बुध

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हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

पु.

  1. पहला ग्रह (शुक्र से पहले)

अनुवाद[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बुध ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. सौर जगत् का एक ग्रह जो सूर्य के सबसे अधिक समीप रहता है । विशेष— यह प्रायः सूर्य से ३६०००००० मील की दूरी पर अट्ठासी दिन में उसकी परिक्रमा करता है । इसका व्यास प्रायः ३१०० मील के लगभग है और यह २४ घटे ५ । । मिनट में अपनी धुरी पर घूमता है । इसकी कक्षा का व्यास ७२०००००० मील है । और इसकी गति प्रति घटे प्रायः एक लाख मील है । सूर्य के बहुत समीप होने के कारण यह दूरबीन की सहायता के बिना बहुत कम देखने में आता है ।

बुध पु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ बोध] ज्ञान । बोध । समझ । उ॰— (क) बुध का कोट सबल नाहाँ टूटे । (ख) नाते मनसा कीस बोध लूटे ।—रामानंद॰, पृ॰ ३२ (ख) अजब लोग ओ कोई हैं बुध के कम । जो इंसान देते हैं लेकर दिरम ।— दक्खिनी॰ पृ॰ १५२ ।

यह भी देखिए[सम्पादन]