साध्य

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

साध्य सम । (९) प्राप्ति सम । (१०) अप्राप्ति सम । (११) प्रसंग सम । (१२) प्रतिद्यष्टांत सम । (१३) अनुत्पत्ति सन । (१४) संशय सम । (१५) प्रकरण सम । (१६) हेतु सम । (१७) अर्थापित्ति सम । (१८) अविशेष सम । (१९) उपपत्ति सम । (२०) उपलब्धि सम । (२१) अनुपलब्धि सम । (२२) नित्य सम । (२३) अनित्य सम, और (२४) कार्य सम ।

५. वर्ण ।

६. कुल । वंश ।

७. गोत्र ।

८. जन्म ।

९. आमलकी । छोटा आँवला ।

१०. सामान्य । साधारण । आम ।

११. चमेली ।

१२. जावित्री ।

१३. जायफल । जातीफल ।

१४. वह पद्य जिसके चरणों में मात्राओं का नियम हो । मात्रिक छंद ।

साध्य ^१ वि॰ [सं॰]

१. सिद्ध करने योग्य । साधनीय ।

२. जो सिद्ध हो सके । पूरा हो सकने के योग्य । जैसे,—यह कार्य साध्य नहीं जान पड़ता ।

३. सहज । सरल । आसान ।

४. जो प्रमाणित करना हो । जिसे साबित करना हो ।

५. प्रतिकार करने के योग्य । शोधनीय ।

६. जानने के योग्य ।

७. (चिकित्सा आद ि द्वारा) ठीक करने योग्य । चिकित्स्य । उ॰—साध्य बीमारी भी दो प्रकार की है ।—शार्ङ्गधर॰, पृ॰ ५६ ।

८. प्राप्त करने योग्य । विजेतव्य (को॰) ।

१०. प्रयोक्तव्य । जो प्रयुक्त करने योग्य हो ।

११. विध्वस्त, समाप्त या नष्ट करने योग्य [को॰] ।

साध्य ^२ संज्ञा पुं॰

१. एक प्रकार के गणदेवता जिनकी संख्या बारह है और जिनके नाम इस प्रकार हैं—मन, मंता, प्राण, नर, अपान, वीर्यवान्, विनिर्भय, नय, दंस, नारायण, वृष और प्रमुंच । शारदीय नवरात्र में इन गणों के पूजन का विधान है ।

२. देवता ।

३. ज्योतिष में विष्कंभ आदि सताइस योगों में से इक्कीसवाँ योग जो बहुत शुभ माना जाता है । विशेष—कहते हैं इस योग मे जो काम किया जाता है, वह भलीभाँति सिद्ध होता है । जो बालक इस योग में जन्म लेता है वह असाध्य कार्य भी सहज में कर लेता है और बहुत वीर, धीर, बुद्धिमान् तथा विनयशील होता है ।

४. तंत्र के अनुसार गुरु से लिए जानेवाले चार प्रकार के मंत्रों में से एक प्रकार का मंत्र ।

५. न्याय वैशेषिक दर्शन में वह पदार्थ जिसका अनुमान किया जाय । जैसे,—पर्वत से धूआँ निकलता है, अत: वहाँ अग्नि है । इसमें 'अग्नि' साध्य है ।

६. कार्य करने की शक्ति । सामर्थ्य । जैसे,—यह काम हमारे साध्य के बाहर है ।

७. परिपूर्णता । पूर्ति (को॰) ।

८. चाँदी (को॰) ।