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विक्षनरी:हिन्दी-मणिपुरी शब्दकोश

विक्षनरी से

अंक (पुं.) क्रोड, गोद् -- तंपाक्

अंक (पुं.) संख्या के सूचक चिह्न -- मशिङ्

अंक (पुं.) परीक्षा आदि में सफलता की सूचक इकाइयाँ (नंबर) -- मार्क, नंबर

अंक (पुं.) बहुखंडीय नाटक का एक खंड -- ताङकक्

अंक (पुं.) पत्र-पत्रिकाओं का किसी निश्चित समय पर होने वाला प्रकाशन -- चेफोङ मशिङ

अंकुर (पुं.) अँखुआ -- मयोल

अंकुश (पुं.) लोहे का काँटा, जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है -- शामूकाति

अंकुश (पुं.) नियंत्रण, दबाव -- खुदुमदा थंबा, नम्तबा, अथिङ्बा

अंग (पुं.) शरीर के विभिन्न अवयव -- हुक्चाङ् कयात्

अंग (पुं.) शरीर, देह -- हकचाङ्

अंग (पुं.) भाग -- शरुक

अंचल (पुं.) सीमा के आसपास का प्रदेश -- ङम्खैगी नाकयेत्की लम

अंचल (पुं.) आँचल या पल्ला (जैसे साड़ी का) -- फिजी, फिगी मतोन

अंडा (पुं.) कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भशय से निकलने वाला एक पिंड -- मरुम

अंत (पुं.) समाप्ति, अवसान -- अरोइबा, लोइशिनबा

अंतरंग (वि.) घनिष्ठ, आत्मीय -- नुङगी ओइबा

अंतरंग (वि.) भीतरी -- नक्सिन्नबा मशेलगी ओइबा

अंतर (पुं.) दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला -- पोत अनिगी मरकता लैबा लाजबा

अंतर (पुं.) भेद, भिन्नता -- खेन्नबा

अंतरराष्ट्रीय (वि.) एक से अधिक राष्ट्रों के बीच परस्पर संबंध रखने वाला -- लैबाकपुंबगी ओइबा

अंतरिक्ष (पुं.) पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोगों के बीच का रिक्त स्थान -- नोङ्दोल, सुंदरङ्

अंतिम (वि.) सबसे बाद का, आखिरी -- अरोइबा, मनिङ् थङबा

अंतिम (वि.) चरम, परम -- मनिङ् थङबा

अंदर (क्रि.वि.) भीतर -- मनुङ

अंधकार (पुं.) अँधेरा -- अमंबा

अंधा (पुं./वि.) देखने की शक्ति से रहित -- ममित् ताङ्बा

अंश (पुं.) भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा -- शरुक, मचेत

अकड़ना (अं.क्रि.) पूरे शरीर का या उसके किसी अंगविशेष का कड़ा होना, ऐँठना -- मङक कन्बा, ङक हइगत्बा, लैखत्पा

अकड़ना (अं.क्रि.) घमंड दिखाना या दुराग्रह करना -- पोङ्बा

अकाल (पुं.) दुर्भिक्ष -- ईकङ् थोकपा

अकाल (पुं.) कमी, अभाव -- अवात्पा

अकाल (पुं.) असमय -- NA

अकेला (वि.) बिना साथी का -- इतोमता/नतोमता/मतोमता

अक्ल (स्त्री.) बुद्धि, समझ -- लौशिङ्

अक्षर (पुं.) वर्ण, स्वर और स्वररहित व्यंजन, जो इकाई के रूप में प्रयुक्त हो -- मयेक्

अक्षर (वि.) अविनाशी, नित्य -- अमाङ् अता लैतबा

अक्सर (अव्य.) बहुधा, प्रायः -- अयांबा, तोयना

अखंड (वि.) जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा -- मचेत् तादबा, मयुम

अखबार (पुं.) समाचारपत्र -- खबर, पाओजेन चे

अखरना (अ.क्रि.) बुरा या अप्रिय लगना, खलना, खटकना -- नुङाइतबा, नुङ्शिदबा, येक्पा

अखाड़ा (पुं.) व्यायामशाला, कुश्ती लड़ने का स्थान -- हकचाङ् शाजेल तौफम

अखाड़ा (पुं.) साधुओं की सांप्रदायिक मंडली या उनके रहने का स्थान -- मयामगीतिक्रम

अगर (अव्य.) यदि, जो -- वदि

अगर (पुं.) एक पेड़, जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है -- अगोर पाँबी

अगरबत्ती (स्त्री.) वह बत्ती जो सुगंध के निमित्त जलाई जाती है। -- अगरबत्ती, बोकुलधूप

अगला (वि.) सबसे आगे का, सबसे पहले या सामने वाला -- अहान्बा

अगला (वि.) भविष्य में आनेवाला -- मथङ्दा

अगाध (वि.) अथाह, बहुत अधिक गहरा -- शाधिना लुबा

अग्नि (स्त्री.) आग -- मै, मई

अग्रज (पुं.) बड़ा भाई -- इयामबा (उ.प्र.) नयामबा (म.प्र) मयामबा (अ.पु.)

अचल (वि.) जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर -- मफम होङ्दबा, लेङदबा

अचानक (क्रि.वि.) बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा -- इखङ् खङ्हौदना

अच्छा (वि.) ठीक, उपयुक्त -- अफबा, चान्नबा

अच्छा (वि.) जो बुरा न हो, दोष रहित -- दोस लैतबा, फत्दबा नत्तबा

अच्छा (अव्य.) आश्चर्य, विस्मयादि -- फरे

अच्छा (अव्य.) स्वीकृतिसूचक उक्ति -- NA

अजगर (पुं.) एक विशाल सर्प -- लाइरेल

अजायबघर (पुं.) वह भवन, जहाँ पर पुराकालीन कलाकृतियाँ स्थायी रूप से प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय -- म्यूजियम

अटकना (अ.क्रि.) चलते-चलते या कोई काम करते-करते रुक जाना, रुकना -- चत्लमबदगी लेप्पा, थबक, तैरंबदगी लेप्पा

अड़ना (अ.क्रि.) बीच में रुकना या फँसना -- पन्बा, थुबा

अड़ना (अ.क्रि.) हठ करना -- निङाई तौबा

अड्डा (पुं.) टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान -- थुङफम, पन्फम फमफम

अणु (पुं.) किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश, जिसमें उसके सभी संयोजक अंश विद्यमान हों -- अपिकपा मकुप (एटम)

अड्डा (पुं.) अत्यंत सूक्ष्म मात्रा या वस्तु -- मकुप (एटम)

अतिथि (पुं.) मेहमान -- अतिथि, मीनौ थुङ्लबा

अदालत (स्त्री.) न्यायालय -- कोर्ट

अधिक (वि.) बहुत -- अयोबा अहेन्बा

अधिक (वि.) अतिरिक्त -- अपुनबा मीफम

अधिवेशन (पुं.) किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम -- अपुनबा मोफम

अधिसूचना (पुं.) किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सार्वजनिक सूचना -- नोतीफिकेशन

अधूरा (वि.) जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो -- मपुङ फाद्रिबा, लोइशिनद्रिबा

अध्यक्ष (पुं.) किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान -- सभापति, थौबुरेल

अध्यक्ष (पुं.) स्पीकर, लोकसभा का पीठासीन अधिकारी -- स्पीकर, चेयरमैन

अध्यादेश (पुं.) वह आधिकारिक आदेश, जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में ऱाष्ट्रपति, राज्यपाल द्वारा निकाला गया हो -- आर्दिनंस, रुलजारिबा

अध्यापक (पढ़ाने वाला, शिक्षक) अध्यापकः -- ओजा

अध्याय (पुं.) ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग -- ताङकक, अध्यय

अध्यय (पुं.) प्रकरण -- प्रकरण

अनगिनत (वि.) जिसकी गिनती संभव न हो सके, संख्यातीत -- मंशिङ् थिङ्मद्बा

अनशन (पुं.) भूख-हड़ताल -- हङ्गर स्ट्राइक

अनशन (पुं.) आहार त्याग, उपवास -- चरा हेन्बा

अनाथ (वि.) जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो -- मपी-मपा लैतबा

अनाथ (पुं.) बिना माँ-बाप का -- कना लैजद्रबा, तोल्लबा, चङ्जफम लैजदबा

अनाथालय (पुं.) वह स्थान जहाँ अनाथों का पालन-पोषण होता है -- कनालैजद्रबा अङाशिङगी लैफम

अनावरण (पुं.) किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व साधारण के लिए दर्शनीय बनाया जाना, उद्घघाटन -- अफाओबा मीओइगी अयेकपा लाई अमदि मूर्तिगी फिसङ् हाइदोक्पा

अनिवार्य (वि.) जिसकी इतनी अधिक जरूरत हो कि उससे बचा न जा सके, अवश्यभांवी -- ताङाइ फदना तौद्रबा यादबा

अनुकरण (पुं.) नकल, अनुसरण -- मतौतंबा, मतुङ् इन्बा

अनुक्रमणिका (स्त्री.) किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची -- परिङ्नाइबा

अनुज (पुं.) छोटा भाई -- इनओ नुपा (उ.पु.) ननाओ नुपा (म.पु.) मनाओ नुपा (अ.पु)

अनुराग (पुं.) प्रेम, आसक्ति -- नुङ्शिबा

अनुवाद (पुं.) एक भाषा में लिखी या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर -- लोल अमदगी अमदा अर्थ हंदोकपा, अनुवाद

अनुसंधान (पुं.) खोज, अन्वेषण -- थिजिन्बा

अनुसार (वि.) किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप -- शक, मओङ् अमदि मोत मान्नना

अनुसूचित (वि.) जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो -- परिङ्दा याओबा

अनुसूची (स्त्री.) किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची -- शैड्यूल, मशिडमीपरिङ्

अनेक (वि.) एक से अधिक, कई, बहुत -- मयाम, अमदगी हेन्बा कयामरुम

अन्न (पुं.) अनाज -- महै, मरोङ्

अन्य (वि.) दूसरा -- अतोप्पा

अन्याय (पुं.) न्याय-विरुद्ध कार्य -- चुमदबा वायेल

अपना (वि.) आत्मसंबंधी, निज का -- इशागी (उ.पु.) नशागी (म.पु), मशागी (अ.पु.)

अपना (पुं.) आत्मीय, स्वजन -- इशागी मी

अपनाना (स.क्रि.) अपना बनाना -- इशागी ओइशिन्बा

अपनाना (स.क्रि.) ग्रहण करना, स्वीकार करना -- लौबा, याबा

अपने-आप (क्रि.वि.) स्वतः, खुद-ब-खुद -- इशामक्, इशाना

अपमान (पुं.) अनादर, तिरस्कार, बेइज्जती -- इकाइबा पीबा, इकाइ खूमनदबा, थओइदबा

अपराध (पुं.) अनुचित या दंडनीय कार्य -- मराल लैबा

अपराध (पुं.) दोष, गलती -- मराल अरान्बा

अपराधी (पुं./वि.) अपराध करने वाला -- मराल लैबा मी

अपराह्न (पुं.) दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर -- नूमित युङबा मतम, युथक् अहुमशुबा

अपाहिज (पु./वि.) लूला-लंगड़ा, विकलांग -- मखूत् तेक्या, मखोङ् शेक्या, नामा शोइबा

अफसर (पुं.) अधिकारी -- अफसर

अफीम (स्त्री.) पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ -- अफीम

अभयदान (पुं.) सुरक्षा के लिए वचन -- अकि अखङ् लैहंदबा

अभिनंदन (पुं.) किसी की उपलब्धि पर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना -- नोल्लुक्चबा

अभिनय (पुं.) हाव भाव के द्ववारा किसी पात्र के चरित्र का अनुकरण (दृश्य कला में) -- हक्चाङ् कयाला नुङ्गी ओइबा इथिल फोङ्दोकपा

अभिनेता (पुं.) रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला -- स्टेज (फंपाक) दा अभिनय तौरिबा मीओइ

अभिप्राय (पुं.) उद्देश्य, प्रयोजन -- हाइनिङ्लिबा पांदम, फोङदोक-निङ्लिबा वाफम

अभिप्राय (पुं.) आशय -- अर्थ

अभिभावक (पुं.) संरक्षक -- अहल-लमन, गार्जियन

अभिमान (पुं.) अहंकार, घमंड -- नाप़ल

अभियान (पुं.) किसी कार्य विशेष की सिद्धि के लिए चतुर्दिक प्रयास -- करिगुबा पांदम अमा फङ्ननबगीदम खोङ्शानबा

अभियान (पुं.) सैनिक आक्रमण, चढ़ाई -- लांदाबा

अभियुक्त (पु.) वह, जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग चल रहा हो, मुलजिम, अपराधी -- मराल लैरबा मी

अभियोग (पुं.) अपराध का आरोप -- मराल थङजनिबा, मराल ताइशिनबा

अभियोग (पुं.) दंड दिलाने के लिए न्यायालय से की जाने वाली फरियाद, मुकदमा -- केस

अभिलाषा (स्त्री.) इच्छा, आकांक्षा -- अपांबा, अनिङ्बा

अभिलेख (पुं.) किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री -- अइबा चे, रिकार्ड

अभिवादन (पुं.) श्रद्धापूर्वक किया जाने वाला नमस्कार, प्रणाम -- खुरुमजबा, नोलुकचबा

अभिशाप (पुं.) श्राप, अहित कामनासूचक शब्द -- शाप

अभी (क्रि.वि.) इसी समय, इसी क्षण, तुरंत -- हौजिक्क्, युनमक्

अभी (क्रि.वि.) आजकल, इन दिनों -- हौजिक्क की

अभीष्ट (पुं./वि.) जिसकी इच्छा या कामना की जाए, -- निङजबा, पामजबा

अभीष्ट (पुं./वि.) मनोरथ -- NA

अभ्यास (पुं.) दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार बार करने की क्रिया -- हन्ना-हन्ना होत्नबा

अमर (वि.) कभी न मरने वाला -- शिबा नाइदबा, अमर

अमर (वि.) जिसका कभी अंत, क्षय या नाश न हो -- माङ्दबा

अमल (पुं.) प्रयोग, व्यवहार -- शिजिन्नबा

अमानत (स्त्री.) धरोहर, थाती -- लन, लंथुम

अमावस (स्त्री.) चांद्र मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन -- थासि

अमिट (वि.) न मिटने वाला या नष्ट न होने वाला, स्थायी -- मुत्नाइदबा

अमिट (वि.) अटल, अवश्यंभावी -- लेङ्दबा

अमीर (पुं/वि.) धनवान व्यक्ति, रईस -- इनाकखुनबा, शेन्जाओ पाइबा

अमीर (पुं/वि.) सरदार -- NA

अमुक (वि.) कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां -- कनागुंबा , करिगुंबा

अमृत (पुं.) एक प्रसिद्ध कल्पित पेय, जिसके संबंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी अमर हो जाता है, सुधा, पीयुष -- अमृत

अम्ल (पुं.) खट्टापन, खटाई -- असिन्बा

अम्ल (पुं.) तेजाब (एसिड) -- एसिड, तेजाब

अरथी (अर्थी) (स्त्री.) वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा -- कू

अराजकता (स्त्री.) शासनतंत्र का अभाव -- वायेल थौराङ लैतबा

अराजकता (स्त्री.) अव्यवस्था -- थैशिल चौराङ् लैतबा, मपु पांदबा

अरुण (वि.) लाल रंग का रक्त वर्ण का, सुर्ख -- अङाङ्बा, ईगी मचु

अरुण (पुं.) गहरा लाल रंग -- ङङानबा मचु

अरुण (पुं.) सूर्य -- नुमित

अर्चना (स्त्री.) पूजा, वंदना -- पूजा

अर्थ (पुं.) अभिप्राय, माने -- अर्थ, हायनिङ्बा वाफम

अर्थ (पुं.) धन-संपत्ति, पैसा -- लनथुम, पैसा

अर्थशास्त्र (पुं.) वह शास्त्र, जिसमें विभिन्नअर्थिक क्रियाओं का विवेचन हेता है -- शेलमिल्लोन् नैनबा हिरम

अर्ध (वि.) आधा -- तङखाइ

अर्धमासिक (वि.) पाक्षिक, मास के अधे भाग का -- थखाइ

अर्धांगिनी (स्त्री.) धर्मपत्नी -- लोइनबी नुपी

अर्पण (पुं.) किसी को श्रद्धापूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना -- अर्पण, शोधरोवा-कार्य

अलंकरण (पुं.) पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया -- इकाइ-खुम्नबा उतपा

अलंकार (पुं.) सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट -- लैरेड

अलंकार (पुं.) आभूषण, गहना -- लिक-कोन, फिजेत तैतेङ्

अलंकार (पुं.) रचनागत विशिष्ट शब्द-योजना या अर्थ चमत्कार -- बाहै अमदि अर्थगी लैतेङ्

अलंग (वि.) दूर हटा हुआ, पृथक -- तोङानबा

अलंग (वि.) औरों से भिन्न -- मयामदगी खेन्नबा, मान्नदबा

अलता (पुं.) लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियाँ शोभा के लिए पैरों में लगाती हैं, महावर -- NA

अलबम (पुं.) तस्वीरें रखने की किताब या कापी -- अलबम

अलमारी (स्त्री.) काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊँचा या लंबा आधान जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते हैं। -- अंबारी

अलापना (अ.क्रि.) स्वरविस्तार करना -- अलाप तोबा

अलावा (अव्य.) अतिरिक्त, सिवाय -- असिदा नत्तना अहेन्बा

अलौकिक (वि.) जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर -- ताइबङसिदा लैतबा, ताइबङसिगी वाङमदा

अलौकिक (वि.) असाधारण, अद्भुत -- अङक्पा, इचम-चमदबा

अल्प (वि.) कम, थोड़ा, विरल -- खरा, खजिकतङ्

अल्प (वि.) तुच्छ -- अपिकपा

अल्पविराम (पुं.) एक विराम चिह्न (,) जो वाक्य के पदों में पार्थक्य दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है -- कामा

अल्पसंख्यक (वि.) वह दल, पक्ष या समाज, जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो -- मशिङ्यामदबा, हनथबा

अल्पाहार (पुं.) थोड़ा, भोजन, जलपान, नाश्ता -- खजिकतङ् चाबा, खितङ्

अवकाश (पुं.) छुट्टी या फुरसत का समय -- छुट्टी

अवकाश (पुं.) रिक्त स्थान या शून्य स्थान -- अहाङ्बा मफम

अवज्ञा (स्त्री.) किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंघन -- हायबा इंदबा थओइदबा

अवज्ञा (स्त्री.) अनादर, अपमान -- इकाइखुमन-दबा इकाइबा पीबा

अवतरण (पुं.) ऊपर से नीचे आना, उतरना -- कुमथरक्या

अवतरण (पुं.) लेख, वचन आदि का उद्धृत अंश, उद्धरण -- लौथोरकपा शरुक

अवतार (पुं.) पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना -- शायोन

अवतार (पुं.) जिसके संबंध में यह माना जाता है कि वह ईश्वर का अंश और प्रतिनिधि है -- शायोन

अवयव (पुं.) शरीर का कोई अंग -- हक्चाङगी कयात्

अवयव (पुं.) किसी वस्तु का कोई अंश, भाग, हिस्सा -- पोत अमगी शरुक

अवरोह (पुं.) ऊँचाई से नीचे आना, उतरना -- हायथरकपा, कुमथरकपा

अवरोह (पुं.) संगीत में स्वरों के ऊपर से नीचे आने का क्रम -- संगीत ता अवाङ्बा स्वरदगी अनेमबा स्वर दा लाकपा

अवलंब (पुं.) आश्रय, सहारा, भरोसा -- मतेङ्, चङ्जफम लौबा

अवशेष (पुं.) जो बचा रह गया हो -- शोयदना

अवसर (पुं.) सुयोग, मौका -- तान्जा

अवसाद (पुं.) आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी -- अवाबा, हैनिङदबा नुङनाङ्बा

अवसाद (पुं.) विषाद, रंज -- अवाबा,

अवसान (पुं.) अंत, समाप्ति -- अरोइबा, लोइशिनबा

अवसान (पुं.) मरण, मृत्यु -- शिबा

अवहेलना (स्त्री.) अवज्ञा, तिरसस्कार, उपेक्षा -- थओइदबा, हङ्गोइबा

अवांछित (वि.) जो चाहा न गया हो -- पामदबा

अवाक् (क्रि.वि.) स्तब्ध, चुप -- तुम्मीन्ना लैबा, ङक्या

अविकल (वि.) ज्यों का त्यों -- हामु-हामु

अविकल (वि.) पूरा, संपूर्ण -- मपुङ् फाना

अविरल (वि.) घना, सघन -- लम्बा नतबा, कुङबा

अविरल (वि.) सतत, निरंतर -- लेप्पा लैतबा

अविलंब (क्रि.वि.) बिना देर किए, तुरंत, तत्काल -- थिंथदना खुदक्ता

अवैतनिक (वि.) बिना वेतन का -- आनरेरी

अवैध (वि.) जो विधि या विधान के विरुद्ध हो -- नियमगी मायोक्ता लैबा

अव्यवस्था (स्त्री.) व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव -- थैशिल-थौराङ् याओदबा

अव्यवस्था (स्त्री.) प्रबंध आदि में होने वाली गड़बड़ी, कुव्यवस्था -- हाबी जाबी

अशुद्ध (वि.) जो शुद्ध न, हो, अपवित्र -- चुमदबा, ओइदबा

अशुद्ध (वि.) जिसका शोधन या संस्कार न हुआ हो, दोषपूर्ण, त्रुटिपूर्ण -- दोसना थन्बा

अशुद्धि (स्त्री.) शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता -- अरानबा

अशुद्धि (स्त्री.) त्रुटि, गलती -- थङाइसेङवा नत्तबा

अशुभ (वि.) जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा -- मंगल लैतबा

अशुभ (पुं.) अमंगल, अहित -- मंगल लैत्बा

अशुभ (पुं.) दोष या पाप -- दोस, पाप

अश्लील (वि.) नैतिक या सामाजिक आदर्शों से च्युत, फूहड़ -- अकामपेत

अष्टमी (स्त्री.) शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि -- निपालनि पान्बा

असंख्य (वि.) जो गिनती में बहुत अधिक हो -- मशिङ् थिङम्दबा

असंख्य (वि.) जिसकी गिनती न हो सके, अनगिनत -- मशिङ् थिङम्दबा

असंगत (वि.) जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध -- चुशिनदबा, चान्नदबा

असंतोष (पुं.) संतोष का अभाव -- पेंदबा

असंभव (वि.) जो कभी घटित न हो सके -- ओइथोक्तबा

असत्य (वि.) जो सत्य या उसके अनुरूप न हो, झूठा या मिथ्या -- चुमदबा, ओइदबा

असभ्य (वि.) जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गँवार -- चाओखत्तबा

असमंजस (पुं.) दुविधा, अनिर्णय की स्थिति -- हायफम तौफम खङ्दबा

असमर्थ (वि.) जो किसी काम को कर सकने में समर्थ न हो, अशक्त -- तौङम्दबा

असर (पुं.) प्रभाव -- ममि ताबा

असल (वि.) वास्तविक -- तशेङ्बा

असल (वि.) मूलधन -- शैन

असली (वि.) बिना मिलावट का, शुद्ध, खरा -- अशेङ्बा

असहयोग (पुं.) औरों के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव -- तेङ्बाङ्दबा, थाओदबा

असह्य (वि.) जो सहा न जा सके, उग्र, तीव्र -- खांङम्दबा

असाधारण (वि.) जो सामान्य न हो -- इचमच्मदबा, चमदबा

असीम (वि.) जिसकी कोई सीमा न हो -- ङमखै नाइदबा

असीम (वि.) बहुत अधिक, अपार -- मपाल नाइदबा

असुर (पुं.) दैत्य, दानव, राक्षस -- हिङ्चाबा

असुविधा (स्त्री.) सुविधा का अभाव, कठिनाई -- अवाबा, खुदोङ चादबा

अस्तबल (पुं.) वह स्थान जहाँ घोड़े बाँधे जाते हैं, घुड़साल -- शगोलशाङ्

अस्तव्यस्त (वि.) जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर -- इचाइ चाइबा

अस्तित्व (पुं.) होने का भाव, विद्यामानता, सत्ता -- लैबगी मओङ्

अस्त्र (पुं.) फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार -- लङ्नबा खुल्लाइ

अस्थि (स्त्री.) हड्डी -- शरु

अस्थिर (वि.) जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल -- अरेड्बा, अचत्पा

अस्पताल (पुं.) वह स्थान जहाँ रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय -- अना लायेङ्शङ्, हस्पताल

अस्वस्थ (वि.) जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी -- हक्चाङ् ङ्म्दबा, अनाबा

अस्वस्थ (वि.) दूषित -- शेङ्दबा

अहं (पुं.) मैं हूँ का भाव, अहंकार, अभिमान -- नाप, पोङ्बा

अहंकार (पुं.) अभिमान, गर्व -- नापल, पोङ्बा

अहाता (पुं.) चारों ओर बाड़ आदि से घिरा हुआ मैदान या स्थान -- माइकै मरिमक्ता खाजिन्बा लंपाक

अहाता (पुं.) चहारदीवारी -- NA

अहिंसा (स्त्री.) हिंसा का निषेध -- हिङ्सा तौदबा, अहिंसा, जीव हात्बा

अहित (पुं.) भलाई का अभाव, अपकार, हानि -- माङ्नबा, फतनबा

आँकड़े (पुं) तथ्यों को सूचित करने वाले अंक-समूह -- स्टैटिस्टिक्स डाटा खोबा

आँकना (क्रि.) अंकित, करना -- चाओराक्ना हाइरप येक्या

आँकना (स.क्रि.) अनुमान लगाना -- भावना शाजिन्बा

आँख-मिचौनी (स्त्री.) लुका-छिपी, बच्चों का एक खेल -- केकू-लोतपी सन्नबा

आँगन (पुं.) घर के अंदर का खुला चौकोर स्थान -- शुमाङ्

आँचल (पुं.) साड़ी का पल्ला, छोर, सिरा -- फिजि, मतोल, फिदोल

आंतरिक (वि.) अंदर का, भीतरी -- मनूङ्गी, नूङ्गी

आंतरिक (वि.) अंतःकरण से प्रेरित, सच्चा, वास्तविक -- थमोइगी अशेङ्बा अचुंबा

आंदोलन (पुं) सोद्देश्य किया जाने वाला व्यापक सामूहिक प्रयास -- आंदोलन, मीयामगी इहौ

आँधी (स्त्री.) धूल भरी तेज हवा, अंधड़ -- नोङ्लै-नुङ्शित्

आंशिक (वि.) अंश या भाग से संबंध रखने वाला -- शरुत

आंशिक (वि.) कुछ या थोड़ा, अपूर्ण -- मयुङ्, फादबा, मचेत्

आँसू (पुं) अश्रुग्रंथि से स्रवित जल कण, अश्रु -- पि, पिराङ्

आकर्षक (वि.) अपनी ओर खींचने वाला -- चिङ्शिनबा

आकर्षक (वि.) प्रभावित या मोहित करके अपनी ओर ध्यान खींचने वाला -- शुमहत्पा

आकर्षण (वि.) अपनी ओर खींचने का भाव -- चिङ्शिनबा मतौ

आकस्मिक (वि.) अकस्मात्, अप्रत्याशित या एकाएक घटित होने या प्रकट होने वाला, अचानक -- इखङ् खङ्हौदना

आकार (पुं.) आकृति, शक्ल -- मओङ्

आकार (पुं.) किसी वस्तु या व्यक्ति की लंबाई चौड़ाई, फैलाव, ऊँचाई आदि -- साइज्ञ

आकाश (पुं.) नभ, गगन, आसमान -- अतिया, नोङमादोल नोङ्दोल, आकाश

आकाश-वाणी (स्त्री.) आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी -- रेडियो, आकाशवाणी

आकाश-वाणी (स्त्री.) ऑल इंडिया रेडियो का हिंदी नाम -- आकाश वाणी, रेडियो

आकृति (स्त्री.) वस्तु, या व्यक्ति का चित्र भावभंगिमा प्रकट करने वाली मुद्रा -- शक्ओङ् शक्तम

आकृति (स्त्री.) रूप, गठन, चेहरा -- मशक्, माइथोङ्

आक्रमण (पुं.) प्रहार, हमला -- लालदाबा

आक्षेप (पुं.) लांछन, दोषारोपण -- धङ्जन्बा, हायज़िन्बा

आखिर (पुं.) अंत, समाप्ति -- अरोइबा, लोइशिनबा

आखिर (पुं.) परिणाम -- महै

आखिर (वि.) अंत में, बाद में या पीछे होने वाला -- तुङ्दा ओइगदबा

आखेट (पुं.) शिकार -- शादांबा

आगंतुक (पुं.) आने वाला (व्यक्ति), अभ्यागत, अतिथि, पाहुना -- अतिथि, मीथूङ्लबा

आग (स्त्री.) अग्रि -- मै

आग (स्त्री.) जलन, डाह, संताप -- मै

आगमन (पुं.) आने, पहुँचने या नए सिरे से प्रकट होने की क्रिया या भाव -- लाक्पा, यौरक्पा, थुङ्लबा

आगामी (वि.) भविष्य में आने या होने वाला, भावी -- तुङ्दा लाक्कदबा, तुङ्दा ओइरक्कदबा

आगे (क्रि.वि.) पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में -- माङ्दा, तुङ्दा मथङ्दा

आगे (क्रि.वि.) भविष्य में -- NA

आगे (क्रि.वि.) कुछ दूर और बढ़ने पर -- माङ्दा, तुङ्दा मथङ्दा

आग्रह (पुं.) नम्रतापूर्वक बल, अनुरोध -- कन्ना हाइजबा

आग्रह (पुं.) किसी बात पर अड़ते हुए जोर देना, हठ -- नोल्लुकना कन्ना हाइजबा

आघात (पुं.) प्रहार या चोट -- अशोक्य, चैना

आघात (पुं.) किसी दुखद घटना के कारण होने वाली मानसिक व्यथा -- नुङ्दा पिबा चैथेङ्

आचरण (पुं.) चाल-चलन, चरित्र -- लमचत्, शाजत्

आचार्य (पुं.) गुरु, शिक्षक -- ओजा, गुरु

आचार्य (पुं.) विभागाध्यक्ष -- NA

आचार्य (पुं.) किसी विषय का असाधारण पंडित -- पंडित, माइचौ

आज (क्रि.वि.) वर्तमान में -- डसि

आज (क्रि.वि.) इन दिनों में, इस काल में -- हौजिक की मतम

आज (पुं.) प्रस्तुत या वर्तमान -- ङसि

आजकल (क्रि.वि.) इन दिनों, वर्तमान काल में -- हौजिक औइरबा मतम

आजकल (क्रि.वि.) वर्तमान या प्रस्तुत दिनों में, एक दो दिन में -- ङसि-ङराह्, नोङ्मा निनादा

आजाद (वि.) स्वाधीन,मुक्त, स्वतंत्र

--  मनिङ्, मखा तंबा, निभतबा

आजीवन (क्रि.वि.) जीवन भर -- पुन्सि चुप्मा

आजीविका (स्त्री.) रोजी, रोजगार, धंधा -- शिनफम्, हिङ्नबगी पांबै

आज्ञा (स्त्री.) आदेश, हुक्म -- याथङ्, थौदाबा

आज्ञा (स्त्री.) अनुमति -- अयांबा लौबा

आडंबर (पुं) दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट -- थोक्-मोक् शो

आढ़तिया (पुं.) आढ़त का काम करने वाला -- दलाली

आतिशबाजी (स्त्री.) बारूद से बनी चीज़ों को जलाने का तमाशा -- मैकाप्पी

आतुर (वि.) अधीर, उतावला -- लाङतक्नबा

आतुर (वि.) विकल, बेचैन -- मीपाइबा

आत्मकथा (स्त्री.) अपना लिखा जीवन चरित -- इनुन्सि वारी (उ.पु.) नपुन्सि -वारी (म.पु.) मपुन्सी वारी (अं.पु)

आत्म-रक्षा (स्त्री.) अपना, बचाव -- इशाबु कन्जबा (उ.पु) नशाबु कन्जबा (म.पु) मशाबु ककनक्जबा (अ.पु.)

आत्म-विश्वास (पु.) अपने पर विश्वास या भरोसा -- मशाना मशाबु थाजबा

आत्म-समर्पण (पुं.) अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना -- मशाबु कत्थोक्चबा

आत्म-समर्पण (पुं.) हथियार डाल देना -- खुत्लाइ थादोक्या

आत्महत्या (स्त्री.) अपने हाथों अपना वध, आत्मघात -- मथनता शिजबा मथलता हात्तोक्चबा

आत्मा (स्त्री.) शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, प्राण -- थवाइ

आत्मा (स्त्री.) किसी वस्तु आदि का गूढ़, मूल तथा सार भाग -- सार

आदत (स्त्री.) प्रकृति, स्वभाव -- हैनबी, स्वभाव

आदत (स्त्री.) बान, टेव -- हैनबी

आदमी (पुं.) मनुष्य -- मी, ताइबङ्मी

आदमी (पुं.) वयस्क और प्रौढ़ व्यक्ति -- नूपा

आदर (पुं.) सम्मान, सत्कार, पूज्य भाव -- इकाइ-खुम्नबा

आदरणीय (वि.) आदर-योग्य -- इकाइ-खुमनजरिबा

आदर्श (पुं.वि.) अनुकरणीय, श्रेष्ठ -- फिदम

आदर्श (पुं.वि.) नमूना, बानगी -- पिथोक-पिशिन, लौथोक-लौशिन

आदि (पुं.) मूल -- हौरक्फम

आदि (वि.) पहला -- अहौबा

आदि (अव्य) इसी प्रकार और या बाकी सब भी, इत्यादि, वगैरह -- असिनचिङ्बा

आदिवासी (पुं.) किसी देश का मूल निवासी -- चीङ्मी, हाओ

आदिवासी (पुं.) जनजाति का सदस्य -- चीड्मी

आदेश (पुं.) आज्ञा, हुक्म -- याथङ्, थौदाबा

आद्याक्षर (पुं.) (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरंभिक अक्षर, जो प्रायः हस्ताक्षर आदि के लिए प्रयुक्त होता है -- अशंबा सोई, इनीशियल

आधा (वि.) वस्तु के दो समान भागों में से प्रत्येक -- तङ्खाय

आधार (पुं.) नीचे की वह वस्तु, जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो -- युफम

आधार (पुं.) कारण -- मरम

आधारभूत (वि.) आधार रूप में स्थित, मूलभूत -- मेरुओइबा युफम

आधिकारिक (वि.) अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ -- शुपचिल्लक्पा, अधिकार पाइशिल्लकपा

आधुनिक (वि.) आजकल का , वर्तमान काल का -- होजिक्की मतम

आध्यात्मिक (वि.) आत्मा और ब्रह्म से संबंध रखने वाला -- आध्यात्मिक, ईश्वर गा आत्मागगी मरि ताकपा

आनंद (पुं.) हर्ष, खुशी -- नुङ्ङाइबा, हराओबा

आनंद (पुं.) म़ौज -- हराओबा

आना (अ.क्रि) आगमन, दूर से पास पहुँचना -- लाकपा

आना (अ.क्रि) कौशल की जानकारी होना -- खङ्लक्पा

आप (सर्व) स्वयं, स्वतः खुद -- मशाना मशाबु थाजबा

आप (सर्व) तुम या वे के स्थान पर प्रयुक्त आदरसूचक शब्द -- अदोम

आपसी (वि.) आपस का, पारस्परिक -- मशेल

आभार (पुं.) किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता, एहसान -- लमन तोनवा तौबिमन खङ्बा फोङ्बा फोङ्दोकपा

आभास (पुं.) झलक, छाया -- ममि

आभास (पुं.) मिथ्याप्रतीति, भ्रम -- अशोइबा, अकाओबा

आभूषण (पुं.) अलंकार, गहने, जेवर -- फिजेत लैतेङ्

आमुख (पुं.) प्रस्तावना, भूमिका -- वाहौदोक, भूमिका

आमोद-प्रमोद (पुं.) जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं -- हराओ-तयामनबगी थबक

आय (स्त्री.) पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी -- खुशुमन, आय, अराकपा शेल

आयकर (पुं.) राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर -- इन्कमटेकस

आयत (पुं.) चार भुजाओं वाला वह क्षेत्र, जिसकी आमने-सामने की भुजाएं समांतर हों और चारों कोण समकोण हों -- NA

आया (स्त्री.) दाई, बच्चों की देखभाल करने वाली सेविका -- बोक्चबी

आया (स्त्री.) ‘आना’ क्रिया का पूर्ण कालिक/भूतकालिक रूप -- लाकए

आयात (पुं.) व्यापार के लिए विदेश से माल मँगाने की क्रिया -- मीरमदगी पोत चेन्बा

आयात (पुं.) विदेश से मँगाया हुआ माल -- मीरमगी अचेन्बा पोत्

आयाम (पुं.) लंबाई, विस्तार -- अशाङ्बा, शंदोकपा

आयुष्मान् (वि.) दीर्घजीवी, चिरंजीवी -- पुन्सी नुङ्शाङ्बा

आयोजक (वि.) समारोह या कार्यक्रम का प्रबंध करने वाला -- शिल्लि लाङ्लिबा

आरंभ (पुं.) शुरु, श्रीगणेश -- आहौबा, हौदौकपा

आरती (स्त्री.) किसी मूर्ति के सामने दीपक घुमाना -- आरती

आरती (स्त्री.) स्तोत्र वाचन -- आरती

आराम (पुं.) सुख, चैन, विश्राम -- पोत्थाबा, नुङाईबा

आराम (पुं.) रोग कम होने या दूर होने की अवस्था -- पोत्थाबा, नुङाईबा

आरोप (पुं.) ऊपर या कहीं से लाकर बैठाना या लगाना -- थमजिनबा

आरोप (पुं.) अनुचित या नियम-विरुद्ध कार्य, इल्जाम -- थङ्जिन्बा

आरोह (पुं.) ऊपर चढ़ना, सवार होना -- हायगत्पा, काखत्पा

आरोह (पुं.) नीचे से ऊपर की ओर जाना या बढ़ना -- काबा

आरोह (पुं.) संगीत में स्वरों का चढ़ाव -- स्वर हायगतपा

आर्थिक (वि.) रूपए पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित -- शेल-थुमगी ओइबा

आर्द्र (वि.) गीला, तर, नम -- चोत्पा

आलंब (पुं.) सहारा, आधार -- चङ्जफम, मतेङ्

आलंब (पुं.) रसनिष्पत्ति में सहायक एक विभाग -- NA

आलसी (पुं.) सुस्त, काहिल -- अतन्बा

आलस्य (पुं.) काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता -- हैनिङ्दबा, तौनिङदबा

आला (पुं.) दीवार में थोड़ा सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी मोटी चीज़ें रखी जाती हैं, ताक -- फक्लाङदा शेमबा पोत थम्फम, रागाई

आला (पुं.) कारीगरों के काम करने का उपकरण, औजार -- खुत्तनई

आला (पुं.) डाक्टर का स्टेथोस्कोप -- NA

आला (पुं.) उच्च कोटि का , श्रेष्ठ बड़ा -- अफाबा

आलोक (पुं.) प्रकाश रोशनी -- मङाल

आलोचक (पुं.) गुण दोष आदि का विवेचन करने वाला, समीक्षक -- आलोचक, साहित्यगी अफ-फत्त नैनबा मीओइ

आलोचना (स्त्री.) गुण दोषों का निरुपण या विवेचन, समीक्षा -- साहित्यगी अफ-फत्त नैनबा

आवभगत (स्त्री.) आदर-सत्कार, खातिरदारी, आतिथ्य -- इकाइ-खुम्नवा उत्पा, पेन्बा सेवा तौबा

आवरण (पुं.) परदा -- परदा

आवरण (पुं.) ढक्कन -- मखुम

आवरण (पुं.) किसी वस्तु के चारों ओर लिपटा कागज या कपड़ा -- फिजङ्

आवश्यक (वि.) जिसके बिना काम न चल सकता हो, जरूरी -- तङाइफदबा

आवश्यकता (स्त्री.) ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम ही न चल सकता हो, जरूरत -- तङाइफदबा मतौ

आवश्यकता (स्त्री.) आवश्यक होने की क्रिया या भाव -- दरकार

आवागमन (पुं.) आना-जाना -- चत्थोक चत्शिल

आवागमन (पुं.) जन्म-मरण का चक्र -- पोकपा-शिवा

आवारा (पुं.) बेकार घूमने-फिरनेवाला -- ङाओचत्नबा

आवारा (पुं.) आवांछनीय आचरण वाला, लफंगा -- मीरेम

आवास (पुं.) रहने का स्थान -- लैफम, युम

आवाहन (पुं.) अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव -- कौबा, बातान

आवाहन (पुं.) पूजन के समय किसी देवता को मंत्र द्वारा बुलाने की क्रिया -- लाइ कौबा

आविष्कार (पुं.) किसी अज्ञात वस्तु को खोज निकालना या बनाना, ईजाद -- अनौबा पोत् पुथोक्पा

आवृत्ति (स्त्री.) बार-बार होने की क्रिया या भाव -- हन्ना हन्ना तौब, हन्जिनबगी मओङ्

आवृत्ति (स्त्री.) पुस्तक आदि का उसी रूप में फिर छपना -- रिप्रिंट

आवेग (पुं.) प्रबल मनोवेग -- अकन्बा इथिल

आवेग (पुं.) बिना सोचे-विचारे कुछ कर बैठने की क्रिया -- NA

आवेदन (पुं.) निवेदन, प्रार्थना -- हायजबा

आशय (पुं.) अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा -- हायनिङ्बा, अपांबा

आशा (स्त्री.) उम्मीद -- आशा

आशीर्वाद (पुं.) मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष -- बोर, आशीर्वाद

आश्रय (पुं.) शरण, ठिकाना

आशीर्वाद (पुं.) सहारा, आवलंब -- चङजफम

आश्वासन (पुं.) कोई काम पूरा करने के लिए दिया जाने वाला वचन -- पुकनिङ्, थौगत्पा, फाथबिबा

आसन (पुं.) बैठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा -- आसन, फमबगी मओङ्

आसन (पुं.) बैठने के लिए कुश आदि का बना हुआ चौकोर टुकड़ा -- फमफम

आसान (वि.) सरल, सुगम -- अराइबा

आस्तिक (वि.) ईश्वर की सत्ता को मानने वाला -- लाइ थाजबा

आस्तिक (वि.) धर्मनिष्ठ -- मथौदा लुप्पा

आस्था (स्त्री.) भक्तिपूर्ण विश्वास -- थाजबा

आस्वादन (पुं.) स्वाद लेना, चखना -- महाओ तङ्बा, तङ्बा

आस्वादन (पुं.) रसास्वादन (कविता आदि का) -- रस लौबा

आहट (स्त्री.) हल्की आवाज -- शहुम

आहार (पुं.) खाद्य पदार्थ, भोजन -- चिन्जाक, अचापोत

आहुति (स्त्री.) यज्ञ या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया -- आहुति, मैता कत्पा

आहुति (स्त्री.) हवन में डाली जाने वाली सामग्री -- आहुति मैता कत्पा पोल

इंतज़ाम (पुं.) प्रबंध, व्यवस्था -- थौराङ्

इंदराज (पुं.) दर्ज करना, प्रविष्टि -- चङलकपा

इकहरा (वि.) एक ही परत वाला -- मरोल अमता ओइब

इकहरा (वि.) पतला -- अपाबा

इकाई (स्त्री.) किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग, जो विश्लेषण के लिए स्वतंत्र या पृथक माना जाता हो -- खुजिङ्, यूनिट

इकाई (स्त्री.) किसी संख्या में दाईं ओर का पहला अंक या उसका स्थान -- खुजिड्, यूनिट

इक्का (पुं.) दो पहियों वाली एक छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोता जाता है -- शागोल गाड़ी

इक्का (पुं.) ताश का एक बूटिवाला पत्ता -- शगोल गाड़ी

इक्का दुक्का (वि.) अकेला-दुकेला, कोई-कोई -- अमता-अनिदा, कना-कनागुम्दा

इच्छा (स्त्री.) चाह, कामना -- अपांबा

इठलाना (अ.क्रि) गर्वसूचक चेष्टाएँ, इतराना -- पोङ्ना, लैखत्ना

इतिवृत्त (पुं.) किसी विषय या घटनाओं का काल-क्रमानुसार पूर्ण विवरण -- थौदोक, अमगी, मथड्, मनाओ, नाइना वारी, परिड् ताकपा

इठलाना (पुं.) इतिहास -- हिस्टरी

इतिहास (पुं.) व्यक्ति, समाज, विषय देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन -- इतिहास

इत्र (पुं.) पुष्पसार, अतर -- मनम, नुङ्शिब लैनम

इधर (क्रि.) इस ओर, -- असोमदा,

इधर (वि.) इस तरफ, इस स्थान पर -- सोमदा

इनकार (पुं.) न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति -- यादबा, यानिङ्दबा

इनाम (पुं.) पुरस्कार, पारितोषिक -- मना

इमारत (स्त्री.) भवन -- फुरा, युम

इलाका (पुं.) क्षेत्र, प्रदेश -- लैमाय्गी पाक् चाओबा, लम, क्षेत्र, फल

इलाज (पुं.) उपचार, चिकित्सा -- लाइयेङ्बा

इलाज (पुं.) प्रतिकार की युक्ति का उपाय -- उपाय

इशारा (पुं.) संकेत -- इंगित

इस्तरी (स्त्री.) कपड़े की सिलवट दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण -- इस्तरी, आयरन

इस्पात (पुं.) विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ एक प्रकार का कड़ा और बढ़िया लोहा -- स्टील

ईंट (स्त्री.) साँचे में ढाला मिट्टी का एक छोटा खंड जो दीवार आदि बनाने के काम आता है -- चेक

ईंट (स्त्री.) ताश के चार रंगों में से लाल रंग की चौकोर बूटियों वाला एक पत्ता विशेष -- चेक

ईंधन (पुं.) जलाने में काम आने वाली/ पेट्रोलियम पदार्थ -- शिङ्

ईख (स्त्री.) गन्ना, ऊख -- ईश्वर, लाइ

उँड़ेलना/उडेलना (स.क्रि.) किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे में डालना या जमीन पर गिरा देना -- हेदोकपा, हैजिनबा

उकताना (अ.क्रि) ऊबना -- खिबा

उकसाना (स.क्रि.) भड़काना, उत्तेजित करना -- कामशिन्बा

उक्ति (स्त्री.) किसी की कही हुई बात, कथन, वचन -- वङाङ्

उखाड़ना (स.क्रि.) जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना -- फूतोक्या

उगना (अं.क्रि.) उदय होना, निकलना -- हौरक्या

उगना (अं.क्रि.) अंकुरित होना -- मयोन चोंलक्या

उगना (अं.क्रि.) उपजना, पैदा होना -- हौरक्या

उगलना (स.क्रि.) खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना -- ओथोक्या, ओबा

उगाना (स.क्रि.) किसी बीज या पौधे को उपजाने की क्रिया -- थाबा

उगाना (स.क्रि.) उत्पन्न या पैदा करना -- हौडन्वा

उघाड़ना (स.क्रि.) खोलना, अनावृत करना, नंगा करना -- हाङदोक्पा, हाइदोक्पा फि लौथोक्पा

उचटना (अं.क्रि.) किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना -- शेतत्पा, शेततोकक्पा

उचटना (अं.क्रि.) मन का हट जाना, न लगना, ऊबना -- खिबा

उचित (वि.) उपयुक्त -- चान्नबा

उचित (वि.) न्यायसंगत, तर्क संगत -- अचुंबा वायेनगा चान्नब

उच्च (वि.) ऊँचा -- अवाङ्बा

उच्च (वि.) पद आदि में औरों से ऊपर या बड़ा -- फम अवाङ्बा

उच्च (वि.) श्रेष्ठ -- अथोइबा

उच्चारण (पुं.) मुँह से स्वर और व्यंजनयुक्त शब्द निकालना -- खेंतोक्, उच्चारण

उछल-कूद (स्त्री.) बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया -- चोङ् फन्बा

उछलना (अ.क्रि) वेगपूर्वक ऊपर/आगे की ओर बढ़ना -- चोङ्खत्पा

उछलना (अ.क्रि) अत्यंत प्रसन्न होना, खुशी से फूलना -- हराओना चोङ्बा

उजड़ना (अ.क्रि) किसी वस्तु का जमे हुए स्थान से उखड़ना -- माङ्थक्पा, लैखा तारक्पा

उजाला (पुं.) चाँदनी, प्रकाश, रोशनी -- मङाल, ङान्बा, थाबल

उजाला (पुं.) प्रातःकाल होने वाला प्रकाश -- नोंङा-नथोरक्पा

उठना (अ.क्रि) गिरे, झुके, बैठे या लेटे होने की स्थिति से खड़े होने की स्थिति में आना -- लेप्खत्पा

उठना (अ.क्रि) ऊपर जाना अथवा बढ़ना -- होगत्पा

उड़ना (अ.क्रि) पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना जाना -- पाइबा

उड़ना (अ.क्रि) प्राकृतिक, रासायनिक आदि कारणों से पदार्थ का धीरे धीरे भाप बन जाना -- तप्न-तप्ना पाइथोकखिबा लोइथोक्खिबा

उड़ना (अ.क्रि) गायब या लुप्त हो जाना -- माङ्खिबा, लुप्खिबा

उतना (वि.) पहले निर्धारित मात्रा में -- अदु खत्त

उतरना (अ.क्रि) किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर से नीचे आना -- कुमथरक्या/कुमथबा

उतार-चढ़ाव (पुं.) नीचे उतरने और ऊपर चढऩे की अवस्था, क्रिया या भाव -- आका-अकुम

उतार-चढ़ाव (पुं.) किसी वस्तु के मान, मूल्य स्तर आदि का बराबर घटते बढ़ते रहना -- हेच्चुतग्गुलु

उतारना (स.क्रि.) ऊपर से नीचे लाना -- थाङ्थरक्या, लौथरक्या

उतारना (स.क्रि.) अलग करना (वस्त्र आभूषण) -- लौथोक्या, होङ्दोक्पा

उतारना (स.क्रि.) पार या दूसरी ओर पहुँचाना (नदी आदि के) -- लानथोक्या शिंदोक्या

उत्कंठा (स्त्री.) कुछ करने की प्रबल इच्छा, चाव -- अपांबा (चानिङ्बा थक्निङबा तौनिङ्बा)

उत्कर्ष (पुं.) ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव -- हेङ्गत्पा, चिङ्खत्यगी मओङ्

उत्कर्ष (पुं.) पद, मान, संपत्ति, भाव, मूल्य आदि में होने वाली वृद्धि -- फम, इज्जत, लन-धुम असिनचिङ्बा हेंङगतल-क्यगी मओङ्

उत्तम (वि.) गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर -- अथोइबा

उत्तराधिकार (पुं.) मृत्यु हो जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार -- महुत्शिल् होगदबा, हक फङ्हौगदबा

उत्तेजना (स्त्री.) किसी व्यक्ति द्वारा बिना समझे बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से रत होने का भाव -- चराङ्-खोइराङ्नबा मेन-मान तादना थबक तौबा

उत्पादन (पुं.) उत्पन्न या पैदा करने की क्रिया या भाव -- पोत्थोक थोकहन्बा

उत्सव (पुं.) धूमधाम से होने वाला सार्वजनिक आयोजन -- कुम्है, उत्सव

उत्साह (पुं.) उमंग, हौसला -- हैनिङ्बा

उत्सुक (वि.) मन में तीव्र अभिलाषा रखने वाला -- लाङ्तक्नबा (खनिङ्बा, हैनिङ्बा, तानिङ्गी)

उदय (पुं.) उद्भव -- थोरक्या

उदय (पुं.) ग्रह, नक्षत्रों, तारों आदि का क्षितिज से ऊपर उठकर आकाश में आना और दृश्य होना -- थोरक्या

उदार (वि.) खुले हृदय वाला -- पुक्चेन चाओबा

उदार (वि.) जो स्वभाव से नम्र और सुशील हो और पक्षपात संकीर्णता का विचार छोड़कर सबके साथ खुले दिल से आत्मीयता का व्यवहार करता हो। -- NA

उदास (वि.) खिन्न,चिंतित -- नुङ्नाङ्बा, चिंता तौबा

उदासीन (वि.) अलग या दूर रहने वाला -- थाप्दोक्या, नुङ्नाङ्बा

उदासीन (वि.) आसक्ति अथवा कामना रहित -- अपांबा लैतबा, हैनिङ्बा लैतबा

उदासीन (वि.) तटस्थ, विरक्त -- NA

उदाहरण (पुं.) नियम, सिद्धांत आदि को स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत तथ्य -- खुदम

उदाहरण (पुं.) ऐसा आचरण, कृति या क्रिया जो दूसरों को अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित करे -- अफबा खुदम

उद्घाटन (पुं.) आवरण या परदा हटाना -- हौदोक्या, फिजङ् हाइदोक्या

उद्घाटन (पुं.) नया कार्य आरंभ करने के समय औपचारिक उत्सव -- उद्घाटन

उद्देश्य (पुं.) वह बात, वस्तु या विषय, जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए -- पादम, हाइनिङ्लिबा वाफम

उद्धरण (पुं.) किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश -- करिगुम्बा, वारेङ्, शैरेङ् अमदगी लौथोक्रक्या शारुक

उद्यम (पुं.) परिश्रम, मेहनत -- होलबा

उद्योग (पुं.) परिश्रम, अघ्यवसाय -- शुनोंबा

उद्योग (पुं.) काम-धंधा -- थबक-इखाङ्

उद्योग-पति (पुं.) उत्पादन-उपक्रम का स्वामी -- कारखानागी मपु

उद्योग-पति (पुं.) किसी भी उद्योग का स्वामी -- NA

उधेड़ना (स.क्रि.) वस्त्रों की सिलाई बुनाई खोलना -- हंदोक्या

उधेड़-बुन (स्त्री.) मन की अनिश्चयात्मक स्थिति, उलझन -- पुनिङ् इताओ ताओबगी फिभम

उन्नति (स्त्री.) आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया -- चाओखत्पा, याइफबा

उन्नति (स्त्री.) उच्चता -- फागत्पा

उन्माद (पुं.) मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था -- मयाइ काबा, मयाई

उन्माद (पुं.) साहित्य में एक संचारी भाव -- साहित्य दा संचारी भाव अमा

उन्मूलन (पुं.) जड़ से नष्ट करना -- मरु फङ्ना मुथत्पगी थोओङ्

उन्मूलन (पुं.) समाप्त करना -- लोइशिन्बा

उपग्रह (पु.) बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रह -- उपग्रह

उपग्रह (पु.) किसी ग्रह की परिक्रमा करने के लिए आकाश में छोड़ा जाने वाला यांत्रिक गोला या पिंड -- उपग्रह

उपचार (पुं.) चिकित्सा -- लाइयेंड्बा

उपज (स्त्री.) जो उपजा हो, पैदावार, फसल -- महै मरोङ् थाबा

उपज (स्त्री.) जो बन कर तैयार हुआ हो, उत्पादन -- पोत्थोक्

उपज (स्त्री.) मन की नई उद्भावना या सूझ -- पुङ्निङ्गी अनौबा इथिल

उपजना (अ.) उगना, अंकुरण -- वाखल, हौरक्या, मयोन चोङ्लक्या, पोखाइरक्या

उपजना (अ.) कोई नई बात सूझना -- अनौबा वाखल पोक्लक्या

उपजाऊ (वि.) कृषि के लिए उपयुक्त -- लैहाओ फबा लैबाक्, लैहाओ फबा लम

उपदेश (पुं.) धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें -- पाओताक्

उपदेश (पुं.) समुचितराय -- NA

उपद्रव (पुं.) फसाद, दंगा -- फुन-चैनबा, हात्ना शुनबगी इराङ्

उपद्रव (पुं.) हलचल, ऊधम -- NA

उपनगर (पुं.) नगर के आसपास बसा हुआ क्षेत्र, छोटा नगर -- शहर गी नाक् येत्ता ताबा लम

उपनाम (पुं.) वास्तविक नामसे भिन्न कवियों लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम -- मशागी अशेङबा ममिङ् नत्बदा, कौनबा मिङ्

उपन्यास (पुं.) साहित्य की एक विधा, जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य कलापों का गद्यात्मक चित्रण हो -- उपन्यास

उपभोक्ता (पुं.) उत्पादन का प्रयोजक, खपतकार -- शिजिन्-नरिबा, तौरिबा

उपभोग (पुं.) किसी वस्तु का व्यवहार में लाना -- नुङ्ङाइबा फङ्नब-गीदमक करिगुंबा पोतशक अमा शिजिन्नबा

उपमा (स्त्री.) गुणों के आधार पर दो वस्तुओं की समानता, अलंकार विशेष -- चाङ्दम्नबा, उपमा

