथवा परिवहन के लिए भी प्रयुक्त होती है।
  • Call -- माँग, कॉल
अ – कंपनी के शेयर या डिबेंचर ख़रीदने वाले व्यक्ति से अपने अभिदान की आंशिक या पूरी अदायगी करने को कहा जाना।
आ – किसी ऋणपत्र या बंधपत्र की राशि को चुकाने का निर्णय ‘कॉल’ कहलाता है।
  • Called-up capital -- माँगी पूँजी
निर्गमित पूँजी का वह अंश जो कंपनी द्वारा शेयरधारियों से समय-समय पर अदा करने को कहा जाता है। प्रत्येक शेयरधारी से अपने शेयर की अंकित राशि की मर्यादा में ही रक़म माँगी जा सकती है।
  • Call money -- शीध्रावधि द्रव्य, माँग द्रव्य
उधार ली गई ऐसी धनराशि जिसे ऋणदाता चाहे जब वापस माँग सकता है ;
इस शर्त के अधीन उधार के लिए उपलब्ध राशि।
  • Call option -- वैकल्पिक विक्रय-अधिकार
यदि सटोरिए को किसी कंपनी के शेयरों के भाव में सुर्ख़ी आने की उम्मीद होती है तो वह शेयरधारी से निर्धारित अवधि में एक निश्चित भाव पर (जो वर्तमान भाव से प्रायः ऊँचा ही होगा) उन शेयरों को बेच देने का अधिकार ख़रीद लेता है। यह अधिकार वैकल्पिक होता है अर्थात् यदि भाव आशानुकूल चढ़ जाते हैं तो सटोरिया शेयरों को बेचकर लाभ कमा लेता है और यदि नहीं चढ़ते तो विक्रय-अधिकार प्राप्त करने की एवज में उसने जो रक़म शेयरधारी को दी थी, वह खो बैठता है। यह ‘वैकल्पिक विक्रय-अधिकार’ कहलाता है।
  • Calls in advance -- अग्रिम माँग अदायगी
कंपनी द्वारा किसी शेयर पर देय राशि की औपचारिक माँग किए जाने से पूर्व ही शेयरधारी द्वारा उसका भुगतान।
तुल. दे. calls in arrears
  • Calls in arrears -- बक़ाया माँग
कंपनी द्वारा शेयर पर देय राशि की औपचारिक माँग किए जाने के बावजूद शेयरधारी द्वारा अंतिम तारीख़ तक अदा न की गई रक़म।
तुल. दे. calls in advance
  • Capital -- पूँजी, मूलधन
अ – सामान्य अर्थ में : ऐसी निविष्ट धनराशि, संपत्ति या उपकरण जिससे वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन अथवा सृजन होता है। अर्थशास्र एवं वाणिज्य में इसका प्रयोग अनेक अर्थों में किया जाता है, यथा :-
(i) उत्पादन के चार कारकों में से एक; पूँजीगत माल जैसे, उपकरण; संयंत्र, औज़ार आदि।
(ii) निवेश के लिए उपलब्ध या वस्तुतः निविष्ट धनराशि।
(iii) किसी निवेश से प्राप्त होने वाली प्रत्याशित आय का बट्टागत मूल्य।
(iv) समस्त परिसंपत्तियों का वास्तविक या मौद्रिक मूल्य।
आ – कंपनी वित्त के संदर्भ में : किसी व्यवसाय में उसके स्वामियों या शेयरधारियों द्वारा लगाई गई धनराशि या वे परिसंपत्तियाँ जो व्यवसाय के परिचालन में प्रयुक्त की जाती हैं।
इ – लेखाविधि के संदर्भ में : पूँजी स्टॉक।
capital के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. authorised capital, called-up capital, circulating capital, fixed capital, floating capital, issued capital, paid up capital, subscribed capital, working capital
  • Capital account -- पूँजी लेखा, पूँजीगत लेखा
अ – प्रतिष्ठान में निविष्ट कुल पूँजी का लेखा।
आ – अचल परिसंपत्तियों के समूचे वर्ग का बोध कराने वाली अभिव्यक्ति।
  • Capital accumulation -- पूँजी संचयन
किसी देश की वास्तविक पूँजी अर्थात पूँजीगत वस्तुओं में वृद्धि। चूँकि प्रत्येक देश में प्रकृतिदत्त संसाधन सीमित ही होते हैं अतः पूँजीगत वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए उपयोग में कमी करके बचत को प्रोत्साहन दिया जाता है जिससे प्रायः निवेश में वृद्धि होती है। यह एक सतत तथा संचयी प्रक्रिया है।
  • Capital asset -- पूँजी-परिसंपत्ति
ऐसी परिसंपत्ति जो किसी व्यवसायी के पास उपभोग या पुनः बिक्री के बजाय दीर्घकालीन निवेश या आय-उत्पादन में प्रयोग करने के लिए मौजूद हो जैसे, कोई उपकरण, संयंत्र, एकस्व आदि।
  • Capital budget -- पूँजी बजट
अ – सरकार के बजट का वह भाग जिसमें उसके पूँजीगत व्यवहारों का विवरण होता है।
आ – किसी प्रतिष्ठान द्वारा एक निर्धारित अवधि के दौरान किए जाने वाले योजनाबद्ध व्ययों तथा वित्तीय साधनों के अनुमानों का पत्रक।
  • Capital equipment -- पूँजीगत उपस्कर
संयंत्र आदि जिनकी सहायता से उत्पादन होता है।
  • Capital expenditure -- पूँजीगत खर्च, पूँजीगत व्यय
किसी परिसंपत्ति के अर्जन, संवर्धन अथवा विस्तार के लिए किया गया निवेश।
तुल. दे. revenue expenditure
  • Capital flight -- पूँजी-पलायन
किसी उद्योग, विशिष्ट मुद्रा-क्षेत्र अथवा देश से पूँजी का भारी मात्रा में सहसा निष्क्रमण। निवेशकर्ता ऐसा क़दम प्रायः तब उठाते हैं जब उन्हें यह आशंका हो जाती है कि वर्तमान स्थान पर पूँजी लगाए रखना आर्थिक, राजनीतिक अथवा अन्य कारणों से निरापद नहीं है।
  • Capital gains -- पूँजीगत लाभ, पूँजी अभिलाभ
भारतीय आयकर अधिनियम के अनुसार किसी पूँजीगत परिसंपत्ति के अंतरण से कर-निर्धारिती को होने वाला लाभ ‘पूँजीगत लाभ’ है।
  • Capital goods -- पूँजी-पदार्थ, पूँजीगत माल
वे संचित पदार्थ जो अन्य वस्तुओं के उत्पादन में प्रयुक्त होते हैं; प्रतिष्ठान की स्थायी परिसंपत्तियाँ।
समान. producers’ goods
  • Capital inflow -- पूँजी-आगमन, पूँजी अंतर्वाह
किसी देश अथवा उद्योग विशेष में निवेश के लिए नई पूँजी का आना।
तुल. दे. capital outflow
  • Capital -intensive industry -- पूँजी-प्रधान उद्योग
वह उद्योग जिसमें श्रम की तुलना में पूँजी का प्रयोग भारी मात्रा में होता हो।
तुल. दे. labour-intensive industry
  • Capital issue -- पूँजी-निर्गम
सरकार अथवा किसी कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयर अथवा बंधपत्र।
  • Capitalization -- पूँजीकरण
प्रतिष्ठान के प्रतिधारित लाभों और आरक्षित निधियों का बोनस शेयर जारी करके शेयरपूँजी में परिवर्तन।
  • Capitalized value -- पूंजीकृत मूल्य
अ – प्रतिष्ठान की वार्षिक आय को किसी निश्चित (प्रायः प्रचलित) ब्याज-दर से भाग देने पर लब्ध मूल्य।
आ – अभिकलन की वह प्रक्रिया जिससे यह ज्ञात किया जाता है कि एक विशिष्ट वार्षिक आय अर्जित करने के लिए कितनी पूँजी का निवेश आवश्यक है ; उपर्यक्त पद्धति से निकलने वाली राशि।
  • Capital liability -- पूँजीगत देयता
अ – किसी अचल परिसंपत्ति को ख़रीदने अथवा ऋण को चुकाने के लिए ओढ़ी गई दीर्घकालीन देयता।
आ – प्रतिष्ठान की निवल मालियत (net worth)।
  • Capital market -- पूँजी-बाजार
दीर्घकालीन निवेश के लिए उपलब्ध प्रतिष्ठान सामूहिक रूप से पूँजी बाज़ार कहलाते हैं। इनमें बीमा कंपनियाँ, बचत-बैंक, निवेश बैंक, ट्रस्ट कंपनियाँ, शेयर-बाज़ार आदि सम्मिलित हैं।
  • Capital net worth (net worth) -- निवल संपत्ति, निवल मालियत
प्रतिष्ठान की कुल परिसंपत्तियों के मूल्य में से उसकी देयताएँ घटाने के बाद जो राशि बचती है, वह प्रतिष्ठान की ‘निवल संपत्ति’ या ‘निवल मालियत’ कहलाती है।
  • Capital outflow -- पूँजी-बहिर्गमन, पूँजी-बहिवहि
किसी देश अथवा उद्योग विशेष में लगी पूँजी को वहाँ से निकाल कर अन्य देशों अथवा उद्योगों में निविष्ट करना।
इसमें और ‘पूँजी-पलायन’ में यह अंतर है कि ‘पूँजी-पलायन’ भारी मात्रा में और पूँजी के अचानक निष्क्रमण के लिए प्रयुक्त होता है।
तुल. दे. capital inflow
  • Capital-output ratio -- पूँजी-निर्गत अनुपात
मूल्यह्रास घटाने के बाद प्रतिष्ठान के संयंत्र और उपस्कर का जो खाता मूल्य हो, उसका और प्रतिष्ठान के उत्पाद के सकल मूल्य का अनुपात। यह पूँजी-निवेश की मात्रा के निर्धारण तथा निविष्ट पूँजी की उत्पादिता के मापन के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
  • Capital receipts -- पूँजीगत प्राप्तियाँ
प्रतिष्ठान में निविष्ट नई पूँजी, जमा रक़में, कर्ज़े के रूप में प्राप्त राशियाँ अथवा अचल परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त धन।
  • Capital redemption -- पूँजी-वापसी, पूँजी-प्रतिदान
प्रतिदेय शेयरों, डिबेंचरों, बंधपत्रों आदि की चुकौती।
  • Capital turnover -- पूँजी-आवर्त
किसी प्रतिष्ठान द्वारा की गई बिक्री तथा उसके बॉन्डों और शुद्ध मालियत के योग का अनुपात।
समान. investment turnover
  • Capital value -- पूंजीगत मूल्य
किसी अचल परिसंपत्ति से प्राप्य अनुमानित आय-प्रवाह का बट्टागत मूल्य।
  • Card ledger -- कार्ड खाता
जिल्दबंद खाते के बजाय कार्डों पर लेखे रखने की व्यवस्था जिसमें हर लेखे के लिए एक अलग कार्ड बना लिया जाता है और सभी कार्डों को क्रमपूर्वक लगाकर विशेष रूप से बनी दराज़ों में रखा जाता है।
  • Carried down (c/d) -- अधोनीत, तलशेष
लेखा-अवधि की समाप्ति पर पृष्ठ के आरपार रेखा खींचने के पश्चात् नई लेखा-अवधि की प्रविष्टियाँ लिखने के पूर्व अंकित किया गया पिछली अवधि का लेखा-शेष।
  • Carried forward (c/f) -- अग्रेनीत
अ – (कराधान) किसी मद में हुई ऐसी हानि जो संबंधित निर्धारण वर्ष में समायोजित न की जा सकी हो और इस कारण आगामी वर्ष या वर्षों की आय की आय में समायोजित की जानी हो।
आ – (लेखाविधि) एक खाते या पृष्ठ के भर जाने पर उसके जोड़ को दूसरे खाते या पृष्ठ पर ले जाने की क्रिया; लेखा-अवधि की समाप्ति पर किसी लेखे के जोड़ को अगली लेखा-अवधि के लेखे में अंतरित करना।
  • Cartel -- उत्पादक संघ, कार्टेल
बाज़ार में एकाधिकारी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से स्वतंत्र उत्पादक इकाइयों द्वारा बनाया गया स्वैच्छिक संगठन जो उत्पादित वस्तुओं ओर सेवाओं का परस्पर बँटवारा करके या वितरण के चरण में आपसी समझौते करके बाज़ार पर प्रभावी अधिकार करने का प्रयास करता है।
  • Cash account -- रोकड़ लेखा, नकदी लेखा
वह लेखा जिसमें दिन भर के नक़द लेनदेन के नामे और जमा के जोड़ प्रविष्ट किए जाते हैं। इस लेखे का शेष ‘हाथ रोकड़’ कहलाता है जिसका अर्थ है कि खजांची की पेटी में रोकड़ लेखे के शेष के बराबर रक़म मौजूद होनी चाहिए।
  • Cash against documents (C/D) -- अदायगी पर प्रलेख, भुगतान पर प्रलेख
बिक्री की वह शर्त जिसके अनुसार माल की बिल्टी सौंपते समय ख़रीदार से माल की क़ीमत जमा करा ली जाती है। प्रायः यह बैंक या वी. पी. पी. के माध्यम से होता हैं।समान. documents against payment (D/P)
  • Cash and carry -- नक़द दो माल लो
बिक्री की एक शर्त जिसके अनुसार ख़रीदार को माल ख़रीदते समय ही नक़द भुगतान करना होता है और माल उठाकर ले जाने का प्रबंध भी ख़ुद करना पड़ता है।
  • Cash basis accounting -- नक़दी-आधार लेखाकरण
लेखाकरण की एक पद्धति जिसके अंतर्गत आमदनी और ख़र्च की मदें, नक़द प्राप्ति अथवा भुगतान के समय को आधार मानकर ही बहियों में दर्ज की जाती है; वे किस अवधि से संबंधित हैं, इसका विचार नहीं किया जाता। भारतीय लेखा पद्धति मूलतः इसी सिद्धांत पर आधारित है।
तुल. दे. accrual baisi accounting
  • Cash before delivery (C.B.D) -- सुपुर्दगी-पूर्व अदायगी
बिक्री की एक शर्त जिसके अनुसार ख़रीदार को माल की सुपुर्दगी लेने से पहले क़ीमत का भुगतान करना होगा।
  • Cash book -- रोकड़ बही
मूल प्रविष्टियों की एक बही जिसमें नक़द प्राप्तियों और भुगतानों का अभिलेख रखा जाता है।
  • Cash budget -- नक़दी बजट
किसी आगामी अवधि में होने वाली नक़द प्राप्तियों, किए जाने वाले भुगतानों तथा अवधि के अंत में संभावित रोकड़ बाक़ी का अनुमान।
  • Cash discount -- नक़दी बट्टा, रोकड़ बट्टा
ख़रीदे गए माल की क़ीमत का तुरंत भुगतान कर देने पर विक्रेता द्वारा ख़रीदार को दी गई छूट।
  • Cash flow -- नक़दी प्रवाह
कंपनी के लाभों और मूल्यह्रास के लिए विनियोजित निधियों का योग। इस रूप में यह कंपनी द्वारा जनित वह राशि है जो संयंत्र और उपस्कर के आधुनिकीकरण और विस्तार में निवेश के लिए तथा कार्यशील पूँजी के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध है।
  • Cash in hand -- हाथ रोकड़, रोकड़ शेष
करेन्सी, परक्राम्य चैक आदि के रूप में प्रतिष्ठान के पास मौजूद नक़दी।
  • Cash in transit -- मार्गस्थ रोकड़
एक पक्ष द्वारा किसी अन्य पक्ष को भेजी गई अथवा उससे मिलने वाली नक़द राशि या चैक जो अभी अपने गंतव्य पर न पहुँचकर कहीं मार्ग में है।
  • Cash memo -- कैश मीमो, रोकड़ पर्ची
नक़द भुगतान करके माल लेने वाले ग्राहक को विकेता द्वारा दी गई पर्ची जिसमें वस्तु का नाम, मात्रा, दर और बिक्री-क़ीमत आदि का उल्लेख रहता है।
  • Cash on delivery -- सुपुर्दगी-पर अदायगी
बिक्री की एक शर्त जिसके अनुसार ख़रीदार को माल की सुपुर्दगी लेते समय कुल क़ीमत का भुगतान करना होता है।
  • Cash reserve -- नक़दी रिज़र्व, नक़द आरक्षण
अ – चैक और बैंक ड्राफ्टों के भुगतान तथा अन्य माँगों को पूरा करने के लिए बैंक द्वारा रखी गई रोकड़।
आ – किसी प्रतिष्ठान द्वारा दैनंदिन व्यवहार के लिए रखी गई रोकड़।
  • Cash sale -- नक़द बिक्री
अ – (व्यपार) ऐसी बिक्री जिसमें नक़द भुगतान लेकर ही ख़रीदार को माल की सुपुर्दगी दी जाती है।
आ – (लेखाविधि) नक़द बिक्री के कुल सौदों का जोड़।
  • Cash with order -- आर्डर के साथ अदायगी
बिक्री की एक शर्त जिसके अनुसार ख़रीदार को माल के लिए आर्डर देते समय ही नक़द अदायगी करनी पड़ती है।
  • Casual income -- अनियत आय
ऐसे कामों से यदाकदा होने वाली आमदनी जो व्यक्ति या प्रतिष्ठान के नियमित व्यवसाय के क्षेत्र से बाहर हो।
  • Ceiling -- उच्चतम सीमा
किसी शासकीय नियम के अधीन निर्धारित ऐसी ऊँची से ऊँची सीमा जिसके बाद किसी दर या मात्रा विशेष में और वृद्धि नहीं की जा सकती जैसे, क़ीमतों, प्रबंध पारिश्रमिक, लाभांश, जोत और शहरी संपत्ति आदि पर लगाई गई उच्चतम सीमाएँ।
  • Central bank -- केंद्रीय बैंक
विशेष केंद्रीय अधिनियम के अधीन स्थापित देश का सर्वोच्च बैंक जिसे –
(1) सरकार की ओर से मुद्रा छापने और परिचालित करने;
(2) बैंकों की हुंडियों को भुनाने और उनके आरक्षित कोषों को अपने यहाँ रखने;
(3) खुले बाज़ार में प्रतिमूतियों की ख़रीद-बेच करने; और
(4) देश की मौद्रिक व्यवस्था और विदेशी विनिमय का नियमन आदि करने का अधिकार दिया जाता है।
  • Chain banking -- श्रृंखला बैंकिंग
किसी एक बैंक अथवा अन्य संगठन द्वारा बैंकों के किसी समूह का परिचालन करना जिसमें सभी बैंक स्वायत्त होते हैं। यह प्रणाली प्रायः अमरीका और यूरोप के देशों में प्रचलित है।
  • Chain store -- श्रृंखला भंडार, श्रृंखला स्टोर
एक ही वर्ग की वस्तुओं का विक्रय करने वाली खुदरा दुकानों के संगठित समूह की कोई दुकान। समूह के सभी श्रृंखला-भंडारों का रूप-विन्यास लगभग एक ही तरह का होता है और इनका स्वामित्व तथा प्रबंध किसी एक केंद्रीय सत्ता के हाथ में होता है। ये अमरीकी उद्भव के प्रतिष्ठान हैं जो पैकिंग और प्रक्रमण करते हैं और अपने ब्रान्ड के अधीन माल बेचते हैं।
  • Charge -- 1. प्रभार, खर्च, व्यय 2. गहन
1. प्रभार, खर्च, व्यय : बेचे गए माल अथवा प्रदत्त सेवाओं के लिए क्रेता अथवा उपभोक्ता से माँगी गई रक़म; लोकोपयोगी सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं से वसूल की जाने वाली रक़म।
2. गहन : कंपनी अधिनियम के प्रसंग में, बंधक।
  • Chargeable -- प्रभार्य
किसी लेखा विशेष में डाले जाने योग्य; ख़र्च अथवा देयता के रूप में माने जाने योग्य।
  • Charted ship -- चार्टरित जहाज़, भाटकित जहाज़
वह पोत जिसके स्वामी ने उसे एक निश्चित मार्ग या अवधि के लिए किसी पक्ष को किराए पर दे दिया है।
  • Charter party -- चार्टर पार्टी
पोत के स्वामी और पोत को किराए पर लेने वाले पक्ष के बीच संपन्न क़रार जिसमें पूरे पोत के उपयोग तथा किराए की अदायगी आदि से संबंधित शर्तों का उल्लेख रहता हैं।
समान. contract of affreightment
  • Cheap money -- 1.सस्ती मुद्रा 2. अल्प ब्याज-दर
1. सस्ती मुद्रा : वह स्थिति जिसमें क़ीमतें बढ़ जाने के कारण मुद्रा की क्रय-शक्ति घट गई हो।
2. अल्प ब्याज-दर : वह स्थिति जिसमें ब्याज-दर कम होने के कारण कर्ज़ सरलता से मिल जाता है।
तुल. दे. tight money
  • Cheap money policy -- अल्प ब्याज-दर नीति
केंद्रिय बैंक द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बैंक दर को घटा कर रोज़गार और व्यापार को बढ़ावा देने का प्रयास।
  • Cheque -- चैक
चैक किसी बैंक के नाम लिखा गया माँगदेय विनिमय-पत्र हैं। विनिमय-पत्र की भाँति चैककर्ता भी इस पर अपने हस्ताक्षर करता है और इसमें उल्लिखित रक़म को निर्दिष्ट व्यक्ति या उसके आदेशिती अथवा धारक को, माँगने पर, अदा करने की बैंक को अशर्त आज्ञा देता है।
cheque के विभिन्न प्रकारों के लिए दे. bearer cheque, crossed cheque, open cheque, order cheque, stale cheque.
  • Circulating capital -- प्रचल पूँजी
चालू परिसंपत्तियों में निविष्ट राशि जैसे प्राप्य बिल, रोकड़ बाक़ी आदि।
तुल. दे. fixed capital
  • Circulating capital goods -- प्रचल पूँजी पदार्थ
ऐसी परिसंपत्तियाँ जो अल्पकालीन उपभोग में समाप्त हो जाती हैं जैसे, ईंधन।
  • Class rate -- वर्ग दर
अ – (बीमा) किसी विशेष वर्ग की जोखिम के बीमे के लिए लागू होने वाली प्रीमियम-दर।
आ – (परिवहन) किसी लोक वाहक द्वारा वर्गीकृत वस्तुओं की ढुलाई के लिए वसूल किया जाने वाला भाड़ा।
  • Clean acceptance -- पूर्ण सकार, पूर्ण स्वीकृति
अदाकर्ता द्वारा बिना कोई शर्त लगाए हुंडी सकारना। इस प्रकार की सकार व्यक्त करने के लिए अदाकर्ता हुंडी पर प्रायः ‘स्वीकृत’ शब्द लिख कर तारीख़ सहित अपने हस्ताक्षर कर देता है।
समान. absolute acceptance, general acceptance
  • Clean bill -- अप्रलेखी बिल, अप्रलेखी हुंडी
ऐसा विनिमय-पत्र अथवा हुंडी जिसके साथ बिल्टी अथवा लदान-पत्र आदि नत्थी न हों।
तुलं दें. documentary bill
  • Clean credit -- उधार-खाता
बैंक द्वारा किसी व्यक्ति के नाम खोला गया ऐसा ‘उधार-खाता’ जिसमें से वह बैंक के ऊपर अप्रलेखी हुंडी करके पैसा निकाल सकता है।
  • Clearance sale -- रियायती बिक्री
दुर्विक्रेय अथवा अवशिष्ट माल को निकालने के लिए घटी दरों पर विशेष बिक्री की व्यवस्था।
  • Clearing -- 1. निकासी 2. समाशोधन
1. निकासी : (क) सीमाशुल्कागृह से पोत को समुद्र-यात्रा पर ले जाने की अनुमति प्राप्त करना।
(ख) परिवहन के संदर्भ में : – वाहक से माल की सुपुर्दगी लेना।
2. समाशोधन : सदस्य बैंकों द्वारा समाशोधनगृह की मार्फ़त एक दूसरे के चैकों का विनिमय और शेषों का भुगतान।
  • Clearing house -- समाशोधनगृह
अ – (बैंकिंग) ऐसी व्यवस्था जिसके जरिए बैंक प्रतिदिन एक दूसरे को देय निवल राशियों का निपटारा करते हैं। इस सुविधा के फलस्वरूप ही हर बैंक को उसे प्रस्तुत सभी चैकों का अलग-अलग भुगतान नहीं करना पड़ता वरन् वह केवल प्राप्य और देय चैकों की राशि के अंतर का ही भुगतान देता अथवा लेता है।
आ – (स्टॉक एक्सचेंज) स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा अपने सदस्यों के पारस्परिक लेनदेनों के आवधिक निपटारों के लिए स्थापित व्यवस्था जिसका संचालन प्रायः बैंक करते हैं।
  • Closed economy -- बंद अर्थव्यवस्था
ऐसी अर्थव्यवस्था जिसका विदेशी अर्थवस्थाओं से आर्थिक लेन-देन नहीं हैं।
  • Closed end mortgage -- एकल ऋण बंधक
ऐसा बंधक जिसके बाद बंधकग्रस्त संपत्ति को आड़ रख कर कोई और ऋण नहीं लिया जा सकता।
तुल दे. open-end mortgage
  • Closed mortgage -- एकनिष्ठ बंधक, अवरूद्ध बंधक
ऐसा बंधक जिसके साथ यह शर्त होती है कि बंधक के दौरान बंधकग्रस्त संपत्ति और ऋण की रक़म में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
  • Closely held company -- एकाधिकारवत् कंपनी
ऐसी कंपनी जिसके साथ जनता के कोई विशेष हित बद्ध नहीं होते, ‘एकाधिकारवत् कंपनी’ है।
  • Closing balance -- इतिशेष; रोकड़ बाक़ी
इतिशेष : लेखा-संवरण के समय किसी लेखे का शेष।
रोकड़ बाक़ी : रोकड़ बही का शेष अर्थात् ख़ज़ांची के पास नक़दी।
  • Closing entry -- संवरण-प्रविष्टि
लेखा-अवधि की समाप्ति पर लेखाओं का संवरण करते समय उनके शेषों को अंतिम लेखाओं में अंतरित करने के लिए की गई प्रविष्टि।
  • Closing price -- बंद भाव
बाज़ार में कार्य-दिन की समाप्ति के समय किसी जिन्स या शेयर की अंतिम ख़रीद-बेच जिस भाव पर हो, वह उस दिन का ‘बंद भाव’ कहलाता है।
  • Co-adventures -- सह उद्यमी
साझे में कोई व्यापार या सौदे संपन्न करने वाले दो या दो से अधिक व्यक्ति।
  • Coastal trade -- तटीय व्यापार
एक ही देश के विभिन्न पत्तनों के बीच चलने वाला देशीय व्यापार।
  • Coin -- सिक्का, टंक
धातु-खंड जिस पर उसका विनिमय-मूल्य एवं राजचिह्न अंकित करके उसे राज्यादेश से मुद्रा के रूप में प्रयोग के लिए जारी किया गया है।
coin के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. standard coin, token coin
  • Coinage -- सिक्का-ढलाई, टंकण
धातु-मुद्रा ढालने की प्रक्रिया।
  • Co-insurance -- सहबीमा
संपत्ति बीमा पॉलिसी (प्रायः अग्नि बीमा पॉलिसी) का एक प्रावधान जिसके अनसार संपत्ति के स्वामी को बीमाकृत संपत्ति के मूल्य के एक निर्दिष्ट प्रतिशत तक की हानि या क्षति होने पर वह स्वयं वहन करनी होती है। इसके बदले बीमा कंपनी प्रीमियम में कुछ कमी कर देती है।
  • Collateral security -- संपार्श्विक प्रतिभूति
वह संपत्ति जिसे आड़ रखकर क़र्ज़ लिया गया है।
  • Collection -- वसूली, उगाही
किसी चैक, ड्राफ्ट़, हुंडी, किराया, ब्याज, लाभांश, प्रीमियम आदि की रक़म लेने के लिए अदाकर्ता के समक्ष माँग प्रस्तुत करना और रक़म प्राप्त करना;
इस प्रकार प्राप्त रक़म।
  • Collection charges -- वसूली प्रभार, उगाही खर्च
शहर से बाहर के चैकों, ड्राफ़्टों आदि का पैसा उगाहने के लिए बैंक द्वारा ग्राहकों से वसूल किया गया प्रभार।
  • Columnar book-keeping -- खानेदार बहीखाता पद्धति
कतिपय प्रतिष्ठानों में अपनाई जाने वाली विधि जिसमें कुछ बहियों में बहुत से ख़ाने रहते हैं, जिनमें अनेक परस्पर संबद्ध मदों की रक़में दर्ज की जाती हैं। इसका लाभ यह है कि खतियान के समय इन मदों के लेखाओं में भारी प्रविष्टियाँ अलग-अलग करने के बजाय केवल उनमें जोड़ दर्ज करने से काम चल जाता है जिससे समय और श्रम की बचत होती है।
  • Columnar day book -- ख़ानेदार रोज़नामचा
बिक्री रोज़नामचा और ख़रीद रोज़नामचा में कई ख़ाने बनाकर क्रमशः बिक्री और ख़रीद का मदवार विश्लेषण प्रस्तुत किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, बिक्री रोज़नामचा में ख़ाने बना कर विभागानुसार या वस्तुओं के वर्गों के अनुसार या क्षेत्रीय बिक्री-केंद्रों की अलग-अलग बिक्री दिखाई जा सकती है। इसी प्रकार, ख़रीद रोज़नामचा में माल की क़ीमत, भाड़ा तथा अन्य विविध व्यय अलग-अलग दर्ज किए जा सकते हैं।
  • Combination -- गुटबंदी, संयोजन
स्पर्धा में कमी करने और बड़े पैमाने की बचतों का लाभ उठाने जैसे समान व्यावसायिक उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु दो या दो से अधिक प्रतिष्ठानों के बीच किया गया समझौता, संघटन या संघीकरण।
  • Combination rates -- समूहित दरें, सम्मिश्र दरें
ऐसे दो स्थानों के बीच माल-ढुलाई के लिए ली गई भाड़ा दरें जो एक ही रेलमार्ग पर स्थित नहीं हैं। प्रस्थान-बिंदु और गंतव्य स्थान के बीच की समस्त स्थानिक दरों को जोड़कर ‘समूहित दर’ निकाली जाती है।
  • Commerce -- वाणिज्य
वस्तुओं, सेवाओं और संपत्ति को उत्पादक से उपभोक्ता तक पहुँचाने के क्रम में की गई क्रियाओं को ‘वाणिज्य’ कहते हैं। इसमें क्रय-विक्रय और उसकी सहायक क्रियाएँ यथा, भंडारण, परिवहन, वित्तीयन, अधिकोषण आदि शामिल हैं।
  • Commercial bank -- वाणिज्य बैंक, व्यावसायिक बैंक
