संवेश
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संवेश संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. पास जाना । पहुँचना ।
२. प्रवेश । घुसना ।
३. बैठना । आसन जमाना ।
४. लेटना । सोना । पड़ रहना ।
५. काम शास्त्रानुसार एक प्रकार का रतिबंध ।
६. काष्ठासन । पीढ़ा । पाटा ।
७. अग्नि देवता, जो रति के अधिष्ठाता माने गए हैं ।
८. शयन कक्ष । शयनागार (को॰) ।
९. सपना । स्वप्न (को॰) । यौ॰—संवेशपति=निद्रा, आराम अथवा रति के अधिष्ठाता देवता अग्नि ।