उपयोग (पुं.) प्रयोग, व्यवहार -- शिजिन्नबा

उपयोगी (वि.) प्रयोग, में लाए जाने योग्य -- शिजिन्न-निङाइ ओइबा

उपयोग (पुं.) प्रयोग, व्यवहार -- प्रयोग, ब्यबहार

उपयोगी (वि.) प्रयोग, में लाए जाने योग्य -- शिजिन्निनिङाइ ओइबा

उपलक्ष्य (पुं.) वह बात, जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए -- मरमदा, उपलक्ष्य

उपला (पुं.) जलाने के लिए सुखाया हुआ गोबर -- शन्यि अकङ्बा

उपवन (पुं.) उद्यान, बाग, पार्क -- लैकोन, हैकोन, पार्क

उपवास (पं.) किसी धार्मिक-सांस्कृतिक अवसर पर दिन-भर या दिन-रात भोजन न करने की क्रिया -- चरा हेन्बा

उपसंहार (पुं.) अंत, समाप्ति -- लोइशिन्बा

उपसंहार (पुं.) किसी प्रकरण, विषय आदि का वह अंतिम अंश जिसमें विषय का सारांश हो -- वारोइशन

उपस्कर (पुं.) औज़ार, उपकरण -- खुल्लाइ

उपस्थिति (स्त्री) हाज़िरी -- कारकपा, लाकपा

उपहार (पुं.) सद्भावपूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु -- खुदोल

उपहास (पुं.) हँसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक -- नोकपा, फागी, फआगी जुलाई

उपाधि (स्त्री) योग्यता, सम्मान आदि की सूचक खिताब, पदवी, डिग्री -- इकाइ-खम्नबग लोइन्ना पीबा मिङ्थोल, डिग्री

उपासक (पुं.) उपासना करने वाला -- लाइ निङ्बा मी

उपासक (पुं.) आराधक -- लाइ निङ्बा मीओइ

उपासना (स्त्री) ईश्वर, देवता आदि की मूर्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिंतन, पूजन, आराधन -- ईश्वर पूजा तोबा

उपासना (स्त्री) किसी वस्तु के प्रति अत्यधिक आसक्ति की भावना -- निङ्जबा

उपेक्षा (स्त्री) अवहेलना -- थओइदबा

उपेक्षा (स्त्री) अनादर -- इकाइखुम्नदबा

उबकाई (स्त्री) उलटी कै, मिचली, मितली -- तिन चुमबा, ओनिङ्बा, थुक-थुक लाओबा, अओबा

उबरना (अ.क्रि) उद्धार या निस्तार पाना -- नांथोक्या, नानथोकहौबा, कन्जहौबा

उबलना (अ.क्रि) आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना -- लोन्बा

उबलना (अ.क्रि) उत्तेजित होना, आवेश में आना -- फिङ्गत्पा, शाओगत्पा

उभरना (अ.क्रि) नीचे के तल से उठकर या निकलकर ऊपर आना -- ताओखत्पा

उभरना (अ.क्रि) ऊपर उठकर या किसी प्रकार उत्पन्न होकर अनुभूत या प्रत्यक्ष होना -- फाओगत्पा

उमंग (स्त्री) कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनंद या उत्साह -- हराओबा-नुङाइबगी ईथक, ईहौ

उम्मीदवार (पुं.) किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए प्रस्तुत होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति प्रत्याशी -- मिरेप

उर्वर (वि.) उपजाऊ -- लैहोओ-चेन्बा

उर्वर (वि.) जिसकी उत्पादन शक्ति अधिक हो (तत्व) -- पोत्थोक हेन्गत-हन्बगी शक्ति हेन्बा

उर्वरक (पुं.) खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रासायनिक खाद -- हार, फर्टिलाइजर

उलझन (स्त्री) जिस स्थिति में किसी प्रकार का निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी -- चयेतनबा

उलझना (अ.क्रि) किसी चीज के अंगों का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फँसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सके -- चयेत्खेये लबा

उलझना (अ.क्रि) झंझट, झगडे आदि में इस प्रकार फंसना कि जल्दी छुटकारा न हो सके -- खत्न चैनबगी लाङ्दा थुबा नांथोकपा ङम्दबा

उलटना (अ, स.क्रि) सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना -- उनथोकपा, उप्पा

उलटना (अ, स.क्रि) साधारण स्थिति से विपरीत या विरुद्ध हो जाना या करना -- तायोन्नबा

उलटना (अ, स.क्रि) ऊपर का भाग नीचे और नीचे का भाग ऊपर स्थिति में होना -- मथक मखा ओन्बा

उलटी (स्त्री) कै, वमन -- अओबा

उलाहना (पुं.) मूल दोष या त्रुटि आदि को रोष या व्यंग्य के साथ जताना -- वाकत्पा

उलीचना (स.क्रि.) किसी बड़े आधान या पात्र में भरे हुए जल आदि को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना -- निक्थोक्पा

उल्लंघन (पुं.) आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना अतिक्रमण -- थओइदबा, थओइ वाओइदबा

उल्लास (पुं.) आनंद, प्रसन्नता -- हराओबा, नुङ्ङाइबा

उल्लेखनीय (वि.) जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो -- शिङ्थानिङाई ओइबा, उत्निङ्ङाइ ओइबा

उसूल (पुं.) सिद्धांत -- सिद्धांत, अचुंबदा, युंफम, ओइबा, अरेप्पा, वारेप, प्रिन्सपल

उस्तरा (पुं.) बाल मूँड़ने का छुरा -- लू कोक्नब अथौबा छुरी

ऊँघना (अ.क्रि) झपकी लेना, नींद की आरंभिक अवस्था -- उइबा

ऊँचा (वि.) आधार या तल से ऊपर उठा हुआ -- अवाङ्बा

ऊँचा (वि.) लंबा -- अशाङ्बा

ऊँचा (वि.) पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से दूसरों से आगे बढ़ा हुआ -- मयामदगी हेन्बा

ऊँचाई (स्त्री) ऊँचे होने की अवस्था या भाव -- अवाङ्बा, वाङ्बा

ऊँचाई (स्त्री) गौरव, बड़ाई -- लेंबा, चाओबा

ऊपर (अव्य.) आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में -- मथक्

ऊपर (अव्य.) किसी के आधार या सहारे पर -- NA

ऊपर (वि.) औरों से बढ़कर, श्रेष्ठ, उत्तम -- अथोइबा

ऊपर (वि.) अधिक, ज्यादा -- अहेन्बा

ऊबना (अ.क्रि) किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना -- खिबा

ऊष्मा (स्त्री) गरम होने की अवस्था, गुण या भावः गरमी, ताप -- अशाबा, मैशा

ऊसर (पुं.) रेत की प्रधानता वाली भूमि, जो खेती के लायक न हो -- थुमगी शरुक्ना हेन्बा पांबी हौबा डम्दबा लम

ऊहापोह (पुं.) अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क वितर्क या सोच विचार, उधेड़-बुन -- ऊङ्बा, फूड्बङ्नबा

ऋण (पुं.) उधार, कर्ज -- पूबा, पुशिन्बा शेल तोन्बा

ऋण (पुं.) किसी का किया हुआ उपकार, एहसान -- NA

ऋण (पुं.) घटाने या बाकी निकालने का चिह्न् (-) -- खाइदोक्या

ऋणदाता (वि.) ऋण देने वाला -- पैसा शान्बा, शैदोइ चाबा

ऋतुराज (पुं.) बसंत ऋतु -- ऋतुराज, बसंत, येनिङथा

ऋषि (पुं.) वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र द्रष्टा -- ऋषि

ऋषि (पुं.) आध्यात्मिक और भौतिक तत्वों का साक्षात्कार करने वाला -- लाइ निङबा मी

एकता (स्त्री.) ऐक्य का भाव -- एकता

एकता (स्त्री.) समानता -- अमत्ता ओइबा

एकत्र (वि.) इकट्ठा, जमा -- पुन्शिन्बा, खोमजिन्बा

एकदम (क्रि.वि.) तुरंत -- खुदकता

एकदम (क्रि.वि.) बिल्कुल -- शोयदना

एकनिष्ठ (वि.) अनन्य भक्त -- वाखल अ लोंगदबा

एकनिष्ठ (वि.) एकाग्रचित्त -- पुक्निङ् लुप्पा

एकमत (वि.) एक ही तरह की राय रखने वाला -- मोत मान्नबा

एकमत (पुं.) मत की एकता, मतैक्य -- मोत, अमता ओइबा, वाखल मान्नबा

एकमात्र (वि.) अकेला, एक ही -- अमखक्ता

एकांत (वि.) निर्जन, सूना -- अचिक्पा, अहाङ्बा

एकांत (पुं.) निर्जन स्थान -- मी तादबा लम्

एकाकी (वि.) अकेला -- नाइतोम ताबा, मदोम

एकाग्र (वि.) तन्मय, दत्तचित्त -- पुकनिङ्, लुप्सिन्बा

एकाधिकार (पुं.) संपूर्ण स्वामित्व -- मागीनिदा खन्बा मथंतगीनि खन्बा मोंनोपोली

ऐंठन (स्त्री.) मरोड़ -- लैखत्पा, लैथोक्पा, शुमदोक्पा

ऐंठना (अ.क्रि.) बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना -- लैथेक्पा, थुप्पा

ऐंठना (अ.क्रि.) अकड़ दिखाना -- मुक्या

ऐंठना (स.क्रि.) मरोड़ना -- लैखत्पा

ऐंठना (स.क्रि.) धोखा देकर लेना -- नमफुदा लौबा

ऐनक (स्त्री.) चश्मा -- अनोक

ऐश्वर्य (पुं.) धन-संपत्ति, वैभव -- लन्-थुम्

ऐश्वर्य (पुं.) प्रभुत्व, शक्ति -- शक्ति

ओजस्वी (वि.) प्रभावशाली, तेजस्वी -- इथिल पीडंबा मचिन चत्पा

ओजस्वी (वि.) शक्तिशाली -- शक्ति लैबा

ओझल (वि.,) अदृश्य, छिपा हुआ -- उदबा,

ओझल (पुं.) NA -- बिलुप्त, आढुआल, दुष्टिर-अंतरालरे

ओझा (NA) भूत प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति -- माइबा

औझा (NA) ब्राह्मणों की एक उप जाति -- NA

ओटना (स.क्रि.) कपास के बिनौले अलग करना -- लशिङ् मरु लौथोक्पा

ओढ़ना (स.क्रि.) किसी कपड़े आदि से बदन ढकना -- इन्बा, कुपशिन्बा

ओढ़ना (स.क्रि.) जिम्मा लेना -- इन्फि

ओढ़ना (पुं.) तन ढकने के लिए ऊपर से डाला जाने वाला वस्त्र -- NA

ओर (स्त्री) दिशा, तरफ -- माइकै

ओर (स्त्री) पक्ष -- मीचङ् नाकल

ओला (पुं.) वर्षा में गिरने वाले बर्फ के छोटे छोटे टुकड़े -- लेन

ओस (स्त्री) वातावरण में फैली हुई भाप, जो जलकण रूप में पृथ्वी पर गिरती है -- लिक्ला

ओहदा (पुं.) किसी कर्मचारी या कार्यकर्ता का पद -- फम,

औचित्य (पुं.) उचित होने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता -- चान्नबा मतौ

औज़ार (पुं.) हथियार, उपकरण -- खुत्लाइ

औटाना (स.क्रि.) किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना -- लोन्शिन्बा

औद्योगिक (वि.) उद्योग-संबंधी -- उद्योग का मरिलैनबा

औद्योगिक (वि.) वस्तुएँ तैयार करने के काम से संबंध रखने वाला -- उद्योग का मरिलैनबा

औद्योगी-करण (पुं.) नए-नए कल-कारखाने स्थापित करना -- इन्डस्ट्रिय-लाइजेशन, कल कारखाना लिङ्खत्पगी थबक

औपचारिक (वि.) उपकार-संबंधी -- लाइयेङ्-बगा मारि लैनबा

औपचारिक (वि.) दिखावटी -- फोओमल्, हौन चलबीगी मतुङ् इन्ना

औपचारिकता (स्त्री) औपचारिक होने की अवस्था, गुण या भाव -- फार्मेलिती

औपचारिकता (स्त्री) दुनियादारी -- चत्नबी

और (योजक (अव्य)) दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द -- अमसुङ्

और (वि.) दूसरा -- अतोप्पा

और (क्रि.वि.) अधिक -- अहेन्बा

औरत (स्त्री) स्त्री, महिला -- नुषी

औरत (स्त्री) पत्नी -- नुपी

औषधालय (पुं.) दवाखाना, चिकित्सालय -- हिदाक् योन्फम

औषधालय (पुं.) रोग नाशक जड़ी बूटी -- हिदाक्-का मरि लैनबा ऊरु वारु, मना मशिङ् जड़ी-बूटी

औसत (पुं./वि.) मध्य, बीच का -- चाङ्चत्

औसत (पुं./वि.) साधारण सामान्य -- NA

कंगाल (वि) अति निर्धन -- शाथिना लाइरबा

कंघा (पुं.) बाल झाड़ने या सँवारने का एक उपकरण -- शम्जेत्

कंजूस (वि.) धन संग्रह के लालच में आवश्यक वस्तुओं पर भी खर्च न करने वाला (व्यक्ति) कृपण -- अरिक्या

कंठ (पुं.) गला -- खौरी

कंठ (पुं.) गले से निकला हुआ स्वर -- खनाओ

कंधा (पुं.) मनुष्य के शरीर की बाँह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है -- लेङ्जुम, लेङ्बाल

कँपकँपी (स्त्री.) भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाला कंपन -- निक्या

कंबल (पुं.) मोटी ऊनी चादर, जो ओढ़ने के काम आती है -- कंबल

कई (वि.) एकाधिक -- अमदगी, हेंन्बा, कयामरुम

कई (वि.) कुछ -- खरा

कक्ष (पुं.) किसी इमारत का भीतरी भाग, कमरा या खंड -- का

कक्षा (स्त्री) दर्जा, श्रेणी -- क्लास रूम, लैरिक् तंफम का

कचहरी (स्त्री.) न्यायालय, अदालत -- कोर्ट

कचोटना (अ.क्रि.) पीड़ा या वेदना होना -- चैना

कच्चा (वि.) खाद्य पदार्थ जो पका न हो, अधपका -- मुंदबा

कटघरा (कठघरा) (पुं.) काठ का जंगलेदार घेरा -- पिंजरा, शा उचेक्की थंफम्

कटघरा (कठघरा) (पुं.) कचहरी में वह स्थान, जिसमें अभियुक्त खड़े होते हैं -- साक्षी गी लेप्फम्

कटार (स्त्री.) छोटी, छुरी -- हैज़ांग, छुरी, थाङ् मचा

कटु (वि.) जिसके स्वाद में कड़वापन हो -- अखाबा

कट्टर (वि.) पक्का, दृढ़, निश्चयी, सिद्धांतवादी -- हक्चिन्बा

कठपुतली (स्त्री.) काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली, जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है -- हङ्लाइ

कठिन (वि.) जो आसानी से न हो सके, मुश्किल -- अरुबा

कठोर (वि.) कड़ा, सख्त -- तम्थिबा, अकन्बा

कठोर (वि.) निर्दयी, निष्ठुर -- नुङ्शि हैतबा

कड़कना (अ.क्रि) कड़कड़ का शब्द होना -- आयाक्या

कड़कना (अ.क्रि) रोषपूर्ण तेज आवाज में बोलना -- NA

कड़वा (वि.) स्वाद में कसैला या कटु -- अखबा

कडवा (वि.) कटु प्रकृति का -- NA

कडवा (वि.) अप्रिय -- नुङ्शिदबा

कड़ा (पुं.) धातु का मोटा छल्ला -- अकन्बा

कढ़ाई (स्त्री.) बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम -- लोन्बा

कतरन (स्त्री.) कपड़े कागज आदि के छोटे छोटे रद्दी टुकड़े -- मचेत्

कतरना (स्त्री.) कपड़े कागज आदि को केंची से काटना -- कक्पा

कतरनी (स्त्री.) कैंची -- कांति

कतराना (अ.क्रि.) बचना -- उशिन्नदबा, थैदोक्पा

कतार (स्त्री.) पंक्ति -- परेङ्

कत्था (पुं.) खैर की लकड़ी का सत जो पान में खाया जाता है। -- कत्था

कथनी (स्त्री.) कही हुई बात, उक्ति -- वडाङ्

कथा (स्त्री) किस्सा, कहानी -- बारी

कथा (स्त्री) पौराणिक आख्यान -- धर्म की वारी

कथानक (पुं.) किसी साहित्यिक रचना की कथा-वस्तु -- वारीगी कयात्

कद (पुं.) (व्यक्ति की) ऊँचाई -- अवाङ्बा

कनक (पुं.) सोना, स्वर्ण -- सना

कनक (पुं.) धतूरा -- NA

कन्यादान (पुं.) वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कन्या को वर को सौंपना -- शगोइदाक, कन्यादान

कपट (पुं.) छलपूर्ण आचरण, दुराव -- नाम्थाक्

कपट (पुं.) धोखा -- नम्थाक्

कपड़ा (पुं.) वस्त्र, वसन -- फि

कपड़ा (पुं.) पहनावा, पोशाक -- फिजेत्

कपाट (पुं.) किवाड़, दरवाजे का पल्ला -- थोङ्ना

कपाट (पुं.) दरवाजा, द्वार -- थोङ्

कपास (स्त्री.) एक पौधा जिसके ढ़ौढ़ (फल) में से रुई निकाली जाती है -- लशिङ् मरु लौथोक्पा

कपूत (पुं.) बुरे आचरण वाला पुत्र, व्यसनी पुत्र -- शागै चेन्थहन्बा मचा

कपूर (पुं.) सफेद रंग का एक सुगंधित घन पदार्थ, जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है -- कपूर

कपोल (पुं.) गाल -- खजाइ

कफन (पुं.) शव को लपेटने का कपड़ा -- काइखुंफि

कब (क्रि.वि.) किस समय -- करंबा मतम

कबाड़ी (पुं.) टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदेने और बेचने वाला -- कोंतेक् थाङतेक लैबा-योन्बा तौबा नुपा, नुपी

कबूलना (स.क्रि.) स्वीकार करना -- थाबा

कब्जा (पुं.) अधिकार -- खुद्म्दा थंबा

कब्रिस्तान (पुं.) शव दफनाने का स्थान -- पांगलगी मोङ्फम

कभी (क्रि.वि.) किसी समय, किसी अवसर पर -- करिगुंबदा

कमंडल (पुं.) संन्यासियों का जलपात्र -- युबी खुजाइ, कमंडल

कम (वि.) परिमाण, मात्रा, संख्या में थोड़ा -- हंथबा

कमजोर (वि.) दुर्बल, असमर्थ -- अशोन्बा

कमर (स्त्री.) शरीर का मध्य भाग, कटि -- ख्वाङ्

कमरबंद (पुं.) कमर का एक आभूषण -- ख्वाङ्चेत्

कमरा (पुं.) कक्ष, कोठरी -- का

कमल (पुं.) तालाबों में उगने वाला एक प्रसिद्ध फूल -- धंबाल

कमान (स्त्री.) धनुष, शरासन -- लिरुङ्

कमाना (स.क्रि.) उपार्जन करना -- तान्बा

कमी (स्त्री.) कम होने की स्थिति या भाव -- हंथबा

कमी (स्त्री.) त्रुटि -- दोष

कमी (स्त्री.) अभाव -- अवात्पा

कर (पुं.) हाथ -- खूत्

कर (पुं.) सरकार द्वारा जनता से उगाहा हुआ धन -- कर, राजस्व, शुल्क, खजणा

करघा (पुं.) कपड़ा बुनने का यंत्र -- योङ्खम

करना (स.क्रि.) कार्य का संपादन -- तौबा

करनी (स्त्री.) कार्य, कर्म, आचरण -- थबक, कर्म

करनी (स्त्री.) राज-मिस्त्री का एक औजार -- करनी, करनेल

करवट (स्त्री.) पार्श्व के बल बैठने-लेटने की स्थिति -- याओन्बा

करारा (वि.) कुरकुरा -- गरौ-गरौ लाओबा, अकेंबा

करारा (वि.) तेज, उत्कट, उग्र -- फिङ्बा, इशौ कन्बा

कराहना (अ.क्रि.) पीड़ा या वेदना का व्यथा-सूचक शब्द -- नाहेबा

करुण (वि.) दुखद -- वाबिबा

करुण (वि.) साहित्य में एक रस -- साहित्यगी रस अमगी ममिङ्

करोड़पति (वि.) करोड़ों की संपत्ति वाला -- करोड़ गी मपु

कर्ज (पुं.) ऋण -- शेंदोल

कर्तव्य (पुं.) धर्म -- तौफम थोक्या मथौ

कर्तव्य (पुं.) विधिसम्मत कार्य -- तौदा याद्रबा थौदाङ्

कर्त्ता (पुं.) रचयिता, निर्माता -- थौबु

कर्त्ता (पुं.) व्याकरण में पहला कारक -- हिंदी व्याकरकणगी कारक की अहान्बा मखल, ममिङ्

कर्त्ता (पुं.) गृहस्वामी -- मपू

कर्त्ता-धर्त्ता (पुं.) वह व्यक्ति, जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों -- अशिन् अराङ् तौबा मी

कर्म (पुं.) काम, कार्य -- मथौ, थबक

कर्म (पुं.) पूर्व जन्म के कार्य -- थबक

कर्म (पुं.) धार्मिक कार्य -- कर्म

कर्म (पुं.) हिंदी व्याकरण में दूसरा कारक -- हिंदी व्याकरण दा कारक की अनिशुबा मखल

कर्मठ (वि.) मेहनती, अध्यवसायी -- नोमबा कनबा

कलंक (पुं.) दाग, धब्बा -- दाग, अचुबा

कलंक (पुं.) लांछन, निंदा -- मराल, निंदा

कल (क्रि.वि.) आज के ठीक पहले का दिन -- ङराङ्

कल (क्रि.वि.) आज के ठीक बाद आने वाला दिन -- हयेङ्

कल (क्रि.वि.) चैन, आराम -- पोथाबा

कल (स्त्री.) मशीन, यंत्र, पुर्जा -- मशीन, यंत्र

कलई (स्त्री.) सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, राँगा -- खोरि, जिङ्क, (अबरक) ना शोंबा

कलई (स्त्री.) सफेदी -- कोल-लिक्ता तैनबा महि, शुनु हायबा

कलफ (पुं.) नए धुले कपड़ों पर की जाने वाली चावल, अरारोट की माँड -- चनाङ्

कलम (स्त्री.) लेखनी -- कोलोम

कलम (स्त्री.) पेड़-पौधों की टहनियों से बनाया गया नया पौधा -- कलम

कलरव (पुं.) पक्षियों की चहचहाट -- उर्चेक्की मखोल

कलश (पुं.) घड़ा, कलसा -- चफू

कलश (पुं.) मंदिरों आदि के शिखर पर लगा घड़ेनुमा कंगूरा -- कलश

कलह (पुं.) झगड़ा, विवाद -- इमुङ् इशौ लाङनबा, लाओनबा

कला (स्त्री.) हुनर, आर्ट -- कला, आर्ट

कला (स्त्री.) चंद्र या सूर्य का अंश -- NA

कलाकार (पुं.) कला-साधक -- कलाकार, आर्टिस्ट

कलाबाजी (स्त्री.) सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल -- मन ओन्बा

कलियुग (पुं.) पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग -- कलियुग

कली (स्त्री.) बिना खिला फूल -- अपोंबा लै

कलुष (पुं.) मलिनता, गंदगी -- पाप, पाप तौबा मी

कलेजा (पुं.) यकृत, जिगर -- थम्मोय

कलेजा (पुं.) जीवट, साहस -- थौना

कल्पना (स्त्री.) अन्तःकरण मे अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करना -- भावना शाबा, कल्पना

कल्प-वृक्ष् (पुं.) मानव-इच्छाओं को पूर्ण करने वाला देव-लोक का एक वृक्ष -- कल्प-वृक्ष

कल्याण (पुं.) हित, भलाई -- याइफबा, चाओखत्पा

कवि (पुं.) कविता या काव्य का रचयिता -- कबि

कविता (स्त्री.) लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना -- शैरेङ्

कष्ट (पुं.) पीड़ा -- अवाबा

कष्ट (पुं.) मुसीबत -- खुदोङ् थिबा

कष्ट (पुं.) मेहनत, श्रम -- नौबा

कसना (स.क्रि.) बंधन कड़ा करना -- चेत्ना पुन्बा

कसना (स.क्रि.) कसौटी पर सोने की जाँच करना, परखना -- NA

कसबा (कस्बा) (पुं.) छोटा शहर -- अपिक्या शहर

कसम (स्त्री.) शपथ -- वाशक्या

कमर (स्त्री.) कमी, न्यूनता -- खजिकतङ् हंथबा

कसरत (स्त्री.) व्यायाम -- हक्चाङ् शाजेल तौबा

कसाई (पुं.) पशुओं आदि की हत्या करने वाला, बूचड़, वधिक -- शा हात्लागा योन्बा

कसूर (कुसूर) (पुं.) दोष, अपराध -- अशोइबा, अकाओबा, मराल

कसैला (वि.) आँवले, फिटकरी आदि के स्वाद वाला -- चाथत्पा, फक्पा

कसौटी (स्त्री.) सोना परखने का काला पत्थर -- सना चाङ येङ्नबा अमुबा नुङ् मखल अमा

कसौटी (स्त्री.) मूल्यांकन के मानक आधार -- चाङ्येङ्

कस्तूरी (स्त्री.) एक विशेष नर मृग की नाभि के पास की गाँठ में पाया जाने वाला सुगंधित पदार्थ -- शजि मखन अणा, कस्तूरी शजिगी खोइदौदगी फङ्बा मनम नुङशिबा पोत्

कहकहा (पुं.) जोर की हँसी, ठहाका -- फाक्-फाक् नोक्पा, वा-वा नोकपा

कहना (स.क्रि.) बोलना, बताना -- हाइबा

कहना (पुं.) कथन, बात -- वङाङ्

कहाँ (क्रि.) किस स्थान पर -- कदाइदा

कहानी (स्त्री.) कथा, किस्सा -- वारीगी कयात्

कहानी (स्त्री.) मनगढ़ंत बात -- अशेमबा शाजन्बा वा

कहावत (स्त्री.) लोक प्रचलित कथन या वाक्य -- पओरौ

कांखना (अ.क्रि.) मल-त्याग के समय आँतों या पेट की वायु को दबाना -- थिशङ्बा

कांखना (अ.क्रि.) परिश्रम का काम करते समय ऊँह-आह की ध्वनि करना -- NA

काँच (पुं.) शीशा -- लिक्ली

काँटा (पुं.) पेड़-पौधों की डालियों पर निकले नुकीले और कड़े अंकुर कंटक -- तिङ्खङ्

काँटा (पुं.) तराजू -- सेरफला

काँटा (पुं.) एक उपकरण, जिससे चीजें उठाकर खाई जाती हैं -- फोर्क

कांति (स्त्री.) चमक, आभा -- अरङ्बा, मङाल

कांति (स्त्री.) शोभा, सौंदर्य -- निङ्थिजबा

काँपना (अ.क्रि.) क्रोध, भय, शीत आदि से शरीर का रह-रह कर हिलना -- निक्या

कागज (पुं.) सन, बाँस, चीथड़े आदि की लुगदी से बना पत्र -- चे

काट-छाँट (स्त्री.) फालतू अंश काट कर अलग करने की क्रिया या भाव -- कक्थोक् कक्शिन्

काटना (स.क्रि.) औजार या शस्त्र से किसी वस्तु के टुकड़े करना -- कक्या

काटना (स.क्रि.) डंक या दाँत गड़ा कर घाव करना -- चिक्या

काटना (स.क्रि.) खंडन करना, गलत ठहराना -- येत्पा

काठ (पुं.) लकड़ी, काष्ठ -- ऊ अकक्या

काठ (पुं.) ईंधन -- ऊ शिङ्

काढ़ना (स.क्रि.) उकेरना, नक्कासी करना -- लोन्बा

काढ़ना (स.क्रि.) किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना -- शत्तोक्पा, हंदोक्या चिङथक्या

कातना (स.क्रि.) रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना -- लङ् नाइबा

काना (वि.) जिसकी एक आँख खराब या विकृत हो -- ममित् नामा ताङ्बा

काना (वि.) कीड़ा लगा फल, सब्जी -- तिल चारबा उहै

कानून (पुं.) राज्य नियम, विधि -- कानून, नियम

कानून (पुं.) सर्वमान्य नियम या रूढ़ियाँ -- चत्नबी

काफी (वि.) पर्याप्त, यथेष्ट -- मतिक् चाना

काम (पुं.) कार्य, कृत्य -- थबक

काम (पुं.) धंधा, व्यापार, नौकरी -- शिन्फम

काम (पुं.) इच्छा, अभिलाषा, कामना -- अनिङबा, अपाम्बा

कामधेनु (स्त्री) कामनाएँ पूरी करने वाली पुराण-प्रसिद्ध गाय -- कामधेनु

कामना (स्त्री.) अभीष्ट, हार्दिक इच्छा -- अनिङ्बा, अपांबा

कामयाब (वि.) सफल -- महै यान्बा

कायम (वि.) स्थिर, पक्का, दृढ़ -- लेङ्दबा, अचेत्पा

कायर (वि.) डरपोक -- पाङ्दबा, मीकिथी, मीचैल

कायाकल्प (पुं.) काया शुद्धि की क्रिया -- NA

कारखाना (पुं.) व्यापारिक दृष्टि से बड़ी मात्रा में वस्तु निर्माण की शाला -- कारखान

कारण (पुं.) हेतु, उद्देश्य, प्रयोजन, वजह -- दमक, पोदम

कारण (पुं.) प्रेरक घटना या परिस्थिति -- मरम

कारतूस (पुं.) बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाईं जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है -- नोङ्मै मरु

कारस्तानी करिस्तानी (स्त्री) हानि पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया कोई काम, चालबाजी -- लौतुनबा

कारस्तानी करिस्तानी (स्त्री) करतूत -- चुंदबा थबक

कारावास (पुं) बंदीगृह में रहने का दंड -- कैसुमशङ्

कारीगर (पुं.) रचना या मरम्मत करने वाला -- शिल्पी, ऊदा नुङ्दा हक्लगा शारिबा मी (आर्टीस्ट)

कार्य (पुं.) काम -- थबक

कार्यकर्ता (पुं.) काम करने वाला व्यक्ति, कर्मचारी -- थबक लौबा मी

कार्य-कारिणी (स्त्री.) संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति -- संस्था पुननबा खल्लबा मीओइ, समिति

कार्यक्रम (पुं.) कार्य संपादन विवरणिका -- थौरम परेङ

कार्यक्रम (पुं.) उक्त सूची के अनुसार होने वाला कार्य -- थौरम परेङ्गी मतुङ् इन्ना तौरिबा थबक

कार्य-पालिका (स्त्री.) नियमों का पालन सुनिश्चित करने वाला शासकीय विभाग -- एक्जेक्टिव, मरु ओइबा खङ्गत्लबा मीओइ

कार्यवाही (स्त्री) कृत कार्य का विस्तार से उल्लेख -- थबक चत्थनबा, थबक ओइनबा

कार्यालय (पुं) दफ्तर -- ऑफिस

काल (पुं.) समय -- मतम

काल (पुं.) मौत, मृत्यु -- शिबा

काल (पुं.) क्रियाओं से सूचित वह तत्व, जिससे किसी घटना या बात के घटित होने का समय ज्ञात होता है -- थबक तौबगी मतम खङ्हन्बा टेन्स

काला (वि.) जो काजल के रंग का हो, कृष्ण, श्याम -- अमुबा

काला (वि.) जिसमें प्रकाश न हो, अंधकारपूर्ण -- अमोबा

काला (वि.) अनुचित, कलंकित, लांछित -- चुम्दबा, दोष लैबा

काला बाजार (पुं.) कानून-विरोधी व्यापार -- चुम्दबा, दोष लैबा

कालीन (पुं.) मोटा बिछावन, गलीचा -- गलीचा, फीदा

कालीन (वि.) काल विशेष से संबंधित -- कालीन-फीदा

काल्पनिक (वि.) मनगढ़ंत, कल्पित -- भावना शाबा

काव्य (पुं.) साहित्यिक रचना -- शैरेङ्

काश्तकार (पुं.) किसान, खेतिहर -- लौमी, लौ उबा मी

किताब (स्त्री.) पुस्तक -- लाइरिक्

किनारा (पुं.) अंतिम छोर, सिरा -- मपाल

किनारा (पुं.) नदी या समुद्र का छोर, तट -- तोरबान

किफायत (स्त्री.) अनावश्यक व्यय में कटौती -- लिक्ना शिजिन्नबा, खाक्पा

किरकिरा (वि.) महीन, कंकड़, बालू आदि से युक्त वस्तु -- अकेङ्बा

किराना (पुं.) पंसारी की दुकान में मिलने वाला सामान -- दुकांदार फङ्बा चेङ् हवाइ, मरु-मराङ्

किराया (पुं.) भाड़ा -- भाड़ा

किराया (पुं.) अचल संपत्ति के उपयोग के बदले में देय धन -- वाइरुबगी, लैरुबगी, तोंङूबगी-दमक पीबा ममल

किरायेदार (किराएदार) (पुं.) अचल संपत्ति किराए पर लेने वाला व्यक्ति -- भाड़ा, पीबा मीओइ

किलकारी (स्त्री.) बच्चे की हर्ष-ध्वनि -- हराओना खे-खे नोक्या (अङाङ्ना)

किला (पुं.) दुर्ग, गढ़ -- लान्बन्

किवाड़ (पुं.) दरवाजे का पल्ला, कपाट -- थोङ्ना

किशोर (वि.) ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक -- इन्खत्लक्या नुपामचा

किसान (पुं.) कृषक -- लौमी, लौ उबा मी

किस्त (स्त्री.) निश्चित समय पर दिए जाने वाले ऋण का एक भाग -- इनस्टालमैट, ताङ्कक् नाइना पीबा

किस्म (स्त्री.) प्रकार -- मखल, गुण, धर्म

किस्सा (पुं.) कहानी -- वारी, थौदोक-वाथोक् की वारी

कीचड़ (पुं.) पानी मिली धूल, पंक, कर्दम -- लैखोम, लैनाङ्

कीट (पुं.) कीड़ा -- तील-काङ्

कीटाणु (पुं.) बहुत छोटे-छोटे कीड़े -- महिक्

कीटाणु (पुं.) सूक्ष्म कीट, विषाणु -- लाइना पुबा महिक्

कीड़ा (पुं.) उड़ने या रेंगने वला छोटा जंतु कीट -- तील-काङ्

कीमत (स्त्री.) दाम, मूल्य -- ममल

कीमत (स्त्री.) महत्व -- ममल

कीमती (वि.) अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान -- अताङ्बा

कीमती (वि.) महत्वपूर्ण -- ममल नाइदबा

कीर्ति (स्त्री.) यश, ख्याति -- मिङ्चत्

कुंज (पुं.) झाड़ियों, लताओं के समूह -- उरि-वारिना कोइशिन्बा मफम

कुंजी (स्त्री) चाबी, ताली -- शो, चाबी

कुंजी (स्त्री) कठिन पुस्तक के अर्थ स्पष्ट करने वाली पुस्तक -- नोट

कुंभ (पुं.) धातु, मिट्टी, आदि का पात्र, घड़ा कलश -- चकू

कुंभ (पुं.) ज्योतिष में ग्यारहवीं राशि -- कुंभ राशि

कुंभ (पुं.) प्रति बारहवें वर्ष मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पर्व -- कुंभ

कुकर्म (पुं.) बुरा काम, निंदनीय कर्म -- फत्तबा थबक, निनंदा तौनिंङाइ औइबा थबक

कुचक्र (पुं.) हानि पहुँचाने के लिए बनाई गई योजना, साजिश -- कनागुंबबु फत्तबा, माङहन्ना शिनबा ल्ङ्

कुचलना (स.क्रि.) व्यक्ति या वस्तु को पैर से रौंदना -- नेत्खाइबा

कुचलना (स.क्रि.) आघात, प्रहार से दबाना -- तक्खाइबा, चप्खाइबा

कुछ (वि.) अल्प, कम, थोड़ा-सा -- खरा, खरादङ्

कुछ (क्रि.वि.) अज्ञात, अनिर्दिष्ट या अनिश्चित परिमाण, मात्रा या रूप -- खरा

कुछ (सर्व) कोई अज्ञात अनिर्दिष्ट या अनिश्चित वस्तु या बात -- खरा

कुटिया (स्त्री.) घास-फूस की बनी झोंपड़ी, कुटी -- खाङ्पोक्शङ्

कुटिल (वि.) टेढ़ा -- खोइबा

कुटिल (वि.) मन में छल, कपट, द्वेष आदि रखने वाला कपटी, दुष्ट -- पुक्चेल खोइबा मबुक् फत्तबा

कुटीर-उद्योग (पुं.) घरेलू स्तर पर वस्तुओं का उत्पादन -- कोटिज इंडस्ट्रीज, युमदा शुबा याबा थबक तौदुना शेंदाल लंबी ओइबा

कुटुंब (पुं.) परिवार -- इमुङ् मनुङ्

कुढ़ना (अ.क्रि.) मन ही मन दुखी और विकल होना -- थमोइनुङ्ददि वाबा अमादि लाङतकनबा

कुतरना (स.क्रि.) दाँत से छोटे-छोटे टुकड़े करना -- मकुप ताना चिक्थत्पा

कुतूहल (पुं.) जिज्ञासा -- खङ्निङ्बगी लाङतक्नबा

कुतूहल (पुं.) आश्चर्य -- अङकपा

कुप्पी (स्त्री) तेल, चिकनाई आदि डालने के लिए छोटा पात्र -- थाओ लिक्ली, थाओ कौता

कुबड़ा (पुं.वि) पीठ की हड्डी के मुड़ जाने से ग्रस्त व्यक्ति -- नम पोन्बा

कुमकुम (पुं.) रोली -- कुमकुम

कुमुदिनी (स्त्री.) कमल की तरह का सफेद फूलों वाला पौधा -- थरो

कुम्हलाना (अ.क्रि.) मुरझाना -- खुइजिन्बा

कुम्हलाना (अ.क्रि.) चेहरे का रंग फीका पड़ना -- मक्शिन्बा

कुल (पुं.) खानदान, घराना, वंश -- शागै चेन्थहन्बा मचा

कुल (वि.) पूरा सारा -- अपुन्बा

कुल देवता (पुं.) जिसकी पूजा किसी कुल में परंपरा से होती आई हो -- शागैगी लाइ अपोक्या, कुल देवता

कुलीन (वि.) उच्च कुल में उत्पन्न -- अवाङ्बा जात्की ओइबा

कुल्हड़ (पुं.) मिट्टी का बना हुआ छोटा पात्र -- इशाइफू, लैबाक्ना शाबा इशिङ् हापनबा चफू

कुशल (वि.) चतुर, होशियार -- है शिङ्बा

कुशल (पुं.) खैरियत, राजी-खुशी -- याइफबा

कुश्ती (स्त्री.) एक प्रसिद्ध भारतीय खेल -- रैस्लिंग, मुक्ना शान्बा

कुष्ठ (पुं.) एक संक्रामिक रोग, जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती हैं, कोढ़ -- कुष्ठी, अङौबा पक्या लैना, लेप्रसि

कुसुम (पुं.) पुष्प, फूल -- लैखोम, लैनाङ्

कूँची (कूची) (स्त्री.) तूलिका -- तूलिका

कूँची (कूची) (स्त्री.) मूँज आदि का बनाया हुआ एक प्रकार का ब्रुश -- ब्रुश, शदु

कूआँ (कुआँ, कुवाँ) (पुं.) पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा -- गूहा

कूटना (स.क्रि.) किसी चीज को महीन करने के लिए लगातार पीटना -- शुबा, पौ शुबा

कूटना (स.क्रि.) भूसी अलग करने की प्रक्रिया -- NA

कूटनीति (स्त्री.) व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दाँव-पेच की नीति -- कूटनूति, अरोन्बा खोङचत् अरोन् अथुप की नीति

कूटना (अ.क्रि.) छलांग लगाना -- चोङ्थबा

कृतघ्न (वि.) उपकार न मानने वाला -- तौबीमान खङ्दबा

कृतज्ञ (वि.) उपकार को मानने वाला -- तौबीमल खङ्बा

कृतार्थ (वि.) जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो -- पांदम फङ्बा, महै यान्बा

कृतार्थ (वि.) लक्ष्य प्राप्त -- महै यान्बगी हराओबा

कृत्रिम (वि.) जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित -- शेमजन शाजन्बा

कृत्रिम (वि.) बनावटी, दिखावटी -- तात् तौबा

कृपा (स्त्री.) अनुग्रह, दया -- थौजावल

कृषि (स्त्री.) खेती-बारी -- लौमी

केंद्र (पुं.) मध्य बिंदु -- मफम

केंद्र (पुं.) मध्य भाग -- मयाइ, सेंटर

केंद्र (पुं.) दूर-दूर तक फैले हुए कार्यों की व्यवस्था तथा संचालन हेतु मुख्य स्थान -- मयाइ, चबुक

केवल (वि.) जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही -- शुप्नगी

केवल (क्रि.वि.) मात्र, सिर्फ -- अमता

केश (पुं.) सिर के बाल -- शम्

कै (स्त्री.) उलटी वमन -- अओबा

कैद (स्त्री.) अपराधियों को दंड देने के लिए बंदी बनाना -- बंदी थंबा कैशुमशङ्

कोंपल (स्त्री.) पेड़-पौधों आदि में निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला -- अनौबा मयोन

कोई (सर्व) अज्ञात, अनिर्दिष्ट वस्तु या व्यक्ति, संपूर्ण मे से एक -- कनागुंबा, कनानोमा

कोई (वि.) न जाने कौन एक, बहुतों मे से चाहे जो एक -- अमा

कोई (अव्य.) लगभग -- चाओराक्ना

कोठरी (स्त्री.) छोटा कमरा -- अपिक्या का

कोठी (स्त्री.) बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान -- अचौबा अवाङ्बा युम

कोतवाल (पुं.) पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी, जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं -- शहर अमगी पुलिस मकोक्

कोतवाली (स्त्री.) कोतवाल का मुख्यालय -- हेड पुलिस स्टेशन

कोमल (वि.) नरम, मुलायम -- अथोत्पा

कोरा (वि.) बिल्कुल ताजा और नया, न बरता हुआ -- शिजिन्न-द्रिबा अनौबा

कोलाहल (पुं.) चीखने-चिल्लाने से होने वाला शोर -- लाङ्बा निन्बा

कोल्हू (पुं.) बीजों और गन्ने को पेरने का यंत्र -- कोल्हू

कोश (कोष) (पुं.) किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ वाला ग्रंथ, कोश -- वाहै गी पुकै, डिक्स्नारी

कोश (कोष) (पुं.) संचित द्रव्य -- NA

कोशकार (पुं.) शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला -- डिक्स्नारी इबा मी

कोशिश (स्त्री.) प्रयत्न, चेष्टा -- होत्नबा

कोषाध्यक्ष (पुं.) जिसके पास कोष रहता है, खजांची -- कैरुङ्बा, लन् थुम पान्नब

कोष्ठक (पुं.) (), [], {}, चिन्हों में से कोई एक -- ब्रैकेट

कोसना (स.क्रि.) सताए जाने पर किसी की अशुभ कामना करना -- शाप तौबा, थीना चैबा

कोंधना (अ.क्रि.) कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना -- नोङ्थाङ् कुप्पा

कौतुक (पं.) आश्चर्य या उत्सुकताजनक विलक्षण बात -- खङ्निङ्बा लाङ्तकनबा

कौतुक (पं.) मनोविनोद, दिल्लगी -- हराओ तयांबा, फागी

कौन (सर्व) जानकारी हेतु वाचक सर्वनाम -- कना

कौन (सर्व) कोई व्यक्ति -- कनागुंबा,

क्या (सर्व) प्रश्नवाचक सर्वनाम -- करि

क्या (सर्व) आश्चर्यजनक एवं उपेक्षासूचक प्रसंगों में प्रयुक्त अभिव्यक्ति -- करि

क्यों (क्रि.वि.) कारण जानने के लिए प्रयुक्त प्रश्नवाचक शब्द -- करिगी

क्योंकि (अव्य.) कारण यह है कि, इसलिए कि -- मरमदि

क्रम (पुं.) तरतीब, सिलसिला -- मथङ् मनाओ

क्रम (पुं.) उचित रूप से काम करने का ढंग -- NA

क्रमशः (क्रि.वि.) नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार -- मथङ् मनाओ नाइबा

क्रमशः (क्रि.वि.) एक-एक करके, बारी- बारी से -- अममम् ओइना, पाली-पाली नाइना

क्रय (पुं.) मोल लेने की क्रिया या भाव, खरीद -- लैबा, तिक्या

क्रांति (स्त्री.) एक दशा से दूसरी दशा में बड़ा परिवर्तन -- अओन्बा

क्रांतिकारी (पुं.वि.) क्रांति का प्रयत्न करने वाला -- अओन्बा पुरक्नबा होत्नरिबा मीओइ

क्रिया (स्त्री.) कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव -- थबक तौबगी मओङ्

क्रिया (स्त्री.) कोई काम करने का ढंग या विधि

क्रिया (स्त्री.) व्याकरण में वे शब्द, जो किसी कार्य घटना आदि के होने या किए जाने के वाचक होते हैं -- NA

क्रीड़ा (स्त्री.) खेलकूद -- शान्न खोत्नब

क्रीड़ा (स्त्री.) आमोद-प्रमोद -- हराओ तयांबा

क्रूर (वि.) निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दयी -- तम्थिबा, नुङ्शि हैतबा

क्रोध (पुं.) कोप, गुस्सा -- अशाओबा

क्लेश (पुं.) कष्टपूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा -- वाखल नुङङाइताब थवाइ वाबा

क्षण (पुं.) काल का एक बहुत छोटा परिमाण, पल -- मित्कूप्

क्षति (स्त्री.) चोट लगने से होने वाला घाव -- अशोक्पा अनाबा

क्षति (स्त्री.) हानि, घाटा -- अमाङ्बा

क्षतिपूर्ति (स्त्री.) हानि या घाटे का पूरा होना -- अवात्पा मेन्खात्पा

क्षत्रिय (पुं.) हिंदुओं के चार वणों में से दूसरा वर्ण -- क्षत्री शागै, निङ्थौचा

क्षत्रिय (पुं.) उक्त वर्ण का व्यक्ति -- क्षेत्री, मचा-मशु

क्षमता (स्त्री.) सामर्थ्य -- तौबा डंबा

क्षमता (स्त्री.) कोई कार्य करने का कौशल -- तौङंबा, थौङंबा

क्षमता (स्त्री.) ग्रहण या धारण करने की पात्रता -- केपसिटी

क्षमा (स्त्री.) किसी भी प्रकार का अहित करने वाले व्यक्ति के प्रति मन में कोई विकार न होना -- ङक्पिबा

क्षमा (स्त्री.) किसी दोषी या अपराधी को बिना किसी प्रतिकार के छोड़ देने का भाव माफ़ी -- ङाक्पिहैबा

क्षय (पुं.) क्रमशः तथा प्राकृतिक रूप से होने वाला ह्रास -- लैखा तारक्पा, माङ्थरक्पा

क्षय (पुं.) नाश -- माङ्बा

क्षय (पुं.) यक्ष्मा (टी.बी.) नामक रोग -- टि.बि., लाइना

क्षितिज (पुं.) जहाँ पृथ्वी और आकाश एक-दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं -- येङ्कम्, होराइजन

क्षुधा (स्त्री.) भोजन करने की इच्छा, भूख -- अऱाबा, लांबा

क्षेत्र (पुं.) जोता-बोया जाने वाला भूमिखंड, खेत -- लौबुक

क्षेत्र (पुं.) प्राकृतिक, भौगोलिक, राजनीतिक आदि दृष्टियों से निर्दिष्ट भू-भाग -- लम्दम्, जोन

क्षेत्रफल (पुं.) किसी क्षेत्र की लंबाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा -- एरिया, पाक्पा चाओबा

खंड (पुं.) टुकड़ा, अंश -- मचेत्

खंड (पुं.) किसी संपूर्ण वस्तु का कोई विशिष्ट भाग या विभाग -- शरुक्

खंडहर (पुं.) इमारत या भवन, खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, भग्नावशेष -- अमन्बा फुरा दोलाल

खंभा (पुं.) गोल या चौकोर रचना जिस पर छत या कोई भारी चीज टिकी रहती है -- युंबी

खगोल (पुं.) आकाश, मंडल -- अतिया, नोङ्मदोल

खटकना (अ.क्रि.) खट-खट की आवाज होना -- थेङ्गाइनबा, तक्खाइनबा, मखोल थोक्पा

खटकना (अ.क्रि.) बुरा मालूम होना -- खोइराङ्, खोइशाओनबा

खटाई (स्त्री.) खट्टे होने की अवस्था -- अशिन्बा पोत

खटाई (स्त्री.) कोई खट्टी वस्तु -- अशिन्बा पोत

खट्टा (वि.) जिसमें अम्लीयता हो -- अशिन्बा

खड़ाऊँ (स्त्री.) काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका -- खुरुम

खतरनाक (वि.) जोखिम-भरा -- खुदोङ्थिनि-ङ्ङाइ ओइबा

खतरा (पुं.) अनिष्ट, संकट आदि की आशंका -- खुदोङ्थिबा

खनिज (वि.) खान से खोद कर निकाला हुआ -- खोनिदगी

खनिज (वि.) खनिज पदार्थ -- खोनिगी पोत

खपत (स्त्री.) खपने या खपाने की क्रिया अथवा भावः माल की बिक्री -- खप्पा

खरा (वि.) विशुद्ध -- तशेङ् तशेङ्बा अशेङ्बा

खरा (वि.) ईमानदार, सच्चा और शुद्ध हृदय वाला -- पुक्चेन शेङ्बा

खराद (पुं.) लकड़ी अथवा धातु की वस्तुओं को सुडौल तथा चिकना बनाने वाला यंत्र -- फुंद्रै

खरीद (स्त्री.) मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय -- लौबा

खरीद (स्त्री.) वह जो खरीदा जाए -- लैगदबा, पोत

खरीदना (स.क्रि.) मोल लेना, क्रय करना -- लैबा, लैबगी थबक तौबा

खरोंच (स्त्री.) नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश -- खोत्पा

खर्च (खरच) (पुं) धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय -- खोर्च

खर्च (खरच) (पुं) वह धन-राशि, जो किसी वस्तु को खरीदने या बनाने के लिए व्यय की जाती है -- खोर्च

खलना (क्रि.) अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना -- शाओनिङ्बा, नुङ्ङाइतबा

खलिहान (पुं.) जहाँ फसल काट कर रखी, माँड़ी तथा ओसाई जाती है -- फौ खाओरुरगा पैफम

खली (स्त्री.) तिलहन का वह अंश, जो उसे पेर कर तेल निकालने के बाद बचा रहता है -- थाओथी

खस्ता (वि.) भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जानेवाला कुरकुरा -- अकेंबा

खस्ता (वि.) टूटा-फूटा, भग्न, दुर्दशाग्रस्त -- NA

खाँसना (अ.क्रि.) खाँसी आने या होने का सा शब्द करना, गला साफ करना -- लोक, खुबा, खौदैंबा

खाई (स्त्री.) दुर्ग के चारों ओर खोदा हुआ गहरा स्थान जो पानी से भरा रहता है -- लोक्चप, लोक्लुङ्

खाई (स्त्री.) युद्ध क्षेत्र में छिप कर गोली चलाने के लिए खोदे जाने वाले गड्ढे -- कोमल, नरम, सुकुमार,मृदु

खाकी (वि.) खाक अर्थात् मिट्टी के रंग का, भूरा -- खाकी, अवाओबा

खाट (स्त्री.) चारपाई -- चारपाई, तौरीना, शाबा काङथोल

खाद (स्त्री.) सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि -- हार

खादी (स्त्री.) खद्दर -- खादी

खाद्य (वि.) जो खाए जाने योग्य हो, भोज्य -- अचापोत्

खाद्य (पुं.) खाए जाने वाले पदार्थ -- अचापोत्

खाद्य (पुं.) भोजन -- चाक्

खाद्यान्न (पुं.) वे अन्न जो खाने के काम आते हैं -- चेङ्-हवाइ

खान (स्त्री.) वह स्थान जहाँ से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं -- खोनि

खान (स्त्री.) वह स्थान , जहाँ कोई वस्तु अधिकता से होती या पाई जाती है -- खोनि

खाना (स.क्रि.) भोजन करना -- चाबा

खाना (स.क्रि.) भोजन -- चाक्

खाना (स.क्रि.) दीवार, आलमारी, मेज आदि में रखने का स्थान -- काखल्

खारा (वि.) जिसमें क्षार का अंश या गुण हो -- अयाक्पा, थुम्ही चेन्बा

खाल (स्त्री.) त्वचा, चमड़ा -- शऊन, मऊन

खाली (वि.) रिक्त -- अहाङ्बा

खाली (वि.) रोजगार-रहित -- थबक् लैतबा

खाली (वि.) जो उपयोग में न आ रहा हो -- शिजिन्नद्रबा

खास (वि.) विशेष, विशिष्ट -- अथोइबा

खिड़की (स्त्री.) दीवार में छोटे दरवाजे की तरह का स्थान -- थोङ्नाओ

खिन्न (वि.) उदास, विकल -- नुङ्नाङ्बा

खिन्न (वि.) अप्रसन्न, असंतुष्ट -- पेंदबा

खिल-खिलाना (अ.क्रि.) बहुत प्रसन्न होने पर खुलकर हँसना -- फाक् फाक् नोक्पा हराओना नोक्पा

खिलना (अ.क्रि.) कली या फूल का पंखुड़ियाँ खोलना -- शात्पा, शाकत्काइबा

खिलना (अ.क्रि.) कोई सुखद कार्य या बात होने पर आनंदित होना -- मका लांबा, हराओबा

खिलना (अ.क्रि.) सुंदर लगना, फबना -- फजथोक्पा

खिलाड़ी (पुं.) खेल खेलने वाला -- शानरोइ

खिलाना (स.) भोजन कराना -- पिजबा

खिलाना (स.) खेल खिलाना -- शानहन्बा, शान खोत्नहनबा

खिलाना (स.) दुलारना -- लुना चान्ना तौबा

खिलौना (पुं.) बच्चों के खेलने के लिए बनाई गई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री -- शानपोत्

खिलौना (पुं.) मन बहलाने का साधन या सामग्री -- हराओहन्नबा पोत्

खिसकना (अ.क्रि.) सरकना -- चङ्शिन्बा, हंदोकखिबा

खिसकना (अ.क्रि.) किसी वस्तु का अपने स्थान से कुछ हट जाना -- मफम हंदोक्पा

खिसकना (अ.क्रि.) चुपके से उठ कर चल देना -- तुमिन्ना होगत्खिबा चत्खिबा, स्वाइ माङ्खिबा

खींचना (स.क्रि.) किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना -- चीङ्बा

खींचना (स.क्रि.) किसी वस्तु या स्थान में स्थित किसी दूसरी वस्तु को बलपूर्वक बाहर निकालना -- चिङ्थोकपा, शत्तोक्पा

खींचना (स.क्रि.) किसी वस्तु का तत्व, सार या सुगंध निकालना -- लौथोक्पा

खुजली (स्त्री.) शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी -- हाकजबा

खुजली (स्त्री.) खाज -- फुरी थुङ्बा

खुजाना (स.क्रि.) शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उँगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना -- होत्पा

खुदरा (पुं) किसी चीज के छोटे छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर -- मकुप

खुदरा (पुं) वस्तु को थोड़ा थोड़ा बेचना -- अचोइबा, मचोइ मचोइबा

खुदरा (वि.) थोड़ा थोड़ा करके बिकने वाला -- चेइना, चोइना, चोइना

खुर (पुं.) कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा, जो प्रायः गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है -- खुर

खुरचना (स.क्रि.) किसी वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए -- खोत्पा, खोत्तत्पा, होत्पा

खुराक (स्त्री.) खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार -- चिन्जाक्

खुराक (स्त्री.) किसी पदार्थ की एक नियत मात्रा, इकाई -- चाक्लुक

खुश (वि.) प्रसन्न, संतुष्ट -- हराओबा,, अपेन्बा

खुश-किस्मत (वि.) अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान -- लाइबक फबा, मराइबक फबा

खुशखबरी (स्त्री.) शुभ समाचार -- याइफबा पाओ, नुङङाइबा पाओ, हराओ-नुङङाइबा पाओ

खुश्क (वि.) सूखा -- अकड़्बा

खुश्क (वि.) चिकनाई रहित -- जबौ-जबौ लाओबा

खुश्क (वि.) जिसमें कोमलता या रसिकता न हो -- मौंदबा

खून (पुं.) रक्त, रुधिर, लहू -- ई

खून (पुं.) हत्या -- मी हात्पा

खूब (वि.) सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया -- याम्ना अफबा

खूब (क्रि.वि.) अच्छी तरह से भली भाँति -- याम्ना फजना

खूबसूरत (वि.) सुंदर -- निङ्थिजबा, याम्ना फजबा

खेत (पुं.) वह भू-खंड, जो फसल उपजाने के लिए जोता बोया जाता है -- लौबुक, लौ ऊनबा लम्

