समान

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

समान ^१ वि॰ [सं॰] जो रूप, गुण, मान, मूल्य, महत्व आदि में एक से हों । जिनमें परस्पर कोई अंतर न हो । सम । बराबर । सदृश । तुल्य । एकरूप । जैसे,—वे दोनों समान विद्वान् हैं; उनमें कोई अंतर नहीं है । मुहा॰—एक समान=एक सा । एक जैसा । यौ॰—समान वर्ण=ऐसे वर्ण जिनका उच्चारण एक ही स्थान से होता हो । जैसे,—क, ख, ग, घ ल समान वर्ण हैं ।

२. सामान्य । साधारण (को॰) ।

३. मध्यवर्ती । उभयनिष्ठ । वीच का (को॰) ।

४. क्रोधी । कोपाविष्ट । क्रोधयुकत (को॰) ।

५. सज्जन । भला (को॰) ।

६. समादरणीय । समादृत । संमा- नित (को॰) ।

७. साकल्य । समग्रता । समास । जैसे, संख्या का (को॰) ।

समान ^२ संज्ञा पुं॰

१. सत् ।

२. शरीर के अंतर्गत पाँच वायुओं में से एक वायु जिसका स्थान नाभि माना गया है ।

३. मित्र । साथी (की॰) ।

४. व्याकारण के अनुसार एक ही स्थान से उच्चरित होनेवाले वर्ण (को॰) ।