हड्डी

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अस्थि।

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

हड्डी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ अस्थि, प्रा॰ अत्थि,] अट्ठि (संस्कृत कोशों का 'हड्ड' शब्द देशभाषा से ही लिया जान पड़ता है; हेमचंद्र ने भ ी इसे देशी कहा है ।) शरीर की तीन प्रकार की वस्तुओं—कठोर, कोमल और द्रव—में से कठोर वस्तु जो भीतर ढाँचे या आधार के रूप में होती है । अस्थि । विशेष—शरीर के ढाँचे या ठठरी में अनेक आकार और प्रकार की हडि्डयाँ होती हैं । यद्यपि ये खंड खंड होती हैं, तथापि एक दूसरी से जुड़ी होती हैं । मनुष्य के शरीर में दो सौ से अधिक हड्डियाँ होती हैं । हड्डियों के खंड खंड जुड़े रहने से अंगों में लचीलापन रहता है जिससे वे बिना किसी कठिनता के अच्छी तरह हिल- डुल सकते हैं । शरीर में हड्डियों के होने से ही हम सीधे खड़े हो सकते हैं । बचपन में हडि्डयाँ मुलायम और लचीली होती हैं; इसी से बच्चेवर्ष सवा वर्ष तक खड़े नहीं हो सकते । युवावस्था आने पर हडि्डयाँ अच्छी तरह दृढ़ और कड़ी हो जाती हैं । बुढ़ापे में वे जीर्ण और कड़ी हो जाती हैं और सहज में टूट सकती हैं । शरीर की और वस्तुओं के समान हड्डी भी एक सजीव वस्तु है; उसमें भी रक्त का संचार होता है । इसमें चूने का अंश कुछ विशेष होता है । किसी हड्डी के टुकड़े को लेकर कुछ देर तक गंधक के तेजाब में रखें तो उसका कड़ापन दूर हो जायगा । मुहा॰—हड्डी उखड़ना = हड्डी का जोड़ खुल जाना । हड्डी का जोड़ खुलना = हड्डी उखड़ना । हड्डी गुड्डी तोड़ना = खूब मारना पीटना । बुरी तरह मारना । हड्डी चबाना = कोई वस्तु किसी के पास न होने पर भी उसके लिये परिश्रम करना । निस्सार वस्तु से सार प्राप्त करने का व्यर्थ श्रम करना । हड्डी चूसना = अशक्त होने पर भी व्यक्ति से जबर्दस्ती कुछ लेना या काम कराना । हड्डी टूटना = हड्डी का टूट जाना या फूटना । अस्थिभंग होना । हड्डियाँ गढ़ना या तोड़ना = खूब मारना । खूब पीटना । हड्डियाँ निकल आना = मांस न रहने के कारण हडि्डयाँ दिखाई पड़ना । शरीर बहुत दुबला होना । पुरानी हड्डी = पुराने आदमी का दृढ़ शरीर । पुराने समय का मजबूत आदमी । जैसे,—यह पुरानी हड्डी है, बुढ़ापे में भी तु्म्हें पछाड़ सकते हैं । हड्डी बोलना = दे॰ 'हड्डी टूटना' । हड्डी से हड्डी बजाना = लड़ाई झगड़ा करना ।

२. कुल । वंश । खानदान । जैसे,—हड्डी देखकर विवाह करना ।