खेतिहर (पुं.) जमीन को जोत बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक -- लौमी, लौ उबा मी

खेती (स्त्री.) खेत को जोतने -बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम -- लौउबा

खेती (स्त्री.) खेत में बोई हुई फसल -- लौबुक्ता हौबा महै मरोङ्

खेद (पुं.) कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दुख, अप्रसन्नता, रंज -- नुङ्ङाइतबा

खेना (स.क्रि.) डांड़ों की सहायता से नाव ·को चलाना -- होन्बा

खेल (पुं.) मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीड़ा -- शान्नबा

खेल (पुं.) बहुत साधारण या तुच्छ काम -- अराइबा थबक्

खेल-कूद (स्त्री.) खेल, क्रीड़ा -- शान्न-खोलबा

खेल-कूद (स्त्री.) (बच्चों की) उछल-कूद, आमोद-प्रमोद, कल्लोल -- चोङ् फनबा

खेलना (अ.क्रि.) मन बहलाने के लि शारीरिक क्रियाएँ करना -- शान्नबा

खेलना (अ.क्रि.) मजाक बनाना -- शानपोत् ओइना खल्लागा तौबा थबक्

खैरात (स्त्री.) दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान -- दान

खोखला (वि.) जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त -- अहाङबा

खोखला (वि.) निस्सार, थोथा -- महाओ योदबा कान्नदबा

खोज (सत्री.) किसी नए तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान -- थिबा, अनुसंधान

खोज (सत्री.) किसी खोई या छिपी हुई वस्तु को ढूँढ़ने की क्रिया -- NA

खोजना (स.क्रि.) किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूँढ़ना -- थिबा

खोजना (स.क्रि.) अनुसंधान या शोध करना -- थिजिन्बा

खोट (स्त्री.) मिलावट (सोना आदि में) -- कोरी यान्बा सना

खोट (स्त्री.) दोष -- दोष

खोटा (वि.) मिलावटी -- याशिन्बा

खोटा (वि.) हीन, अविश्वसनीय -- शाजिन्नबा, ओइदबा

खोदना (स.क्रि.) कुदाल आदि से जमीन पर आघात करके गड़्ढ़ा बनाना -- तौबा डंबा

खोदना (स.क्रि.) उक्त क्रिया द्वारा दबी पड़ी हुई वस्तु बाहर निकालना -- तैथोक्या

खोदना (स.क्रि.) नक्काशी करना -- NA

खोना (सं.) किसी वस्तु का भूल से कहीं छूट जाना -- माङबा

खोना (सं.) असावधानी, दुर्घटना, मृत्यु आदि के कारण क्षतिग्रस्त होना -- माङ्जबा

खोल (पुं.) किसी चीज का ऊपरी आवरण -- मकु, मयोम

खोल (पुं.) विशिष्ट प्रकार के कीड़े मकोडों का प्राकृतिक आवरण -- मखुम

खोलना (स.क्रि.) अनावृत करना, आवरण हटाना -- हाङ्दोक्पा

खोलना (स.क्रि.) किसी बँधी हुई वस्तु को मुक्त करना -- हाङ्दोक्पा

खोलना (स.क्रि.) मोड़ी या तह की हुई वस्तु को फैलाना -- शंदोक्पा

खौलना (स.क्रि.) उबलना -- शौबा, लोन्बा

ख्याति (स्त्री.) यश, प्रसिद्धि, कीर्ति -- मिङ्चत्

गंजा (वि.पुं.) जिसके सिर के बाल झड़ गए हों -- कोक, ताङ्बा

गंदा (वि.) अपवित्र, दूषित, बुरा -- अमोत्पा, इफूल तैबा

गंदा (वि.) धूल, मिट्टी आदि से युक्त, मैला -- NA

गंध (स्त्री.) कुछ पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार, जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गंध -- मनम्

गंध (स्त्री.) सुगंधित द्रव्य -- मनम् नुङ्शिबा पोत्

गंभीर (वि.) गहरा -- अरुबा

गंभीर (वि.) जटिल, गूढ़ -- अथुप्पा, अरुबा

गंभीर (वि.) शांत, धीर -- चिङ् लेंबा

गँवाना (स.क्रि.) खोना -- माङ्बा

गँवाना (स.क्रि.) नष्ट करना -- माङ्हन्बा

गँवार (वि.पु.) असभ्य, अशिष्ट -- चाओ-खत्तबा

गँवार (वि.पु.) मूर्ख, अनाड़ी -- अपङ्पा, इपङ् पङ्बा

गगन (पुं.) आकाश, आसमान -- अतिया, नोङ्दोल आकाश

गज (पुं.) हाथी -- शामु

गज (पुं.) लंबाई की एक माप, जो छत्तीस इंच के बराबर होती है -- गज़

गज (पुं.) उक्त माप का उपकरण -- गज़

गजरा (पुं.) फूलों की घनी गुँथी हुई छोटी माला -- लै परेङ् अङौबा, गजरा

गड़बड़ (पुं.) ऐसी अवस्था, जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो -- बेरा

गड़बड़ (पुं.) असावधानी, भूल आदि से कुछ का कुछ कर देने की क्रिया या भाव -- थओइ-वोइदबा

गड़बड़ (पुं.) उत्पात, उपद्रव -- NA

गढ़ (पुं.) किला, दुर्ग -- लालबन, पुन्फम्

गढ़ (पुं.) केंद्र, मुख्य स्थान, अड्डा -- कैंद्र,

गढ़ना (स.क्रि.) कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील, ढाल कर तैयार करना -- हक्या, शेंबा

गढ़ना (स.क्रि.) कोई कल्पित बात बनाना या कोई बात नमक मिर्च लगाकर सुंदर रूप में प्रस्तुत करना -- शाजिन्बा

गण (पुं.) समूह, झुंड, वर्ग -- शङगु, मपै, चबुल

गणतंत्र (पुं.) वह राज्य या राष्ट्र, जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषतः मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है -- गणतंत्र

गणना (स्त्री.) गिनती करने की क्रिया या भाव -- मशिङ् थिबा

गणना (स्त्री.) गिनती, संख्या -- मशिङ्

गणित (पुं.) वह शास्त्र, जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतियों का विवेचन होता है, हिसाब -- अङ्क, मैथेमेटिक्स

गति (स्त्री.) चाल, रफ्तार -- खोङ्चत्, याङ्ना चत्पा

गति (स्त्री.) हरकत, चेष्टा, हिलना-डुलना -- कार तरनबा

गति (स्त्री.) दशा, अवस्था, हालत, स्थिति -- फिबम

गतिरोध (पुं.) चलते हुए काम का रुक जाना -- अथिङ्बा, कांबा लेप्पा

गतिरोध (पुं.) झगड़े या बातचीत के समय की ऐसी स्थिति, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़ जाते हैं और समझौते का कोई रास्ता दिखाई नहीं देता -- मफम मराङ् खङ्दबा

गतिविधि (स्त्री.) कार्य-कलाप -- थबक् थोओङ्

गतिविधि (स्त्री.) चेष्टा, हरकत -- होलबा

गतिविधि (स्त्री.) आचरण-व्यवहार करने या रहने सहने का रंग-ढंग -- शाजत्-लिचत्, युम्लै कैरे

गदराना (अ.क्रि.) फलों आदि का पकना शुरु होना -- मुल्लक्पा

गदराना (अ.क्रि.) जवानी में शरीर के अंगों का भरना और सुडौल होना -- इनखत्लक्या

गद्दा (पुं.) बिछाने की मोटी रूईदार भारी तोशक -- लशिङ्ना शेंबा फम्नबा फिदा

गबन (पुं.) सरकारी या संस्थागत धन की चोरी -- आत्मसात्, करण

गमला (पुं.) फूल आदि के पौधे लगाने के लिए मिट्टी या धातु का पात्र -- गमला

गरजना (अ.क्रि.) गंभीर तथा घोर शब्द करना जोर से क़ड़क कर बोलना -- ङ्ङाबा

गरम (गर्म) (वि.) सामान्य से अधिक तापमान वाला, उष्ण -- गरम, उष्न

गरम (गर्म) (वि.) उग्र, आवेश प्रधान -- शाओगन्बा, अफिङ्बा

गरिष्ठ (वि.) बहुत भारी -- याम्ना लुंबा

गरिष्ठ (वि.) (खाद्य पदार्थ) जो बहुत कठिनता से या देर में पचता हो -- तुंबा डम्दबा

गरी (स्त्री.) नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है -- युबी, युबी मतोङ्

गरी (स्त्री.) किसी बड़े बीज के अंदर का मुलायम गूदा, गिरी -- मतोङ्

गरीब (वि.) निर्धन, दरिद्र -- लाइरबा, अनङ्बा

गरीब (वि.) दीन-हीन -- तोल्लबा

गरीब (वि.) निरुपाय, बेचारा -- उपाइ लैजद्रबा

गर्व (पुं.) अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभियान, घमंड -- पोड्बा, चाओथोक्चबा

गर्व (पुं.) अपने किसी श्रेष्ठ कार्य, बात, वस्तु आदि के संबंध में होने वाला न्यायोचित अभिमान -- पोङ्बा

गलत (वि.) जो ठीक न हो, अशुद्ध -- अरान्बा

गलत (वि.) मिथ्या असत्य -- चुम्दबा, मिर्नबा

गलत (वि.) अनुचित, -- चानदबा

गलती (स्त्री.) भूल, अशुद्धि, त्रुटि -- अरानबा, अशोइबा

गलाना (स.क्रि.) किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना -- पेत्थोक हन्बा

गलाना (स.क्रि.) किसी कड़ी चीज या कच्चे अन्न आदि को उबाल कर नरम करना -- शोदोक्, हन्बा

गलाना (स.क्रि.) घुलाना -- तुम्हन्बा

गली (स्त्री.) सड़क से कम चौड़ा, संकरा रास्ता -- लैरक

गवाह (पुं.) ऐसा व्यक्ति, जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी -- साक्षी

गवाह (पुं.) न्यायालय में तथ्य का सत्यापन या समर्थन करने वाला -- साक्षी

गवाह (पुं.) दो पक्षों में होने वाले लेन-देन, व्यवहार, समझौते आदि के लेख पर हस्ताक्षर करने वाला -- साक्षी

गहन (वि.) घना, निविड़, गहरा -- अशुक्या

गहन (वि.) दुरुह, कठिन -- फङ्ङ-म्दबा

गहना (पुं.) आभूषण, जेवर -- लिवकोन

गहरा (वि.) जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो -- अरुबा थेंदबा

गहरा (वि.) (व्यक्ति या विषय) गूढ़, गहन, गंभीर -- चिङ् लेंबा

गाँव (पुं.) ऐसा स्थान, जहाँ लोग पीढ़ियों से रहते आए हों, ग्राम -- खुङ्गङ्

गाड़ना (स.क्रि.) गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना -- फूंबा

गाड़ना (स.क्रि.) धरती या दीवार आदि में धँसाना -- फूमजिनबा

गाढ़ा (वि.) जो पतला न हो -- अकुङ्बा

गाढ़ा (वि.) (रंग आदि) जो अधिक गहरा हो -- अयाक्या

गाढ़ा (वि.) दृढ़, पक्का, घनिष्ठ -- अचेत्पा नक्शिन्नबा

गाना (स.क्रि.) लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना -- शक्पा

गाना (पुं.) गाई जाने वाली रचना, गीत -- इशै

गायक (पुं.) गाने वाला, गवैया -- इशै शक्पा

ग्राहक (गाहक) (पुं.) खरीदने वाला, खरीददार -- पोत्त लैबा मी, अरैबा मी

गिनती (स्त्री.) गिनने की क्रिया या भाव, गणना -- मशिङ् थिबा

गिनती (स्त्री.) संख्या -- मशिङ्

गिनती (स्त्री.) एक से सौ तक की अंक माला -- अमदगी चामा फाओबगी मशिङ्

गिनना (स.क्रि.) संख्या सूचक अंकों का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना -- मशिङ् थिबा

गिनना (स.क्रि.) गणना करना -- मशिङ्, थिबा

गिरजा (पुं.) ईसाइयों का प्रार्थना स्थल -- चर्च

गिरफ्तार (वि.) जो किसी अपराध के कारण पुलिस द्वारा पकड़ा गया हो -- फाबा

गिरवी (स्त्री.) बंधक, रेहन -- बंधोव थंबा

गिरवी (स्त्री.) बंधक रखी हुई चीज -- बंधोव थंबा पोल

गिराना (स.क्रि.) नीचे डालना, फेंकना -- थादबा, लङ्बा

गिराना (स.क्रि.) ढहाना, जमीन पर लुढ़का देना -- NA

गिराना (स.क्रि.) किसी वस्तु या रचना को तोड-फोड़ कर उसका नाश या ध्वंस करना -- थुगि-खोकाइदुना माङ्हन-ताक्हनबा

गिरोह (पुं.) एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड -- काङ्लूप, काङ्बू

गीत (पुं.) छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना -- इशै

गीतकार (पुं.) गीत लिखने वाला -- इशै इबा

गुंडा (वि.पुं.) बुरे चाल-चलन वाला, बदमाश -- गुण्डा, बदमाश

गुंडागर्दी (स्त्री.) गुंडों का आचरण या व्यवहार, बदमाशी -- जोङ्-काङ् तौबा

गुंबद (पुं.) वास्तु रचना में वह शिखर, जो अदर्धगोलाकार और अंदर पोला होता है, गुंबज -- चौङा, बन

गुच्छा (पुं.) एक ही प्रकार की बहुत सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुँथा या उपजा हो -- चरोङ्

गुजरना (अ.क्रि.) किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना -- चत्खिबा, लालखिबा, शिखिबा

गुजरना (अ.क्रि.) व्यतीत होना, बीतना -- लेन्बा

गुट (पुं.) टोली, गिरोह, छोटा दल -- काङ्लुप, दल, काङ्बु

गुण (पुं.) वह लक्षण, जो एक वस्तु से दूसरी वस्तु को अलग करता है -- गुण

गुण (पुं.) किसी वस्तु का लाभदायक तत्व, स्वभाव -- गुण

गुण (पुं.) प्रशंसनीय बात -- मगुण

गुणवान (वि.) गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त -- मगुण लैबा

गुणा (पुं.) गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति, जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाए एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है -- पुरिबा

गुदगुदाना (स.क्रि.) हँसाने या छेड़ने के लिए किसी का तलुवा, बगली आदि सहलाना -- तिकि तिकि होत्पा

गुदगुदी (स्त्री.) गुदगुदाने की क्रिया या भाव -- शौबिङ्-शौबिङ् लाओबा

गुनगुना (वि.) हल्का गरम -- लुंबु लुंबु शाबा

गुनगुनाना (स.क्रि.) धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना -- इशै ङङबा

गुप्तचर (पुं.) जासूस, भेदिया -- सि.आइ,डि

गुफा (स्त्री.) जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अँधेरा गङ्ढा, कंदरा -- शुरुङ्

गुब्बारा (पुं.) बच्चों के खेलने की रबड़ की थैलीनुमा वस्तु, जिसमें हवा, गैस आदि भरी जाती है -- बोल अकांबी

गुमनाम (वि.) अप्रसिद्ध, अनजान, अज्ञात -- ममिङ् चत्तबा

गुमनाम (वि.) बिना नाम का जिसमें किसी का नाम न लिखा हो, अनाम -- मिङ लैतबा, मिङ् थोनदबा

गुरु (पुं.) विद्या देने वाला, शिक्षक -- गुरु, ओजा

गुरु (वि.) भारी -- अरुबा

गुरु (वि.) कठिन, मुश्किल -- अरीबा

गुरुकुल (पुं.) गुरु का वास स्थान, जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों -- गुरु, खन्बा

गुरुकुल (पुं.) प्राचीन पद्धति पर स्थापित विद्यापीठ -- गुरुकुल

गुर्राना (अ.क्रि.) कुत्ते, बिल्ली आदि का क्रोध में मुँह बंद करके भारी आवाज निकालना -- खोङ्बा, ङ्ङ्बा

गुर्राना (अ.क्रि.) क्रोध में कर्कश स्वर से बोलना -- याक्ना कन्ना ङाङ्बा

गुलाम (पुं.) मोल लिया हुआ व्यक्ति , दास -- मिनाइ

गुलाम (पुं.) ताश का एक पत्ता, जिस पर गुलाम की आकृति होती है -- गुलाम (ताशकी चेना)

गुलाल (पुं.) रंगदार चूर्ण, जिसे होली के दिनों में एक दूसरे पर डालते या मलते हैं -- अबेर

गुल्लक (गोलक) (स्त्री.) अल्पबचत हेतु मिट्टी या धातु का बना पात्र -- शेंफू

गूँगा (वि.) जो बोल न सके, मूक -- मरोल थक्तबा

गूँज (स्त्री.) टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि -- ङ्ङाबा, निल्बा

गूँजना (अ.क्रि.) आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना -- निल्बा

गूँधना (स.क्रि.) किसी प्रकार के चूर्ण में थोड़ा पानी अथवा तरल पदार्थ मिलाकर हाथ से माँड़ना, सानना -- नोइबा

गूढ़ (वि.) छिपा हुआ, गुप्त -- अथुप्पा, अरोन्बा

गूढ़ (वि.) समझने में कठिन, दुरुह -- अरुबा

गूँथना (स.क्रि.) धाणों या बालों को समेट कर वेणी बनाना -- लेङ्बा, लोन्बा

गूँथना (स.क्रि.) पिरोना -- लेङ्बा

गुदा (पुं.) फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग -- मतोङ्

गृहयुद्ध (पुं.) देश के भीतर चलने वाला आंतरिक कलह -- लैबाक् अमगी मनुङ्दा लैबा मी मशेल अमदि राजनीति वालाशिङ् खत्नबा, सिविल वार

गृहस्थी (स्त्री.) घर-बार और बाल बच्चे -- इमुङ् मनुङ्, नुपी अङाङ्

गृहस्थी (स्त्री.) घर का सब सामान, माल असबाब -- इमुङगी पोत्वै, माल चाङ्

गृहिणी (स्त्री.) घर की मालकिन, पत्नी -- युंबुरेंबी, नुपी

गेरू (पुं.) लाल रंग का खनिज, जो रंगने और दवा के काम आता है -- खोनीदगी फङ्बा अङाङबा मचुगी लैबाक मचु शङ्बा, अमदि हिदाक कान्नबा

गोंद (पुं.) कुछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा पदार्थ -- गोम

गोता (पुं.) शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना, जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी -- इरुप्पा

गोद (स्त्री.) जाँघों के ऊपर का भाग, जिस पर बच्चों आदि को बैठाया जाता है, अंक -- तंबाक्, मथा

गोदाम (पुं.) वह बड़ा स्थान, जहाँ तिजारती माल जमा करके रखा जाता है। -- गोदाम

गोधूलि (स्त्री.) सायंकाल का वह समय, जब जंगल से चरकर लौटती हुई गायों के खुरों से धूल उड़ती है और जो शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है -- नुङ्दाङ् वाइरम, शन् कारक्या मतम

गोपनीय (वि.) जिसे सार्वजनिक न किया जा सके -- अरोन्बा

गोबर (पुं.) गाय, भैंस आदि का मल जो लीपने पोतने और सुखा कर जलाने के काम में आता हैं -- शांथी

गोरा (वि.) श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर -- अङौबा

गोल (वि.) मंडलाकार या वृत्ताकार -- अकोइबा

गोल (पुं.) फुटबाल आदि खेलों का गोल -- गोल

गोली (स्त्री.) शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड -- नोङ्मै-मरु

गोली (स्त्री.) दवा की टिकिया -- मारबोल, मारबल

गोष्ठी (स्त्री.) किसी विषय पर चर्चा करना, काव्यपाठ -- सेमिनार

गौना (पुं.) विवाह के कुछ समय बाद वधू का मायके से विदा होकर ससुराल जाना -- NA

गौरव (पुं.) आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा -- लेम्जबा, इकाइखु-म्नबा

गौरव (पुं.) बड़प्पन, महत्त्व -- चाओ-थौक्चबा

ग्रंथ (पुं.) किताब, पुस्तक -- लाइरिक

ग्रंथ (पुं.) धार्मिक या साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुस्तक -- अचौबा, धर्मगी ओइबा लाइरिक

ग्रस्त (वि) पकड़ा हुआ -- फाजिन्ब, ऊमशिन्बा

ग्रस्त (वि) पीड़ित -- अवाबा

ग्रह (पुं.) सौरमंडल में स्थित वह पिंड, जो सूर्य की परिक्रमा करता हो -- ग्रह

ग्रह (पुं.) पकड़ने या वश में करने की क्रिया या भाव -- फाबा

ग्राम (पुं.) गाँव -- खुङ्गङ्

ग्रामीण (वि) ग्राम-संबंधी -- खुटङ्गङ्गी,

ग्रामीण (वि) गाँव का -- खुन, लावाइ

ग्वाला (पुं.) अहीर, गोप -- शङ्गोम योन्बा

घंटा (पुं.) दिन-रात का चौबीसवाँ भाग, जो 60 मिनट का होता है -- पुङ्

घंटा (पुं.) पूजा-अर्चना आदि में स्त्रोतादि की संगति में बजाया जाने वाला वाद्य विशेष -- काङ्शि

घंटी (स्त्री.) छोटा उपकरण, जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल की या मेज पर रखी घंटी -- मंडिला मी कौन-नबा मण्डिला

घटना (अ.क्रि.) घटित होना -- थोक्खबा, लोइखबा

घटना (अ.क्रि.) कम होना -- हंथबा

घटना (स्त्री.) ऐसी बात या काम आदि, जो हो चुका हो -- हंथबा

घटाना (स.क्रि.) कम करना -- हंथहन्बा

घटाना (स.क्रि.) गणित में किसी एक राशि में से कोई दूसरी राशि निकालना -- अरेम्बा लौथोकपा खाइदोक्या

घटिया (वि.) गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन -- हंथबा

घड़ा (पुं.) धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र, जो प्रायः पानी भरने के काम आता है, मटका -- चफू

घनघोर (वि) अत्यंत घना, घना -- अमङ्बा

घनघोर (वि) भीषण, विकट -- किनिङ्ङाइ ओइबा

घना (वि.) जिसके अवयव या अंश आस-पास सटे हों -- अकुङ्बा

घना (वि.) गहरा -- अरुबा

घना (वि.) बहुत अधिक, अतिशय -- ङन्बा, हेनजिन्बा

घनिष्ठ (पुं.) जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो -- हक्चिनबा, नक्शिन्नबा

घबराना (अ.क्रि.) व्याकुल होना -- मीपाइबा

घबराना (अ.क्रि.) हिचकना -- निङ्हन्नबा

घबराना (अ.क्रि.) सकपकाना (आश्चर्य आदि से) -- पाखतपा, हथक्कत्बा

घमंडी (वि.) जिसे घमंड हो, अभिमानी -- नापल तोबा, पोङ्बा

घर (पुं.) मकान, गृह, निवास -- युम

घरेलू (वि.) घर-संबंधी -- इमुङ् मनुङ्गी ओइबा

घरेलू (वि.) पालतू -- युम्दा योक्पा

घसियारा (पुं.) घास छीलने या काटने वाला -- शजिक् फाल्लगा योन्बा

घसीटना (स.क्रि.) किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाता हुआ आए -- चिङ्बा, थ्रो-थ्रो चिङ्बा

घसीटना (स.क्रि.) जल्दी-जल्दी तथा अस्पष्ट लिखना -- खो-खो खोतचिन्बा

घसीटना (स.क्रि.) किसी को किसी काम में जबरदस्ती शामिल करना -- याओशि-ल्लकपा, नपशि-ल्लकपा

घाट (पुं.) नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान, जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं -- हिदेल, इशिङ शक्फम

घाटा (पुं.) नुकसान, हानि, क्षति -- अमाङ्बा

घाटी (स्त्री.) पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदानी या सँकरा मार्ग -- तम्, तंपाक, चीङ् लंबी

घातक (वि.) मार देने वाला -- मीहात्पा

घातक (वि.) हानिकर -- माङ्हन्बा

घायल (वि.) जख्मी, आहत -- अशोक्पा

घास (स्त्री.) छोटी हरी वनस्पति, जिसे चौपाए खाते हैं -- नापी

घिसना (स.क्रि.) किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे -- तक्पा

घिसना (स.क्रि.) किसी बर्तन आदि पर जमी हुई मैल छुड़ाने के लिए उस पर कोई चीज रगड़ना माँजना -- फेङ्बा

घिसना (अ.क्रि.) रगड़ से कटना या छीजना -- खोतोक्पा

घुँघराला (वि.) जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों -- अखोइबा

घुंघरु (पुं.) प्रायः नृत्य के समय पैरों में पहने जाने वाले चाँदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना, जिसके अंदर कंकड़ी रहती है -- घुंघरु

घुटन (स्त्री.) दम घुटने की-सी अवस्था या भाव -- स्वर फुन्गत्-लक्पा

घुटन (स्त्री.) ऐसी अवस्था, जिसमें कर्तव्य न सूझने पर मन में बहुत घबराहट होती है -- फुङ्ब-ङ्नबा

घुसना (अ.क्रि.) बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना -- चङ्बा, चङ्शिन्बा

घुसपैठ (स्त्री.) प्रयत्न, करके या बलूपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव -- नेंफुदा चङ्लक्या

घुसपैठ (स्त्री.) अनधिकृत रूप से छिपकर प्रवेश करने की क्रिया -- नंफुदा चङ्लक्या

घूंघट (पुं.) स्त्रियों की चुँदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग, जिसे वे सिर से कुछ नीचे खींच कर अपना मुँह ढँकती हैं -- माइखुमफी

घूँट (पुं.) तरल पदार्थ की उतनी मात्रा, जितनी एक बार मुँह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है -- याउम

घूँसा (पुं.) बँधी हुई मुट्ठी का वह रूप, जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का -- खुत्तुम्

घूमना (अ.क्रि.) चक्कर लगाना -- कोइबा

घूमना (अ.क्रि.) सैर करना -- कोइबा

घूमना (अ.क्रि.) किसी ओर मुड़ना -- लैथोक्या

घूरना (स.क्रि.) आँखें गड़ाकर देखना -- मीत शुक्ताक्ना येङ्बा

घूरना (स.क्रि.) काम या क्रोध से एकटक देखना -- शाओर-ङनना येङ्बा, मुना-मुना येङ्बा

घूस (स्त्री.) रिश्वत -- वानोम-शेल

घूस (स्त्री.) चूहे के वर्ग का एक बड़ा जंतु, जो पृथ्वी के अंदर बिल खोद कर रहता है -- राबी

घूसखोरी (स्त्री.) रिश्वत लेने की क्रिया या भाव -- शेन्जा-थुमजा तोबगी

घेरना (स.क्रि.) चारों ओर से रोकना, अवरोध करना -- कोइशिन्बा, कोइबा

घेरना (स.क्रि.) कोई जगह इस प्रकार भरना कि औरों के लिए स्थान न रह जाए -- खाजिन्बा

घेरा (पुं.) लंबाई-चौड़ाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव -- शंदोक्या

घेरा (पुं.) इस प्रकार घेर कर खड़े होने की स्थिति, जिससे उस स्थान से कोई बाहर न निकल सके -- खाजिन्बा

घोंसला (पुं.) वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान, जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं। -- मकोल, महूम

घोंटना (घोटना) (स.क्रि.) गले को इस तरह दबाना कि साँस रुक जाए -- मेत्पा, मेतखाइबा

घोंटना (घोटना) (स.क्रि.) मुँहजबानी याद रखना रटना -- चिन्फा पुबा

घोल (पुं.) किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण -- यानशिन्बा

घोलना (स.क्रि.) किसी तरह पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना -- यान्बा

घोषणा (स्त्री.) जन-साधारण को जानकारी देने के उद्देश्य से जोर से कही जाने वाली बात -- लाओथोक्या

घोषणा (स्त्री.) सार्वजनिक रूप से निकाली गई राजाज्ञा -- पुम्नमक्की ओइबा सरकारगी याथङ्

चंगुल (पुं.) शिकारी पशु-पक्षियों का टेढ़ा पंजा -- लाङ

चंगुल (पुं.) किसी व्यक्ति के प्रभाव या वश में होने की वह स्थिति, जिसमें से निकलना सहज न हो -- लाङदा थुबा

चंचल (वि.) अस्थिर -- अरेङ्बा

चंचल (वि.) नटखट, शरारती -- ङाओ-शिन्नबा, तथक्या

चंचल (वि.) जो शांत न हो, विकल, उद्विग्न -- शांति लैतबा, अराङ्बा

चंदन (पुं.) एक प्रसिद्ध पेड़, जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है -- चंदोल पांबी, जा चँदोल

चंदन (पुं.) उक्त लकड़ी को जल में घस या रगड़ कर बनाया हुआ गाढ़ा घोल या लेप, जिसका टीका आदि लगाया जाता है -- चंदोन्

चंदा (पुं.) चंद्रमा -- था

चंदा (पुं.) किसी परोपकारी अथवा सार्वजनिक कार्य के लिए दी या ली जाने वाली व्यक्तिगत आर्थिक सहायता -- पैसा खाइबा, चंदा

चंदा (पुं.) किसी संस्था/पत्रिका आदि को उसके सदस्य, ग्राहक आदि बने रहने के लिए दिया जाने वाला धन -- चंदा खाइबा

चंद्रमा (पुं.) पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चाँद -- था

चकबंदी (स्त्री.) जमीन का बड़े-बड़े टुकड़ों में बँटवारा -- लम् यैथोक्पा

चकबंदी (स्त्री.) छोटे-छोटे खेतों को एक में मिला कर उनके बड़े-बड़े चक या विभाग बनाने की क्रिया या भाव -- लबुक् चाओवा-चाओना यात्पा, खाइदोक्या

चकराना (अ.क्रि.) चकित होना -- ङक्या

चकराना (अ.क्रि.) सिर घूमना -- कोक् ङाओबा

चकराना (स.क्रि.) किसी को चक्कर या फेर में डालना, चकित करना -- उरु-उरु लैबा, ङ्क्पा

चकित (वि.) आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ -- अङकपा

चक्की (स्त्री.) पीसने कूटने व दलने की मशीन के लिए पत्थर का उपकरण -- चक्की

चक्र (पुं.) गोलाकार वस्तु जैसे गाड़ी का पहिया आदि -- चाका, काङ्खोङ

चक्र (पुं.) गोलाकार एक अस्त्र -- चक्र

चक्र (पुं.) देश भक्ति या वीरता आदि के लिए सरकार की ओर से दिया जाने वाला पदक या तमगा -- मना

चखना (स.क्रि.) किसी खाद्य वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुँह में रखना या खाना -- महाओ तङ्बा

चटपटा (वि.) मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का -- थुम्-मोरोक् याओबा

चटाई (स्त्री.) फूस, सींक, पतली पट्टियों आदि का बिछावन -- फक्

चट्टान (स्त्री.) पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड -- नुङ्पाक

चढ़ना (अ.क्रि.) ऊपर की ओर बढ़ना -- काखत्पा

चढ़ना (अ.क्रि.) सवार होना -- तोङ्बा

चढ़ना (अ.क्रि.) उन्नति करना -- हायगत्पा चाओखत्पा

चढ़ना (अ.क्रि.) बही खाते आदि में नामों, रकमों आदि का अंकित होना -- इशिन्बा

चढ़ाई (स्त्री.) ऊँचाई की ओर जाने वाला मार्ग -- अडंबा

चढ़ाई (स्त्री.) आक्रमण -- लालदाबा

चतुर (वि.) कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर -- है शिङ्बा

चतुर (वि.) चालाक, धूर्त -- चालाक लैबा, मरौ तौबा

चपरासी (पुं.) कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी -- चपरासी

चपरासी (पुं.) अरदली -- अरदली

चपल (वि.) स्थिर न रहने वाला -- अरेङ्बा, लैतादबा

चबाना (स.क्रि.) खाद्य वस्तुओं को दाँतों से काटकर बारीक करना -- शइबा

चबूतरा (पु.) मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह -- माङ्गोल

चमक (स्त्री.) प्रकाश, क्रांति -- अरङ्बा, मङाल

चम़कना (अ.क्रि.) प्रकाश या ज्योति से युक्त होना -- लङ्बा ङानबा

चम़कना (अ.क्रि.) क्रांति या आभा से युक्त होना -- चाओखत्पा

चम़कना (अ.क्रि.) उन्नति करना -- ऊन्शा

चमड़ा (पुं.) मृत पशुओं की खाल का प्रसंस्कृत रूप -- लेदर

चमत्कार (पुं.) अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात -- अङक्या थौदोक

चमत्कार (पुं.) आश्चर्यजनक कार्य -- अङ्क्या

चरण (पुं.) किसी पूज्य व्यक्ति के पाँव के लिए आदर सूचक शब्द -- खोङ्या थंबाल्

चरण (पुं.) किसी छंद, श्लोक आदि की पूरी पंक्ति अथवा चौथाई भाग -- चरण

चरना (स.क्रि.) पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना -- शजिक् चाबा

चरबी (चर्बी) (स्त्री.) प्राणियों के शरीर में सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ -- हक्चाङ्गी थाओ

चरवाहा (पुं.) वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो -- शन्जेन्नहा

चरस (स्त्री.) गाँजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप, जिसे लोग गाँजे या तंबाकू की तरह पीते हैं -- चरस, गंजादगी शेमा निशा माखल अमा

चरागाह (पुं.) पशुओं के चरने का स्थान, जहाँ प्रायः घास आदि उगी रहती है -- शान्जाबुङ्

चरित्र (पुं.) व्यक्ति के आचरण या व्यवहार को दिखलाने वाले लक्षणों का समुच्चय, आचरण -- लम्चत्

चरित्र (पुं.) कहानी, नाटक आदि का कोई पात्र -- चरित्र

चर्चा (स्त्री.) बातचीत, वार्तालाप -- नैनबा

चर्चा (स्त्री.) अफवाह -- तोक्ङा

चलचित्र (पुं.) सिनेमा (फिल्म) -- सिनेमा

चलना (अ.क्रि.) पैरों, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना -- चत्पा

चलना (अ.क्रि.) किसी चीज का ठीक तरह से उपयोग या व्यवहार में आते रहना -- शिजिन्नबा

चलनी (छलनी) (स्त्री.) आटा, चाय आदि छानने का उपकरण -- चलोनी

चश्मा (पुं.) ऐनक -- आनोक्

चश्मा (पुं.) जल-स्रोत, सोता -- इफूत्

चसका (पु.) किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत -- तौनिङ्बगी अपोंबा

चहकना (अ.क्रि.) पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना -- उचेक्ना कोङ्बा

चहकना (अ.क्रि.) उमंग या प्रसन्नता से बढ़-चढ़ कर बोलना -- हेन्जिन्ना ङाङबा

चाँटा (पुं.) हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ -- खजाइ, खूत्पाक्ना थाबा

चाँदनी (स्त्री.) चाँद का प्रकाश -- थाबल

चाँदनी (स्त्री.) छत पर या ऊपर की ओर तानने का कपड़ा -- थाखन

चाँदी (स्त्री.) सफेद रंग की एक चमकीली धातु, जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है -- लुपा

चाकू (पुं.) फल आदि काटने का छोटा औजार, छुरी -- हैज़ाङ्

चाटना (स.क्रि.) जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना -- लेक्पा

चापलूस (वि.) खुशामदी, चाटुकार -- चिरोल तौबा

चाबी (स्त्री.) ताली, कुंजी -- शो

चांबुक (पुं.) कोड़ा -- शाचै

चारपाई (स्त्री.) खाट, छोटा पलंग -- काङ्थोल मचा

चारा (पुं.) पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि -- शजिक्

चारा (पुं.) चिड़ियों, मछलियों आदि को फँसाने अथवा जीवित रखने के लिए खिलाई जाने वाली वस्तु -- मचिन्जाक्

चारा (पुं.) उपाय, इलाज, युक्ति -- उपाय, पांबै

चाल (स्त्री.) चलने की क्रिया या भाव -- चत्पगी मओङ्

चाल (स्त्री.) गति -- खोङचत्

चाल (स्त्री.) धूर्तता -- मीनंबा

चाल (स्त्री.) शतरंज, ताश आदि के खेल में अपनी बारी आने पर गोटी, पत्ता आदि आगे बढ़ाने या सामने लाने की क्रिया -- खोङ्चत्

चालक (वि.) चलाने वाला (ड्राइवर) -- गाड़ी थौबा, ड्राइवर

चालक (वि.) धूर्त -- नम्थाक, लौनम

चालान (चलान) (पुं.) रवन्ना -- चलान

चालान (चलान) (पुं.) अभियोगारंभ -- चलान

चाहना (स.क्रि.) इच्छा करना -- अपांबा

चाहना (स.क्रि.) प्रेम करना -- नुङ्शिबा

चिंघाड़ना (अ.क्रि.) हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना -- शामुना खोङ्बा

चिंतन (पुं.) कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन -- कूप्ना, खन्बा

चिंता (स्त्री.) सोच, फिक्र -- अवाबा वाखल्

चिंता (स्त्री.) परवाह -- चिंता

चिकना (वि.) जो छूने में खुरदरा न हो -- अनान्बा

चिकना (वि.) जिस पर पैर आदि फिसले -- नाथुबा याबा

चिकना (वि.) जिसमें तेल आदि कोई चिकना पदार्थ लगा हो -- नान्-नान् लाओबा

चिकित्सा (स्त्री.) रोग-निवारण का उपाय,इलाज -- लायेङ्बा

चिट्ठी (स्त्री.) पत्र, खत -- चिट्ठी

चिड़ियाघर (पुं.) वह स्थान, जहां अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन साधारण को प्रदर्शित करने के लिए एकत्र करके रखे जाते हैं -- शा-उचेक्की योक्फम् जू

चिढ़ाना (स.क्रि.) नाराज करना -- शोओहन्बा, लक्नबा

चिढ़ाना (स.क्रि.) नकल उतारना -- मतौ तंबा

चितकबरा (वि.) सफेद रंग पर काले लाल या पीले दानों वाला -- अङौबदा लाङ्बा

चिता (स्त्री.) चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर, जिस पर मुर्दा जलाया जाता है -- पोत्तलोइ-नबगी पैखत्तपा शीङ् चिता

चित्त (पुं.) मन की एक अवस्था, अंतःकरण -- थमोइ, थमोइनुङ्

चित्र (पुं.) तस्वीर (फोटो) -- लाइ, फोटो

चित्र (पुं.) पेंटिंग -- अयेक्पा लाइ

चित्रकार (पुं.) चित्र बनाने वाला -- लाइ येक्पा

चिनगारी (स्त्री.) आग का छोटा कण -- मैरिक्तगी मैजोबी हौबा

चिनगारी (स्त्री.) कोई ऐसी छोटी बात जिसका आगे चलकर बहुत उग्र या भीषण प्रभाव हो सकता हो (लाक्षणिक) -- मैरिक्

चिपकना (अ.क्रि.) किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना -- नप्शिन्बा, नप्पा

चिपकना (अ.क्रि.) व्यक्तियों या वस्तुओं का पार-पास सटना -- नक्नबा, थेङ्नबा

चिमनी (स्त्री.) मकान या कारखाने आदि का धुआँ बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन के काँच का आवरण -- मैखु थोक्फम

चिल्लाना (अ.क्रि.) जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना -- लाऔबा, लाङ्बा

चिह्न (पुं.) दाग, धब्बा, निशानी -- खुदम्, मारका

चिह्न (पुं.) वह शब्द, बात या छाप, जिससे किसी चीज की पहचान हो -- दाग

चीखना (अ.क्रि.) भावावेश में जोर से चिल्लाना -- खङ्लाओ लाओबा

चीखना (अ.क्रि.) बहुत जोर से बोलना या कर्ण-कटु शब्द निकालना -- याक्ना ङाङ्बा

चीरना (स.क्रि.) किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना -- शेगाइबा

चुंगी (स्त्री.) स्थानीय शासन द्ववारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर -- लंबीनी खाजना

चुंबक (पुं.) एक प्रकार का पत्थर या धातु, जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है -- योत्वाबी

चुगना (स.क्रि.) पक्षियों का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना -- खुन्बा

चुगलखोर (वि.) किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला -- हुंदुना ङाङ्बा

चुटकुला (पुं.) चमत्कारपूर्ण और विलक्षण उक्ति अथवा बात, जिसको सुन कर हँसी आए -- फागी जुगाइ तौबा

चुनना (स.क्रि.) बहुत में से कुछ को पसंद करके लेना -- खन्बा, मन्बा

चुनना (स.क्रि.) छोटी वस्तुओं को हाथ, चोंच आदि से एक-एक करके उठाना -- खन्गत्पा, लै हेक्पा

चुनरी (स्त्री.) वह रंगीन विशेषतः लाल कपड़ा, जिसके बीच-बीच में बुंदकियाँ होती हैं -- अपाबा इनफी, चुन्नी

चुनाव (पुं.) चुनने की क्रिया या भाव -- खन्बा

चुनाव (पुं.) निर्वाचन -- मीखल

चुनौती (स्त्री.) अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार -- शिङ्नबा

चुप (वि.) मौन, खामोश -- तुमिन्ना लैबा

चुपड़ना (स.क्रि.) किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना -- तैबा

चुभन (स्त्री.) किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धँसने की क्रिया या भाव -- युबा

चुभन (स्त्री.) उक्त क्रिया के कारण होने वाली टीस या पीड़ा -- चैना (युबगी)

चुभाना (स.क्रि.) कोई नुकीली चीज गड़ाना या धँसाना -- युहन्बा, फुम्जन्बा

चुराना (स.क्रि.) छलपूर्वक परायी वस्तु हरण करना -- हुबा

चुराना (स.क्रि.) भय, संकोच आदि के कारण कोई चीज या बात दबा रखना या दूसरों के सम्मुख न लाना -- लोतशिन्बा

चुस्त (वि.) फुर्तीला -- खिङ्बा

चुस्त (वि.) खूब कसा हुआ -- अचिन्बा

चूकना (अ.क्रि.) भूल करना -- काओबा

चूकना (अ.क्रि.) सुअवसर खो देना -- तान्जा माङ्हन्बा

चूड़ी (स्त्री.) सोने, चाँदी, काँच, हाथीदाँत आदि से निर्मित स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना -- खुजि

चूड़ी (स्त्री.) किसी पेंच के वृत्ताकार खाँचे -- NA

चूना (पुं.) कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़ पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूँक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और सफेद क्षार, जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है -- शुनु

चूना (अ.क्रि.) किसी तरल पदार्थ का किसी छेद या संधि में से टपकना या बाहर निकलना -- थुबा

चूमना (स.क्रि.) होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना -- चुप्पा

चूरन (चूर्ण) (पुं.) खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर) -- पाउडर, मकूप

चूल्हा (पुं.) मिट्टी, लोहे आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयला, लकड़ी आदि जलाई जाती है -- लैरङ्

चूसना (स.क्रि.) जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषतः फल) का रस अंदर खींचना -- चुप्पा

चूसना (स.क्रि.) किसी गीली वस्तु की आर्द्रता सोखा लेना -- चिङ्बा, थ्रो-थ्रो चिङ्बा

चूसना (स.क्रि.) किसी का सत्व या सर्वस्व बलपूर्वक या अनुचित रूप से हड़प लेना -- चुप्पा

चेहरा (पुं.) गर्दन के ऊपर का अगला भाग, जिसमें मुँह, आँख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा -- माइ

चेहरा (पुं.) मुखौटा -- माइखूम

चोंच (स्त्री.) पक्षियों के मुँह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग -- उचेक मचिन

चोट (स्त्री.) किसी वस्तु के आघात से शरीर पर होने वाला घाव -- अशोक्या

चोट (स्त्री.) वार -- यान्बा

चोटी (स्त्री.) सबसे ऊपर का भाग -- मतोल, चीङदोल

चोटी (स्त्री.) स्त्रियों के गुँथे हुए सिर के बाल, वेणी -- बेणी

चोटी (स्त्री.) हिंदु पुरुषों के सिर के पिछले भाग के मध्य के थोड़े से लंबे बाल, जिन्हें कटवाया नहीं जाता -- शिखा

चोर-बाजार (पुं.) व्यापार का वह क्षेत्र, जहाँ चीजें चोरी से और/या अधिक ऊँचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं -- हुरान पोत् योन्फम

चोरी (स्त्री.) चुराने की क्रिया या भाव -- हुरान्बा

चोरी (स्त्री.) दूसरों से कोई बात छिपाने की क्रिया या भाव -- अरोन्बा

चौंकना (अ.क्रि.) एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना -- खङ्बा

चौंकना (अ.क्रि.) चकित होना -- डक्या

चौक (पुं.) आँगन, सहन -- शुमाङ्

चौक (पुं.) चबूतरा -- माङ्गोल

चौक (पुं.) चौराहा -- लम्लोङ् मरि फाङ्बा

चौकड़ी (स्त्री.) हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलाँग मारता हुआ आगे बढ़ता है -- शजिना चोङ्बा

चौकस (वि.) जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णतः सचेत हो -- ममित मना शिङ्बा

चौकस (वि.) ठीक, दुरुस्त, संपूर्ण -- चूमे

चौकीदार (पुं.) किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी -- चौकीदार

चौखटा (पुं.) चौखट के आकार का ढाँचा, जिसमें शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है -- फ्रेम

चौड़ा (वि.) जिसके दोनों पाश्र्वों के बीच में अधिक विस्तार हो, जो सँकरा न हो -- अपाक्या, पाक्चाओबा

चौराहा (पुं.) वह स्थान, जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता -- लमलोङ् मरि फाङ्बा

छँटनी (स्त्री.) छाँटने की क्रिया -- चुमथोक्या, खंदोक्या

छँटनी (स्त्री.) आवश्यकता से अधिक कर्मचारियों को सेवा से हटाने का काम -- लौथोक्पा

छड़ी (स्त्री.) बाँस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी -- चैशु

छत (स्त्री.) चूने, कंकड़ आदि से बनी हुई घर की छाजन, पाटन -- युम्थक्

छत (स्त्री.) ऊपर का ढका भाग -- मण्डप

छत (स्त्री.) किसी की समाधि के स्थान पर बना हुआ मंडप -- मण्डप

छत (स्त्री.) पैराशूट -- पेराशूट

छल (पुं.) कपट, धोखेबाजी -- नम्थाक्

छलकाना (स.क्रि.) बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना -- निक्थोक्या

छलना (स.क्रि.) धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना -- नम्थाक तौबा, लाल्ना ताक्पा

छलना (स्त्री.) धोखा, वंचना -- नम्थाक

छल्ला (पुं.) सोने चाँदी आदि के तार को मोड़कर बनाई हुई अँगूठी -- खुदोप

छल्ला (पुं.) उक्त प्रकार की कोई गोलाकार आकृति -- अकोन्बा (सना, लुपा, कोरीगी)

छाँटना (स.क्रि.) अनावश्यक अंश अलग करना -- खंदोक्या

छाँटना (स.क्रि.) चुनना -- खान्बा

छाज (पुं.) सरकंड़ों सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप -- याङ्कोक्

छाज (पुं.) छप्पर -- युम्थक्

छात्र (पुं.) विद्यार्थी -- छात्र

छात्रवृत्ति (स्त्री.) विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता -- छात्रवृत्ति

छात्रावास (स्त्री.) किसी स्कूल, कालेज के अंतर्गत वह स्थान जहाँ विद्यार्थी रहते हैं -- चात्रशिङ्गी लैफम, होस्टेल

छानना (स,क्रि.) आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए -- चुम्थोक्या

छानना (स,क्रि.) खोज, जाँचना -- थिबा

छान-बीन (स्त्री.) जाँच-पड़ताल, खोजबीन -- थिजिन्बा

छाप (स्त्री.) वह ठप्पा या साँचा, जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा -- नंबा

छाप (स्त्री.) प्रभाव, असर -- ममि ताबा

छापना (स,क्रि.) यंत्रों ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना -- नंम्बा

छापना (स,क्रि.) पुस्तक, लेख, समाचार-पत्र आदि प्रकाशित करना -- लाइरिक नंबा, फोङ्बा

छापा (पुं.) ठप्पा -- नंबा

छापा (क्रि.) कुछ विशिष्ट वस्तुएँ पकड़ने के लिए पुलिस का अचानक धावा -- इकड़्-खङ्होदना लालदाबा, रेड चङ्बा

छाया (स्त्री.) प्रकाश के अवरोध से उत्पन्न हलका अंधेरा -- उरुम

छाया (स्त्री.) परछाई, प्रतिबिंब -- ममि

छाया (स्त्री.) सादृश्य, प्रतिकृति -- चप् मान्नबा

छाल (स्त्री.) वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा खुरदरा और मोटा छिलका -- मकू

छाला (पुं.) शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होने वाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला -- पोक्थोक्पा

छावनी (स्त्री.) वह स्थान, जहाँ सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती -- सिपाई थंफम लालमी शङ्

छिड़कना (स.क्रि.) जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींटें बिखर कर चारों ओर पड़े -- खिक्या, चाइबा

छिड़काव (पुं.) छिड़कने की क्रिया या भाव -- चाइबा

छिपाना (स.क्रि.) किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना, जहाँ कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढाँकना -- लोत्पा, कुप्पा

छिपाना (स.क्रि.) किसी को किसी बात की जानकारी न कराना या न होने देना -- लोतशिन्बा, खङ्हंदबा

छींकना (अ.क्रि.) शारीरिक क्रिया जिसमें नाक से वायु बहुत जोर से शब्द करते हुए निकलती है -- हाक्थी खन्बा

छिनना (स.क्रि.) किसी से कोई वस्तु आदि जबरदस्ती ले लेना -- मुन्बा

छिलना (स.क्रि.) किसी चीज के ऊपर की परत को खींच कर या खुरचकर उससे अलग करना -- खोक्पा

छुट्टी (स्त्री.) काम बंद रहने का दिन -- छुट्टी, छुटी

छुट्टी (स्त्री.) जाने की अनुमति -- छुट्टी

छुट्टी (स्त्री.) छुटकारा -- नांथोक्या

छुरा (पुं.) लंबे फलवाला बड़ा चाकू -- हैज़ाङ्, छुरी

छूट (स्त्री.) बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा -- नांथोक्या

छूट (स्त्री.) रियायत, सुविधा -- खुदोङ् चाबा

छूट (स्त्री.) कुछ करने की आजादी -- तौनिङ्बा खर तौहन्बा

छूत (स्त्री.) गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग -- अमोत अकाइ पाइबा

छूत (स्त्री.) अपवित्र, वस्तु को छूने से होने वाला दोष -- अमाङ्बा, अमोत्पा, अवाबा, फतबा पाइरुबदगी ओइरक्पा मओङ् (लौनरक्पा)

छूना (स.क्रि.) किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगाना या स्पर्श होना -- थोङ्बा

छेड़ना (स.क्रि.) किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढाना -- लक्नबा, कक् काक् तौबा

छेड़ना (स.क्रि.) किसी वस्तु को इस प्रकार छूना या स्पर्श करना कि उसके फलस्वरूप कोई क्रिया या व्यापार घटित हो -- तेङ्बा

छेदना (स.क्रि.) छेद अथवा सुराख करना -- होहन्बा, हत्पा

छोटा (वि.) मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत कम या थोड़ा -- अपिक्पा

छोटा (वि.) उम्र में कम -- चहि नौरिबा

छोटा (वि.) तुच्छ, हीन -- हंथबा

छोड़ना (स.) बंधन से मुक्त करना, स्वतंत्र करना -- थादोक्पा

छोड़ना (स.) माफ करना -- ङाक्पबा

छोड़ना (स.) त्याग देना -- कत्थोक्पा

छोड़ना (स.) चलाना, फेंकना -- काप्थोक्पा, लङ्थोक्या

छोड़ना (स.) किसी कार्य या उसके अंग को न करना या भूल से छोड़ देना -- हुंदोकलंबा

छोर (पुं.) आंतिम सिरा, किनारा -- मतोल्, मताइ, मपाल्

जंग (पुं.) युद्ध -- लाल

जंग (पुं.) वायु और नमी के प्रभाव से उत्पन्न होकर लोहे पर जमने वाली मटमैली परत -- कोल्हिङ्

जंगल (पुं.) वन -- ऊमङ्, जंगल

जंगल (पुं.) निर्जन स्थान -- मी तादबा मफम

जंगला (पुं.) बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना, जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो -- फैरेल, रेलिङ्

जंजीर (स्त्री.) धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक-दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, साँकल, श्रृंखला -- योत्हौ-कोल्हौ, योत्ली

जंतु (पुं.) प्राणी, जीव -- जीव

जकड़ना (स.क्रि.) कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सके -- फाजिन्बा, पुनसिन्बा

जकड़ना (स.क्रि.) शीत आदि के कोप से शरीर का ऐंठना या तन जाना, अकड़ना -- ऊचेक् खोङ् होबा (शाबा) इङ्मंदुना फाजिल्लकपा

जगत (पु.) संसार, विश्व -- संसार, ताइबङ्, मालेम्

जगत (स्त्री.) कुएँ के चारों ओर बना हुआ चबूतरा, जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है -- गुहादगी इशिङ् चिङ्खत्फम

जगमगाना (अ.क्रि.) अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना -- कुप्फेत् काफेत् ङान्बा

जटिल (वि.) कठिन, पेचीदा -- अरुबा, चयेत्नबा

जड़ (वि.) जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन -- थवाइ पांदबा

जड़ (स्त्री.) पेड़-पौधों आदि का नीचे वाला भाग जो जमीन के अंदर हो, मूल -- मरु, मरा

जनगणना (स्त्री.) किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती -- मीकोक्थिबा

जनजाति (स्त्री.) जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली आदिम जाति, जो साधारणतः एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्रायः एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हों -- आदिवासी, हाओ, चीङ्मी

जनतंत्र (पुं.) ऐसी शासन प्रणाली, जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो -- प्रजाना मीहुत् खल्लागा वायेल थौदाबा गणतंत्र, जनतंत्र

जनता (स्त्री.) किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्ति, जनसाधारण, प्रजा -- प्रजा

जनेऊ (पुं.) हिंदुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार, जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है -- लुगून

जनेऊ (पुं.) यज्ञोपवीत, ब्रह्मसूत्र -- लुगून थंबा

जन्मकुंडली (स्त्री.) वह चक्र, जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो -- कुठी

जन्म-दिन (पुं.) वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो -- मपोक नुमित्

जन्म-भूमि (स्त्री.) वह देश, राज्य या स्थान, जहाँ किसी का जन्म हुआ हो, जन्म स्थान -- पोक्नपम्, इरमदम्

अपना (स.क्रि.) फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना -- जोप् तौबा, थोन्बा हन्ना-शोन्बा

जबरदस्त (वि.) प्रबल अथवा स्वभाव से कठोर घटना या प्रतिक्रिया -- नमफु-शाफु तौबा

जमा (वि.) बचाकर या जोड़कर रखा हुआ -- तुङ्शिन्बा

जमा (वि.) जोड़ (गणित) -- तिनशिन्बा

जमा (वि.) खाते या बही का वह भाग या कोष्ठक, जिसमें प्राप्त हुए धन का ब्यौरा दिया जाता है -- पैसागी हिसाब थंबा बोइ

जमानत (स्त्री.) वह जिम्मेदारी, जो किसी न्यायालय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि बुलाने पर न्यायालय में उपस्थित न होने की स्थिति में जमा की गई धनराशि हरजाने के तौर पर जब्त कर ली जाती है -- जमानत, बेल

जमानत (स्त्री.) किसी व्यक्ति विशेष के लिए दी गई मौखिक या लिखित जानकारी -- सिक्योरिटी, जामिन पीबा

जमाना (स.क्रि.) किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना -- हापचिन्बा, थमजिन्बा

जमाना (स.क्रि.) एक वस्तु को दूसरी वस्तु पर दृढ़तापूर्वक स्थित करना या बैठाना -- हापचिन्बा, थमजिन्बा

ज़माना (पुं.) काल, समय -- मतम

जमींदार (पुं.) जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी -- जमीदार, जामिनन मपू

जम्हाई (स्त्री.) एक शारीरिक क्रिया, जिसमें मनुष्य अपनी तंद्रा व सुस्ती भगाने के लिए पूरा मुँह खोलता है -- हकाम्, चन्बा

जयंती (स्त्री.) जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव -- मपोक नुमित्ता पाङ्थोकपा

जयंती (स्त्री.) किसी महत्वपूर्ण कार्य के आरंभ होने की वार्षिक तिथि पर होने वाला उत्सव -- उत्सव, जयन्ती, पोक्पा नुमित्ता नत्रगा हौदोक्खिबा नुमित्ता पाङ्थोक्पा चहिगी, लाक्पा कुम्है

जयमाला (स्त्री.) विजेता को पहनाई जाने वाली माला -- माइ पाक्लबा मीदा शिबिनबा

जयमाला (स्त्री.) विवाह के समय फूलों आदि की वह माला, जो कन्या अपने भावी पति के गले में डालती है -- लै परेङ् लुहोङ्बा नुमित्ता शिनबा लै परेङ्

