जहाँ

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हिन्दी[सम्पादन]

सर्वनाम[सम्पादन]

उदाहरण[सम्पादन]

  1. आप जहाँ भी जा रहे हैं, उसकी जानकारी हमें भी दें।
  2. आप जहाँ-जहाँ भी गए, हम भी वहीं-वहीं जाएँगे।

अन्य शब्द[सम्पादन]

  1. यहाँ
  2. वहाँ
  3. कहाँ

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

जहाँ क्रि॰ वि॰ [सं॰ यत्र, पा॰ यत्थ, प्रा॰ जह]

१. स्थान— सूचक एक शब्द । जिस स्थान पर । जिस जगह । उ॰—धन्य सो देस जहाँ सुरसरी । धन्य नारि पतिब्रत अनुसरी ।—तुलसी (शब्द॰) । मुहा॰—जहाँ का तहाँ = अपने पहले के स्थान पर । जिस जगह पर हो, उसी जगह पर । जहाँ का तहाँ रह जाना =(१) दब जाना । आगे न बढ़ना । (२) कुछ कारवाई न होना । जहाँ तहाँ = इतस्ततः । इधर उधर । उ॰—जहाँ तहँ गई सकल तब सीता कर मन सोच । मास दिवस वीते मोहि मारिहिं निसिचर पोच । —तुलसी (शब्द॰) ।

२. सब जगह । सब स्थानों पर । उ॰—रहा एक दिन अवधि कर अति आरत पुर लोग । जहँ तहँ सोचहिं नारि नर कृश तनु राम वियोग ।—तुलसी (शब्द॰) ।

जहाँ ^२ संज्ञा पुं॰ [फा॰] जहान । संसार । लोक । विशेष—इस रूप में इस शब्द का व्यवहार केवल कविता या बौगिक शब्दों में होता है । जैसे,—(क) जहाँ में जहाँ तक जगह पाइए । इमारत बनाते चले जाइए । (ख) जहाँगीरी । जहाँपनाह । यौ॰—जहाँआरा । जहाँगर्द = संसार में घूमनेवाला । घुमक्कड़ । जहाँगर्दी = विश्वभ्रमण । संसारपर्यटन । जहाँगीर = विश्वविजयी । विश्व का शासक । जहाँदीद । जहाँदीदा । जहाँगीरी । जहाँपनाह ।