सनमान
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सनमान पु॰ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सम्मान] दे॰ 'सम्मान' । उ॰—केहि करनी जन जानि के सनमान किया रे । केहि अध अवगुन आपनो करि डारि दिया रे ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ४७१ ।
सनमान पु॰ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सम्मान] दे॰ 'सम्मान' । उ॰—केहि करनी जन जानि के सनमान किया रे । केहि अध अवगुन आपनो करि डारि दिया रे ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ४७१ ।