जरी (स्त्री.) सोने के वे तार, जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं -- फीदा लोलननबा सनागी नत्रगा सना मचुगी तारा

जरूर (क्रि.वि.) अवश्य -- सोइदवा, सोइद-नमक

जर्जर (वि.) जीर्ण-शीर्ण, कमजोर, बेकाम -- अमन्बा, मपाङ्गन याओद्रबा

जर्जर (वि.) टूटा-फूटा -- तेक्ल-काइरबा, अकाइबा अतोइबा, मल्लबा

जलचर (पुं.) जल में रहने वाले जीव जल में रहने वाले जीव-जंतु -- ईशिङ् दा लैबा जीव

जलना (अ.क्रि.) आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआँ आदि निकलने की स्थिति -- चाक्या

जलना (अ.क्रि.) उक्त प्रकार के संयोग से विकृत होना, झुलसना या भस्म होना -- उत् ओन्बा, तुंबा

जलना (अ.क्रि.) ईर्ष्या, द्वेष आदि से कुढ़ना, संतृप्त होना -- चाक्या

जलपान (पुं.) कलेवा, नाश्ता -- अचा-अतक रिफ्रेशमेंट

जलप्रपात (पुं.) ऊँचाई से गिरने वाला जलप्रवाह, झरना -- अवाङ् बदगी तारक्पा ईशिङ् चाइबी, वाटर फॉल

जलयान (पुं.) वह यान या सवारी, जो जल में चलती हो -- जहाज

जलवायु (पुं.) किसी प्रदेश का प्राकृतिक वातावरण (गर्मी, ठंड, वर्षा आदि) जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं, वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है -- ईशिङ्-नुङ्शित्, अईङ्-आशा, क्लाइमेट

जलसा (पुं.) उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक -- उत्सव, समारोह, मीफम

जलाशय (पुं.) तालाब, झील -- पुखि, पात्

जलूस (जुलूस) (पुं.) गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह -- शोभायात्रा चत्पा

जल्दी (स्त्री.) शीघ्रता, तेजी, उतावलापन -- थुना

जहाँ (क्रि.वि.) जिस जगह, जिस स्थान पर -- मफम अदुदा

जहाज (पुं.) जलपोत -- जहाज

जाँचना (स्त्री.) छान-बीन, परख, तहकीकात -- थिजिन-खोतचिन्बा थिजिन्बा

जाँचना (स.क्रि.) किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना -- चान्नबा चान्नदबा

जाँचना (स.क्रि.) किसी बात सिद्धांत आदि की उपयुक्तता, सत्यता का पता लगाना -- येङ्बा

जागरण (पुं.) जागते रहने की अवस्था या भाव -- मित्कप थोरक्पा, तुम्दबा

जागरण (पुं.) किसी उत्सव, पर्व आदि के उपलक्ष्य में रात को जागते रहने की स्थिति -- अहिङ् मीत् रोङ् खाङ्बा

जाड़ा (पुं.) सरदी, शीत -- इङ्बा

जाड़ा (पुं.) शीतकाल -- निङ्थम् था

जाति (स्त्री.) जात, संप्रदाय, नस्ल -- जाति, मकल

जाति (स्त्री.) पदार्थों या जीव-जंतुओं की आकृति, गुण, धर्म आदि की समानता के विचार से किया हुआ विभाजन, वर्ग -- काङ्लुप्

जादू (पुं,) बुद्धि के कौशल् और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल, जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए -- मैजिक, मित्रक्ष्

जादू (पुं,) किसी वस्तु का वह गुण या शक्ति, जिसके कारण उस वस्तु की ओर लोग बरबस आकृष्ट हो जाते हैं, वशीकरण -- जादूमंत्र

जादूगर (पुं.) जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति -- मित्रङ तौबा मी

जादूगर (पुं.) आश्चर्यजनक रीति से विलक्षण कार्य करने वाला -- जादू तौबा मी

जानकारी (स्त्री.) जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव का परिचय -- खङ्बा, खङ्हैबा

जानना (स.क्रि.) किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना -- खङ्बा

जाना (अ.क्रि.) एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान पर पहुँचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना -- चत्पा

जाल (पुं.) धागे, सुतली आदि की विरल बुनी हुई रचना, जो किसी वस्तु या प्राणी आदि को फँसाने के काम आती है -- लाङ्

जाल (पुं.) फँसाने की युक्ति या फंदा -- लाङ्

जालसाज (पुं.) धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त -- लाङ्थाक्पा, लौनम् तौबा

जाला (पुं.) मकड़ी द्ववारा बुना हुआ जाला -- मिराङ्

जाला (पुं.) आँख का एक रोग, जिसमें पुतली पर झिल्ली-सी आ जाती है -- ङोदोङ्

जाली (स्त्री.) लोहे, प्लास्टिक, कपड़े आदि की कोई वस्तु, जिसमें प्रायः नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हों -- जाली

जाली (वि.) झूठा, नकली या बनावटी -- तौशिन्नबा, ओइदबा

जासूस (पुं.) वह व्यक्ति जो गुप्त रूप से अपराधियों प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो, गुप्तचर, भेदिया -- गुप्तचर, सी.आई.डी. अरोन्बा पाओ लौब मी

जासूसी (स्त्री.) जासूस का काम, पद या विद्या -- अरोन्बा पाओ लौबगी थबक्

जासूसी (वि.) जासूस-संबंधी -- असेनना पाओलौबगी थबक्

जिज्ञासा (स्त्री.) जानने की इच्छा -- अरोन्बा पाओ लौबगा मरि लैनबा

जीतना (क्रि.वि.) जिस मात्रा या परिमाण में -- खङ्निङ्बगी

जिम्मेदार (पुं.) वह, जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा किसी बात की जवाबदेही हो -- दाय

जिला (पुं.) किसी राज्य का वह छोटा विभाग, जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-रेख में हो और जिसमें कई तहसीलें हों -- जिला

जीतना (स.क्रि.) युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना -- माइ पाकपा

जीतना (स.क्रि.) दमन करना, वश में करना -- जय तौबा खुदुमदाथंबा

जीना (स.क्रि.) जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना -- हिङ्बा

ज़ीना (पुं.) सीढ़ी -- कैराक्, थाक्

जीव (पुं.) जिसमें जीवन है, प्राणी -- थवाइ पान्बा

जीव (पुं.) प्राणियों में रहने वाला चेतन तत्व, जीवात्मा -- जीव, थवाइ

जीव विज्ञान (पुं.) वह विज्ञान, जिसमें जीव-जंतुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है -- थवाइ पान्वशिङ्गी मरमदा नैनबा

जीवाणु (पुं.) अतिसूक्ष्म जीव रूप, जिसे आँखों से नहीं देखा जा सकता -- निपागी फांबी, अङाङ् ओइहल्लक्नब

जुआ (जूआ) (पुं.) गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी, जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है -- जुवाल, शलगी पोत्पु

जुआ (जूआ) (पुं.) धन आदि की बाजी लगाकर खेला जाने वाला खेल -- जुवा

जुआरी (पुं.) जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो -- जुवारी, जुवा शान्नबा मी

जुटना (अ.क्रि.) चीज़ों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना -- खोमजिन्बा

जुटना (अ.क्रि.) किसी काम में जी लगाकर योग देना -- थबक्ता लुपशिन्बा

जुड़ना (अ.क्रि.) संबंध होना -- मरि थंबा

जुड़ना (अ.क्रि.) इकट्ठा होना -- खोमजिन्बा

जुड़वाँ (वि.1) जिनका जन्म एक साथ हुआ हो -- फाइबोक्

जुड़वाँ (वि.1) (कोई ऐसे दो या अधिक पदार्थ) जो आपस में एक साथ जुड़े, लगे या सटे हों -- फाइबोक्

जुताई (जोताई) (स्त्री.) जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी -- शन्पोत् खोइबा

जुरमाना (जुर्माना) (पुं.) किसी अपराध, दोष या भूल के दंड के रूप में ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड -- फाइल ताबा

जूझना (अ.क्रि.) शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना -- पाङ्गल थौना याऔना थबक तौबा मरिल याओना थबक् तौबा

जूड़ा (पुं.) सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार विशेष -- शंबुल्

जेब (पुं.) कुरते, कमीज आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई छोटी थैली -- फुरितखाओ, पाकेट

जेबकतरा (पुं.) दूसरों की जेब से रुपए-पैसे उड़ाने वाला -- फुरितखाओ चप्पा

जेल (पुं.) कारा, कारागार -- जेल

जैसा (वि.) जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का -- असुंबा

जैसा (वि.) समान, सदृश -- मान्नबा

जोंक (स्त्री.) पानी में रहने वाला एक कीड़ा, जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है -- तिन्फा

जो (सर्व) संबंधवाचक सर्वनाम, विशेषण -- अदुगुंबा

जोखिम (स्त्री.) हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा -- खुदोङ्थिबा

जोड़ना (स.क्रि.) दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक-दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि -- पुन्सिनबा, तिनशिन्बा नष्शिन्बा

जोड़ना (स.क्रि.) अपनी ओर से कुछ मिलाना -- यानशिन्बा

जोड़ना (स.क्रि.) गणित में संख्याओं का योग करना -- तिनशिन्बा

जोड़ा (पुं.) एक-सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ -- जुरा

जोड़ा (पुं.) एक ही प्रकार के जीवों का नर-मादा का युग्म -- लाबाअमोम

जोतना (स.क्रि.) कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बाँधना -- खोइबा, चत्हन्बा

जोतना (स.क्रि.) खेत को बोए जाने के योग्य बनाने के लिए उसमें हल चलाना -- लौ खोइबा, शन्पोत् खोइबा

जोरदार (वि.) (व्यक्ति) जिसमें जोर अर्थात् बल हो -- कन्बा, हौबा

जोरदार (वि.) (बात) जो तत्वपूर्ण और प्रभावशाली हो -- मरिक् चुंबा

जोर-शोर (पुं.) किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला बहुत अधिक जोर और दिलाया जाने वाला अधिक उत्साह तथा प्रयास -- थवाई याओना होनिङ्बा

जोश (पुं.) उबाल -- पाखत्पा, शौगत्लक्पा

जोश (पुं.) आवेश, मनोवेग, उत्साह -- इथिल

जौहरी (पुं.) हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी -- सना योन्बा

ज्ञान (पुं.) जानकारी, बोध -- ज्ञान, लैशिङ्

ज्ञापन (पुं.) जताने या बताने का कार्य -- मेमोरांडम्

ज्यादा (वि.) अधिक, अतिरिक्त, बहुत -- अहेन्बा

ज्योति (स्त्री.) प्रकाश, उजाला -- मङाल

ज्योति (स्त्री.) लपट, लौ -- मैरि

ज्योतिष (पुं.) ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र -- पान्जी, ज्यातिष

ज्वर (पुं.) शरीर की वह गरमी, जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार -- लाइहौ, फीवर

ज्वारभाटा (पुं.) चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार -- ज्वार काबा

ज्वाला (स्त्री.) आग की लपट या लौ, अग्निशिखा -- मैरि

ज्वालामुखी (पुं.) वे पर्वत, जिनकी चोटी में से धुआँ, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं -- मैगी चीङ्

झंकार (स्त्री.) धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आघात होने से निकलने वाली झनझनाहट की ध्वनि -- कोन्गी श्रेङ्-श्रेङ् लाओबा मखोल

झंडा (पुं.) पताका, निशान -- फिराल

झगड़ा (पुं.) दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई -- खत्नबा

झगड़ालू (वि.) जो प्रायः दूसरों से झगड़ा करता हो -- खत्नगन्बा

झटकना (स.क्रि.) किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना -- कंथबा, यैथबा

झटका (पुं.) हलका धक्का, झोंका, आघात -- कन्ना शित्पा नुङ्शित् इन्बा, नुङ्शित्की शहुम

झटपट (क्रि.वि.) अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम -- याम्ना थुना

झड़प (स्त्री.) कहासुनी, तकरार -- चिक्नबा

झड़ी (वि.) कुछ दिनों तक लगातार होने वाली वर्षा -- लेप्तना चुबा नोङ्

झपकी (स्त्री.) हलकी नींद -- उइबा, उइरोन तौबा ङहाक्तङ् तुम्लुबा

झपटना (अ.क्रि.) तेजी से लपकना -- लाकपा, जोङशिंदुना लाकपा

झरना (पुं.) ऊँचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात -- मथक्तगी मखादा चेंथरक्पा इचेल

झरना (पुं.) चश्मा, सोता -- इशिंङ् चाइबी

झरना (अ.क्रि.) ऊँचे स्थान से पानी या किसी चीज का लगातार नीचे गिरना -- चीङदगी चेंथरक्पा इचैल

झरोखा (पुं.) दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष -- थोङनाओ मचा

झलक (स्त्री.) थोड़े समय के लिए होने वाला दर्शन -- अरङ्बा, मङाल

झलक (स्त्री.) प्रतिबिंब -- मओङ् ममि

झाँकी (स्त्री.) किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन -- उबा

झाँकी (स्त्री.) सज़ीव दृश्य, नाटकीय दृश्य, मनोहर दृश्य -- पुक्निङ् हुबा दृश्य

झाग (पुं.) किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलोने से निकलने वाला फेन -- कोङ्गोल

झाड़ना (स.क्रि.) फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना -- खथोक्पा

झाड़ना (स.क्रि.) फटकारना -- शित्ततोक्पा

झाड़ी (स्त्री.) छोटा झाड़ या पौधा -- मोङ्शोङ्

झाड़ी (स्त्री.) कँटीले पौधों या झाड़ों का समूह -- तिङ्खङ्-पांबा पांबी चबुल्

झाडू (पुं.) लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा, जिससे कूड़ा करकट, धूवल आदि साफ की जाती है -- शुमजित्

झिझक (स्त्री.) किसी काम को करने में होने वाला संकोच, हिचक -- खौदक् तौबा, निङ्हेन्नबा

झिड़कना (स.क्रि.) अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना -- थैथत्पा

झील (स्त्री.) लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय -- पात्

झुँझलाना (अ.क्रि.) झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना -- खोइराङ् खोइशाओनबा

झुँझलाहट (स्त्री.) झल्लाहट -- खोइराङ् खोइ शाओनबा

झुंड (पुं.) समूह -- शङ्गु

झुंड (पुं.) व्यक्तियों या जीवों का समूह -- दल, मेल

झुकना (अ.क्रि.) टेढ़ा होना, मुड़ना -- नोंथबा

झुकना (अ.क्रि.) नमित होना -- लुक्थबा

झुग्गी (स्त्री.) झोंपड़ी या कुटी -- खङ्पोक्, शङ्

झुठलाना (स.क्रि.) किसी को झूठा ठहराना -- मराल थङ्शिन्बा, ओइदबा ताहन्बा

झुर्री (स्त्री.) त्वचा पर पड़ने वाली शिकन -- उनशा खुइबा

झूठ (पुं.वि.) असत्य, मिथ्या -- ओइदबा

झूमना (अ.क्रि.) हलकी गति में झोंके खाना -- हायबा

झूमना (अ.क्रि.) नशे, नींद, प्रसन्नता या मस्ती में शरीर को धीरे-धीरे हिलाना -- हायबा, नोंबा

झूलना (अ.क्रि.) किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे पीछे होना -- हायबा

झूलना (अ.क्रि.) झूले पर बैठ कर पेंग लेना -- नोंबा

झूला (पुं.) किसी ऊँचे स्थान से बाधँकर लटकाई गई जंजीरों या रस्सियों पर लगा तख्ता आदि (झूलने का साधन) -- झूला, अहायबी स्विंग

झेंप (स्त्री.) लज्जा का अहसास, संकोच, शर्म -- इकाइबा, हङ्गोइबा

झेंपना (अ.क्रि.) लज्जित होना, शर्माना -- इकाइबा

झेलना (स.क्रि.) अपने ऊपर लेना, सहना -- खाङ्बा

झोंकना (स.क्रि.) किसी वस्तु को आग में फेंकना -- ङौबा, मैदा लङ्शिनबा

झोंकना (स.क्रि.) वेग से किसी चीज को डालना या फेंकना -- लङथोक्पा

झोंका (पुं.) वायु-लहरी -- अकन्बा नुङशित्गी शहुम, शफू

झोंका (पुं.) थोड़े समय के लिए सहसा आने वाली नींद -- तुमनिङ्बा, उइबा

झोंपड़ी (स्त्री.) घास-फूस की कुटी, झुग्गी -- खाङ्पोक्, शङ्

झोला (पुं.) चीज़ें रखने के लिए कपड़े का थैला -- खाओ

टंकार (स्त्री.) धनुष की प्रत्यंचा तान कर सहसा छोड़ने पर होने वाली ध्वनि -- लिरुङ चीङ्बगी मखोल

टंकार (स्त्री.) धातु खंड, तार पर आघात लगने से होने वाली टन-टन ध्वनि -- टन-टन लाओबा मखोल, तेङ्-तेङ् लाओबा मखोल

टंकी (स्त्री.) पानी भरने का एक पात्र, हौज, कुंड -- टेंकी

टकराना (अ.क्रि.) जोर से भिड़ना -- थेङ्गाइनबा

टकराना (अ.क्रि.) मार्ग में बाधक होना, मुकाबला या सामना करना, संघर्ष होना -- थेङ्गाइनबा, तक्खाइनबा

टकसाल (स्त्री.) वह स्थान जहाँ सिक्के ढाले जाते हैं -- पैसा शाफम

टंक्कर (स्त्री.) वेग के साथ आपस में भिड़ जाना -- पोत अनि थेङगाइनबा

टंक्कर (स्त्री.) संघर्ष, मुकाबला -- मुक्नबा

टटोलना (स.क्रि.) उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना -- माबा, हुंबा

टपकना (अ.क्रि.) बूँद-बूँद करके रिसना या फलों आदि का गिरना -- युरक्या तारक्पा केल्लक्पा

टहनी (स्त्री.) वृक्ष की शाखा, डाल, डाली -- ऊगी मशा

टहलाना (अ.क्रि.) स्वास्थ्य के लिए चलना-फिरना, घूमना -- कोइबा, हवा चाबा, वाकिंग चत्पा

टाँकना (स.क्रि.) सूई, डोरे आदि से कोई चीज कपड़ों पर लगाना -- फोत्पा, पान्बा

टाँका (पुं.) धागे आदि से दो टुकड़ों को आपस में जोड़ना -- फोत्पा, खुत्ना टुबा, स्टिच

टाँका (पुं.) धातुओं को ज़ोड़ने या सटाने के लिए लगाया गया जोड़ -- मुक्पा

टाँगना (स.क्रि.) लटकाना -- यान्बा

टाट (पुं.) सन या पटसन का मोटा कपड़ा -- बोरा

टापू (पुं.) चारों ओर से जल से घिरा स्थान, द्वीप -- द्वीप

टालना (स.क्रि.) स्थगित करना -- यैधोक्या

टालना (स.क्रि.) बहाना करके पीछा छुड़ाना, टरकाना -- यैथोक्पा

टालना (स.क्रि.) निवारण करना, घटित न होने देना -- थोक्हंदबा

टिकना (अ.क्रि.) किसी आधार पर स्थित होना -- थुङशिन्बा

टिकना (अ.क्रि.) यात्रा के समय विश्राम के लिए कहीं ठहरना -- लेङ्हंदना थंबा

टिकाऊ (वि.) मज़बूत -- कुइना, चत्पा, कन्बा

टिकिया (स्त्री.) गोल और चपटा छोटा टुकड़ा -- मकक् (चुथेक नाइबा, अकोइबा, मतुम)

टीका (पुं.) तिर, बिंदी -- बिंदी, टीका

टीका (स्त्री.) किसी ग्रंथ, पद आदि का अर्थ स्पष्ट करने वाला कथन, व्याख्या -- लाइरिक, शैरेङ नचिङ्बगी अर्थ ताकपा लाइरिक्

टीका-टिप्पणी (स्त्री.) किसी प्रसंग के गुण दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार -- नैनबा

टीला (पुं.) छोटी पहाड़ी की तरह का ऊँचा भूखंड, ढूह -- लैतोङ्, लैपुङ्

टुकड़ा (पुं.) अंश, खंड, भाग -- मचेत्, शरुक्

टेक (पुं.) सहारा, आधार -- मतेङ्

टेक (पुं.) हठ, आग्रह, संकल्प -- वारेप्

टेक (पुं.) गाने की प्रथम पंक्ति, जो बार-बार दोहराई जाती है, मुखड़ा -- हन्ना शक्कदबा इशैगी अहान्बा परेङ्

टेकना (स.क्रि.) अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना -- ङाबा

टेढ़ा (वि.) जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र -- अखोइबा

टेढ़ा (वि.) कुटिल, धूर्त -- अरुबा, फत्तबा

टेढ़ा (वि.) मुश्किल, कठिन, उलझनपूर्ण -- चयेत्नबा

टोकना (स.क्रि.) रोकना, बाधा डालना -- थिङ्बा, अयेत्पा पीबा

टोकरी (स्त्री.) बाँस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँह वाला बड़ा आधान -- थुमोक्, बास्केट

टोली (स्त्री.) छोटा समूह, मंडली या दल -- काङ्लुप्, काङ्बु, दोल

टोह (स्त्री.) खोज, जाँच, तलाशी -- थिबा

टोह (स्त्री.) किसी अज्ञात बात का शोधः, पता लगाने की क्रिया अथवा उससे प्राप्त होने वाली जानकारी -- थिजिन्बा

ठंडक (स्त्री.) शीत, सर्दी, जाड़ा -- इङ्यबा

ठंडक (स्त्री.) जलन की कमी, चैन -- पोत्याबा

ठंडा (वि.) उष्णता या ताप से रहित -- अइङबा, मैशा याओदबा

ठग (पुं.) वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त -- नम्थाक

ठगना (स.क्रि.) धोखा देना, छलना -- नम्थाक तौबा,

ठप्पा (पुं.) धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर -- छापा नंबा

ठप्पा (पुं.) ठप्पे का छापा या चिह्न -- छापा, मयेक

ठहरना (अ.क्रि.) रुकना -- पन्बा, लेप्पा

ठहरना (अ.क्रि.) किसी स्थान पर थोड़े समय के लिए रहने के लिए रुकना -- पन्बा, लेप्पा

ठहाका (पुं.) जोर से हँसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास -- फाक्-फाक् नोकपगी मखोल

ठाट-बाट (पुं.) आडंबर, तड़क-भड़क, शान शौकत -- केजब-मौजबा शो तौबा

ठिकाना (पुं.) रहने या ठहरने का स्थान -- पन्फम, लैफम

ठीक (वि.क्रि.वि.) उपयुक्त -- चान्नबा चान्नना

ठीक (पु.) शुद्ध, सत्य -- अचुंबा

ठुकराना (स.क्रि.) पैर से ठोकर लगाना -- काउबा

ठुकराना (स.क्रि.) उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक अस्वीकार करना -- थओइदबा

ठूँठ (पुं.) वह पेड़ जिसकी डालें, पत्तियाँ आदि न रह गई हों, सूखा पेड़ -- मशा तेक्खबा ऊ, मशा थारबा ऊ

ठूँसना (स.क्रि.) कोई चीज किसी में जबरदस्ती डालना या भरना -- युङशिनबा, हाम्चिंन्बा

ठेकेदार (पुं.) वह व्यक्ति, जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है -- ठिका तौबा मी, ठिकादार, कंट्रक्टर

ठोंकना (स.क्रि.) किसी चीज को धँसाने के लिए उसके सिरे पर जोर से आघात करना -- यैबा

ठोंकना (स.क्रि.) अच्छी तरह पीटना -- यैथोक्पा

ठोकर (स्त्री.) आघात, जो चलने में कंकड़, पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे -- खुदि थिबा

ठोकर (स्त्री.) पदाघात -- खुदि थिबा

ठोस (वि.) जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर -- मपुम, मनुङ्-होदबा

ठोस (वि.) तथ्यपूर्ण, दृढ़, प्रामाणिक -- प्रमाण चाबा

डंक (पुं.) बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला काँटा -- ममू, महु

डंडा (पुं.) लकड़ी का मोटा सीधा टुकड़ा -- चै

डकार (स्त्री.) भोजन करने के पश्चात् पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार -- थगोक्या

डकैती (स्त्री.) डाका, लूट-मार -- लूट तौबा

डग (पुं.) कदम -- खोङ्थाङ्

डगमगाना (अ.क्रि.) लड़खड़ाना, डिगना, विचलित होना या करना -- तुरोइ ङाम्लोइ चत्पा, हायबा पल्लेप्फम् खङ्दना तौबा

डरना (अ.क्रि.) भयभीत होना -- किबा

डरपोक (वि.) कायर, भीरु -- मीकिथी, मीचेन

डराना (स.क्रि.) किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना -- किह्नबा

डरावना (वि.) भयानक -- किनिङ्ङाई ओइबा

डसना (स.क्रि.) जहरीले कीड़े का काटना -- महु पान्बा जीवना चिक्पा

डाँट (स्त्री.) किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात करना -- चैबा

डाँवाडोल (वि.) जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे -- हाइरङ् तुरङ्बा

डाँवाडोल (वि.) अनिश्चित (व्यक्ति अथवा स्थिति) -- NA

डाक (स्त्री.) पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था -- डाक

डाक (स्त्री.) उक्त व्यवस्था द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जाने वाला पत्र या सामग्री -- चिट्ठी, पार्सन

डाकघर (पुं.) डाकखाना -- डाकघर, पोस्ट ऑफिस

डाका (पुं.) डकैती, लूट-मार -- लूट तौबा

डाकू (पुं.) डाका डालने वाला -- डाकू

डांल (स्त्री.) पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा -- मशा

डालना (स.क्रि.) किसी आधार या पात्र में कोई चीज कुछ ऊँचाई से गिराना, छोड़ना या रखना -- थादबा

डाह (स्त्री.) ईर्ष्या, जलन, कुढ़न -- कल्क्नबा, खंबन्नबा, चाक्नबा

डिबिया (स्त्री.) किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा -- डिब्बा मचा, कौता मचा

डिब्बा (पुं.) सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान, जो धातु, लकड़ी आदि का बना होता है -- डिब्बा, कौता

डिब्बा (पुं.) यात्रियों एवं माल आदि के लिए रेलगाड़ी का कक्ष -- रेल डब्बा

डींग (स्त्री.) अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी -- मशाबु यागतचबा गप तौबा

डुबाना (स.क्रि.) ऐसा काम करना, जिससे कोई चीज डूब जाए -- लुप्शिन्बा

डेढ़ (वि.) मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण -- अमा मखाय

डेरा (पुं.) पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रुप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव -- पन्फम, थुङ्फम

डोंगी (स्त्री.) एक प्रकार की छोटी खुली नाव -- हिनाओ

डोर (स्त्री.) सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा -- लङ्

डोर (स्त्री.) पतंग आदि उड़ाने के लिए वह धागा जिस पर मांझा लगा होता है -- लङ्

डोल (पुं.) कुएँ से पानी खींचने का बरतन -- बालटिन

डोली (स्त्री.) पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध सवारी, जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं -- दोलाइ

डोली (स्त्री.) विवाह के समय मायके से विदा होते हुए वधू पहले पहल ससुराल जाती है -- NA

ड्योढ़ी (स्त्री.) किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आस-पास की भूमि या स्थान -- थोङ्जिन

ड्योढ़ी (स्त्री.) घर के मुख्य द्वार के अंदर का वह भाग, जिसमें से होकर घर के कमरों, आँगन आदि में जाया जाता है -- थोङ्खोङ्

ढंग (पुं.) कोई काम करने की रीति -- मओङ् ममि

ढकना (स.क्रि.) किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े -- खुमजिनबा

ढकना (पुं.) वह चीज या रचना, जिससे कोई चीज ढकी रहती है, ढक्कन -- मखुम

ढकेलना (स.क्रि.) धक्का देकर आगे बढ़ना -- इन्बा

ढकोसला (पुं.) स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा -- तात् तौबा

ढक्कन (पुं.) ढाँकने की वस्तु -- मखूम

ढलाई (स्त्री.) ढालने की क्रिया या भाव -- अडंबा

ढलाई (स्त्री.) पिघली हुई धातु को साँचे में ढालकर बरतन, मूर्तियाँ आदि बनाने की क्रिया भाव और मजदूरी -- हैबा

ढलान (स्त्री.) कोई ऐसा भूखंड, जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओरj ढाल हो -- अडंबा, डंबा, लोइरोइनबा

ढाँचा (पुं.) कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या बाँध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप -- फ्रेम, साचा

ढाँचा (पुं.) ठठरी या पंजर -- साचा

ढाई (वि.) दो और आधा का मान -- अनि मखाइ

ढाढ़स (पुं.) तसल्ली, सांत्वना, धीरज -- थेमजिन्बा

ढाबा (पुं.) वह स्थान, जहाँ रोटी, दाल आदि बिकते हैं, एक प्रकार का कच्चा और अस्थायी भोजनालय -- होटल मचा

ढाल (स्त्री.) चमड़े धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएँ हाथ में रखते थे -- चुङ्गोइ

ढाल (स्त्री.) किसी भूखंड का ऐसा तल, जो क्षितिज के समतल न हो, बल्कि तिरछा या नीचे की ओर झुका हो, ढलान -- अङंबा

ढिंढोरा (ढँढोरा) (पुं.) वह डुग्गी या ढोल, जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है -- पुङ्जाओ तिंदुना पाओचेन्बा

ढिंढोरा (ढँढोरा) (पुं.) उक्त प्रकार से की हुई घोषणा -- NA

ढीठ (वि.) जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट -- मरिल् याओबा

ढीठ (वि.) जो प्रायः ऐसे अवसरों पर भी संकोच न करता हो, जहाँ बड़ों की मान मर्यादा का ध्यान रखना आवश्यक हो -- इच्ङ् थौबा

ढीला (वि.) शिथिल -- चोक्थबा कोम्थबा, कोंबा

ढीला (वि.) जिसमें उचित कसाव खिंचाव या तनाव का अभाव हो -- इकोम कोंबा

ढीला (वि.) जो नाप में आवश्यकता से अधिक गहरा, लंबा या चौड़ा हो -- कोंबा

ढुलाई (स्त्री.) ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी -- शुबा

ढूँढ़ना (स.क्रि.) कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आँख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना -- थिबा

ढेर (पुं.) एक स्थान पर विशेषतः एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊँचा समूह -- पैखत्पा, पैबा, मपै

ढेला (पुं.) मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा -- लैतुम, नुङ्दुम

ढोंगी (वि.) झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी -- तात् तौबा, नम्थाक् तौबा

ढोना (स.क्रि.) पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना -- पोबा, पोत्लूम पुबा

तंग (वि.) संकरा, संकीर्ण -- अखुबा, अचिन्बा

तंग (वि.) आवश्यकता से अधिक कसा हुआ और कुछ छोटा, चुस्त -- NA

तंग (वि.) परेशान, हैरान,, कमी -- NA

तंतु (पुं.) ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा -- अचिन्बा अपिकपा ओत्यगी

तंदूर (पुं.) एक तरह का चूल्हा, जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियाँ चिपका कर बनाई जाती है -- लङला

तंद्रा (स्त्री.) हलकी नींद, ऊँघ -- अवाङ्बा लैरङ मखल अमा

तंबाकू (पुं.) एक प्रसिद्ध पौधा और उसके पत्ते जो नशे के लिए अनेक रूपों में काम में लाए जाते हैं -- उइबा

तंबू (पुं.) शामियाना, खोमा -- छिदाक् मना

तंबोली (तमोली) (पुं.) पान लगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करने वाला -- पाना मतप्

तकनीक (स्त्री.) शिल्प, पद्धति -- थौउङ्, तेकनीक

तकला (पुं.) सूत कातने और लपेटने के काम आने वाली चरखे से लगी लोहे की सलाई टेकुआ -- तरेङ् मयोत्

तकलीफ़ (स्त्री.) कष्ट, दुख, पीड़ा -- अवाबा

तकलीफ़ (स्त्री.) विपत्ति, संकट -- खुदोङ् थिबा

तख्त (पुं.) राजसिंहासन -- निङथौगी सिंहासन

तख्त (पुं.) लकड़ी की बनी बड़ी चौकी -- ऊगी चौकी

तख्ता (पुं.) लकड़ी या आयताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा -- ऊबाक

तट (पुं.) कूल, किनारा तीर -- तोरबाल्

तटस्थ (वि.) विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलों से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष -- थैदोक्पा, लाप्थोकपा, याओदबा

तड़पना (अ.क्रि.) अत्यंत दुखी होना, छटपटाना, तिलमिलाना -- चाक्या, पोरोक् पोरोक् चाक्या

तड़पना (अ.क्रि.) किसी वस्तु के लिए बेचैन होना -- मीपाइबा

तत्परता (स्त्री.) उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता -- हैनिङ्बा

तत्परता (स्त्री.) मनोयोगपूर्वक काम करने का भाव, तल्लीनता -- पुक्निङ् चङ्बा

तथा (अव्य.) दो चीज़ों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और -- अमदि, अदुगा, अमसुङ्

तथा (अव्य.) किसी के अनुरूप या तथा अनुसार, वैसा ही -- अदुम्ना

तथ्य (पुं.) सत्यता यथार्थता -- अचुंबा मतौ, अशेङ्बा मतौ

तन (पुं.) शरीर, देह, जिस्म -- हक्चाङ्

तनखाह (तनख़ाह) (स्त्री.) वेतन -- तोलोप्

तना (पुं.) पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग, जिसके ऊपरी सिरे पर डालियाँ निकली होती हैं, धड़ -- मऊ

तन्मयता (स्त्री.) मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव -- पुक्निङ् चङ्बा

तपस्या (स्त्री.) मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किया जाने वाला कठोर आचरण और नियम-पालन, तप -- तोप् तौबा, तपस्या

तपस्या (स्त्री.) कष्ट-सहन -- अवाबा खाङ्बा

तब (क्रि.वि.) उस समय -- मतम् अदुदा

तब (क्रि.वि.) बाद में -- मतुङदा

तब (क्रि.वि.) उस कारणः -- मरम अदुना

तबीयत (स्त्री.) स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिजाज -- हक्चाङ्गी फिबम्

तबीयत (स्त्री.) मन का रुझान, प्रवृत्ति -- क्निङ् चङ्बा

तमगा (पुं.) पदक -- मेडल, तकमाल

तमाचा (पुं.) थप्पड, झापड़, चाँटा -- खुबाक्ना थाबा, खुपाक्ना थाबा

तमाशा (पुं.) मनोरंजक दृश्य -- कूम्है

तमाशा (पुं.) अद्भुत बात -- अङ्कपा कूम्है

तय करना (NA) फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना -- पुक्निङ्ना लेप्पा

तय करना (NA) (रास्ता आदि) पूरा या समाप्त करना -- चत्लुबा

तरंग (स्त्री.) पानी की लहर, हिलोर -- इथक्

तरंग (स्त्री.) उमंग -- इपोम्

तरंग (स्त्री.) स्वरलहरी -- स्वर इपोम्

तरकीब (स्त्री.) उपाय, युक्ति -- उपाय, पांबै

तरक्की (स्त्री.) प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति -- चाओखत्पा, हायगत्-लक्पा

तरक्की (स्त्री.) पदवृद्धि, पदोन्नति -- फम् काबा

तरह (स्त्री.) ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म -- ममोङ्, मओङ्-मतौ

तरीका (पुं.) रीति, ढंग -- मओङ्

तरीका (पुं.) उपाय, युक्ति -- उपाय, पांबे

तरुण (वि.) जवान -- नहा ओइबा, इनखत लक्पा

तर्क (पुं.) युक्ति, दलील -- मरै, तर्क

तल (पुं.) निचला भाग, पेंदा, तला -- मखा, मखा थङ्बा शरुक्

तल (पुं.) ऊपरी सतह -- मथक् थङ्बा शरुक

तलवा (पुं.) पैर के नीचे का भाग,पदतल -- खोङ्या

तलवार (स्त्री.) लोहे का एक लंबा धारदार हथियार, खङ्ग -- थाङ्शाङ्

तला (पुं.) पेंदा -- मखा

तला (पुं.) जूते के नीचे का चमड़ा -- खोङ्खा

तलाक (पुं.) वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद -- खाइनबा

तसल्ली (स्त्री.) ढ़ाढ़स, दिलासा, सांत्वना -- थैंबा, फाथबा

तसल्ली (स्त्री.) संतोष -- पेन्बा

तसवीर (स्त्री.) चित्र -- लाइ अयेक्पा

तस्कर (पुं.) देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुँचने वाला -- स्मगलर

तह (स्त्री.) परत -- मरोल

ताकना (स.क्रि.) देखना -- येङ्बा

तागा (पुं.) डोरा -- लङ्

ताज (पुं.) राजमुकुट -- लूहुप्

ताजा (वि.) जो अधिक दिनों का या बासी न हो -- अतेक्या

ताजा (वि.) प्रफुल्लित और स्वस्थ -- अशात्पा, तिक् तिक् लाओबा

ताड़ी (स्त्री.) ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस -- ताङ्गी महि, रस

ताना-बाना (पुं.) बुनाई के समय क्रमशः लंबाई तथा चौड़ाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत -- मयुङ् मफेल

ताप (पुं.) उष्णता, गरमी -- मैशा

ताप (पुं.) ज्वर, बुखार -- लाइहौ

ताप (पुं.) उष्मा -- आशाबा

तापमान (पुं.) थर्मामीटर आदि द्ववारा मापी गई ताप की मात्रा -- अइङ-अशा, टेंपरेचर

ताम्रपत्र (पुं.) ताँबे की पत्तर -- कोरीगी शेपाक्

ताम्रपत्र (पुं.) ताँबे का वह पत्तर, जिस पर महत्वपूर्ण बात स्थाई रूप से लिखी गई हो -- कोरी-कोयाक् हक्तुना इननबा

तार (पुं.) धातु का तागा-रूप -- तारा, वायर

तार (पुं.) तार द्वारा समाचार या वह कागज जिस पर उक्त समाचार पहुँचाया जाता है -- टेलीग्राम

तारकोल (पुं.) अलकतरा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव, जो लक़ड़ी आदि रँगने के काम आता है -- अलकतारा, अमुबा मचुंगी ऊदा तैननबा महि

तारतम्य (पुं.) क्रम, क्रमबद्धता -- मरोल मान्नना थंबा

तारा (पुं.) नक्षत्र, सितारा -- थवान मिचाक्

तारा (पुं.) आँख की पुतली -- मित् नहा

तारीख (स्त्री.) दिनांक, तिथि -- तारीख, ताङ्

तालमेल (पुं.) समन्वय, संगति -- चाशिन्नबा, चान्नबा

ताला (पुं.) दरवाजा, संदूक आदि बंद करने का उपकरण -- वाइखू

तालाबंदि (स्त्री.) कारखाने आदि का उसके मालिक द्ववारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना -- शो लोंदुना, थेबा

तालाब (पुं.) पोखर, सरोवर -- पुखि

तालिका (स्त्री.) सूची -- परिङ्

तावीज (पुं.) चाँदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट, जो रक्षा कवच के रूप में गले या बाँह पर पहना जाता है -- जंत्र

ताश (पुं.) गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते, जिसमें विभिन्न खेल खेले जाते हैं -- जुवार चे, प्लेंइग कार्ड

तिजोरी (स्त्री.) लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी, जिसमें कीमती वस्तुएँ रखी जाती हैं -- योत्की सना लुपा हाप्नबा उपु मचा, तिजोरी

तिथि (स्त्री.) चंद्रमास के किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या -- ताङ्, तारीख

तिनका (पुं.) तृण, घासफूस -- नापी, चरु

तिपाई (स्त्री.) बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊँची चौकी -- मखोङ अहुम पान्बा फाल्, स्टूल

तिमाही (वि.) हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक -- था अहुमगी ओइबा

तिरंगा (वि.) तीन रंगों वाला -- मचु अहुमगी

तिरपाल (पुं.) राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा -- नोङ्जु नुङ्शा खन्नबा अथाबा फी मखल अमा

तिलक (पुं.) केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका -- चंदोल

तिलमिलाना (अ.क्रि.) बेचैन या विकल होना -- मिपाइबा लाङ्त-कन्नबा

तिलमिलाना (अ.क्रि.) बौखलाना -- शाथिना शाओबा

तिलांजलि (स्त्री.) सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद -- मतम चुपगी ओइना खाइदो- क्नबा, खाइनबा

तीक्ष्ण (वि.) तेज नोंक या धार वाला, तीखा, तेज -- अतुंबा, अथौबा

तीक्ष्ण (वि.) उग्र, कटु -- शाथिबा, तमथिबा

तीखा (वि.) कटु, अप्रिय -- अखाबा, नुङशिदबा

तीखा (वि.) चरपरे स्वाद वाला -- तानिङ्दबा

तीखा (वि.) तेज नोंक या धार वाला -- अथौबा, अतुंबा

तीर (पुं.) नदी का किनारा, तट -- तोर्ब्बान

तीर (पुं.) बाण -- तेन

तीर्थ (पुं.) धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र -- तीर्थ, धर्मगी मित्येङ्दा अशेङ्बा मफम

तीली (स्त्री.) माचिस की सलाई -- मैखेत् मरु

तुकबंदी (स्त्री.) साधारण पद्य रचना -- अचंबा शैरेङ् इबगी मओङ्

तुतलाना (अ.क्रि.) शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण, हकलाना -- वाहैगी शेङ्दबा उच्चारण तौबा, मरै लोंबा

तुम (सर्व.) मध्यम, पुरुष सर्वनाम, जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है -- मध्यम पुरुष सर्वनामगी मखल अमा नङ्, नहाक्, नखोय

तुम्हारा (सर्व.) तुम का षष्टी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप -- नहाक्की, नङ्गी नखोयागी

तुरंत (क्रि.वि.) शीघ्र, झटपट -- चुनमक्

तुरपना (स.क्रि.) सूई-धागे से टाँके लगाना या सीना -- चाओफोत् फोत्पा

तुला (स्त्री.) तराजू काँटा -- इशागी अरुंबगा मान्नना

तुलादान (पुं.) किसी व्यक्ति के शरीर के भाग के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान -- महै मरोङ् उल्लगा दान तौबा

तुषारपात (पुं.) बर्फ का गिरना, हिमपात -- ऊन् ताबा

तू (सर्व.) एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है -- नङ्, नहाक्

तूफान (पुं.) समुद्र तल से उठने वाली आँधी, जिसके साथ बादल गरजते हैं और वर्षा होती है -- नोङ्लै-नुङ्शित्

तूलिका (स्त्री.) चित्र अंकित करने की कूँची -- तुरी

तृण (पुं.) तिनका, घास -- नापी

तृप्ति (स्त्री.) आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद -- पुक्निङ्गी अपेन्बा

तेज (पुं.) दीप्ति -- मङाल

तेज (पुं.) प्रताप -- मथौना फबा

तेज (वि.) तीक्ष्ण, पैनी धार वाला -- अथौबा

तेज (वि.) प्रखर, प्रचंड -- अहेन्बा, अथौबा

तेरा (सर्व.) तू का संबंध कारक रूप -- नङ्गी, नहाक्की

तेल (पुं.) तिल के बीजों या विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ -- थाउ

तेली (पुं.) तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति -- थाउ-योन्बा

तैयार (वि.) कुछ करने के लिए उद्यत -- थौराङ तौरिबा

तैयार (वि.) जो पक कर खाने योग्य बन गया हो -- थौराङ् लौइरबा

तैयार (वि.) जो बन कर बिल्कुल ठीक और हर प्रकार से दुरुस्त हो गया हो -- थौराड, लौइरबा

तैरना (अ.क्रि.) किसी का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूबे नहीं -- इरोइबा

तैराक (पुं.) वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो -- इरोइबा मी

तोड़ना (स.क्रि.) किसी वस्तु को खंडित या नष्ट करना -- थुदेक्पा, थदत्पा, हेक्पा

तोड़ना (स.क्रि.) किसी नियम, कानून आदि का उल्लंघन करना -- नियोम भुगइबा

तोड़ना (स.क्रि.) फूल, फल आदि को डाली से पृथक् करना -- है हेक्पा

तोड़फोड़ (स्त्री.) क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना -- थुगाइ-खोगाइबा

तोरण (पुं.) शोभा यां सजावट के लिए बनाया जाने वाला अस्थायी स्वागत द्वार -- होजङ्, सनथोङ्, निङ्थिना लैतेङ्दुना शेमशारबा गेट

त्याग (पुं.) किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया -- थादोक्पा

त्योहार (पुं.) प्रतिवर्ष निश्चित तिथि को मनाया जाने वाला कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय पर्व -- धर्म, अमदि संस्कृतिगी ओइबा कुम्है

त्रस्त (वि.) भयभीत -- याम्ना किरबा

त्रस्त (वि.) पीड़ित -- अवाबा

त्रिशूल (पुं.) लोहे का तीन फालों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र, जो शिवाजी का प्रधान अस्त्र है -- त्रिशूल, मचिन् मचिन् अहुम पानबा ता, मचिन् अहुम लोङ्बा ता

थकना (अ.क्रि.) श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना -- चोक्थबा

थकना (अ.क्रि.) उत्साह न रह जाना, हार जाना -- हैनिङ्दबा

थन (पुं.) गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग, जिसमें दूध भरा रहता है, स्तन -- मखोङ मरि पान्बा शा अमोमगी मखोम

थपथपाना (स.क्रि.) लाड़-प्यार से आवेश शांत करने के लिए या शाबाशी देने के लिए किसी की पीठ को स्नेह से सहलाना, थपथपाना -- नुङ्शिना नङ्गंदा पोप् पोप् फुबा, नान्बा

थप्पड़ (पुं.) चाँटा, तमाचा -- खुबाक्ना थाबा, खुपाकना थाबा

थलचर (पुं.) पृथ्वी पर रहने वाले जीव -- कङ्फांदा लैबा जीव

थलसेना (स्त्री.) वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना, जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यतः स्थल तक सीमित हो -- खोङ् लान्मी

थाती (स्त्री.) धरोहर, अमानत -- लन्

थाती (स्त्री.) जमापूँजी, संचित धन -- तुङशिनजबा शेल

थान (पु.) एक निश्चित लंबाई का कपड़े का टुकड़ा -- थान

थाना (पुं.) पुलिस कार्यालय पुलिस चौकी -- थाना, पुलिस ऑफिस

थापी (स्त्री.) राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली लकड़ी की चौरस हत्थेदार पट्टी -- चफ शाबा अमदि युम शोबना शिजिन्नबा खुलाइ मखल अमा

थिरकना (अ.क्रि.) नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना -- निक्पा

थूकना (अ.क्रि.) मुँह से थूक बाहर निकाल फेंकना -- तिन शित्पा

थूथन (पुं.) कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुँह -- शागी अतुंबा मचिन्

थैला (पुं.) झोला -- खाओ

थोक (पुं.) एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि -- मखल अमतगी पोत् मयाम, मपै

थोका (पुं.) चीजें खरीदने बेचने का वह प्रकार, जिसमें बहुत सी चीजें एक साथ खरीदी बेची जाती हैं, खुदरा या फुटकर का विपर्याय -- पुल्लमना थाबा, योन्बा

थोड़ा (वि.) अल्प मात्रा -- याम्दबा, खरा

थोड़ा (क्रि.वि.) अल्प मात्रा में, कुछ, जरा -- खजिक्तङ्, खरा

दंगल (पुं.) पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता -- मुक्ना शान्नबा, कुश्ती शान्नबा

दंगा (पुं.) उपद्रव, फसाद -- लैबाक् इराङ् हौबा

दंड (पुं.) सज़ा, जुर्माना -- दनदी, फाइन ताबा

दंड (पुं.) बाँस या लकड़ी का डंडा -- चै

दंडनीय (वि.) दंड दिए जाने योग्य -- दंदी पिनिङ्ङ्इ ओइबा

दंपत्ती (पुं.) पति-पत्नी -- मतै मनाओ

दंभ (पुं.) अहंकार -- नापल तौबा

दक्षिणा (स्त्री.) यज्ञ-पूजा आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य -- दक्षिणा

दत्तक (पुं.) गोद लिया हुआ -- अयोक्पा मचा

दत्तचित्त (वि.) जो किसी कार्य में मनोयोग से लगा हुआ हो, तल्लीन -- मपुनिङ् चङ्बा

दफनाना (स.क्रि.) मुदें को जमीन में गाड़ना -- फूमजिन्बा

दबंग (वि.) जो किसी से दबता न हो, साहसी -- मीना नम्थबा यादबा, मथौना फबा (लैबा)

दबदबा (पुं.) रोब, आतंक -- इथिल पिबा डंबा, पुक्निङदा ममि ताहन्बा, तौबा ङंबा

दबाना (स.क्रि.) भार या दाब के नीचे लाना -- नफू-शाफू तौबा ओत्त-नैबा किहन्बा

दबाना (स.क्रि.) किसी बात या मामले को आगे न बढ़ने देना -- थिङ्बा, खामबा

दबाना (स.क्रि.) दमन करना -- नम्थबा

दबाव (पुं.) दबाने की क्रिया या भाव, दाब -- नम्थबा, शाफू

दबोचना (स.क्रि.) झपट कर दबा लेना -- चोङ्शिंदुना नंबा

दम (पुं.) ताकत, जोर -- पाङ्गन, मरिल

दम (पुं.) हुक्के आदि का कश -- मैखु चिङ्बा

दम (पुं.) साँस, श्वास, प्राण -- नुङ्शास्वर

दमक (स्त्री.) चमक, प्रभा -- लङखत्पा

दमकल (स्त्री.) आग बुझाने का यंत्र, जिससे कोई तरल पदार्थ हवा के दबाव से वेगपूर्वक फेंका जाता है -- मै मुथलबा मेचिन

दयनीय (वि.) दया के योग्य -- यौजाल हैबा

दया (स्त्री.) रहम, अनुकंपा, तरस -- थौजाल

दयादृष्टि (स्त्री.) दया या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना -- थौजालगी मीत्येङ्

दर (पुं.स्त्री.) द्‍वार, दरवाजा -- थोङ्, थोङ्जाओ

दर (पुं.स्त्री.) भाव (रेट) -- ममल

दरखास्त (दरख्वास्त) (स्त्री.) आवेदन, प्रार्थनापत्र, अर्जी -- दरखास्त, हाइजबा

दरबान (पुं.) फाटक/प्रवेश द्वार पर तैनात चौकीदार -- थोङ्ङाक्पा, थोङ्शङ्बा

दरवाज़ा (पुं.) द्‍वार, कपाट, किवाड़ -- थोङ्, थोङ्जाओ

दरार (स्त्री.) रेखा की तरह का लंबा छिद्र -- मयि

दरिद्र (वि.पुं.) निर्धन, कंगाल, गरीब -- लाइरबा

दरी (स्त्री.) मोटे सूत का एक बिछावन -- दरी

दर्जन (पुं.) बारह वस्तुओं की इकाई -- दर्जन, मशिङ् तरानिधोइगी चाङ

दर्जी (पुं.) कपड़े सीने का काम करने वाला -- दर्जी, फुरित् तुबा

दर्पण (पुं.) मुँह देखने का शीशा, आईना -- मीङ्शेल

दर्शक (पुं.) देखने वाला -- येङ्लिबा, भाबोक

दल (पुं.) गुट, टोला, समूह -- चबुल, मपुल, काङ्लुप

दल (पुं.) फूल की पंखड़ी -- लैना

दलना (स.क्रि.) चक्की में डालकर दो या अधिक टुकड़े करना -- तक्खाइबा

दलाल (पुं.) सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचौलिया -- दलाली चाबा

दवा (स्त्री.) औषधि -- हिदाक

दवा (स्त्री.) इलाज, उपचार -- लायेङ्बा

दशक (पुं.) दस वर्षों की अवधि -- चहि तरागी मतम

दस्तकारी (स्त्री.) हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प -- खुत्ना शाबा, येक्या खोत्पा

दहकना (अ.क्रि.) इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगे, धधकना -- मैहौबा, मैरी थोक्ना चाक्पा

दहाड़ (स्त्री.) शेर की गरज -- कै, नोङ्शा ना खोङ्बा

दहाड़ (स्त्री.) जोर की चिल्लाहट -- कन्ना लाओबा

दहाड़ना (अ.क्रि.) शेर का गरजना -- नोङ्शाना ङ्ङ्बा

दहाड़ना (अ.क्रि.) जोर सो चिल्लाना -- कन्ना लाओबा

दहेज (पुं.) विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर से दिया जाने वाला धन और सामान -- आउन पोत्

दाई (स्त्री.) उपमाता, धाय -- दाय

दाई (स्त्री.) प्रसूति के समय मदद करने वाली स्त्री -- योक्चबी

दातुन (स्त्री.) नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा, जो दाँत साफ करने के काम आता है -- पैया नीम मशा मकक् (या थिन्नबा)

दान (पुं.) देने की क्रिया -- दान

दान (पुं.) धर्म आदि की दृष्टि से किसी को कोई वस्तु देने की क्रिया, खैरात -- दान

दानव (पुं.) राक्षस, असुर -- हिङ्चाबा

दानवीर (पुं.) उदारतापूर्वक दान करने वाला -- दान तौगन्बा

दाना (पुं.) अन्न या फल का कण या बीज -- मरु (चेङ् हवाईगी मरु)

दाना (पुं.) माला आदि का मनका, मूंगा -- माला मरु

दाना (पुं.) छोटी गोल फुंसी -- फुरी

दाना-पानी (पुं.) अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका -- चाक्-ईशिङ्

दानेदार (वि.) जिसमें दाने या रवे हों -- मरु माओबा

दाम (पुं.) कीमत, मूल्य -- ममल्

दायाँ (वि.) दाहिना -- येत् थङ्बा

दारोगा (दरोगा) (पुं.) निगरानी, देख-भाल करने वाला अधिकारी -- दारोगा

दारोगा (दरोगा) (पुं.) पुलिस का एक अधिकारी -- थाना

दावत (स्त्री.) भोज -- मयास पुन्न चाक चाबा

दावत (स्त्री.) निमंत्रण -- बातोन

दावा (पुं.) अधिकार, स्वत्व, हक -- हक, दाबी

दावा (पुं.) स्वत्व की रक्षा या अन्याय के प्रतिकार के लिए न्यायालय में दिया हुआ प्रार्थना-पत्र नालिश -- हक

दावा (पुं.) किसी बात की यथार्थता के विषय में अत्यधिक आत्मविश्वास, गर्वोक्ति -- मशबु थाजबा

दिखावटी (वि.) जो केवल दिखाने के लिए किया गया हो -- मपालगी ओइनता येङ्बदा फजबा

दिन (पुं.) वह समय, जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्योस्त से होता है, दिवस -- नोङ्‍मा

दिन (पुं.) चौबीस घंटे की अवधि -- पुङ् कुनमरि

दिनकर (पुं.) सूर्य -- नुमित्

दिमाग (पुं.) सिर के भीतर का गूदा -- थोप्

दिमाग (पुं.) सोचने-समझने की शक्ति -- ब्रेन

दियासलाई (स्त्री.) एक सिरे पर गंधक आदि मसाला लगाकर बनाई हुई छोटी तीली, जो रगड़ने पर जल उठती है -- मैखेत मरु

दिल (पुं.) हृदय -- थम्मोइ

दिलासा (पुं.) क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जाने वाला आश्वासन, तसल्ली, ढाँढस -- थेमजिन्बा फाथबिबा

दिवंगत (वि.) जो मर गया हो, परलोकवासी -- नोङ्गाखबा, शिखबा

दिवाला (पुं.) धनहीनता की वह स्थिति, जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति -- बैंकरप्ट चत्पा, शेल् लैतबा

दिवालिया (वि.) जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो -- शेल् पाइदबा

दिशा (स्त्री.) क्षितिज मंडल के चार मार्गों पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर में से एक -- माइकै

दिशा (स्त्री.) ओर, तरफ -- माइकै

दीक्षा (स्त्री.) किसी मंत्र की वह शिक्षा, जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र -- दीक्षा, लौबा

दीपक (पुं.) दीया, चिराग -- थाङ्मै

दीया (दिया) (पुं.) दीपक, चिराग -- थाङ्मै

दीर्घा (स्त्री.) आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग -- लमशाङ् मथक कुप्पा, गैलरी

दीवार (स्त्री.) मिट्टी, ईंटों, पत्थरों आदि की प्रायः लंबी, सीधी और ऊँची रचना, जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत -- फक्लाङ्

दुख (पुं.) कष्ट, क्लेश, तकलीफ -- अवाबा

दुकान (दूकान) (स्त्री.) सौदा खरीदने और बेचने की जगह -- दुकान

दुकानदार (दूकानदार) (पुं.) दुकान का स्वामी, दुकानवाला -- दुकान फंबा मी दुकानदार

दुतकारना (स.क्रि.) उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना -- चैथत्पा

दुबला (वि.) दुर्बल, कमजोर, पतले बदन वाला -- पाङ्गन शोन्बा, मयाङ् कन्बा अशोन्बा

दुभाषिया (पु.) वह मध्यस्थ व्यक्ति, जो अलग भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तियों की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए -- इंटरप्रेतर, लोदिन्-नदबा मी मरोल ङाङ्नबा लोल हंदोक्या