ऐसे बैंक जो ऋण देने या निवेश के लिए जनता से जमा-राशियाँ स्वीकार करते हैं। जमाकर्ता इन राशियों को नियमानुसार चैक आदि के द्वारा चाहे जब निकाल सकते हैं या इन्हें अपेक्षाकृत ऊँची ब्याज पर एक निर्दिष्ट अवधि के लिए बैंक को दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वाणिज्य बैंक जनता की मुद्रा संबंधी दैनंदिन माँग को पूरा करते है; बिल और हुंडियाँ भुनाते है; लोगों का रुपया एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजते हैं और लोगों की मूल्यवान वस्तुओं को सुरक्षित रूप से रखने के लिए प्रायः लॉकरों की सुविधा प्रदान करते हैं।
  • Commercial grade -- वाणिज्यिक श्रेणी, तिजारती श्रेणी
वस्तु की वह श्रेणी अथवा कोटि जो किसी व्यवसाय या वाणिज्य में प्रायः प्रयुक्त की जाती है या प्रयोग के लिए उपयुक्त मानी जाती है। उदाहरणार्थ, किसी रसायन या धातु की एक निश्चित शुद्धता, किसी काग़ज या गत्ते का निर्धारित वज़न इत्यादि।
  • Commission -- आढ़त, कमीशन
अभिकर्ता को दिया गया पारिश्रमिक जो किसी अन्य व्यक्ति या फ़र्म की ओर से किए गए किसी सौदे के लिए या किसी व्यावसायिक कार्य के लिए दिया जाता है। यह राशि सौदे की राशि के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में होती है।
  • Commission agent -- आढ़तिया, कमीशन एजेन्ट
ऐसा व्यक्ति या प्रतिष्ठान जो किसी व्यापारी या उत्पादक (जिसे इस संदर्भ में “मालिक” कहा जाता है) की ओर से माल की बिक्री करता है और इस सेवा के बदले पूर्व-निर्धारित दर से पारिश्रमिक लेता है।
  • Commodity -- पण्य, जिन्स
खरीदी-बेची जाने वाली कोई भी स्थूल वस्तु।
  • Commodity agreement -- पण्य क़रार, जिन्स क़रार
दो या अधिक राष्ट्रों के बीच किया गया ऐसा क़रार जिसमें जिन्सों के उत्पादन, वितरण, भंडारण और क़ीमतों आदि से संबद्ध बातों का समावेश होता है। इसका उद्देश्य उत्पादक और उपभोक्ता देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादन, पूर्ति और क़ीमतों का नियमन करना है।
  • Commodity exchange -- मंडी
जिन्स और अन्य पदार्थों के अगाऊ क्रय-विक्रय के निमित्त व्यापरियों का एक संगठित समूह। इसमें जिन्स को बाज़ार में नहीं लाया जाता अपितु उनकी मात्रा तथा किस्म संबंधी दस्तावेजों के आधार पर ही सौदे किए जाते हैं।
  • Common carrier -- लोक-वाहन, लोक-वाहक
कोई ऐसा व्यक्ति या अभिकरण जो सरकार द्वारा प्रदत्त प्रमाणपत्र के अंतर्गत यात्रियों या माल के परिवहन का काम करता है और एक निर्धारित भाड़ा लेकर जनसाधारण की सेवा करता है।
  • Common seal -- निगम-मुद्रा
किसी कंपनी द्वारा अपने दस्तावेज़ों, नोटिसों आदि पर लगाने के लिए तैयार कराई गई मोहर।
  • Common stock -- सामान्य स्टाँक
अमरीकी उद्भव की अभिव्यक्ति जिसकी संकल्पना भारतीय परिप्रेक्ष्य में इक्विटी शेयर से मिलती-जुलती है।
  • Company -- कंपनी
लाभार्जन के लिए स्थापित ऐसा स्वैच्छिक संगठन (i) जिसकी पूँजी अंतरणीय शेयरों में विभाजित हो; (ii) जिसके सदस्यों की देयता सीमित हो; (iii) जो निगमित निकाय हो; और (iv) जिसकी अपनी एक मोहर हो।
company के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. closely held company, holding company, parent holding company, private company, public company, subsidiary company
  • Company store -- कंपनी भंडार, कंपनी स्टोर
ऐसी दुकान जिसका स्वामित्व और संचालन कंपनी के हाथ में होता है और जो कर्मचारियों के हितार्थ चलाई जाती है।
  • Comparative trading account -- तुलनात्मक व्यापार-लेखा
ऐसी व्यापार-लेखा जिसमें गत वर्षों की संगत रक़में लिखने के लिए अतिरिक्त ख़ाने दिए रहते हैं ताकि प्रतिष्ठान के वर्तमान वर्ष के कार्य की मदवार तुलना गत वर्षों से की जा सके।
  • Compensating error -- प्रतिपूरक त्रुटि
लेखाकरण के संदर्भ में : ऐसी त्रुटि जिसके बराबर की राशि की त्रुटि संयोगवश उसकी विपरीत दिशा में भी हो गई है। इसके परिणाम स्वरूप दोनों त्रुटियाँ एक दूसरे को निष्प्रभावित कर देती हैं और लेखाकरण त्रुटिपूर्ण होते हुए भी जोड़ मिल जाते हैं तथा त्रुटि का आभास नहीं होता।
  • Compensation -- मुआवज़ा, क्षतिपूर्ति, प्रतिपर्ति, प्रतिकर
कारख़ाने आदि में काम करते समय लगी चोट के एवज़ में किसी कामगार को दी जाने वाली धनराशि। भारत में इसके लिए कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम और कर्मचारी राज्य बीमा योजना अधिनियम के अंतर्गत क्षतिपूर्ति की व्यवस्था है।
  • Compensatory duty -- प्रतिपूरक शुल्क
अ – किसी निर्यातक देश द्वारा निर्यात पर दी गई शुल्क-छूट को निष्प्रभावी बनाने के लिए आयातक देश द्वारा लगाया गया संरक्षण-शुल्क।
आ – देशीय माल की उत्पादन-लागत अधिक होने की स्थिति में, देश द्वारा उस वस्तु के आयात पर लगाया गया शुल्क जिससे उसकी अपनी वस्तु महँगी न रहे।
  • Competition -- प्रतियोगिता, प्रतिस्पर्धा
बाज़ार में अपना अधिकार जमाने अथवा किसी प्रकार का व्यावसायिक लाभ हासिल करने के लिए विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के बीच चलने वाला सतत संघर्ष। इसके लिए अनेक उपाय अपनाए जाते हैं जैसे, क़ीमतों में कमी करना, ग्राहकों को विशेष सुविधाएँ तथा प्रलोभन देना, वस्तुओं की गुणवत्ता में सुधार करना, विज्ञापन तथा प्रचार, विक्रय-संवर्धन आदि।
  • Competitive traffic -- प्रतिस्पर्धी यातायात
माल की ऐसी ढुलाई जिसके लिए दो या अधिक यातायात-माध्यमों के बीच प्रतियोगिता हो जैसे, रेल-सड़क प्रतियोगिता।
  • Composition -- प्रशमन
किसी कर्ज़दार और उसके ऋणदाताओं के बीच संपन्न ऐसा समझोता जिसके अंतर्गत वे अपने-अपने ऋण की पूरी राशि के बदले आंशिक राशि लेकर ही संतुष्ट हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में कर्ज़दार दिवालिया होने से बच जाता है और व्यवसाय यथापूर्व करता रह सकता है।
यह accord से इस अर्थ में भिन्न है कि वह कर्ज़दार और किसी एक लेनदार के बीच होता है जबकि composition कर्ज़दार और उसके सभी लेनदारों के बीच होता है।
  • Compound duty -- यौगिक प्रशुल्क, यौगिक टैरिफ़
ऐसा प्रशुल्क जिसमें परिमाणपरक शुल्क के अतिरिक्त कुछ रक़म मूल्यानुसार शुल्क के रूप में भी शामिल की गई है।
  • Compound interest -- चक्रवृद्धि ब्याज, सूद-दर-सूद
मूलधन पर तथा निर्धारित अवधि या अवधियों के पश्चात् उस पर मिलनेवाले ब्याज पर ब्याज। अवधि समाप्त होने के बाद उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और आगामी अवधि में उन दोनों राशियों पर ब्याज लगता है। इस प्रकार ब्याज की दर में वृद्धि न होने पर भी ब्याज की कुल धनराशि में वृद्धि होती जाती है।
  • Comprehensive coverage -- व्यापक बीमा
अ – सामान्यतः ऐसा बीमा जिसमें पॉलिसी में उल्लिखित ख़तरों को छोड़कर बाक़ी सभी ख़तरों के प्रति संरक्षण प्रदान किया गया हो।
आ – मोटर बीमा के सन्दर्भ में : टक्कर या उलटने से हुई हानि के साथ-साथ अन्य हानियों का बीमा।
  • Compulsory insurance -- अनिवार्य बीमा, विधिक बीमा
ऐसा बीमा जिसे कराना क़ानूनन ज़रूरी हो जैसे, स्वचल वाहनों का बीमा।
  • Concern -- प्रतिष्ठान, कारोबार
कंपनी, निगम, फ़र्म आदि किसी प्रकार का व्यावसायिक संगठन। इसमें सभी प्रकार के व्यवसाय जैसे, विनिर्माण, वित्तीयन, परिवहन आदि से संबंधित संगठन आ जाते हैं।
  • Condition -- शर्त
संविदा के मुख्य उद्देश्य से संबद्ध आवश्यक बातें जिनकी पूर्ति न किए जाने पर आर्त पक्ष संविदा को भंग मान सकता है;
शर्त व्यक्त हो सकती है अथवा निहित।
तुल. दे. warranty (अ)
  • Conditional acceptance -- सापेक्ष सकार, सापेक्ष स्वाकृति
ऐसी स्वीकृति जिसे देते समय यह शर्त लगा दी गई हो कि बिल अथवा हुंडी का भुगतान किसी घटना विशेष के घटित होने पर किया जाएगा।
  • Conditional endorsement -- शर्ती बेचान, शर्ती पृष्ठांकन, सशर्त पृष्ठांकन
ऐसा पृष्ठांकन जिसमें पृष्ठांकक अपनी देयता को सीमित अथवा समाप्त कर देता है। यह ‘प्रतिबंधी पृष्ठांकन’ से इस अर्थ में भिन्न है कि प्रतिबंधी पृष्ठांकन में परक्रामण मर्यादित कर दिया जाता है जबकि ‘शर्ती पृष्ठांकन’ में परक्रामण पर कोई बंदिश नहीं लगाई जाती; इसमें तो पृष्ठांकक केवल अपनी देयता को मर्यादित करता है।
  • Conscience money -- ईमानी अदायगी
कर की ऐसी रक़म जिसे समय पर जमा नहीं कराया गया किंतु जिसे अब अपने आत्मसंतोष के लिए करदाता ने स्वयं ही जमा करा दिया है।
रेल परिवहन के सन्दर्भ में : बिना टिकट यात्रा कर लेने के बाद यात्री द्वारा बतौर प्रायश्चित्त रेल अधिकारियों को भेजा गया किराया।
  • Consideration -- प्रतिफल
जब प्रतिज्ञाकर्ता की इच्छा पर प्रतिज्ञाती या किसी अन्य व्यक्ति ने कोई काम किया है या करने से अपने को विरत रखा है, अथवा वह कोई काम करता है या करने से अपने को विरत रखता है, अथवा करने या करने से अपने को विरत रखने का वायदा करता है तो ऐसा काम या उससे विरति या वायदा प्रतिज्ञाकर्ता के वायदे का “प्रतिफल” कहलाता है।
  • Consignee -- परेषिती, माल पाने वाला
वह फ़र्म या व्यक्ति जिसके नाम किसी माल की बिल्टी भेजी जाती है और जिसे उस माल की सुपुर्दगी लेने का हक़ होता है। यह आवस्यक नहीं कि वह उस माल का ख़रीदार भी हो।
  • Consignment -- परेषण, भेजा हुआ माल, चलानी
एक स्थान से दूसरे स्थान को विक्रयार्थ भेजा जाने वाला माल।
  • Consignor -- परेषक, माल भेजने वाला
सामान्यतः वह फ़र्म या व्यक्ति जो माल भेजता है अथवा जो ढुलाई के लिए उसे किसी वाहन के सुपुर्द करता है। विशेष अर्थ में, वह व्यक्ति या प्रतिष्ठान जो माल के स्वामी की हैसियत से किसी वितरक या एजेन्ट को विक्रयार्थ माल भेजता है।
  • Consolidated balance sheet -- समेकित वित्तीय स्थिति-विवरण, समेकित पक्का चिट्ठा, समेकित बैलेन्स शीट
नियंत्रक और नियंत्रित कंपनियों की परिसंपत्तियों और देयताओं का इकट्ठा विवरण जिसमें उनके अलग-अलग लाभ और पारस्परिक व्यवहारों का उल्लेख नहीं होता।
  • Consolidation of shares -- शेयर-समेकन
छोटी राशि के शेयरों को मिलाकर बड़ी राशि के शेयरों में परिवर्तित करना।
  • Consortium -- संघ, सहायता संघ, कंसर्शिया
किसी देश, प्रतिष्ठान अथवा परियोजना को वित्तीय सहायता जुटाने के लिए वित्त प्रदायक पक्षों द्वारा किया गया सामूहिक प्रयास।
  • Constant cost -- स्थिर लागत
ऐसी प्रति इकाई लागत जो कुछ निश्चित परिस्थितियों में एक समान रहती है, भले ही उत्पादन-मात्रा घटा अथवा बढ़ा दी जाए। दस्तकारी की वस्तुओं पर प्रायः ‘स्थिर लागत’ का सिद्धांत लागू होता है।
समान. fixed cost, supplementary cost
  • Constructive delivery -- प्रलक्षित सुपुर्दगी
ऐसी सुपुर्दगी जिसमें माल वस्तुतः ख़रीदार के कब्जे में न दिया गया हो पर उसे सौंपने का मंशा प्रकट करने के लिए प्रतीक-स्वरूप कोई कार्रवाई कर दी गई हो। उदाहरण के लिए, विक्रेता द्वारा गोदाम की चाबी ख़रीदार के हाथ में देना ‘प्रलक्षित सुपुर्दगी’ है।
तुल. दे. actual delivery
  • Consular invoice -- वाणिज्यदूतीय बीजक, कान्सूली बीजक
ऐसा बीजक जिस पर आयातक देश के वाणिज्यदूत की मुहर लगी हो। यह औपचारिकता प्रायः सीमाशुल्क संबंधी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए की जाती है।
  • Consumer -- उपभोक्ता
वह व्यक्ति, संस्था या प्रतिष्ठान जो किसी आर्थिक माल का उपभोग करता है।
  • Consumer credit -- उपभोक्ता-उधार
उपभोक्ता वस्तुएँ (अथवा सेवाएँ) ख़रीदने के लिए दिया जाने वाला ऋण। इसके कई रूप हो सकते हैं जैसे, उपभोक्ता को नक़द क़र्ज दे दिया जाए या उसके नाम उधार-खाता खोल दिया जाए या उसे किश्तों में माल ख़रीदने की सुविधा दे दी जाए।
  • Consumer goods -- उपभोक्ता वस्तुएँ
वे वस्तुएँ जो मनुष्य की आवश्यकताओं की प्रत्यक्ष पूर्ति करती है। इस दृष्टि से ये पूँजी पदार्थों से भिन्न हैं। इन दोनों में भेद यही है कि जिनका उपयोग उपभोग के लिए होता है वे उपभोक्ता वस्तुएँ हैं और जिनका किसी वस्तु के उत्पादन के सिलसिले में होता है वे पूँजी पदार्थ हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि एक ही वस्तु उपभोग-भेद से कहीं उपभोक्ता और कहीं पूँजीगत मानी जा सकती है।
  • Consumer movement -- उपभोक्ता आंदोलन
उपभोक्ताओं में सामूहिक रूप से अपने हितों की रक्षा करने की भावना जाग्रत होना। वस्तुओं का बाज़ार में न मिलना या अनुचित रूप से ऊँची क़ीमत पर मिलना, कालाबाज़ारी, मिलावट आदि के विरूद्ध सामूहिक प्रयास ‘उपभोक्ता-आंदोलन’ के द्योतक हैं।
  • Consumer price index -- उपभोक्ता क़ीमत सूचकांक
देश के प्रतिनिधि नगरों और औद्योगिक बस्तियों से आवधिक तौर पर संकलित प्रमुख उपभोक्ता-वस्तुओं और सेवाओं की क़ीमतों का सूचक जिसमें होने वाली घट-बढ़ किसी निश्चित वर्ष को आधार मानकर उसके प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाती है।
  • Consumer research -- उपभोक्ता अनुसंधान
विपणन-अनुसंधान की एक शाखा जो वर्तमान तथा भावी क्रेताओं की प्रवृत्तियों, प्रतिक्रियाओं और रूचियों का विश्लेषण करती है, जिसके आधार पर प्रतिष्ठान के उत्पादन तथा विक्रय का भावी कार्यक्रम निश्चित किया जाता है।
  • Consumer’s cooperative -- उपभोक्ता सहकारी समिति
सहकारिता के आधार पर चलाई जाने वाली ऐसी समिति जिसका उद्देश्य अपने सदस्यों को सस्ती तथा अच्छी उपभोक्ता वस्तुएँ उपलब्ध कराना है। समिति प्रायः विनिर्माताओं से सीधे माल ख़रीदती है जिससे ख़रीदारों को बिचौलियों का लाभ नहीं भुगतना पड़ता और उन्हें माल खुले बाज़ार की अपेक्षा कुछ सस्ता मिल जाता है। कुछ समितियाँ बाज़ार-भाव पर ही सामान बेचती हैं और लाभ की राशि को समय-समय पर सदस्यों में लाभांश के रूप में वितरित कर देती हैं।
  • Contango -- तेजी बदला
यदि क्रेता नियत दिन पर शेयरों की डिलीवरी लेना नहीं चाहता तो वह विक्रेता-स्टोरिए को कुछ प्रभार अदा करके सौदा अगले निपटान-दिवस तक स्थगित करा सकता है। यह प्रभार ‘तेजी बदला’ कहलाता है। यदि दूसरा पक्ष सौदे का स्थगन चाहे तो उसके द्वारा देय प्रभार ‘मंदी बदला’ कहलाएगा।
तुल. दे. back wardation
  • Contingent annuity -- प्रासंगिक वार्षिकी
ऐसी वार्षिकी जिसकी अदायगी किसी भावी घटना के घटने तक चलती रहेगी और उसके बाद रोक दी जाएगी। उदाहरणार्थ, अविवाहित व्यक्ति के हितार्थ यह व्यवस्था की जा सकती है कि यदि वह एक निश्चित धनराशि कंपनी में जमा कर दे तो उसे प्रत्येक तिमाही, छमाही या साल के बाद एक नियत रक़म तब तक दी जाती रहेगी जब कि उसका विवाह नहीं हो जाता।
  • Contingent beneficiary -- अनुषंगी हिताधिकारी
किसी व्यक्ति की बीमा पॉलिसी में उल्लिखित वह या वे व्यक्ति जो बीमादार की मृत्यु के उपरांत उस पॉलिसी की रक़म पाने के हक़दार होंगे।
  • Contingent contract -- प्रासंगिक संविदा
ऐसा संविदा जिसमें किसी घटना के घटने अथवा न घटने पर कोई काम करने या न करने का वचन दिया जाता है।
  • Contingent liability -- प्रासंगिक देयता
ऐसी धनराशि जो भविष्य में किसी घटना के घटित होने पर देन-दारी का रूप लेगी।
  • Continuous audit -- अविराम लेखापरीक्षा
ऐसी लेखापरीक्षा जो प्रतिष्ठान के सामान्य कार्य के रूप में वर्ष भर चलती रहती है। इसके दो प्रयोजन हैं। एक तो है लेखाकरण की विभिन्न प्रक्रियाओं पर नज़र रखना ताकि वे गलतियाँ समय रहते ही सुधार ली जाएँ जो आगे नियमित लेखापरीक्षा में आपत्तियों का विषय बन सकती हैं। दूसरे, ब्यौरेवार जाँच के काम साथ-साथ निपटते रहें ताकि बाह्य लेखापरीक्षा के दौरान समय की बचत हो सके और अंतिम लेखे यथाशीघ्र प्रस्तुत किए जा सकें।
  • Contra accounts -- प्रति लेखे
ऐसे दो (या अधिक) लेखे जो आंशिक या पूर्ण रूप से एक दूसरे के प्रतिरूप होते हैं और वित्तीय विवरणों में या तो पूर्ण रूप से एक दूसरे में विलीन हो जाते हैं अथवा साथ-साथ प्रस्तुत किए जाते हैं।
  • Contraband -- विनिषिद्ध
देश, राज्य या किसी नगर में चोरी-छिपे लाया गया ऐसा माल जिसे लाना क़ानूनन जुर्म है।
  • Contract -- संविदा, ठेका, अनुबंध
दो या अधिक व्यक्तियों के बीच वायदों की ऐसी अदला-बदली जिससे उन पर कोई काम करने या उसे करने से विरत रहने का दायित्व आता हो, ‘संविदा’ कहलाता है बशर्ते यह क़ानून द्वारा मान्यता-प्राप्त हो और अदालत के ज़रिए लागू कराया जा सकता हो।
  • Contract carrier -- ठेका वाहन
वे बसें, ट्रक, ठेले आदि जो लदानकर्ताओं या यात्रियों के साथ विशेष संविदा करके उन्हें परिवहन-सेवा प्रदान करते हैं।
  • Contraction of currency -- मुद्रा-संकुचन, करेन्सी संकुचन
केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से जनता के पास मौजूदा मुद्रा की मात्रा को कम किया जाना। इसके लिए केंद्रीय बैंक अनेक उपाय करता है जैसे, ब्याज-दर में वृद्धि, खुले बाज़ार की कार्रवाई, उधार-नियंत्रण आदि।
  • Contract of affreightment -- भाड़ा संविदा
पूरे जहाज़ को भाड़े पर लेने की ऐसी व्यवस्था जिसमें जहाज़ उसके स्वामी के प्रबंध के अधीन ही परिचालित होता है। इसे ‘चार्टर पार्टी’ भी कहा जाता है।
  • Contract of guarantee -- प्रत्याभूति-संविदा, गारन्टी संविदा
एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को दिया गया वचन कि यदि तीसरे व्यक्ति ने यथासमय अपना वायदा पूरा न किया अथवा देयता का निर्वाह न किया तो उसकी ओर से अपेक्षित दायित्व की पूर्ति वह करेगा।
  • Contract of indemnity -- क्षतिपूर्ति-संविदा
अपने अथवा किसी अन्य व्यक्ति के कार्य के परिणामस्वरूप किसी पक्ष को होने वाली हानि की भरपाई कर देने का प्रतिज्ञाकर्ता का वायदा ‘क्षतिपूर्ति संविदा’ है।
  • Contractual capacity -- संविदा-क्षमता
करार कर सकते की क़ानूनी सामर्थ्य। भारतीय संविदा अधिनियम के अनुसार हर वह व्यक्ति करार कर सकता है जो वयस्क है, जिसका दिमाग ठीक है और जो अपने ऊपर लागू होने वाले किसी क़ानून के अंतर्गत करार करने के लिए अयोग्य नहीं है।
  • Contra entry -- प्रति प्रविष्टि
किसी लेखे या खाते में एक ओर प्रविष्टि कोई ऐसी मद जो उसी लेखे या खाते की दूसरी ओर प्रविष्ट एक या अधिक मदों को अंशतः या पूर्णतः निष्प्रभावित करती हो।
  • Contributory -- अंशदायी
भारतीय कंपनी अधिनियम की धारा 428 के अनुसार ऐसा प्रत्येक व्यक्ति ‘अंशदायी’ है जिसे कंपनी के परिसमापन की सूरत में उसकी परिसंपत्तियों में अपना हिस्सा देने को कहा जा सकता है। यह पूर्णप्रदत्त शेयरों का स्वामी भी हो सकता है या ऐसा कोई अन्य व्यक्ति हो सकता है जिसे ‘अंशदायी’ बताया जा रहा हो।
  • Controlled economy -- नियंत्रित अर्थव्यवस्था
सरकार द्वारा पूर्णरूपेण नियंत्रित अर्थव्यावस्था। इसमें यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक आर्थिक कार्यकलाप को सरकार अपने ही हाथ में ले ले बल्कि वह अनेक प्रकार के सरकारी नियंत्रणों के ज़रिये उत्पादन, विदेश व्यापार, श्रमिकों के नियोजन आदि पर अंकुश रखती है ताकि अभीष्ट लक्ष्य प्राप्त किए जा सके।
  • Controlled price -- नियंत्रित क़ीमत
सरकार द्वारा निश्चित की गई किसी वस्तु की क़ीमत। ऐसा प्रायः उपभोक्ताओं के आम इस्तेमाल की चीजों या लोहा, सीमेन्ट आदि महत्वपूर्ण वस्तुओं के मामले में किया जाता है।
  • Convertibility -- परिवर्तनीयता, विनिमेयता
अ – किसी देश की मुद्रा की अन्य देशों की मुद्राओं में सरलतापूर्वक बदले जा सकने की क्षमता।
आ – (कंपनी वित्त) वित्त-प्रदायकों द्वारा लगाई गई एक शर्त जिसके अनुसार भविष्य में प्रदत्त ऋणों अथवा ऋणत्रों को कंपनी के शेयरों में बदला जा सकता है।
विशेषीकृत वित्त संस्थाओं के ऋण-क़रारों में यह शर्त एक धारा के रूप में समाविष्ट की जाती है।
  • Convertible debenture -- परिवर्तनीय डिबेंचर
ऐसा डिबेंचर जिसे उसका धारक एक अवधि के पश्चात् शेयर में बदलवा सकता है।
  • Convertible insurance -- परिवर्तनीय बीमा
ऐसा बीमा जिसमें बीमा कराने वाला व्यक्ति उसे किसी अन्य प्रकार के बीमे में परिवर्तित करा सकता है।
  • Co-partnership -- सहसाझेदारी, सहभागिता
किसी प्रतिष्ठान के कर्मचारियों का उसकी शेयर-पूँजी में आंशिक स्वामित्व। कर्मचारियों को शेयर देने का उद्देश्य यह है कि उन्हें प्रतिष्ठान के नीति-निर्धारण एवं उसके संचालन में भाग लेने का अवसर मिल सके।
  • Cornering -- बाज़ार समेटना, ख्याला करना, बाज़ार मुट्ठी में करना
किसी व्यापारी अथवा कुछ व्यापारियों द्वारा मिलकर बाज़ार में उपलब्ध किसी जिन्स, पदार्थ या प्रतिभूति की अधिकांश या सारी मात्रा को इस उद्देश्य से ख़रीद कर दबा बैठना कि पूर्ति की दुर्लभता की स्थिति में उसकी क़ीमतें बढ़ जाएँ और तब वे उसे ऊँचे भाव पर बेचकर अधिक लाभ कमा सकें। शेयरों के संदर्भ में ऐसी ख़रीद का उद्देश्य प्रायः संबंधित कंपनी पर नियंत्रण करना होता है।
  • Corporate savings -- कंपनी बचत, निगम-बचत, अवितरित लाभ
कंपनी की आय में से की गई बचत जो ‘अवितरित लाभ’ के रूप में होती है। कंपनी की बचत का उपयोग प्रायः पूँजी-विस्तार के लिए किया जाता है।
  • Corporation -- कंपनी, निगम
कपनी :अ – दे. Company
आ – संसद के विशेष अधिनियम से स्थापित सांविधिक व्यावसायिक अथवा वित्तीय प्रतिष्ठान।
निगम : स्थानीय स्वाशासन की एक इकाई।
  • Correcting entry -- शोधक प्रविष्टि
लेखाविधि के संदर्भ में : ऐसी इंदराज जो लेखाकरण की किसी पिछली इंदराज की गलती को सुधारने के उद्देश्य से की जाती है।
  • Cost -- लागत, व्यय
अ – (लेखाकरण) किसी वस्तु या सेवा के उत्पादन पर लगाई गई रक़म।
आ – (अर्थशास्त्र) उत्पादन के उन कारकों का मूल्य जो किसी वस्तु या सेवा के उत्पादन में प्रयुक्त होते हैं।
cost के विभिन्न प्रकारों के लिए दे. Constant cost, fixed cost, operating cost, supplimentary cost, unit cost, variable cost
  • Cost accounting -- लागत-लेखाविधि
किसी वस्तु या सेवा के उत्पादन में लगने वाले सामान, श्रम आदि की लागत के आँकड़ों को वैज्ञानिक ढंग से वर्गीकृत और विश्लेषित करने की क्रिया जिससे उत्पादन की प्रति इकाई लागत पर नियंत्रण रह सके और प्रतिष्ठान में किफ़ायत, कुशलता और लाभदायक ढंग से कार्य हो सके।
  • Cost audit -- लागत-लेखापरीक्षा
लागत-लेखाओं की शुद्धता का सत्यापन और इस बात की जाँच कि लेखाकरण की अनुमोदित प्रणाली का समुचित परिपालन हो रहा है, ‘लागत-लेखापरीक्षा’ कहलाती है। जिन प्रतिष्ठानों में लागत-लेखाकरण की व्यापक प्रणाली अपनाई जा रही हो वहाँ ‘लागत-लेखापरीक्षा’ का होना नितांत आवश्यक है।
  • Cost control account -- लागत नियंत्रण लेखा
एकीकृत खाते का ऐसा लेखा जिससे किसी भी समय चालू काम, मौजूदा स्टॉक आदि की स्थिति जानी जा सकती है और सामान, मज़दूरी और ख़र्चों पर बराबर नियंत्रण रखा जा सकता है।
  • Cost efficiency -- लागत-कुशलता, लागत-दक्षता
विभिन्न नियंत्रण-उपायों से उत्पादन-लागत अथवा उसकी विभिन्न मदों में अधिकतम कमी लाना।
  • Costing -- लागत-निर्धारण, लागत-आकलन, लागत निकालना
किसी वस्तु अथवा सेवा की लागत निकालने की तकनीक और प्रक्रिया। इसका प्रयोजन वर्तमान लागतों के अलावा भावी लागतों का अध्ययन-विश्लेषण करना भी है ताकि प्रतिष्ठान के प्रबंधकों को उत्पादन-क्रियाओं का नियमन करने में सहायता मिल सके।
  • Cost-plus -- लागत और नियत लाभ
वस्तुओं तथा सेवाओं की क़ीमत निर्धारित करने का एक तरीक़ा जिसके अंतर्गत (वस्तु या सेवा की) उत्पादन-लागत और कुछ निश्चित राशि या प्रतिशत लाभ के लिये जोड़ कर क़ीमत नियत की जाती है।
  • Cost-push inflation -- लागतजन्य स्फीति, लागताधिक्य स्फीति
