सब

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

सब ^१ वि॰ [सं॰ सर्व, प्रा॰ सब्ब]

१. जितने हों, वे कुल । समस्त । जैसे,—(क) इतना सुनते ही सब लोग वहाँ से चले गए । (ख) सब किताबें आलमारी में रख दो । मुहा॰—सब मिलाकर = जितना हो, उतना सब । कुल ।

२. पूरा । सारा । समस्त ।

सब ^२ वि॰ [अं॰] छोटा । गौण । अप्रधान । विशेष—इस अर्थ में इस शब्द का प्रयोग प्रायः यौगिक शब्दों के आरंभ में होता है । जैसे,—सबइंसपेक्टर, सबजज, सबओवरसियर, सब आफिस ।