दुरुपयोग (पुं.) किसी चीज़ या बात का अनुचित उपयोग -- लाल्ना शिजिन्नबा

दुर्गंध (स्त्री.) बुरी गंध, बदबू -- नमथिबा

दुर्ग (पुं.) किला, गढ़, कोट -- लालबन्

दुर्घटना (स्त्री.) अचानक होने वाली दुखद घटना -- नुङ्ङाइतबा थौदोक्

दुर्दशा (स्त्री.) बुरी हालत, दुर्गति -- नुङ्ङाइतबा थौदोक्

दुर्भिक्ष (पुं.) अकाल -- चाक् ताङ्बा

दुर्लभ (वि.) जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, -- फङम्दबा

दुलहन (दुलहिन) (स्त्री.) नई बहू, नव विवाहिता -- अनौबी

दुलार (पुं.) लाड्-प्यार -- लुना-चान्ना तौबा

दुविधा (स्त्री.) ऐसी मनःस्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो -- पल्लेपफम् खङ्दबा

दुश्मन (पुं.) शत्रु, बैरी -- येक्नबा, फत्तबा, शुनिङ्दबा

दुष्ट (वि.) दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला -- शङ्गोम शुंन्बा

दुहना (स.क्रि.) मादा जीवों के स्तनों से दूध निकालना/प्राप्त करना -- पाओखोल्लोइ

दूत (पुं.) पत्र या संदेशवाहक, हरकारा -- पाओपुबा मी

दूत (पुं.) किसी राजा या राष्ट्र का वह प्रतिनिधि, जो राजनीतिक कार्य से अन्य राष्ट्र में भेजा गया हो या स्थायी रूप से वहाँ रहता हो -- राजदूत, ऐंबैसेडर

दूतावास (पुं.) राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय -- ऐंबैसी, राजदूतना लैननबा मफम, ऑफिस

दूभर (वि.) कठिन, मुश्किल -- अरुबा

दूर (क्रि.वि.) देश-काल, स्थान आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर अलग, पृथक -- लाम्ना, थाप्ना, ताङान्ना

दूरदर्शन (पुं.) टेलीविजन -- टेलीविजन, दूरदर्शन

दूरबीन (स्त्री.) एक यंत्र, जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ समीपस्थ दिखाई देती हैं -- दूरबीन, टेलिस्कोप

दूरभाष (पुं.) एक यंत्र, जिसकी सहायता से दूर बैठे लोग आपस में बातचीत करते हैं, टेलीफोन -- टेलीफोन

दुल्हा (पुं.) वह व्यक्ति, जिसका विवाह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित -- वर, बोर लुहोङ्बद ङाइरिबा

दूसरा (वि.) जो गणना में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का -- अनिशुबा

दूसरा (वि.) प्रस्तुत से भिन्न, अन्य -- अतोप्पा

दृढ़ (वि.) अविचलित -- लेङ्दबा

दृढ़ (वि.) कड़ा, मजबूत -- अचेत्पा

दृढ़ (वि.) जिसमें कोई हेर-फेर न हो सके, पक्का, निश्चित -- अरेप्पा

दृश्य (पुं.) जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों -- दृश्य, मीत्ना उरिबा

दृश्य (पुं.) नजारा -- कुम्है

देखना (स.क्रि.) नेत्रों द्वारा किसी के होने का ज्ञान प्राप्त करना -- येङ्बा, मीत्येङ् ताबा

देखना (स.क्रि.) निगरानी करना या रखना -- येङ्शिन्बा

देख-रेख (स्त्री.) निगरानी -- येङ्शिन्बा

देनदार (वि.) कर्जदार, ऋणी -- शेनदोनबा,

देना (स.क्रि.) प्रदान करना -- पिबा

देर (स्त्री.) विलंब -- थेङ्बा, थिन्बा

देवता (पुं.) दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता -- लाइ, लाइरेंबा

देवता (पुं.) देव प्रतिमा -- लाइगी मूर्ति

देवी (स्त्री.) दिव्य गुण वाली शक्ति जैसी दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती आदि -- देवी लाइरेंबी

देवी (स्त्री.) स्त्रियों के लिए एक आदरसूचक संबोधन -- NA

देश (पुं.) राजनैतिक दृष्टि से एक विशिष्ट भू-भाग -- लैबाक् मफम, लम

देश (पुं.) कोई विशिष्ट भू-भाग या खंड -- लमदम

देशद्रोही (पुं.) षड्यंत्र रचकर अपने देश को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला -- मरैबाकपू माङ्नबा तौबा मी

देशवासी (पु.) देश में रहने-बसने वाला -- लैबाक् अमदा लैरिबा मी

देहांत (पुं.) मृत्यु, मौत -- शिबा

देहात (पुं.) गाँव, ग्राम -- खुनगङ्, लौवाइ

दैनंदिनी (स्त्री.) डायरी, रोजनामचा -- डायरी

दैनिकी (स्त्री.) जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका, जिसमें रोज के किए जाने वाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी -- डायरी मचा

दोपहर (पुं.) दिन के बारह बजे और उसके आस-पास का समय, मध्याह्न -- नुमित् युङ्बा मतुङ्

दोहराना (स.क्रि.) कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृत्ति -- हन्जिन्ना हायबा, हनजिन्ना तौबा

दोहराना (स.क्रि.) किए हुए काम को फिर से आदि से अंत तक इस दृष्टि से देखना कि उसमें कहीं कोई भूल तो नहीं रह गई, पुनरीक्षण -- अमुक हन्ना येंशिन्बा

दौड़-धूप (स्त्री.) वह प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर इधर-उधर बार-बार आना-जाना पड़े -- कोइनोम नोंबा

दौड़ना (अ.क्रि.) इतनी तेजी से चलना कि पाँव पृथ्वी पर पूरा न पड़े, भागना -- चेन्बा

दौलत (स्त्री.) अधिकृत धन, संपत्ति -- लन्-थूम

द्योतक (वि.) किसी चीज को प्रकट करने वाला, परिचायक -- खङ्हन्बा ताक्या फोङ्दोक्या

द्रोही (वि.) किसी के विरुद्ध षड्यंत्र रचने वाला, विश्वासघाती -- कनागुंबगी माइयोक्ता थबक तौबा थाजबा माङहन्बा मी

द्‍वंद्‍व (पुं.) जोड़ा युगल -- जुरा

द्‍वंद्‍व (पुं.) दो व्यक्तियों का परस्पर युद्ध -- मी अनि फुनबा, खत्नबा

द्वार (पुं.) दरवाजा -- थोङ्

द्वीप (पुं.) चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, टापू -- इथत्, द्वीप

द्वेष (पुं.) चित्त का वह भाव, जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा देता है, शत्रुता, वैर -- येंथिनबा

धंधा (पुं.) वह उद्योग या कार्य, जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए -- शिन्फम

धकेलना (स.क्रि.) धक्का देना, ढकेलना -- इंथोक्या

धड़ (पुं.) शरीर का वह बीच वाला भाग, जिसमें छाती, पीठ और पेट हैं -- थबाक्, नङ्गन अमदि पुक फाओबगी शरुक्

धड़ (पुं.) तना -- मऊ

धड़कन (स्त्री.) हृदय का स्पष्ट स्पंदन -- थमोइगी मिहुन

धधकना (अ.क्रि.) आग का दहकना, भड़कना -- मै ब्रङ-ब्रङ् हौबा, मै ङोरोङ्-ङोरोङ् चाक्पा

धन (पुं.) संपत्ति, दौलत -- लन, लन-थूम

धन (पुं.) पूँजी -- संपत्ति

धनवान (वि.) जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमंद -- इनाकखून्बा

धनाढ्य (वि.) बहुत बड़ा धनी -- पैसा याम्ना पाइबा

धनुष (पुं.) कमान -- लिरुड्

धन्यवाद (पुं.) किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जाने वाला कृतज्ञतासूचक शब्द शुक्रिया -- थागत् वाहै

धरती (स्त्री.) पृथ्वी, जमीन, भूमि -- लैबाक, पृथवी

धरना (स.क्रि.) किसी स्थान पर किसी चीज को रखना -- थंबा

धरना (पुं.) कोई काम कराने के लिए अड़कर बैठ जाना और जब तक काम न हो जाए, वहाँ से न हटना -- धरना

धर्म (पुं.) किसी वस्तु या व्यक्ति की वह नित्यवृत्ति, गुण या लक्षण, जो उससे कभी अलग न हो, सहजगुण -- धर्म

धर्म (पुं.) मजहब -- नीति

धर्मशाला (स्त्री.) परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन, जिसमें यात्री बिना कोई शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं -- मिथुङ्शङ्, धर्मशाला

धर्मात्मा (वि.पुं.) धार्मिक आचरण करने वाला -- धर्म लैबा

धर्मात्मा (वि.पुं.) साधु-संत -- साधु-संत

धवल (वि.) उजला, सफेद -- अङौबा

धवल (वि.) निर्मल -- अशेङ्बा

धाँधली (स्त्री.) अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ -- थौशिल् थौओङ् नाइदबा

धाँधली (स्त्री.) निरंकुशता, स्वेच्छाचारिता -- तैनिङ्-तौनिङ्बत तौबा, नियम नाइदबा

धागा (पुं.) बटा हुआ महीन सूत जो प्रायः सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा -- लङ्

धातु (स्त्री.) कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ -- खोनीदगी फङ्बा पोत, धातु

धातु (स्त्री.) (संस्कृत व्याकरण में) क्रिया का मूल रूप -- वारु (रुट)

धार (स्त्री.) पानी आदि के गिरने या बहने की धारा, प्रवाह -- ईचेल

धार (स्त्री.) किसी हथियार का वह तेज सिरा या किनारा, जिससे कोई चीज काटते हैं। -- मया थौबा

धारणा (स्त्री.) व्यक्तिगत विचार या विश्वास -- मी मशागी ओइबा थाजबा बाखल

धारणा (स्त्री.) किसी नियम, नियमावली, विधान आदि का वह स्वतंत्र अंश, जिसमें किसी एक विषय से संबंध रखने वाली सब बातों का एक अनुच्छेद में उल्लेख होता है, दफा -- कोलम

धारणा (स्त्री.) निरंतर चलने वाला क्रम -- मथङ्, मनाओ

धारावाहिक (वि.) अविछिन्न क्रम या गतिवाला -- मथङ् मनाओ नाइबा

धारावाहिक (वि.) जो क्रमशः खंडों के रूप में बराबर कई अंशों अथवा अंकों में प्रकाशित होता रहे -- मथङ् मथङ् ओइबा

धिक्कार (पुं.) भर्त्सना, लानत -- तुकत्व-निङ्ङाइ ओइबा

धीमा (पुं.) कम वेगवाला, मंद -- अतप्पा, हादबा

धीर (वि.) जो शांत स्वभाव वाला हो, अविचल -- अयिङ्बा

धीर (वि.) दृढ़, अटल, दृढ़-प्रतिज्ञ -- अचेत्पा, लेङ्दबा

धीरे (क्रि.वि.) धीमी या मंद गति से, आहिस्ता -- तप्ना

धीरे (क्रि.वि.) नीचे या हल्के स्वर में -- तप्ना, तुमिन्ना

धुँधला (वि.) धुंध से भरा हुआ -- ममि शामिबा

धुँधला (वि.) धुएँ की तरह का कुछ-कुछ काला -- लैचिन् नोङ्फाइ थाङ्बा

धुँधला (वि.) मंद, फीका -- वाओरि वाओरिबा

धुआँ (पुं.) जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ, जो कुछ कालापन लिए होता है -- मैखू

धुन (स्त्री.) मन की लगन, तरंग -- अपांबा, पुकनिङ्गी अपांबा इथिल, इहौ

धुन (स्त्री.) सनक, झक -- अकन्बा इथिल

धुन (स्त्री.) गाने या बजाने का विशिष्ट ढंग -- सुर

धुनना (स.क्रि.) धुनकी से रूई साफ करना, ताकि उससे बिनौले अलग हो जाएँ -- लशिङ् काप्पा

धुनना (स.क्रि.) खूब मारना-पीटना -- यैबा

धुरंधर (वि.) किसी विषय में बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण -- हैशिङ्बा

धुरी (स्त्री.) लकड़ी या लोहे की वह छड़ या डंडा, जो पहियों के केंद्र में रहता है और जिसके सहारे पहिया घूमता है, अक्ष -- धुरी, चाका मचै

धुरी (स्त्री.) मूल आधार -- लैमम

धूम-धाम (स्त्री.) उल्लास से युक्त आयोजन, जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो -- मओङ्-ताना लैतेङ्बा, यक् लाओबा

धूम्र-पान (पुं.) तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना -- मैखू-थकपा, मैखू शिजिन्नबा

धृष्टता (स्त्री.) ढिठाई, दुस्साहस -- मचोङ्पाक् नाइदबा

धैर्य (पुं.) धीरज, सब्र -- लैताबा, तप्थबा-फाथबा

धोखा (पुं.) छल, कपट -- नमथाक, लौनम

धोखा (पुं.) भ्रम, भ्रांति -- अशोइबा, लान्ना लौबा

धोना (स.क्रि.) जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से गंदगी को साफ करना -- शुबा

धोना (स.क्रि.) दूर करना, मिटाना -- चाबा

धौंकना (स.क्रि.) आग दहकाने के लिए पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना -- मैहुम उतोङ्

ध्यान (पुं.) चित्त या मन को पूरी तरह एकाग्र और स्थिर करने की क्रिया या भाव -- पुकनिङ् लाक्शिन्बा

ध्यान (पुं.) सोच-विचार, मनन -- वाखल तौबा, नैनबा

ध्येय (पुं.) उद्देश्य, लक्ष्य -- पांदम

ध्रुव (वि.) अचल, अटल -- अचेतपा

ध्रुव (वि.) स्थायी, नित्य, शाश्वत -- लेङ्दबा

ध्रुव (पुं.) पृथ्वी के उत्तरृ-दक्षिण सिरे -- मेरु

ध्रुव (पुं.) वह तारा, जो पृथ्वी की अक्ष के सिरे की सीध में उत्तर की ओर दिखाई देता है। -- ध्रुव-तारा

ध्वज (पुं.) झंडा, पताका -- फिराल

ध्वजारोहण (पुं.) झंडा फहराने की क्रिया -- फिराल चिङ्खत्पा

ध्वनि (स्त्री.) आवाज, शब्द -- मखोल, खोलजेल

ध्वनि (स्त्री.) (काव्य में) व्यंग्य, व्यंग्यार्थ -- खोनथोक्, खोंदा

नंगा (वि.) जो कोई कपड़ा न पहने हो, दिगंबर -- फी थोङ्दबा

नंगा (वि.) जिस पर कोई आवरण या आलंकारिक वस्तु न हो -- फी शेत्तबा

नंगा (वि.) निर्लज्ज, बेशर्म, दुष्ट, पाजी -- इकाइ खङ्दबा

नकद (पुं.) लेन-देन में व्यवहार में आने वाला धन जो तुरंत दिया या चुकाया जाता है -- शेंथङ्

नकद (वि.) जिसका मूल्य रुपए पैसे के रूप में तुरंत चुकाया जाए -- पुरुबा, शिङ्गदबा

नकद (क्रि.वि.) तुरंत भुगतान रुपए के रूप में -- NA

नकदी (स्त्री.) रूपया पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन -- शेंथङ्

नकल (स्त्री.) किसी को कोई काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव -- मतौ, तंबा

नकल (स्त्री.) किसी कृति, चित्र, लेख आदि की ज्यों की त्यों तैयार की हुई प्रतिलिपि, अनुलिपि -- शिंदोक्या, चप मान्ना शिन्बा

नक्काशी (स्त्री.) धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला -- हक खोत्पा (नुङ्दा, धातुदा)

नक्काशी (स्त्री.) उक्त प्रकार से बनाए गए बेल-बूटे आदि -- नुङ्दा-धातुदा शेंबा मओङ्-शिङ्

नक्शा (पुं.) रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति, जो उस वस्तु का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र -- मेप

नक्शा (पुं.) रूपरेखा, खाका -- शक्ओङ्

नक्षत्र (पुं.) तारा -- धवान-मिचाक्

नक्षत्र (पुं.) चंद्रमा के पथ में पड़ने वाला 27 तारों का समूह -- थागी लंबीदा लैबा थवान मिचाक् 27 की मपै

नख-शिख (पुं.) पैरों के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग -- खोङ्दगी नतोन् फाओबा

नग (पं.) नगीना, मणि -- तंफा, मणि

नग (पं.) अदद या संख्यासूचक एक शब्द -- मशिङ्

नगर (पुं.) वह बस्ती जो गाँवों, कस्बों आदि से बड़ी हो, शहर -- शोहोर

नगरपालिका (स्त्री.) वह संस्था, जो नगर के स्वास्थ्य, जल, निकास, रोशनी आदि का प्रबंध करती है -- म्युसिपलिटि

नगाड़ा (पुं.) डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का बड़ा वाद्य यंत्र, नक्कारा -- पुङ्जाओ

नगीना (पुं.) रत्न, मणि, नग -- तंफा, मणि

नग्न (वि.) नंगा -- फि, शेत्तबा

नग्न (वि.) आवरण रहित, उघड़ा -- फि थोङदबा

नजरबंद (वि.) वह बंदी, जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके -- फाजिंदुना थप्बा

नट (पुं.) नाटक करने वाला, अभिनेता -- ड्रामा तौबा मीओइ, अभिनेता

नट (पुं.) तरह-तरह के शारीरिक करतब दिखाने वाली एक जाति -- NA

नटखट (वि.) चंचल, ऊधमी, शरारती -- ङाओशिन्नबा

नमस्कार (वि.) झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन -- खुरुमजबा

नमस्कार (वि.) अभिवादन सूचक शब्द -- नोल्लु-कचबा

नमूना (पुं.) इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है -- खुदम, नमूना, सेंपल

नमूना (पुं.) वह जिसे देखकर उसके अनुसार वैसा ही कुछ और बनाया जाए, प्रतिमान -- नमूना

नम्रता (स्त्री.) विनीय होने का भाव -- नोल्लु-कचबा, नोन्जबा

नया (वि.) जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन -- अनौबा

नर (पुं.) पुरुष, आदमी, मर्द (मादा का विपर्यय) -- लाबा, नूपा

नरम (वि.) कोमल, मृदु, मुलायम -- अथोत्पा, अमेङ्बा

नरमी (नर्मी) (स्त्री.) नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता -- थोत-नौबा मओङ्

नरेश (पुं.) राजा -- निङ्थौ

नर्तकी (स्त्री.) नाचने में प्रवीण स्त्री -- जगोइ, शाबी

नल (पुं.) गोल लंबा खंड या रचना, जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो -- पाइप, टोटी कोन्जिल, टेप

नलकूप (पुं.) मशीन-चालित यंत्र, जिसके द्वारा जमीन के अंदर से पानी खींचा जाता है -- ट्यूबवेल

नव (वि.) नया, नवीन, आधुनिक -- अनौबा

नवनीत (पुं.) ताज़ा मक्खन -- माखोन

नवयुवक (पुं.) जो अभी हाल में जवान हुआ हो, नौजवान, तरुण -- इंख्त-लक्या नहा, नहारोल्

नवीन (वि.) नया, नूतन -- अनौबा

नवीन (वि.) जो पहले-पहल या मूल रूप में बना हो, मौलिक -- इनौ नौबा

नशाबंदी (स्त्री.) राज्य या समाज द्वारा मादक पदार्थों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना -- निशाबंद, निशा थिङ्बा

नष्ट-भ्रष्ट (वि.) सब तरह से खराब और बरबाद -- माङ्हन् ताक्हन्बा

नष्ट-भ्रष्ट (वि.) व्यर्थ, बेकार -- अरेंबा, कान्नदबा

नस (स्त्री.) रक्तवाहिनी नली -- शिङ्ली नाओरी

नसबंदी (स्त्री.) शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेंद्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया, ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए -- नसबंदी, अङाङ् थिङ्बा

नसल (नस्ल) (स्त्री.) वंश -- जात

नलस (नस्ल) (स्त्री.) संतति -- मचा

नहाना (अ.क्रि.) स्नान करना -- इरुजबा, चाइथबा

नाग (पुं.) सर्प, साँप -- लिल्

नाग (पुं.) काले रंग का बड़ा और फन वाला साँप -- NA

नागरिक (वि.) नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित -- नागरिक, शहर दा लैबा मी

नागरिक (वि.) असैनिक -- सिविल

नागरिक (पुं.) किसी राज्य में जन्म लेने वाला वह व्यक्ति जिसे उस राज्य में रहने, नौकरी करने, संपत्ति रखने आदि के अधिकार प्राप्त होते हैं -- नागरिक सिटीजन

नागिन (स्त्री.) नाग (सर्प) की मादा -- लिल अमोम

नाचना (अ.क्रि.) नृत्य करना -- जगोइ शाबा

नाचना (अ.क्रि.) संगीत के स्वर में ताल स्वर के अनुसार हाव-भावपूर्ण चेष्टाएँ करना -- जगोइ शाबा

नाटक (पुं.) दृश्य काव्य -- नाटक, ड्रामा

नाटक (पुं.) दिखावटी कार्य -- NA

नाता (पुं.) संबंध, रिश्ता -- मरि

नाथ (पुं.) प्रभु, स्वामी -- मपु

नाथा (पुं.) पति को संबोधित करने वाला शब्द (नाटक अादि में) -- मपुरोइबा

नाथा (पुं.) एक संप्रदाय -- नारेङ् हुत्पा

नाथा (स्त्री.) ऊँटों, बैलों आदि को वश में रखने के लिए नथनों में डाली जाने वाली रस्सी -- नारेड्, हुत्पा

नादान (वि.) भोला, अनुभवहीन, अकुशल या अनाड़ी -- अपङ्बा

नाप-तोल (स्त्री.) नाप-जोख -- उन्बा, उनबा-खोत्पा

नाप-तोल (स्त्री.) माप और वजन -- उल्लबा

नापना (स.क्रि.) लंबाई, चौड़ाई, गहराई-ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना -- उन्बा

नाम (पुं.) वस्तु, व्यक्ति आदि का बोधक शब्द संज्ञा -- मिङ्

नाम (पुं.) ख्याति, यश, प्रतिष्ठा -- मिङ्चत्

नामकरण (पुं.) नाम रखने की क्रिया या भाव -- ममिङ्थोन्बा

नामकरण (पुं.) बच्चे का नाम रखने के लिए एक संस्कार -- नामकरण

नामे (पुं.) लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, जमा का विपर्याय -- हिसाब इबा बोइ, हिसाब बोइ

नायक (पुं.) नेता, मार्गदर्शक -- लुचिङ्बा

नायक (पुं.) काव्य, नाटक, उपन्यास आदि का प्रधान पात्र -- मरु ओइबा पात्र

नायिका (स्त्री.) महिला नेता, वीरांगना, अभिनेत्री -- नायिका, हीरोइन

नायिका (स्त्री.) काव्य, नाटक, कहानी, उपन्यास आदि का मुख्य स्त्री पात्र -- मरुओइबा पात्र नुपी

नारा (पुं.) किसी दल, समुदाय आदि के द्वारा जुलूस आदि के साथ उच्च स्वर में बोला जाने वाला वाक्य -- खोल्लाओ, स्लोगान

नाराज (वि.) अप्रसन्न, रुष्ट -- अशाओबा

नारी (स्त्री.) स्त्री, औरत -- नुपी

नाला (पुं.) गंदे पानी का निकास मार्ग, जलमार्ग -- नाला, खोङ्बाल्

नाव (स्त्री.) नौका, किश्ती -- हि

नाविका (पुं.) वह, जो नौका खेता हो, माँझी, मल्लाह -- हिहोन्बा

नाश (पुं.) वस्तु आदि की टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस -- माङ्बा, माङ्हन्बा

नाश (पुं.) अपव्यय, बरबादी -- माङ्ताक्-हन्बा

नास्तिक (पुं.) ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला -- ईश्वर थाजदबा मी

निंदा (स्त्री.) किसी के दोषों, बुराइयों आदि का उल्लेख -- निंदा

निःशुल्क (वि.) जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो -- फि लौदबा, लैम्ना, टेकस याऔदबा

निःसंतान (वि.) संतान-रहित -- मचा पोक्तबा

निकट (क्रि.वि.) समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप -- नक्ना

निकम्मा (वि.) जो कोई काम न करता हो, बेकार -- शुनिङ्दबा अरेंबा

निकम्मा (वि.) जो किसी काम में आने योग्य न हो -- मतिक् चादबा

निकलना (अ.क्रि.) भीतर से बाहर आना, प्रकट होना -- थोरक्या

निकलना (अ.क्रि.) उदित होना -- थोरक्या

निकासी (स्त्री.) निकलने या निकालने की क्रिया -- थोरक्या, लौथोक्पा

निकासी (स्त्री.) दुकान में रखे हुए अथवा कारखानों आदि में तैयार होने वाले माल का बिकना -- योन्बा

निकृष्ट (वि.) नीच, गिरा हुआ, निम्न, घटिया -- फत्तबा

निखट्टू (वि.) (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो -- पाइ-थोकत्बा

निखट्टू (वि.) आलसी, बेकार -- अतन्बा

निगलना (स.क्रि.) कोई चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना -- योत्शिन्बा

निग्रह (पुं.) अवरोध, रोक -- अथिङ्बा

निग्रह (पुं.) आचरण को मर्यादित करना -- NA

निचोड़ (पुं.) सार, सत्व -- शुम्दोक्पा

निचोड़ना (स.क्रि.) गीली या रसदार वस्तु से उसका रस निकालना -- शुम्दोकपा

निडर (वि.) निर्भय, निर्भीक -- किदबा

निडर (वि.) साहसी -- थौना फबा

नितांत (क्रि.वि.) बहुत अधिक -- याम्ना यांबा

नितांत (क्रि.वि.) बिल्कुल -- पुलप्

निथारना (स.क्रि.) पानी आदि से मैल को अलग करना -- तिङबा

निदान (पुं.) मूल कारण -- मरु ओइबा मरम्

निदान (पुं.) चिकित्सा शास्त्र में रोग की पहचान एवं समाधान -- लाइओङ् खङ्बा, डाइगानोसिस

निदान (पुं.) समाधान -- NA

निद्रा (स्त्री.) नींद -- तुंबा

निधन (पुं.) मृत्यु, देहावसान -- निधन, परलोक, स्वर्गबास, मृत्यु

निधि (पुं.) विशेष कार्य के लिए जमा किया हुआ धन -- लन्

निपटना (अ.क्रि.) पूरा होना, संपन्न होना -- पाङ्थोक्पा

निपटना (अ.क्रि.) निवृत्त होना -- NA

निपटना (अ.क्रि.) लेन-देन, झगड़े विवाद आदि का निपटना होना -- लोइशिन्बा

निपटाना (स.क्रि.) कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना -- पाङ्थोक्पा फोङ्दोक्पा

निपटाना (स.क्रि.) विवाद या झगड़े को समाप्त करना -- लोइशिन्बा खाम्जिन्बा

निपुण (वि.) दक्ष, प्रवीण, कुशल -- है शिङ्बा

निबंध (पुं.) वह विचारपूर्ण विवरणात्मक विस्तृत लेख, जिसमें सब अंगों का विवेचन किया गया हो -- निबंध

निबाहना (स.क्रि.) निर्वाह करना, निभाना -- लेन्बा, ङाक्पा

निबाहना (स.क्रि.) (दायित्व, कार्य वचन आदि का) पालन करना, पूरा करना -- पाङ्थोक्पा

निभाना (स.क्रि.) उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना -- मथौ पाङ्थोक्या, ङाक्पा

निभाना (स.क्रि.) व्यक्ति अथवा स्थिति के -- लेन्बा

निमंत्रण (पुं.) किसी अवसर विशेष पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव -- बातोन, निमंत्रण

नियंत्रण (पुं.) मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना -- लाक्शिन्बा, कंट्रोन, खुदुम्दा थंबा

नियंत्रण (पुं.) व्यापारिक क्षेत्र में शासन द्वारा किसी वस्तु के मूल्य और वितरण को नियमित और सुनिश्चित करना -- ममल लेप्पा

नियम (पुं.) मनमानी रोकने के लिए बनाए गए आदेश/निर्देश -- नियम

निरंकुश (वि.) जिस पर किसी प्रकार का नियंंत्रण न हो -- अफा अपुन लैतबा

निरंकुश (वि.) स्वेच्छाचारी -- तौनिङ्बता तौबा

निरंतर (वि.) लगातार -- तत्तना, लेप्तना

निरस्त्रीकरण (पुं.) परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देशों का सैनिक बल कम करना -- खुत्लाइ थादोक्प, खुत्लाइ पाइहेन्दबा

निरा (वि.) विशुद्ध -- मक्त्रबा, अशेङ्बा

निरा (वि.) केवल, सिर्फ, एकमात्र -- सुक्नगी

निराकरण (पुं.) दूर करना या हटाना -- कोक्हन्बा, लौथोक्पा

निराकरण (पुं.) आपत्ति आदि का तर्कपूर्वक खंडन, निवारण करना -- कक्थक्पा

निराकार (वि.) जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित -- मशक मओङ लैतबा

निराकार (पुं.) ब्रह्म -- ब्रह्म

निराधार (वि.) जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन -- तुङ्नफम् लैतबा, युंफम याओदबा

निरामिष (वि.) जिसमें मांस न मिला हो -- निरामिष, मना-मशिङ्चाबा

निरामिष (वि.) शाकाहारी -- शाङा चादबा

निराश (वि.) जिसे आशा न रह गई हो, हताशा -- निङ्बा काइबा

निरीक्षक (पुं.) जाँच-पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला -- इन्सपेक्टर

निरूपण (पुं.) छान-बीन तथा सोच विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना -- थिजिन्बा

निर्जीव (वि.) प्राणरहित, जड़, अचेतन -- थवाइ पांदबा

निर्णय (पुं.) निष्कर्ष, परिणाम, फैसला -- लेप्पा

निर्दय (वि.) दया-हीन, कठोर, निष्ठुर -- मीनुङशि याओदबा/लैतबा थौजान् हैतबा, तम्थिबा

निर्देशक (पुं.) दिशा बताने या निर्देशन करने वाला -- डाइरेक्टर

निर्दोष (वि.) दोषरहित -- दोष लैतबा

निर्दोष (वि.) जिसने कोई अपराध न किया हो, निरपराध -- मराल लैतबा

निर्धन (वि.) धन-रहित, गरीब -- मरल लैतबा, लाइरबा

निर्धारण (पुं.) तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना -- लेप्लबा

निर्बल (वि.) (शारीरिक दृष्टि से बलहीन, कमजोर) -- पाङ्गल शोन्बा

निर्बल (वि.) जिसे यथेष्ट अधिकार या सत्ता प्राप्त न हो, शक्तिहीन -- शक्ति याओदबा/लैतबा

निर्भर (वि.) किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित -- ताङ्बा

निर्मल (वि.) साफ, स्वच्छ -- निर्मल, स्वच्छ

निर्मल (वि.) निष्कपट, शुद्ध -- नमथाक् तौदबा अशेङ्बा

निर्माण (पुं.) कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना -- शेंबा, शेमगत्पा

निर्यात (पुं.) माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव -- पोत थादोक्या, माल थादोक्पा

निर्यात (पुं.) बाहर या विदेशों में भेजा हुआ माल -- मपाल्दा थोदोक्या माल

निर्वाचन (पुं.) किसी एक या अधिक को चुनना, चयन -- खनबा

निवारण (पुं.) दूर करना, हटाना -- लौथेक्या

निवेदन (पुं.) नम्रतापूर्ण अनुरोध, प्रार्थना -- हाइजबा

निवेदन (पुं.) अर्पण, समर्पण -- कत्थोक्या

निवेश (पुं.) किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूँजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूँजी आदि -- शांदोक्या, शेन थादबा इन्वैस्टमेंट

निशा (स्त्री.) रात -- अहिङ्

निशान (पुं.) चिह्न या लक्षण -- खुदम

निशान (पुं.) दाग, धब्बा -- दाग अचुबा

निशान (पुं.) झंडा या पताका -- खुदम

निश्चय (पुं.) कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना -- अरेप्पा, लेप्पा

निश्चल (वि.) अविचल, स्थिर -- लेङ्दबा

निश्चल (वि.) अपरिवर्तनशील -- अहोङ्बा

निश्चित (वि.) (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो -- लेप्नबा, लेप्नखबा

निश्चित (वि.) जो अटल या स्थिर हो -- लेङ्द्रबा

निश्छल (वि.) (व्यक्ति) छल कपट से रहित -- नम्थाक् लौनम लैतबा

निष्कर्ष (पुं.) विचार विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम -- वारोइशन, कन्क्लुजन

निष्कर्ष (पुं.) सारांश, निचोड़ -- मचड़्

निष्काम (वि.) (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएँ या वासनाएँ न हों -- अपांबा लैतबा, इराङ लैतबा/याओदबा

निष्काम (वि.) (कार्य) जो बिना किसी प्रकार की कामना के किया जाए -- फोलगी अपोबा लैतबा, अपांबा याओदबा

निष्कासन (पुं.) किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना -- तांतोक्कपा, लौथोक्पा

निष्क्रिय (वि.) क्रियारहित, निश्चेष्ट -- करिमत तौदबा

निष्क्रिय (वि.) अकर्मण्य, आलसी -- शुनिङ्दबा अतन्बा

निष्ठा (स्त्री.) दृढ़ निश्चय या विश्वास -- वारेप्, थाजबा

निष्ठा (स्त्री.) आस्था, श्रद्धा, भक्ति -- चेतना थाजबा, श्रद्धा, भक्ति

निष्ठा (स्त्री.) ईमानदारी, वफादारी -- हायबा इन्बा

निष्पक्ष (वि.) (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ -- मीचङ्, मीखाइ नाइदबा

निष्पक्ष (वि.) पक्षपात-रहित -- मीचाङ् चङ्दबा

निष्पादन (पुं.) आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना -- निङ्थिना पाङ्थोक्या, फजना तौबा

निस्पंद (वि.) जिसमें किसी प्रकार की हलचल न हो -- लेङ्दबा, अरेप्पा

निस्संदेह (वि.) जिसमें संदेह न हो, असंदिग्ध, बेशक -- चिह्न-निङ्ङाइ लैतबा

निस्संदेह (क्रि.वि.) निश्चित रूप से अवश्य -- शोइदबा

नींद (स्त्री.) निद्रा -- तुंबा

नींव (स्त्री.) जमीन के अंदर का हिस्सा, बुनियाद -- युंफम

नीचा (वि.) अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा -- हंथबा, अपिक्या

नीचा (वि.) जो किसी सम धरातल या स्तर से निम्न स्तर पर स्थित हो, निम्न -- कुत्थबा, नेम्थबा

नीचे (क्रि.वि.) किसी की तुलना में निम्न धरातल पर -- हंथबा, नेम्थबा, मखा

नीचे (क्रि.वि.) किसी की अधीनता या वश में -- मीखा पोन्बा

नीति (स्त्री.) सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम, ढंग या रीतियाँ -- निति-नियम

नीति (स्त्री.) राज्य या शासन की रक्षा और व्यवस्था के लिए स्थिर किए हुए सिद्धांत -- पालिसी, राजनीति

नीति (स्त्री.) युक्ति, तरकीब -- उपाय, पर्बि

नीलामी (स्त्री.) वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री, जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएँ बेची जाती हैं -- नीलाम ताओबा

नीहारिका (स्त्री.) रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश पुंज -- अहिङ्दा अतियादा उबा लैचिन् नोङ्फाइ गुँबा मङाल

नुकसान (पुं.) हानि, घाटा -- अमाङ्बा, माङ्बा

नुकसान (पुं.) किसी प्रकार होने वाली खराबी या विकार -- NA

नेता (पुं.) नायक -- नेता

नेता (पुं.) राजनैतिक या सामाजिक दल का अगुआ -- लुचिङ्बा

नेतृत्व (पुं.) नेता का पद तथा कार्य -- नेतागी थबक्, नेता गी फम् लम्जिङ्बा

नैतिक (वि.) नीति-संबंधी -- नियम चत्पा

नैतिक (वि.) नीति-सम्मत -- लमचत् फजबा

नौकर (पुं.) सेवक -- मीनाइ

नौकर (पुं.) कर्मचारी -- थबक तौबा, कर्मचारी

नौकरी (स्त्री.) नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव -- थबक तौबा, सर्विस

नौकरी (स्त्री.) वह पद या काम जिसके लिए वेतन मिलता हो, रोजगार -- शिन्फम्

नौका (स्त्री.) नाव, किश्ती -- हि

पंकज (वि.पुं.) कीचड़ से उत्पन्न, कमल -- थंबाल्

पंक्ति (स्त्री.) कतार -- परेङ्नाइबा

पंक्ति (स्त्री.) छपे हुए अक्षरों की एक सीध में पढ़ने के क्रम से लगी हुई श्रृंखला -- परेङ्

पंख (पुं.) पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग, जिससे वे उड़ते है, पर -- मशा

पंखा (पुं.) गर्मी से बचाव के लिए ताड़ धातु आदि की बनी वस्तु जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो -- हुम्माइ, हुमाइ

पंचांग (पुं.) वह पंजी या पुस्तिका, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का उल्लेख होता हो, जंत्री, पत्रा -- पानजि, खुत्पाइ, पंचाग

पंचायत (स्त्री.) गाँव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा, जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय तथा विकास कार्य करती है -- पंचायत

पंछी (पुं.) पक्षी, परिंदा -- उचेक्

पंडित (नि.) कुशल, निपुण -- खङ्हैबा

पंडित (पुं.) शास्त्रों आदि का ज्ञाता, ब्राह्मण -- पंडित

पंथ (पुं.) मार्ग, रास्ता -- लंबी

पंथ (पुं.) धार्मिक मत या संप्रदाय -- धर्मगी काङ्लुप

पकड़ना (स.क्रि.) थामना -- पाइबा

पकड़ना (स.क्रि.) बंदी बनाना -- फाबा

पकाना (स.क्रि.) अन्न, फल आदि को इस प्रकार आँच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य ह जाएँ -- थोङ्बा

पक्का (वि.) दृढ़, निश्चित, स्थिर -- अचेत्पा

पक्का (वि.) अच्छी तरह से पका या पकाया हुआ -- अमुन्बा

पक्ष (पुं.) पक्षियों का डैन या पंख -- उचेक्की मथा

पक्ष (पुं.) किसी विचार, सिद्धांत या तथ्य आदि का एक पहलू -- नाकल्, नाकन

पक्ष (पुं.) चांद्रमास के दो बराबर भागों में से प्रत्येक भाग, जो प्रायः 15 दिन का होता है, पखवाड़ा -- थखाइ

पक्षपात (पुं.) अनुचित रूप से किसी का पक्ष लेना -- मीचङ्

पक्षी (पुं.) परों वाला, पंछी, परिंदा -- उचेक्

पखवाड़ा (पुं.) पंद्रह दिनों का समय, पक्ष -- नुमित् तरा मङ्निगी मतम, थकाइ

पगडंडी (स्त्री.) आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ सँकरा मार्ग -- खोङ् लंबी

पचाना (स.क्रि.) खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना -- तुम्हन्बा

पछताना (अ.क्रि.) पश्चाताप करना -- निङ्डम्दबा

पछाड़ना (स.क्रि.) कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना -- थाबा, माइथिबा

पटकना (स.क्रि.) किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झटके के साथ पृथ्वी पर गिराना -- थदबा

पटरी (पटड़ी) (स्त्री.) सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ -- खोङ् लंबी

पटरी (पटड़ी) (स्त्री.) लोहे के लंबे छड़, जिन पर रेलगाड़ी चलती है -- पटड़ी

पटरी (पटड़ी) (स्त्री.) काठ का छोटा पतला और लंबोतरा टुकड़ा, छोटा पटरा -- पत्ती

पटसन (पुं.) सन नामक प्रसिद्ध पौधा, जिसके डंठलों के रेंशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं -- अनान्बा पांबी

पटसन (पुं.) सन के रेशे, जूट -- लिमोन

पटाखा (पटाका) (पुं.) एक प्रकार की आतिशबाजी, जिससे जोर से पट या पटाक की ध्वनि होती है -- बंबुला

पड़ना (अ.क्रि.) गिरना, पड़े रहना -- ताबा, थंबा

पड़ना (अ.क्रि.) लेटना, बीमार होना -- हिप्पा, नारि शरि तौबा

पड़ाव (पुं.) मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहाँ सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम करने को ठहरते हैं -- पन्फम, थुङ्फम

पतंग (स्त्री.) बाँस की कमानियों के ढाँचे पर कागज़ मढ़कर बनाई हुई वस्तु, जिसे तागे से बाँधकर हवा में उड़ाते हैं -- तेलङ्गा

पतंग (पुं.) पतंगा, शलभ -- मैरान्बी

पतन (पुं.) अधोगति, गिरावट -- लैखा ताबा, हापथ-रक्पा

पतन (पुं.) निंदनीय आचरण में प्रवृत्त होना -- लमचत् नाइदबा

पतला (वि.) जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो -- अपाबा

पतला (वि.) कृश, दुबला -- मयाङ् कङ्बा

पतला (वि.) सँकरा, बारीक -- अखुबा, मकुप

पता (पुं.) किसी वस्तु स्थान या व्यक्ति का ठिकाना -- लैफम

पता (पुं.) किसी व्यक्ति, विषय आदि के संबंध में जानकारी -- फजना खङ्बा

पताका (स्त्री.) झंडा, ध्वजा -- फिराल

पताका (स्त्री.) साहित्य में (नाटक में) आधिकारिक कथा की सहायतार्थ दूर तक चलने वाली प्रासंगिक कथा -- NA

पत्तन (पुं.) वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान -- हिथाङ्फम्, ताफम

पत्ता (पुं.) पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्रायः हरे रंग के चपटे लचीले अवयव -- मना

पत्ता (पुं.) ताश (प्लेइंगकार्ड) -- जुवा-चे

पत्थर (पुं.) धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य -- नुङ्

पत्रकार (पुं.) वह व्यक्ति, जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) -- पाओमी, जर्नलिस्ट

पत्राचार (पुं.) परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार -- चिट्ठी थान्बा

पथ (पुं.) मार्ग, रास्ता, राह -- लंबी

पथ (पुं.) कार्य या व्यवहार की पद्धति -- थौओङ्

पथ-प्रदर्शक (पुं.) किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक -- लम्यान्बा लम्ताक्या

पथ-प्रदर्शक (पुं.) न्याय मार्ग अथवा आचरण से विमुख -- लम्माङ्नबा

पथिक (पुं.) बटोही, राही -- लंबी चत्पा

पथ्य (वि.) गुणकारी, लाभदायक -- कान्ननिङ्ङाइ ओइबा

पथ्य (पुं.) वह हल्का भोजन, जो रोगी व्यक्त को दिया जाए -- अचंबा चिन्जाक्, चम्थोङ्

पद (पुं.) कदम, पाँव, पैर -- खोङ्

पद (पुं.) वाक्य का अंश या खंड -- वाहै परेङ्गी शरुक खरा

पद (पुं.) ओहदा, उपाधि -- फम

पद (पुं.) छंद, श्लोक आदि का चतुर्थांश -- शैरेङ्, चरण

पदचाप (स्त्री.) चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि -- खोङ्थाङ् मखोल

पद-चिह्न (पुं.) पैरों की छाप -- खोङ्गुन्

पद-चिह्न (पुं.) बड़ों द्वारा बतलाए हुए आदर्श अथवा कार्य करने का ढंग -- खोङ्फम् गी मतुङ् इन्ना तौरक्पा

पद्धति (स्त्री.) कार्य करने का तरीका, कार्य प्रणाली -- थौओङ्

पद्धति (स्त्री.) रीति, पथ मार्ग -- लम्बी

पनघट (पुं.) वह घाट या स्थान, जहाँ से लोग पानी भरकर लाते हैं -- हिदेन, इशिङ् शोक्फम

पनडुब्बी (स्त्री.) पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) -- सबमरीन

परंतु (अव्य.) इतना होने पर भी, लेकिन, पर -- अदुबु, तौइगुंबसुङ्

परंपरा (स्त्री.) सिलसिला, क्रम -- मथङ् मनाओ, मथङ् मथङ्

परंपरा (स्त्री.) रीति, रिवाज, प्रथा -- चत्नबी

परखना (स.क्रि.) अच्छे-बुरे की पहचान करना -- चाङ्‍येङ्

परदा (पुं.) आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टाँगा जाने वाला कपड़ा आदि -- परदा, फिजङ्

परदा (पुं.) घूँघट -- माइखुम

परदा (पुं.) टी.वी., सिनेमा आदि में प्रयुक्त पटल -- NA

परदेसी (वि.) जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में गया हो -- अतोप्पा, लम्गी मीरैबाक्तगी लाक्या

परम (वि.) मुख्य, प्रधान -- मरु ओइबा

परम (वि.) अत्यधिक -- अथोइबा

परमाणु (पुं.) किसी तत्व का एक अविभाज्य टुकड़ा -- अकुप्पा

परमात्मा (पुं.) ईश्वर, परब्रह्म -- ईश्वर

परमार्थ (पुं.) मोक्ष -- अरान खुबम फङ्बा

परमार्थ (पुं.) परोपकार -- मीगी कान्नबा तौबा, अतोप्पगी फनबा तौबा

परलोक (पुं.) इह लोक से भिन्न दूसरा लोक -- परलोक

परसों (अव्य.) बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन -- नहाल

परस्पर (क्रि.वि.) आपस में -- मशेल

पराकाष्ठा (स्त्री.) चरम सीमा, हद -- अयौबी थाक्

पराक्रम (पुं.) शौर्य, सामर्थ्य, बल -- शक्ति, पाङ्गल

पराग (पुं.) फूल के लंबे केसरों पर जमे रहने वाले रज कण -- लैरिक्

पराजय (स्त्री.) हार, विजय का उल्टा -- माइथिबा

पराधीनता (स्त्री.) दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था -- मीखा पोन्बा

परामर्श (पुं.) सलाह, सम्मति -- वा तानबा

परामर्श (पुं.) विवेचन, विचार -- खन्ना नैनबा

पराया (वि./पुं.) जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न -- अतोप्पा, लमलानबा

परिक्रमा (स्त्री.) चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना -- कोइबा

परिक्रमा (स्त्री.) धार्मिक एवं खगोलीय संदर्भ में किसी तीर्थ, देवता या मंदिर के चारों ओर भक्ति और श्रद्धा से तथा पुण्य की भावना से चक्कर लगाने की क्रिया -- परिक्रमा

परिचय (पुं.) ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्रायः प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान -- शक्-खङ्नबा

परिचय (पुं.) किसी व्यक्ति के नाम धाम या गुण-कर्म आदि से संबंध रखने वाली बातें जो किसी को बतलाई जाएँ -- शक् खङ्नबा, शक्-ताक्या

परिचर्या (स्त्री.) किसी के द्वारा दी जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएँ, सेवा सुश्रुषा -- सेवा तौबा

परिचर्या (स्त्री.) रोगी की सुश्रुषा -- अनाबगी सेवा

परिचारिका (स्त्री.) सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) -- सेवा तौबी, नर्स

परिच्छेद (पुं.) अध्याय, प्रकरण -- अध्याय, ताङ्कक्

परिजन (पुं.) चारों ओर के लोग विशेषतः परिवार के सदस्य -- इमुङमनुङगी मी

परिजन (पुं.) अनुगामी और अनुचर वर्गः संबंधी -- मनाइ-मशन्, तुङ्इन्बा

परिणाम (पुं.) किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त हाने वाला फल (रिजल्ट) -- फोल, रिजल्ट

परिणाम (पुं.) किसी कार्य के उपरांत क्रियात्मक रूप से पड़ने वाला प्रभाव (कांसीक्वेंस) -- तौरुरिबा थबक्की फोल

परित्याग (पुं.) अधिकार, स्वामित्व, संबंध तथा निजी संपत्ति आदि का सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना -- पुम्नमक थादोक्पा लैजबा पुंबा थादोक्या

परिधि (स्त्री.) वृत्त की रेखा -- अकोइबा

परिधि (स्त्री.) किसी गोलाकार वस्तु के चारों ओर खिंची हुई वृत्ताकार रेखा -- अकोइबा

परिधि (स्त्री.) वह गोलाकार मार्ग, जिस पर कोई चीज चलती, घूमती या चक्कर लगाती हो -- इकोइ कोइशिन्बा

परिपक्व (वि.) जो विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो -- मपुङ् फारबा

परिपक्व (वि.) अच्छी तरह से पका हुआ -- ममूल फारबा

परिभाषा (स्त्री.) ऐसा कथन या वाक्य, जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) -- मयेक शेङ्ना शक्ताक वाहै परेङ्, डेफिनिशन

परिमाण (पुं.) गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल -- चाङ ओन्बा

परिमाण (पुं.) नाप-जोख, तोल आदि की दृष्टि से किसी वस्तु की लंबाई-चौड़ाई, भार, घनत्व, विस्तार आदि, मान (क्वान्टिटी) -- ओनथोक्लबा, चाङ्

परिमार्जनन (पुं.) साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना -- शुदोक्या

परिमार्जनन (पुं.) अच्छी तरह साफ करना -- चाम्थोक्या

परिमार्जनन (पुं.) भूलें आदि सुधारना -- शेम्दोक्या

परिवर्धन (पुं.) आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि -- शेमृजिन्बा

परिवर्तन (पुं.) बढ़ाया हुआ अंश -- शाजिन्बा

परिवहन (पुं.) माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रांसपोर्ट) -- ट्रान्सपोर्ट, पुथोक् पुशिन् तौबा

परिवार (पुं.) एक परिवार में और विशेषतः एक कर्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग, कुटुंब (फैमिली) -- इमुङ् मनुङ्

परिवार (पुं.) समान गुणधर्म वाला वर्ग -- इमुड्, मनुड्

परिवार नियोजन (पुं.) जनसंख्या नियंत्रण का तरीका (फैमिली प्लानिंग) -- अङाङ् पोक्तनबा थौराङ्, फैमिली प्लानिंग

परिवेश (पुं.) परिधि, घेरा, चारों तरफ का माहौल -- नाक्-येत्, अकोइबा

परिशिष्ट (वि.) छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट -- वात्हौबा

परिशिष्ट (पुं.) पुस्तकों आदि के अंत में दी जाने वाली वे बातें, जो मूल में आने से रह गईं हों अथवा जो मूल में आई हुई बातों के स्पष्टीकरण के लिए हों -- लाइरिक्की मनिङ्दा हापचिल्लकपा शरुक

परिश्रम (पुं.) मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत -- नौबा, होलबा

परिषद् (स्त्री.) किसी संस्था के निर्वाचित या मनोनीत सदस्यों का समूह कौंसिल -- परिषद्

परिषद् (स्त्री.) सभा -- सभा

परिष्कार (पुं.) अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव -- शेम्दोक्या

परिष्कार (पुं.) त्रुटियाँ, दोष आदि दूर करके सुंदर, सुरुचिपूर्ण और स्वच्छ बनाना -- चुम्थोक्पा, शेङ्दोक्पा

परिष्कार (पुं.) निर्मलता, स्वच्छता -- तरु-तरुबा, अरुबा

परिस्थिति (स्त्री.) चारों ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिल) -- फिभम, अकोइबगी फिभम

परीक्षण (पुं.) परीक्षा करने या लेने की क्रिया -- परीक्षा

परीक्षण (पुं.) जाँच, परख -- चाङ्येङ्बा

परीक्षा (स्त्री.) किसी के गुण, धैर्य, योग्यता, सामर्थ्य आदि की ठीक ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव -- लाप्थो-क्खिबा

परीक्षा (स्त्री.) जाँच-पड़ताल या देख-भाल -- नाकोइनबा

परोक्ष (वि.) आंखों से ओझल -- खुमज-निखबा

परोक्ष (वि.) जो सामने न हो, अनुपस्थित -- मीत्माङ्दा

परोक्ष (वि.) छिपा हुआ, गुप्त -- मीत्माङदा लैतबा

परोक्ष (पुं.) आँखों के सामने न होने की अवस्था, अनुपस्थिति -- NA

परोक्ष (पुं.) व्याकरण में पूर्ण भूतकाल -- NA

परोपकार (पुं.) दूसरों की भलाई का काम -- अतोप्पगी याइफनबा तौबा, मीगी काननबा तौबा

पर्यटक (पुं.) देश-विदेश में घूमनेफिरने वाला -- लम् कोइगन्बा

पर्यटन (पुं.) अनेक महत्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए किया जाने वाला भ्रमण -- लम् कोइबा

पर्याप्त (वि.) जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी -- मतिक्, चाबा अर्थ-मान्नबा वाहै

पर्याय (पुं.) समानार्थक शब्द -- शरुक, कुम्है

पर्व (पुं.) ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग -- चीङ् काबा

पर्व (पुं.) उत्सव और त्योहार -- NA

पर्वतारोहण (पुं.) पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया -- लैथोक्खि चेन्थोक्खिबा

पलायन (पुं.) निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव -- नुङ्शित्

पवन (पुं.) वायु, हवा -- अशेङ्बा

पवित्र (वि.) शुद्ध, पाक -- थमोइ शेङ्बा

पवित्र (वि.) पूज्य व्यक्ति -- अरुबा, अशेङ्बा मोत्बा

पवित्र (वि.) साफ, स्वच्छ, निर्मल -- NA

पशु (पुं.) जानवर, डंगर, चौपाया -- शा

पश्चाताप (पुं.) पछतावा, किसी कर्म के बाद उसके अनौचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दुःख -- निङ्ड़म्दबा

पसारना (स.क्रि.) अधिक विस्तृत करना -- शंदोक्या

पसारना (स.क्रि.) फैलाना -- तिङ्थोक्पा

पसीना (पुं.) ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगों में से निकलने वाले जलकण, स्वेद -- हुमाङ्

पहचान (पहिचान) (स्त्री.) पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति -- मशक् खङ्बा

पहचान (पहिचान) (स्त्री.) कोई ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे पता चले कि वह अमुक व्यक्ति या वस्तु है -- मशक् खङ्नबा

पहचान (पहिचान) (स्त्री.) परिचय -- मशक ताकपा

पहचानना (स.क्रि.) चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर व्यक्ति या वस्तु को जानना या समझ लोना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ -- मशक खङ्बा

पहचानना (स.क्रि.) किसी वस्तु या व्यक्ति के गुण दोषों, योग्यताओं आदि से भली भाँति परिचित होना -- निथिजना खङ्बा

पहनना (स.क्रि.) कपड़े, गहने आदि धारण करना -- शेत्पा

पहनावा (पुं.) पहनने के कपड़े, पोशाक -- पीजेत, पोशाक

पहनावा (पुं.) किसी जाति, देश आदि के लोगों द्वारा सामान्यतः पहने जाने वाले कपड़े -- फीजेत, फीजोल

पहरेदार (पुं.) चौकीदार, संतरी -- चौकिदार, थौङ्ङ्कपा

पहलवान (पुं.) कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति -- मल तौबा मी

पहला (वि.) समय के विचार से जो आदि में हुआ हो -- अहौबा, अहान्बा

पहला (वि.) प्रथम -- अडौबा, अहान्बा

पहला (वि.) वर्तमान से पूर्व का, विगत -- हान्नगी

पहले (क्रि.वि.) आदि, आरंभ या शुरू में, सर्वप्रथम -- अहौबा, इहान हान्बा

पहले (क्रि.वि.) काल, घटना, स्थिति आदि के क्रम के विचार से आगे या पूर्व -- ममाङ्

पहले (क्रि.वि.) बीते हुए समय में, पूर्वकाल में, पुराने जमाने में -- ममाङ्ङैदा, हौखबदा

पहाड़ (पुं.) पर्वत, चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊँचा होता है -- चीङ् काबा

पहाड़ा (पुं.) किसी अंक की गुणन सारणी -- शुप्लाक्

पहिया (पुं.) गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा, जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है -- काङ्खोङ्

पहिया (पुं.) यंत्र का चक्र, यंत्रों आदि में लगा हुआ उक्त प्रकार का गोलाकार, जिसके घूमने से उस यंत्र की कोई क्रिया संपन्न होती है -- चका

पहुँचना (अ.क्रि.) (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना -- यौबा

पहुँचना (अ.क्रि.) किसी स्थान या पद आदि को प्राप्त होना -- फङ्बा

पांडुलिपि (स्त्री.) पुस्तक, लेख आदि की हस्तलिखित या मुद्रण योग्य प्रति -- खुत्ई, पांडुलिपि

पाक्षिक (वि.) चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला -- पाङ्खत्ल-क्पगी

पाक्षिक (वि.) जो एक पक्ष (15 दिन) में एक बार होता है -- तरा मङा-निपालबा, ताखाइ

पाखंड (पुं.) दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति -- तात् तौशिन्नबा लाइनिङ्बा

पाखंड (पुं.) पूजा-पाठ आदि का आडंबर, ढकोसला ढोंग -- नम्थाक्, तौशिनन्बा

पागल (वि.) जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी -- अङ्ओबा

पाचक (वि.) पचाने वाला -- तुम्ननबा

पाचक (पुं.) वह दवा जो खाई हुई चीज को पचाती या पाचन शक्ति बढ़ाती हो -- तुम्ननबा हिदाक्

