विडंबना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

विडंबना संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विडम्बना] [वि॰ विडंबनीय, विडंबित]

१. अनुकरण करना । नकल उतारना ।

२. किसी को चिढ़ाने या बनाने के लिये उसकी नकल उतारना ।

३. हँसी उडा़ना । मजाक करना ।

४. हँसी का विषय । उ॰—संसार के समस्त अभावों को असंतोष कहकर हृदय को धोखा देता रहा । परंतु कैसी विडंबना ! लक्ष्मी के लालों के भ्रूभंग और क्षोभ की ज्वाला के अतिरिक्त मिला क्या ?—स्कंद॰ पृ॰ १६ ।

५. डाँटना डपटना । फटकारना । दे॰ 'विडंबन' ।