हजार

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

हजार वि॰ [फा॰ हजार] हजार जो गिनती में हस सौ हो । सहस्र । उ॰—तुम सलामत रहो हजार बरस । हर बरस के हों दिन पचास हजार ।—कविता कौ॰, भाग॰ ४, पृ॰ ४६० ।

२. अत्यधिक । बहुत से । अनेक । जैसे,—उनमें हजार ऐब हों, पर वे हैं तो तुम्हारे भाई । उ॰—दोउनि कौ दोउनि के रूप लखिवे कौँ मनौ चार आँख होत ही हजार आँख ह्वै गईं ।—रत्नाकर, भा॰ २, पृ॰ ११ ।

हजार ^२ संज्ञा पुं॰ दस सौ की संख्या या अंक जो इस प्रकार लिखा जाता है—१००० ।

हजार ^३ क्रि॰ वि॰ कितना ही । चाहे जितना अधिक । जैसे,—तुम हजार कहो, तुम्हारी बात मानता कौन ?