व्रिद
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]व्रिद † संज्ञा पुं॰ [सं॰ विरद] विरद । सुजस । उ॰—मंछ कवि कहैं पुन सरन सधार व्रिद याही ते सरन लयो रावरे चरन को ।—रघु॰ रू॰, पृ॰ २८५ ।
व्रिद † संज्ञा पुं॰ [सं॰ विरद] विरद । सुजस । उ॰—मंछ कवि कहैं पुन सरन सधार व्रिद याही ते सरन लयो रावरे चरन को ।—रघु॰ रू॰, पृ॰ २८५ ।