हटना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

हटना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ घट्टन]

१. किसी स्थान को त्यागकर दूसरे स्थान पर हो जाना । एक जगह से दूसरी जगह पर जा रहना । खिसकना । सरकना । टलना । जैसे,—(क) थोड़ा पीछे हटो । (ख) जरा हटकर बैठो । (ग) उन्होंने बहुत जोर लगाया, पर पत्थर अपनी जगह से न हटा । संयो॰ क्रि॰—हटना बढ़ना = ठीक स्थान से कुछ इधर उधर होना या सरकना ।

२. पीछे की ओर धीरे धीरे जाना । पीछे सरकना । पश्चात्पद होना । जैसे,—भालों की मार से सेना हटने लगी ।

३. विमुख होना । जी चुराना । करने से भागना । जैसे, मैं काम से नहीं हटता । मुहा॰—(किसी बात से) पीछे न हटना = मुँह न मोड़ना । विमुख न होना । तत्पर या प्रस्तुत रहना । कोई काम करने को तैयार रहना । जैसे,—जो बात मैं कह चुका हूँ, उससे पीछे न हटूँगा ।

४. सामने से दूर होना । सामने से चला जाना । जैसे,—हमारे सामने से हट जाओ, नहीं तो मार खाओगे । मुहा॰—हटकर सड़ = चल । दूर हो । (अत्यंत अवज्ञा का सुचक)

५. किसी बात का नियत समय पर न होकर और आगे किसी समय होना । टलना । जैसे,—विवाह की तिथि अब हट गई ।

६. न रह जाना । दूर होना । मिटना या शांत होना । जैसे,— आपदा हटना, संकट हटना, सूजन हटना ।

७. व्रत, प्रतिज्ञा आदि से विचलित होना । बात पर दृढ़ न रहना ।

८. किसी ओहदा, पद, अधिकार आदि से अलग हो जाना । पद का त्याग करना । जैसे,—अस्वस्थता के कारण वे मंत्री के पद से हट गए ।

हटना पु † ^२ क्रि॰ स॰ [हिं॰ हटकना] मना करना । निषेध करना । वारण करना । वर्जित करना । रोकना । उ॰—देत दुःख बार बार कोऊ नहिं हटत ।—सूर (शब्द॰) ।