सँझवाती

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

सँझवाती ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सन्ध्या + वती] संध्या के समय जलाया जानेवाला दीपक । शाम का चिराग । उ॰—चंद देख चकई मिलान सर फूले ऐसे, विपरीतकाल है सुदेह कहियत है । वाती

सँझवाती धनसार नीर चंदन सो बारि लीजियत न अनल चहियतु है ।—हृदयराम (शब्द॰) ।

२. वह गीत जो संध्या समय गाया जाता है । प्रायः यह विवाह के अवसर पर होता है ।

सँझवाती ^२ वि॰ संध्या संबंधी । संध्या का ।