जब उत्पादन-लागत में असामान्य वृद्धि होने के कारण क़ीमतें बढ़ती हैं तो इसे ‘लागतजन्य स्फीति’ कहते हैं।
  • Cottage industry -- कुटीर उद्योग
ऐसा उद्योग जिसमें परिवार के सदस्य प्रायः साधारण पारंपरिक औज़ारों के प्रयोग से वस्तुओं का निर्माण करते हैं और इन वस्तुओं की अधिकांश खपत आसपास के क्षेत्रों में ही होती हैं।
  • Counterfeit coin -- जाली सिक्का
ऐसा सिक्का जिसे इस तरह बनाया गया है कि हूबहू टकसाली लगे और जिसे धोखे-धड़ी से वैध मुद्रा की भाँती बाज़ार में चलाया जा सके। ऐसा करना सर्वत्र ग़ैर-क़ानूनी माना जाता है।
  • Counterfoil -- प्रतिपर्ण, अधपन्ना
किसी चैक, रसीद या प्रपत्र का वह हिस्सा जिसमें दूसरे अर्थात् बड़े वाले हिस्से में व्यौरेवार दी गई बातों का उल्लेख हो और जो बड़े हिस्से से फाड़कर अभिलेखार्थ रख लिए जाने के लिए हो।
  • Countermand of payment -- अदायगी-प्रत्यादेश, भुगतान-प्रत्यादेश
चैक के आहरणकर्ता द्वारा चैक काट देने के बाद बैक को उसका भुगतान न करने का आदेश। इसके बावजूद यदि बैंक चैक को प्रमाणित कर दे अथवा असावधानी से उसका भुगतान कर दे तो उसके लिए बैंक स्वयं ज़िम्मेदार होगा।
  • Countervailing duty/tariff -- प्रतिकारी शुल्क, प्रतिकारी टैरिफ़
निर्यातक देश द्वारा अपने किसी माल के निर्यात पर दी गई आर्थिक सहायता, अधिदान या अन्य रियायत को निरस्त करने और देशी उद्योगों को प्रतियोगिता-क्षम बनाने के लिये आयातक देश द्वारा उस माल पर लगाया गया तदनुरूप शुल्क।
  • Coverage -- 1. आड़ 2. संरक्षण, बीमा; बीमाकृत राशि
1. आड़ : किसी देयता की पूर्ति के लिये उपलब्ध धन।
2. संरक्षण, बीमा : पॉलिसी के अंतर्गत विभिन्न जोखिमों से हो सकने वाली हानियों के प्रति सुरक्षा।
बीमाकृत राशि : वह रक़म जिसका बीमा किया गया है।
  • Covering note -- अंतरिम बीमापत्र, संरक्षण-पत्र
औपचारिक पॉलिसी जारी होने तक बीमादार को आश्वस्त करने के लिए बीमा एजेन्ट द्वारा दिया गया पत्र जिसमें उसे यह सूचना दी जाती है कि बीमा कंपनी बीमाकृत जोखिम के प्रति सुरक्षा प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हो चुकी है।
  • Credit -- 1. साख; उधार, ऋण 2. जमा, क्रेडिट
1. साख : धन उधार लेने की सामर्थ्य।
उधार, ऋण : क़र्ज़दार को दिया गया धन।
2. जमा, क्रेडिट : दोहरी प्रविष्टि पद्धति में लेखे की दायीं तरफ़ की गई प्रविष्टि जो किसी परिसंपत्ति या ख़र्च में कमी अथवा देयता या आय में वृद्धि की द्योतक होती है;
लेखे में इस प्रकार प्रविष्ट रक़म।
तुल. दे. debit
  • Credit balance -- जमा शेष
किसी ग्राहक या जमाकर्ता के खाते में नामे की अपेक्षा जमा का आधिक्य जो उसकी शुद्ध मालियत का द्योतक है।
  • Credit control -- उधार-नियंत्रण
क़र्ज की सुविधाओं के प्रयोग पर अंकुश। यह केंद्रीय बैंक द्वारा लगाया जाता है। पद्धति प्रायः यह है कि जब अंकुश कड़ा करना हो तब ब्याज-दर बढ़ा दी जाती है और जब अंकुश ढीला करना हो तब ब्याज-दर घटा दी जाती है।
  • Credit guarantee -- साख गारन्टी, साख-प्रत्याभूति
किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा दी गई इस बात की गारन्टी कि यदि क़र्जदार समय पर ऋण की चुकौती नहीं करता तो गारन्टीकर्ता उसका दायित्व स्वयं वहन कर लेगा।
  • Credit instrument -- उधार-प्रपत्र, साख-पत्र
वे लिखित दस्तावेज़ जिनके द्वारा धनराशि का हस्तांतरण किया जाता है। चैक, धनादेश, ड्राफ़्ट, हुंडियाँ आदि इनके प्रमुख उदाहरण हैं।
  • Credit note -- जमा- पत्र
ऐसा दस्तावेज़ जो एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष को यह सूचित करने के लिये जारी किया जाता है कि किसी सौदे से संबंधित कोई धनराशि द्वितीय पक्ष के खाते में जमा कर दी गई है। ऐसा करने की आवश्यकता तब पड़ती है जब या तो पहले बेचे हुए माल का कोई हिस्सा ख़रीदार द्वारा लौटाया गया हो या भूल से बीजक में अधिक रक़म लगा दी गई हो और भुगतान के बाद उसका पता लगा हो या कोई ऐसी बात हुई हो जिसके कारण किसी पक्ष के खाते में कोई रक़म बिना भुगतान पाए ही जमा करनी जरूरी हो।
  • Creditor -- लेनदार, ऋणदाता; उत्तमर्ण
वह व्यक्ति (या प्रतिष्ठान) जो किसी सौदे के एवज़ में दूसरे पक्ष से कोई धनराशि लेने का दावेदार है;
वह व्यक्ति जिसे किसी से रक़म वसूलने का क़ानूनी अधिकार है चाहे उसने ऋण दिया हो अथवा नहीं।
  • Creditor’s ledger (=bought ledger = purchase ledger) -- लेनदार खाता, खरीद खाता, क्रय खाता
ऐसा खाता जिसमें लेनदारों के लेखे रहते हैं। इस खाते का योग सामान्य खाते में रखे जाने वाले नियंत्रण लेखे के जमा-शेष के बराबर होता है। इसका प्रयोग स्वतः संतुलन खाता प्रणाली में होता हैं।
  • Credit purchase -- उधार ख़रीद, उधार क्रय
वस्तुओं और सेवाओं की इस वायदे पर ख़रीद कि उनका भुगतान बाद में किया जाएगा।
  • Credit sale -- उधार बिक्री
किसी वस्तु या सेवा की ऐसी बिक्री जिसका भुगतान ख़रीदार ने बाद में करने का वायदा किया है।
  • Credit squeeze -- उधार-अधिसंकुचन
सरकार अथवा केंद्रीय बैंक द्वारा व्यापारियों आदि को क़र्ज देने पर लगाए गए कठोर प्रतिबंध जो मुख्यतः मुद्रास्फीति को रोकने के लिये लगाये जाते हैं।
  • Creditworthiness -- उधारपात्रता, साख
क़र्ज लेनेवाले पक्ष की उसे समय पर लौटा सकने की सामर्थ्य। सामान्य रीति यह है कि उधारदाता कर्ज़ देने से पहले कर्ज़दार की वित्तीय क्षमता के बारे में उसके बैंक या किसी अन्य परामर्शदायी एजेन्सी से पूछताछ करता है।
  • Creeping inflation -- मंद स्फीति, मंथर स्फीति
सामान्य क़ीमत-स्तर में मामूली दर से किंतु लागातार होने वाली वृद्धि। यह अर्थव्यवस्था को रोज़गार के उच्च स्तर पर पहुँचाने में मदद करती है। कुछ अर्थशास्त्री इस स्थिति को वांछनीय मानते हुए ऐसी नीतियों को अपनाने की सलाह देते हैं जिनसे मामूली दर पर क़ीमत-वृद्धि होती रहे।
  • Crossed cheque -- रेखित चैक, बैंकजोग चैक
ऐसा चैक जिसकी अदायगी धारक को काउन्टर पर न करके किसी बैंक की मार्फ़त की जाती है।
  • Crossing -- रेखन
रेखन’ अदाकर्ता-बैंक को इस बात का निदेश है कि चैक का भुगतान किसी बैंक या निर्दिष्ट बैंक की मार्फ़त ही किया जाए- अदायगी-पटल पर चैक के धारक को नही;
रेखन’ प्रायः चैक के ऊपर दो तिरछी समानांतर रेखाएँ खींचकर किया जाता है।
  • Cum dividend -- लाभांश सहित
किसी प्रतिभूति की क़ीमत में उस पर प्राप्त होने वाले अगले लाभांश को भी शामिल करना। इस प्रकार व्यक्त की गई क़ीमत वाली प्रतिभूति के ख़रीदार को उस पर मिलने वाले लाभांश को लेने का हक़ होता है भले ही उसके द्वारा प्रतिभूति ख़रीदे जाने के कुछ ही दिन बाद लाभांश घोषित होने वाला हो।
तुल. दे. ex dividend
  • Cum rights -- अधिकार सहित
शेयर बाज़ार की अभिव्यक्ति जिसके अनुसार किसी कंपनी के शेयर बेचते समय विक्रेता उसके नए शेयरों में अनुपातिक अभिदान का अधिकार भी क्रेता को दे देता है।
तुल. दे. ex rights
  • Cumulative dividend -- संचयी लाभांश
अधिमान्य शेयरों पर दिया गया ऐसा लाभांश जो पर्याप्त लाभ के प्रभाव में नियमानुसार वार्षिक या आवधिक रूप से न दिया जा सके तो अगली बार बक़ाया राशि के रूप में देय होगा और इसकी अदायगी साधारण शेयरों पर लाभांश देने से पहले करनी होगी।
  • Cumulative preference share -- संचयी अधिमान शेयर
वे शेयर जिनका नियत लाभांश पर्याप्त लाभ न होने के कारण किसी एक साल न अदा किया जा सके तो अगली साल बक़ाया के रूप में देय होता है और उसकी अदायगी साधारण शेयरों पर कोई लाभांश देने से पहले करनी ज़रूरी होती है।
  • Cumulative time deposit scheme -- संचयी सावधि जमा-योजना
ऐसी जमा-योजना जिसके अंतर्गत एक नियत राशि निश्चित अंतरालों पर नियमित रूप से जमा कराई जाती है। योजना की अवधि पूरी होने पर कुल जमा-राशि तथा ब्याज जमाकर्ता को लौटा दी जाती है। सामान्य जनता को बचत करने की प्रेरणा देने के लिए इस पर बचत-खाते की ब्याज-दर के मुक़ाबले ऊँची दर पर ब्याज दी जाती है। डाकघरों में इस योजना के अंतर्गत जमा की गई रक़म पर आयकर से भी छूट मिलती हे।
  • Currency -- मुद्रा, करेन्सी
देश की वैध मुद्रा।
  • Current account -- चालू लेखा, चालू हिसाब, चालू खाता
अ – उधारी लेनदेन की एक विधि जिसके अंतर्गत क्रेता को प्रत्येक सौदे के समय न तो रूक़्क़ा लिख कर देना पड़ता है और न देय रक़म पर ब्याज ही अदा करनी पड़ती है अपितु एक निर्धारित अंतराल पर या प्रत्येक सौदे के एक निश्चित समय बाद ब्याज समेत लेनदेन का पूरा निपटारा करना होता है।
आ – बैकों में ग्राहकों द्वारा खोले गए ऐसे खाते जिनसे जितनी बार चाहें, पैसा निकाल सकते हैं। इन खातों में ग्राहक की बक़या राशि पर प्रायः कोई ब्याज नहीं दी जाती।
  • Current asset -- चालू परिसंपत्ति
ऐसी परिसंपत्ति जो प्रतिष्ठान के सामान्य व्यापारिक कार्यकलाप के दौरान प्रायः एक वर्ष में नक़दी के रूप में परिणत हो जाएगी।
  • Current liability -- चालू देयता
प्रतिष्ठान की ऐसी देयता जिसे वर्तमान वित्त-वर्ष में चुकाना होगा। उदाहरण के लिए, देय बिल, दीर्घकालीन ऋणों पर ब्याज आदि।
  • Custom house -- सीमाशुल्क चौकी, सीमाशुल्क कार्यालय, सीमाशुल्कालय
किसी बंदरगाह या हवाई अड्डे पर स्थित वह कार्यालय जहाँ आयातित वस्तुओं की जाँच, मूल्यांकन और उन पर प्रशुल्क-निर्धारण किया जाता है अथवा देश में माल लाने से संबंधित अन्य प्रक्रियाएँ पूरी की जाती हैं और आने-जाने वाले जहाज़ों को रवानगी अथवा अवतरण की अनुमति दी जाती है।
  • Customs -- सीमाशुल्क
एक देश से दूसरे देश में आयात किए गए माल पर लगने वाला कर जो मूल्यवार भी हो सकता है और वस्तुवार भी।
  • Customs union -- सीमाशुल्क संघ, कस्टम यूनियन
दो या अधिक देशों के बीच किया गया समझौता जिसके अनुसार वे एक-दूसरे से आयातित माल पर कोई सीमाशुल्क नहीं लगाते और अन्य राष्ट्रों के माल पर एक समान दर से शुल्क लगाते हैं। समझौता किसी एक पण्य के ही बारे में हो सकता है या समूचे विदेश व्यापार को लेकर भी किया जा सकता है।
  • Cut price competition -- क्रोमत-कटौती प्रतियोगिता
वस्तु की सामान्य बाज़ार-क़ीमत या उसके विनिर्माता द्वारा प्रस्तावित क़ीमत से नीची क़ीमत पर बेचने की प्रवृत्ति। जब कोई विकेता किसी बाज़ार पर अधिक से अधिक क़ब्ज़ा करना चाहता है तब इस तरकीब को अपनाता है। इसके परिणामस्वरूप जब अन्य विकेता भी ऐसा ही करने लगते हैं तो क़ीमत घटाने की होड़ लम जाती है।
  • Damages -- नुक़सानि, हर्जाना
अ – संविदा भंग होने पर दोषी पक्ष द्वारा भारतीय संविदा अधिनियम के अधीन हर्जानाग्रस्त पक्ष को की गई क्षतिपूर्ति।
आ – बीमा के संदर्भ में यह क्षतिपूर्ति अग्नि और समुद्री जोखिमों से संरक्षित संपत्ति के क्षतिग्रस्त हो जाने पर या कर्मकार के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर दी जाती है।
  • Date of maturity -- परिपक्वता-तारीख़, परिपक्वता तिथि
अ – (वाणिज्यिक विधि) वह तारीख़ जिस पर अदाकर्ता के लिए मियादी विनिमय-पत्र या हुंडी चुकाना लाज़मी है। इसकी गणना रियायती देनों (daya of grace) को जोड़कर की जाती है।
र – (बीमा) बंदोबस्ती बीमा पॉलिसी के मामले में वह तारीख़ जिस पर बीमादार बीमा कंपनी से बीमित राशि पाने का हक़दार हो जाता है।
  • Day book -- रोज़नामचा, दैनिक पंजी
वह वही जिसमें रोज़ाना के लेनदेन दर्ज किये जाते हैं और जो प्रायः छोटे-छोटे व्यापारियों द्वारा रखी जाती है।
  • Day lean -- दिनगत कर्ज़
एक दिन के लिए दिया जाने वाला अरक्षित क़र्ज जिसका आवश्यकतानुसार एक-एक दिन के लिये नवीयन भी किया जा सकता है। दिनगत कर्ज़ पर ब्याज की दर सामान्यतः बडी अवधि के क़र्जों से ऊँची होती है।
  • Dead freight -- 1. निरर्थक भाड़ा, विफल भाड़ा 2. अप्रयुक्त स्थान
1. निरर्थक भाड़ा, निफल भाड़ा : भाड़े पर ली गई जगह को पूरी तरह न भर पाने की स्थिति में यान के स्वामी द्वारा लदानकर्ता से वसूल किया गया ख़ाली जगह का भाड़ा।
2. अप्रयपक्त स्थान : वह जगह जिसे भाड़े पर लेने के बावजूद लदानकर्ता भर नहीं पाया है।
  • Dead heading -- 1. अनर्जक खेप 2. अतिक्रमण-पदोन्नति
1. अनर्जक खेप : (क) माल डिब्बे, ट्रक आदि को ख़ाली ले जाना। यह दो स्थितियों में होता है। एक तो तब जब वाहक को लदानकर्ता द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर माल चढ़ाने के लिये ख़ाली यान लेकर पहुँचना होता है और दूसरे तब जब वाहक किसी का माल उतारकर अड्डे पर वापिस आता है।
(ख) परिवहन कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों को मुफ़्त ड्यूटी पर लाना और वापिस घर पहुँचाना।
2. अतिक्रमण-पदोन्नति : किसी वरिष्ठ व्यक्ति के मुक़ाबले कनिष्ठ व्यक्ति को तरजीह देकर पदोन्नत करना।
  • Dead time -- अकारथ समय, सवेतन निष्क्रियता अवधि
ड्यूटी का वह समय जो बिजली फ़ेल हो जाने, मशीनों में टूट-फूट हो जाने अथवा कच्चे माल के समय पर न मिल पाने के कारण बेकार चला जाता है। इसमें कर्मचारी की कोई गलती नहीं होती अतः उसे उस अवधि की पूरी मज़दूरी मिलती है।
  • Dead weight tonnage -- लदान-क्षमता
पोत द्वारा एक बार में ढोया जा सकने वाला अधिकतम भार। इसे अक्सर टनों के रूप में व्यक्त किया जाता है।
  • Deal -- सौदा
किसी वस्तु को बेचने-ख़रीदने अथवा अंतरित करने का अनुबंध। इसे लेनदेन द्वारा संपन्न किया जाता है।
  • Dealer -- व्यापारी, ब्यौहारी, दुकानदार
अ – वस्तुओं का क्रय-विक्रय करने वाला।
आ – प्रतिभूति अथवा शेयर बाज़ार के संदर्भ में : वह व्यक्ति जो अपने लिए ही प्रतिभूतियों अथवा शेयरों का क्रय-विक्रय करता है – दलाल की तरह दूसरों के लिए नहीं।
  • Death benefit -- मरणोत्तर देय राशि
पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाने की सूरत में उसके द्वारा नामित अथवा समनुदेशित व्यक्ति को बीमा कंपनी से मिलने वाली बीमा-राशि।
  • Debenture -- डिबेंचर, ऋणपत्र
पूँजी प्राप्त करने के उद्देश्य से कंपनियों द्वारा जारी किए गए विशेष कोटि के प्रतिभूति-पत्र। ये शेयरों से भिन्न होते हैं और इन्हें कंपनी की उधार-पूँजी माना जाता है। डिबेंचरों पर नियत दर से ब्याज मिलती है जो दूसरे ख़र्चों की ही तरह व्यय की एक मद है।
debenture के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. convertible debenture , irredeemable debenture , naked debenture , redeemable debenture .
  • Debit -- नामे, डेबिट
दोहरी प्रविष्टि पद्धति में लेखे की बायीं ओर की गई प्रविष्टि जो किसी व्यय अथवा परिसंपत्ति की वृद्धि या आय अथवा देयता के ह्रास का द्योतन करती है;
लेखे में इस प्रकार प्रविष्ट रक़म।
तुल. दे. credit
  • Debt -- ऋण
एक व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान की दूसरे व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान के प्रति देनदारी। यह द्रव्य के अलावा वस्तु अथवा सेवा के रूप में भी हो सकती है।
debt के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. fixed debt, floating debt, funded debt, unfunded debt
  • Debtor -- ऋणी, क़र्जदार, देनदार, अधमर्ण
वह व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान जिसके ऊपर किसी का रुपया निकलता है और जिसकी अदायगी के लिए वह क़ानूनन बाध्य है।
  • Debt service -- ऋण-सेवा
ऋण पर लगनेवाली ब्याज और परिशोधन की व्यवस्था पर ख़र्च होने वाले धन का जोड़। सामान्यतः यह शब्द लोक एवं विदेशी ऋणों के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
  • Declared valuation -- घोषित मूल्य
आयात-शुल्क अथवा किसी कर के निर्धारण के लिए सामान, आय अथवा संपत्ति का उसके स्वामी द्वारा व्यक्त मूल्य।
  • Decontrol -- विनियंत्रण, नियंत्रण हटाना
किसी वस्तु या सेवा के उत्पादन, वितरण अथवा क़ीमत पर से सरकारी नियंत्रण हटा लेना और उसे पुनः आंशिक अथवा पूर्णरूपेण बाज़ार की व्यवस्था के अधीन छोड़ देना।
  • Decree holder (=executive creditor = judgement creditor) -- डिगरी-प्राप्त लेनदार
वह ऋणदाता जिसे अपने देनदार के विरूद्ध न्यायालय से वसूली आदेश मिल गया है।
  • Deduction at source -- स्रोत पर कटौती
वेतन, लाभांश तथा प्रतिभूतियों पर ब्याज आदि की अदायगी करते समय अदाकर्ता द्वारा आयकर के एवज़ रक़म काटना। भारतीय आयकर अधिनियम के अनुसार निर्धारित प्रकार की अदायगियाँ करते समय अदाकर्ता के लिये आयकर की रक़म पेशगी काट लेना क़ानूनन लाज़मी है।
  • Defective title -- सदोष हक़, सदोष अधिकार
संपत्ति अथवा माल पर ऐसा अधिकार जो विवादास्पद अथवा अवैध है अथवा जिसके बारे में कोई मुक़दमा चल रहा है जिससे उसका स्वामी संपत्ति को किसी दूसरे के पक्ष में हस्तांतरित नहीं कर सकता।
  • Deferred annuity -- आस्थगित वार्षिकी
ऐसी वार्षिकी जिसमें वार्षिकीग्राही को अदायगी एक सम्मत अवधि के बाद ही शुरू होती है।
  • Deficiency account -- कमी लेखा, घटती लेखा
तुलन-पत्र के अनुपूरक के रूप में तैयार किया गया एक विवरण जिसमें दिवालिए की परिसंपत्तियों को बेचकर मिल सकने वाली रक़म एक ओर तथा उसकी देयताएँ दूसरी ओर दिखाई जाती हैं। इस विवरण से दिवालिए की आर्थिक अक्षमता का सही-सही पता चल जाता है।
  • Deflation -- अवस्फीति
सामान्य क़ीमत-स्तर में गिरावट की स्थिति।
  • Del credere agent -- आश्वासी अभिकर्ता, आश्वासी एजेन्ट
वह अभिकर्ता जो अपनी ज़िम्मेदारी पर उधार माल बेचता है। इसमें उगाही की जोखिम मालिक पर न होकर स्वयं उसी पर होती है।
  • Delinquent tax -- बक़ाया कर, अदत्त कर
ऐसा कर जो देय तिथि के बाद भी अदा न किया गया हो। इस तरह के बक़ाया कर पर जुर्माना लगाया जाता है।
  • Delivery -- सुपुर्दगी
अ – (परिवहन) वस्तुओं अथवा सामान को क्रेता के घर या उसके द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर पहुँचाना।
आ – (विक्रय-विधि) संपत्ति को इस प्रकार अंतिम रूप से क्रेता के क़ब्जे में देना कि फिर उस पर विक्रेता का कोई अधिकार न रहे।
  • Demand deposit (=call deposit) -- माँग जमा
बैंकों में ऐसी जमा जिसे निकालने के लिए जमाकर्ता को कोई पूर्व-सूचना देने की आवश्यकता नहीं होती।
  • Demand draft (=sight draft) -- माँग ड्राफ्ट़
ऐसा ड्राफ़्ट जिसे प्रस्तुत करने पर उसका भुगतान करना करना आवश्यक हो।
  • Demand promissory note -- माँग रुक़्क़ा
यह लिखित वचन कि माँग किए जाने पर देनदार उतनी रक़म लेनदार को दे देगा।
  • Demand-pull inflation -- माँगजन्य स्फीति, माँगाधिक्य स्फीति
आय में वृद्धि होने के परिणामस्वरूप जब लोगों द्वारा अधिकाधिक वस्तुओं की माँग की जाती है लेकिन इन वस्तुओं की पूर्ति बढ़ नहीं पाती तो बाज़ार में क़ीमतें चढ़ने लगती हैं। यह क़ीमत-वृद्धि ‘माँगजन्य स्फीति’ कहलाती है।
  • Demonetization -- विमुद्रीकरण
सरकारी आदेश के ज़रिए किसी सिक्के अथवा नोट का प्रचलन बंद कर देना।
  • Demurrage -- विलम्ब-शुल्क, डेमरेज
परेषिती द्वारा अनुमत समय के अंदर वाहक के क़ब्जें से माल न छुड़ा पाने पर वाहक द्वारा वसूल किया जाने वाला हर्जाना।
  • Denominational value -- अंकित मूल्य
सिक्के, कागज़ी मुद्रा तथा विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियों के ऊपर लिखा मूल्य।
  • Departmental store -- बहुविभागी भंडार, विभागीय भंडार
आधुनिक क़िस्म की ऐसी विशाल खुदरा दुकान अथवा स्टोर जहाँ अनेक प्रकार की उपभोक्ता वस्तुएँ बेची जाती हैं। इन वस्तुओं को उनकी प्रकृति के अनुसार कई वर्गों में बाँट दिया जाता है और प्रत्येक वर्ग की वस्तुएँ एक अलग विभाग द्वारा बेची जाती हैं।
  • Deposit -- जमा, निक्षेप
अ – संपत्ति अथवा धन को सुरक्षा, निवेश या गिरवी रखने के उद्देश्य से किसी अन्य व्यक्ति अथवा संस्था के क़ब्जे में देना।
deposit के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. cumulative time deposit, demand deposit, fixed deposit, time deposit
आ – बिक्री के संदर्भ में : वस्तु या जायदाद को अपने लिये आरक्षित कराने के उद्देश्य से किया गया आंशिक भुगतान। इससे खरीदी गई चीज़ तब तक ख़रीदार के नाम आरक्षित रहती है जब तक उस वस्तु की शेष क़ीमत चुकता न हो जाए।
  • Depositary -- 1. तहवीलदार, धरोड़िया 2. तहवीलघर, निक्षेपागार
1. तहवीलदार, धरोड़िया : वह व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान जिसके पास मूल्यवान वस्तुएँ सुरक्षार्थ जमा की जाती हैं।
2. तहवीलघर, निक्षेपागार : ऐसा स्थान जहाँ इस प्रकार सुरक्षार्थ जमा की गई वस्तुएँ रखी जाएँ।
  • Deposit insurance -- जमा-राशि बीमा
व्यक्तियों या कंपनियों द्वारा बैंक में जमा की गई रक़म का बीमा। इससे बैंक फेल हो जाने की सूरत में जमाकर्ताओं को हानि नहीं उठानी पड़ती।
इस बीमा संरक्षण की एक उच्चतम सीमा निर्धारित होती है और इसका उद्देश्य छोटे खातेदारों के हितों की रक्षा करना है।
  • Depreciation -- मूल्यह्रास
जीर्णता, अप्रचलन, निरंतर प्रयोग या समय बीतने के साथ-साथ किसी गोचर परिसंपत्ति के मूल्य में होने वाली कमी।
  • Depreciation allowance -- मूल्यह्रास-छूट
कर-विधान के अंतर्गत प्रतिष्ठान की व्यापारिक आय का परिकलन करते समय परिसंपत्तियों के मूल्यह्रास के लिये दी जाने वाली छूट।
  • Depreciation reserve -- मूल्यह्रास आरक्षित निधि
प्रतिष्ठान की आय से आवधिक तौर पर निर्मित निधि जो किसी क्षीयमाण स्थायी परिसंपत्ति के मूल्य में होने वाली कमी की पूर्ति करती है।
  • Depression -- मंदी
व्यवसाय की वह स्थिति जबकि क़ीमतें नीची, आय और मौद्रिक व्यय अत्यधिक कम और बेरोज़गारी बहुत अधिक हो।
  • Devaluation -- अवमूल्यन
सरकार द्वारा विदेशी मुद्रा की तुलना में अपने देश की मुद्रा की विनिमय-दर में कमी करना। यह नीति भुगतान-शेष को संतुलित करने के उद्देश्य से आयात में कमी और निर्यात में वृद्धि करने के लिये अपनाई जाती है।
  • Differential duty -- विभेदक शुल्क
दे. preferential duty
  • Differential rate -- विभेदक दर
विभिन्न प्रकार के प्रयोक्ताओं या वस्तुओं के लिए मानक दर से भिन्न न्यूनाधिक दर। इसका प्रयोग प्रायः परिवहन के क्षेत्र में होता है।
  • Direct tax -- प्रत्यक्ष कर
ऐसा कर जिसका प्रत्यक्ष मौद्रिक भार किसी अन्य व्यक्ति पर विवर्तित न किया जा सके अर्थात् जिसका कराघात (impact) और करापात (incidence) एक ही व्यक्ति पर हो। आयकर और संपत्ति कर इसके उदाहरण हैं।
तुल. दे. Indirect tax
  • Disability benefit -- अशक्तता हितलाभ, अपंगता हितलाभ
अ – काम के दौरान कर्मचारी के चोट लग जाने और उसकी वजह से अशक्त अथवा अपंग हो जाने पर नियोजक द्वारा दिया जाने वाला मुआवज़ा।
आ – जीवन बीमा पॉलिसी में जोड़ा गया विशेष प्रावधान जिसके अंतर्गत यदि बीमादार पूर्ण अथवा स्थायी अपंगता का प्रमाण पत्र दे दे तो उससे बीमा-किश्त लेना बंद कर दिया जाता है और किन्ही मामलों में मासिक भत्ता भी दिया जाता है।
  • Disbursement -- संवितरण, बाँटना
लेखाविधि तथा प्रशासन के क्षेत्र में ‘संवितरण’ से तात्पर्य है नक़द भुगतान। ‘संवितरण’ शब्द ‘विनियोग’ और ‘व्यय’ दोनों से भिन्न है क्योंकि विनियोग भुगतान का सिर्फ प्राधिकरण है और व्यय है किसी देयता का अस्तित्व में आना।
  • Discharge -- दायित्व-मुक्ति
बिल, हुंडी आदि उधार-प्रपत्र की ऐसी अदायगी जिसके साथ प्रपत्र-धारक के सभी दावे समाप्त हो जाते हैं।
  • Discount -- बट्टा
वह राशि जो पेशगी काट दी जाए जैसे, कोई भुगतान लेने से पहले उसमें से अनुमत रक़म कम कर देना।
discount के प्रमुख प्रकारों के लिये दे. bank discount, cash discount, quantity discount, trade discount.
