हँड़ाना
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क्रिया
[सम्पादित करें]हँड़ाना (सकर्मक क्रिया) 1. किसी वस्तु को **घुमाना** या **फिराना**। 2. किसी वस्तु या साधन को **व्यवहार में लाना**, **काम में लाना** या **प्रयोग करना**।
व्युत्पत्ति
[सम्पादित करें]- संस्कृत मूल शब्द **अभ्यटन** या **हिण्डन** से विकसित देशज हिन्दी क्रिया।
उच्चारण
[सम्पादित करें]- IPA: /ɦəɳ.ɖaː.naː/
प्रयोग
[सम्पादित करें]- बच्चे ने खिलौने की गाड़ी को आँगन में **हँड़ाया**।
- उसने पुरानी मशीन को फिर से **हँड़ाया** और काम में लिया।
- हम उसी औज़ार को **हँड़ाते** हैं जो ठीक से चलता हो।
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]हँड़ाना — सकर्मक क्रिया: 1. घुमाना, फिराना। 2. व्यवहार में लाना, काम में लाना।