सुदर्शन
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादन]शब्दसागर
[सम्पादन]सुदर्शन ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. विष्णु भगवान् के चक्र का नाम ।
२. शिव ।
३. अग्नि का एक पुत्र ।
४. एक विद्याधर ।
५. मत्स्य । मछली ।
६. जंबू वृक्ष । जामुन ।
७. नौ बलदेवों में से एक । (जैन) ।
८. वर्तमान अवसपिणी के अट्ठारहवें अर्हत् के पिता का नाम । (जैन) ।
९. शंखन का पुत्र ।
१०. ध्रुवसंधि का एक पुत्र ।
११. अर्थसिद्धि का पुत्र ।
१२. दधीचि का एक पुत्र ।
१३. अजमीढ का एक पुत्र ।
१४. भरत का एक पुत्र ।
१५. एक नाग असुर ।
१६. प्रतीक का जामाता ।
१७. सुमेरु ।
१८. एक द्वीप का नाम ।
१९. गिद्ध ।
२०. एक प्रका र की संगीतरचना ।
२१. संन्यासियों का एक दंड जिसमें छह गाँठें होती हैं । इसे वे भूत प्रेतों से अपना बचाव करने के लिये अपने पास रखते हैं ।
२२. मदनसस्त ।
२३. सोमवल्ली । विशेष दे॰ 'सुदर्शना' ।
२४. इंद्रनगरी । अमरावती (को॰) ।
सुदर्शन ^२ वि॰ जो
१. जो देखने में सुंदर हो । प्रियदर्शन । सुखदर्शन । सुंदर । मनोरम ।
२. जो आसानी से देखा जा सके ।
सुदर्शन चक्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] विष्णु का आयुध । विशेष—मत्स्य पुराण के अनुसार सूर्य के असह्य तेज को कम करने के लिये यंत्र के द्वारा उनका तेज विभक्त किया गया और उस विभक्त तेज से सुदर्शन चक्र, शिव का त्रिशूल और इंद्र के वज्र का निर्माण किया गया । पद्म पुराण के अनुसार सभी देवों के तेज में अपने तेज को मिलाकर शिव ने इस द्वादशारयुक्त सुदर्शन चक्र को बनाया और विष्णु को प्रदान किया ।
सुदर्शन चूर्ण संज्ञा पुं॰ [सं॰] वैद्यक के अनुसार ज्वर की एक प्रसिद्ध औषध । विशेष—इस चूर्ण के बनाने की विधि यह है—त्रिफला, दारुहल्दी, दोनों करियाली, कनेर, काली मिर्च, पीपल, पीपलामूल, मूर्वा, गुड़च, धनियाँ, अडूसा, कुटकी, त्रायमान, पित्तपापड़ा, नागरमोथा, कमलतंतु नीम की छाल, पोहकर मूल, मुँगने (सहिजन) के बीज, मुलहठी, अजवायन, इंद्रयव, भारंगी, फिटकरी, बच, तज, कमलगट्टा, पद्मकाष्ठ, चंदन, अतीस, खरेंटी, बायबिडंग, चित्रक, देवदारु, चव्य, लवंग, वंशलोचन, पत्राज, ये सब चीजें बराबर बराबर और इन सबकी तौल से आधा चिरायता लेकर सबको कूट पीसकर चूर्ण बनाते हैं । मात्रा एक टंक प्रति दिन सबेरे ठंढे जल के साथ है । कहते हैं, इसके सेवन से सब प्रकार के ज्वर, यहाँ तक कि विषमज्वर भी दूर हो जाता है । इसके सिवा खाँसी, साँस, पांडु, हृद्रोग, बवासीर, गुल्म आदि रोग भी नष्ट होते हैं ।
सुदर्शन दंड संज्ञा पुं॰ [सं॰ सुदर्शनदण्ड] वैद्यक के अनुसार ज्वर की एक औषध ।
सुदर्शन द्वीप संज्ञा पुं॰ [सं॰] जंबू द्वीप का एक नाम ।