  • Discriminating monopoly -- भेदमूलक एकाधिकार
ऐसी बाज़ार-स्थिति जिसमें एकाधिकारी विभिन्न क्रेताओं से एक ही वस्तु की अलग-अलग क़ीमतें वसूल करता है। यह तभी संभव है जब (1) वस्तु तथा सेवाओं का सस्ते बाज़ार से महँगे बाज़ार में स्थानांतरण न हो सके; तथा (2) क्रेता महँगे बाज़ार से सस्ते बाज़ार में न आ सकें।
  • Discriminatory taxation -- भेदमूलक कराधान
किसी उद्योग विशेष को प्रतियोगिता-क्षम बनाने के लिये किसी अन्य उद्योग पर लगाया जाने वाला कर। उदाहरणार्थ, भारत में हथकरघा कपड़े के हित में मिलों में बने कपड़े पर लगाया जाने वाला कर।
  • Dishonour -- नकार, अस्वीकृति
सामान्यतः किसी दावे अथवा दायित्व को पूरा करने से इंकार करना; विशेष रूप से, किसी हुंडी, चैक, रुक़्क़े अथवा अन्य उधार-प्रपत्र का भुगतान करने से मुकरना अथवा प्रस्तुत किये जाने पर सकारने से इंकार करना।
  • Disinflation -- विस्फीति
स्फीति के विरुद्ध राजकोषीय एवं मौद्रिक उपाय अपनाकर क़ीमत स्तर को नीचा करना।
  • Disinvestment -- विनिवेश
पूँजी के अवक्षयण या मूल्यह्रास की क्षतिपूर्ति न करना अथवा पहले से किए गए निवेश को वापिस ले लेना। ‘विनिवेश’ के कारण कुल पूँजी में कमी आ जाती है।
समान. negative investment
  • Display -- सज्जा, सजावट
इश्तिहार अथवा समाचार-पत्र विज्ञापन में दिए गए चित्र, शीर्ष या आकर्षक उपवाक्य; दुकान के शो केस में प्रदर्शित वस्तुएँ, मॉडल आदि।
  • Dissaving -- निर्बचत
वह स्थिति जिसमें आय की अपेक्षा व्यय अधिक होता हैं। स्फीति के दौरान ऐसा विशेषतः होता है क्योंकि कुछ व्यक्ति अपनी बचत का आश्रय लेकर या ऋण लेकर अपने जीवन-स्तर को पूर्ववत् ही बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
  • Dissolution -- विघटन
किसी संविदा अथवा अनुबंध को संविदागत पक्षों की सहमति अथवा कार्रवाई द्वारा तोड़ना अथवा निरस्त करना जैसे, किसी फ़र्म साझेदारी का समापन।
  • Distress sale -- आपात-बिक्री
अ – मंदी की आशंका से व्यापारियों द्वारा माल काटना।
आ – दिवालिया हो जाने अथवा दुकान उठाने की स्थिति में माल अथवा परिसंपत्तियों को औने-पौने बेचना।
  • Diversification -- विविधीकरण, विशाखन
अ – एक ही कंपनी द्वारा विभिन्न प्रयोगों में आने वाली और विभिन्न बाज़ारों में बिकनेवाली बहुत-सी वस्तुओं का एक साथ उत्पादन।
आ – निवेश के संदर्भ में : विविध कंपनियों की प्रतिभूतियों में धन लगाना ताकि पूँजी डूबने की जोखिम बँटी रहे और उससे मिलने वाला प्रतिफल अधिकतम हो सके।
  • Dividend -- लाभांश
कंपनी के मुनाफ़े का वह हिस्सा जिसे शेयरधारियों की सामान्य सभा में उनके बीच बाँटने का निश्चय किया गया हो।
  • Dividend less tax -- दत्तकर लाभांश
वह लाभांश जिस पर आयकर की कटौती पहले ही कर ली गई है।
  • Documentary bill -- प्रलेखी बिल, प्रलेखी हुंडी
ऐसा विनिमय-पत्र या हुंडी जिसके साथ बिल्टी अथवा लदान-पत्र आदि संलग्न हों।
तुल. दे. clean bill
  • Document of title -- स्वत्व प्रलेख, हक़दारी प्रलेख
विक्रेता अथवा वाहक के दस्तख़तों से युक्त कागज़ जिसके द्वारा क्रेता को उसमें उल्लिखित वस्तु के स्वामित्व का अधिकार दिया जाता है।
  • Documents against acceptance (D/A) -- सकारने पर प्रलेख सुपुर्दगी
माल-बिक्री के संदर्भ में प्रयुक्त अभिव्यक्ति जिसके अनुसार क्रेता को हुंडी सकारने पर ही माल के स्वत्व-प्रलेख दिए जाते हैं। यह हुंडी मियादी होती है।
तुल. दे. documents against payment (D/P)
  • Documents against payment (D/P) -- अदायगी पर प्रलेख सुपुर्दगी, भुगतान पर प्रलेख सुपुर्दगी
माल-बिक्री के संदर्भ में प्रयुक्त अभिव्यक्ति जिसके अनुसार क्रेता को माल के स्वत्व-प्रलेख हुंडी का भुगतान करने पर ही दिए जाते हैं। यह हुंडी दर्शनी होती है।
तुल. दे. documents against acceptance (D/A)
  • Domestic bill -- देशीय बिल
ऐसा ड्राफ़्ट अथवा हुंडी जो जिस देश में काटी गई है उसी में उसका भुगतान किया जाना है।
तुल. दे. foreign bill
  • Double entry system -- दोहरी प्रविष्टि पद्धति, दोहरी खतान पद्धति
बहीखाता अथवा हिसाब-किताब रखने का एक तरीक़ा जिसके अनुसार प्रत्येक लेनदेन को दो लेखाओं में दर्ज किया जाता हैं – एक में जमा की तरफ़ और दूसरे नामे की तरफ़। उदाहरणतः बिक्री के सौदे को ग्राहक के लेखे में नामे की ओर और बिक्री-लेखे में जमा की ओर दिखाया जाएगा। इस पद्धति के पीछे सिद्धांत यह है कि लेनदेनों के दो पहलू होते हैं जैसे, आय और व्यय, परिसंपत्ति और देयता।
तुल. दे. single entry system
  • Double option -- नज़राना
शेयर अथवा सट्टा बाज़ार में अगाऊ सौदों की तेजी तथा मंदी खाने की प्रक्रियाओं का मिलाजुला रूप जिसके अंतर्गत सौदा करने वाला किसी निश्चित अवधि के दौरान एक निश्चित क़ीमत पर उस जिन्स अथवा शेयर विशेष को ख़रीदने अथवा बेचने दोनों का वायदा कर लेता है और दूसरा पक्ष इसके लिए सहमत हो जाता है।
समान. straddle
  • Down payment -- तत्काल अदायगी
किराया-ख़रीद प्रणाली के अंतर्गत क्रेता द्वारा किया जाने वाला पहला भुगतान जिसके फलस्वरूप सौदा पक्का मान लिया जाता है और क्रेता को संपत्ति का क़ब्ज़ा मिल जाता है।
  • Drawback -- चुंगी वापसी, फिरती
अ – सामान्यतः किसी शुल्क को वसूलने के बाद रियायतन उसे शुल्कदाता को लोटाना।
आ – ऐसे आयातित माल पर लगे शुल्क की वापसी जिसे पुनर्निर्यात के विचार से मँगाया गया हो और अब विदेश रवाना किया जा रहा हो।
इ – नगरपालिका द्वारा लौटाई गई वह रक़म जो उसकी सीमा में से गुज़रने वाले माल पर चुंगी के रूप में ले ली गई हो पर बाद में इसलिए वापिस की जा रही हो कि माल उस नगर में बेचने के लिए नहीं अपितु वहाँ से होते हुए कहीं और ले जाने के लिए लाया गया था।
ई – जहाज़रानी के संदर्भ में : लदानकर्ता से गलती से ले लिए गए अधिक किराए की वापसी।
  • Drawee -- अदाकर्ता
वह व्यक्ति अथवा बैंक जिसे किसी चैक, ड्राफ़्ट, बिल अथवा हुंडी का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। चैक तथा ड्राफ़्ट का अदाकर्ता पक्ष बैंक और हुंडी आदि का अदाकर्ता वह पक्ष होता है जिस पर हुंडी की गई है।
  • Drawee in case of need -- विकल्पी अदाकर्ता
विनिमय-पत्र में कभी-कभी इस बात की व्यवस्था होती है कि यदि अदाकर्ता उसे नकार दे तो विनिमय-पत्र का धारक उसे अन्य निर्दिष्ट पक्ष को पेश करके अदायगी की माँग कर सकता है। यह अन्य पक्ष विकल्पी अदाकर्ता कहलाता है।
समान. alternative drawee
  • Drawer -- चैककर्ता, हुंडीकर्ता
चैक, ड्राफ़्ट, बिल अथवा हुंडी काटने वाला पक्ष जो अदाकर्ता को आदेश देता है कि वह उसमें कथित पक्ष अथवा उसके आदेशिती को प्रपत्र में उल्लिखित रक़म का भुगतान कर दे।
  • Dumping (the market) -- (बाज़ार) पाटना
बाज़ार में प्रभुत्व स्थापित करने के लिए किसी वस्तु को बहुत बड़ी मात्रा में और बहुत सस्ते दामों पर बेचना। यह प्रक्रिया अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में विशेष रूप से अपनाई जाती है जबकि एक देश अपने यहाँ के माल को विदेश में लागत से भी कम मूल्य पर बेचकर वहाँ के बाज़ार पर छा जाता है।
  • Duty -- शुल्क
किसी वस्तु के उत्पादन, आयात अथवा निर्यात पर सरकार द्वारा लयाया जाने वाला कर।
duty के प्रमुख प्रकारों के लिये दे. ad valorem duty, compensatory duty, compound duty, countervailing duty, differential duty, excise duty, export duty, preferential duty, protective duty, specific duty.
  • Earnest (=earnest money) -- बयाना, अग्रिम धन
संविदा करते समय प्रतिज्ञाकर्ता द्वारा अपनी सदाशयता और सामर्थ्य के प्रमाण के रूप में विक्रेता के पास जमा की जाने लावी धन-राशि। यदि क्रेता किसी कारण से अपना वायदा पूरा नहीं कर पाता तो प्रायः यह धन-राशि ज़ब्त कर ली जाती है।
  • Economic growth -- आर्थिक संवृद्धि
राष्ट्रीय आय में वृद्धि की दर राष्ट्र में उत्पादित होने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कुल मात्रा में वृद्धि की दर। किसी राष्ट्र की ‘आर्थिक संवृद्धि’ का माप उसके सकल राष्ट्रीय उत्पाद की वृद्धि-दर से होता है पर इससे भी श्रेष्ठ मापक है, प्रति व्यक्ति वास्तविक राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि की दर। कुछ अल्पविकसित देशों में उत्पादन-वृद्धि की अपेक्षा जनसंख्या-वृद्धि की दर अधिक होने के कारण प्रतिव्यक्ति आर्थिक संवृद्धि-दर ऋणात्मक हो जाती है और औसत व्यक्ति का जीवन-स्तर गिर जाता है।
  • Economic planning -- आर्थिक आयोजन
निर्दिष्ट समय के भीतर निश्चित ध्येयों की प्राप्ति के लिए आर्थिक शक्तियों का युक्तिपूर्ण कार्यान्वयन। इसका अर्थ है सीमित आर्थिक साधनों के वैकल्पिक उपयोगों की इस प्रकार व्यवस्था करना कि उनके द्वारा संतुष्टि अधिकतम बनी रहे। आर्थिक आयोजन के अंतर्गत किसी पूर्वनिश्चित ध्येय की प्राप्ति के लिए सीमित साधनों के संबंध में चुनाव करना पड़ता है। व्यक्ति, व्यापारिक फ़र्म और उद्योग भी अपने आर्थिक साधनों पर नियंत्रण रख सकते हैं परंतु इस प्रकार के नियंत्रण को मात्र व्यवसाय-प्रबंध या युक्तीकरण कहा जा सकता है। आधुनिक काल में आर्थिक आयोजन राज्य द्वारा किए गए आयोजन को ही कहा जाता है। राज्य इस प्रकार का नियंत्रण अर्थव्यवस्था के किसी एक अंग पर करे या समस्त अर्थव्यवस्था पर, इससे कोई अंतर नहीं पड़ता। आंशिक आर्थिक आयोजन प्रणाली का आश्रय प्रायः पूँजीवादी और मिश्रित अर्थव्यवस्था वाले देशों में लिया जाता है। पूँजीवादी देश मंदी और आर्थिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए कुछ विशेष प्रकार की अर्थिक नीतियाँ अपनाते हैं और मिश्रित अर्थव्यवस्था वाले देश अर्थव्यवस्था की आधारिक संरचना पर नियंत्रण रखते हैं। इससे विपरीत स्थिति साम्यवादी देशों की है। वहाँ सरकार संपूर्ण अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण रखती है। इस प्रणाली को पूर्ण आर्थिक प्रायोजन कहा जाता है।
  • Economic sanctions -- आर्थिक शास्तियाँ
किसी दूसरे देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के उद्देश्य से कुछ आर्थिक कार्यकलापों से संबंध में उठाए गए क़दम जैसे, उस देश के साथ व्यापार प्रतिषेध, उसके निवासियों द्वारा बैंक जमा निकालने पर रोक, आदि।
  • Economy -- अर्थव्यवस्था
किसी देश अथवा क्षेत्र विशेष के आर्थिक जीवन की संरचना; आर्थिक प्रणाली का कोई भेद।
economy के प्रकारों के लिए दे. closed economy, controlled economy, open economy, planned economy, unplanned economy.
  • Eleemosynary corporation -- दातव्य निगम
धर्मार्थ अथवा दानादि कार्यों में संलग्न निगम।
  • Embargo -- व्यापार-प्रतिषेध, घाटबंदी
अ – व्यापार, वाणिज्य अथवा ढुलाई पर सरकार द्वारा लगाई गई कोई पाबंदी।
आ – परिवहन कंपनियों द्वारा माल को ढुलाई के लिए स्वीकार करने से मना करना। वे ऐसा तब करती हैं जब उनके पास या तो माल का बोझ बहुत ज्यादा हो या यातायात में कोई कठिनाई हो या हड़ताल चल रही हो।
  • Eminent domain -- अभिग्रहण अधिकार
सरकार अथवा सरकार द्वारा स्थापित किसी प्राधिकरण की लोगों की संपत्ति को अपने स्वामित्व में लेने की शक्ति जिसका प्रयोग प्रायः सार्वजनिक हित में किया जाता है।
  • End money -- अंतोपयोगी द्रव्य
वह आरक्षित निधि जो इस उद्देश्य से बनाई जाती है कि यदि किसी परियोजना की वास्तविक लागत प्राक्कलित लागत से अधिक बैठे तो अतिरिक्त लागत इस निधि से ली जा सके।
  • Endorsement -- पृष्ठांकन, बेचान
अ – स्वत्वाधिकार के अंतरण का एक तरीक़ा जिसके अनुसार अंतरण करनेवाला व्यक्ति बिल, हुंडी, चैक अथवा अन्य दस्तावेज़ की पीठ अथवा हाशिए पर अंतरिती (transferee) का नाम लिखकर या वैसे ही अपने हस्ताक्षर कर देता है।
endorsement के प्रमुख प्रकारो के लिए दे. blank endorsement, conditional endorsement, restrictive endorsement, special endorsement.
आ – बीमा पॉलिसी में कोई परिवर्तन, संशोधन आदि करने के लिए नत्थी किया जानेवाला फ़ार्म। इस फ़ार्म पर संशोधन की शर्ते लिखी होती हैं, और उस पर कंपनी के अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक हैं।
  • Endowment insurance -- बंदोबस्ती बीमा
ऐसा जीवन बीमा जो प्रायः एक अवधि विशेष के लिये कराया जाता है। निश्चित अवधि के पूरा होने पर बीमे की राशि पॉलिसीधारक को अदा कर दी जाती है लेकिन यदि अवधि पूरी होने से पहले ही पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए तो आगे कोई किश्तें नहीं ली जातीं और बीमे की रक़म नामिती या समनुदेशिती को दे दी जाती है।
  • Enterprise -- उद्यम
अ – उत्पादन का वह कारक जो जोखिम उठाता है।
आ – फ़र्म अथवा कंपनी के लिए वैकल्पिक नाम।
  • Entrepot trade -- पुनर्निर्यात व्यापार
किसी देश द्वारा दूसरे देशों से आयातित कच्चे माल अथवा अर्धनिर्मित माल को फ़िनिशिंग, पैकिंग आदि के बाद अन्य देशों को निर्यात करना। इस प्रकार का व्यापार वही देश कर पाते हैं जिनके पास ऐसे बड़े पत्तन हैं जहाँ से काफ़ी बड़े क्षेत्र को माल भेजना संभव है।
  • Equitable mortgage -- साम्यिक बंधक
ऋणी द्वारा क़र्ज की ज़मानत के तौर पर उधारदाता के पास किसी संपत्ति के कागज़ात जमा कराना ही उस संपत्ति का ‘साम्यिक बंधक’ है। इसमें ऋणी द्वारा उधारदाता को कोई अधिकार-प्रलेख (documents of charge) नहीं दिए जाते। अतः उधारदाता का उस संपत्ति पर क़ानूनी अधिकार नहीं होता। हाँ, ऋण की चुकौती न हो पाने पर उधारदाता अदालत के ज़रिए संपत्ति को कब्जे में लेने की माँग कर सकता है।
  • Equity -- ईक्विटी
कंपनी के शेयरधारियों का स्वामित्व-हित। यह प्रदत्त-पूँजी, आरक्षित निधि और प्रतिधारित लाभों (retained profits) का योग होता है।
  • Equity share -- ईक्विटी शेयर
अधिमान शेययों को छोड़कर बाक़ी सब शेयर। इन्हें मूल्यह्रास, आरक्षित निधि, और अधिमान शेयरों (यदि हों) पर लाभांश के लिए प्रावधान किए जाने के बाद बचे लाभ में से लाभांश मिलता है।
  • Escrow -- निलंब संपत्ति
एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष को इस शर्त के साथ सौंपी गई कोई संपत्ति कि वह तीसरे पक्ष द्वारा कतिपय विशिष्ट दायित्व पूरे किए जाने पर ही उसे यह संपत्ति सौंपेगा।
  • European Common Market (E.C.M) -- यूरोपीय साझा बाज़ार
रोम संधि, 1957, के आधार पर स्थापित कतिपय यूरोपीय देशों (फ्रांस, इटली, जर्मनी, बेल्जियम, नीदरलैन्ड तथा लक्समबर्ग) की संस्था। अब इनमें इंग्लैन्ड, आयरलैन्ड और डेनमार्क भी शामिल हो गए हैं। इसकी स्थापना का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच के प्रशुल्क-रोधों को अंततः समाप्त करना, सदस्येतर देशों की वस्तुओं पर एक जैसा आयात-शुल्क लगाना तथा आपसी हित की अन्य अर्थिक नीतियों का निर्धारण करना है।
समान. European Economic community
European Economic Community (E.E.C.) यूरोपीय आर्थिक समुदाय
दे. European Common Market
  • Exchange control -- विनिमय-नियंत्रण, विदेशी मुद्रा नियंत्रण
विदेशी मुद्रा के निजी और संस्थागत लेन-देनों पर सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियाँ। ये विदेशी मुद्रा के नियतन और उसके बहिर्वाह एवं अंतर्वाह के नियमन के रूप में लगाई जाती हैं।
  • Exchange rate -- विनिमय-दर
वह दर जिस पर एक देश की मुद्रा किसी दूसरे देश की मुद्रा में बदली जा सकती है।
  • Excise duty -- उत्पादन शुल्क
देश में उत्पादित कतिपय वस्तुओं (सिगरेट, शराब, कपड़ा, बिजली के उपकरण आदि) की बिक्री पर लगाया जाने वाला शल्क। यह प्रायः विनिर्माण के चरण पर लगाया जाता है पर माल की बिक्री के समय विक्रेता इसे क़ीमत मे जोड़ देता है। इस प्रकार, इसका करापात (incidence) क्रेता पर होता है।
  • Ex-dividend -- लाभांश रहित
लाभांश के हक़ के बिना शेयर बेचते समय विक्रेता यह शर्त लगाता है कि उस पर मिलने वाला अगला लाभांश, जो घोषित हो चुका है, वह स्वयं लेगा, क्रेता नहीं।
तुल. दे. cum dividend
  • Ex-gratia payment -- अनुग्रही अदायगी
ऐसे भुगतान जिन्हें क़ानूनी बाध्यता के कारण नहीं बल्कि कृपाभाव से किया जाता है। उदाहरण के लिए, पेंशन का हक़दार न होने पर भी किसी कर्मचारी को कार्य-निवृत्त होने पर कुछ पेंशन दे देना या किसी दुर्घटना आदि की सूरत में मृतकों के परिवारों के बीच इकमुश्त रक़में बाँटना।
  • Expense ratio -- व्यय अनुपात
बीमा कंपनी द्वारा किए गए समग्र व्यय (जिनमें क्षति के लिए किए गए भुगतान भी शामिल हैं ) तथा बीमा-किश्तों से प्राप्त कुल रक़म का अनुपात।
  • Export credit -- निर्यात-उधार
बैंक अथवा किसी विशिष्ट सरकारी संस्था द्वारा लदान बिल्टी अथवा अन्य प्रपत्रों के आधार पर निर्यातक के पक्ष में खोला गया उधार-खाता। निर्यातक इस खाते में से निर्यात-मूल्य के बराबर की रक़म तत्काल निकाल सकता है और उसे विदेशी ख़रीदार से भुगतान मिलने तक प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह सुविधा निर्यात संवर्धन के उपायों में से एक है।
  • Export duty -- निर्यात-शुल्क
देश से बाहर माल भेजने पर सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर।
  • Export licence -- निर्यात लाइसेन्स
निर्दिष्ट वस्तु का किसी देश विशेष को निर्यात करने के लिए निर्यातकर्ता को जारी किया जानेवाला अनुमति-पत्र। यह अनुमति देश की केंद्रीय सरकार देती है और इसका उद्देश्य विदेश व्यापार पर नियंत्रण रखना होता है।
  • Export subsidy -- निर्यात इमदाद
निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता। प्रायः यह सहायता देश के निर्यात में वृद्धि लाने के लिए दी जाती है।
  • Express acceptance -- अभिव्यक्त सकार, अभिव्यक्त स्वीकृति
किसी अनुबंध अथवा संविदा को मौखिक अथवा लिखित रूप में स्वयं अथवा अपने अभिकर्ता के जरिए स्वीकार करना।
  • Ex-rights -- अधिकार रहित
शेयर बाज़ार की अभिव्यक्ति जिसके अनुसार किसी कंपनी के वर्तमान शेयर बेचते समय विक्रेता उसके नए शेयरों में आनुपातिक अभिदान के अधिकार को अपने पास ही रखता है- ये अधिकार क्रेता को नहीं दिए जाते।
तुल. दे. cum rights
  • Favourable balance of trade -- अनुकूल व्यापार-शेष
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में किसी देश की ऐसी स्थिति जिसमें उसके द्वारा निर्यातित माल का मुद्रा-मूल्य उसके द्वारा आयातित माल के मुद्रा-मूल्य से अधिक हो।
समान. active trade balance
तुल. दे. unfavourable balance of trade
  • Final accounts -- अंतिम लेखे
पिछली लेखा-अवधि में प्रतिष्ठान की लाभ-हानि और अद्यतन आर्थिक स्थिति जानने के लिए तैयार किए गए लेखे और विवरण। इसमें विनिर्माण लेखा, व्यापार लेखा, लाभ-हानि लेखा, लाभ-हानि विनियोजन लेखा और तुलन-पत्र सम्मिलित किए जाते हैं।
  • Final goods -- अंतिम वस्तुएँ
वे उत्पाद जिनका क्रय अंतिम उपयोग या उपभोग के लिए किया जाता है न कि पुनः विक्रय या विनिर्माण के लिए।
तुल. दे. intermediate goods
  • Fire insurance -- अग्नि बीमा
संपत्ति बीमा का एक रूप जिसके अनुसार पॉलिसीधारक की संपत्ति को आग लगने अथवा बिजली गिरने से हुई हानि अथवा क्षति के लिए मुआवज़ा दिया जाता है।
  • First in, first out method =(fifo method) -- क्रय-क्रम मूल्यन विधि, प्रथम आवक प्रथम जावक मूल्यन विधि, फिफो विधि
माल के मूल्यन की एक विधि जिसके अंतर्गत यह मान लिया जाता है कि जो माल पहले ख़रीदा गया था वही पहले बिका और जो माल शेष रह गया है वह बाद में ख़रीदी गई खेपों का है इसलिए स्टॉक पड़ताल के समय उसका मूल्यन बाद की क़ीमतों के आधार पर ही किया जाएगा।
तुल. दे. last in, first out method
  • Fiscal policy -- राजकोषीय नीति
कराधान, लोक ऋण, लोक विनियोजन, सार्वजनिक व्यय आदि के संबंध में सरकारी नीति। यह नीति बजट बनाते समय अपनाई जाती है और इसका प्रभाव समस्त अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
  • Fixed asset -- स्थायी परिसंपत्ति
दीर्घकाल तक काम देने वाली ऐसी मूर्त संपत्ति जिसके पुनर्विक्रय की वर्तमान लेखा-वर्ष में कोई योजना न हो। जैसे, संयंत्र और फ़ैक्टरी की इमारत।
  • Fixed capital -- स्थायी पूँजी
प्रतिष्ठान की वह पूँजी जो स्थायी परिसंपत्तियों में निविष्ट है। उदाहरण के लिए, भूमि, भवन, संयंत्र, उपस्कर आदि।
तुल. दे. circulating capital
  • Fixed cost -- बँधी लागत, नियत लागत
दे. constant cost
  • Fixed debt -- दीर्घकालीन ऋण
ऐसे कर्ज़े जो ऋण-प्रपत्रों के जरिए लंबी अवधि के वास्ते लिए जाते हैं।
  • Fixed deposit -- मियादी जमा, आवधिक जमा
दे. time deposit
  • Fixed liability -- नियत देयता
ऐसा दायित्व जिसकी अवधि एक वर्ष से अधिक हो, जैसे बंधक और मियादा कर्ज़।
  • Flat rate -- एक समान दर, सपाट दर, सामान्य रेट
अ – मात्रा-निरपेक्ष दर अर्थात् वस्तु कम ली जाए या अधिक, उसकी प्रति इकाई दर वही रहेगी।
आ – बिजली, पानी आदि के लिए सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा प्रति कनेक्शन वसूल की गई निश्चित रक़म। इसमें कनेक्शन के साथ मीटर नहीं लगाया जाता और उपभोक्ता नियत रक़म देकर वस्तु अथवा सेवा की चाहे जितनी मात्रा का उपयोग कर सकता है।
  • Floating capital -- अस्थायी पूँजी
ऐसी पूँजी-राशि जो कच्चे, अर्धनिर्मित या तैयार माल आदि में निविष्ट है और चालू वर्ष में ही किसी अन्य निवेश के लिए उपलब्ध हो सकेगी।
  • Floating debt -- अल्पकालीन ऋण
अल्पावधि के वास्ते लिए गए कर्जे।
  • Floating liability -- अस्थायी देयता
ऐसे दायित्व जिनका भुगतान प्रतिष्ठान की चालू लेखा-अवधि में ही करना है। वे बंधपत्र भी अस्थायी देयता ही हैं जिनका आंशिक या पूर्ण भुगतान चालू वर्ष के लाभों में से ही करना है किंतु जिनके लिए कोई निक्षेप-निधि नहीं बनाई गई है।
  • Forced sale -- जबरी बिक्री
डिगरी आदि किसी अदालती कार्रवाई अथवा सरकारी आदेश के अधीन तथा विक्रेता की सहमति के बिना की जाने वाली बिक्री। इस स्थिति में विक्रेता को प्रायः माल औने-पौने बेचना पड़ता है।
  • Forecasting -- पूर्वानुमान लगाना
व्यवसाय के क्षेत्र में विगत अनुभवों, उपयुक्त धारणाओं और वर्तमान तथा भविष्य की संभावनाओं पर भावी बिक्री, आय, लागत, पूँजी तथा श्रम संबंधी आवश्यकताओं आदि का अंदाज लगाना। इन्ही अनुमानों के आधार पर व्यवसायी उत्पादन मात्रा, माल संचय और क़ीमत आदि का निर्धारण करते हैं।
  • Foreign bill -- विदेशी बिल
वह बिल जो देशीय नहीं है। इसके निम्न प्रकार हो सकते हैं :–
(1) विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति के नाम भारत में लिखा गया बिल जिसकी अदायगी विदेश में होगी;
(2) भारत के बाहर लिखा गया बिल जिसकी अदायगी भी भारत के बाहर होगी;
(3) भारत के बाहर लिखा गया बिल जिसकी अदायगी भारत में होगी;
(4) भारत के बाहर रहने वाले व्यक्ति के नाम विदेश में लिखा गया बिल।
तुल. दे. domestic bill
  • Foreign exchange -- विदेशी मुद्रा
ऐसी समस्त मुद्रा और प्रपत्र आदि जिनके माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय भुगतान किए जाते हैं जैसे, विदेशी मुद्रा, ड्राफ्ट़, बिल आदि।
  • Foreign trade -- विदेश व्यापार
विभिन्न देशों के व्यापारियों अथवा सरकारों द्वारा आपस में वस्तुओं या सेवाओं का क्रय-विक्रय। यह द्विदेशीय भी हो सकता है और बहुदेशीय भी।
  • Forfeiture -- ज़ब्ती, समपहरण
शेयरधारी द्वारा माँग-राशि जमा न किए जाने पर शेयर का निरसन और उसकी अब तक प्रदत्त रक़म पर कंपनी का कब्ज़ा।
  • For value received -- मूल्य एवज़
अनुबंधों में प्रयुक्त एक वाक्यांश जिसका अर्थ है कि प्रतिज्ञाकर्ता को बदले में प्रतिफल की प्राप्ति हो चुकी है। यह आवश्यक नहीं है कि यह प्रतिफल द्रव्य के रूप में ही हो पर यह ऐसा जरूर होना चाहिए कि उसे द्रव्य के रूप में व्यक्त किया जा सके।
  • Forwarding agent (=forwarder) -- अग्रेषण-अभिकर्ता, अग्रेषण एजेन्ट
वह व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान जो माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने और उससे संबद्ध सेवाएँ जैसे भंडारण, पैकिंग आदि प्रदान करने का काम करता है।
  • Free alongside ship (F.A.S.) -- घाट तक निःशुल्क
निर्यात-व्यापार में किसी वस्तु की क़ीमत बताते समय इस अभिव्यक्ति के प्रयोग का अर्थ है कि जहाज़ तक माल को ढोने में जो ख़र्च आएगा उसे विक्रेता वहन करेगा (अर्थात् वे ख़र्च इस क़ीमत में शामिल कर लिए गए हैं) तथा माल को जहाज़ में लादने और उसके बाद के सभी परिवहन-व्यय क्रेता को स्वयं उठाने होंगे।
