सँजोह

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

सँजोह † संज्ञा पुं॰ [सं॰ संयोग] लकड़ी का वह चौखटा जो जुलाहे कपड़ा बुनते समय छत से लटका देदे हैं और जिसमें राछ या कंधी लगी होती है । ढरकी फेंकते समय इसे आगे बढ़ा देते हैं और उसके पश्चात् इसे खींचकर बाने को कसते हैं । इसे हथ्था भी कहते हैं ।