पाठक (पुं.) पढ़ने वाला -- परिबा, अपाबा मी

पाठशाला (स्त्री.) वह स्थान, जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय -- महैतंफम्शङ्, स्कूल

पाताल (पुं.) पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक -- लैखा, पाताल

पाताल (पुं.) बहुत अधिक गहरा और नीचा स्थान -- पाताल

पात्र (पुं.) वह आधान, जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन -- मोत् हाप्ननबा पात्र

पात्र (पुं.) ऐसा व्यक्ति, जो किसी काम या बात के लिए सब प्रकार से उपयुक्त या योग्य समझा जाता हो -- मतिक् चारबा

पात्र (पुं.) उपन्यास, कहानी, काव्य, नाटक आदि में वे व्यक्ति, जो कथा-वस्तु की घटनाओं के घटक होते हैं और जिनके क्रिया कलाप या चरित्र से कथा वस्तु की सृष्टि और परिपाक होता है -- पात्र

पाना (स.क्रि.) प्राप्त करना -- फङ्बा

पाप (पुं.) धर्म और नीति के विरुद्ध किया जाने वाला ऐसा निंदनीय आचरण या काम, जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो -- पाप, अधर्म, नीति बिरुद्ध

पारंगत (वि.) जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो -- महै, नत्रगा शास्त्र दा निङ्थिना लौशिङ् त्रान लैरबा, पारंगत

पार (पुं.) झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा -- वाङ्मा

पार (पुं.) किसी काम या बात का अंतिम पार, छोर या सिरा, विस्तार या व्यक्ति की चरम सीमा या हद -- वाङ्मा लाल्बा

पारदर्शी (वि.) जिसके आर-पार देखा जा सके -- मनुङ् हुत्ना खङ्बा, उबा

पारदर्शी (वि.) दूरदर्शी, पारदर्शक -- तुङ्गी खन्बा ङ्म्बा

पारस (पुं.) एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श मात्र से लोहा सोना हो जाता है -- पारस

पारावार (पुं.) समुद्र -- समुद्र

पारिभाषिक (वि.) परिभाषा-संबंधी -- करिगुंबा पोत् अमबु मशक् ताक्या वाहै नत्रगा वाहै परेङ् ङमखे लेप्पा

पारिभाषिक (वि.) (शब्द) जो किसी शास्त्र या विषय में अपना साधारण से भिन्न कोई विशिष्ट अर्थ रखता हो (टेक्नीकल) -- डेफिनेशन्

पारिश्रमिक (पुं.) किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) -- खुत्शुमन, होत्नमन

पालकी (स्त्री.) बैठने का एक प्रसिद्ध साधन, जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं -- दोलाइ

पालतू (वि.) (पशु-पक्षियों के संबंध में) जो घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) -- युमदा योक्या

पालन (पुं.) भरण-पोषण, परवरिश -- योक्या-थाक्या, योक्या

पालन (पुं.) आज्ञा, आदेश, कर्तव्य, वचन आदि का यथावत निर्वाह -- ङाक्या

पालना (स.क्रि.) भरण-पोषण करना, परवरिश करना -- योक्या-थाक्या

पालना (स.क्रि.) पशु-पक्षियों को अपने पास रख कर खिलाना-पिलाना, पोसना -- योक्पा

पालना (स.क्रि.) आज्ञा, आदेश, प्रतिज्ञा, वचन आदि के अनुसार आचरण या व्यवहार करना -- ङाक्पा

पालना (पुं.) शिशुओं का झूला -- NA

पावन (वि.) पवित्र -- अशेङ्बा

पावन (वि.) (समस्त पदों के अंत में) पवित्र करने या बनाने वाला -- NA

पाश (पुं.) वह चीज, जिससे किसी को बांधा जाए, बंधन, फंदा -- फाजिन्बा, फाबा थुबा कोनशिन्बा

पास (क्रि.वि.) जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप -- मनाक्ता (अ.पु) ननाक्ता (म.पु.) इनाक्ता (उ.पु.) नक्ना

पास (क्रि.वि.) अधिकार में, हाथ में -- खूत्ता

पास (क्रि.वि.) जो जाँच, परीक्षा आदि में उपयुक्त या ठीक ठहरा हो -- पास तौबा

पिंजरा (पुं.) धातु, बाँस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्से की तरह का वह आधान, जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं -- पोन्

पिंड (पुं.) घनी या ठोस चीज का छोटा और प्रायः गोलाकार खंड -- मतुम ताबा, लैतुम

पिंड (पुं.) जौ के आटे, भात आदि का बनाया हुआ वह गोलाकार खंड, जो श्राद्ध में पितरों के उद्देश्य से वेदी आदि पर रखा जाता है -- याम, चेङ्ना मतुम ताशिन्लगा शेंबा पिंड

पिंडदान (पुं.) कर्मकांड के अनुसार पितरों को पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है -- पिंडदान, सोरात्ता पिंड कत्पा

पिचकारी (स्त्री.) नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण, जिसके मुँह पर एक या अनेक ऐसे छोटे छोटे छेद होते हैं, जिनसे नली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है -- पिचकारी

पिछला (वि.) जो पीछे की ओर हो -- तुङ्गी खन्बा ङ्म्बा

पिछला (वि.) काल, घटना, स्थिति के क्रम के विचार से किसी के पूर्व में या पहले पड़ने या होने वाला -- प्रीसीडिंग, माङ्जौनना लेप्ना खन्नखिबा थबक

पिछला (वि.) बीता हुआ -- हौखिबा

पिपासा (स्त्री.) पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास -- खौराङ्बा

पिशाच (पुं.) भूत या प्रेत योनि वाला वर्ग जिसकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाला माना जाता है -- भूत-प्रेत, चिङ्चाबा

पीछे (क्रि.वि.) पीठ की ओर -- तुङ्लोमदा, मतुङ्दा

पीछे (क्रि.वि.) कालक्रम, देश आदि के विचार से किसी के पश्चात् या उपरांत, घटना या स्थिति के विचार से किसी के अनंतर, उपरांत, पश्चात् -- मतुङ्दा

पीछे (क्रि.वि.) किसी के कारण या खातिर, निमित्त, के लिए वास्ते -- माना मरम ओइदुना

पीटना (स.क्रि.) हाथ, डंडे आदि से प्रहार करना, चोट पहुँचाना -- फूबा

पीटना (स.क्रि.) चौसर, शतरंज आदि के खेलों में विपक्षी की गोट या मोहरा मारना -- फुबा

पीठिका (स्त्री.) छोटा पीढ़ा, पीढ़ी -- फाल्

पीठिका (स्त्री.) वह आधार, जिस पर कोई चीज विशेषतः देवमूर्ति रखी, लगाई या स्थापित की गई हो -- फाल्

पीड़ा (स्त्री.) शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द -- अनाबा चैना, हक्चाङ्गी नत्रगा पुक्निङ्गी

पीढ़ी (स्त्री.) किसी कुल या वंश की परंपरा में क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति -- मीरोल

पीढ़ी (स्त्री.) किसी विशिष्ट समय का वह सारा जन समुदाय जिसकी वय में अधिक छोटाई बढ़ाई न हो, लगभग समान वय वर्ग वाला -- मीरोल

पीढ़ी (स्त्री.) छोटा पीढ़ा -- अपिक्या फाल

पीना (स.क्रि.) किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट में उतारना -- थक्पा

पीना (स.क्रि.) धूम्रपान करना या शराब आदि से नशा करना -- थक्पा

पीला (वि.) जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो -- नापु

पीला (वि.) आभा-रहित, निष्प्रभ -- ताइफेत् ताइबा

पीसना (स.क्रि.) रगड़ कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना -- तक्या, नेत्तपा

पुंज (पुं.) ढेर, राशि -- काङ्लूप, मपै

पुकार (स्त्री.) जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव -- कौबा

पुकार (स्त्री.) आत्मरक्षा, सहायता आदि के लिए दूसरों को बुलाने की क्रिया या भाव -- कौबा

पुकारना (स.क्रि.) किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना -- कौबा

पुकारना (स.क्रि.) रक्षा, सहायता आदि के लिए किसी का आह्वान करना, आवाज लगाना या चिल्लाना -- कौबा

पुचकारना (स.क्रि.) प्यार जताते हुए मुँह से पुच पुच शब्द करना -- नुङ्शिना ला-ला कौबा

पुजारी (पुं.) किसी देवी देवता की मूर्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति -- लाइ तौबा

पुण्य (वि.) धर्म-विहित और उत्तम फल-दायक -- अफबा कर्म तौतबगी फल, पुण्य

पुण्य (पुं.) अच्छे और शुभ कर्मों का संचित रूप, जिसका आगे चलकर उत्तम फल मिलता हो -- पुण्य (अफबा अमसुङ् याइफबा थबक तौतबना मतुङ्दा अफबा फल लाक्पा, फङ्बा)

पुण्य (पुं.) धार्मिक दृष्टि से कुछ विशिष्ट अवसरों पर कुछ विशिष्ट कर्म करने से प्राप्त होने वाला शुभ फल -- अफबा कर्म तौबगी फल, पुण्य

पुनरावृत्ति (स्त्री.) किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव -- हन्जिन्बा

पुनरीक्षण (पुं.) किसी किए हुए काम को जाँचने के लिए फिर से देखना -- अमुक हन्ना येङ्बा

पुनर्जन्म (पुं.) मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दुबारा शरीर धारण करना -- अमुक हन्ना पोक्या

पुनीत (वि.) पवित्र -- अशेङ्बा

पुरस्कार (पुं.) किसी प्रशस्त और कठिन कार्य को सफलतापूर्वक करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या वस्तु -- मना (प्राइज, एवाई, रिवार्ड)

पुरुषार्थ (पुं.) वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन, जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्तव्य हो (पुरुषार्थ चार हैं-धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) -- नुपा थोक्या

पुरुषार्थ (पुं.) उद्योग, उद्यम -- होलबा कन्बा, मथौ मशक् खङ्बा, नोंबा कन्बा

पुरोहित (पुं.) कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण, जो धार्मिक कार्य, संस्कारादि संपन्न कराता है (हिंदू प्रीष्ट) -- पुरोहित

पुल (पुं.) खाइयों, नदी-नालों, रेल लाइनों आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और व्यक्ति इधर से उधर आते-जाते हैं, सेतु (ब्रिज) -- थोङ्

पुष्प (पुं.) फूल, कुसुम -- लै

पुष्पांजलि (स्त्री.) फूलों से भरी हुई अंजलि, जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है -- लै खुजोक्

पुस्तकालय (पुं.) वह स्थान, जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं -- लाइरिक्थंकमशङ्

पूँजी (स्त्री.) जोड़ा या जमा किया हुआ धन -- तुङ्शिन्जबाशेल

पूँजी (स्त्री.) ऐसा धन, जो अधिक कमाने के उद्येश्य से व्यापार आदि में लगाया गया हो अथवा ऋण आदि पर उधार दिया गया हो -- ललोलशेल

पूछताछ (स्त्री.) किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना -- हङ्खोत्पा, वाफम् असबु खङ्नबा हन्ना हन्ना हङ्बा

पूछना (स.क्रि.) किसी बात के बारे में जिज्ञासावश कोई प्रश्न करना -- हङ्बा

पूछना (स.क्रि.) जाँच, परीक्षा आदि के प्रसंग में किसी के सामने कुछ प्रश्न रखना कि वह उसका उत्तर दे -- वाहङ् हङ्बा

पूछना (स.क्रि.) किसी का हाल-चाल या खोजखबर लेना -- पाओ हङ्बा

पूजना (स.क्रि.) देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल, नैवेद्य आदि चढ़ाना -- कत्पा, कत्वबा

पूजना (स.क्रि.) किसी को परम श्रद्धा, भक्ति से देखना और आदरपूर्वक उसकी सेवा तथा सत्कार करना -- नोल्लुकपा भक्तिगा लोइनना अमदि इकाइ खुम्नना सेवा-तौबा

पूजनीय (वि.) पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय -- पूजा तौबदा मतिक चारबा, इकाइ खुम्ननिङ्ङाई ओइरबा

पूजा (स्त्री.) किसी देवी देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन -- पूजा, लात्पा

पूजा (स्त्री.) बहुत अधिक आदर-सत्कार -- लात्पा

पूरा (वि.) पूरी तरह से भरा हुआ, परिपूर्ण -- मपुम, फाना पनबा

पूरा (वि.) समग्र, समूचा, सारा, कुल -- अपुन्बा, पुलप, पुम्नमक

पूर्ण (वि.) जो पूरी तरह से भरा हुआ हो -- थन्बा, पिक् थन्बा

पूर्ण (वि.) सब प्रकार की यथेष्टता के कारण जिसमें कुछ भी अपेक्षा, अभाव या आवश्यकता न रह गई हो, सबका सब, पूरा, सारा, समस्त -- वात्तबा, पुम्नमक

पूर्ण (वि.) हर तरह से ठीक और पूरा -- मपुङ् फाबा

पूर्णमासी (स्त्री.) चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जिसमें चंद्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी -- पूर्णिमा

पूर्णिमा (स्त्री.) दे. पूर्णमासी -- पूर्णिमा

पूर्वज (पुं.) बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा -- इपा-इपु

पूर्वानुमान (पुं.) किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान -- माङ्जौनना लामशिन्बा, भावना शाबा

पूर्वाभास (पुं.) किसी बात या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान -- माङ्जौनना भावना शाजिन्बा

पूर्वाह्न (पुं.) दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर तक का समय -- अयुक्तगी नुमित्, युङ्बा फाओबगी मतम

पृथ्वी (स्त्री.) सौर जगत का पाँचवाँ सबसे बड़ा ग्रह, जिस पर जीवन तथा वनस्पति है -- पृथ्वी, मालेम

पृथ्वी (स्त्री.) आकाश तथा जल से भिन्न वह अंश, जिस पर मनुष्य तथा पशु विचरण करते तथा पेड़-पौधे उगते हैं, जमीन, मिट्टी -- लैबाक

पृष्ठभूमि (स्त्री.) पिछला भाग -- मनिङ् थङ्बा शरुक्की लम

पृष्ठभूमि (स्त्री.) पहले की वे सब बातें और परिस्थितियाँ, जिसके आगे या सामने कोई नई विशेष बात या घटना हो और जिनके साथ मिलान करने पर उस बात या घटना का रूप स्पष्ट होता है, भूमिका (बैकग्राउंड) -- वाहौदोक, करिगुंबा थौदोक अमा थोक्ल-क्नबगी मरम शुगाइबा ताक्या वारोल

पेचीदा (वि.) जिसमें बहुत से पेंच हो, घुमाव-फिराव वाला -- चयेत्नबा

पेचीदा (वि.) (काम या बात) जिसमें बहुत-सी उलझनें, कठिनाइयाँ या झंझट हों -- चयेत्-खोयेत्नबा थुना फोल ताबा ङम्दबा

पेटी (स्त्री.) कमर में लपेट कर बाँधने का तसमा, कमरबंद -- पेटी

पेटी (स्त्री.) छोटा संदूक, संदूकची, छोटी डिबिया -- उपु मचा

पेड़ (पुं.) वृक्ष -- उपांबी

पेशगी (स्त्री.) अग्रिम धन -- माङ्जौनना पीबा पैसा, एडवान्स

पेशा (पुं.) व्यवसाय, धंधा -- शिन्फम्

पैदावार (स्त्री.) फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन -- पुथोक्या

पोंछना (स.क्रि.) किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि वह उस स्थान की नमी को सोख ले -- तैथोक्पा

पोत (पुं.) जहाज, जलयान -- जहाज़

पोशाक (स्त्री.) पहनावा, लिबास -- पोशाक, फीजोल्

पोषण (पुं.) पुष्ट करना, लालन-पालन -- झकपा योक्-थाक्या

पौधा (पुं.) छोटा पेड़, नया पेड़ -- अपिक्या पांबी

पौना (पौन) (वि.) तीन चौथाई -- शरुक् मरि थोक्यगी अहुम

पौरुष (पुं.) पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम -- मथौना लैबा, होत्नबा कन्बा निबा थोक्या

पौष्टिक (वि.) पुष्ट करने वाला, शक्तिवर्धक -- मचि याओबा, पाङ्गन याओबा

प्याऊ (पुं.) वह स्थान, जहां राह चलते लोगों को मुफ्त पानी पिलाया जाता है -- लंबी चत्पा मीओइ-शिङ्बू लेम्ना ईशिङ् पीथकफम

प्यार (पुं.) स्नेह, प्रेम, अनुराग -- नुङ्शिबा, पामजबा, निङ्जबा

प्यारा (वि.) जो देखने में अच्छा और भला लगे -- नुङ्शिरबा, मतौ लैबा, येङ्बा नुङ्ङाइबा

प्यारा (वि.) स्नेह या प्रेम का पात्र -- नुङ्शिनिङ्ङाइ ओइबा

प्याला (पुं.) एक प्रकार की कटोरी (कप) -- कप, प्याला

प्यास (स्त्री.) वह स्थिति,जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा,पिपासा -- खौराङ्बा

प्रकट (वि.) ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत -- फोङ्दोक्पा

प्रकांड (वि.) उत्तम, सर्वश्रेष्ठ -- अथोइबा

प्रकृति (स्त्री.) विश्व में रचना या सृष्टि करने वाली मूल नियामक तथा संचालन शक्ति, कुदरत (नेचर) -- प्रकृति, महौशा लाइरेंबी

प्रकृति (स्त्री.) सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव -- हौनसागी ओइबा गुण, स्वभाव

प्रकोप (पुं.) अत्यधिक क्रोध -- का हेन्ना शाओरबा

प्रकोप (पुं.) किसी बीमारी का जोर -- लाइचत्

प्रखर (वि.) तीक्ष्ण, उग्र, तेज -- अथौबा

प्रगतिशील (वि.) जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो -- माङ्लोम्दा चङ्शिल्लकइबा, चाओखत् खोङ्थाङ्दा चङ्शिल्ल वइबा

प्रचंड (वि.) अति तीव्र, भयंकर -- अकन्बा, अकिबगी मशक ओइबा लाल

प्रचलित (वि.) जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो -- चत्नरिबा, शिजिन्नरिबा

प्रचार (पुं.) वह प्रयास, जो किसी बात या सिद्धांत को फैलाने के लिए किया जाता है -- शंदोक्या, प्रचार तौबा

प्रचुर (वि.) बहुत अधिक, प्रभूत -- का हेन्ना

प्रजनन (पुं.) जन्म देना, संतान उत्पन्न करना -- मचा पोक्य

प्रजनन (पुं.) पशुओं आदि को पाल पोस कर उनकी उन्नति और वृद्धि करना -- मचा लौबा, मचा थोक्या

प्रजा (स्त्री.) किसी राज्य या राष्ट्र की जनता -- प्रजा

प्रजातंत्र (पुं.) प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा शासन व्यवस्था (डिमोक्रेसी) -- प्रजा (मीयाम) ना खन्बा मीओइना प्रजाबु शासन तौबा, लैबाक ङाक्पा, डिमोंक्रेसी

प्रण (पुं.) दृढ़, निश्चय, प्रतिज्ञा -- वाशक

प्रणव (पुं.) प्रेम, प्रीति -- नुङ्शिबा

प्रणाम (पुं.) नमस्कार, अभिवादन -- खुरुंबा

प्रणाली (स्त्री.) पद्धति, रीति, ढंग -- चत्नबी, मओङ्

प्रताप (पुं.) तेज, प्रभाव, पौरुष, वीरता -- थौना फबा, नीपा थौक्या, मथौना लैबा, मरिल लैबा

प्रतिकार (पुं.) बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य, बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) -- लमन खुमबा

प्रतिकार (पुं.) किसी बात को रोकने दबाने के लिए किया जाने वाला उपाय, रोकथाम -- अथिङ्बा पीबा

प्रतिकूल (वि.) जो अनुकूल न हो, विपरीत -- उन्न तैनबा, माइयोक्ता

प्रतिक्रिया (स्त्री.) किसी कार्य या घटना के परिणामस्वरूप होने वाला कार्य -- तौरुरिबा थबककी महै ओइना नत्रणा पाओखुम ओइना हल्लकपा थबक

प्रतिज्ञा (स्त्री.) शपथ, सौगंध, प्रण -- प्रतिज्ञा, पण, संकल्प

प्रतिद्वंद्वी (पुं.) वह व्यक्ति या वस्तु, जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) -- लंबा तौनबा, माइयोक्ता लैबा

प्रतिद्वंद्वी (पुं.) एक व्यक्ति की दृष्टि में वह दूसरा व्यक्ति, जो एक ही वस्तु या पद को पाने के लिए उसी की तरह उम्मीदवार हो, प्रतियोगी (कॅनटेस्टन्ट) -- लंबा तौनबा

प्रतिध्वनि (स्त्री.) गूँज, प्रतिशब्द -- खोन्जेन, खोल्लाओ

प्रतिनिधि (पुं.) वह व्यक्ति , जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रिप्रेजेंटेटिव) -- महुत थाबा, महुत्, शिन्बा

प्रतिपादन (पुं.) किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन -- हिरम अमदा मयेक् शेङ्ना ताक्पा नत्रगा खङहन्बा

प्रतिबंध (पुं.) बंधन या रोक, मनाही -- अथिङ्बा, यादबा

प्रतिबंध (पुं.) किसी काम में लगाई गई शर्ते -- शर्त थमबा

प्रतिबिंब (पुं.) परछाई, प्रतिच्छाया -- ममि

प्रतिभा (स्त्री.) असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति -- मीथोइ मीहेन्बा, लाइपोक, थबक तौबदा थोइदोकना है शिङबा

प्रतिमा (स्त्री.) मूर्ति, अनुकृति -- मूर्ति, शक्तम

प्रतियोगिता (स्त्री.) होड़, मुकाबला -- तान्नबा, चाङ्दम्नबा, येत्खाइनबा

प्रतिलिपि (स्त्री.) किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) -- कॉपी, चप मान्ना शिंकोक्या

प्रतिशत (क्रि.वि.) हर सौ पर, फीसदी -- चादा ओइबा चाङ, चाम खुदिङ्दा ओइबा मशिङ

प्रतिशोध (पुं.) बदला, प्रतिकार -- प्रतिशोध, प्रतिहिंसा

प्रतिष्ठा (स्त्री.) स्थापन -- इकाइ-खुम्नबा, इज्जत लेबा

प्रतिष्ठा (स्त्री.) मान, मर्यादा, इज्जत -- ममिङ् चत्पा अफाओबा

प्रतिष्ठा (स्त्री.) ख्याति, प्रसिद्धि -- हौदोक्या, लिङ्खत्पा

प्रतिस्पर्धा (स्त्री.) होड़, प्रतियोगिता -- तान्नबा, मुक्खाइनबा, लंबा तौनबा

प्रतीक (वि.) वह गोचर या दृश्य वस्तु, जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो -- खुदम आइना खङ्नबा, करिगुंबा अमगी महुत्-शिन्बा खुदम

प्रतीक्षा (स्त्री.) इंतजार -- ङाइबा

प्रतीक्षालय (पुं.) वह स्थान, जहाँ थोड़े समय के लिए बैठकर इंतजार किया जाता है -- ङाइफम, मफम

प्रत्यक्ष (वि.) जो आँखों के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो -- मीत्माङ्दा, इमाङ्दा उबा

प्रत्यय (पुं.) विश्वास, धारण -- थाजबा

प्रत्यय (पुं.) व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थों में विशेषता उत्पन्न करते हैं (सफिक्स) -- वाहैगी मनिङ्दा हापचिल्नबा वाहै मचेट, वातप्, सफिक्स, अतोप्पा वाहै अमा शेम्नबा वाहैगी मनिङ्दा तप्पा (वातप)

प्रत्याशी (पुं.) उम्मीदवार -- मीरेप

प्रत्येक (वि.) हरएक -- खुदिङ्मक

प्रथम (वि.) जो पहले स्थान पर हो -- अहान्बा

प्रथा (स्त्री.) रीति, परिपाटी -- चत्नबी

प्रदक्षिणा (स्त्री.) किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा -- कोइना माइकै मरिदा चत्पा, परिक्रमा

प्रदर्शनी (स्त्री.) वह स्थान, जहाँ तरह तरह की वस्तुएँ दिखाने के लिए रखी हों -- उत्पा

प्रदेश (पुं.) भू-भाग का कोई खंड विशेष -- लम्दम्

प्रदेश (पुं.) किसी संघ या राज्य-की कोई इकाई -- जिला

प्रधान (वि.) सबसे बड़ा, मुख्य, मुखिया -- मकोक्, लुचिङ्बा

प्रबंध (पुं.) व्यवस्था, इंतज़ाम, बंदोबस्त -- थौशिल, थौराङ् तौबा

प्रबंध (पुं.) सुव्यवस्थित रचना -- निबंध, रचना

प्रबल (वि.) जिसमें बहुत अधिक बल हो -- मपाङ्गन कन्बा

प्रबल (वि.) तेज, प्रचंड, घोर -- याङ्ना, अकन्बा शाथिबा

प्रभा (स्त्री.) आभा, चमक, प्रकाश -- मङाल, ङान्बा, मतिक मङाल लैबा

प्रभात (पुं.) सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रातःकाल -- अङन्बा, अयुक्

प्रभाव (पुं.) किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाव (इंफ्लूएंस) -- इथिल, कनागुंबगी मबुद्धि अमदि मरौशिङ्दगी वाखल दा ताहौबा ममि, इंफलूएंस

प्रभाव (पुं.) फल, परिणाम, असर -- फोल, ममि ताबा

प्रभु (पुं.) ईश्वर, परब्रह्म -- ईश्वर, लाइ

प्रभु (पुं.) स्वामी, शासक -- मपू, पुमनमक्पु, शेंबिरिबा

प्रमाण (पुं.) सबूत -- प्रमाण

प्रमाण (पुं.) जिसका वचन या निर्णय यथार्थ या सत्य माना जाए -- अचुंबा वाफम ताक्पा

प्रमुख (वि.) प्रथम, मुख्य -- मरु ओइबा

प्रमुख (वि.) श्रेष्ठ, सम्मान्य, प्रतिष्ठित -- अथोइबा, मीयाम्ना यारबा

प्रयत्न (पुं.) कोशिश, प्रयास -- होत्नबा

प्रयास (पु.) प्रयत्न, कोशिश -- होत्नबा

प्रयोग (पुं.) इस्तेमाल -- शिजिन्नबा

प्रयोग (पुं.) अस्त्र-शस्त्र चलाना या छोड़ना -- थाङ्-ता तंबा

प्रयोग (पुं.) वैज्ञानिक प्रयोगशाला में की जाने वाली कोई परीक्षणात्मक किया (एक्सपेरिमेंट) -- चाङ्येङ्

प्रयोगशाला (स्त्री.) वह स्थान, जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) -- चाङ्येङ्शङ् , लेबोरेटरी

प्रयोजन (पुं.) उद्देश्य, हेतु -- पांदम, तौगे निङ्लबा

प्रयोजन (पुं.) अभिप्राय, मतलब -- हानिङ्लिबा वाफम

प्रलय (पुं.) संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश -- महौशागी ओइबा मओङ्बु पुम्माङ् माङ्बा, मरु फङ्ना माङ-ताक्या, प्रलय

प्रलय (पुं.) भयंकर नाश या बरबादी -- माङ् ताक्या

प्रलेख (पुं.) दस्तावेज -- प्रमाण-शाक्षी ओइबा चे-चाङ

प्रलोभन (पुं.) लालच -- मीहौबा

प्रवचन (पुं.) धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें -- धर्मगी ओइबा, अंचुबा लीचत्

प्रवचन (पुं.) उपदेशपूर्ण भाषण -- पाओताक्

प्रवास (पुं.) परदेश में रहना, विदेशवास -- मीरम दा लैखवा, मरैबाक थादोक्तुना अतोप्पा लैबाक्ता लैखबा, युम होखबा

प्रवासी (वि.) परदेस में रहने वाला, जो प्रवास में हो -- मीरम्दा लैबा

प्रवाह (पुं.) बहने की क्रिया या भाव, बहाव -- इचेल, चेंथबा

प्रवाह (पुं.) किसी वस्तु का अट्टू क्रम -- मथङ् मनाओ नाइबा, तत्तबा

प्रविष्टि (स्त्री.) प्रवेश -- चङ्बा

प्रविष्टि (स्त्री.) इंदराज, बही-खाते आदि में लेखे, विवरण आदि लिखना -- हिसाब बोइदा चङ्बा, इशिन्बा

प्रवीण (वि.) निपुण, कुशल -- है शिङ्बा

प्रवृत्ति (स्त्री.) मन का किसी विषय की ओर झुकाव -- पुक्निङ्, लुप्पा, माइकै अमदा, हिरम आमदा माइ ओनशिनबा

प्रवीण (स्त्री.) मनुष्य का साधारण आचरण या व्यवहार -- शाचत् लिचत्

प्रवेश (पुं.) अंदर जाने की क्रिया या भाव -- मनुङ्दा चङ्बा

प्रवेश (पुं.) किसी विशिष्ट संस्था आदि में भर्ती होना, दाखिला -- मीङ् चन्बा

प्रशंसा (स्त्री.) गुणों का बखान, तारीफ -- थागत्पा, मगुण शैथाबा

प्रशासन (पुं.) सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन (एडमिनिस्ट्रेशन) -- लैबाक, ङाक्या लैबाक शासन तौबा

प्रशिक्षण (पुं.) किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई (ट्रैनिंग) -- तमबिबा, ताक्यी-तमबिदना ताकपीदुना हैननबा ताक्या, ट्रेनिंग

प्रसंग (पुं.) विषय का तारतम्य, प्रकरण, संबंध -- मरि-मखोङ्

प्रसन्न (वि.) खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित -- हराओबा, अपेन्बा, पुक्निङ् मका लाँबा

प्रसारण (पुं.) फैलाना -- शंदोक्या

प्रसारण (पुं.) आकाशवाणी आदि सूचना माध्यमों द्वारा कार्यक्रमों और सूचनाओं को दूर-दूर तक लोगों को सुनाना, लोगों को सुनाने के लिए सूचना माध्यमों से प्रसारित करना -- शंदोक्या, थादोक्या

प्रसिद्ध (वि.) विख्यात, मशहूर -- अफाओबा, ममिङ् चत्पा

प्रसूति (स्त्री.) प्रसव, उत्पत्ति -- मचा पोक्या, हौरक्फम, पोक्फम

प्रसूति (स्त्री.) संतति, संतान -- मचा

प्रस्ताव (पुं.) किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव -- वाफम अमा हौदोक्रक्पा

प्रस्ताव (पुं.) उक्त का वह रूप, जो किसी सभा या संस्था के सदस्यों के समक्ष विचारार्थ रखा जाए (मोशन) -- हौदोक्रकपा वाफमबु मीयाम ममाङ् सभा नत्रगा संस्थागी मेंबरशिङ्गी ममाङ्दा पुखत्लक्पा

प्रस्तावना (स्त्री.) किसी ग्रंथ का वह आरंभिक वक्तव्य, जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रीफेस) -- वाहौदोक्

प्रस्तुत (वि.) मौजूद, उपस्थित, वर्तमान -- मफम अदुदा लैबा

प्रस्तुत (वि.) प्रकरण प्राप्त, प्रासंगिक -- थोक्लिबा थौदोक, खन्नरिबा वाफम्शिङ्गा मरी लैनबा

प्रस्तुत (वि.) उद्यत, तैयार -- थौराङ् तौबा

प्रहरी (पुं.) पहरेदार -- थोङ् ङकपा

प्राण (पुं.) शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास -- थवाइ, प्राण

प्राणदंड (पुं.) मौत की सजा, मृत्यु दंड -- शिबगी दंदी

प्राथमिकता (स्त्री.) किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर, स्थान या अग्रता (प्राइऑरिटी) -- अहान्बात तान्जा, अहान्बा वाफम

प्राथमिकता (स्त्री.) प्रथम स्थान में होने या रखे जाने की अवस्था या भाव -- इहान हान्बा

प्रादेशिक (वि.) प्रदेश-संबंधी, प्रदेश का -- लम-लमगी ओइबा

प्राप्त (वि.) जो मिला हो, लब्धा -- फङ्बा

प्रामाणिक (वि.) जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो -- प्रमाण ओइबा, युंफम याओया

प्रामाणिक (वि.) जो शास्त्रों आदि से प्रमाणित या सिद्ध हो -- NA

प्रायः (क्रि.वि.) लगभग, करीब-करीब -- चाओराक्ना

प्रामाणिक (क्रि.वि.) अक्सर, अधिकतर -- तोइना, अयांबना तत्तना

प्रायद्वीप (पुं.) स्थल का वह भाग जो तीन ओर से पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्रयुला) -- कङ्फाल

प्रायश्चित (पुं.) गलत अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा -- निंङम्ल-कतबा

प्रायश्चित (पुं.) पाप का मार्जन करने के लिए किया जाने वाला शास्त्रविहित कर्म -- पाप कोक्नबा पूजा तौबा, प्रायश्चित तौबा

प्रार्थना (स्त्री.) निवेदन, याचना -- हायजबा

प्रार्थना (स्त्री.) अपने या किसी और के लिए भक्ति और श्रद्धा पूर्वक ईश्वर से कल्याण की कामना -- प्रार्थना

प्रिय (वि.) जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा, मनभावन -- नुङ्शिबा

प्रीतिभोज (पुं.) किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को कराया जाने वाला भोजन, दावत -- चाक्लेन

प्रेम (पुं.) प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग -- नुङशिबा

प्रेरक (वि.) प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला -- इथिल पीबा

प्रेरणा (स्त्री.) किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव -- थौइनशिन

प्रेषण (पुं.) भेजना, रवाना करना -- थाबा

प्रोत्साहन (पुं.) हिम्मत बढ़ाना -- थौना हाप्पा

प्रोत्साहन (पुं.) प्रोत्साहित करने के लिए कही जाने वाली बात -- थौना हाप्पा वाङाङ

प्रौढ़ (वि.) अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ -- मपुङ फारबा, एडल्ट

प्रौढ़ (वि.) मध्य अवस्था में पहुँचा हुआ व्यक्ति (एडल्ट) -- एडल्ट

प्रौढ़ (वि.) पुष्ट, परिपक्व (मैच्योर) -- मयुङ फाबा, मैच्चोर

फकीर (पुं.) संत, साधु -- संत, साधु, महात्मा

फकीर (पुं.) भिखमंगा, भिखारी -- भिखा, निबा, चाक्निबा, भिखारी

फटकना (स.क्रि.) सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना -- शुबा

फटकना (स.क्रि.) कपड़े को इस प्रकार झाड़ना कि उसमें से लगी हुई धूल या सिलवटें निकल जाएँ -- फी हायबा, फी शुबा

फड़कना (अ.क्रि.) शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना -- पोंबा

फड़कना (अ.क्रि.) कोई बहुत बढ़िया या विलक्षण चीज़ देखकर मन में उक्त प्रकार का स्फुरण होना, जो उस चीज़ के विशेष प्रशंसक होने का सूचक देता हैं। -- हराओ-तुजुङ् पोक्या

फड़कना (अ.क्रि.) पक्षियों के पर हिलना, फड़फड़ाना -- उचेक मशा खप्पा

फबना (अ.क्रि.) किसी वस्तु का किसी पर सुंदर लगना या जँचना, -- फजबा, निङ्थिज बा फाओरक्या

फबना (अ.क्रि.) बात आदि का ठीक मौके पर उपयुक्त लगना -- वाहै चुशिन्नबा

फर्क (पुं.) दो वस्तुओं व्यक्तियों आदि में दिखाई पड़ने वाली विषमता, भिन्नता -- खेन्नबा

फर्क (पुं.) भेद-भाव, दुराव -- मोत् खेनबा मोत मान्नदबा

फर्क (पुं.) हिसाब-किताब आदि में भूल-त्रुटि आदि के कारण पड़ने वाला अंतर -- चानदबा, चुशिन्न देबा

फल (पुं.) पेड़ का फल -- उहै

फल (पुं.) किसी प्रकार की क्रिया, घटना, प्रयत्न आदि के परिणाम के रूप में होने वाली बात, क्रिया, घटना, प्रयत्न आदि का परिणाम -- फल, फोल

फलना (अ.क्रि.) वृक्ष का फलों से युक्त होना -- महै यानबा

फलना (अ.क्रि.) किसी काम या बात का शुभ परिणाम प्रकट होना -- अफबा फल फङ्बा

फलना (अ.क्रि.) सुख-सुमृद्धि का कारण बनना -- नुङाइ याइफबगी मरम ओइबा

फसल (स्त्री.) खेत में बोए हुए अनाजों आदि की पैदावार -- महै मरोङ्

फव्वारा (पुं.) एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण, जिसमें पानी दबाव के कारण धारा या बूंदों में नीचे गिरता है, फुहारा (फाउंटेन) -- ईशिङ पेरे, फाउन्टेन

फहराना (स.क्रि.) कोई चीज इस प्रकार खुली छोड़ देना जिससे वह हवा में लहराती रहे -- हायबा

फाँसना (स.क्रि.) फंदे में किसी पशु पक्षी को फँसाना -- लाङ् थाक्पा

फाँसना (स.क्रि.) छल, ठगी, युक्ति आदि से किसी व्यक्ति को अपने लाभ के लिए फँसाना -- वाहैगी लाङ

फाँसी (स्त्री.) प्राणदंड -- फासी तौबा

फाँसी (स्त्री.) रस्सी का वह फंदा जिसे लोग गले में फँसाकर आत्महत्या के लिए झूल या लटक जाते हैं -- थोरी यान्बा

फाटक (पुं.) मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेनगेट) -- थोङजाओ

फाड़ना (स.क्रि.) कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना -- शेगाइबा

फाड़ना (स.क्रि.) किसी गाढ़े द्रव पदार्थ आप के संबंध में ऐसी क्रिया करना कि उसका जलीय अंश तथा ठोस अंश अलग हो जाए -- फक्तोक्पा

फाड़ना (स.क्रि.) किसी वस्तु का मुँह साधारण से अधिक और दूर तक फैलाना या बढ़ाना -- NA

फालतू (वि.) आवश्यकता से अधिक, अनावश्यक -- कानद्रबा

फालतू (वि.) बेकार -- शिजिन्नद्रबा

फिर (क्रि.वि.) दोबारा या पुनः -- अमुक हन्ना

फिर (क्रि.वि.) पीछे, अनंतर, उपरांत, बाद -- कोन्ना

फिर (क्रि.वि.) तब -- अदुदगी

फीका (वि.) स्वादहीन (पदार्थ) -- महाओ योदबा

फीका (वि.) जो यथेष्ट चमकीला या तेज न हो (रंग) -- ताइफेत् ताइबा

फीका (वि.) जिसमें आनंद की प्राप्ति न हुई हो नीरस (खेल) तमाश आदि -- रस याओदबा, राशि कङ्बा, नुङाइतबा

फीता (पुं.) सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लंबी पट्टी (लेस) -- फीता, लेस

फीता (पुं.) लंबाई, चौड़ाई मापने वाली पट्टी -- इंची टेप

फीस (स्त्री.) विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गय धन -- फी

फीस (स्त्री.) वह धन, जो विद्यार्थी की शिक्षा के लिए मासिक रूप में देना पड़ता है, शुल्क -- फी

फुंकार (स्त्री.) वह ज़ोर की ध्वनि, जो सर्प आदि द्वारा क्रोध में वेगपूर्वक साँस बाहर निकालते समय होती है, फूत्कार, फुफकार -- कांबा

फुटकर (वि.) भिन्न या अनेक प्रकार का, अलग-अलग छोटे हिस्से में -- तोङान्बा

फुटकर (वि.) जो इकट्ठा या एक साथ नहीं, बल्कि अलग अलग खंडों में आता या रहता हो, खुदरा, थोक या विपर्याय (रिटेल) -- मचोइ-मचोइ

फुदकना (अ.क्रि.) पक्षियों, जंतुओं आदि द्वारा उछलते हुए चलना -- चोङ् चोङ्ना चत्पा

फुदकना (अ.क्रि.) उमंग में आकर अथवा प्रसन्नता पूर्वक उछलते हुए इधर-उधर आना जाना -- चोड़ चोड़्ना चत्पा

फुलझड़ी (स्त्री.) छोटी, पतली डंडी वाली आतिशबाजी, जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकलती हैं -- मै काप्पी

फुलवारी (स्त्री.) फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा -- लैकोन

फुसफुसाना (अ.क्रि.) बहुत ही धीमे या दबे स्वर में बोलना -- चिबोन-चिबोन ङाङ्बा

फुहार (स्त्री.) ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी छोटी बूँदें -- नोङ् मकूप-मकूप तारक्या

फुहारा (पुं.) जमीन से फूट पड़ने वाली पानी की या तेल, पेट्रोल की तेज धार -- इफूट्

फुहारा (पुं.) एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण, जिसमें पानी या किसी तरल पदार्थ की बूँदें निरंतर गिरती हैं, फव्वारा (फाउंटेन) -- ईशिङ पेरे

फूँकना (स.क्रि.) मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना, मुँह से हवा भरकर किसी नली आदि से वेगपूर्वक हवा छोड़ना -- स्वर कामशिन्बा

फूँकना (स.क्रि.) आग लगाना, जलाना या सुलगाना -- मै हौगत्पा

फूँकना (स.क्रि.) बुरी तरह से नष्ट या बरबाद करना -- शाथिना माङ्-ताक्पा

फूट (स्त्री.) आपसी अनबन या बिगाड़ -- काइबा

फूट (स्त्री.) एक प्रकार की बड़ी ककड़ी जो पकने पर प्रायः खेतों में ही फट जाती है -- चिनार थबी

फूल (पुं.) पुष्प, कुसुम -- लै

फूल (पुं.) शव के जल जाने के बाद बची हुई हड्डियाँ -- उत्त, फूल

फूलदान (पुं.) फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान -- फूल गिलास

फूलना (अ.क्रि.) पेड़-पौधों में फूल आना -- लै शात्पा

फूलना (अ.क्रि.) बहुत अधिक उभर जाना या ऊँचा होना, सूजना -- पोमथोक्पा

फूलना (अ.क्रि.) उमंग से भर जाना, बहुत प्रसन्न होना -- हराओबा

फेंकना (स.क्रि.) किसी वस्तु को वेग से दूर हटाना -- लङ्थोकपा

फेन (पुं.) बुलबुलों का समूह, झाग -- कोङ्गोल

फेरा (पुं.) परिक्रमा, किसी चीज़ के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव -- कोइबा, लैबा

फोरा (पुं.) बार-बार कहीं आने जाने की क्रिया या भाव, चक्कर -- हङ्गत हंदा चत्पा

फोरा (पुं.) विवाह के समय वर-वधू द्वारा की जाने वाली अग्नि की परिक्रमा -- कोइबा, लैबा

फैलना (अ.क्रि.) किसी चीज का विस्तार होना -- शंदोक्पा

फैलना (अ.क्रि.) किसी बात आदि का व्यापक क्षेत्र में चर्चा का विषय बनना -- वा-वा लाओबा

फोड़ना (स.क्रि.) शीशा, चीनी या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना, किसी खोखली या वायु भरी वस्तु को आघात या दबाव द्वारा तोड़ना -- थुगाइबा

फोड़ना (स.क्रि.) किसी दल या पक्ष के व्यक्ति को प्रलोभन देकर अपनी ओर मिलाना -- चिङ्थोक्पा थुगाइबा

बंगला (पुं.स्त्री.) चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान -- बङ्लो

बंगला (पुं.स्त्री.) बंगाल की भाषा -- बंगला

बंजर (वि.स्त्री.) भूमि जिस पर कुछ पैदा न हो -- लैहाओ चेंदबा लब

बंद (वि.) बँधा हुआ, कसा हुआ -- फाजिन्बा, पुन्शिन्बा

बंद (वि.) चारों ओर की दीवारों आदि से घिरा (स्थान) -- खाजिन्बा

बंद (वि.) बाधायुक्त -- थिङ्जिन्बा

बंदनवार (पुं.) आम, अशोक आदि की पत्तियों को रस्सी में टाँक कर बनी श्रृंखला, जो शुभ अवसरों पर दरवाजों आदि पर लटकाई जाती है -- हैनो मना, अशोक, मना परेङ् लेङ्लगा अफबा मंगोलगी दमक थोंजिंदा यान्बा

बंदरगाह (पुं.) समुद्र के किनारे का वह स्थान, जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) -- समुद्रगी हिथाङ्फम

बंदी (पुं.) कैदी (प्रिजनर) -- बोंदी जेलदा फाजिंदुना थंबा मी

बंदूक (स्त्री.) ऐसा अस्त्र, जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर लगे (गन, राइफल, मस्केट) -- नोङ्‍मै

बंधक (पुं.) गिरवी या रेहन -- बंधोप थंबा

बकना (स.क्रि.) ऊटपटांग या व्यर्थ की बातें करना -- चबेङ् चबेङ ङाङबा

बकाया (वि.) बाकी बचा हुआ -- लेमहौबा

बकाया (पुं.) किसी काम, बात या राशि का वह अंश, जिसकी अभी पूर्ति होनी शेष हो -- वात्हौबा

बगीचा (पुं.) छोटा बाग या फुलवारी -- हैकोन-लैकोन मचा

बचत (स्त्री.) व्यय से बची रहने वाली राशि -- तुङ्शिन्बा शेनफम

बचत (स्त्री.) लागत आदि निकालने के बाद बचा हुआ धन, मुनाफा, लाभ -- शेंदोङ्

बचना (अ.क्रि.) उपयोग, व्यय आदि के बाद जो कुछ शेष रहे -- खाक्हौबा

बचना (अ.क्रि.) बंधन, विपद, संकट आदि से किसी प्रकार सुरक्षित रहना -- कलहौबा

बचना (अ.क्रि.) किसी कार्य, व्यक्ति से संकोच करना -- लैथहौबा

बचपन (पुं.) बाल्यावस्था -- अङाङ ओइरिङै मतम

बच्चा (पुं.) नवजात शिशु -- अङाङ्

बच्चा (पुं.) बालक -- नुपामचा

बजना (अ.क्रि.) किसी चीजॉ पर आघात किए जाने पर निकली ध्वनि -- थैबा, खोङ्बा

बजना (अ.क्रि.) संगीत अथवा वाद्य यंत्र से ध्वनि निकालना -- खोङ्बा

बजे (अ.) समय-मान, जैसे दस बजे ( क्लॉक) -- पुङ्

बटुआ (पुं.) कपड़े चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कन-दार आधान, जिसमें रुपए-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) -- शेनगाओ

बड़ा (वि.) किसी वस्तु का वह गुण, जो आकार, आयतन या माप में दूसरी वस्तु से अधिक होता है -- अचौबा

बड़ा (वि.) पद, गरिमा, गुण आदि की दृष्टि से श्रेष्ठ -- अथोइबा

बड़ा (वि.) उरद की दाल का एक प्रकार का नमकीन पकवान -- NA

बड़ाई (स्त्री.) बड़े होने की अवस्था या भाव -- अचौबगी मओङ्

बड़ाई (स्त्री.) प्रशंसा, तारीफ -- थागत्पा

बढ़ना (अ.क्रि.) आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि में वृद्धि होना -- हेनगत्पा

बढ़ना (अ.क्रि.) आगे की ओर चलना -- माङ्दा चङ्शिन् बा

बढ़ना (अ.क्रि.) किसी प्रकार की उन्नति होना -- हायगत्पा, कारक्पा

बढ़ाना (स.क्रि.) किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना -- हेनगत्-हन्बा

बढ़ाना (स.क्रि.) परिमाण, मात्रा, संख्या आदि में वृद्धि करना -- हापक त्लक्पा

बढ़ाना (स.क्रि.) किसी प्रकार की व्याप्ति में विस्तार करना -- NA

बढ़िया (वि.) जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो, उत्तम, उम्दा -- अथोइबा, अहेनबा

बताना (स.क्रि.) किसी को कोई जानकारी देना -- ताक्या

बताना (स.क्रि.) किसी प्रकार का निर्देश या संकेत करना -- लमताक्पा

बत्तीसी (स्त्री.) मनुष्य के 32 दातों का समूह -- मी गी या कुंथ्रानि थोइ

बदनाम (वि) जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात -- अथिबा मीङ्चत, बदनाम

बदलना (अ.क्रि.) परिवर्तन होना -- होङ्बा, ओनथोक पा

बदला (पुं.) प्रतिकार, पलटा -- लमन खुंबा

बदसूरत (वि.) भद्दी सूरत वाला, कुरूप -- मशक् थिबा

बधाई (स्त्री.) मुबारकबाद -- थाङ्गतपा

बधाई (स्त्री.) मंगल अवसर का गाना-बजाना -- थागत् वाहै

बधिर (वि.) बहरा -- मना पङ्बा

बनजारा (पुं.) वह व्यक्ति जो बैलों आदि पर सामान लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है, एक खानाबदोश जाति -- बनजारा, कोइचत् चत्तुना महै मरोङ् लनलोल्बा

बनाना (स.क्रि.) किसी वस्तु को तैयार करना -- शेंबा

बनाना (स.क्रि.) किसी की प्रशंसा करते हुए उसे उपहासास्पद या मूर्ख बनाना -- अङाओ शेंबा, करेम-कथाइनबिबा

बनावटी (वि.) वास्तविकता से परे, ऊपरी या बाहरी -- तात-पात् की ओइबा

बनावटी (वि.) वास्तविकता के अनुकरण पर बनाया हुआ, कृत्रिम, नकली -- अशेङ्बा नत्तबा शाजिन्नबा

बनिया (पुं.) व्यापार करने वाला व्यक्ति, वैश्य -- ललोलबा मी

बनिया (पुं.) आटा, दाल, नमक, मिर्च आदि बेचने वाला दुकानदार -- चेङ्, हवाइ, थूम मरोक् योनबा मी

बरसना (अ.क्रि.) वर्षा होना -- नोघ चुबा, नोङ् ताना

बरसना (अ.क्रि.) किसी चीज का बहुत आधिक मात्रा, मान, संख्या में लगातार गिरना -- हैथबा

बरसात (स्त्री.) बारिश, वर्षा-ऋतु -- नोङ्जु था

बरसी (स्त्री.) किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि -- चहिगी दिन

बरसी (स्त्री.) मृत का वार्षिक श्राद्ध -- फिरोइ

बराती (पुं.) किसी की बारात में सम्मिलित होने वाला व्यक्ति -- लुहोंबगी बोर काङ्बु

बराबर (वि.) जो तुलना के विचार से एक-सा हो, समान -- चप-मान्नबा

बराबर (वि.) (तल) जो ऊँचा-नीचा या खुरदरा न हो, सम -- मान्नबा

बराबर (क्रि.वि.) लगातार, निरंतर -- लेपतना, तत्तना

बर्फ (स्त्री.) हिम (स्नो) -- ऊन

बर्फ (स्त्री.) बहुत अधिक ठंडक के कारण जमा हुआ पानी जो ठोस हो जाता है और आघात लगने पर टुकड़े टुकड़े हो जाता है (आइस) -- ऊन

बर्बर (वि.) जंगली, असभ्य -- चाओ-खत्तबा

बल (पुं.) जोर, शक्ति, ताकत -- पाङ्गल, थौना, शक्ति

बल (पुं.) कपड़ों आदि पर पड़ने वाली सिलवट, शिकन -- मशुप-मशुप ताशिन्बा

बलवान (वि.) शक्तिशाली, ताकतवर -- पाङ्गल कन्बा

बलात्कार (पुं.) बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना -- नमफूदा तौबा थबक

बलात्कार (पुं.) किसी लड़की अथवा स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध बलपूर्वक किया जाने वाला चौनाचार -- रेप तौबा, मशाना यादबा नुपीदा नमफू शाफूदा तौशिन्बा

बलिदान (पुं.) किसी उद्देश्य या बात के लिए अपने प्राण दे देना, कुर्बानी -- करिगुंबा पांदम अमगीदमक थवाइ फाओबा थादोक्पा

बलिदान (पुं.) देवताओं को प्रसन्न करने के उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि -- बालतौबा

बल्कि (अव्य.) ऐसा नहीं का आशय सूचित करने वाला अव्यय प्रत्युत, वरन -- असिदा, नत्तना

बवंडर (पुं.) आँधी, तूफान -- नोङ्लै-नुङ्शित्

चहकाना (स.क्रि.) चकमा या भुलावा देना -- ककङा-ओनहन्बा

बहना (अ.क्रि.) द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना -- चेनथबा

बहरा (वि.पुं) जिसे सुनाई न पड़ता हो, बधिर -- ना पङ्बा, ना ताथिबा

बहलाना (स.क्रि.) किसी को प्रसन्न या शांत करना -- थेमजिन्बा

बहस (स्त्री.) तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद -- मरै येन्तबा

बहादुर (वि.) वीर, शूर-वीर, सूरमा -- थौना फबा

बहाना (पुं.) तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात -- बायजिन्नबा

बहार (स्त्री.) फूलों के खिलने का मौसम, वसंत-ऋतु -- वसंत ऋतु, येन्निङ्था

बहार (स्त्री.) सौंदर्य आदि के फलस्वरूप होने वाली रमणीयता या शोभा -- चङ्-खोन्बा, निङ्थिजबा

बहिर्मुख (वि.) जिसका मुँह बाहर की ओर हो -- माइथोक्ता

बहिर्मुख (वि.) जो बाहर की ओर उन्मुख या प्रवृत हो -- NA

बहिष्कार (पुं.) जाति समुदाय आदि से बाहर निकालना -- तांथोक्पा

बहिष्कार (पुं.) देश विदेश के माल का सामूहिक व्यवहार त्याग (बायकाट) -- बायकॉट

बही-खाता (पुं.) हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक -- हिसाब थम्नबा बोई

बहुत (वि.) परिमाण, मात्रा, आदि में अधिक -- याम्ना

बहुत (क्रि.वि.) अधिक परिमाण या मात्रा में, ज्यादा -- याम्ना हेन्ना

बहुभाषी (पुं.) बहुत भाषाएँ जानने-बोलने वाला -- लोल याम्ना खङ्बा मी

बहुभाषी (पुं.) बहुत बोलने वाला, बकवादी -- वायाम ङाङ्बा मी

बहुमूल्य (वि.) जिसका मूल्य बहुत हो, महार्घ -- ताङ्बा, ममल यांबा

बहुमूल्य (वि.) जो गुण, महत्व की दृष्टि से अति उपयोगी हो -- मरू ओइबा

बहुरूपिया (पुं.) अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला -- शक्लोल पुबा मी

बहू (स्त्री.) पुत्रवधू, नव विवाहिता स्त्री -- मौ, अनौबी

बहू (स्त्री.) पत्नी -- नुपी

बाँग (स्त्री.) भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर -- येन्ना खोङ्बा

बाँग (स्त्री.) मसजिद में नमाज पढ़ने के लिए मुल्ला द्वारा की जाने वाली उच्च स्वर में पुकार -- अल्ला लाओबगी खोन्जेल

बाँझ (वि.स्त्री.) वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके -- अखूंबी

बाँटना (स.क्रि.) किसी चीज को कई भागों में विभक्त करना, वितरण -- येन्बा

बाँध (पुं.) वह वास्तु-रचना, जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) -- डाम

बाँधना (स.क्रि.) डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना -- किसन्बा पुन्शिन्बा

बाँधना (स.क्रि.) कागज, कपड़े आदि से किसी चीज को इस प्रकार लपेटना कि वह बाहर न निकले (पैक) -- योमशिन्बा

बाँसुरी (स्त्री.) मुरली या वंशी -- बासी

बाकी (वि.) जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो -- लेमहौबा

बाकी (स्त्री.) गणित में बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घटाने पर निकलने वाला फल -- अरेंबा

बागडोर (स्त्री.) लगाम -- शगोल चुक्ली, खूर्ज्जी अमसूङ् याचल

बाजार (पुं.) वह स्थान, जहाँ अनेक चीजों की बिक्री व खरीद के लिए दुकानें होती हैं -- कैथेल, बाजार

बाजीगार (पुं.) जादू के खेल दिखाने वाला, नट, जादूगर -- मित्रङ् तौबा मी

बाट (स्त्री.) राह, रास्ता, मार्ग -- लंबी

बाट (पुं.) पत्थर, लोहे आदि का वह टुकड़ा जो चीजें तौलने के काम आता है (वेट्स) -- अरुंबा औननबा नुङ्

बाढ़ (स्त्री.) नदी नाले में जलस्तर का सीमा से अत्यधिक बढ़ जाना -- ङ् ईचाउ

बाण (पुं.) एक प्रकार का नुकीला अस्त्र, जो कमान या धनुष पर चढ़ाकर चलाया जाता है, तीर -- तेनजै