तुल. दे. free on board
  • Free goods -- 1. निःशुल्क माल, करमुक्त माल
2. नैसर्गिक वस्तुएँ, नैसर्गिक पदार्थ
1. निःशुल्क माल, करमुक्त माल : ऐसा माल जिसके आयात पर कोई ड्यूटी नहीं लगती।
2. नैसर्गिक वस्तुएँ, नैसर्गिक पदार्थ : वे वस्तुएँ जो आर्थिक दृष्टि से उपयोगी हैं पर प्रकृति ने उन्हें इतनी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध किया है कि वे हमें बिना क़ीमत अदा किए मनचाही मात्रा में मिल जाती हैं। उदाहरणार्थ, धूप, स्वच्छ वायु आदि।
  • Free of tax dividend -- करमुक्त लाभांश
ऐसा लाभांश जिसे देने से पहले कंपनी ने अपने समस्त लाभ पर आयकर की इकमुश्त अदायगी कर दी है।
वर्तमान आयकर अधिनियम के अनुसार अब कंपनियों को करमुक्त लाभांश देने की इजाज़त नहीं है।
  • Free on board (F.O.B.) -- पोत पर्यंत निःशुल्क
माल की क़ीमत बताते समय इस अभिव्यक्ति के प्रयोग का अर्थ है कि एक निर्दिष्ट स्थान पर माल को जहाज़ में लादने का ख़र्च तथा जहाज़ी भाड़ा विक्रेता वहन करेगा -उसके आगे के सभी ख़र्च क्रेता को उठाने होंगे।
तुल. दे. free alongside ship
  • Free on rail (F.O.R.) -- रेल पर्यंत निःशुल्क, बिल्टी-कट
माल की क़ीमत बताते समय इस अभिव्यक्ति का प्रयोग करने से आशय यह है कि क़ीमत में माल को रेल के डिब्बे में लादने तक के सभी ख़र्चे शामिल कर लिए गए हैं। इस प्रकार, इसमें पैकिंग, स्टेशन तक ढुलाई और रेल पर माल चढ़ाने का ख़र्च शामिल होता है। रेल भाड़े का भुगतान क्रेता को करना होता है।
तुल. दे. free on rail – destination
  • Free on rail – destination (F.O.R. Destination) -- गंतव्य स्टेशन मूल्य, रेल-भाड़ा मूल्य
इस क़ीमत में माल भेजने का भाड़ा भी सम्मिलित होता है।
तुल. दे. free on rail
  • Free port -- मुक्तपत्तन, निःशुल्क पत्तन
ऐसा पत्तन जहाँ पुनर्निर्यात के लिए आए माल पर शुल्क नहीं लगाया जाता। इससे शुल्क वापसी की कार्यवाही करने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • Free time -- अनुमत समय, समय छूट
डिब्बा भर माल पर परेषक को लदाई के लिये और परेषिती को उतराई के लिए दिया गया समय। इस अवधि के बाद विलंब शुल्क (डेमरेज) लगने लगता है।
  • Freight -- भाड़ा, माल भाड़ा, ढुलाई; माल
भाड़ा, माल भाड़ा, ढुलाई : माल को एक जगह से दूसरी जगह लाने-ले जाने के लिए वाहक द्वारा लदानकर्ता से वसूल किया गया प्रभार।
माल : वाहक द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान को ढोया जाने वाला सामान।
  • Freight revenue -- भाड़ा-आय
परिवहन प्रतिष्ठान को ढुलाई से प्राप्त होने वाली आमदनी।
  • Fringe benefits -- अनुषंगी हितलाभ
नियोजक द्वारा कर्मचारी को नियमित वेतन के अतिरिक्त प्रदान की जाने वाली मौद्रिक तथा अमौद्रिक सुविधाएँ। ये सुविधाएँ बीमा, वाहन, अल्पाहार, चिकित्सा आदि अनेक प्रकार की हो सकती हैं।
  • Full coverage -- पूर्ण बीमा-संरक्षण
बीमा का एक प्रकार जिसमें पॉलिसी में उल्लिखित ख़तरों से हानि अथवा क्षति होने पर बीमादार को बीमे की पूरी रक़म की सीमा तक मुआवज़ा देने की व्यवस्था होती है।
  • Funded debt -- निधिक ऋण
बंधपत्र या प्रतिभूतियाँ जारी करके लिया गया ऐसा ऋण जो भविष्य की किसी नियत तिथि को चुकाया जाएगा। ऐसा प्रायः किसी वर्तमान देयता को चुकाने या अल्पकालीन ऋण को दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित करने के उद्देश्य से किया जाता है।
  • Futures -- भावी सौदे, फ़्यूचर्स
क्रय-विक्रय के ऐसे सौदे जिनके अंतर्गत जिन्स की मात्रा, उसकी क़िस्म, क़ीमत तथा भविष्य की सुपुर्दगी-तिथि सौदे के समय तय कर ली जाती है। ये सौदे पेशबंदी के उद्देश्य से किए जाते हैं।
  • Galloping inflation -- द्रुत स्फीति
दे. hyper inflation
  • General acceptance -- सामान्य सकार, सामान्य स्वीकृति
ऋणी पक्ष द्वारा बिना किसी शर्त या प्रतिबंध के बिल अथवा हुंडी स्वीकार कर लेना।
समान. absolute acceptance, clean acceptance
  • General average -- सामान्य बीमाक्षति
समुद्र-यात्रा के दौरान तूफ़ान अथवा अन्य कोई आपदा आ जाने पर जहाज़ और उस पर लदे अधिकतम माल को बचाने के लिए यदि कुछ माल फेंकना पड़ जाए तो उसकी क्षति सभी लदानकर्ताओं और पोतस्वामी द्वारा अपने-अपने हित के अनुपात में बाँट ली जाती है। चूँकि व्यवहार में यह बँटवारा संबद्ध पक्षों के बीमाकर्ताओं के बीच होता है अतः इसे ‘सामान्य बीमाक्षति’ कहा जाता है।
तुल. दे. particular average
  • General endorsement -- सामान्य बेचान, सामान्य पृष्ठांकन
दे. blank endorsement
  • Gestation period -- पक्वनावधि
किसी संयंत्र की स्थापना के आरंभ और उससे उत्पादन-प्रवाह प्रारंभ होने के मध्य की अवधि।
  • Glut -- भरमार
बाज़ार में किसी वस्तु का बहुतायत से उपलब्ध होना। इस स्थिति में माँग की अपेक्षा पूर्ति बहुत अधिक होती है और बाज़ार उस वस्तु से पट जाता है।
  • Gold reserve -- स्वर्ण रिज़र्व, स्वर्ण आरक्षण
देश में जारी की गई मुद्रा की प्रत्याभूति के रूप में रखा जाने वाला सोने का स्टॉक। इसकी मात्रा स्थिर भी हो सकती है और आनुपातिक भी।
  • Goodwill -- सुनाम
किसी व्यवसाय अथवा फ़र्म को अपनी लाभक्षमता, प्रबंधपटुता, ईमानदारी, अनुकूल अवस्थिति आदि से मिलने वाले फ़ायदों का द्रव्य में व्यक्त मूल्य। ‘सुनाम’ का मूल्य निरूपण प्रायः तभी किया जाता है जबकि प्रतिष्ठान के संघटन में कोई परिवर्तन हो रहा हो। आकलन का आधार प्रायः प्रतिष्ठान के गत वर्षों के अधिलाभ की राशियाँ होती हैं।
  • Grace period -- छूट-अवधि, रियायती दिन
किसी दायित्व को पूरा करने अथवा देयता का भुगतान करने की अंतिम तिथि के बाद दिए गए कुछ दिन जिनके गुज़र जाने पर ही जुर्माना अथवा दंड-ब्याज वसूल किया जाता है। उदाहरण के लिए, परक्राम्य प्रपत्रों की अदायगी के लिए परिपक्वता तिथि के बाद तीन दिन का समय और दिया जाता है।
  • Gresham’s law -- ग्रेशम नियम
मुद्रा-प्रचलन का एक नियम जिसके अनुसार ख़राब अथवा निकृष्ट मुद्रा अच्छी अथवा उत्कृष्ट मुद्रा को प्रचलन से बाहर कर देती है क्योंकि लोगों में यह आम प्रवृत्ति होती है कि यदि अच्छे और घिसे-पिटे दोनों प्रकार के सिक्के या नोट प्रचलन में हों तो वे अपेक्षाकृत नए सिक्कों या नोटों का संग्रह कर लेते हैं और पुराने सिक्के या नोटों को ख़र्च करते हैं।
  • Gross national product -- सकल राष्ट्रीय उत्पाद
किसी देश द्वारा एक निश्चित अवधि (प्रायः एक वर्ष) के दौरान उत्पादित समस्त वस्तुओं और सेवाओं के बाज़ार-मूल्य का योग। इसमें उन वस्तुओं और सेवाओं का अनुमानित मूल्य भी शामिल किया जाता है जो बाज़ार में विक्रयार्थ नहीं आतीं। उदाहरण के लिये, किसान द्वारा अपने परिवार के उपभोग के लिए पैदा किया गया अनाज, गृहस्वामिनी द्वारा की गई परिवार की सेवाचर्या, मकान मालिकों द्वारा अपने रहने के लिए इस्तेमाल किए गए मकान आदि।
सकल राष्ट्रीय उत्पाद’ में केवल अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य सम्मिलित किया जाता है। जैसे, तैयार कपड़े का मूल्य लगाया जाएगा- कपास और उसकी कताई, बुनाई, रँगाई वगैरह अलग से नहीं लगाई जाएँगी।
  • Gross profit -- सकल लाभ
बिक्री से प्राप्त रक़म और विक्रीत माल की लागत का अंतर।
  • Group life insurance -- समूह जीवन बीमा
कारख़ाने, प्रतिष्ठान आदि में काम करने वाले कर्मचारियों के किसी वर्ग को सामूहिक रूप से दिया गया बीमा-संरक्षण। इसमें बीमादारों की अलग-अलग डाक्टरी जाँच नहीं कराई जाती। बीमा-संरक्षण एक मुख्य पॉलिसी द्वारा, जो प्रायः नियोजक के नाम जारी की जाती है, दिया जाता है और उस समूह के प्रत्येक सदस्य को बीमे के प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाते हैं।
  • Group rate -- समूह-दर
अ – बहुत से स्थानों के अथवा एक समूचे क्षेत्र विशेष के लिए किराए की एक दर। लंबी दूरी के यातायात में इसका विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।
आ – एक लदान की विभिन्न वस्तुओं के लिए लागू की गई एक ही भाड़ा दर।
  • Guarantee -- प्रत्याभूति, गारन्टी
अ – संविदा में दिए किसी आश्वासन का परिपालन कराने तथा परिपालन न होने की दशा में खुद उसकी जिम्मेदारी लेने अथवा उससे होनो वाली हानि की भरपाई करने का वायदा।
आ – विनिर्माता द्वारा स्वनिर्मित वस्तु की प्रामाणिकता, उसके टिकाऊपन अथवा उसके एक उल्लिखित अवधि तक ठीक प्रकार से काम करते रहने का ग्राहक को दिया गया आश्वासन।
  • Hall mark -- प्रामाणिकता चिह्न
अ – सोने-चाँदी आदि से बनी चीज़ों पर उसके खरेपन का सबूत देने के लिए निर्माता या पारखी द्वारा लगाई गई मुहर।
आ – विक्रयार्थ वस्तु पर विनिर्माता द्वारा लगाई गई मुहर जो इस बात की पुष्टि करती है कि अमुक वस्तु की गुणवत्ता वही है जो कही गई है अथवा जिसका दावा किया गया है।
  • Hard currency -- दुर्लभ मुद्रा, दुर्लभ करेन्सी
ऐसी मुद्रा जिसकी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाज़ारों में पूर्ति में पूर्ति की अपेक्षा माँग कहीं ज्यादा हो और जो स्वर्ण में परिवर्तनीय हो।
तुल. दे. soft currency
  • Hazard -- खतरा
बीमाकृत संपत्ति अथवा माल से संबद्ध अथवा उसके आसपास अवस्थित ऐसे संकट जो उस संपत्ति अथवा माल को हानि पहुँचा सकते हैं या उसे क्षतिग्रस्त कर सकते हैं। बीमा पॉलिसी में उस ख़तरे अथवा ख़तरों का स्पष्ट उल्लेख होता है जिनके विरूद्ध संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
  • Heavy industry -- भारी उद्योग
वज़नी और बड़े आकार की चीज़ों का उत्पादन करने वाले ऐसे उद्योग जिनमें बहुत अधिक निवेश अपेक्षित होता है। जैसे, परिवहन उपस्कर, भारी मशीन, सीमेन्ट, धातु आदि के उद्योग।
  • Hedging contract -- प्रतिरक्षा संविदा, पशबंदी संविदा
जिन्स अथवा प्रतिभूति व्यापार में संभावित हानि से बचने और उसकी भरपाई करने का एक उपाय। इसके अंतर्गत व्यापारीं वायदा सौदों द्वारा जिन्स अथवा प्रतिभूतियों की क़ीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव तथा उससे उत्पन्न हानि से अपनी रक्षा करता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई तेल मिल हाज़िर में तिलहन ख़रीद ले और भविष्य में उसकी क़ीमत गिरने की आशंका हो तो वह वायदा बाज़ार में तिलहन की बिकवाली कर देगा। यदि वास्तव में क़ीमत में गिरावट आ गई तो वायदा सौदे में उसे जो लाभ होगा उससे वह हाज़िर सौदे होने वाली हानि को पूरा कर लेगा।
  • Hidden reserve -- प्रच्छन्न आरक्षित निधि, प्रच्छन्न संचिति, प्रच्छन्न रिज़र्व
परिसंपत्तियों के अधोमूल्यन, अत्यधिक मूल्यह्रास के प्रावधान अथवा देयताओं के अधिमूल्यन के द्वारा बनाई गई निधियाँ जो प्रतिष्ठान के वित्तीय विवरण के अवलोकन मात्र से प्रकट नहीं होतीं।
  • Hire purchase -- किराया-ख़रीद
किसी वस्तु को खरीदने की एक विधि जिसके अनुसार वस्तु की क़ीमत के कुछ अंश का तत्काल भुगतान करना होता है और शेष क़ीमत को नियत अंतराल की किश्तों में बाँट दिया जाता है। इस अवधि के दौरान वस्तु का कब्ज़ा तथा उपभोगाधिकार क्रेता का रहता है किंतु अंतिम किश्त की अदायगी तक स्वामित्व विक्रेता अपने पास ही रखता है।
  • Holder for value -- मूल्यार्थ धारक
वह व्यक्ति जिसके कब्ज़े में कोई ऐसा बिल या हुंडी है जिसके एवज़ में पहले कोई मूल्यवान वस्तु या सेवा प्रदान की जा चुकी है। यह आवश्यक नहीं है कि वह वस्तु या सेवा स्वयं ‘मूल्यार्थ धारक’ ने ही प्रदान की हो।
  • Holder in due course -- यथाविधि धारक
वह व्यक्ति (1) जिसके कब्जें में कोई वाहक-देय परक्राम्य प्रपत्र है या जो किसी परक्राम्य प्रपत्र का आदाता या पृष्ठांकिती है; (2) इस प्रपत्र की परिपक्वता तिथि अभी नहीं बीती है; (3) यह प्रपत्र उसे मूल्यवान प्रतिफल के रूप में मिला हैं; और (4) उसके पास यह मानने का कोई पर्याप्त कारण नहीं है कि जिस व्यक्ति से यह प्रपत्र अंतरित होकर आया है उसका इस पर अधिकार सदोष था।
  • Holding company -- नियंत्रक कंपनी
ऐसी कंपनी जिसका –
1. किसी अन्य कंपनी (अर्थात् नियंत्रित कंपनी) के निदेशक-मंडल के गठन पर नियंत्रण; या
2. उसकी (नियंत्रित कंपनी की) कुल मतदान-शक्ति के आधे से अधिक पर नियंत्रण हो और जिसमें 1 अप्रैल 1956 से पूर्व जारी किए गए अधिमान शेयरों के धारकों के मताधिकार ईक्विटी शेयरधारकों के ही समान हों; या
3. नियंत्रित कंपनी की ईक्विटी शेयर पूँजी के अंकित मूल्य के आधे से अधिक पर स्वामित्व हो (यह प्रावधान उन मामलों में लागू होता है जहाँ कि नियंत्रित कंपनी स्वयं किसी अन्य कंपनी का नियंत्रण करती हो)।
  • Hull policy -- पोतकाय पॉलिसी
नौवहन और वायुवहन बीमा के क्षेत्र में पोत अथवा जहाज़ के ढाँचे, उसकी मशीनरी तथा उपस्करों को बीमा-संरक्षण प्रदान करने वाली पॉलिसी।
  • Hyper inflation -- अतिस्फीति
अत्यधिक मुद्रा-प्रसार के कारण क़ीमतों में इतनी भारी तथा लगातार वृद्धि कि मुद्रा की कोई अहमियत ही न रह जाए। युद्ध अथवा क्रांतियों से उत्पन्न परिस्थितियाँ प्रायः ऐसी भीषण स्थिति को जन्म देती हैं। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी आदि देशों में और हाल ही में चिली देश में ऐसी ही हालत हो गई थी।
समान. galloping inflation, runaway inflation
  • Hypothecation of goods -- माल रेहन रखना, माल बंधक रखना
माल की सांपार्श्विक प्रतिभूति प्रदान करने की विधि जिसमें संपत्ति का स्वामित्व और कब्ज़ा, दोनों ऋणी के पास ही रहते हैं। यही नहीं, ऋणी उस संपत्ति का उपयोग कर सकता है और उससे लाभार्जन भी कर सकता है। ऋण दाता को केवल यह अधिकार मिलता है कि ऋणी द्वारा ऋण का भुगतान न किए जाने पर वह उस संपत्ति को बिकवा सकता है।
  • Immediate annuity -- तत्काल वार्षिकी
ऐसी वार्षिकी जिसमें भुगतान वार्षिकी योजना लेते ही प्रारंभ हो जाता है।
तुल. दे. deferred annuity
  • Imprest fund -- अग्रदाय-निधि
छोटे-मोटे भुगतानों के लिए रोकड़िया के पास रहने वाली धनराशि। इस व्यवस्था के अंतर्गत रोकड़िया को हर बिल के भुगतान के लिए अलग से रक़म नहीं निकालनी पड़ती। वह अग्रदाय में से भुगतान करता जाता है और ख़र्च की गई धनराशि का साप्ताहिक या मासिक (या जैसा तय हो) हिसाब देकर अग्रदाय की पूर्ति करा लेता है।
  • Income tax -- आयकर
निर्दिष्ट से अधिक वार्षिक आय अर्जित करने वाले नागरिकों और कंपनियों पर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला प्रत्यक्ष कर।
  • Indemnity bond -- क्षतिपूर्ति बंधपत्र, क्षतिपूर्ति बॉन्ड
ऐसा बंधपत्र जिसके माध्यम से बद्ध पक्ष अन्य पक्षों को बंधपत्र में उल्लिखित कारणों से होने वाली हानि अथवा क्षति की भरपाई करने का वचन देता है।
  • Indigenous banking -- साहूकारी, महाजनी
व्यक्ति अथवा फ़र्म द्वारा परंपरागत पद्धति से नक़दी और हुंडी आदि के ज़रिए रुपया उधार देने का धंधा।
  • Indirect tax -- अप्रत्यक्ष कर
सामान्यतः वह कर जिसका प्रत्यक्ष मौद्रिक भार किसी अन्य व्यक्ति पर आंशिक या पूर्ण रूप से विवर्तित किया जा सके यथा, बिक्री कर, सीमा शुल्क आदि।
तुल. दे. direct tax
  • Industry -- उद्योग
उत्पादक उपक्रमों का समूह; देश अथवा क्षेत्र विशेष के सारे उत्पादन कार्यों के लिए व्यवहृत अभिव्यक्ति।
industry के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. capital intensive industry, cottage industry, heavy industry, key industry, labour-intensive industry
  • Inflation -- सामान्य क़ीमत-स्तर में सतत वृद्धि ‘स्फीति’ कहलाती है। इसके परिणामस्वरूप द्रव्य की क्रय-शक्ति घट जाती है।
inflation के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. cost – push inflation, demandlpull inflation, ga-loping inflation, hyper inflation, rundway inflation.
  • Infrastructure -- आधारिक संरचना
किसी देश का आधारभूत पूँजी-ढाँचा जिसके अंतर्गत उसकी परिवहन और संचार-व्यवस्था, बिजली की सुविधाएँ और अन्य जन सेवाएँ आती हैं। कभी-कभी इसका प्रयोग सामाजिक उपरिलागतों के रूप में भी होता है और तब इसमें वहाँ के लोगों का स्वास्थ्य, शैक्षिक स्तर, औद्योगिक कौशल और प्रशासनिक अनुभव आदि भी शामिल कर लिए जाते है।
  • Insolvency -- दिवाला
देनदारियों का यथासमय भुगतान न कर पाने की स्थिति। यह तब उत्पन्न होती है जब व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान की समस्त परिसंपत्तियों का नक़द मूल्य उसकी देयताओं के योग से कम हो।
दे. bankruptcy भी
  • Instalment -- किश्त
ऋण तथा क्रय-मूल्य के पूर्व-निर्धारित अंतरालों पर किए जाने वाले खंडशः भुगतानों की राशि।
  • Instalment buying -- किश्त पर ख़रीद
वस्तु-क्रय की एक विधि जिसके अनुसार क्रेता माल ख़रीदते समय उसका एक अंश शुरू में अदा कर देता है और बाक़ी रक़म पूर्व-निर्धारित अंतरालों पर खंडशः अदा करता है।
  • Insurance -- बीमा
दो पक्षों के बीच विद्यमान संविदात्मक संबंध जिसके अंतर्गत एक पक्ष अर्थात् बीमाकर्ता एक निर्दिष्ट राशि लेकर दूसरे पक्ष अर्थात् बीमादार को संविदा में उल्लिखित घटनाओं से होने वाली हानि की भरपाई करने का वचन देता है।
insurance के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. automobile insurance, convertible insurance, endowment insurance, marine insurance, mutual insurance, term insurance, third party insurance
  • Insurance policy -- बीमा पॉलिसी
बीमाकर्ता और बीमित व्यक्ति के बीच होने वाला लिखित करार। इस क़रार में बीमा की शर्त, बीमित संपत्ति का ब्यौरा, संरक्षित जोखिम का उल्लेख, बीमाराशि, अवधि तथा किश्त आदि का विवरण दिया होता है।
  • Intangible asset -- अगोचर परिसंपत्ति, अमूर्त परिसंपत्ति
ऐसी अभौतिक परिसंपत्ति जिसका प्रतिष्ठान के लिए मूल्य तो है पर उसे सरलता से निर्धारित नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए सुनाम, कॉपीराइट, पेटेन्ट, ट्रेड मार्क आदि। प्रतिष्ठान को बेचते समय चाहे ‘अगोचर परिसंपत्तियों’ की भारी क़ीमत मिल सकती हो पर लेखाबहियों में इनका मूल्य प्रायः नाममात्र ही दिखाया जाता है।
तुल दे. tangible asset
  • Interest -- ब्याज, सूद
अ – द्रव्य के प्रयोग के एवज़ में कर्ज़दार द्वारा ऋणदाता को दिया गया प्रभार। ‘ब्याज’ की दर कर्ज़ लेते समय ही तय कर ली जाती है और उसे मूलधन पर वार्षिक प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है
आ – पूँजी-निवेश पर प्रतिफल।
  • Intermediate goods -- मध्यवर्ती वस्तुएँ, मध्यवर्ती माल
वे उत्पादित वस्तुएँ जो अन्य वस्तुओं के उत्पादन में काम आती हैं।
तुल. दे. final goods
  • Inventory -- माल, स्टॉक; माल-सूची
माल, स्टॉक : कच्चा माल, अर्धनिर्मित माल, तैयार माल और हाथ में, मार्ग में तथा स्टोर में विक्रयार्थ उपलब्ध माल।
माल-सूची : स्टॉक की पड़ताल के दौरान तैयार की गई फ़ेहरिस्त जिसमें माल का विवरण, मात्रा, क़ीमत आदि दी रहती है।
  • Investment turnover -- निवेश-आवर्त
दे. capital turnover
  • Invoice -- बीजक, इनवॉयस
दे. bill (l)
  • Redeem able debenture -- अप्रतिदेय डिबेंचर, अप्रतिदेय ऋणपत्र
ऐसा डिबेंचर जिसकी रक़म वापिस करने के लिए कंपनी द्वारा कोई तारीख़ निश्चित नहीं की गई है। वैसे, कंपनी जब चाहे, इसकी चुकौती कर सकती है। ‘अप्रतिदेय डिबेंचर’ का धारक तब तक अपनी रक़म वापिस नहीं माँग सकता जब तक कि कंपनी चल रही है और उसे बिना नागा डिबेंचर पर ब्याज अदा कर रही है।
  • Issued capital -- निर्गमित पूँजी, जारी पूँजी
अपनी अधिकृत पूँजी का वह भाग जिसे कंपनी ने निवेशकर्ताओं के समक्ष ख़रीदे जाने के लिए प्रस्तुत किया है।
तुल. दे. authorized capital, subscribed capital
  • Jobber -- जॉबर
शेयर बाज़ार के वे ब्यौहारी जो दलालों और अन्य जॉबरों से अपनी लाइन के शेयरों की अपने नाम और जोखिम पर ख़रीद-बेच करते हैं। इनसे किसी शेयर विशेष का भाव पूछा जाए तो वे दो भाव बताते हैं। एक ऊँचा भाव जिस पर वे उस शेयर को बेचने के लिए तैयार हैं और दूसरा नीचा भाव जिस पर वे ख़रीदेंगे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर तरावनी वाले प्रायः यही काम करते हैं।
  • Joint and several bond -- संयुक्त और पृथक् बंधपत्र, संयुक्त और पृथक् बॉन्ड
ऐसा बंधपत्र जिस पर दो या अधिक देनदारों के हस्ताक्षर हों और वे सब मिलकर तथा अलग-अलग रूप से भी कर्ज़ की अदायगी के लिए जिम्मेदार हों। दूसरे शब्दों में, ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत लेनदार को यह अधिकार हो कि वह कर्ज़ की पूरी रक़म बंधपत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सभी व्यक्तियों या उनमें से किसी एक पर ही दावा दायर करके वसूल कर सकता है।
  • Joint and survivor annuity -- संयुक्त और उत्तरजीवी वार्षिकी
ऐसी वार्षिकी जिसमें यह व्यवस्था हो कि उसका भुगतान दस्तावेज़ में लिखे वार्षिकीग्राहियों को आजीवन मिलेगा और यह तब तक किया जाता रहेगा जब तक उन व्यक्तियों में से कोई एक भी जीवित रहेगा।
  • Joint stock company -- संयुक्त पूँजी कंपनी
दे. body corporate, company
  • Joint venture -- सह उद्यम, संयुक्त उद्यम
किसी व्यापार, क़रार या ठेके आदि के निष्पादन के उद्देश्य से दो अथवा अधिक व्यक्तियों के बीच स्थापित अस्थायी साझा। इसमें सह उद्यमियों का दायित्व असीमित होता है।
  • Journal -- जर्नल, नकल बही
लेखाविधि में मूल प्रविष्टि की वह बही जिसमें लेन-देनों का पहले-पहल इंदराज किया जाता है। बाद में जर्नल से ही उन्हें खाताबही में उतारा जाता है। बड़े प्रतिष्ठानों में जर्नल को कई सहायक बहियों में उपविभाजित कर देते हैं।
  • Key industry -- मूल उद्योग
ऐसा उद्योग जिस पर अन्य उद्योगों का उत्पादन निर्भर है और जो देश की अर्थव्यवस्था में विशिष्ट स्थान रखता है। धातु, ईंधन तथा अर्थव्यवस्था की आधारिक संरचना के अंगभूत उद्योग इसी कोटि में आते हैं।
  • Know-how -- जानकारी, तकनीकी जानकारी
किसी कार्य को दक्षतापूर्वक करने का संचित ज्ञान।
  • Labour-intensive industry -- श्रम-प्रधान उद्योग
वह उद्योग जिसमें पूँजी की तुलना में श्रम का प्रयोग भारी मात्रा में होता हो।
तुल. दे. capital-intensive industry
  • Last in, first out method -- क्रय-उत्क्रम मूल्यन विधि, अंतिम आवक प्रथम जावक विधि, लिफो विधि
माल के मूल्यन की एक विधि जिसके अंतर्गत यह मान लिया जाता है कि जो माल आखिर में ख़रीदा गया है, सबसे पहले वही बिका है। अतः उसका वही मूल्य लगाया जाएगा जो अंतिम खेप का क्रय-मूल्य है।
तुल. दे. first in, first out method
  • Lay days -- छूट के दिन
माल को उतारने अथवा लादने के लिए परेषक तथा जहाज़ के मालिक के बीच तय हुई अवधि। इस अवधि के दौरान विलंब-शुल्क आदि नहीं लिया जाता।
  • Ledger -- खाता, खाता बही
अंतिम प्रविष्टि की बही जिसमें जर्नल आदि आरंभिक प्रविष्टि की बहियों से इंदराज उतारे जाते हैं। खाता बही में विविध प्रकार के लेन-देनों के लिए अलग-अलग लेखे खुले होते हैं जिन्हें तीन वर्गों में बाँटा जा सकता है- आय-व्यय के लेखे, व्यक्तिगत लेखे और संपत्ति लेखे।
  • Legal tender -- वैध मुद्रा
ऐसा सिक्का अथवा नोट जिसे स्वीकार करने के लिए व्यक्ति क़ानूनन बाध्य है। भारत में नोट असीमित वैध मुद्रा हैं और एक रूपए का सिक्का तथा रेज़गारी सीमित वैध मुद्रा-बाध्यता सीमित और असीमित दोनों प्रकार की हो सकती है।
  • Letter of credit -- साख-पत्र
बैंक (या किसी अन्य वित्तीय संस्था) द्वारा किसी संभावित उधारकर्ता के नाम जारी किया गया दस्तावेज़ जिसमें उसे एक पूर्वनिश्चित उद्देश्य के लिए एक निर्दिष्ट राशि बैंक से उधार लेने का अधिकार दिया जाता है।
  • Levy -- उगाही, उद्ग्रहण
अ – सरकार अथवा उसकी प्राधिकृत संस्थाओं द्वारा उत्पादकों से उत्पादित वस्तु के एक नियत अंश को वसूल किया जाना। उदाहरणार्थ, भारत में चीनी और गेहूँ के संबंध में इस प्रकार की ‘उगाही’ की जाती है।
आ – कर के रूप में उगाही गई राशि।
  • Liability -- देयता, दायित्व
अ – सामान्यतः किसी वायदा पूर्ति के लिए बँधा होने की स्थिति अर्थात् ऐसा वायदा जिसे पूरा करना लाज़मी है।
आ – (लेखाविधि) किसी व्यक्ति, प्रतिष्ठान अथवा कंपनी की अपने लेनदारों और पूर्तिकर्ताओं के प्रति देनदारी।
liability के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. contingent liability current liability, fixed liability, floating liability, limited liability, unlimited liability.
