शंयु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शंयु ^१ वि॰ [सं॰] प्रसन्न । शुभान्वित । सुखी [को॰] ।
शंयु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰] महाभारत के अनुसार यज्ञ के अधिष्ठातृ देव अग्नि जो बृहस्पति के पुत्र रूप कहे गए हैं [को॰] ।
शंयु ^१ वि॰ [सं॰] प्रसन्न । शुभान्वित । सुखी [को॰] ।
शंयु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰] महाभारत के अनुसार यज्ञ के अधिष्ठातृ देव अग्नि जो बृहस्पति के पुत्र रूप कहे गए हैं [को॰] ।