बातचीत (स्त्री.) वार्तालाप -- वारी वाताइ शान्नबा

बाद (अव्य.) पश्चात्, अनंतर, पीछे -- मतुङ्दा

बादल (पुं.) मेघ -- लैचिल

बादशाह (पुं.) सम्राट, शासक -- निङ्थौरेल

बाधक (वि.) विघ्न या अड़चन डालने वाला -- अयेत्पा

बाधक (पुं.) बाधा के रूप में होने वाला -- अपन्बा

बाधा (स्त्री.) रोक, रुकावट, अड़चन -- अथिङ्बा

बाप (पुं.) पिता, जनक -- इपा, अपोक्या

बायाँ (वि.) दायाँ का उल्टा, वाम (लैफ्ट) -- ओइ

बारूद (स्त्री.) गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण, जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है -- नोंमै मरु

बारे में (अव्य.) किसी के प्रसंग, विषय या संबंध में -- मरमदा, मरिदा

बाल (पुं.) बालक, बच्चा -- अङाङ्

बाल (पुं.) जीव-जंतुओं के शरीर में त्वचा से ऊपर निकले हुए तंतु जो रोयों से मोटे होते हैं, केश, सिर के बाल -- शम, मतू

बाली (स्त्री.) कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण -- नराओबी

बाली (स्त्री.) अनाज की हरी नन्हीं बाल, सिट्टा -- चुजाक, गेहूनचिं बगी मशम

बालू (पुं. /स्त्री.) पत्थरों का चूर्ण, जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर पड़ा रहता है, रेत -- लैङोइ

बावला (वि. /पुं.) विक्षिप्त, पागल, दीवाना -- अङाओबा

बासी (वि.) जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो ताजा का विपर्यय -- चजिक

बाहर (क्रि.वि.) किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, अंदर और भीतर का विपर्यय -- मपाल

बिंदी (स्त्री.) गोलाकार टीका, जो स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं -- बिंदी

बिंदी (स्त्री.) शून्य सूचक चिह्न, सिफर -- शून्यो

बिंब (पुं.) किसी आकृति की वह झलक, जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाई -- ममि

बिंब (पुं.) प्रतिमूर्ति -- मान्नबा शक्तम

बिखरना (अ.क्रि.) किसी वस्तु के घटकों का अधिक क्षेत्र में फैल जाना -- चखाइबा

बिखरना (अ.क्रि.) अलग अलग या दूर दूर होना -- तोडान-तोडान नत्रगा लाप्ना मापना थंबा

बिखेरना (स.क्रि.) वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाना या डालना -- पुमचाइ चाइथोकपा

बिगाड़ना (स.क्रि.) ऐसी क्रिया, जिससे किसी काम, चीज या बात में खराबी आ जाए, खराब करना -- थुगाइबा, माङ्हन्बा

बिछाना (स.क्रि.) दूर तक फैलाना या बिखेरना, फैलाना -- थाबा, शंदोकपा

बिछुड़ना (अ.क्रि.) अलग होना -- काइनबा

बिछौना (पुं.) बिछावन, बिस्तर -- फमुङ्

बिजली (स्त्री.) बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होने वाला प्रकाश (लाइटनिंग) -- नोङ्थाङ्

बिजली (स्त्री.) घर्षण, ताप और रासायनिक क्रियाओं से उत्पन्न होने वाली एक शक्ति, जिससे ताप और प्रकाश उत्पन्न होता है (इलेक्ट्रिसिटि) -- मै, इलेक्ट्रिसिटि

बिजलीघर (पुं.) वह स्थान, जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न व वितरित की जाती है (पावर हाउस) -- पावर, हाउस

बिना (अव्य.) बगैर -- याओदना

बिना (अव्य.) अतिरिक्त, सिवा -- असिदा नन्तना

बिनौला (पुं.) कपास का बीज -- लशिङ् मरु

बिरादरी (स्त्री.) किसी एक ही जाति या वर्ग के लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) -- शागै

बिरादगी (स्त्री.) भाईचारा, बंधुत्व -- मरूप मपाङ खङन चान्नबा

बिल (पुं.) जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव–जंतुओं के रहने का स्थान -- मखूल

बिल (पुं.) हिसाब चुकता करने के लिए दिया जाने वाला वह कागज, जिसमें प्राप्य मूल्य का ब्यौरा रहता है, भुगतान अनुरोध -- बिल

बिलकुल (क्रि.वि.) पूरा-पूरा, कूल, सब, जितना हो, उतना सब -- पुल्लब

बिलकुल (क्रि.वि.) निरा, निपट -- तशेङ्नमक

बिलखना (अ.क्रि.) रोना, कलपना, विलाप करना -- कप्पा, तेङ्थबा

बिलोना (स.क्रि.) किसी तरल पदार्थ को मथानी आदि से अच्छी तरह हिलाना, मथना -- ओत्पा, निक्या

बिस्तर (पुं.) बिछावन या बिछौना -- फमूङ्

बीच (पुं.) किसी वस्तु का वह केंद्रीय अंश या भाग, जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य -- मरक, मयाइ

बीच (अव्य.) दरमियान, अंदर, में -- मरक्ता

बीज (पुं.) अन्न आदि का वह कण, जो खेत में बोने के काम आता है (सीड) -- मरु

बीजक (पुं.) सूची, फेहरिस्त -- परिङ्

बीजक (पुं.) वह सूची, जिसमें किसी को भेजे जाने वाले माल का ब्यौरा, दर, मूल्य आदि लिखा रहता है (इन्वायस) -- चालान

बीजगणित (पुं.) गणित की वह शाखा, जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएँ जानी जाती हैं (अलजेबरा) -- अलजेबरा

बीनना (स.क्रि.) छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना -- खन्बा

बीमा (पुं.) किसी प्रकार की विशेषतः आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इंश्योरेन्स) -- इन्श्योरेन्स

बीमार (वि.) वह व्यक्ति, जो किसी रोग से पीड़ित हो, रोगी -- अनाबा

बुझाना (स.क्रि.) ऐसी क्रिया करना जिससे आग जलना बंद हो जाए -- मुथत्पा

बुझाना (स.क्रि.) शांत करना -- NA

बुढ़ापा (पुं.) बूढ़ा होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था -- हनुरक्या

बुद्धि (स्त्री.) विचार या निश्चय करने की शक्ति, अकल, समझ -- लौशिङ्

बुनकर (पुं.) कपड़ा बुनने वाला कारीगर, जुलाहा -- फी शाबा मी, फी लोल्बा मी

बुनना (स.क्रि.) करघे पर वस्त्र बनाना -- फी शाबा

बुनना (स.क्रि.) ऊन, तार आदि से स्वेटर, चटाई आदि बनाना -- लोल्बा

बुरा (वि.) खराब, दोषयुक्त -- फत्तबा

बुरादा (पुं.) लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा -- मकुप

बुलाना (स.क्रि.) किसी को अपनी ओर आने के लिएआवाज या संकेत देना -- कौबा

बूटी (स्त्री.) ऐसी जंगली वनस्पति, जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है -- हिदाक कान्नबा मना मशिङ्, उरु-वारु, जड़ी-बूटी

बूटी (स्त्री.) छोटे पौधों या फूलों के आकार का कोई अंकन या चित्रण -- लै-शु लोलबा

बूढ़ा (वि.पुं.) बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध -- अहल ओइरबा, हनुबा

बेईमान (वि.) जिसकी नीयत ठीक न हो -- नमथाक् लौनम तौबा

बेईमान (वि.) अविश्वसनीय -- थाजनिङाइ ओइदबा

बेगार (स्त्री.) ऐसा काम, जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए -- नंफू-शाफूदा तौहन्बा थबक्

बेगार (स्त्री.) बेमन का काम, अनिच्छा से किया गया काम -- लालूप

बेचना (स.क्रि.) कोई चीज या संपत्ति मूल्य लेकर देना -- योन्बा

बेचारा (वि.) निःसहाय, दीन, गरीब -- तोल्लबा, लाइरबा, उपाय लैजदबा

बेल (पुं.) एक प्रसिद्ध फल, जो पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है -- हरिखागोक्

बेल (पुं.) लता -- उरि

बेल (पुं.) कपड़े आदि पर टाँका जाने वाला फीता -- मपाल

बेलबूटा (पुं.) किसी चीज पर लताओं, पेड़ पौधों आदि का अंकन या चित्र -- अरोन्बा नत्रगा अहक्पा उरि-वारि, लै-शु

बैठक (स्त्री.) बैठने का स्थान -- मीफम्

बैठक (स्त्री.) सभासदों का एकत्र होना -- NA

बैठना (अ.क्रि.) आसीन होना अथवा स्थान ग्रहण करना -- फंबा

बैर (पुं.) शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी -- येक्नबा

बैरा (पुं.) होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक -- होटलदा पिज-पिथक तौबा मी

बैल (पुं.) गाय का नर, जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है -- शन लाबा

बैलगाड़ी (स्त्री.) बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी -- शन गाड़ी

बोझ (पुं.) वजन, भार -- पोतलुम्

बोतल (स्त्री.) शीशी -- लिक्ली

बोना (स.क्रि.) पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना -- मरु हुनबा, थाबा

बोलचाल (स्त्री.) वार्तालाप -- वारी वाताइ शानबा, वङाङ् शङाङ्

बोलना (अ.क्रि.) शब्द, ध्वनि आदि को स्वर मे उच्चारित करना -- ङाङ्बा

बोलना (अ.क्रि.) शब्दों द्वारा कहकर विचार प्रकट करना -- वाहैना पुक्निङ्गी वा फोङ दोकपा

बौखलाना (अ.क्रि.) आवेश या क्रोध में आकर अंड-बंड बकना -- मथोङ् मरम खङदना

बौखलाना (अ.क्रि.) मानसिक संतुलन खो बैठना -- पुङाङ ङाङबा

बौछार (स्त्री.) बूंदों की झड़ी जो हवा के झोंके से तिरछी गिरती हो -- नोङ्फै

बौछार (स्त्री.) बहुत अधिक संख्या में लगातार किसी वस्तु का बरसना -- हैथबा

बौद्धिक (वि.) बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य -- बुद्धिगी ओइबा, लौशिङ्गी ओइबा

ब्यौरा (पुं.) वृत्तांत, किसी घटना के अंतर्गत एक बात का उल्लेख या कथन -- थौदोक अमगी अपून्बा वारोल

भंडार (भांडार) (पुं.) कोष, खजाना -- पुक्कै

भंडार (भांडार) (पुं.) अन्नादि रखने का स्थान -- कै

भँवर (पुं.) जलावर्त -- इरै

भक्ति (स्त्री.) निष्ठा, विश्वास या श्रद्धा -- भक्ति

भगवान (पुं.) परमेश्वर -- लाइ, ईश्वर

भगवान (पुं.) पूज्य/ आदरणीय और महिमाशाली -- पूजा तौनिंङाई ओइबा इकाइ खुम ननिंङाई औरबा

भड़काना (स.क्रि.) आग को तेज करना, उत्तेजित या क्रुद्ध करना -- मै चाखत्हनबा, शाओगत् हन्बा

भड़कीला (वि.) जिसमें खूब चमक-दमक हो -- अरङ्-अराक्की ओइबा अके अमौगी ओइबा

भद्र (वि.) शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित -- लैबाक मचा ताबा लाइरिक लाइसू हैबा

भरती (भर्ती) (स्त्री.) प्रवेश, दाखिला -- चङ्बा, ममिङ् चन्बा

भरती (भर्ती) (स्त्री.) नियुक्ति -- NA

भरना (स.क्रि.) खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उड़ेलना, रखना -- हैजिन्बा, शोकपा, हापचिन्बा

भरना (स.क्रि.) रिक्तता अथवा हानि की पूर्ति करना -- मेन्खत्पा, मेनशिन्बा

भला (वि.) अच्छा, नेक -- अफबा

भला (पुं.) हित, लाभ -- याइफबा, कान्नबा

भवन (पुं.) प्रासाद, महल, घर, मकान, इमारत -- भवन, कोनुङ, युम, युमजाओ

भविष्य (पुं.) आने वाला समय, भविष्यत् काल -- वलाक्कदबा मतम

भव्य (वि.) सुंदर और प्रभावशाली, शानदार -- चंखोन्ना चाउना फजबा

भाँपना (स.क्रि.) रंग-ढंग से जान लेना, ताड़ लेना -- फाओबा, खङ्बा

भागना (अ.क्रि.) दौड़ना -- चेनबा

भागना (अ.क्रि.) जान बचाना, पीछा छुड़ाना -- चेनथोकर क्पा, नांथोकर-क्या

भाग्य (पुं.) किस्मत, तकदीर, नसीब -- लाइबक

भाना (अ.क्रि.) रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना -- खोइदाबा, पांबा, शुमहत्पा

भारतीय (वि.) भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित -- भारतकी, ओइबा

भारतीय (पुं.) भारतवासी -- भारत की मी

भारी (वि.) अधिक भार वाला, वजनी -- अरुंबा

भारी (वि.) दुःखी, उदास (मन आदि) -- पुक्निङ् नुङ्नाङ्बा

भावना (स्त्री.) चिंतन, ध्यान -- वाख्ल खन्बा

भावना (स्त्री.) विचार, ख्याल, इच्छा -- अपांबा वाखल

भाषण (पुं.) व्याख्यान -- वा ङाङ्बा, भाषण पिबा

भाषा (स्त्री.) बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि-संकेतों द्वारा भावों को प्रकट करने का साधन, बोली, जबान -- लोल, वाङाङ्

भिक्षु (पुं.) भिखारी -- चाक्निबा

भिक्षु (पुं.) संन्यासी, विशेषतः बौद्ध संन्यासी -- लंबोइबा

भिखारी (पुं.) भीख माँगने वाला, कंगाल, अकिंचन -- चाकनिबा, भिखारी, लाइर-चुदत्नबा

भिगोना (स.क्रि.) पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना -- चोत्पा

भिन्न (वि.) अलग, पृथक -- तोंडान्बा

भिन्न (पुं.) गणित में किसी पूरा इकाई का छोटा अंश या टुकड़ा -- मचेत मकाइ

भीड़ (स्त्री.) जन समूह -- मीयाम तिन्बा मीना चिक्न-चाइन ङम्दबा

भीरु (पुं.) कायर, डरपोक -- पाङदबा, मीकिथी

भीषण (वि.) भयानक, डरावना -- अकिबगी मशक ओइबा

भीषण (वि.) दुष्परिणाम के रूप में होने वाला, विकट -- किनिङ्डाइ ओइबा

भुगतान (पुं.) मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी -- पिभम थोकपा शेन्फम

भुनाना (स.क्रि.) किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात् भूनने का काम किसी दूसरे से कराना -- ङोबा, मूबा

भुनाना (स.क्रि.) नोट, रुपए आदि को छोटे सिक्कों में बदलवाना -- काइबा

भुरभुरा (वि.) हलके दबाव से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएँ -- ग्रेस-ग्रेस लाओबा क्रेम क्रेम लाओबा अकंबा

भूकंप (पुं.) भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल -- य़ुहार हाबा

भूख (स्त्री.) भोजन की इच्छा, क्षुधा -- लांबा, चानिङ्बा पङनिङबा

भूख (स्त्री.) कोई चीज़ प्राप्त करने की उत्कट इच्छा -- NA

भूख-हड़ताल (स्त्री.) किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन, अन्न-जल आदि ग्रहण न करना (हंगर-स्ट्राइक) -- हंगर स्ट्राइक

भूचाल (पुं.) (दे.) भूकंप -- युहार-हाबा

भूत (वि.) बीता हुआ, अतीत, भूतकाल -- हौखबा मतम

भूत (पुं.) प्रेत, पिशाच -- भूत

भूतपूर्व (वि.) पूर्ववर्ती, पहला -- हान्नगी

भूमि (स्त्री.) जमीन, धरती -- मालेम

भूमि (स्त्री.) पृथ्वी जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है -- लैबाक मचा ताबा लाइरिक लाइसू हैबा

भूमिका (स्त्री.) ग्रंथ आदि की प्रस्तावना -- अवाओबा

भूमिका (स्त्री.) किरदार -- खागी मचु

भूमिका (स्त्री.) किसी क्षेत्र विशेष में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य -- थबक

भूरा (वि.) मटमैला, खाकी -- अशोङ् अङाम

भूरा (पुं.) खाकी रंग -- खाकी

भूल-चूक (स्त्री.) लेखे या हिसाब में दृष्टि–दोष आदि के कारण होन वाली गलती, अशुद्धि -- काओबा अरान्बा, अशोइबा

भूलना (अ.क्रि.) याद न रहना, विस्तृत होना -- अरान्बा, अशोइबा

भूलना (अ.क्रि.) गलती या त्रुटि करना -- अरान्बा

भेजना (स.क्रि.) रवाना करना, प्रेषण करना -- थाबा

भेद (पुं.) अंतर, फरक -- खेन्नबा

भेद (पुं.) रहस्य, मर्म -- अथुप्पा

भेद (पुं.) प्रकार, तरह -- मखल

भोला (वि.) छल-कपट, रहित सीधा सादा, सहज-विश्वासी -- इतिङ् तिङ्बा

भोला (वि.) बुद्धू -- अपङ्बा

भौतिक (वि.) लौकिक, सांसारिक -- संसारगी ओइबा

भौतिक (वि.) पंचभूतों से संबंध रखने वाला -- मै, ईशिङ् नुङ्शित् अतिया आकाश, पृथ्वी गा मरि लैनबा

भ्रम (पुं.) मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा -- अकाओबा, अशोइबा

भ्रमण (पुं.) घूमना-फिरना, विचरण -- कोइबा, लैबा

भ्रभर (पुं.) भौंरा, मधुप, भँवर -- खोइमु

भ्रष्ट (वि.) बुरे आचार-विचार वाला -- माङ् ताक्निङ्ङाइ ओइबा

भ्रष्ट (वि.) (मार्ग से) च्युत, विचलित -- लैखा ताबा

मंगल (वि.) कल्याणकारी, शुभ -- मङ्गोल ओइबा

मंगल (पुं.) कल्याण, भलाई , हित -- याइफबा

मंगल (पुं.) सौर मंडल का एक ग्रह -- सौर मंडलगी ग्रह अमा

मंगल (पुं.) मंगलवार -- लैबाक पोक्या

मंगल-सूत्र (पुं.) सधवा स्त्रियों द्वारा गले में पहना जाने वाला पवित्र सूत्र -- मंगलसूत्र

मंगलाचरण (पुं.) शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाला मांगलिक मंत्र, श्लोक, पद्यमय रचना आदि -- मंगलाचरण, याइकाइरोल

मंगलाचरण (पुं.) ग्रंथ के आरंभ में मंगल की कामना तथा उसकी निर्विघ्न समाप्ति के लिए लिखा जाने वाला पद्य -- वाहौदोक

मंच (पुं.) सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंडप, जिस पर बैठकर सर्वसाधारण के सामने किसी प्रकार का कार्य किया जाए रंगमंच (स्टेज) -- स्टेज, फंपाक

मंच (पुं.) कुछ विशिष्ट प्रकार के कार्य कलापों के लिए उपयुक्त क्षेत्र (फोरम) -- फोरम

मंजिल (स्त्री.) गंतव्य (डेस्टिनेशन) -- थुङ्फम

मंजिल (स्त्री.) पड़ाव, मुकाम -- पन्फम

मंत्र (पुं.) देवताओं को प्रसन्न करने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त करने वाला शब्द समूह -- मंत्र

मंत्र (पुं.) कार्य-सिद्धि का ढंग, गुर -- थबक-पाङ्नबगी दमक्ता पीबा लम्ताक वाहै

मंत्री (पुं.) मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला -- मंत्री

मंत्री (पुं.) अमात्य -- प्रधान, मकोक

मंत्री (पुं.) सचिव -- सेक्रेटरी

मंदा (वि.) जिसकी माँग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार) -- शित्तबा

मंदिर (पुं.) देवालय -- लाइशङ्ग, मंदिर

मक्कार (वि.) कपटी, छली -- लौनम तौबा, नम्थाक तौबा

मखमल (स्त्री.) एक तरह का चिकना तथा रोएँदार कपड़ा -- रेशम

मगर (पुं.) घड़ियाल -- गुंभीर

मगर (अव्य.) लेकिन, परंतु -- अदुबु, तौइगुम्, बसुङ्

मग्न (मगन) (वि.) किसी काम या बात में तन्मय, लीन -- पुक्निड़, चङ्बा

मच्छरदानी (स्त्री.) जालीदार कपड़े का बना हुआ आवरण, जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है, मसहरी -- काङ्खल

मजदूर (पुं.) शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति -- हाजिरा शुबा मी

मजदूरी (स्त्री.) मजदूर का काम -- हाजिरागी थबक

मजदूरी (स्त्री.) भाड़े या वेतन के रूप में मजदूर को दिया जाने वाला धन -- खूत्शुमन्

मजबूत (वि.) दृढ़, पक्का, टिकाऊ -- अचेत्पा मशामङ

मजबूत (वि.) हृष्ट-पुष्ट तगड़ा, शक्तिशाली (देह) -- फबा मपाङगल कन्बा

मजाक (पुं.) परिहास, हँसी, दिल्लगी -- करेमनबा, फागी जुगाइ

मझधार (स्त्री.) नदी आदि के बीच की धारा -- ईयाइ

मझधार (स्त्री.) किसी काम या बात के मध्य की स्थिति -- मयाय

मठ (पुं.) साधु-संन्यासियों के रहने का स्थान -- साधु-सन्यासी शिङ्गी लैफम

मतदान (पुं.) चुनाव में मत देने की क्रिया -- भोत् थादबा

मताधिकार (पुं.) किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार -- भोत् थादबगी अधिकार

मथना (स.क्रि.) दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना -- नैबा

मथानी (स्त्री.) दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण -- माखोल शुङ्नबा चै

मद (पुं.) नशा, मस्ती -- निशा, मयाइ काबा

मद (पुं.) अहंकार या गर्व -- अचाओरम काबा

मद (पुं.) मतवाले हाथी का कनपटी से बहने वाला गंधयुक्त द्रव्य -- निशा

मदारी (पुं.) बाजीगर -- मित्रं तौबा मी

मदारी (पुं.) बंदर भालू आदि नचाकर जीविका चलाने वाला -- योङ्जागोइ शाहन्बा मी

मदिरा (स्त्री.) शराब, मद्य -- यू

मद्ययप (पुं.) जो मदिरापान करता हो, शराबी -- यू ङाओबा मी, यू थकपा मी

मधु (पुं.) शहद -- खोइही

मधु (पुं.) शराब -- यू

मधु (पुं.) बसंत ऋतु -- बसंतऋतु

मधुर (वि.) मीठा, जिसका स्वाद मधु के समान हो -- अथुंबा, खोइथुम्नबा, अमेङ्बा

मध्यस्थ (पुं.) आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया -- शङ्दा इनबा

मन (पुं.) मनुष्य के अंतःकरण का वह अंश, जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध और संकल्पविकल्प करता है -- पुक्निङ्

मन (पुं.) वजन में चालीस सेर -- मोन

मनचाहा (वि.) जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार -- पुक्निङ्ना खोइदाबा, पुक्निङ्ना पामजबा

मनोरंजन (पुं.) दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता -- पुक्निङ् नुङ्ङाइ-हन्बा

मनोरथ (पुं.) अभिलाषा, वांछा, इच्छा -- अपांबा

मनोरम (वि.) जिसमें मन रमने, लगे, सुंदर या आकर्षक -- पुक्निङ् हुनिंङाइ ओइबा

ममता (स्त्री.) अपनत्व का भाव, ममत्व -- ऐगी ओइबा भाव

ममता (स्त्री.) मन में होने वाला मोह या लोभ का भाव -- नुङ्शिबा, मीहौबा

मरना (अ.क्रि.) मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना -- शिबा

मरना (अ.क्रि.) खेलों में खिलाड़ियों का हार जाना -- माइथिबा

मरहम (मलहम) (पुं.) घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का लेप -- मोलोम

मरोड़ना (स.क्रि.) किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना -- लैंथेकपा

मर्म (पुं.) किसी बात के अंदर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य -- अथुप्पा वा

मर्यादा (स्त्री.) सीमा, हद -- पङ्खै

मर्यादा (स्त्री.) लोकप्रचलित व्यवहार नियम आदि, लोकाचार -- चत्न लोलचत्

मलना (स.क्रि.) किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना -- तकपा, नोइबा

मलना (स.क्रि.) लेप करना -- तैबा

मलबा (पुं.) कूड़ा-करकट, टूटी या गिराई हुई इमारत का ईंट-पत्थर, चूना आदि -- अमोत् अकाइ, युम निङ् खाइबगी चेक-नुङ्, मकुम मराङ् नचिङ्बा

मलिन (वि.) मैला-कुचैला, गंदा -- अमोत्पा, फत्तबा

मलिन (वि.) उदास, म्लान -- नुङ्नाङ्बा

मल्लाह (पुं.) नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, माँझी -- हिहोन्बा

महँगा (वि.) जिसका दाम अधिक हो -- अताङ्बा

महँगाई (स्त्री.) उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं की बिक्रि -- अताङ्बा

महत्ता (स्त्री.) बड़प्पन, महिमा, महत्व -- मतिक मगुन्

महत्व (पुं.) बड़प्पन, महिमा -- मतिक मगुन्

महत्वाकांक्षा (स्त्री.) महत्व प्राप्त करने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा -- चाओ निङ्बगी अपांबा चाओखत् निङ्बगी अपांबा

महल (पुं.) भवन, प्रासाद -- कोनुङ् भवन

महान (वि.) बहुत बड़ा, विशाल -- अचौबा, अपाक्पा

महान (वि.) उच्च कोटि का -- अवाङ्बा थाक्की ओइबा

महापुरुष (पुं.) महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन -- मतिक मगुन लैबा मी, अथोइबा मी

महा विद्यालय (पुं.) उच्च शिक्षा देने वाला विद्यालय, कॉलेज -- कालेज

महिला (स्त्री.) स्त्री, औरत -- नुपि, मतु (अ.पु.) नतु (म.पु) इतु (उ.पु)

माँग (स्त्री.) माँगने की क्रिया या भाव, याचना -- निबा

माँग (स्त्री.) किसी निश्चित मूल्य पर किसी चीज की खरीद या चाही जाने वाली मात्रा -- लैबा, निबा

माँग (स्त्री.) सिर के बालों को विभक्त करने से बनने वाली रेखा, सीमंत -- शम् खाइबम, शेङ्ग्रेङ्

माँगना (स.क्रि.) किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना -- निबा, हाच्जबा

माँजना (स.क्रि.) पात्र को अच्छी तरह से साफ करने के लिए राख, साबुन आदि से अच्छी तरह मलना या रगड़ना -- फेङ्बा

माँजना (स.क्रि.) किसी काम या चीज का अभ्यास करना ताकि कार्य में महारथ हासिल हो या पूर्ण सफलता मिले -- हन्ना-हन्ना होलबा

मांस (पुं.) शरीर में हड्डियों तथा चमड़े के बीच का मुलायम तथा लचीला पदार्थ -- शदोङ्

माड़ना (स.क्रि.) गूँधना, सानना -- नोइबा

माड़ना (स.क्रि.) अन्न की बालों में से दाने झाड़ना -- खोक्पा

मातृभाषा (स्त्री.) अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा -- ममारोल (अ.प्र), इमारोल (उ,प्र), नमारोल (म.पु)

मातृभूमि (स्त्री.) जन्मभूमि, स्वदेश -- इरम्दम (उ.प्र), नरम्दम (म.पु), मरम्दम (अ.पु)

मादक (वि.) नशा उत्पन्न करने वाला नशीला -- मयाइ काबा, निशा काबा

माधुर्य (पुं.) मधुरता, मिठास -- अथुंबा

माधुर्य (पुं.) काव्य का एक गुण -- काव्य (शैरेङ) गी गुण अमगी ममिङ्

माध्यम (पुं.) साधन, जरिया -- पांबै ओइबा, मतेङ् ओइबा

मानक (पुं.) वस्तुओं के आकार-प्रकार महत्व आदि जाँचने का कोई आदर्श मानदंड या रूप -- स्टैन्डर्ड, मयाम्ना यानरबा पोत अमगी शक्तम् अमदि थाक्

मानकीकरण (पुं.) एक ही वर्ग की बहुत सी वस्तुओं के गुण, महत्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैंडर्डाइजेशन) -- काङ्लुप अमतगी ओइबा पोत्शिङ्गी मगुन, मतिकमगुन नचिङ्बा मयाम्ना यानरबा थाक्ता लेप्या

मानना (स.क्रि.) स्वीकार करना, सहमत होना -- याबा

मानना (स.क्रि.) (किसी के प्रति) श्रद्धा रखना, गुण योग्यता आदि का कायल होना -- नोलुक्ना, भक्ति, थंबा याबा

मानव (पुं.) मनुष्य, आदमी -- मी, मीओइबा

मानवता (स्त्री.) मानव होने की अवस्था या भाव -- मी ओइबा मतौ, मीओइबा जाति

मानवता (स्त्री.) मनुष्य के आदर्श तथा स्वाभाविक गुणों, भावनाओं आदि का प्रतीक या समूह -- मीओइबगी फिदम, हौनशाओइबा गुण, गी खुदम अमदि मपै

मानसिक (वि.) मन-संबंधी -- पुक्निङ्गी ओइबा

मान्य (वि.) मानने योग्य -- लौनिघाइ ओइबा

मान्य (वि.) आदरणीय, सम्मान का अधिकारी -- इकाइखुम ननिङाइ ओइबा

माप (स्त्री.) मापने की क्रिया या भाव -- औन्बा, चाङ औन्बा

माप (स्त्री.) मापने पर ज्ञात होने वाला नाप, परिमाण, मात्रा या मान -- चाङ्-ओन्लबा

मापन (स.क्रि.) वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना -- ओन्बा अरुंबा, अशाङ्बा, खङ्दोक्या

माफ (वि.) क्षमा किया हुआ -- ङाक्यि-निङाई ओइबा, ङाकपिखबा

मायका (मैका) (पुं.) विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर -- इपाम (उ.पु), नपाम (म.पु.), मपाम (अ.पु.)

मारना (स.क्रि.) जान लेना, हत्या करना -- हात्पा

मारना (स.क्रि.) पीटना, प्रहार करना, चोट पहुँचाना -- कूबा

मारना (स.क्रि.) मानसिक या शारीरिक आवेग दबाना या रोकना -- नम्थबा, थिङ्बा

मार्ग (पुं.) रास्ता, पथ, राह -- लंबी, सरोक्

मार्ग (पुं.) माध्यम, साधन -- पांबै

मार्मिक (वि.) मर्म स्थान पर प्रभाव डालने वाला, मर्मस्पर्शी -- मनुङ् हक्चिन्बा

माल (पुं.) प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु, जिसका कुछ उपयोग होता है -- ममल, यांबा पोत

माल (पुं.) धन-संपत्ति, रुपया-पैसा, दौलत -- लन-थुम, पैसा-नुङ्शा

मालूम (वि.) जाना हुआ, ज्ञात, विदित -- खङ्लबा

मिटाना (स.क्रि.) दाग, निशान आदि दूर करना -- मुथात्तपा

मिटाना (स.क्रि.) नष्ट करना, बरबाद करना -- माङ्हन्बा

मिट्टी (स्त्री.) धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्व, जिसमें प्रायः पेड़ पौधे उगते हैं -- पृथ्वीगी पांबी हौबा डंबा मपाल थङ्बा लैरोल, लैबाक

मिठाई (स्त्री.) विशिष्ट प्रकार की बनाई हुई खाने की मीठी चीजें -- मिठाई

मितभाषी (वि.) कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला व्यक्ति -- ङाङ्गंदबा

मित्र (पुं.) दोस्त, सखा -- मरुप

मिथ्या (वि.) असत्य, झूठा -- चम्दबा, ओइदबा

मिथ्या (वि.) कृत्रिम, बनावटी -- अशाबा, शाजिन्नबा

मिलनसार (वि.) जिसकी प्रवृत्ति सबसे मिल जुल कर रहने की हो -- पुम्नमक का तिन्नबा पांबा

मिलान (पुं.) तुलनात्मक दृष्टि अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना -- चाङ्दम्नबा, चाङ्येङ्नबा

मिलान (पुं.) गुण, दोष, विभिन्नता या समानता जानने के लिए दो चीजों या बातों के संबंध में किया जाने वाला विवेचन, तुलना -- अथुम अरान मान्नबा, माननदाबा

मिलाना (स.क्रि.) मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना -- तिनशिन्बा, यान्शिन्बा, चाङचेङनबा

मिलाना (स.क्रि.) जोड़ना, सटाना -- तिनशिन्बा, ङाथबा

मिलाना (स.क्रि.) एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति से मेल मिलाप कराना, भेंट कराना -- चाङ्दम्नबा, चेङ्बा

मिलाना (स.क्रि.) तुलना करना, जाँच करना -- हाप्चिन्बा

मिलाना (स.क्रि.) किसी को अपने पक्ष में लाना -- NA

मिलावट (स्त्री.) किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल -- यानशिन्बा

मिश्रण (पुं.) दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना, मिलावट करना या मिलाना, मिलावट -- अमा नत्रगा अमदगी हेन्बा मशिङ् यान्शिन्बा

मिश्रण (पुं.) उक्त प्रकार से मिलाने से तैयार होने वाला पदार्थ या रूप -- यान्नरगा शेंबा पोत, मिक्चर

मीठा (वि.) जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला -- अर्थुबा

मीठा (वि.) धीमा, मंदा -- अतप्पा, अइङ्बा

मिनाकीरी (स्त्री.) सोने-चाँदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम -- सना-लुपा दा मचु शङ्दुना लैटेङ् शैबा

मुँडेर (स्त्री.) छत के चारों ओर मेंड़-जैसी दीवार -- पम्थक्ता इकोइ कोइना खाजिन्बा पन्

मुकदमा (पुं.) वह विवादास्पद विषय, जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए -- मुकदमा, कैस

मुकुट (पुं.) एक प्रसिद्ध शिरोभूषण, जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्रायः देवी-देवताओं की मूतियों के सिर पर पहनाया जाता है -- लुहुप

मुक्त (वि.) जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो -- अफा-अपुन लैतबा

मुक्त (वि.) मोक्ष-प्राप्त, भव बंधन से मुक्त -- अरान् खुभम् फङ्बा

मुक्त (वि.) छूटा हुआ, फेंका हुआ -- नांथो-क्लबा, थादोक्लबा

मुक्ति (स्त्री.) किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा -- मुक्ति

मुक्ति (स्त्री.) धार्मिक क्षेत्र में वह स्थिति, जिसमें जीव जन्म-मरण के बंधन से छूट जाता है, मोक्ष -- थादोक्पा

मुख (पुं.) मुँह -- माइ

मुख (पुं.) किसी वस्तु का अगला या ऊपरी खुला भाग -- ममाइ

मुखपृष्ठ (पुं.) किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ, जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है -- लाइरिक् की अहान्बा चेना, लाइरिक् ममाइ

मुख्य (वि.) प्रधान, खास -- अखन्नबा, मचङ् ओइबा

मुख्य (वि.) महत्वपूर्ण या सारभूत -- मरु, ओइबा, मपुङ् ओइबा

मुख्यालय (पुं.) किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान कार्यालय -- हेड ऑफिस

मुग्ध (वि.) मोहित, मूढ़ -- सुमत्पा

मुट्ठी (स्त्री.) हथेली की वह स्थिति, जिसमें उँगलियाँ अंदर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती हैं -- खुतुम ताबा

मुट्ठी (स्त्री.) उतनी वस्तु जितनी मुट्ठी में आ सके -- खुतुम्दा याओरिबा पोत

मुट्ठी (स्त्री.) मुट्ठी की चौड़ाई का माप -- खुतुम

मुद्रण (पुं.) छापने की क्रिया या भाव -- नंबा

मुद्रण (पुं.) मुद्रा से अंकित करना, मोहर लगाना -- नंबा

मुद्रणालय (पुं.) जहाँ छापने का काम होता है, छापाखाना -- छपा खाना, प्रिटिंग प्रेस, नंफम्, प्रेस

मुद्रा (स्त्री.) आँख-मुँह, हाथ आदि की ऐसी क्रिया, जिससे मन की कोई विशिष्ट प्रवृत्ति या भाव प्रकट हो -- शक्लोल्

मुद्रा (स्त्री.) चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर , सील -- सील,

मुद्रा (स्त्री.) क्रय विक्रय का आधिकारिक माध्यम, सिक्का -- पैसा, सेल मयेक्

मुद्रा (स्त्री.) ऐसी अंगूठी जिस पर किसी का नाम या कोई वैयक्तिक चिह्न अंकित हो -- खुदम याओबा खुदोप

मुनाफा (पुं.) क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा -- शेंदोङ्

मुरझाना (अ.क्रि.) फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना -- खुइबा

मुरझाना (अ.क्रि.) उदास या सुस्त होना, कांति, श्री आदि से रहित होना -- तुक्थबा, मुक्शिन्बा

मुर्दनी (स्त्री.) चेहरे से प्रकट होने वाला मुर्दे जैसा भाव -- शिरुम-नारुमबा

मुश्किल (वि.) कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य -- अरुबा, पाक्तौबा ङ्म्दबा

मुश्किल (स्त्री.) कठिनाई, परेशानी -- अरुबा

मुस्कान (स्त्री.) मंद-मंद हँसी, स्मित -- मोमोन नोक्या

मुहावरा (पुं.) वह वाक्यांश, जो अपने अभिधार्य से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो -- प्रमाण-पांथै, आदत

मुहूर्त (पुं.) काल का एक मान, जो दिन-रात के तीसवें भाग के बराबर होता है -- युथक

मुहूर्त (पुं.) ज्योतिष के अनुसार शुभा शुभ समय -- अफबा पुङ्फम, याइफबा पुङ्फम

मुहूर्त (पुं.) श्रीगणेश, आरंभ -- अहौबा, हौदोक्पा

मूक (वि.पु.) गूँगा -- मरोल थोक्तबा

मूलभूत (वि.) आधार-रूप, बुनियादी -- युंफम, हौरक्फम

मूल्यांकन (पुं.) मूल्य अथवा उपयोगिता निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया या भाव -- ममल लेप्पा

मृत्यु (स्त्री.) मरण, मौत -- शिबा

मेहँदी (स्त्री.) एक प्रकार की झाड़ी, जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने सजाने के काम आती हैं -- मेहंदी

मेखला (स्त्री.) करधनी, कमरबंद, पेटी -- मेखला, फनेक

मेधावी (वि.) असाधारण बुद्धि वाला, बुद्धिमान -- लौशिङ् लैबा, बुधी-लौशिङ् लैबा

मेरा (सर्व.वि.) मै का संबंध कारक -- ऐगी

मेरु-दंड (पुं.) मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुँथी हुई हड्डी -- यांलेन, मेरु-दंड

मेहतर (पुं.) सफाई कर्मचारी -- थी शेङ्बा

मैं (सर्व) सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्ता का रूप, स्वयं, खुद -- ऐ

मैदान (पुं.) विस्तृत क्षेत्र या भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन -- लँपाक्

मैदान (पुं.) पर्वतीय क्षेत्र से भिन्न समतल भू-भाग -- तंपाक्

मैदान (पुं.) खेल आदि का स्थान -- शन्नबुङ्

मैदान (पुं.) युद्ध-क्षेत्र, रण-भूमि -- लाल्फम

मैल (स्त्री.) शरीर, कपड़े आदि की गंदगी, गर्द, धूल आदि -- मोत्पा

मैल (स्त्री.) किसी के प्रति मन में संचित दुर्भाव -- मक्या

मैलखोरा (वि.) धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके -- अमोत्पा खङ्दबा

मैला (वि.) जिस्म पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्बच्छ -- अमोत्पा, अनैबा लुदबा

मैला (पुं.) विष्ठा -- NA

मोटा (वि.) जिसकी देह में मांस मेद अधिक हो, स्थूलकाय -- अनोइबा

मोटा (वि.) जो पतला या बारीक न हो (कपड़ा आदि) -- अपौबा

मोदक (पुं.) आनंद देने वाला -- नुङाइ निङाइ ओइबा

मोदक (पुं.) लड्डू -- लडू

मोल (पुं.) कीमत, मूल्य, दाम -- ममल

मोह (पुं.) स्नेह, लगाव -- अपांबा, शुम्हत्पा

मोहक (वि.) मोह उत्पन्न करने वाला -- शुम्हत् निंङाइ ओइबा

मोहक (वि.) मन को आकृष्ट करने वाला, लुभावना -- पुक्निङ् शुम्हतपा

मौत (स्त्री.) मरण, मृत्यु -- ऱिबा

मौन (पुं.) न बोलने की क्रिया या भाव, चुप्पी -- वा ङाङदबा, तुमिन लेबा

मौन (वि.) जो न बोले, चुप -- ङाङदबा, तुमिन लेबा

मौलिक (वि.) मूल-संबंधी, मूलगत -- हौरक्फम गा मरि लैनबा

मौलिक (वि.) जो किसी की छाया, अनुवाद, अनुकृति आदि न हो -- अशेङ्बा

मौसम विज्ञान (पुं.) मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान -- अयिङ् अशा नैनबा विज्ञान

म्यान (पुं.) तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ -- थांखूम

यंत्र (पुं.) औज़ार, उपकरण -- खुत्लाइ

यथार्थ (वि.) जैसा है वैसा, वास्तविक जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य, भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक -- अशेङ्बा, तशेङ्बा

यथार्थ (पुं.) वास्तविकता -- अरोङ्बा

यद्यपि (अव्य.) यद्यपि, अगर ऐसा है -- अदुम ओइनमक्

यशस्वी (वि.) जिसका यश चारों ओर फैला हो -- ममिङ चत्लबा, मिङ्चत लैबा

यह (सर्व) एक सर्वनाम, जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थों के लिए होता है -- मसि

या (अव्य.) विकल्पसूचक शब्द, अथवा -- नत्रगा

याचक (वि.पुं.) माँगने वाला, भिक्षुक -- हाय्जारिबा, निजरिबा

यातना (स्त्री.) घोर कष्ट -- ओत नैबगी चैना

यातायात (पुं.) एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते-जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना -- मफम् अमदगी मफम अमदा चत्थोक् चत्शिन् तौबा

याद (स्त्री.) स्मरण रखने की क्रिया या भाव -- निङ्शिङ्बा, काओदबा

यान (पुं.) वह उपकरण या साधन, जिस पर सवार होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है -- गारी

युक्त (वि) किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ -- लोइनबा

युक्त (वि) सम्मिलित -- अपुन्बा, अयाओबा

युग (पुं.) काल, समय -- मतम

युग (पुं.) काल-गणन के विचार से कल्प के चार उप विभाग (सत, त्रेता, द्वापर और कलि में से प्रत्येक) -- युग

युगल (वि.पुं.) युग्म, जोड़ा -- जुरा, पोङ्बा

युगम (पुं.) दो चीज़ें, जो प्रायः या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा -- पोत्पा, जुरा

युद्ध (पुं.) अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण, संग्राम -- लाल्

युवक (पुं.) जवान आदमी -- नहा

योगदान (पुं.) किसी को सहायता देने, हाथ बँटाने की क्रिया या भाव -- तेङ्बाड्बा, थोदाङ् यारंबा

योगी (पुं.) वह, जो योग की साधना करता हो -- जोगी

योग्य (वि.) योग्यता रखने वाला, काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित -- मतिक् चाबा

योग्यता (स्त्री.) योग्य होने की अवस्था या भाव, काबिलियत, गुण -- मतिक् चाबा मतौ मगुन

योजना (स्त्री.) किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) -- पाङ् थोक्क-दौरिबा थौरम, प्लान

यौवन (पुं.) युवा या युवती होने की अवस्था या भाव -- नहा ओबा, मतौ नहा

रंग (पुं.) वर्ण (कलर) -- मचु

रँगना (स.क्रि.) रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना -- मचु शङ्बा

रंगमंच (पुं.) वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं -- स्टेज, रंगमंच, फंपाक

रँभाना (अ.क्रि.) गाय का मुँह से आवाज करना -- शन्ना खोङ्बा

रक्तपात (पुं.) लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा -- ई तानबा

रक्षा (स्त्री.) ऐसा काम, जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव -- ङाक् शेन्बा

रखना (स.क्रि.) किसी स्थान पर स्थित करना -- थंबा

रगड़ (स्त्री.) रगड़ने की क्रिया या भाव -- तक्या

रगड़ (स्त्री.) वह चिह्न, जो किसी चीज से रगड़े जाने पर दिखाई देता है, खरोंच -- होल्काइबा

रचना (स्त्री.) रचने की क्रिया या भाव, बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति -- लाइरिक इबा

रजनी (स्त्री.) रात, रात्रि -- अहिङ्

रटना (स.क्रि.) कंठस्थ करना -- चिन्फा पुबा

रण (पुं.) लड़ाइ, युद्ध -- लाल्

रति (स्त्री.) काम क्रीड़ा -- अपाम्बा, इंद्रीगी अपांबा, नुङ्शिबा

रति (स्त्री.) साहित्य में श्रृंगार रस का स्थायी भाव -- रति

रत्न (पुं.) बहुमूल्य पत्थर, जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं -- मनि

रफ्तार (स्त्री.) चाल, गति -- खोङ्चत्

रमणी (स्त्री.) सुंदर नारी, युवती -- नाहा ओइरिबी

रमणीक (वि.) सुंदर, मनोहर -- चङ्खोन्बी, निङ्थिबी, फजबी

रवि (पुं.) सूर्य -- नुमित्

रश्मि (स्त्री.) किरण -- मङाल

रस (पुं.) शोरबा -- रस, माहि

रस (पुं.) मन में उत्पन्न होने वाला वह भाव, जो काव्य आदि पढ़ने या नाटक आदि देखने से होता है, काव्यानंद -- रस

रसायन (पुं.) द्रव का अशोधित रूप, पौष्टिक औषधि -- पोत यान्बा, केमिस्ट्रि

रसीला (वि.) रस से भरा हुआ, रसदार, स्वादिष्ट -- महाओ लैबा महि होंबा

रस्सा (पुं.) मोटी डोरी -- थौड़ी

रहट (पुं.) खेतों में सिंचाई के लिए कुएँ से पानी निकालने का चक्राकार यंत्र (पर्शिंयन व्हील) -- इशिङ् चाइनबा खुत्लाई, पर्शियन हवील

रहस्य (पुं.) मर्म या भेद की बात, गुप्त बात -- अथुप्पा, अरोनबा

रहित (वि.) (से) बिना, (से) खाली, विहीन -- योओदबा

राक्षस (पुं.) निशाचर, दैत्य -- आहिङ् चाक्ताबा, हिंचाबा

राग (पुं.) अनुराग, प्रेम -- नुङ्शिबा

राग (पुं.) शास्त्रीय संगीत का विशिष्ट गान-प्रकार -- राग

राज (पुं.) राज्य, राजकीय शासन -- राज्य

राज (पुं.) मकान बनाने वाला कारीगर (मेसन) -- नुङ् शुबा, युम शाबा

राजकुमार (पुं.) राजा का पुत्र -- निङ्थो मचा नुपा, राजकुमार,

राजचिह्न (पुं.) राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो -- खुदम ओइबा पोत्

राजदूत (पुं.) किसी राजा या राज्य का दूत -- लैबाक्की पाओ पुबा, राजदूत

राजद्रोही (पुं.) वह व्यक्ति जिसने सत्ता के विरुद्ध विद्रोह किया हो, बागी -- लालहौबा, प्रजागी शांति अमसुङ् लैबाक्की मरा चेत्पबु थुगाइनबा तौबा

राजधानी (स्त्री.) किसी राज्य का वह नगर, जो उसका शासन केंद्र हो -- कोनुङ्

राजनीति (स्त्री.) वह नीति या पद्धति, जिसके द्वारा किसी राज्य का प्रशासन सुचारु रूप से चलाया जाता है (स्टेटमैन शिप) -- राजनीति

राजनीति (स्त्री.) गुटों, वर्गों आदि की पारस्परिक स्पर्धा वाली स्वार्थपूर्ण नीति (पॉलिटिक्स) -- राजनीति

राजभाषा (स्त्री.) किसी देश की वह भाषा, जो राजकाज तथा न्यायालयों आदि में प्रयोग में आती हो -- लैंबाक् की वायेन थौदादा शिजिन् नरिबा लोल, ओफिसेल ओइबा लोल

राजमार्ग (पुं.) मुख्य मार्ग, राजपथ -- मरु ओइबा लंबी

राजस्व (पुं.) वह धन, जो राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो -- खाजना, सरकार अमगी अपुन्बा चागा

राजा (पुं.) वह व्यक्ति , जो किसी राज्य या भूखंड का मालिक हो, नृपति, भूपति -- निङ्थौ

रात्रि (स्त्री.) रात, निशा -- अहिङ्

राशि (स्त्री.) किसी पदार्थ का समूह -- मपै

राशि (स्त्री.) गणित में कोई ऐसी संख्या जिसके संबंध में जोड़, गुणा, भाग आदि क्रियाएँ की जाती हैं -- अपुनबा मशिङ्, मपूम

राशि (स्त्री.) ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत क्रांति वृत्त में पड़ने वाले 12 तारा समूहों में से कोई एक -- राशि

राष्ट्र (पुं.) राज्य, देश किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग, जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं -- जाति, लैबाक्

राष्ट्रगान (पुं.) किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गान, जो राष्ट्रीय उत्सवों आदि पर गाया जाता हो -- जाति गी इशै

राष्ट्रध्वज (पुं.) किसी भी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त झंडा -- जातिगी फिराल

राष्ट्रभाषा (स्त्री.) राष्ट्र की ऐसी भाषा, जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों -- जातिगी लोल, लैबाक् अमगी लोल

राष्ट्रमंडल (पुं.) ब्रिटेन तथा स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) -- मयामगी फनबगीदमक लैबाक् मयाम्ना पुनबा काङ्लुप, कॉमन वेल्थ

राष्ट्रवादी (वि.) राष्ट्रवाद से संबंधित -- जातिगी नीङ्तम्-लाल्हौबु शौगत्पा मी

राष्ट्रवादी (पुं.) राष्ट्र के प्रति निष्ठा रखने वाला -- नीङ्तम लात्हौबु शौगस्लिबा

राष्ट्रीयकरण (पुं.) सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव -- कनागुंबबु लैबाक अमगी नागरिक ओइहन्बा

रास्ता (पुं.) मार्ग, पथ -- लंबी

रिमझिम (स्त्री.) वर्षा की फुहार, छोटी छोटी बूँदों की वर्षा -- नोङ् मकुप-मकुम ताबा

रिवाज (पुं.) प्रथा, चलन -- चलबी

रिश्वतखोरी (स्त्री.) घूस लेने की क्रिया -- शेन् चाबा

रीझना (अ.क्रि.) मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना -- मीहौहन्बा, हराओहनबा

रीति (स्त्री.) प्रथा, रिवाज -- चलबी

रीति (स्त्री.) काम करने का विशिष्ट ढंग या तरीका, कायदा -- थबक् तौबगी मओङ्

रुकना (अ.क्रि.) ठहरना, थमना -- खांबा, लेप्पा

रुकावट (स्त्री.) विघ्न, बाधा, अटकाव -- अथिङ्बा, अपन्बा

रुचना (अ.क्रि.) रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना -- पाम्जना

रुचि (स्त्री.) अच्छा लगने की वृत्ति -- अनिङ्बा

रुचि (स्त्री.) दिलचस्पी -- अपाम्बा

रुपया (पुं.) सौ पैसे के मूल्य का भारतीय सिक्का या नोट -- लुपा

रुष्ट (वि.) रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध -- अशाओबा

रुष्ट (वि.) रूठा हुआ, अप्रसन्न -- शाओ-निङ्बा, पेन्दबा

रूखा (वि.) जिसमें चिकनाहट का अभाव हो, शुष्क, नीरस -- महाओ याओदबा, अकङ्बा, मरेक महाओ याओदबा

रूठना (अ.क्रि.) रुष्ट या अप्रसन्न होना -- शाओबा, ओइनबा

रूढ़ि (स्त्री.) परंपरा से चली आई कोई ऐसी प्रथा, जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों -- पत्नबी

रूपक (पुं.) ऐसी साहित्यिक रचना, जिसका अभिनय हो सके, नाटक -- ड्रामा, शक्तम

रूपक (पुं.) साहित्य में एक प्रकार का अर्थालंकार (मेटाफर) -- अर्थालंकार मखल आमा

रूपरेखा (स्त्री.) रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन, जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) -- चाओराक्ना योक्या, स्केच

रूपरेखा (स्त्री.) किसी कार्य या बात के संक्षिप्त रूप (आउट-लाइन), योजना आदि का खाका -- चोराक्या शक्तम

रूपांतर (पुं.) रूप-परिवर्तन -- मशक् होङ्बा, मशक् ओन्बा

रेंगना (अ.क्रि.) पेट के बल सरकना (क्रीप) -- उप्राक्ना शित्पा शित्तुना चत्पा

रेखागणित (पुं.) ज्यामिति (जिओमिट्री) -- जिओमिट्री

रेखाचित्र (पुं.) केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) -- साहित्यगी विधा अमा, स्केच

रेजगारी (स्त्री.) छोटे सिक्के, छुट्टा -- शेल अचोइबा

रेत (स्त्री.) बालू -- लैङोइ

रेलगाड़ी (स्त्री.) भाप, डीजल, बिजली आदि से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी -- रेलगाड़ी, ट्रेन

रोक (स्त्री.) प्रतिबंध -- बैन, अथिङ्बा

रोक (स्त्री.) रोकने (बाधा डालने या निषेध करने) की क्रिया या भाव -- थिङ्बा

रोकथाम (स्‍त्री.) किसी प्रवृत्‍ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय -- अथिङ्बा

रोग (पुं.) बीमारी -- अनाबा

रोचक (वि.) अच्छा लगने वाला, मनोरंजक -- हैनिङ्बा नुङङाइबा

रोजगार (पुं.) धंधा, पेशा, आजीविका का साधन -- शिन्फम, हिङ्नबगी पांबै

रोना (अ.क्रि.) आँसू बहाना, रुदन करना -- कप्मा

रोम (पुं.) शरीर पर के बाल, रोआँ -- तू, तूबुम

रोली (स्‍त्री.) हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण, जिससे तिलक लगाया जाता है -- चुंदोल

रोशनदान (पुं.) रोशनी, हवा आदि आने का छोटा रास्ता, गवाक्ष, वातायन -- नुङ्शित् नुङ्शा चङ्नबा थोङ्नाओ

रोष (पुं.) क्रोध, गुस्सा, कोप -- अशाओबा

रौंदना (स.क्रि.) किसी चीज़ को पैरों तले पीसना, कुचलना -- नेत्खाइबा, नेत्पा, नेथत्पा

रौनक (स्‍त्री.) चमक-दमक, शोभा -- निङ्थि-जरकपा

रौनक (स्‍त्री.) चहल-पहल, जमघट -- मीयाम तिन्बा

लँगड़ाना (अ.क्रि.) लँगड़ा कर चलना -- खोङ् शेक्‍ना चत्पा

लंगर (पुं.) लोहे का बहुत भारी काँटा, जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है -- जहाज फाननबा योटकी काची कारोङ्

लंगर (पुं.) वह स्थान, जहाँ पका हुआ भोजन पंगत में बैठे भक्‍तों और गरीबों को खिलाया जाता है तथा इस प्रकार बाँटा जाने वाला भोजन -- NA

लंपट (वि.) कामी, विषयी -- इराङ् तौबा, इराङ् पांबा

लंबा (वि.) जो अधिक ऊँचा हो -- अवाङ्बा

लंबा (वि.) अधिक विस्तार वाला, दीर्घकायिक -- अशाङ्बा

लकड़ी (स्‍त्री.) कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख, टहनी आदि -- उशा अकङ्बा उ अकङ्बा

लकीर (स्‍त्री.) रेखा (लाइन) -- लैई, लाइन

लक्षण (पुं.) किसी वस्तु या व्यक्‍ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर, करेक्टरिस-टिक्स) -- तौथोक्‍र-क्पा मओङ्

लक्षण (पुं.) शरीर में दिखाई पड़ने वाले वे चिहन आदि, जो किसी रोग के सूचक हों या सामुद्रिक के अनुसार शुभाशुभ के सूचक हों -- हक्चाङ्दा उत्लक्पा लैनागी खुदम

लक्षणा (स्‍त्री.) वह शब्द शक्‍ति, जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो -- शब्द शक्‍तिगी मखल अमा

लक्ष्मण रेखा (स्‍त्री.) ऐसी सीमा, जिसका अतिक्रमण नहीं किया या सके -- लक्ष्मण-रेखा

लक्ष्मी (स्‍त्री.) धन-संप्पत्‍ति की देवी, श्री, धन संप्पति -- लन्गी लाइरेंबी, निङ्थिजबा

लक्ष्य (पुं.) निशाना -- पांदम

लक्ष्य (पुं.) अभीष्‍ट वस्तु, उद्‍देश्य -- अनिङ्बा पांदम

लखपती (पुं.) लाखों रुपए का मालिक, बहुत अमीर व्यक्‍ति -- लाखपति, इनाक् खुन्बा मी

लगन (स्‍त्री.) मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ -- पुक्‍निङ् चङ्बा

लगन (पुं.) विवाह या अन्य शुभ कार्य का मुहूर्त्‍त -- NA

लगान (पुं.) सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर -- अफबा पुङ्फम