  • Licence -- अनुज्ञप्ति, लाइसेन्स
अ – सरकार अथवा सक्षम प्राधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति, फ़र्म अथवा प्रतिष्ठान को कोई ऐसा व्यापार, व्यवसाय अथवा उद्योग स्थापित करने के लिए दिया गया अनुमति-पत्र जो किसी क़ानून द्वारा प्रतिबंधित है या जिसका किसी क़ानून से नियमन किया जाता है। यह अनुमति-पत्र अहस्तांतरणीय होता है।
आ – पेटेन्ट के स्वामी द्वारा अपनी वस्तु, प्रक्रिया या डिज़ाइन आदि को प्रयोग में लाने, बनाने अथवा बेचने के लिए कुछ शर्तों अथवा प्रतिबंधो के साथ किसी अन्य व्यक्ति अथवा फ़र्म को दिया गया अधिकार।
  • Lien -- धारणाधिकार
कर्ज़ा चुकता होने अथवा अदत्त मूल्य प्राप्त होने तक कर्ज़दार की संपत्ति या ख़रीदार के माल पर क़ब्ज़ा बनाए रखने का लेनदार का अधिकार।
  • Life insurance -- जीवन बीमा
ऐसा बीमा जिसके अंतर्गत कंपनी लोगों के जोखिम के प्रति संरक्षण प्रदान करती है। इस प्रकार की पॉलिसी लेने वाला व्यक्ति बीमा-किश्त जमा करता रहता है और उसकी मृत्यु पर या पॉलसी में निर्दिष्ट अवधि समाप्त होने पर बीमा-राशि उसके उत्तराधिकारियों अथवा उसके द्वारा नामित हिताधिकारियों या स्वयं उसको दे दी जाती है।
  • Limited liability -- सीमित देयता
क़ानून या संविदा द्वारा प्रतिबंधित देयता। कंपनी अधिनियम के संदर्भ में कंपनी के शेयरधारियों की देयता शेयर राशि के अप्रदत्त अंश तक सीमित होती है अर्थात्, यदि किसी शेयरधारी ने रू. 100/- के शेयर पर रू. 60/- अदा कर दिए हैं तो अब उसकी देयता रू. 40/- तक सीमित है।
कंपनी की बहिर्नियमावली में इस बात की घोषण की जानी आवश्यक है कि शेयरधारियों की देयता सीमित है। इसी के साथ यह भी ज़रूरी है कि कंपनी अपने नाम के आगे ‘लिमिटेड’ शब्द का प्रयोग करे।
  • Liquid asset -- तरल परिसंपत्ति, अनिरूद्ध परिसंपत्ति
प्रतिष्ठान के पास मौजूद नक़दी, बैंक-शेष और सरलता से नक़दी में बदली जा सकने योग्य परिसंपत्तियाँ जैसे, प्रतिभूतियाँ, प्राप्य बिल आदि। इसमें माल का मूल्य शामिल नहीं किया जाता। इस प्रकार, चालू परिसंपत्ति के मूल्य में से माल का मूल्य घटा दें तो प्रतिष्ठान की ‘तरल परिसंपत्तियों ‘ का मूल्य निकल आता है।
  • Liquidated damages -- निर्णीत हर्जाना
किसी संविदा से संबंधित पक्षों के बीच पूर्व-निर्धारित रक़म जो क़रार पूरा न होने की स्थिति में संविदा तोड़ने वाले पक्ष को देनी होगी।
  • Liquidation -- परिसमापन
किसी कंपनी के कामकाज को बंद करने के उद्देश्य से कंपनी अधिनियम के अंतर्गत आरंभ की गई कार्रवाई। इसके लिए परिसमापक की नियुक्ति की जाती है।
  • Listing -- सूचीयन
मान्यताप्राप्त शेयर बाज़ार के उपनियमों के अधीन निर्धारित शर्तो के पूरा करने पर किसी कंपनी की प्रतिभूतियों को शेयर बाज़ार की भाव सूची में सम्मिलित किया जाना और वहाँ उनके सौदों की अनुमति देना।
  • Loading -- 1. लदाई, भराई 2. वर्धित राशि
1. लदाई, भराई : रेल, पोत, ट्रक आदि वाहनों पर माल चढ़ाना।
2. वर्धित राशि : निवल प्रीमियम में जोड़ी गई रक़म। बीमा पॉलिसी के अंतर्गत लिए जाने वाले प्रीमियम में दो मदें शामिल होती हैं। पहली, जोखिम-वहन की लागत और दूसरी, पॉलिसी बेचने, उसे चालू रखने और बोनस तथा लाभ आदि के लिए अपेक्षित रक़म। यह दूसरी मद अथवा उपरिलागत ‘वर्धित राशि’ है।
  • Loan -- क़र्ज़
ऋणदाता द्वारा ऋणी को एक सम्मत ब्याज-दर पर नियत अवधि के लिए दी गई उधार-राशि। ऋणदाता और ऋणी सरकार, संस्था, व्यावसायिक प्रतिष्ठान अथवा व्यक्ति, कोई भी हो सकते हैं।
  • Loose leaf ledger (=perpetual ledger) -- खुले पन्नों का खाता
विशेष प्रकार के जिल्द वाला ऐसा खाता जिसकी पुश्त खोलकर पन्ने अलग-अलग किए जा सकते हैं। इस खाते में जब चाहे पन्ने घटाए-बढ़ाए जा सकते हैं या उनका क्रम बदला जा सकता है। चूँकि इसमें पन्ने घटाने-बढ़ाने की गुंजाइश होती है अतः यह कभी भरता नहीं। पुराने पन्ने निकालकर नए पन्ने जोड़ देने से यह अगली लेखा-अवधि में इस्तेमाल के योग्य हो जाता है।
  • Mail order business -- डाक व्यापार
डाक के माध्यम से क्रय-विक्रय करना। जो फ़र्म इस प्रकार का व्यापार करती है वह विज्ञापन के द्वारा अपनी वस्तुओं का प्रचार करती है और ख़रीदारों से अनुरोध करती है कि वे पत्र द्वारा माल का आर्डर भेजें।
  • Manifest -- माल-सूची
प्रत्येक व्यापारिक जहाज़ पर यात्रा के दौरान प्राप्य एक ऐसा लिखित दस्तावेज़ जिसमें जहाज़ पर लदे माल की कैफ़ियत, लदने और उतरने का स्थान आदि दिया रहता है। इस पर जहाज़ के कप्तान के हस्ताक्षर होते हैं। इससे सीमाशुल्क तथा पत्तन अधिकारियों को जाँच करने में सुविधा हो जाती है।
  • Manufacture -- विनिर्माण
किसी वस्तु अथवा उत्पाद को हाथ अथवा मशीन की सहायता से बनाना। कृषि अथवा अन्य प्राकृतिक उपजों को छोड़कर सभी प्रकार का औद्योगिक उत्पादन इस कोटि में आता है।
  • Margin trading -- मार्जिन जमा व्यापार
प्रतिभूति बाज़ार के वे सौदे जिनमें ख़रीदार को दलाल के पास एक पेशगी रक़म जमा करनी पड़ती है।
  • Marine insurance -- नौवहन बीमा, समुद्री बीमा
ऐसा बीमा जिसके अंतर्गत समुद्री पोतों और उनके द्वारा ढोए जाने वाले माल की संभावित हानि अथवा क्षति को बीमा-संरक्षण प्रदान किया जाता है।
  • Mark-down -- 1. क़ीमत-ह्रासन 2. रियायत
1. क़ीमत-ह्रासन : बहीखातों में परिसंपत्तियों, प्रतिभूतियों आदि के मूल्य को घटाकर लिखना। ऐसा उनके बाज़ार-मूल्य में गिरावट आ जाने पर किया जा सकता है।
2. रियायत : पूर्व-निर्धारित क़ीमत में कटौती करके माल को घटी क़ीमत पर बेचना।
  • Marketing -- विपणन, क्रय-विक्रय
वस्तुओं और सेवाओं को मूल उत्पादक से अंतिम उपभोक्ता तक पहुँचाने के सिलसिले में किए जाने वाले क्रय-विक्रय, विज्ञापन, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, बाज़ार-अनुसंधान आदि कार्यकलाप;
उपर्युक्त कार्यकलापों का अध्ययन करने वाला शास्त्र।
  • Mark-up -- 1. क़ीमत-वर्धन 2. क़ीमत-लागत अंतर
1. क़ीमत-वर्धन : बाज़ार-मूल्य में बढोतरी हो जाने पर परिसंपत्तियों अथवा प्रतिभूतियों के मूल्यों को तदनुसार बढ़ा कर लिखना।
2. क़ीमत-लागत अंतर : बिक्री-क़ीमत निर्धारित करते समय वस्तु अथवा उत्पाद के लागत-ख़र्च में प्रतिशत आधार पर जोड़ी गई राशि।
  • Mass production -- पुंज उत्पादन, बहुमात्रा उत्पादन
उन्नत प्रौद्योगिकी की सहायता से किसी वस्तु को बड़े पैमाने पर तैयार करना। यह केवल उन्हीं वस्तुओं का हो सकता है जिसका मानकीकरण संभव है और जिनकी बिक्री के लिए व्यापक बाज़ार उपलब्ध है।
  • Memorandum of association -- संस्था की बहिर्नियमावली
कंपनी की स्थापना के समय कंपनी रजिस्ट्रार के यहाँ दाख़िल किया जाने वाला एक दस्तावेज़ जिसमें कंपनी का नाम, उसके मुख्यालय की अवस्थिति, कंपनी के उद्देश्य, उसकी प्राधिकृत पूँजी और शेयरों के रूप में उसका विभाजन, सदस्यों के सीमित दायित्व की घोषण आदि होती है। कंपनी से बाहर के लोगों के साथ कंपनी का व्यवहार इसी दस्तावेज़ से विनियमित होता है। इसी के आधार पर वे लोग कंपनी के अधिकार और उसकी कार्य-सीमा जान पाते हैं। कंपनी के अंतर्नियम इसी दस्तावेज़ से नियंत्रित होते हैं।
तुल. दे. articles of association
  • Middlemen -- बिचौलिया
विनिर्माता अथवा उत्पादक से उपभोक्ता तक माल पहुँचाने वाली वितरण सरणि जिसमें खुदरा तथा थोक व्यापारी, दलाल, अभिकर्ता आदि आते हैं।
  • Minor coin -- छोटा सिक्का, चिल्लर, रेज़गारी, खेरीज़
ऐसे सिक्के जो कम मूल्यवान धातु से बनाए जाते हैं। चूँकि ये एक हाथ से दूसरे हाथ में निरंतर चलते रहते हैं इसलिए इन्हें कम घिसने वाली धातु से ढाला जाता है। भारत में पच्चीस पैसे, दस पैसे, पाँच पैसे और उसके नीचे के सिक्के रेज़गारी में शामिल किए जाते हैं।
  • Mint par -- टकसाल-दर
दो देशों की मुद्राओं के बीच स्थापित विनिमय-दर जो उन मुद्राओं की मानक इकाइयों में मौजूद शुद्ध धातु के मूल्य के आधार पर तय की जाती है। उदाहरण के लिए, इंगलैंड और भारत में यदि चाँदी के सिक्के चलते हों और इंगलैंड के एक पौंड स्टर्लिंग में चाँदी की उतनी मात्रा हो जितनी कि भारत के दस रुपयों में है तो इन दोनों देशों के बीच टकसाल-दर एक पौंड – 10 रूपए होगी।
  • Mint ratio -- टकसाल-अनुपात
द्विधातुमान वाले देशों में सोने तथा चाँदी की क़ीमतों की टकसाल द्वारा निर्धारित पारस्परिक दर जो बाज़ार में क़ीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होती।
  • Mixed economy -- मिश्रित अर्थव्यवस्था, मिली-जुली अर्थव्यवस्था
वह आर्थिक प्रणाली जिसमें पूँजीवाद और समाजवाद दोनों की ही कुछ-कुछ विशेषताएँ पाई जाती हैं। उत्पादन के कुछ क्षेत्र राज्य के हाथ में होते हैं और कुछ निजी उद्यमों के अधीन। जो क्षेत्र निजी उद्यम के अधीन होते हैं उन पर भी किसी न किसी रूप में सरकारी नियंत्रण रहता है। न्यूनाधिक मात्रा में प्रत्येक अर्थव्यवस्था मित्रित होती है क्योंकि प्रायः सभी समाजवादी अर्थव्यवस्थाओं में निजी उद्यम को थोड़ा बहुत स्थान प्राप्त है ही और प्रायः सभी पूँजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में राज्य के हाथ में कुछ उद्योग है। भारत की अर्थव्यवस्था मिश्रित है। लेकिन, व्यवहार में, ‘मिश्रित अर्थव्यवस्था’ उसे माना जाता है जहाँ दोनों क्षेत्र महत्वपूर्ण हों।
  • Modernization -- आधुनिकीकरण, अभिनवीकरण
उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से परंपरागत मशीनों तथा तकनीकों के स्थान पर अधुनातन मशीनों और तकनीकों का प्रयोग।
  • Money -- द्रव्य, धन, मुद्रा
ऐसा विनिमय-माध्यम जिसे बतौर मूल्यवान तथा मूल्यमापक के व्यापक रूप से स्वीकार किया जाए जैसे, सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले सिक्के, नोट आदि। व्यापक स्वीकार्यता की दृष्टि से आधुनिक अर्थशास्री चैक, ड्राफ्ट़ अथवा अन्य प्रपत्रों को भी इसमें शामिल करते हैं।
  • Money market -- द्रव्य बाज़ार
वह तंत्र जिसके द्वारा एक वर्ष से कम अवधि के ऋणों, प्रतिभूतियों और परक्राम्य प्रपत्रों का लेन-देन होता है।
  • Monometallism -- एकधातुमान
ऐसी मौद्रित पद्धति जो एक ही धातु अर्थात् सोने अथवा चाँदी पर आधारित हो। इस व्यवस्था में देश की मौद्रिक इकाई का मूल्य उसी धातु में व्यक्त किया जाता है और टकसाल उस धातु को सिक्का-ढलाई हेतु वैधानिक रूप से और असीमित मात्रा में स्वीकार करती है।
तुल. दे. bimetallism
  • Monopoly -- एकाधिकार
एकाधिकार’ से ताप्तर्य है बाज़ार की ऐसी स्थिती जिसमें केवल एक विक्रेता है। सिद्धांत में, इस एक विक्रेता का वस्तु की क़ीमत पर पूरा नियंत्रण होता है। लेकिन, व्यवहार में, किसी वस्तु का एक मात्र विक्रेता होने पर भी यदि उसके द्वारा इस वस्तु की क़ीमत काफी अधिक बढ़ाई जाती है तो उसकी माँग कम होने लगेगी क्योंकि व्यक्ति स्थानापन्नों का उपभोग बढ़ाने लगेंगे। सिद्धांत में, स्थानापन्नों का प्रभाव मान लिया जाता है। पूर्ण प्रतियोगिता की भाँति ही व्यावहारिक जीवन में ‘एकाधिकार भी नहीं पाया जाता। यह प्रायः एक काल्पनिक धारणा है।
  • Moral hazard -- नैतिक खतरा
ऐसी जोखिम जो बीमादार की व्यक्तिगत आदतों अथवा व्यसनों की वजह से उत्पन्न होती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति की दुकान में आग लगने की घटनाएँ बारंबार हों तो उसकी सदाशयता में संदेह पैदा हो सकता है।
तुल. दे. physical hazard
  • Moratorium -- ऋण-स्थगन
(अ) ऋणी देश की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए लेनदार देश की सरकार द्वारा ऋणी देश के इस प्रस्ताव को मान लेना कि वह मूल अथवा ब्याज की अदायगी को कुछ समय के लिए रोक रखे।
(आ) देश की विधायिका द्वारा अपनाया जाने वाला ऐसा आपातकालीन उपाय जिसके अंतर्गत बैंकों को यह आदेश दिया जाता है कि वे सभी प्रकार के भुगतानों की अदायगी एक निश्चित अवधि के लिए स्थगित कर दें।
  • Mortgage -- बंधक, रेहन
ऋण लेते समय अथवा अन्य किसी देयता के निर्वाह की प्रतिभूति के रूप में संपत्ति के स्वामित्वाधिकार को लेनदार के नाम हस्तांतरित करना। इसके अंतर्गत कब्ज़ा हस्तांतरित नहीं किया जाता और ऋण चुकता हो जाने अथवा देयता के निपटान के बाद हस्तांतरण शून्य हो जाता है।
mortage के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. closed end mortage, closed mortage, equitable mortage, open-end mortage
  • Multiple tax system -- बहुल कर प्रणाली
राजस्व-प्राप्ति की वह पद्धति जिसमें सरकार कई कर लगाकर राजस्व एकत्र करती है।
तुल. दे. single tax system
  • Multipoint tax -- बहुस्तर कर
किसी वस्तु के प्रत्येक विक्रय-स्तर पर लगने वाला कर।
तुल. दे. single point tax
  • Mutual insurance (=fraternal insurance) -- सहसदस्य बीमा
सहकारिता के आधार पर स्थापित कंपनी द्वारा किया गया बीमा। इस प्रकार का बीमा केवल कंपनी के सदस्यों को बेचा जाता है और बीमाकिश्त की रक़म पहले से ही तय नहीं होती बल्कि वर्ष भर के दावों की कुल राशि के आधार पर निश्चित की जाती है।
  • Naked debenture (=simple debenture) -- साधारण डिबेंचर, साधारण ऋणपत्र
ऐसा डिबेंचर जो किसी बंधक अथवा रेहन विशेष से रक्षित नहीं है।
  • National income -- राष्ट्रीय आय
किसी राष्ट्र के नागरिकों और संस्थाओं (निजी तथा सार्वजनिक दोनों) द्वारा एक निश्चित अवधि (प्रायः एक वर्ष) के दौरान अर्जित की जाने वाली आयों का योग उस राष्ट्र की इस अवधि की ‘राष्ट्रीय आय’ कहलाता है। यह उस दौरान राष्ट्र द्वारा किए जाने वाले समस्त उत्पादन का (किसी वस्तु को दो बार सम्मिलित किए बिना) मूल्य है। इसे राष्ट्रीय उत्पाद भी कहते हैं। (व्यवहार में, ‘राष्ट्रीय आय’ में अप्रत्यक्ष करों की राशि सम्मिलित नहीं की जाती जबकि राष्ट्रीय उत्पाद में की जाती है )।
  • Nationalization -- राष्ट्रीयकरण
राज्य द्वारा उन उद्योगों और प्राकृतिक संसाधनों को अपने अधिकार और नियंत्रण में लिया जाना जो पहले निजी उद्यम के अधिकार और नियंत्रण में थे।
  • Near money -- द्रव्यवत् प्रपत्र
ऐसा दस्तावेज़ जो करेन्सी न होने पर भी स्वीकार्यता आदि की दृष्टि से एक सीमा तक मुद्रा की भूमिका निभाता है। चैक, हुंडी, ड्राफ्ट़, यात्री चैक आदि इसी कोटि में आते हैं।
  • Negative investment -- ऋणात्मक निवेश
दे. disinvestment
  • Negotiable instrument -- परक्राम्य प्रपत्र, बेचानी लिखत
ऐसा दस्तावेज़ जो धारक को निर्दिष्ट धनराशि पाने का अधिकारी बनाता है। इसे बेचान द्वारा दूसरे के नाम अंतरित भी किया जा सकता है। चैक, हुंडी, ड्राफ़्ट आदि इसी कोटि में आते हैं। ‘परक्राम्य प्रपत्र’ के लिए यह आवश्यक है कि उस पर जारी करने वाले के हस्ताक्षर हों और वह वाहक अथवा आदेशित पक्ष को देय हो।
  • Net capital formation -- निवल पूँजी निर्माण
स्थायी परिसंपत्तियों में किया गया निवल निवेश। इसमें मूल्यह्रास, मरम्मत और रख-रखाव पर किए गए व्यय सम्मिलित नहीं होते।
  • Net national product -- निवल राष्ट्रीय उत्पाद
सकल राष्ट्रीय उत्पाद में पूँजी-मूल्यह्रास घटा देने पर जो कुछ बचता है उसे ‘निवल राष्ट्रीय उत्पाद’ कहा जाता है।
दे. gross national product
  • Net profit -- निवल लाभ
किसी व्यवसाय अथवा फ़र्म की कुल आय में से उसके कुल ख़र्चों को घटा देने के बाद जो राशि बचती है वह उस व्यवसाय अथवा फ़र्म का ‘निवल लाभ’ कहलाती है।
  • Net worth -- निवल संपत्ति, निवल मालियत
दे. capital net worth
  • Nominal accounts -- आमद-खर्च लेखे, आय-व्यय लेखे
ऐसे लेखे जिनकी बाक़ियाँ लेखा-वर्ष के अंत में लाभ-हानि लेखे में अंतरित की जाती हैं। जैसे, ईंधन और मज़दूरी के ख़र्च और ब्याज, कमीशन आदि आमदनियाँ।
  • Obsolescence -- अप्रचलन
नवीन आविष्कारों तथा उत्पादन-प्रक्रियाओं में होने वाले सुधारों अथवा उत्पादित वस्तुओं की माँग में कमी हो जाने के कारण किसी उपकरण, मशीन आदि का पुराना पड़ जाना। इसमें टूट-फूट या घिसावट के कारण आया पुरानापन शामिल नहीं होता।
  • Offer -- प्रस्ताव
संविदा के आरंभिक चरणों में से एक। इसमें एक पक्ष (अर्थात् प्रस्तावक) दूसरे के समक्ष एक स्पष्ट तथा निश्चित विवरण रखता है जिसमें वह यह बताता है कि दूसरे पक्ष द्वारा अमुक कार्य किए जाने पर वह बदले में अमुक काम करने को तैयार है। यह ‘प्रस्ताव’ कहलाता है जो लिखित भी हो सकता है और मौखिक भी।
  • Oligopoly -- अल्पाधिकार
बाज़ार की ऐसी स्थिति जिसमें कुछ विक्रेता अपने निर्णय से बाज़ार क़ीमत को प्रभावित करने में समर्थ होते हैं। इसकी एक विशेष स्थिति द्वयाधिकार होती है जिसमें केवल दो विक्रेता होते हैं। विक्रेताओं की संख्या कम होने के कारण एक के निर्णय दूसरों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं। इसलिए प्रत्येक विक्रेता अन्य विक्रेताओं के प्रत्याशित निर्णयों पर अपने निर्णय को आधारित करता है। एक ओर सभी विक्रेताओं में तीव्र प्रतियोगिता हो सकती है तो दूसरी ओर इस प्रतियोगिता से सभी विक्रेताओं को होने वाली हानि के प्रति सजग होने से उनमें दुरभिसंधि भी हो सकती है। इसमें क़ीमत-निर्धारण अध्ययनकर्ता की अभिधारणाओं पर निर्भर माना जाता है।
  • Open cheque -- अरेखित चैक
ऐसा चैक जिसे बैंक की निर्दिष्ट शाखा से भुनाया जा सकता है।
  • Open economy -- खुली अर्थव्यवस्था
वह अर्थव्यवस्था जिसमें नागरिक विदेशियों के साथ व्यापार और व्यवसाय संबंध रख सकते हैं। ऐसी अर्थव्यवस्था अन्य अर्थव्यवस्थों में होने वाले परिवर्तनों से अप्रभावित नहीं रह सकती।
  • Open end mortgage -- बहुल ऋण बंधक
ऐसा बंधक जिसमें बंधकग्रस्त संपत्ति की आड़ में आगे चलकर और ऋण लेने की अनुमति होती है।
तुल. दे. closed end mortage
  • Opening entry -- प्रारंभिक प्रविष्टि
नई बहियाँ शुरू करते समय की गई पहली टीप जिसमें सभी विद्यमान परिसंपत्तियों को नामे और देयताओं, रिज़र्वों और पूँजी-लेखाओं को जमा की ओर लिखा जाता है।
  • Operating cost -- प्रचालन-लागत, प्रचालन-व्यय
अ – (लागत लेखा) : ऐसे ख़र्चे जो किसी उद्योग अथवा व्यवसाय के मुख्य कार्य कलापों को चलाने के लिए करने आवश्यक हैं। अतः इसमें न केवल वस्तुओं अथवा सेवाओं के उत्पादन पर होने वाले ख़र्चे शामिल होते हैं अपितु अन्य व्यावसायिक उपरिव्यय भी शामिल किए जाते हैं।
आ – (परिवहन) यानों को चलाने का ख़र्च।
  • Operating ratio -- प्रचालन-अनुपात
व्यापार चलाने के सिलसिले में होने वाले कुल ख़र्च तथा उससे होने वाली आय का अनुपात। ख़र्चे से आशय बेची गई वस्तु की कुल लागत और आय से तात्पर्य निवल बिक्री आय से है।
  • Option -- बदला
शेयरों, प्रतिभूतियों अथवा अन्य जिन्सों के वायदे सौदों में एक निश्चित मात्रा को एक निश्चित दर और तिथि पर ख़रीदने या न ख़रीदने अथवा बेचने या न बेचने का अधिकार अथवा क़रार।
  • Order cheque -- नामजोग चैक, आदिष्ट चैक
ऐसा चैक जिसकी रक़म उसमें निर्दिष्ट पक्ष उसके आदेशिती को देय होती है। ‘नामजोग चैक’ का भुगतान करते समय बैंक आदाता की शिनाख्त़ अवश्य करता है।
  • Ordinary share -- सामान्य शेयर, साधारण शेयर
दे. equity share
  • Overdraft -- ओवरड्राफ्ट
बैंक द्वारा अपने ग्राहक को उसकी जमा-राशि से अधिक रुपया निकाल सकने की सुविधा दिया जाना। इस पद्धति के अंतर्गत बैंक अपने ग्राहक के उन चैकों को भी स्वीकार कर लेता है जो उसके खाते में जमा धनराशि से अधिक राशि के हैं।
  • Overhead -- उपरिव्यय
कच्चे माल और प्रत्यक्ष श्रम जैसे कारकों पर होने वाले ख़र्च को छोड़ कर वे ख़र्च जो किसी व्यवसाय अथवा उद्योग को चलाने के लिए अनिवार्य होते हैं। ये ख़र्चे उत्पादन-मात्रा के घटने-बढ़ने के अनुपात में घटते-बढ़ते नहीं हैं।
दे. constant cost
  • Over-subscribed -- अत्यभिदत्त
ऐसी स्थिति जिसमें जारी किए गए शेयरों अथवा प्रतिभूतियों की संख्या से अधिक के लिए आवेदन प्राप्त हुए हों। प्रवर्तकों की साख और उद्योग का भविष्य उज्ज्वल होने पर प्रायः अति अभिदान की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी स्थिति में शेयर-आवंटन कंपनी के निदेशक-मंडल और स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों की परस्पर सहमति से तय सूत्र के अनुसार किया जाता है।
  • Package deal -- संपुटित व्यवहार, इकमुश्त सौदा
कोई ऐसा व्यापारिक व्यवहार या आर्थिक संविदा जिसमें कई मदों के लिए इकमुश्त व्यवस्था की गई हो।
  • Paid-up capital -- प्रदत्त पूँजी
माँगी पूँजी का वह अंश जो शेयरधारियों द्वारा अदा किया जा चुका है। अदत्त अंश को बक़ाया माँग कहते हैं।
दे. called-up capital भी
  • Paper currency -- कागज़ी मुद्रा, करेन्सी नोट
सरकार अथवा केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किए गए नोट। ये नोट सरकार अथवा नोट जारी करने वाली सत्ता की साख पर चलते हैं।
  • Parent holding company -- मूल नियंत्रक कंपनी
एक अथवा एकाधिक सहायक या अधीनस्थ कंपनियों की स्थापना करके उन पर नियंत्रण रखने वाली कंपनी।
  • Partial acceptance -- आंशिक सकार, आंशिक स्वीकृति
बिल अथवा हुंडी को सकारते समय अदाकर्ता द्वारा उसमें उल्लिखित रक़म के एक अंश का ही भुगतान करने के लिए रज़ामंद होना।
  • Partial loss -- आंशिक हानि
बीमाकृत संपत्ति का ऐसा नुक़सान जिसमें वह पूरी तरह नष्ट या अनुपयोगी न हो गई हो अथवा नुक़सान बीमा-राशि से कम मूल्य का हुआ हो।
तुल. दे. total loss
  • Participating preference share -- अवशिष्टभागि अधिमान-शेयर
ऐसा शेयर जिसके धारक को विभाज्य लाभों पर अग्रता के दावों के भुगतान का और सामान्य शेयरधारियों के बीच एक पूर्व-निश्चित प्रतिशत से लाभांश वितरित किए जाने के बाद, अतिरिक्त लाभ की स्थिति में, पुनः लाभांश पाने का, अधिकार होता है।
  • Particular average -- विशेष बीमाक्षति, आंशिक बीमाक्षति
किसी दुर्घटना अथवा सामान्य समुद्री आपदा की वजह से जहाज़ पर लदे किसी सामान विशेष को होने वाली कुछ हानि अथवा क्षति। इस प्रकार की हानि में जहाज़ का मालिक और अन्य लदानकर्ता कोई अंशदान नहीं करते अपितु पूरा नुक़सान क्षतिग्रस्त माल के मालिक अथवा उसके बीमाकर्ता को ही भुगतना पड़ता है।
तुल. दे. general average
  • Partnership -- साझेदारी, साझा
साझेदारी’ उन व्यक्तियों के पारस्परिक संबंध को कहते हैं जिन्होंने किसी व्यवसाय के लाभ को आपस में बाँटने का समझौता किया है। यह व्यवसाय वे सभी व्यक्ति मिल कर चला सकते हैं अथवा सभी की ओर से कोई एक या कुछ साझेदार चला सकते हैं।
  • Passenger kilometer -- यात्री किलोमीटर
परिवहन के संदर्भ में, विभिन्न आकलन करते समय काम में लाई जाने वाली एक मिश्रित इकाई। इसका सूत्र है –
यात्री किलोमीटर = यात्रियों की संख्या x यात्रा के किलोमीटर।
  • Patent -- पेटेन्ट, एकस्व
सरकार और आविष्कर्ता के बीच संपन्न संविदा जिसके अंतर्गत आविष्कर्ता अपने आविष्कार का ब्यौरा सरकार को दे देता है और उसके बदले सरकार उसे एक निश्चित समय तक उसके अनन्य प्रयोग का अधिकार प्रदान कर देती है। निर्धारित समय बीत जाने के बाद वह आविष्कार सार्वजनिक संपत्ति मान लिया जाता है और तब उसका प्रयोग कोई नागरिक कर सकता है।
पेटेन्ट मंजूर करने का उद्देश्य आविष्कर्ता को अपने आविष्कार के सार्वजनिक प्रकटीकरण के लिए प्रोत्साहित करना है जिससे कि विज्ञान और उपयोगी कलाओं की प्रगति होती रहे।
  • Pawn -- गिरवी
दे. pledge
  • Payee -- आदाता, पानेवाला
वह व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान जिसे किसी चैक, ड्राफ्ट, रूक्के आदि का भुगतान लेना है।
  • Pay-in-slip -- जमा पर्ची
बैंक में रक़म, चैक आदि जमा करने के लिए भरा जाने वाला एक पुर्जा जिसमें नक़दी अथवा चैक की कैफ़ियत आदि लिखनी होती है।
  • Payment in due course -- यथावधि अदायगी, यथासमय अदायगी
परक्राम्य प्रपत्र की परिपक्वता-तिथि पर उसका भुगतान करना।
  • Pegging -- अधिकीलन
किसी प्रतिभूति, वस्तु अथवा मुद्रा आदि की क़ीमत को आधिकारिक रूप से स्थिर कर देना। इसके दो उपाय हैं। एक तो यह है कि सक्षम प्राधिकारी अपने आदेश से क़ीमत तय कर दे और उसमें किसी परिवर्तन की अनुमति न दे। दूसरे, एक क़ीमत की घोषणा कर दी जाए और खुले बाज़ार में जब भी उसमें घट-बढ़ हो तो सक्षम प्राधिकारी घोषित क़ीमत पर उसकी स्वयं ख़रीद-बेच प्रारंभ कर दे जिससे बाज़ार-भाव फिर स्तर पर लौट आए।
  • Per contra -- प्रतिपक्षीय, दूसरी तरफ़
ऐसी मद जो लेखे अथवा तुलन-पत्र के दोनों ओर दर्ज हो। इसमें नामे तथा जमा के इंदराज एक दूसरे को निष्प्रभावित करते हैं।
  • Perpetual annuity -- चिर वार्षिकी
ऐसी वार्षिकी जिसका भुगतान कुछ वर्षों अथवा किसी व्यक्ति के जीवन-काल तक सीमित न हो अपितु अनिश्चित काल तक चलता रहे। मंदिर, शिक्षा संस्थाएँ और धर्मार्थ ट्रस्ट आदि प्रायः इसी प्रकार के वार्षिकीग्राही होते हैं।
  • Per pro -- कृते, वास्ते, स्थाने
