सँकरा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

सँकरा † ^१ वि॰ [सं॰ सङ्कीर्ण] [वि॰ स्त्री॰ सँकरी] जो अधिक चौड़ा या विस्तृत न हो । पतला और तंग । जैसे,—सँकरा रास्ता ।

सँकरा ^२ संज्ञा पुं॰ कष्ट । दुःख । विपत्ति । मुहा॰—सँकरे में पड़ना = दुख में पड़ना । कष्ट में पड़ना ।

सँकरा पु † ^३ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ श्रृङ्खला] श्रृंखला । साँकल । सीकड़ । जंजीर । उ॰—घुँघरवार अलकै विष भरे । सँकरे प्रेम चहुँ गये परे ।—जायसी (शब्द॰) ।

सँकरा ^४ संज्ञा पुं॰ [सं॰ खङ्कराभरण] एक राग । दे॰ 'शंकराभरण' ।