सकना

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हिन्दी[सम्पादन]

क्रिया[सम्पादन]

कुछ करने में सक्षम होना।

अन्य[सम्पादन]

उदाहरण[सम्पादन]

  • इस कार्य को कर सकना हर किसी के बस में नहीं होता है।
  • मैं यह कार्य कर सकता हूँ।
  • कोई भी इस कार्य को नहीं कर सकता है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

सकना क्रि॰ अ॰ [सं॰ शक् या शक्य] कोई काम करने में समर्थ होना । करने योग्य होना । जैसे,—खा सकना, चल सकना, कह सकना । विशेष—इस क्रिया का व्यवहार सदा किसी दूसरी क्रिया के साथ संयोज्य क्रिया के रूप में ही होता है, अलग नहीं होता । परंतु बंगाल में कुछ लोग भूल से, या बँगला के प्रभाववश, कभी कभी अकेले भी इस क्रिया का व्यवहार कर बैठते हैं । जैसे,— हमसे नहीं सकेगा ।