मालिक की ओर से उसके अभिकर्ता अथवा अन्य प्राधिकृत व्यक्ति का हस्ताक्षर करने का अधिकार।
  • Petty cash -- खुदरा रोकड़
दे. imprest fund
  • Physical hazard -- भौतिक खतरा
बीमाकृत संपत्ति की रचना और वहाँ होने वाले कार्य की प्रकृति से संबद्ध जोखिम। उदाहरण के लिए, फ़र्नीचर की दुकान के मुक़ाबले पटाख़े बनाने वाले कारख़ाने के बीमे में भौतिक ख़तरा अधिक है।
तुल. दे. moral hazard
  • Planned economy -- योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था
ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें उत्पादन के लक्ष्य-निर्धारण, विभिन्न क्षेत्रों के बीच उत्पादन कारकों के विभाजन, पूँजी-निवेश और उत्पादित वस्तुओं के वितरण संबंधी कार्य केंद्रीय सरकार की एक विशेष एजेन्सी के निर्णयों के अनुसार होते हैं। जो अर्थव्यवस्था पूर्णतः योजनाबद्ध होती है उसमें क़ीमतों का निर्धारण बाज़ार-तंत्र नहीं बल्कि स्वयं सरकार करती है।
  • Pledge -- गिरवी
कर्ज़दार द्वारा कर्ज़ की ज़मानत के रूप में कर्ज़ देने वाले के पास रेहन रखी गई कोई मूल्यवान वस्तु अथवा संपत्ति।
समान. pawn
  • Posting -- खतियान, दर्ज करना
प्रविष्टियों को रोज़नामचे में से खाता लेखाओं में उतारना।
  • Preference share -- अधिमान शेयर
ऐसे शेयर जिनकी लाभांश-वितरण के समय प्राथमिकता सामान्य शेयरधारियों से पहले आती है। इनके लाभांश की दरें भी पूर्व-निश्चित होती हैं।
  • Preferential duty -- अधिमानि शुल्क, तरजीही शुल्क
ऐसा आयात-शुल्क जो सामान्य पूर्तिकारों की तुलना में मित्र देशों अथवा अपने अनुकूल पूर्तिकारों पर अपेक्षाकृत नीची दर से लगाया गया हो। यह प्रायः पारस्परिक हितों की रक्षा के लिए किया जाता है।
समान. differential duty
  • Premium -- 1.बीमा-किश्त, प्रीमियम 2. बढ़ौती 3. इनाम 4. अधिवेतन
1.बीमा-किश्त, प्रीमियम : किसी सेवा अथवा संरक्षण आदि के लिए नियमित अंतरालों पर दी गई धनराशि जैसे, बीमा संरक्षण के लिए बीमादार द्वारा बीमा कंपनी को दी जानेवाली रक़में।
2. बढ़ौती : अंकित मूल्य से ऊपर अदा की जाने वाली राशि जैसे, यदि किसी बॉन्ड, शेयर अथवा प्रतिभूति का बाज़ार-मूल्य उसके अंकित मूल्य से अधिक है तो यह अधिक राशि उसकी ‘बढ़ौती’ कहलाएगी।
3. इनाम : किसी वस्तु अथवा उत्पाद के साथ कटौती-कूपन अथवा अन्य कोई वस्तु मुफ़्त देना। यह उत्पाद अथवा वस्तु को लोकप्रिय बनाने तथा उसकी ज़्यादा से ज़्यादा बिक्री करने हेतु किया जाता है।
4. अधिवेतन : नियमित मज़दूरी अथवा वेतन के अतिरिक्त किसी धनराशि का भुगतान। यह पैसा कर्मचारी को असाधारण कुशलता अथवा योग्यता, काम की पेचीदगी तथा उसकी ख़तरनाक प्रकृति अथवा समयोपरि या छुट्टी के दिनों में किए गए काम को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है।
  • Price -- क़ीमत, दाम
किसी वस्तु अथवा सेवा की एक इकाई ख़रीदने के लिए क्रेता द्वारा देय धनराशि। दूसरे शब्दों में, किसी वस्तु अथवा सेवा के विनिमय-मूल्य की मुद्रा में अभिव्यक्ति।
  • Principal -- 1. मालिक 2. मूलधन
1. मालिक : किसी व्यवसाय को चलाने वाला अथवा उसका स्वामी; साझेदारी फ़र्म का साझेदार; वह व्यक्ति जो अपना अभिकर्ता नियुक्त करता है।
2. मूलधन : किसी जमा अथवा कर्ज़ की वह मौलिक अंकित राशि जिस पर ब्याज लगाया जाता है।
  • Private company -- निजी कंपनी, प्राइवेट कंपनी
कंपनी अधिनीयम, 1956 की धारा 3 के अनुसार ‘निजी कंपनी’ से आशय ऐसी कंपनी से है जिसने अपने अंतर्नियमों द्वारा (1) अपने शेयरों के हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है; (2) जिसके सदस्यों की संख्या 50 से अधिक नहीं हो सकती (इसमें वे सदस्य शामिल नहीं हैं जो कंपनी के भूतपूर्व या वर्तमान कर्मचारी हैं); और (3) जो अपने शेयरों और डिबेंचरों को ख़रीदने के लिए जनता को आमंत्रित नहीं करती।
प्रत्येक निजी कंपनी के नाम के अंत में ‘प्राइवेट लिमिटेड’ शब्दों का प्रयोग अनिवार्य है।
तुल. दे. public company
  • Private sector -- निजी क्षेत्रक
अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्र जो निजी उद्यम के हाथों में है।
तुल. दे. public sector
  • Proceeds -- आगाम, आय, प्राप्ति
अ – किसी सौदे से वसूल होने वाली निवल धनराशि।
आ – रूक़्क़ा, हुंडी आदि उधार-प्रपत्र को उसकी परिपक्वता-तिथि से पहले ही भुनाने पर धारक को मिलने वाली निवल रक़म।
  • Producer’s goods -- उत्पादक वस्तुएँ, उत्पादक माल
दे. capital goods
  • Product differentiation -- उत्पाद-विभेदन
एक ही प्रकार की वस्तुओं के बीच वास्तविक या काल्पनिक भेद का सर्जन। ऐसा प्रायः पैकिंग, डिब्बाबंदी, ब्रान्ड विभेद, क़िस्म विभेद, डिज़ाइन विभेद आदि विधियों को अपना कर दिया जाता है। उपभोक्ता-वस्तुओं के संबंध में यह अधिकतर देखने में आता हैं। अपनी वस्तु का एक निश्चित बाज़ार बनाने के लिए उत्पादक ऐसा करते हैं।
  • Productivity -- उत्पादिता, उत्पादकता
श्रम, पूँजी अथवा दोनों की एक इकाई से समय की एक निश्चित इकाई के दौरान उत्पादित वस्तुएँ या सेवाएँ।
  • Profit -- लाभ
दे. gross profit, net profit
  • Profit and loss account -- लाभ-हानि लेखा
वार्षिक (या अन्य अवधि के) लेखा-संवरण के दौरान प्रतिष्ठान का निवल लाभ या हानि ज्ञात करने के लिए तैयार किया गया एक लेखा जिसमें आय और व्यय के लेखाओं की बाक़ियाँ उतार ली जाती हैं। इस लेखे में जमा की तरफ़ का जोड़ अधिक हो तो इसका अर्थ है कि प्रतिष्ठान लाभ में और नामे की तरफ़ का जोड़ अधिक हो तो नुक़सान में हैं।
  • Profit-sharing -- लाभ-सहभाजन
उत्पादिता में वृद्धि करने के उद्देश्य से प्रतिष्ठान के लाभ में कर्मचारयों की हिस्सा-बँटाई।
  • Progressive tax -- प्रगामी कर, वर्धमान कर, आरोही कर
वह कर जिसके अंतर्गत कर की दर कर के आधार की वृद्धि के साथ बढ़ती जाती है। यथा, आयकर के प्रसंग में, करदाता की आय जितनी ही अधिक होगी उस आय का उतना ही अधिक अनुपात वह कर के रूप में देगा।
तुल. दे. regressive tax
  • Promissory note -- रूक़्क़ा, प्रोनोट, वचन-पत्र
एक निर्दिष्ट तिथि पर एक निर्दिष्ट राशि को चुकाने के वायदे का लिखित परक्राम्य प्रपत्र।
  • Promoter -- प्रवर्तक
ऐसा व्यक्ति जो उद्यम की परिकल्पना करता है, उससे संबंधित जानकारी इकट्ठा करके विश्लेषण करता है, उसके लिए आरंभिक वित्तीय व्यवस्था करता है और कंपनी के निर्माण की प्रारंभिक औपचारिकताएँ पूरी करता है।
  • Proposal -- प्रस्ताव
अ – ऐसा प्रारंभिक विचार अथवा वचन जो एक वैध संविदा का आधार बनता है।
आ – बीमा कराने के इच्छुक व्यक्ति द्वारा कंपनी के समक्ष प्रस्तुत प्रार्थनापत्र।
  • Prospectus -- विवरण पत्रिका, परिचायिका, माहिती (मराठी)
शेयर जारी करते समय कंपनी द्वारा अपनी वित्तीय स्थिति, कार्यकलापों, नई योजनाओं आदि के बारे में यथाविधि जानकारी देने के लिए प्रकाशित किया गया ब्योरा।
  • Protective duty -- संरक्षण शुल्क
जब घरेलू उत्पादनकर्ताओं को संरक्षण देने के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क लगाया जाता है तो वह संरक्षण शुल्क कहलाता है। इस प्रकार का शुल्क विदेशी वस्तुओं को अपेक्षाकृत महँगा करने के लिए लगाया जाता है ताकि घरेलू उत्पादों की खपत बढ़ सके।
  • Protesting -- 1. नकार-प्रमाणन, प्रोटेस्ट करना 2. संकट-प्रमाणन
1. नकार-प्रमाणन, प्रोटेस्ट करना : नोटरी पब्लिक द्वारा हुंडी के ऊपर इस आशय की टिप्पणी देना कि हुंडी अदाकर्ता को यथा समय भुगतान के लिए पेश की गई किंतु उसने भुगतान करने से इन्कार कर दिया। अदाकर्ता द्वारा भुगतान नकार देने पर पृष्ठांकिती अथवा धारक औपचारिक कार्रवाई के रूप में हुंडी को नोटरी के सुपुर्द कर देता है जो उसे एक बार फिर अदाकर्ता को पेश करता है और उसके द्वारा भुगतान करने से इन्कार किए जाने पर उक्त आशय का प्रमाणपत्र हुंडी पर लिख देता है या उसके साथ नत्थी कर देता है।
2. संकट-प्रमाणन : यात्रा के दौरान दुर्घटना होने के बाद जहाज़ के पत्तन में पहुँचने पर उसके कप्तान द्वारा अधिकारियों को दिया गया तत्संबंधी लिखित वक्तव्य जिसमें जहाज़ अथवा माल को हुई हानि का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाता है और यह प्रमाणपत्र होता है कि दुर्घटना कप्तान और उसके अधिकारियों की असावधानी से नहीं बल्कि दैवी संकट के कारण हुई है।
  • Public company -- सार्वजिक कंपनी
सार्वजिक कंपनी’ से आशय ऐसा कंपनी से है जो निजी कंपनी नहीं है और जिसके अंतर्नियमों के अनुसार उसकी सदस्यता जनता के लिए खुली है। सदस्यों की संख्या सात और अधिक से अधिक चाहे जितनी हो सकती है। सार्वजनिक कंपनी विवरण-पत्रिका जारी करके जनता को अपने शेयर और डिबेंचर लेने के लिए आमंत्रित कर सकती है।
तुल. दे. private company
  • Public sector -- सार्वजनिक क्षेत्रक
अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्र जो सरकारी, अर्थ-सरकारी या स्वशासी निकायों के नियंत्रण में है।
तुल. दे. private sector
  • Qualification shares -- पात्रता-शेयर, अर्हता शेयर
जहाँ कंपनी के अंतर्नियमों में व्यवस्था हो वहाँ निदेशक के पद के लिए अपेक्षित शेयरधारिता।
  • Qualified acceptance -- सशर्त सकार, सशर्त स्वीकृति
बिल या हुंडी सकारते समय अदाकर्ता द्वारा उसकी मुख्य बोतों जैसे, रक़म, परिपक्वता-तिथि, अदायगी के स्थान आदि के विषय में अपनी ओर से कोई मर्यादा लगा देना।
इसके मुख्य भेद दे. conditional acceptance, partial acceptance
  • Quality control -- कोटि-नियंत्रण, गुणता-नियंत्रण
पूर्व-निर्धारित मानकों के आधार पर सांख्यिकीय तकनीकों एवं व्यवस्थित नमूना-चयन की सहायता से वस्तु की गुणवत्ता को क़यम रखने के उपाय।
  • Quantity discount -- परिमाण-बट्टा
किसी वस्तु को बड़ी मात्रा में ख़रीदने पर विक्रेता द्वारा दी जाने वाली छूट।
  • Quota -- कोटा, नियंतांश
अ – किसी वस्तु की पूर्ति अपर्याप्त होने पर उसका न्यायोचित वितरण करने के उद्देश्य से उसके उत्पादक अथवा अन्य प्राधिकारी द्वारा वितरकों या प्रयोक्ताओं के लिए आवंटित की जाने वाली अधिकतम मात्रा।
आ – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के नियमन की दृष्टि से एक अवधि विशेष के लिए किसी वस्तु के आयात-नियति की अधिकतम निर्धारित मात्रा।
  • Quotation -- दर, भाव, निर्ख़
अ – ख़रीदार के पूछने पर विक्रेता द्वारा अपनी वस्तु अथवा सेवा की क़ीमत लिखकर अथवा मौखिक रूप में बताना। इस प्रकार बताई गई क़ीमत उस सौदे विशेष तक ही सीमित रहती है।
आ – किसी तिथि विशेष को स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों, प्रतिभूतियों आदि के उद्धृत मूल्य।
  • Rate -- दर, रेट
अ – दो इकाइयों के बीच प्रचलित अथवा निर्धारित विनिमय-अनुपात जैसे, विदेशी मुद्रा की विनिमय-दर।
आ – भार, इकाई आदि के अनुसार नियत की गई क़ीमत।
इ — लोकोपयोगी सेवाओं का प्रति इकाई प्रभार।
ई – परिवहन के संदर्भ में, भार की इकाई के अनुसार ढुलाई ख़र्च।
  • Rateable value -- दर-निर्धार्य मूल्य, कर-योग्य मूल्य
स्थानीय शुल्क अथवा कर का निर्धारण करने के लिए संपत्ति आदि का कूता गया मूल्य। इसका आधार मकान, फैक्टरी अथवा दुकान से मिल सकने वाला किराया होता है।
  • Rationalization -- युक्तीकरण
उद्योग में कार्यकुशलता लाने तथा उत्पादन में अधिकतम वृद्धि करने के उद्देश्य से फैक्टरी का वैज्ञानिक आधार पर प्रबंध और उत्पादन की अधुनातन तकनीक एवं समुन्नत मशीनरी का प्रयोग ‘युक्तीकरण’ है।
  • Real income -- वास्तविक आय
मुद्रा के रूप में प्राप्त आय की क्रय-शक्ति अर्थात् उससे ख़रीदी जा सकने वाली वस्तुओं और सेवाओं की मात्रा।
  • Rebate -- कटौती, छूट
प्रभार्य या देय राशि में से भुगतान के समय काटी गई या बाद में लौटाई जाने वाली रक़म। व्यापारिक चलन में ‘छूट’ और बट्टे में कभी-कभी अंतर किया जाता है – छूट को प्रदत्त मूल्य के एक अंश की वापसी मानते हैं जबकि बट्टा भुगतान के समय देय राशि में से काटी गई रक़म है।
  • Recapitalization -- पुनः पूँजीकरण
किसी कंपनी के पूँजी स्टॉक को घटा या बढ़ाकर उसकी पूँजी संरचना में परिवर्तन करना।
  • Recourse -- उपाश्रय, वसूली-अधिकार
ऋणी द्वारा ऋण, हुंडी या रूक़्क़े का भुगतान न करने पर आदाता का उसकी गारन्टी देने वालों या (हुंडी के मामले में) पृष्ठांकितियों से रक़म वसूलने का अधिकार।
  • Recovery -- पुनरूत्थान
मंदी के निम्नतम बिंदु के गुज़र जाने के बाद व्यावसायिक कार्यकलापों में पुनः वृद्धि।
  • Redeemable debenture -- प्रतिदेय डिबंचर
ऐसा डिबेंचर जिसकी रक़म एक निश्चित तारीख़ को, या डिबेंचरधारी के माँगे जाने पर, चुकाने के लिए कंपनी वचनबद्ध है।
  • Redemption -- प्रतिदान, शोधन
अ – ऋणी से नियत समय पर भुगतान न मिलने की स्थिति में, बंधकदाता द्वारा क़ानूनी कार्यवाही करके बंधक संपत्ति पर ऋणी के प्रयोगाधिकार को निषिद्ध करा देने के बाद, ऋणी का एक निश्चित अवधि के भीतर देय राशि का भुगतान करके संपत्ति पर पुनः अधिकार प्राप्त करना।
आ – अधिमान शेयर, डिबेंचर आदि जारी करने वाली कंपनी द्वारा पूर्वनिश्चित दर पर भुगतान करके इन्हें अधिमान शेयरधारियों अथवा डिबेंचरधारियों से वापिस ले लेना।
  • Reflation -- प्रत्यवस्फीति
मंदी के समय क़ीमत-स्तर को बढ़ाकर रोज़गार तथा आर्थिक क्रिया में वृद्धि लाने के उद्देश्य से अपनाई गई मुद्रा-व्यवस्था की प्रक्रिया। मंदी अथवा सुस्ती के बाद अर्थव्यवस्था को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए सरकारें प्रायः अपनी मुद्रा की मात्रा बढ़ाकर मुद्रा की क्रय-शक्ति को घटा देती हैं। ऐसा करने का उद्देश्य यह होता है कि क़ीमतें सामान्य स्तर पर आ जाएँ।
  • Regressive tax -- प्रतिगामी कर, ह्रासमान कर, अवरोही कर
वह कर जिसमें कर के आधार में वृद्धि होने के साथ-साथ कर की दर घटती जाती है। यथा, करदाता की आय जितनी ही अधिक होगी अनुपाततः उतनी ही कम दर पर उसे कर देना पडेगा।
तुल. दे. progressive tax
  • Re-insurance -- पुनर्बीमा
बड़ी रक़मों के बीमा अनुबंधों में निहित जोखिम को एक से अधिक बीमाकर्ताओं के बीच फैलाने के उद्देश्य से मूल बीमा कंपनी द्वारा बीमित राशि के एक अंश का बीमा किसी अन्य कंपनी या कंपनियों से करा लेने की प्रक्रिया। व्यवहार में, कभी-कभी पूरे जोखिम का ही अंतरण कर दिया जाता है।
  • Remittance -- प्रेषणा, प्रेषित धन
व्यक्ति, बैंक या खज़ाने द्वारा नक़दी या उधार-प्रपत्रों के माध्यम से एक जगह से दूसरी जगह भेजा गया द्रव्य।
  • Remonetization -- पुनर्मुद्रीकरण
ऐसे सिक्के अथवा नोटों को फिर से वैध मुद्रा की कोटि में ले आना जो कुछ समय के लिए इस पद से च्युत हो गए थे;
सिक्के के धात्विक मूल्य के उसके टकसाल-मूल्य से नीचे आ जाने पर उन सिक्कों का पुनः प्रचलन में आ जाना जो पहले गला दिए जाते थे।
  • Repatriation of capital -- पूँजी प्रत्यावर्तन
विदेश में लगी पूँजी को निकालकर अपने देश के कारोबार में लगाना।
  • Repudiation -- इनकार, प्रत्याख्यान
किसी संविदागत दायित्व को पूर्णतः अथवा अंशतः पूरा करने से इनकार करना।
  • Reserve -- आरक्षित निधि, रिज़र्व
अ – व्यवसाय अथवा प्रतिष्ठान द्वारा किसी सामान्य या विशेष उद्देश्य के लिए आवधिक तौंर पर अपने लाभ में से विनियोजित अंश।
आ – जमाराशियों की सुरक्षार्थ बैंक द्वारा रखी जाने वाली अनिविष्टि निधि।
इ – बीमा कंपनी द्वारा जारी की गई किसी पॉलिसी से उत्पन्न देयता का वर्तमान मूल्य।
reserve के प्रकारों के लिए दे. cash reserve, depreciation reserve, hidden reserve, golden reserve.
  • Reserve ratio -- आरक्षण-अनुपात, रिज़र्व अनुपात
बैंक की देयताओं (अर्थात् ग्राहकों द्वारा जमा धन) और उसकी नक़दी अथवा समस्त तरल परिसंपत्तियों का अनुपात।
  • Restrictive endorsement -- प्रतिबंधी बेचान, प्रतिबंधी पृष्ठांकन
किसी प्रपत्र पर किया गया ऐसा बेचान जिससे उसका आगे हस्तांतरण न हो सके। उदाहरण के लिए, चैक पर ‘केवल आदाता के बैंक खाते में’ लिख देने से उसका आगे बेचान संभव नहीं रहता।
  • Revalorization -- मूल्य पुनःस्थापन
देश की अवमूल्यित मुद्रा को फिर से पूर्व स्तर पर स्थापित करने की प्रक्रिया।
  • Revaluation -- पुनर्मूल्यन
अ – (लेखाकरण) किसी परिसंपत्ति के खाता-मूल्य को उसके बाज़ार-मूल्य के अनुरूप संशोधित करना।
आ – (मुद्रा) देश की मुद्रा के गिरे हुए मूल्य को फिर से ऊँचा करने की प्रक्रिया।
  • Revenue expenditure -- राजस्व-ख़र्च, संचालन-ख़र्च
किसी परिसंपत्ति अथवा प्रतिष्ठान की उत्पादन-क्षमता बनाए रखने के लिए चालू आय में से किया गया रोज़मर्रे का ख़र्च। उदाहरण के लिए, इमारत के रख-रखाव, कच्चे माल, ईंधन, ब्याज आदि का ख़र्च।
तुल. दे. capital expenditure
  • Revocation -- प्रतिसंहरण
अ – किसी अभिकर्ता, एटॉर्नी आदि को प्रदान की गई शक्ति या अधिकार को वापस ले लेना।
आ – संप्रेषण के पूर्ण होने से पूर्व किसी प्रस्ताव अथवा स्वीकृति को वापस ले लेना।
  • Revolving credit -- परिक्रामी उधार
बैंक अथवा किसी अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा खोला गया ऐसा उधार खाता जिसके अंतर्गत कर्ज़दार अथवा ग्राहक अपनी पुरानी देयता की मद में किए गए भुगतान के बराबर फिर उधार ले सकता है अर्थात् जितना वह जमा करे उतना फिर उधार ले ले।
  • Risk -- जोखिम
अ – (व्यापार) व्यवसाय अथवा व्यापार में निहित हानि की संभावना का तत्त्व। यह क़ीमतों के उतार-चढ़ाव, सरकारी नीति के परिणाम अथवा अन्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण होती है।
आ – (बीमा) किसी खतरे अथवा आपदा विशेष से किसी वस्तु, संपत्ति अथवा व्यक्ति को हो सकने वाली हानि की क्षतिपूर्ति के लिए अपेक्षित रक़म।
  • Rolling stock -- चल स्टॉक
रेलवे का सारा पहिएदार सामान जो अपने पहियों के सहारे पटरी द्वारा एक जगह से दूसरी जगह जा सकता है। इसमें माल डिब्बे, यात्री डिब्बे, क्रेन, इंजन आदि आते हैं।
  • Royalty -- रॉयल्टी
किसी विशेषाधिकार के प्रयोग के एवज़ में उसके स्वामी को दी जाने वाली धनराशि। जैसे, खान खोदने, तेल निकालने, पेटेन्ट या कॉपीराइट के प्रयोग के एवज़ में दी जाने वाली रक़म।
  • Runaway inflation -- अतिस्फीति
दे. hyper-inflation
  • Run on a bank -- बैंक पर टूट पड़ना
बैंक पर से विश्वास उठ जाने की स्थिति में जमाकर्ताओं द्वारा भारी तादाद में बैंक से अपना-अपना रुपया वापिस लेने के लिए माँग प्रस्तुत करना।
  • Sales promotion -- विक्रय-संवर्धन
विज्ञापन के अलावा अन्य उपायों से उत्पाद की माँग बढ़ना। जैसे, प्रदर्शनी आयोजित करना, मुफ़्त नमूने बाँटना, क़ीमतों में कमी करना अथवा विशेष उपहार देना।
  • Sales tax -- बिक्री कर
वस्तुओं और सेवाओं के वितरण की प्रक्रिया में एक या अधिक चरणों पर लगाया जाने वाला मूल्यानुसार कर।
  • Salvage -- 1. निस्तार 2. निस्तार-देय
1. निस्तार : आग अथवा अन्य किसी प्राकृतिक आपदा के फलस्वरूप क्षतिग्रस्त माल अथवा संपत्ति का ऐसा भाग जो नष्ट होने से बचा लिया गया है;
बीमा कंपनी द्वारा दावा-माँगों की पूरी भरपाई कर देने के बाद कब्ज़े में लिया गया क्षतिग्रस्त माल अथवा संपत्ति।
2. निस्तार-देय : नौ बीमा के संदर्भ में, जहाज़ अथवा उस पर लदे माल को आग, तूफ़ान अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के एवज़ में दिया जाने वाला पारिश्रमिक।
  • Sample -- नमूना, प्रतिदर्श, सैंपिल
किसी सामग्री अथवा जिन्स के ढेर में से जाँच के लिए निकाली गई बानगी जो उस माल का प्रतिनिधित्व करती है;
विनिर्मित माल के मामले में, विक्रय-संवर्धन के लिए उत्पादक द्वारा तैयार किया जाने वाला विशेष पैकिट जो ख़रीदार को उत्पाद की गुणवत्ता की जाँच करने के लिए भेंट किया जाता है।
  • Scrip -- प्रतिभूति-पत्र, स्क्रिप, पर्ची
अ – कंपनी द्वारा शेयरधारी को शेयर-प्रमाणपत्र जारी किए जाने के पूर्व दिया गया ऐसा प्रमाणपत्र अथवा दस्तावेज़ जो उसके कंपनी में धन लगाने की सनद का काम करता है।
आ – लाभांश शेयर जारी करने के प्रसंग में, यदि लाभांश की राशि इतनी नहीं है कि शेयरधारी को एक पूरा शेयर जारी किया जा सके तो कंपनी उतनी राशि की एक पर्ची काट देती है और आगे के लाभांश जुड़कर जब कुल राशि एक शेयर के मूल्य के बराबर हो जाती है तो शेयर जारी कर दिया जाता है।
इ – शेयर बाज़ार में शेयरों के लिए व्यवहृत वैकल्पिक नाम।
  • Security -- 1. प्रतिभूति 2. ऋणाधार, जमानत
1. प्रतिभूति : शेयर, डिबेंचर, बंधपत्र और सरकार या अर्धसरकारी अथवा स्वायत्त निकायों द्वारा जारी किए गए ऋणपत्र जो धारक द्वारा निविष्ट धनराशि के प्रमाणपत्र होते हैं। इन्हें प्रायः हस्तांतरित किया जा सकता है।
2. ऋणाधार, जमानत : कर्ज़ लेते समय ऋणदाता के आश्वासन के लिए निर्दिष्ट संपत्ति अथवा वस्तु।
  • Seller’s lien -- विक्रेता का लियन
बेचे हुए माल को अपने कब्ज़े में रखने का विक्रेता का अधिकार। इस अधिकार का प्रयोग तभी तक वैध है जब तक कि ख़रीदार क़ीमत का भुगतान न कर दे।
  • Seller’s market -- विक्रेता-बाज़ार
बाज़ार की वह स्थिति जिसमें माँग पूर्ति से अधिक होती है और इस कारण विक्रेता माल की क़ीमत और बिक्री की शर्ते तय करने के मामले में क्रेता पर हावी हो जाते हैं।
तुल. दे. buyer’s market
  • Settlement -- भुगतान, निपटारा
किसी ऋण या अन्य देयता की चुकौती, समायोजना या परिसमापन के लिए किया गया समझौता।
  • Share -- शेयर, अंश, भाग
कंपनी में आंशिक स्वामित्व के प्रमाण का दस्तावेज़ जिस पर उसका मूल्य अंकित होता है। जिस व्यक्ति के पास जितने मूल्य के प्रमाणपत्र होते हैं, कंपनी के लाभों और परिसंपत्तियों में उसी अनुपात में उसका हिस्सा होता है।
share के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. bonus share, cumulative preference share, equity share, participating preference share, preference share
  • Shifting tax -- करांतरण
जिस व्यक्ति पर कर लगाया जाता है यदि वह कर की राशि को पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से किसी अन्य व्यक्ति पर डाल देता है तो इसे ‘करांतरण’ कहते हैं। यदि कर का भार उत्पादक की ओर से उपभोक्ता की दिशा में विवर्तित किया जाता है तो इसे अग्रगामी करांतरण कहा जाता है और ऐसे कर को अग्रातंरणशील कर कहते हैं। जब कर उपभोक्ता की ओर से उत्पादक की ओर विवर्तित किया जाता है तो इसे पश्चगामी करांतरण कहते हैं और ऐसे कर को पश्चांतरणशील कर कहते हैं।
  • Short covering -- प्रतिक्रय, जवाबी खरीद
सटोरिए द्वारा बिकवाली सौदों की संभावित हानि को कम करने के उद्देश्य से वायदा बाज़ार में शेयर ख़रीदना।
  • Short sale -- मंदड़िया बिक्री
शेयर बाज़ार में शेयर उपलब्ध न होने पर भी सटोरिए द्वारा उनकी बिकवाली का सौदा करना। इस तरह की बिकवाली वही व्यापारी करता है जिसे भविष्य में क़ीमतें गिरने की आशा होती है अर्थात् जो मंदी में बैठा होता है।
  • Sight draft -- दर्शनी ड्राफ़्ट
बैंक अथवा किसी ऋणी के नाम लिखा गया ऐसा ड्राफ़्ट या चैक जिसके भुगतान का दायित्व उसे प्रस्तुत करते ही उत्पन्न हो जाता है।
समान. demand draft
तुल. दे. time draft
  • Single entry system -- इकहरी प्रविष्टि पद्धति, इकहरा खतान पद्धति
लेखाकरण की ऐसी पद्धति जिसमें प्रत्येक लेन-देन का दो बार इंदराज जरूरी नहीं होता। छोटे व्यापारी अथवा खुदरा व्यवसायी इसी प्रकार के बहीखाते रखते हैं। इसमें प्रायः दो प्रकार की बहियाँ ही रखी जाती हैं – प्रारंभिक प्रविष्टि के लिए रोज़नामचा और खतियान के लिए एक या अधिक लेखाबहियाँ।
तुल दे. double entry system
  • Single point tax -- एक स्तर कर
जब किसी वस्तु के विनिर्माण से लेकर उपभोक्ता को बेचने तक के प्रक्रमों में केवल किसी एक स्तर पर कर लगाया जाता है तो इसे ‘एक स्तर कर’ कहते हैं।
तुल दे. multipoint tax
  • Single tax system -- एकल कर प्रणाली
जब राजस्व प्राप्ति के लिये केवल एक कर का ही सहारा लिया जाता है तो इसे ‘एकल कर प्रणाली’ कहते हैं।
तुल. दे. multiple tax system
  • Sinking fund -- निक्षेप-निधि
किसी भारी देयता की चुकौती अथवा क्षयी परिसंपत्ति के प्रतिस्थापन के लिए प्रतिष्ठान की चालू आय से विनियोजन द्वारा बनाई गई विशेष निधि। इस आरक्षित निधि का निवेश प्रतिष्ठान में या उसके बाहर भी किया जा सकता है।
  • Sleeping partner (=dormant partner) -- निष्क्रिय साझेदार
ऐसा व्यक्ति जो वस्तुतः फ़र्म में साझेदार तो है लेकिन फ़र्म के कामकाज में कही उसके नाम का उल्लेख नहीं होता और इसलिए बाहर के लोग उसे उक्त फ़र्म के साझेदार के रूप में नहीं जानते।
  • Slump -- गिरावट
किसी व्यवसाय या उद्योग विशेष के उत्पाद की माँग अथवा उसकी क़ीमत में अचानक तथा भारी कमी। प्रायः यह स्थिति थोड़े समय तक ही क़ायम रहती है।
तुल. दे. boom
  • Smuggling -- तस्करी, तस्कर व्यापार
