विचार

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हिन्दी[सम्पादन]

क्रिया[सम्पादन]

विचार करना, विचार किया या विचार कर रहा आदि एक प्रकार की क्रिया है, जिसमें हम किसी कोई कार्य या अन्य के करने आदि हेतु सोच रहे होते है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

विचार तें उपजै ज्ञान प्रंकास । र्ज्यौ अरनी संघरन तें प्रगटै गु हुतास ।—दीन, ग्रं, पृ॰ १९६ ।

३. जलन । दाह ।

विचार संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वह जो कुछ मन से सोचा जाय अथवा सोचकर निश्चित किया जाय । किसी विषय पर कुछ सोचने या सोचकर निश्चय करने की क्रिया ।

२. वह बात जो मन में उत्पन्न हो । मन में उठनेबाली कोई बात । भावना । खयाल । जैसे,—अभी मेरे मन में विचार आया है कि चलकर उससे बातें करूँ ।

३. राजा या न्यायाधीश आदि का वह कार्य जिसमें वादी और प्रतिवादी के अभियोग और उत्तर आदि सुने जाते हैं; यह निश्चित किया जाता है कि किस पक्ष का कथन ठीक है; और तब कुछ निर्णय किया जाता है । मुकदमें की सुनवाई और फैसला । जैसे,—राजकर्मचारी दोनों को पकड़कर उनका विचार कराने के लिये उन्हें राजद्वार पर ले गया (शब्द॰) । यौ॰—विचारकर्ता । विचारविमर्श । विचारसभा । विचारस्थल ।

४. विचरना । घूमना ।

५. घुमाना । फिराना ।

६. चयन (को॰)

७. संकोच । संदेह (को॰) ।

८. दूरदर्शिता । सतर्कता (को॰) ।

९. विमर्श । गवेषणा । तत्वार्थनिर्णय (को॰) ।

१०. विवेक । तर्कण (को॰) ।

११. परीक्षण (को॰) ।