शकरकन्द

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

शकरकंद संज्ञा पुं॰ [हिं॰ शकर + सं॰ कन्द] एक प्रकार का प्रसिद्ध कंद । विशेष—इसकी खेती प्रायः सारे भारत में होती है । यह साधारणतः सूखी जमीन में बोया जाता है । इसका कंद दो प्रकार का होता है—एक लाल दूसरा सफेद । लाल शकरकंद रतालु या पिंडालु कहलाता है और सफेद को शकरकंद या कंदा कहते हैं । यह भूनकर वा उबालकर खाया जाता है । प्रायः हिंदु लोग व्रत के दिन फलाहार रुप में इसका व्यवहार करते हैं । यह कंद बहुत मीठा होता है और इसमें से एक प्रकार की चीनी निकलती है । अनेक पाश्चत्य देशों में इससे चीनी भी निकाली जाती है, और इसी लिये इसकी बहुत अधिक खेती होती है । वनस्पति शास्त्र के आधुनित विद्वानों का अनुमान है कि यह मूलतः अमेरिका का कंद है, और वहीं से सारे संसार में फैला है ।