माल को एक देश से दूसरे देश में गुप्त तथा अवैधानिक रूप से लाने-ले-जाने का कार्य। यह व्यापार अवैध इसलिए होता है कि तस्कर न केवल सरकारी शुल्कों की चोरी करता है अपितु कुछ ऐसी वस्तुओं का भी आयात-निर्यात करता है जो सरकार द्वारा निषिद्ध हैं।
  • Social overheads -- सामाजिक उपरिलागत
दे. infrastructure
  • Soft currency -- सुलभ मुद्रा, सुलभ करेन्सी
ऐसी मुद्रा जो विदेशी मुद्रा-बाज़ार में बहुतायत से उपलब्ध हो। यह अक्सर उन देशों की मुद्रा पर लागू होता है जिनके आयात प्रायः उनके निर्यातों से कहीं अधिक होते हैं।
तुल. दे. hard currency
  • Sole agent -- एकमात्र अभिकर्ता, एकमात्र एजेन्ट
विनिर्माता द्वारा अपने उत्पाद की बिक्री-व्यवस्था के लिये नियुक्त की गई एकल फ़र्म (अथवा व्यक्ति) जिसे क्षेत्रीय, राष्ट्रीय अथवा अंतर्राष्ट्रीय वितरण के अनन्य अधिकार दिए जाते हैं।
  • Special endorsement -- नामजोग बेचान, नामजोग पृष्ठांकन
ऐसा बेचान जिसमें उस व्यक्ति के नाम का उल्लेख कर दिया गया है जिसे प्रपत्र अंतरित किया जा रहा है।
  • Specific duty -- परिमाणपरक शुल्क
वस्तु के भार, आयतन या संख्या के अनुसार लगाया गया सीमा शुल्क, उत्पादन-शुल्क या चुंगी।
तुल. दे. ad valorem duty
  • Speculation -- सट्टा, फाटका
किसी जिन्स, बहुमूल्य धातु अथवा शेयरों आदि को एक समय ख़रीद कर कुछ समय बाद बेच देने और इस दौरान क़ीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से फ़ायदा उठा लेने का सौदा।
  • Spot market -- हाज़िर बाज़ार
वस्तुओं की ख़रीद-बेच का ऐसा बाज़ार जिसमें माल की सुपुर्दगी तत्काल देने का चलन होता है।
  • Stale cheque -- गतावधि चैक
ऐसा चैक जो परंपरा द्वारा निर्दिष्ट समय के बीत जाने के बाद भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया है।
  • Standard coin -- मानक सिक्का
सिद्धांततः ऐसा सिक्का जिसका धातु-मूल्य और अंकित मूल्य बराबर हो।
  • Stock -- 1. शेष माल, स्टॉक 2. स्टॉक, पूँजीपत्र
1. शेष माल, स्टॉक : अधनिर्मित और अविक्रीत माल।
दे. inventory
2. स्टॉक, पूँजीपत्र : पूर्ण प्रदत्त शेयरों का समूह जिसे अंशतः भी अंतरित किया जा सकता है।
  • Stock exchange -- शेयर बाज़ार
वह स्थान जहाँ शेयरों तथा अन्य प्रतिभूतियों के हाज़िर और वायदे सौदे किए जाते हैं। यह विक्रय दलालों अथवा कमीशन एजेन्टों के माध्यम से तथा निर्धारित नियमों और विनियमों के अधीन किया जाता है।
  • Stock-in-trade -- भंडारमाल, विक्रेय स्टॉक, बिक्री माल, माल पोते
कारोबर में बिक्री के लिये रखा गया सामान।
  • Stop loss order -- हानि-रोध आदेश
शेयर अथवा प्रतिभूतियों के व्यापारी द्वारा अपने दलाल को भेजा गया ऐसा आदेश जिसके अनुसार उसे निर्दिष्ट स्तर तक क़ीमत बढ़ (या घट) जाने पर प्रतिभूति ख़रीद लेनी है (या बेच देनी है)। यह आदेश इसलिए दिया जाता है ताकि मालिक को जो नुक़सान स्पष्ट होता दिख रहा है उससे और अधिक न हो।
  • Stoppage in transit -- मार्ग में रोकना
अदत्त विक्रेता का ख़रीदार को भेजे जा रहे माल को रास्ते में ही रोक सकने का अधिकार जिसका प्रयोग वह माल को ख़रीदार के कब्जे में पहुंचने से पहले-पहले कर सकता है।
  • Straddle -- तेजी-मंदी विकल्प, नज़राना
दे. double option
  • Straight bill of lading -- सीधा लदान-पत्र
अबेचनीय लदान-पत्र जिसके अनुसार वाहक माल को सीधे परेषिती के सुपुर्द करता है।
  • Sub-contract -- उप-संविदा, उप-ठेका
किसी कार्य विशेष को निष्पादित करने का ठेका लेनेवाली पार्टी द्वारा उस कार्य के पूर्ण अथवा आंशिक निष्पादन के लिये किसी अन्य पार्टी के साथ किया गया अनुबंध।
  • Subrogation -- अनुस्थापन, प्रस्थापन
अ – हानि पूर्ति या दावे के भुगतान के बाद अदाकर्ता को मिला क़ानूनी अधिकार जिसके द्वारा वह स्वतः लेनदार का स्थान ग्रहण कर लेता है;
ऋण अनुबंधों में ज़मानतदार को मुख्य ऋणी की ओर से ऋण की चुकौती कर देने के बाद उसके विरूद्ध लेनदार के सभी अधिकार और स्वत्व प्राप्त हो जाते हैं।
आ – (बीमा) बीमादार की हानि की भरपाई कर देने के बाद बीमा कंपनी का तृतीय पक्ष पर हानिपूर्ति के लिये दावा दायर कर सकने का अधिकार।
  • Subscribed capital -- अभिदत्त पूँजी
किसी कंपनी की निर्गमित पूँजी का वह भाग जिसे ख़रीदने के लिए निवेशकर्ताओं से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
तुल. दे. issued capital
  • Subsidiary company -- नियंत्रित कंपनी
ऐसी कंपनी –
1. जिसके निदेशक-मंडल के गठन पर किसी अन्य कंपनी (नियंत्रक कंपनी) का नियंत्रण हो; या
2. जिसकी कुल मतदान-शक्ति के आधे से अधिक पर किसी अन्य कंपनी (नियन्त्रक कंपनी) का नियंत्रण हो और जिसमें 1 अप्रैल, 1956 से पूर्व जारी किये गए अधिमान शेयरों के धारकों के मताधिकार ईक्विटी शेयरधारकों के ही समान हो; या
3. जिसकी ईक्विटी शेयर पूँजी के अंकित मूल्य के आधे से अधिक पर नियंत्रक कंपनी का स्वामित्व हो (यह प्रावधान उन मामलों में लागू होता है जहाँ कि नियंत्रित कंपनी स्वयं किसी कंपनी का नियंत्रण करती हो); या
4. जो स्वयं किसी ऐसी कंपनी के नियंत्रण में हो जिस पर उक्त नियंत्रक कंपनी का नियंत्रण है।
  • Subsidy -- आर्थिक सहायता, इमदाद, सहायिकी
सरकार द्वारा किसी उपक्रम अथवा कार्यक्रम को चलाने के लिये लोकहितार्थ दी गई आर्थिक मदद।
  • Substitute goods -- स्थानापन्न वस्तुएँ
एक वस्तु की क़ीमत में वृद्धि होने से यदि दूसरी वस्तु की माँग में वृद्धि होती है तो वे वस्तुएँ ‘स्थानापन्न वस्तुएँ’ कहलाती हैं।
  • Supplementary cost -- अनुपूरक लागत
दे. constant cost
  • Surety -- प्रतिभू, जामिन
वह व्यक्ति जो, एक अनुबंध के ज़रिए, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ऋण के यथासमय भुगतान अथवा अन्य किसी कार्य के निष्पादन की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेता है।
  • Surrender value -- अभ्यर्पण मूल्य
पॉलिसी की परिपक्वता तिथि से पहले ही बीमादार द्वारा और किश्तें जमा न करके पॉलिसी को बंद करने की इच्छा व्यक्त किए जाने पर बीमा कंपनी द्वारा बीमादार को देय नक़द राशि।
  • Surtax (=super tax) -- अधिकर
पहले ही लगे हुए कर के आधार पर लगाया गया अतिरिक्त कर। उदाहरणार्थ, आयकर के निर्धारण के लिए आय को आधार मानकर प्रगामी आयकर लगाया जाता है परंतु इस कर को और अधिक प्रगामी बनाने के लिये आयकर की राशि के आधार पर ‘अधिकर’ भी लगा दिया जाता है।
  • Syndicate -- अभिषद्
व्यक्तियों, व्यापारिक संगठनों या बैंकों का समूह जो किसी ऐसे उद्यम को चलाने के लिये इकट्ठे होते हैं जिसमें काफी पूँजी की आवश्यकता पड़ती है।
  • Tangible asset -- गोचर परिसंपत्ति, मूर्त परिसंपत्ति
ऐसी परिसंपत्ति जिसका भौतिक अस्तित्व है और इसलिए जिसका सही-सही मूल्य निरूपित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, संयंत्र, इमारत, माल आदि।
तुल. दे. intangible asset
  • Tare -- धड़ा, बारदाना, टेयर, खाली भार, खाली वज़न
माल के सकल भार और निवल भार का अंतर। यह अंतर इसलिए होता है कि सकल भार में उस पेटी, बोरी, पैकिट, बारदाना, बेठन आदि का वज़न भी आ जाता है जिसमें कि माल पैक है।
  • Tariff -- 1. प्रशुल्क, टैरिफ़ 2. दर-सूची, टैरिफ़
1. प्रशुल्क, टैरिफ़ : आयातित अथवा निर्यातित माल पर सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क जो या तो मूल्यानुसार होता है अथवा उस वस्तु के नापतौल के आधार पर लगाया जाता है।
2. दर-सूची, टैरिफ़ : लोकोपयोगी सेवाओं के संदर्भ में, दरों को दर्शाने वाली सूची; होटलों द्वारा कमरों, भोजन तथा अन्य सेवाओं के लिए वसूल किए जाने वाले प्रभार।
  • Tax -- कर
सरकार या स्वायत्त शासन की किसी इकाई द्वारा, क़ानून के अनुसार, नागरिकों या संस्थाओं से वसूल की गई रक़म जिसका उपयोग सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करने और प्रशासनिक तथा अन्य व्ययों की पूर्ति के लिये किया जाता है। इसके दो मुख्य तत्व हैं :–
(1) कर अदायगी की बाध्यता, और (2) कर की रक़म तथा करदाता को मिलने वाली सुविधाओं के बीच प्रत्यक्ष संबंध का अभाव।
tax के प्रकारों के लिए दे. direct tax, income tax, indirect tax, progressive tax, regressive tax, sales tax, turnover tax, use tax, wealth tax
  • Tax credit -- कर-समंजन
एक प्रकार से, कर को रद्द करना अथवा कर में छूट देना। इस प्रकार का कर लगाया तो जाता है लकिन चूँकि करदाता अन्य प्रकार का भी कोई कर दे रहा है अतः उसी के आधार पर इस कर की अदायगी में आंशिक या पूर्ण छूट दे दी जाती है।
समान. tax offset
  • Tax delinquency -- कर विलंबिता
कर की अदायगी में नियमों का उल्लंघन करने और कर की राशि को देर से अदा करने की प्रवृत्ति।
  • Tax holiday -- करावकाश
सरकार कुछ उद्योगों या धंधों को उनकी स्थापना के कुछ प्रारंभिक वर्षों में या मंदी के समय कर-अदायगी से छूट दे देती है। यह अवधि ‘करावकाश’ है।
  • Tax offset -- कर समंजन
दे. tax credit
  • Tender -- निविदा, टेन्डर
विक्रेता द्वारा एक निश्चित क़ीमत पर, निश्चित समय तक, नियत शर्तो के अधीन, किसी वस्तु को बेचने अथवा कोई सेवा प्रदान करने का प्रस्ताव।
  • Term insurance -- अवधि-बीमा
ऐसा बीमा जो एक निश्चित अवधि, प्रायः अल्पकाल के लिये, किया जाता है। यदि इस अवधि के भीतर बीमादार की मृत्यु हो जाए तो कंपनी हिताधिकारी को पॉलिसी की रक़म चुका देती है किंतु बीमादार के कॉलिसी की अवधि पर्यंत बने रहने की सूरत में बीमा कंपनी की कोई देनदारी नहीं होती।
  • Term loan -- आवधिक कर्ज़, मियादी कर्ज़
किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिये दिया गया कर्ज़।
  • Terms of trade -- आयात-निर्यात स्थिति, व्यापार-स्थिति
किसी फ़र्म, उद्योग या देश द्वारा प्राप्य तथा देय क़ीमतों का परस्पर संबंध। यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लाभों का विश्लेषण करने की दृष्टि से उपयोगी है। इस रूप में यह आयात-निर्यात मूल्यों का संबंध दर्शाता है तथा प्रायः व्यापार संतुलन की स्थिति को परिलक्षित करता है।
  • Test check -- नमूना जाँच
अभिलेख या लेखाबही के इंदराज सही हैं या नहीं, इसके बारे में राय क़ायम करने के लिए उसकी कुछ मदें चुनकर उनकी ब्यौरेवार पड़ताल करना।
  • Third party insurance -- तृतीय पक्ष बीमा
बीमादार की वजह से किसी अन्य व्यक्ति को शारीरिक चोट लगने अथवा उसकी संपत्ति की कोई क्षति होने से उत्पन्न देयता के विरूद्ध संरक्षण प्रदान करने वाला बीमा।
  • Tight money (=dear money) -- महँगी मुद्रा
देश की अर्थव्यवस्था या मुद्रा-बाज़ार की वह स्थिति जिसमें उधार कठिनाई से मिलता है। यह ब्याज-दर बढ़ाकर या चयनात्मक उधार-नियंत्रण की नीति अपनाकर किया जाता है।
तुल. दे. cheap money
  • Time deposit (=fixed deposit) -- मियादी जमा, आवधिक जमा
एक महीने से अधिक की अवधि के लिए बैंक में जमा की गई धनराशि जिस पर बचत खाते की अपेक्षा ऊँची दर पर ब्याज मिलता है। यदि ब्याज मासिक, तिमाही या छमाही रूप से जमाकर्ता के खाते में चक्रवृद्धि आधार पर जमा कर दिया जाता है तो वास्तविक ब्याज-दर और भी बढ़ जाती है।
  • Time draft -- मियादी ड्राफ़्ट
ऐसा ड्राफ़्ट जिसकी रक़म उसे दिखाने अथवा स्वीकृति के लिये प्रस्तुत करने की तारीख़ के निश्चित दिनों के बाद ही देय होती है। दिखाने के कितने दिन बाद ड्राफ़्ट देय होगा, इसका उल्लेख स्पष्टतः उसमें किया जाना चाहिए।
तुल. दे. sight draft
  • Token coin -- प्रतीक सिक्का
ऐसा सिक्का जिसका अंकित मूल्य उसके धातू-मूल्य से अधिक होता है।
  • Tonnage -- टन-भार
वाहन अर्थात् ट्रक, वैगन, जहाज़ आदि की माल ढोने की क्षमता जो टनों में व्यक्त की जाती है।
  • Total loss -- पूर्ण हानि
बीमाकृत संपत्ति का पूर्णतः नष्ट-भ्रष्ट हो जाना। ऐसा हो जाने पर बीमा कराने वाले व्यक्ति को पूरी बीमा-राशि मिल जाती है।
तुल. दे. partial loss
  • Trade discount -- व्यापारिक बट्टा
विनिर्माता द्वारा अपने उत्पाद की बिक्री करने वाले थोक अथवा खुदरा व्यापारियों को माल की सूचीगत क़ीमतों पर दिया जाने वाला कमीशन।
  • Trade mark -- ट्रेड मार्क, मार्का, व्यापार-चिह्न
उपभोक्ताओं को माल की गुणवत्ता और उत्पादक के नाम का बोध कराने तथा अपने उत्पाद को अन्य दूसरे उत्पादों अथवा सेवाओं से पृथक् दिखाने के लिये उत्पादक द्वारा माल पर छापा गया कोई विशेष चिह्न, संकेत, चित्र, नाम आदि।
दे. brand भी
  • Trading account -- व्यापार-लेखा
सकल लाभ आकलित करने के लिए व्यापारी करने के लिए व्यापारी द्वारा तैयार किया जाने वाला आवधिक लेखा जिसमें विक्रय तथा अन्य आय-स्रोत एक ओर तथा विक्रीत माल की लागत दूसरी ओर दिखाई जाती है।
  • Transient goods -- असंचेय वस्तुएँ
वे वस्तुएँ जिनका संचय करके अधिक समय तक न रखा जा सके यथा, खाने पीने की चीज़ें।
  • Traveller’s cheque -- यात्री चैक, ट्रैवलर चैक
यात्रियों की सुविधा के लिए बैंकों द्वारा जारी किये जाने वाले चैक। ‘यात्री चैक’ पर यात्री के हस्ताक्षरों का नमूना रहता है। वह बैंक की किसी शाखा में उक्त चैक प्रस्तुत करके और बैंक के अधिकारी के समक्ष अपने हस्ताक्षर करके चैक भुना सकता है। ‘यात्री चैक’ का प्रमुख लाभ यह है कि यात्री अपनी यात्रा के दौरान नक़द राशि ले जाने के झंझट और जोख़िम से बच जाता है।
  • Trial balance -- शेष-परीक्षण-पत्र, शेष-परीक्षण, तलपट
खतियान की शुद्धता की जाँच के लिए लेखाओं की जमा और नामे बाक़ियों को दो ख़ानों में लिखकर तैयार किया गया एक विवरण। इन ख़ानों के जोड़ का बराबर होना खतियान की गणितीय शुद्धता का प्रमाण होता है।
  • Turnover -- कुल बिक्री, आवर्त, पण्यावर्त
कुल बिक्री : प्रतिष्ठान द्वारा किसी निर्दिष्ट अवधि में किया गया कुल कारोबार।
आवर्त, पण्यावर्त : किसी कारोबार में, एक दी हुई अवधि में, पूँजी अथवा माल के प्रयोग की बारंबारता जो प्रायः एक अनुपात के रूप में आकलित की जाती है। उदाहरण के लिए,
कुल वार्षिक बिक्री कुल वार्षिक बिक्री
——————— अथवा ——————–
औसत आय औसत प्रयुक्त पूँजी
  • Turnover tax -- पण्यावर्त कर
किसी वस्तु या सेवा के सभी प्रकार के सौदों पर लगने वाला मूल्यानुसार कर – ये सौदे चाहे खुदरा हों या थोक। यह कर वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन और वितरण के सभी चरणों पर लगाया जाता है।
  • Tying contract -- अनुबद्ध संविदा, अनुबद्ध बिक्री
ऐसी बिक्री जिसमें ख़रीदार को अपनी जरूरत की चीज़ के साथ-साथ विक्रेता द्वारा उसके मत्थे मढ़ी गई कोई दूसरी चीज़ भी ख़रीदनी पड़ती है इस प्रकार की बिक्री नितांत अनुचित है परंतु बाज़ार में किसी आवश्यक वस्तु की दुर्लभता होने पर ख़रीदार को इस जबरन ख़रीद का शिकार होना पड़ता है। उदाहरणार्थ, युद्ध काल में वस्त्र-नियंत्रण के दौरान उपभोक्ताओं को महीन कपड़े की धोतियों के साथ छींट आदि भी ख़रीदनी पड़ती थी।
  • Under insurance -- न्यून मूल्य बीमा
संपत्ति के मूल्य अथवा उसमें निहित जोखिम की राशि से कम का बीमा।
  • Under invoicing -- अधोबीजकन, कम मूल्य का बीजक बनाना
विदेश व्यापार में कर तथा विदेशी विनिमय की चोरी के लिए अपनाया गया उपाय जिसमें ख़रीदार के आग्रह पर विक्रेता बीजक बनाते समय माल की क़ीमत जानबूझकर कम दिखाता है। इससे असली क़ीमत और बीजक क़ीमत का अंतर कर-अधिकारियों की निगाह में नहीं आता और यह काले धन का रूप ले लेता है जो प्रायः तस्करी आदि के काम में लाया जाता है।
  • Underwriter -- 1. हामीदार 2. बीमाकर्ता
1. हामीदार : शेयरों तथा अन्य प्रतिभूतियों के विपणन में निहित जोखिम का बीमा करने वाले व्यक्ति, बैंक अथवा वित्तीय संस्थाएँ जो कंपनी को एक निश्चित तारीख़ तक एक निश्चित राशि के शेयर या प्रतिभूतियों की ख़रीद हो जाने की गारन्टी देते हैं। इस गारन्टी के एवज़ में ‘हामीदार’ को कंपनी से कमीशन मिलता है। यदि निश्चित कारीख़ तक उतने शेयर आदि न बिकें तो ‘हामीदार ‘बाक़ी शेयर स्वयं ले लेने के लिए बाध्य है।
2. बीमाकर्ता : ऐसी कंपनी जो बीमा-कार्य करती है अर्थात् जो प्रीमियम भुगतान के बदले जोखिम-धारण करने का कार्य करती है।
  • Unearned income -- अनर्जित आय
अ – संबंधित लेखा-अवधि से पहले ही प्राप्त होने वाली आमदनी जो वर्तमान लेखा-अवधि में अनर्जित आय के रूप में दिखाई जाएगी।
आ – सेवा अथवा श्रम के बजाय प्रासंगिक कारणों अथवा घटना विशेष से हुई आमदनी। आयकर लगाते समय कहीं-कहीं आमदनियों में भेद किया जाता है और अनर्जित आय पर अपेक्षाकृत ऊँची दर से कर लगाया जाता है।
  • Unfavourable balance of trade -- प्रतिकूल व्यापार-शेष
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में किसी देश की ऐसी स्थिति जिसमें उसके द्वारा आयातित माल का मुद्रा-मूल्य उसके द्वारा निर्यातित माल के मुद्रा-मूल्य से अधिक हो।
तुल. दे. favourable balance of trade
  • Unfunded debt -- अनिधिक ऋण
अल्पकालीन ऋण जो प्रायः एक वर्ष से कम की अवधि में ही लौटा दिए जाएँगे।
  • Unit cost -- इकाई लागत
किसी वस्तु या सेवा की एक निर्दिष्ट इकाई की लागत। इकाई के उदाहरण हैं, प्रति श्रम-घंटा, प्रति मशीन-घंटा, प्रति क्विन्टल आदि।
  • Unit trust -- यूनिट ट्रस्ट, इकाई न्यास
छोटे-छोटे बचतकर्ताओं को सुरक्षित निवेश का अवसर प्रदान करने के लिए स्थापित निवेश-संस्था जिसकी पूँजी छोटी रक़म की इकाइयों में बँटी होती है जो न्यूनाधिक जोखिम वाली अनेक प्रकार की प्रतिभूतियों में लगाई जाती है ताकि निवेशकर्ताओं को उचित लाभांश मिलने का आश्वासन रहे।
  • Unlimited liability -- असीमित देयता
दावों के भुगतान की ऐसी ज़िम्मेदारी जो क़ानून या करार द्वारा प्रतिबंधित न हो। उदाहरण के लिए, फर्म के ऋणों को चुकाने की साझेदार की देयता।
  • Unpaid seller -- अदत्त विक्रेता
निम्नलिखित परिस्थितियों में माल का विक्रेता अदत्त विक्रेता समझा जाता है :-
1. जब उसे पूरे मूल्य का भुगतान न हुआ हो, या
2. जब उसे विनिमय-पत्र या अन्य परक्राम्य प्रपत्र के जरिये सशर्त भुगतान किया गया हो और बाद में यह प्रपत्र नकार दिया गया हो।
  • Unplanned economy -- अनियोजित अर्थव्यवस्था, योजनारहित अर्थव्यवस्था
मक्त बाज़ार-शक्तियों पर आधारित अर्थव्यवस्था।
  • Usance -- मियाद, अवधि, मुद्दत
परक्राम्य प्रपत्र के भुगतान के लिए क़ानून अथवा व्यापारिक रिवाज़ द्वारा अनुमत समय।
  • Use tax -- उपयोग कर
खुदरा बिक्री-कर के अतिरिक्त वस्तुओं के उपयोग पर लगाया जाने वाला कर। यह कर वस्तुओं के उपयोग के स्थान पर लगाया जाता है, न कि उत्पादन के चरण पर।
  • Valuable consideration -- मूल्यवान प्रतिफल
दे. consideration
  • Variable cost -- परिवर्ती लागत, प्रचालन-लागत
उत्पादन के परिमाण के साथ घटने-बढ़ने वाली लागत।
  • Voidable agreement -- शून्यकरणीय अनुबंध, शून्यकरणीय क़रार
ऐसा क़रार जो बाध्यकर और क़ानूनन प्रवर्तनीय तो है पर उसमें वैध अनुबंध के आवश्यक तत्वों में एक या अधिक तत्त्वों का प्रभाव होने के कारण आर्त पक्ष चाहे तो उचित समय के भीतर उसे नकार सकता है। ऐसा न किए जाने पर क़रार वैध मान लिया जाएगा।
तुल. दे. void agreement
  • Void agreement -- शून्य करार
ऐसा क़रार जो स्थापित क़ानून अथवा सरकारी नीति के ख़िलाफ है। न्यायालयों की दृष्टि में ऐसे क़रार आदितः निरर्थक होते हैं।
तुल. दे. voidable agreement
  • Voucher -- वाउचर
रुपए के लेनदेन अथवा अन्य किसी प्रकार के भुगतान का लिखित प्रमाण।
  • Wage freeze -- मज़दूरी कीलन
सरकार अथवा अन्य प्राधिकृत अधिकरण द्वारा मज़दूरी-दरों की वृद्धि पर कुछ समय के लिए रोक लगाना। इसका उद्देश्य मज़दूरी-वृद्धि से उत्पन्न होने वाली स्फीतिकारी प्रवृत्तियों को रोकना होता है। आमतौर पर मज़दूर संघ इस प्रकार की नीति का विरोध करते हैं। इसका सुझाव सर्वप्रथम इंग्लैंड के वित्त मंत्री द्वारा 1949 में स्टर्लिंग के अवमूल्यन से उत्पन्न स्फीतिकारी प्रवृत्तियों को रोकने के लिए दिया गया था।
  • Wage-price spiral -- मज़दूरी-क़ीमत उच्चक्र
स्फीति के दौरान मज़दूरी और क़ीमत की एक दूसरे को प्रभावित करने की प्रक्रिया। मज़दूरी बढ़ने से क़ीमत में वृद्धि होती है। क़ीमत-वृद्धि के कारण श्रमिक अधिक मज़दूरी की माँग करते हैं और प्रायः उसे पूरा कराने में सफल हो जाते हैं। इस प्रकार ‘मज़दूरी-क़ीमत उच्चक्र’ चलता है।
  • Warranty -- आश्वस्ति, वारन्टी
अ – वस्तु की क़िस्म, गुणवत्ता और उसके स्वामित्व आदि के बारे में व्यक्त अथवा निहित शर्ते जो संविदा की अनुषंगी हैं और जिनका पालन न होने पर आर्त पक्ष हर्जाने का दावा तो कर सकता है पर संविदा को शून्य करार नहीं दे सकता;
विनिर्माता द्वारा अपने माल की गुणवत्ता के बारे में ख़रीदार को दी गई लिखित गारन्टी जिसके अनुसार वह एक निश्चित समय तक माल में ख़राबी पाए जाने या उसके बिगड़ जाने पर दोषी हिस्से के बदलाव और मरम्मत का वचन देता हैं।
तुल. दे. condition
आ – बीमा के संदर्भ में, बीमादार द्वारा जोखिम के स्वरूप के बारे में दिया गया वक्तव्य जिसके असत्य सिद्ध होने की सूरत में बीमा अनुबंध शून्य हो जाता है।
  • Wash sale -- दिखावटी बिक्री
दो या अधिक दलालों द्वारा शेयरों की फ़र्जी बिक्री। ऐसा शेयरों की बाज़ार-क़ीमत बनाने या टैक्स से बचने के लिए किया जाता है। ‘दिखावटी बिक्री’ क़ानून तथा शेयर बाज़ार द्वारा निषिद्ध है।
  • Waste product -- अवशेष, रद्दी
वस्तुओं के विनिर्माण की प्रक्रिया में बचा हुआ कचरा आदि। एक उद्योग का अवशेष दूसरे उद्योग का कच्चा माल हो सकता हैं।
  • Wasting asset -- क्षयी परिसंपत्ति
ऐसी परिसंपत्ति जो उपयोग करते-करते चुक जाती है अर्थात् जो एक सीमित समय तक ही चल सकती है जैसे, खान, तेल के कुएँ या जंगल आदि।
  • Watered stock -- स्फीत स्टॉक
कंपनी की शेयर-पूँजी का वह भाग जिसका पूर्ण प्रतिनिधित्व उसकी परिसंपत्तियों के वास्तविक मूल्य से नहीं होता। दूसरे शब्दों में, यह परि संपत्तियों के खाता-मूल्य और नक़दी-मूल्य का अंतर है।
  • Way bill -- मार्ग-पत्रक, रवन्ना, यात्रा-विवरणी
बसों, ट्रकों आदि के कंडक्टरों या चालकों द्वारा रखी जाने वाली विवरणी जिसमें यात्रियों की संख्या तथा गंतव्य और माल का विवरण आदि दर्ज किया जाता है।
  • Wealth tax -- संपत्ति कर
किसी व्यक्ति या फ़र्म की संपत्ति पर लगाया जाने वाला कर। संपत्ति पर यह कर एक सीमा के पश्चात ही लगाता है।
  • Wharfage -- घाट-भाड़ा, स्थान शुल्क
गोदी अथवा घाट पर माल चढ़ाने-उतारने आदि की सुविधाएँ प्रदान करने की एवज में वसूल की जाने वाली धनराशि।
  • Wholesaler -- थोक व्यापारी, थोक विक्रेता
उत्पादक अथवा खुदरा व्यापारी के बीच माल अथवा उत्पाद के बहुमात्रा वितरण का कार्य करने वाली सारणी।
  • Winding up -- समेटना, समापन
किसी व्यवसाय अथवा कंपनी को स्वेच्छा से अथवा अदालती आदेश के अंतर्गत बंद करना।
  • Window dressing -- 1. बाह्य अलंकरण, दुकान की सजावट 2. ऊपरी दिखावट
1. बाह्य अलंकरण, दुकान की सजावट : विक्रय-कला का एक तत्त्व। ग्राहक को दुकान तथा माल की ओर आकर्षित करने के लिए माल को सजाना अथवा दुकान की सज्जा करना।
2. ऊपरी दिखावट : तुलन-पत्र अथवा अन्य वित्तीय विवरणों को इस रूप में प्रस्तुत करना जिससे कंपनी की माली हालत उसकी वास्तविक हालत से ज्यादा अच्छी दिखाई दे।
  • Working capital -- कार्यशील पूँजी
वह पूँजी-राशि जो प्रतिष्ठान का कारोबार चलाने के लिए इस्तेमाल में आ रही है। प्रतिष्ठान की चालू परिसंपत्तियों में से चालू देयताएँ घटा देने पर ‘कार्यशील पूँजी’ की मात्रा निकल आती है।
  • Working partner -- सक्रिय साझेदार
ऐसा साझेदार जो फ़र्म के व्यापार अथवा व्यवसाय में स्वयं योगदान करता है। साझेदार कभी-कभी फ़र्म में स्वयं पूँजी लगाने के स्थान पर अपनी कुशलता और मेहनत के बदले ही फ़र्म के लाभ में अपने हिस्से का हक़दार बनता है।
  • Written down value -- अवलिखित मूल्य, ह्रासित मूल्य
किसी परिसंपत्ति के खाता-मूल्य से मूल्यह्रास की राशि घटाकर निकाली गई रक़म।
  • Yield -- 1. उपज, उत्पादन, पैदावार 2. आय, प्राप्ति 3. प्रतिफल
1. उपज, उत्पादन, पैदावार : खेती से पैदा होने वाली चीज़ों का परिमाण।
2. आय, प्राप्ति : कर, शुल्क आदि से मिलने वाली रक़म।
3. प्रतिफल : निवेश के वर्तमान बाज़ार-मूल्य पर प्राप्य आमदनी की दर।
  • Zone pricing -- क्षेत्रशः क़ीमत-निर्धारण
क़ीमत-निर्धारण की ऐसी नीति जिसके अनुसार अंत-क्षेत्र लागत-अंतरालों के बावजूद वस्तु एक समूचे क्षेत्र में एक ही क़ीमत पर बेची जाती है।
  • Zoning -- क्षेत्रन, क्षेत्र बनाना, क्षेत्रीकरण
उत्पाद की वसूली और वितरण-व्यवस्था को अधिक कुशल और सुचारू बनाने के लिए देश को विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों में बाँट देना।

स्रोत[सम्पादन]