सँझोखे
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सँझोखे पु संज्ञा स्ञी॰ [सं॰ सन्ध्या] दे॰ संध्या का समय । शाम का वक्त । उ॰—गोप अथाइनि ते उठे गोरज छाई गैल । चलि बलि अलि अभिसारिके भली सँझोखे सैल ।—बिहारी (शब्द॰) ।
सँझोखे पु संज्ञा स्ञी॰ [सं॰ सन्ध्या] दे॰ संध्या का समय । शाम का वक्त । उ॰—गोप अथाइनि ते उठे गोरज छाई गैल । चलि बलि अलि अभिसारिके भली सँझोखे सैल ।—बिहारी (शब्द॰) ।