लगाना (अ.क्रि.) जोड़ना, संलग्‍न करना -- लमगी खाजना

लगाना (अ.क्रि.) रोपना -- नप्शिन्बा, हापचिन्बा, थाबा

लगाम (स्‍त्री.) बाग, रास -- चुक्‍ली

लगाव (पुं.) जुड़ने का भाव, स्‍नेह -- नुङ्शिबा

लगाव (पुं.) दिलचस्पी -- थवाइ याओशिन्बा

लघुतम (वि.) सबसे छोटा -- ख्वाइदगी पिक्पा

लचकना (अ.क्रि.) दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबी चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना -- कोन्बा

लज्‍जा (स्‍त्री.) लाज, शर्म, हया -- इकाइबा

लटकना (अ.क्रि.) ऊँची जगह से नीचे की ओर लंबित होना -- यांथरक्पा

लटकना (अ.क्रि.) काम पूरा न होना, देर होना -- लोइहौदबा

लट्टू (पुं.) लकड़ी का एक खिलौना, जिसके मध्य में कील जड़ी होती है और जो चलाए जाने पर उक्‍त कील पर घूमने या चक्‍कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) -- खूङ्

लड़कपन (पुं.) बाल्यावस्था, बचपन -- अङाङ् ओइबा मओङ्

लड़कपन (पुं.) बचकाना आचरण -- अङाङ्गी लिचत्

लड़का (पुं.) बालक, जो अभी युवक न हुआ हो -- नुपामचा

लड़का (पुं.) पुत्र -- मचानिपा

लड़खड़ाना (अ.क्रि.) चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना -- फैरङ्-तुरङ् चत्पा, हाइरङ्-तुरङ् चत्पा

लड़ना (अ.क्रि.) लड़ाई करना, भिड़ना, झगड़ना -- कत्‍नबा, लाल् शोक्‍नबा

लता (स्‍त्री.) जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल -- ऊरि

लदना (अ.क्रि.) बोझ या भार से युक्‍त होना -- लुंबा

लपकना (अ.क्रि.) सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना -- परप-परप चत्पा

लपकना (अ.क्रि.) फेंकी गई किसी वस्तु को जमीन पर गिरने से पूर्व पकड़ लेना -- ओक्पा

लपट (स्‍त्री.) आग की लौ, ज्वाला -- मैरी

लपेटना (स.क्रि.) सूत, कपड़े आदि को किसी चीज के चारों ओर फेरा देकर बाँधना -- योमशिन्बा

लय (पुं.) एक वस्तु का दूसरी वस्तु में विलीन होना, समा जाना -- तिन्बा

लय (स्‍त्री.) स्वर के आरोह-अवरोह का ढंग -- स्वरगी अनेम-अवाङगी मओङ्

ललकार (स्‍त्री.) लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती -- शिङ्नबगी खोल्लाओ

ललकारना (स.क्रि.) विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना -- शिङ्नबा, मुक्खाइ-नबा

ललचाना (स.क्रि.) कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जगना -- मीहौबा

ललाट (पुं.) माथा -- लाइबक

ललाट (पुं.) भाग्य -- नोङ्दंबा

ललित (वि.) मनोहर, सुंदर -- निङ्थिजबा, फजबा

लहर (स्‍त्री.) हिलोर, मौज, तरंग (वेव) -- ईथक्, ईपोम्, नुङाइबा

लहराना (अ.क्रि.) हवा के झोंकों से हिलना-डुलना -- ईथक हौबा

लहलहाना (अ.क्रि.) हरा भरा होना, पनपना -- ईशङ् शङ्बा, तेकखत्पा

लहू-लुहान (वि.) खून से तर-बतर -- ईना पुम्लुप् लुप्वा, ईखेङ् ताबा

लाँघना (स.क्रि.) डग भर कर या छलाँग लगाकर पार करना, फाँदना -- चोङ्बा

लांछन (पुं.) चरित्र पर धब्बा, कलंक -- मराल कलैक

लाख (पुं.) सौ हजार की अंकों में सूचक संख्या-1,00,000 -- लाख

लाख (वि.) जो संख्या में सौ हजार हो -- NA

लागत (स्‍त्री.) किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च -- पोत अमा शागत्पदा चङ्गदबा शेन्फम्

लाचारी (स्‍त्री.) मजबूरी, असमर्थता, विवशता -- तौफम् खङ्दबा

लाड़-प्यार (पुं.) प्रेमपूर्ण व्यवहार, दुलार -- नुङ्शिना तौबा

लाभ (पुं.) प्राप्‍ति, लब्धि -- फङ्बा

लाभ (पुं.) फायदा, नफा -- कान्‍नबा

लाभदायक (वि.) जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला -- कान्‍नगदबा

लाभांश (पुं.) लाभ का वह अंश, जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूँजी के अनुपात में मिलता हो (डिविडेन्ड) -- येन्‍नगदबा शेंदोङ् मशिङ्

लाल (पुं.) छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्‍चा, पुत्र, बेटा -- नुङ्शिरबा अङाङ

लाल (पुं.) माणिक नामक रत्‍न -- माणिक, मणि

लाल (वि.) रक्‍तवर्ण का, सुर्ख -- अङाङ्बा

लालच (पुं.) कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ -- मीहौबा

लालटेन (स्‍त्री.) हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील -- लालटेन

लाश (स्‍त्री.) किसी प्राणी का मृत शरीर, शव -- अशिबा हक्चाङ्

लिपि (स्‍त्री.) वर्णमाला के अक्षर लिखने की एक प्रणाली, अक्षरों-वर्णों के चिहन -- मयेक

लीन (वि.) जो किसी में समा गया हो -- पुक्‍निङ् चङ्बा, थवाइ याओबा

लीन (वि.) जो किसी काम में इस प्रकार लगा हुआ हो कि उसे और बातों का ध्यान न रहे, तन्मय -- पुक्‍निङ् लुप्पा

लीपना (स.क्रि.) किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना -- तैबा

लुटेरा (पुं.) लूटने वाला, डाकू -- लूट तौबा, डाकु

लुभाना (अ.क्रि.) आकृष्‍ट, मोहित या राग-युग्त होना, लालच में पड़ना -- शुमहत्पा पुक्‍निङ् चिङ्शिन्बा

लू (स्‍त्री.) ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा -- अशाबा नुङ्शित्

लू (स्‍त्री.) ग्रीष्म ऋतु में गर्म हवा लग जाने से होने वाली एक बीमारी -- अशाबा नुङ्शित्‍ना यैबदा नाबा

लूट (स्‍त्री.) जबरदस्ती छीनने की क्रिया -- लूट की पौत

लेकिन (अव्य.) परंतु, किंतु, मगर -- अदुबु

लेखक (पुं.) पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला व्यक्‍ति -- अइबा

लेखा-जोखा (पुं.) हिसाब-किताब -- हिसाब-किताब

लेटना (अ.क्रि.) विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना -- हिप्पा

लेन-देन (पुं.) किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार -- लौथोक, लौशिन तौनबा

लेन-देन (पुं.) उधार लेने-देने का व्यवहार -- पुथोक् पुशिन् तौनबा

लेना (स.क्रि.) थामना, पकड़ना -- खांबा, फाबा

लेना (स.क्रि.) खरीदकर या उधार के रूप में प्राप्‍त करना -- लैबा, लौबा

लेप (पुं.) गीली या घोली हुई चीज, जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाए -- तैबा

लेप (पुं.) शरीर पर लगाया जाने वाला उबटन आदि -- NA

लोक कथा (स्‍त्री.) लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) -- फुङ्गा वारी, फोक टेल

लोककला (स्‍त्री.) अंचल विशेष में परंपरागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ -- लोक कला (खुनुङ्-ईशै खुलङ् ईशै, खुनुङ् जगोइ नचिङ्बा)

लोकगीत (पुं.) जनसाधारण में गीत -- खुनुङ ईशै, फोक सौंग

लोकप्रिय (वि.) ज़ो जनसाधारण को प्रिय हो -- मीयाम्‍ना याबा

लोक संगीत (पुं.) परंपरा से चला आया वह संगीत, जो लोक में प्रचलित हो -- लोक संगीत, फोक म्यूजिक

लोकापवाद (पुं.) लोक निंदा, बदनामी -- मीयाम्णा यादबा, बदनाम चारबा

लोकोक्‍ति (स्‍त्री.) लोकोक्‍ति -- पाओरौ

लोभ (पुं.) दूसरे की वस्तु पाने की प्रबल कामना, लालच -- मीहौबा

लोरी (स्‍त्री.) छोटे बच्‍चों के सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत -- नाओशुम् ईशै

लोहा (पुं.) प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्‍ध धातु -- योत्

लौ (स्‍त्री.) आग की लपट, ज्वाला -- मैरी

लौ (स्‍त्री.) लगन, धुन -- नूंशिब

लौकिक (वि.) सांसारिक -- संसारगी ओइबा

लौटना (अ.क्रि.) वापस आना या जाना -- हल्लक्पा

लौटना (अ.क्रि.) पीछे की ओर घूमना, मुड़ना -- हन्‍ना येङबा, लैथोक्पा

वंश (पुं.) जीव या प्राणी की संतान, परंपरा, कुल -- शागै

वंशज (पुं.) वंश विशेष में उत्पन्‍न संतान -- शागैगी मचा

वंशावली (स्‍त्री.) किसी वंश में उत्पन्‍न पुरुषों की पूर्वोत्‍तर क्रम सूची -- शागै अमदा पोकखिबा नुपाशिङ्गी ममिङ मथङ-मनाओ

वकालत (स्‍त्री.) वकील का काम या पेशा -- उकिलगी थबक्

वकालत (स्‍त्री.) किसी के पक्ष का किया जाने वाला मंडन, पक्ष समर्थन -- उकिलगी थबक्

वचन-बद्‍ध (वि.) जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो -- वाशक्खिबा

वध (पुं.) अस्‍त्र-शस्‍त्र से की जाने वाली हत्या -- हात्पा

वधू (स्‍त्री.) ऐसी कन्या, जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन -- कन्या

वधू (स्‍त्री.) पत्‍नी -- नुपि

वनवास (पुं.) वन का निवास, जंगल में रहना -- बोन चत्पा, बोंदा लैबा

वनस्पति (स्‍त्री.) जमीन से उगने वाले पेड़, पौधे, लताएँ आदि -- ऊ, वा नापी शिङ्बी मना-मशिङ्

वनिता (स्‍त्री.) औरत, स्‍त्री -- नुपि

वयस्क (वि.) पूर्ण शारीरिक विकास प्राप्‍त, प्रौढ़ -- मपुङ मरै फारबा

वयस्क (वि.) विधिक दृष्‍टि से आयु विशेष का वह व्यक्‍ति, जिसे निर्वाचन में मत देने, अपनी संपत्‍ति की व्यवस्था करने, कानूनन विवाह करने आदि का अधिकार प्राप्‍त होता है, बालिग -- भोत थादबा अमदि कोर्ट ता लुहोंगबा यारबा मीओइ

वर (पुं.) कन्या के विवाह के लिए उपयुक्‍त पात्र -- बोर

वर (पुं.) नव विवाहित स्‍त्री पति, दुल्हा -- लुहोङ्बदा ङाइरिबा नुपा

वर (पुं.) वरदान -- बोर

वरदान (पुं.) देवता, महापुरुष आदि के द्‍वारा दिया हुआ वर -- लाइगी बोर

वर्ग (पुं.) स्वजातीय या समान-धर्मियों का समूह, श्रेणी -- बोर

वर्ग (पुं.) कुछ विशिष्‍ट कार्यों के लिए बना लोगों का समूह, दल -- काङ्लुप्

वर्गीकरण (पुं.) गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्‍न-भिन्‍न वर्ग बनाना -- काङ्बु

वर्णन (पुं.) किसी विशिष्‍ट अनुभूति, घटना, दृश्य, वस्तु, व्यक्‍ति आदि के संबंध में विस्तारपूर्ण कथन -- काङ्‍लुप खाइबा

वर्णमाला (स्‍त्री.) किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची -- शिङ्थाबा लिपिगी

वर्तमान (वि.) जो इस समय अस्तित्व या सत्‍ता में हो अथवा लागू हो -- मथङ् मनाओ हौजिक्‍की

वर्तमान (वि.) उपस्थित, प्रस्तुत, विद्‍यमान -- हौजिक् ओइरिबा

वर्षगाँठ (स्‍त्री.) जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, सालगिरह -- मपोक् नुमित

वसीयत (स्‍त्री.) वह लिखित आदेश, जिसमें मृत्यु के उपरांत उस व्यक्‍ति की संपत्‍ति के वारिस का वर्णन हो -- उइल-नामा पान्बा

वसीयत (स्‍त्री.) वसीयत-नामा, इच्छापत्र -- उइल-चे, नामा पान्बा चे

वसुंधरा (स्‍त्री.) पृथ्वी -- पृथ्वी, मालेम

वसूली (स्‍त्री.) वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही -- खोम्जि-ल्लबा शेन्फम

वस्तु (स्‍त्री.) गोचर पदार्थ, चीज -- पोत्

वस्‍त्र (पुं.) ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े -- फि

वह (सर्व.) बातचीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्‍ति या पदार्थ को संकेत का शब्द -- मदु

वहाँ (अव्य.) उस स्थान में, -- मफम अदुदा

वांछनीय (वि.) जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो -- पाम्‍नि-ङ्ङाइ ओइबा

वांछित (वि.) चाहा हुआ, इच्छित -- अपांबा, अनिङ्बा

वाङ्‍मय (पुं.) लिपिबद्‍ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य -- साहित्य

वाणिज्य (पुं.) बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार -- ललोल् इतिक

वाणी (स्‍त्री.) मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन -- वङाङ्

वाणी (स्‍त्री.) जिहवा, जीभ -- लै

वाणी (स्‍त्री.) सरस्वती -- सरस्वती, महैगी लाइरेंबी

वातानुकूलन (पुं.) तापमान नियंत्रक उपकरण -- एयर कण्डीशनिंग

वातावरण (पुं.) वायु की वह राशि, जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारों ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल -- पृथ्वीबु कूप्लिबा नुङ्शित् की मरोल, वायुमंडल

वातावरण (पुं.) परिस्थिति, पर्यावरण -- अकोइबदा लैरिबा नाक येत्की फिभमशिङ्

वात्सल्य (पुं.) माता-पिता का बच्‍चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम -- ममा-मपा ओइबना मचागी नूंशिबा

वाद-विवाद (पुं.) तर्क-वितर्क, खंडन-मंडन, वाद-विवाद -- मरै-येत्‍नबा

वादी (पुं.) वह, जो न्यायालय में किसी के विरुद्‍ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी -- वाकत्लिबा

वायु (स्‍त्री.) हवा, पवन -- नूङ्‍शित्

वायुमार्ग (पुं.) हवाई मार्ग, विमान मार्ग -- नुङ्शित् लंबी

वायु सेना (स्‍त्री.) वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना -- नोङ्थक्‍की लाल्मी

वार्तालाप (पुं.) बातचीत, कथोपकथन, संवाद -- वारि वताई शान्‍नबा

वार्षिक (वि.) प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला -- चहिगी ओइबा

वार्षिक (वि.) एक वर्ष तक चलता रहने वाला -- चहि अमा फाओबा

वाष्प (पुं.) भाप -- मनिल्

वास्तविक (वि.) जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य -- बास्तविक, अशेङ्बा, अचुंबा

वाहन (पुं.) सवारी, यान -- तोङ्ननबा

विकराल (वि.) भीषण आकृति वाला, डरावना -- मओङ् काइबा, किनिङ्ङाइ ओइबा

विकल (वि.) बेचैन, व्याकुल -- मीपाइबा लाङ्तक्‍नबा

विकास (पुं.) उन्‍नति, प्रसार, अभिवृद्‍धि -- शंदोक्पा, चाओखत्पा

विक्रम (पुं.) पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम -- थौना लैबा

विख्यात (वि.) प्रसिद्‍ध, मशहूर -- अफाओबा

विचार (पुं.) सोचने-समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन -- वाखल

विचार (पुं.) मत, राय, धारणा -- मत

विचार विमर्श (पुं.) विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा -- खन्‍न-नैनबा

विचित्र (वि.) साधारण से भिन्‍न, अद्‍भुत, अनोखा -- अङकपा

विजय (स्‍त्री.) शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराना, जीत -- ङंबा थोइबा

विजय (स्‍त्री.) सफलता, कामयाबी -- महै यान्बा

विजेता (पुं.) जीतने वाला, विजयी -- अङंबा

विज्ञान (पुं.) आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्‍ध तथा व्यवस्थित ज्ञान -- विज्ञान

विज्ञापन (पुं.) प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्‍देश्य से वस्तु के गुण, कार्य-पद्‍धति बताते हुए पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना -- नोटिश् तौदुना मयामदा शंदोक्पा, एडवटाइज

विज्ञापन (पुं.) प्रचार आदि के उद्देश्य से बाँटी जाने वाली सामग्री, इश्तहार -- पाओ येंथोक्पा/शंदोक्पा

विडंबना (स्‍त्री.) क्रूर, परिहास -- नोक्‍नबा, करेम्‍नबा

विडंबना (स्‍त्री.) असंगति -- जूद् चान्‍नदबा

वितरण (पुं.) बाँटना, देना -- येंथोक्पा, पीबा

विदूषक (पुं.) अपने विचित्र वेश, चेष्‍टा, बातचीत आदि से दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हँसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र -- जोकर

विदेश (पुं.) दूसरा देश, परदेश -- मीरैबाक, मीरम्दम

विद्‍या (स्‍त्री.) अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान -- महै, विद्‍या

विद्‍या (स्‍त्री.) किसी तथ्य या विषय का विशिष्‍ट और व्यवस्थित ज्ञान -- NA

विद्‍यालय (पुं.) शिक्षण संस्थान, स्कूल, पाठशाला -- महै तंफम शङ्, स्कूल

विद्‍युत (स्‍त्री.) बिजली -- बिजली, मै

विद्रोह (पुं.) राज्य या शासन के विरुद्‍ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव -- यानिङ्दबा लिच-त्शाजत्-उपद्रव

विधर्मी (पुं.) अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म-भ्रष्‍ट -- धर्मगी माइयोक्‍ता लैबा

विधर्मी (पुं.) दूसरे धर्म का अनुयायी -- अतोप्पा धर्म चत्खिबा

विनती (स्‍त्री.) विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना, अनुनय-विनय -- हाइज-नोन्जबा

विनय (स्‍त्री.) विनम्रता और सौजन्य -- नोनलुक्‍ना

विनय (स्‍त्री.) नम्रतापूर्वक की जाने वाली प्रार्थना या विनती -- हाइजबा

विनीत (वि.) जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, -- नौल्लुक्पा, मराइ लुक्पा

विनोद (पुं.) मन-बहलाव, मनोरंजन -- हराओ-नुङ्ङाइबा

विनोद (पुं.) हँसी-ठट्‍ठा -- नोक् खेबा

विपक्ष (पुं.) विरोधी पक्ष या दल -- माइयोक्‍ता लैबा काड्‍लुप

विपुल (वि.) संख्या या परिमाण में बहुत अधिक -- यांबा

विमल (वि.) मल-रहित, निर्मल, साफ -- अरुबा, अशेङ्बा, तरु-तरुबा

विमोचन (पुं.) बंधन आदि खोलकर मुक्‍त करना, छुड़ाना या छोड़ना -- फिजङ् हाइदोक्पा

विमोचन (पुं.) प्रकाशनोद्‍घाटन, लोकार्पण -- लाइरिक फोङ्बा

वियोग (पुं.) प्रेमियों का एक-दूसरे से बिछुड़ना -- काइनबा

वियोग (पुं.) उक्‍त अवस्था का कष्‍ट -- काइन-मैशा

विराट (वि.) बहुत बड़ा या व्यापक -- पाक् चाओबा

विराम (पुं.) क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव -- पोत्थाबा, लेप्पा, पन्बा

विराम (पुं.) वाक्य की समाप्‍ति पर लगाया जाने वाला रुकने का चिहन, पूर्णविराम -- चाखै

विराम (पुं.) विश्राम, आराम -- पोत्थाबा

विरोध (पुं.) कार्य या प्रयत्‍न को रोकने की कोशिश -- उन्‍न-तैनबा, माइयोक्‍ता

विलंब (पुं.) औचित्य से अधिक समय, देरी -- येङ्बा, कुइना चुङ्बा

विलय (पुं.) एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना -- तिन्बा

विलय (पुं.) सृष्‍टि का नष्‍ट होकर मूल तत्वों में मिल जाना, प्रलय अथवा ध्वंस, नाश -- प्रलय, माङ् ताक्पा

विलास (पुं.) सुख-सुविधाओं का यथोचित मात्रा से अधिक उपभोग -- इथक-इराङ्

विलास (पुं.) विषय भोग -- अपाम-नुङ्शिदा लुप्‍तुना लैबा

विलीन (वि.) जो अपनी स्वतंत्र सत्‍ता खोकर दूसरे में मिल गया हो -- अतिन्बा, अयान्बा, अताङ्बा

विलीन (वि.) गायब, लुप्‍त, अदृश्य -- माङखिबा, लुप्खिबा, अखिदबा

विलोम (वि.) विपरीत क्रम से होने वाला -- उन्‍न तैनबा, ताइयोन्‍नबा

विलोम (वि.) विपरीत अर्थ वाला -- उन्‍न तैनबा, अर्थ ताक्‍पा

विवश (वि.) मजबूर, बाध्य, लाचार -- तैफम् खङ्दबा

विवाद (पुं.) कहा-सुनी, तकरार -- लाओनबा

विवाद (पुं.) पारस्परिक मतभेद -- मरै येत्‍नबा

विवाह (पुं.) शादी, पाणिग्रहण -- लुहोङ्बा

विवाह (पुं.) उक्‍त के अवसर पर होने वाला उत्सव या धार्मिक कृत्य -- विवाह

विवेक (पुं.) सत् और असत् के विवेचन निर्णय करने वाली बुद्‍धि, सुबुद्‍धि -- अफ-फत लेप्पगी वाखल

विशाल (वि.) बड़ा, बृहद् -- पाक्-चाओबा

विशाल (वि.) भव्य, शानदार -- अचौबा, फजबा

विशिष्‍ट (वि.) (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बड़ी विशेषता हो -- थोइदोक्पा

विशिष्‍ट (वि.) (व्यक्‍ति) जिसे अन्यों की अपेक्षा अधिक आदर, मान आदि प्राप्‍त हो -- थोइदोक्‍ना इकाइ खुमनजरिबा

विशेष (वि.) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अलग हो, विशेषतायुक्‍त -- थोइदोक्पा

विशेष (वि.) विचित्र, विलक्षण -- अङक्पा

विश्राम (पुं.) आराम, चैन, सुख -- पोत्थाबा, नुङ्‍ङाइबा

विष (पुं.) जहर -- हू

विषम (वि.) जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान -- मान्‍नदबा

विषम (वि.) जो (संख्या) दो से भाग देने पर पूरी न बँटे -- चाङ् मान्‍न येंदबा

विषम (वि.) (कार्य, स्थिति या विषय) जो कठिन या विकट हो -- अरुबा

विषय-सूची (स्‍त्री.) विषयों की अनुक्रमणिका या सूची -- हिरम

विसंगति (स्‍त्री.) संगति का न होना, असंगति -- चाशन्‍न-दबा, चुशिन्‍नदबा

विस्फोट (पुं.) एकत्र गैस, बारूद आदि का अग्‍नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना -- पोखाइबा

वे (सर्व.) वह’ का बहुवचन रूप -- मखोय

वेग (पुं.) गति या चाल की तीव्रता या तेजी, शीघ्रता -- याङ्बा

वेतन (पुं.) तनख्वाह, पगार -- तोलोप्

वेदवाक्य (पुं.) ऐसा वाक्य या कथन, जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो -- अचुंबा वङाङ्

वेदी (स्‍त्री.) मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका -- वेदी

वेशभूषा (स्‍त्री.) पहनने के कपड़े, पोशाक, पहनावा -- फिजेत् लैतेङ्

वैज्ञानिक (पुं.) विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्‍ता -- विज्ञान, खङ्बा

वैज्ञानिक (वि.) विज्ञान-संबंधी -- विज्ञान गा मरि लैनबा

वैर (पुं.) घोर शत्रुता -- येक्‍नबा

वैश्य (पुं.) हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्‍ति, जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है -- वैश्य

व्यंग्य (पुं.) शब्द की व्यंजना शक्‍ति द्‍वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना -- करेम्‍नबा

व्यंग्य (पुं.) विडंबना -- नोक्‍नबा

व्यंग्य-चित्र (पुं.) किसी घटना, बात, व्यक्‍ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्‍देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र -- कार्टून

व्यंजना (स्‍त्री.) व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्‍तियों में से एक -- व्यंजना (शब्द-शक्‍तिगी मखल) अमा

व्यंजना (स्‍त्री.) व्यंग्यार्थ -- करेम कथाइनबा

व्यक्‍त (वि.) प्रकट, प्रत्यक्ष -- फोङ्दोक्पा

व्यक्‍ति (पुं.) मनुष्य, आदमी -- मी

व्यक्‍तिगत (वि.) व्यक्‍ति विशेष से संबंधित -- मी मशातगी ओइबा

व्यथा (स्‍त्री.) उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा -- अवाबा, चैना

व्यय (पुं.) खर्च -- खर्च

व्यय (पुं.) उपभोग आदि में आने के कारण किसी चीज का होने वाला क्षय, नाश या लोप -- माङ्बा

व्यवसाय (पुं.) जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार -- शिन्फम्

व्यवस्था (स्‍त्री.) प्रबंध, इंतजाम -- थौशि-ल्थौराङ्

व्यवस्था (स्‍त्री.) ठीक अवस्था, अच्छी हालत -- अफबा फिभम्

व्यष्‍टि (स्‍त्री.) समष्‍टि का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्‍ति -- मीओइ अमा

व्यस्त (वि.) कार्य आदि में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ -- अचिन्बा

व्याकुल (वि.) बेचैन, व्यग्र, विकल -- मिपाइबा, लाङ्‍तक्‍नबा

व्याकुल (वि.) उत्कंठित, उत्सुक -- खङ्निङ्बा

व्याख्या (स्‍त्री.) सविस्तार वर्णन, विवेचन -- शंदोक्‍ना नैनबा

व्याख्या (स्‍त्री.) अर्थ का स्पष्‍टीकरण, टीका -- व्याख्या

व्याघ्र (पुं.) बाघ, शेर -- कै

व्याधि (स्‍त्री.) शारीरिक कष्‍ट, बीमारी -- लाइथुङ्

व्यापक (वि.) चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत -- शंदोक्पा

व्यापक (वि.) वृहद् -- पाक्चा-ओबा

व्यापार (पुं.) रोजगार, तिजारत -- ललोनबा

व्यायाम (पुं.) कसरत -- हक्चाङ् शाजेल तौबा

व्युत्पत्ति (स्‍त्री.) मूल, उद्‍गम या उत्पत्‍ति का स्थान -- हौरक्फम्

व्योम (पुं.) आकाश, अंतरिक्ष, आसमान -- अतिया, नोंमदोल्

शंका (स्‍त्री.) संशय, संदेह, शक -- चिङ्‍नबा

शंका (स्‍त्री.) भय, अंदेशा, खटका -- अकिबा, खौदक तौबा

शंख (पुं.) समुद्र में पैदा होने वाले एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल -- मोइबुङ्

शंख (पुं.) दस खरब अथवा एक लाख करोड़ की संख्या -- NA

शकुन (पुं.) विशिष्‍ट पशु, पक्षी, व्यक्‍ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना -- अफ-फत ताक्पगी खुदम

शक्‍कर (स्‍त्री.) चीनी -- चीनी

शक्‍कर (स्‍त्री.) कच्‍ची चीनी, खाँड -- चीनी अङाङ्‍बा

शक्‍ति (स्‍त्री.) पराक्रम, बल, सामर्थ्य -- शक्‍ति, थौना

शक्‍ति (स्‍त्री.) दुर्गा -- दुर्गा

शक्‍तिशाली (वि.) बलवान, शक्‍ति संपन्‍न -- थौना लैबा, अङमबा

शताब्दी (स्‍त्री.) सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी -- शताब्दी

शत्रु (पुं.) वैरी, दुश्मन -- येक्‍नबा

शपथ (स्‍त्री.) सौगंध, कसम -- वाशक

शब्दकोश (पुं.) वह ग्रंथ, जिसमें शब्दों के सम्यक् वर्ण-विन्यास, अर्थ-प्रयोग, पर्याय आदि हों -- वाहैगी पुक्‍कै

शमन (पुं.) बढ़े हुए उपद्रव, कष्‍ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन -- नम्शिनबा

शमन (पुं.) शांति -- शांति

शरण (स्‍त्री.) पनाह, आश्रय, -- चङ्जफम

शरणार्थी (पुं.) शरण चाहने वाला, असहाय -- चङ्‍जरक्पा

शरणार्थी (पुं.) किसी अन्य देश से भागकर शरण लेने के लिए आया हुआ, विस्थापित -- चङ्‍जफम् थिरक्पा मी

शरमाना (अ.क्रि.) झेंपना -- इकाइबा

शरमाना (अ.क्रि.) लज्‍जित होना -- इकाइबा नङ्‍बा

शराब (स्‍त्री.) मद्‍य, मदिरा -- यु

शरीर (पुं.) देह, तन -- हक्चाङ्

शल्य-क्रिया (स्‍त्री.) शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ -- ऑपरेशन

शव-परीक्षा (स्‍त्री.) मृत व्यक्‍ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्टमार्टम) -- पोस्ट मार्टम

शस्‍त्र (पुं.) हाथ में रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार -- खुल्लाइ

शहद (पुं.) मधु -- खोइहि

शहीद (वि.) अपने धर्म, कर्तव्य-परायणता अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) -- शहीद

शांत (वि.) आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित -- इङ् तप्पा

शांत (वि.) नि:शब्द, नीरव, चुप, मौन -- चेक्-मोक् लाओदबा, मखोल थोक्‍तबा

शांति (स्‍त्री.) नीरवता, सन्‍नाटा, स्तब्धता -- अचिक्पा, शांति

शांति (स्‍त्री.) उत्पात, उपद्रव, कलह आदि से रहित अवस्था, अमन -- इराङ्-लैतबा, लाङ्‍दबा

शांति (स्‍त्री.) आराम, चैन -- इङ्‍ना-चिक्‍ना पोथाबा

शाकाहारी (पुं/वि.) मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी -- शा- ङा चादबा, निरामिष,

शानदार (वि.) भड़कीला, तड़क-भड़क वाला -- निङ्‍थिजबा-फजबा

शानदार (वि.) ऐश्‍वर्यपूर्ण, उच्‍च कोटि का -- इनाक-कैराक् खुन्बा, अवाङ्‍बा थाक्‍की

शाप (पुं.) अनिष्‍ट कामना के उद्‍देश्य से कहा गया कथन, बद्‍दुआ -- शाप

शायद (अव्य.) कदाचित, संभवत: -- ओइबा याबा

शायिका (स्‍त्री.) शयनिका (स्लीपर) -- स्लीपर, तुंफम

शालीन (वि.) लज्‍जाशील, शिष्‍ट -- शालीन, नम्र, भद्र, शुशील, शिष्‍ट

शाश्‍वत (वि.) सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन -- लेप्‍तबा, नुङ्तिगी ओइबा, लेङ्दबा

शासक (पुं.) शासन करने वाला व्यक्‍ति, शासन-कर्ता -- लैबाक् वायेन थौदारिबा

शासन (पुं.) सरकार, हुकूमत -- सरकार

शासन (पुं.) सरकार या किसी अन्य द्‍वारा नियंत्रण, संचालन, व्यवस्था आदि -- शासन तौबा

शास्‍त्र (पुं.) धर्म ग्रंथ -- धर्मगी लाइरिक्

शास्‍त्र (पुं.) किसी कला, विद्‍या या विशिष्‍ट विषय का सांगोपांग ग्रंथ, विज्ञान -- करिगुंबा हिरम अमदा कुप्‍ना नैनबा लाइरिक्

शिकायत (स्‍त्री.) किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन -- वाकत्पा

शिकायत (स्‍त्री.) किसी के अनुचित काम के प्रति होने वाला असंतोष -- चुम्दबा थबक्‍की-दमक पेंदबा

शिकायत (स्‍त्री.) हल्का शारीरिक कष्‍ट या रोग -- अनाबा

शिकार (पुं.) आखेट, मृगया -- शा तान्बा

शिकार (पुं.) आखेट में मारा या पकड़ा गया पशु-पक्षी -- NA

शिक्षा (स्‍त्री.) किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्‍त प्रकार से प्राप्‍त ज्ञान या विद्‍या -- लाइरिक तंबा-तंबिगी थबक्

शिक्षा (स्‍त्री.) उपदेश, सबक, नसीहत -- विद्‍या, पाओताक्

शिखर (पुं.) किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) -- पोत अमगी मतोल

शिखर (पुं.) पर्वत की चोटी -- चीङदोल

शिथिल (वि.) जो कसकर बँधा न हो, ढीला -- चोक्थबा

शिथिल (वि.) आलसी, सुस्त -- अतन्बा

शिथिल (वि.) जिसे कुछ छूट दी गई हो, जिसका पालन दृढ़तापूर्वक न हो -- कोम्थोक्पा

शिरकत (स्‍त्री.) शरीक होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शामिल होना -- याओबा तिनबा

शिरकत (स्‍त्री.) साझेदारी -- शरुक याबा

शिरोमणि (पुं.) सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्‍न, चूड़ामणि -- कोक्‍ता हाप्‍नबा मणि

शिरोमणि (पुं.) श्रेष्‍ठ पुरुष -- अथोइबा मी

शिरोमणि (वि.) सर्वश्रेष्‍ठ -- थोइथोक् हेंदोक्पा मी

शिलान्यास (पुं.) नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना -- अनौबा भवन शाबगी युंफमगी मओङ्‍दा नुङ खिन्बा

शिलान्यास (पुं.) नींव रखने का कृत्य या समारोह -- युंफम थोन्बगी कुम्है

शिलालेख (पुं.) पत्थर पर खुदा हुआ लेख -- नुङ्‍दा हक्पा मयेक्

शिलालेख (पुं.) लेख आदि से गुदा हुआ पत्थर -- मयेक् हक्लबा नुङ्

शिल्प (पुं.) हस्तकला, दस्तकारी -- शिल्प, खुत्शा

शिल्प (पुं.) रचना विधान, निर्माण -- हैबगी थबक्

शिल्प (पुं.) स्थापत्य, वास्तुकला -- NA

शिल्पकार (पुं.) शिल्पी, कारीगर -- खुत्की शिन्फम अमदा है-शिङ्‍लबा मी

शिल्पी (पुं.) शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार -- खुत की शिन्फम अमदा है-शिङ्लबा मी

शिविर (पुं.) पड़ाव, छावनी -- थुङ्‍फम्, लैफम्

शिविर (पुं.) खेमा, तंबू -- केम्यप

शिशु (पुं.) बहुत ही छोटा बच्‍चा -- अङाङ्

शिष्‍ट (वि.) सभ्य, सज्‍जन -- लैबाक् मचा ताबा मतौ

शिष्‍टता (स्‍त्री.) शिष्‍ट होने की अवस्था, गुण या भाव, सौजन्य -- लैबाक मचा ताबा मतौ

शिष्‍टाचार (पुं.) शिष्‍टतापूर्ण आचरण और व्यवहार -- लैबाक मचा ताबा लम्चत्

शिष्‍टाचार (पुं.) औपचारिक आचरण -- NA

शिष्य (पुं.) छात्र, विद्‍यार्थी -- छात्र

शिष्य (पुं.) अनुयायी, चेला -- खोङ्लोइ

शीघ्र (कि. वि) जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन -- थुनमक्, थुना

शीघ्रता (स्‍त्री.) जल्दी -- थुबा

शीघ्रता (स्‍त्री.) तेजी, फुर्ती -- थुना तौबा

शीतल (वि.) ठंडा, सर्द -- अइङ्‍बा

शीतल (वि.) आवेशरहित, शांत, सौम्य -- अतप्पा

शीर्ष (पुं.) किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्‍नत सिरा -- मकोक् थङ्बा शरुक

शीर्ष (पुं.) सिर -- मकोक्

शीर्ष (पुं.) ज्यामिति में वह बिंदु, जिस पर दो ओर से दो तिरछी रेखाएँ आकर मिलती हों -- लैइ अनि तिनफम बिंदु

शीर्षक (पुं.) किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम, जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) -- ममिङ्

शीशा (पुं.) दर्पण, आईना -- मिङ्‍शेल्

शुद्‍ध (वि.) पवित्र, निर्मल -- अशेङ्बा

शुद्‍ध (वि.) मिलावट रहित, असली -- यान्शि-न्‍नदबा

शुद्‍ध (वि.) अशुद्‍धि, गलती या भूल से रहित, ठीक, सही -- शोयदबा, अचुंबा

शुभ-चिंतक (वि.) किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु -- याइफनबा खन्बा

शुभागमन (पुं.) मंगलप्रद या सुखद आगमन -- याइफरक्पा, याइफबा पुरक्पा

शुरु (पुं.) आरंभ, प्रारंभ -- अहौबा, अहान्बा

शुल्क (पुं.) वह धन, जो वस्तुओं की उत्पत्‍ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो -- फी, टेक्स

शुल्क (पुं.) विशिष्‍ट सुविधा प्रदान करने पर किसी संस्था को दिया जाने वाला धन, फीस -- फी

शुल्क (पुं.) चंदा -- चंदा

शुष्क (वि.) सूखा -- अकङ्‍बा

शुष्क (वि.) सहृदयता एवं कोमलता रहित -- थमोइ कन्बा, चगन्‍नबा

शून्य (वि.पुं.) रिक्‍त, खाली -- अहाङ्‍बा

शून्य (वि.पुं.) गणित में अभाव सूचक चिहन -- शून्य

शूर (वि.पुं.) बहादुर, वीर, सूरमा -- थौना फबा

श्रृंखला (स्‍त्री.) क्रम, तारतम्य, माला, पंक्‍ति, कतार -- परेङ्

श्रृंखला (स्‍त्री.) जंजीर, सिकड़ी -- योत्हौ कोलहौ

श्रृंगार (पुं.) सौंदर्य वृद्‍धि के लिए प्रसाधनों द्‍वारा बनाव-सजाव -- लैतेङ् कमौबा

श्रृंगार (पुं.) साहित्य में एक रस, रसराज -- श्रृंगार रस मखल अमा नुङ्शि-नुङ्ङोल गी रस

शेष (वि.) बचा हुआ, बाकी -- अरेंबा, अवात्पा

शैली (स्‍त्री.) ढंग, तरीका, पद्‍धति -- मओङ्

शैली (स्‍त्री.) (साहित्य, कला) रचना अथवा अभिव्यक्‍ति का विशिष्‍ट ढंग -- शैली

शैशव (पुं.) शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव, बचपन -- अङाङ ओइबा

शोक (पुं.) इष्‍ट वस्तु या आत्मीयजन की मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दुख -- अवाबा

शोध (पुं.) छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण -- थिजिन्बा

शोध (पुं.) जाँच, परीक्षण -- चाङ्‍येङ्

शोभा (स्‍त्री.) कांति, चमक -- निंथिजबा, मका लांबा

शोषण (पुं.) परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना, दुखी करना (एक्सप्लायटेशन) -- मी शिजिन्‍नबा

श्रद्‍धांजलि (स्‍त्री.) किसी पूज्य या बड़े व्यक्‍ति के संबंध में श्रद्‍धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें -- श्रद्‍धांजलि

श्रद्‍धा (स्‍त्री.) पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण भावना, आस्था -- नोल्लुक्‍ना, भक्‍ति लैबा

श्रम (पुं.) मेहनत, परिश्रम -- नोंबा

श्रम (पुं.) जीविका-निर्वाह या धन-उपार्जन के लिए किया जाने वाला कार्य -- हिङ्‍नबगी नोंबा

श्रमदान (पुं.) किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना -- होत्‍न-मिन्‍नबा

श्रमिक (पुं.) शारीरिक श्रम द्‍वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर -- शिन्मी, थबक सुबा मी

श्राद्‍ध (पुं.) सनातनी हिंदुओं में पितरों या मृत व्यक्‍तियों को प्रसन्‍न कराने के उद्‍देश्य से किया जाने वाला पिंडदान, ब्राहमण-भोज आदि -- शोरात्, श्राद्‍ध कर्म

श्राद्‍ध (पुं.) आश्‍विन मास का कृष्ण पक्ष, जिसमें विशिष्‍ट रूप से उक्‍त प्रकार के कृत्य करने का विधान है, पितृपक्ष -- लाङ्बन थादा तौबा दर्पण

श्रीमान (श्रीमती) (पुं.) श्री’, पुरुषों के नाम के पूर्व प्रयुक्‍त एक आदर-सूचक विशेषण (स्‍त्री के नाम के पूर्व श्रीमती) -- श्रीमान, श्रीमती

श्रुतलेख (पुं.) वह लेख, जो किसी के द्‍वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए -- डिक्टेशन

श्रेणी (स्‍त्री.) कतार, पंक्‍ति -- परेङ्

श्रेणी (स्‍त्री.) कार्य, योग्यता, आदि के विचार से पदार्थों, व्यक्‍तियों आदि का वर्ग, विभाग या दर्जा -- थाक्

श्रेय (पुं.) अच्छाई, उत्‍तमता -- अफबा, कान्‍नबा

श्रेय (पुं.) मंगल, कल्याण -- मंगोल, याइफबा

श्रेय (पुं.) यश -- मिङ्‍चत्

श्रेष्‍ठ (वि.) गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्‍तम, उत्कृष्‍ट -- अथोइबा

श्रोता (पुं.) सुननेवाला (लिसनर) -- तारिबा

श्रोता (पुं.) किसी सभा, नाटक-प्रदर्शन आदि के दर्शक, सुनने वाले या पाठक (बहुवचन में ऑडेयंस) -- ओडियेन्स

श्‍लाघनीय (वि.) प्रशंसनीय -- थागलि-ङ्ङाइ

श्‍लाघा (स्‍त्री.) प्रशंसा -- थागत्पा

श्‍लाघा (स्‍त्री.) चापलूसी -- चिरोल तौबा

श्‍वास (पुं.) प्राणियों का नाक से वायु खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, साँस -- स्वर होनबा

श्‍वास (पुं.) दमा नामक रोग -- हरा थुङ्बा

श्‍वेत (वि.) धवल, उजला, सफेद, गोरा -- अङौब

श्‍वेत (वि.) निर्मल, स्वच्छ, साफ -- अरुबा, अशेङ्बा तरु-तरुबा, मौत्‍ताबा

षड्‍यंत्र (पुं.) साजिश, कुचक्र -- लौतुनबा

संकट (पुं.) विपत्‍ति, मुसीबत, आफत -- खुदोङ् थिबा

संकलन (पुं.) एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना -- खोमजिन्बा

संकलन (पुं.) ऐसी साहित्यिक कृति, जिसमें अनेक ग्रंथों या स्थानों से बहुत-सी रचनाएँ इकट्‍ठी करके रखी गई हों -- खोमजिन्बा

संकल्प (पुं.) दृढ़ निश्‍चय, इरादा -- वारेप अनिङ्बा

संकल्प (पुं.) सभा-समिति में किसी विषय में विचारपूर्वक किया हुआ पक्‍का निश्‍चय (रिजोल्यूशन) -- वारेप

संकीर्ण (वि.) तंग, संकुचित, अनुदार -- अखुबा, अचिन्म्बा

संकेत (पुं.) अभिप्राय सूचक अंगचेष्‍टा, इशारा -- इङ्गित्

संकेत (पुं.) चिहन, निशान -- खुदम

संकोच (पुं.) सिकुड़ने की क्रिया या भाव -- मसुप्, मसुप् नाइबा

संकोच (पुं.) झिझक, हिचक -- हङ्‍गोइबा, खौदक चाबा

संक्राति (स्‍त्री.) सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना -- संक्रांति

संक्राति (स्‍त्री.) वह दिन, जिसमें सूर्य का उक्‍त प्रकार का संचार होता है -- NA

संक्रामक (वि.) एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला, छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) -- लौनगन्बा लैना

संक्षिप्‍त (वि.) छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप -- अशंबा

संक्षेप (पुं.) लेख आदि का काट- छाँटकर छोट किया हुआ रूप, सार -- वा-मचङ्

संख्या (स्‍त्री.) गिनती, तादाद, गणना सार -- मशिङ्

संगठन (पुं.) कार्य विशेष की सिद्‍धि के लिए निर्मित कोई संस्था -- प्रतिस्थान, समिति

संगति (स्‍त्री.) मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत -- तिन्‍नबा, संग, लोइनबा

संगति (स्‍त्री.) सामंजस्य, उपयुक्‍तता -- चाशिन्‍नबा

संगीत (पुं.) ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्‍ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूजिक) -- इशै

संगोष्‍ठी (स्‍त्री.) किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्‍वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ -- सेमिनार, संगोष्‍ठी

संग्रहालय (पुं.) वह स्थान, जहाँ विशेष महत्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्यूजियम) -- म्यूजियम

संग्राम (पुं.) युद्‍ध, लड़ाई, समर -- लाल्

संघटन (पुं.) कार्य विशेष की सिद्‍धि के लिए निर्मित कोई संस्था -- शेमगत् शागत्पा संस्था

संघटन (पुं.) किसी चीज के विभिन्‍न अवयवों को जोड़कर उसे प्रतिष्‍ठित करना, रचना -- शेमगत्पा

संघर्ष (पुं.) स्पर्धा, होड़ -- थेङ्नबा तान्‍नबा

संघर्ष (पुं.) कठिनाइयों या प्रबल विरोधी शक्‍तियों को दबाने के लिए प्राणपण से की जाने वाली चेष्‍टा -- NA

संचय (पुं.) चीजें इकट्‍ठी करने की क्रिया या भाव -- खोम्जिन्बा

संचय (पुं.) इकट्‍ठी की हुई चीजों का ढेर या राशि -- पैखत्पा

संचार (पुं.) गमन, चलना, चलाना -- NA

संचार (पुं.) संदेश, समाचार तथा सामान आदि भेजने की क्रिया, प्रकार और साधन -- NA

संचालक (वि.) चलाने या गति देने वाला (कंडक्‍टर) -- कंडक्टर

संचालक (पुं.) वह प्रधान अधिकारी, जो किसी कार्य, विभाग, संस्था आदि को चलाने की सारी व्यवस्था करता हो, निदेशक -- डाइरेक्टर

संतति (स्‍त्री.) संतान, बाल-बच्‍चे, औलाद -- मचा

संताप (पुं.) अग्‍नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप -- मैशा

संताप (पुं.) बहुत तीव्र मानसिक क्लेश या पीड़ा -- मैचाक्

संतुलन (पुं.) वह स्थिति, जिसमें सभी अंग बराबर के हों -- चाङ्‍पुबा, चाङ् मान्‍नबा

संतुलन (पुं.) तोलते समय दोनों पलड़ों का बराबर होना -- चाङ् मान्‍नबा

संतुष्‍ट (वि.) जिसको संतोष हो गया हो, तृप्‍त -- अपेन्बा

संतुष्‍ट (वि.) जो समझाने-बुझाने से राजी हो गया हो -- थेम-नौदुना

संतुष्‍टि (स्‍त्री.) संतुष्‍ट होने की क्रिया या भाव, तृप्‍ति -- पेंथोक्पा

संतुष्‍टि (स्‍त्री.) संतोष -- अपेन्बा

संतोष (पुं) वह मानसिक अवस्था, जिसमें व्यक्‍ति प्राप्‍त होने वाली वस्तु को यथेष्‍ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता -- पुकनिङ्गी अपेन्बा

संतोष (पुं) सब्र, धीरज, इतमीनान -- फथबा, खाङ्बा

संतोषजनक (वि.) संतोष देने वाला, संतोषप्रद -- पेन्‍निङ्‍ङाइ ओइबा

संतोषजनक (वि.) पर्याप्‍त, यथेष्‍ट, काफी -- मतिक् चाना

संदर्भ (पुं.) पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि, जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग -- मरि मखोङ्

संदेश (पुं.) समाचार, पैगाम, खबर -- पाओ

संन्यास (पुं.) पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना -- लंबोइबा, सन्यास

संन्यास (पुं.) चतुर्थ आश्रम, (हिंदुओं का) जिसमें सब प्रकार के सांसारिक संबंध छोड़कर मनुष्य त्यागी और विरक्‍त हो जाता है -- सन्यास

संन्यासी (पुं.) जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो -- सन्यास लौरबा मी

संन्यासी (पुं.) त्यागी और विरक्‍त -- ओइजबा थादोक्पा कत्थोकपा, अपांबा मीहौबा लैतबा, तोङ्ङान्बा

संपन्‍न (वि.) पूरा किया हुआ, पूर्ण, मुकम्मल -- पाङ्थो-क्लबा

संपन्‍न (वि.) किसी गुण या वस्तु से युक्‍त -- याओबा

संपन्‍न (वि.) खुशहाल, धनी, अमीर -- हराओ तयांबा, इनाक् खुन्बा

संपर्क (पुं.) मेल, संयोग -- तिन्‍नबा

संपर्क (पुं.) आपस में होने वाला किसी प्रकार का लगाव, वास्ता या संसर्ग -- लोइनबा

संपर्क (पुं.) स्पर्श -- शोक्पा

संपर्क भाषा (स्‍त्री.) वह भाषा, जिससे विभिन्‍न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं -- तोङान्‍न्बा लोल लोन्बशिङगी मरक्‍ता पाओ फाओननबा शिजिन्-नरिबा लोल

संपादक (पुं.) वह, जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हें प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) -- संपादक, एडिटर

संपादकीय (वि.) संपादक संबंधी या संपादक का -- संपादक का मरि लैनबा

संपादकीय (पुं.) संपादक द्‍वारा लिखी हुई टिप्पणी या अग्रलेख -- संपादक का मरि लैनबा, सांपदक ना इबा नोट

संपादन (पुं.) पूरा करना, प्रस्तुत करना -- पाङ्थोक्पा, पुथोक्पा

संपादन (पुं.) किसी पुस्तक का विषय आदि ठीक करके उन्हें प्रकाशन के योग्य बनाना (एडिटिंग) -- एडिटिंग

संपूर्ण (वि.) आदि से अंत तक सब, सारा, कुल, समूचा -- हौबदगी लोइबा फाओबा पुम्‍नमक्, अपुन्बा

संपूर्ण (वि.) पूरा या समाप्‍त किया हुआ -- मपुङ फारबा, लोइरबा

संप्रदाय (पुं.) एक ही तरह का मत या सिद्‍धांत रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग -- सिद्‍धांत अमगी मखादा लैबा मी काङुलुप

संप्रदाय (पुं.) परंपरा से चला आया ज्ञान या सिद्‍धांत, प्रथा, परिपाटी या रीति -- चत्‍न पथाप

संप्रदाय (पुं.) कोई विशिष्‍ट धार्मिक मत या सिद्‍धांत, धर्म -- सिद्‍धांत, धर्म मत

संबंध (पुं.) रिश्ता, नाता -- मरि-मता

संबंध (पुं.) आपस में होने वाली घनिष्‍ठता या मेल-जोल -- तिन्‍न-खोत्‍नबा

संभव (वि.) जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन -- तौबा याबा, ओइबा याबा

संभालना (सम्हालना) (स.क्रि) पालन करना, सहारा देना -- पाङ्‍योक्पा

संभालना (सम्हालना) (स.क्रि) प्रबंध करना, भार उठाना -- पोत्लुम्

संभालना (सम्हालना) (स.क्रि) गिरते हुए के बीच में रोकना -- तुगदौबबु कन्बा, ङाक्पा

संयुक्‍त (वि.) किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ -- अपुन्बा, पुन्शिन्बा

संयुक्‍त (वि.) जिसके दो या अधिक संयुक्‍त भागीदार हों, साझा -- शरुक यारिबाशिङ् पुन्शिन्बा

संरक्षक (वि.) देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक -- येङ्‍शिन्बा, चङजफम पीबा

संरक्षक (पुं.) संस्थाओं आदि में वह बड़ा और मान्य व्यक्‍ति जो उसके प्रधान पोषकों और समर्थकों में माना जाता है -- मवा चत्पा मी

संरक्षक (पुं.) वह, जिसके निरीक्षण या देख-रेख में किसी वर्ग के कुछ लोग रहते हों -- ङाक् शेल्‍लिबा मी

संरक्षण (पुं.) अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफांजत (कस्टडी) -- निङ्‍थिना ङाक् शेन्बा, कस्टडी

संरक्षण (पुं.) अपने आश्रय में रखकर पालना-पोसना, आश्रय -- NA

संरचना (स्‍त्री.) कोई वस्तु ऐसी बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के अंगो-उपांगों को प्रयोग करना पड़ता है। -- शेंबा शाबा

संरचना (स्‍त्री.) उक्‍त प्रकार से बनी हुई कोई चीज (स्ट्रक्‍चर) -- शेमगत शागतपगी मओङ्

संवाद (पुं.) बातचीत, वार्तालाप -- वारी वताइ शाबा

संवाद (पुं.) खबर, समाचार -- पाओ

संवाददाता (पुं.) संवाद या समाचार भेजने वाला -- पाओ पीब मी

संवाददाता (पुं.) आजकल वह व्यक्‍ति, जो समाचारपत्रों में छपने के लिए स्थानिक घटनाओं का विवरण लिखकर भेजता हो (रिपोर्टर) -- रिपोर्टर, खबरगी पाओ इबा मी

सँवारना (स.क्रि) सुसज्‍जित करना, सजाना -- लैतेङ्बा

सँवारना (स.क्रि) सुधारना, मरम्मत करना -- शोम्जिन-शाजिन्बा

संवाहक (पुं.) एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, सुचालक, वहनक (करियर) -- पोत पुथोक् पुशिन् तौबा मी

संविधान (पुं.) राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्‍धांत जिनके अनुसार किसी राष्‍ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टियूशन) -- संबिधान, कान्स्टिट्‍यूशन

संवेग (पुं.) मन में होने वाली खलबली, उद्‍विग्‍नता, घबराहट, डर -- पुकनिङ्‍दा फाओरक्पा इथिल, मीपाइबा, अकिबा

संवेदना (स्‍त्री.) मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव -- पुक्‍निङ्‍दा फाओरक्पा इथिल

संवेदना (स्‍त्री.) दुख या सहानुभूति प्रकट करने की क्रिया या भाव (कंडोलेंस) -- अवाबा अमदि नुङाइतबा फोङ्‍दो-क्पगी मओङ्

संशय (पुं.) संदेह, शक, अनिश्‍चय -- चिङ्नबा

संशय (पुं.) खतरे या संकट की आशंका या संभावना -- खुदोङ्थिबा ओइर-क्‍कदबगी मओङ्

संशोधन (पुं.) त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार -- शेम्दोक्पा, शेम्दोक् शादोक्पा

संशोधन (पुं.) शुद्‍ध करना या साफ करना -- चुम्थोक्पा

संस्करण (पुं.) पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्‍ति (एडीशन) -- खुत्‍नम्

संस्कार (पुं.) किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार -- शेम्दोक शादोक्पा, फजनबा शेमजिन्बा

संस्कार (पुं.) पूर्व जन्म के आचार व्यवहार, पाप-पुण्य आदि का आत्मा पर पड़ा वह प्रभाव, जो मनुष्य के परवर्ती जन्म में उसके कार्यों, प्रवृत्‍तियों आदि के रूप में प्रकट होता है -- नहाल्मुक की तौजरक्पा थबक्‍की फल

संस्कार (पुं.) हिंदुओं में जन्म से मरण तक होने वाले वे विशिष्‍ट धार्मिक कृत्य जो द्‍विजातियों के लिए विहित हैं -- पोक्पदगी शिबा फाओबदा लैबा धर्म गी ओइबा संस्कार

संस्कृति (स्‍त्री.) आचरणगत परंपरा, सभ्यता (कल्चर) -- संस्कृति, चत्‍न-लोन्चत्

संस्तुति (स्‍त्री.) अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति -- फजना थागत्पा

संस्तुति (स्‍त्री.) अनुशंसा, सिफारिश -- फै हायदुना थागत्पा, रिकमेन्डेशन

संस्था (स्‍त्री.) किसी उद्‍देश्य के लिए स्थापित संगठन -- इन्ष्‍टिट्-यूशन, संस्था

संस्थान (पुं.) साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्‍नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन -- इन्ष्‍टिट्‍यूट, संस्थान

संस्थापक (पुं.) स्थापित करने वाला -- लिङ्‍खत्-पिरंबा मीओइ, हौदो-क्पिरंबा मीओइ

संस्थापक (पुं.) नए काम या बात का प्रवर्तन करने वाला, प्रवर्तक -- लम्यान्बा

संस्थापक (पुं.) किसी संस्था, सभा या समाज की पहले-पहल स्थापना करने वाला -- हौदोक्पि-रंबा मीओइ

संस्मरण (पुं.) किसी व्यक्‍ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन -- संस्मरण, कनागुंबा अफाओबा नुपा अमगी मरुओइबा थौदाक्, अमदि वाफम पंदुना इबा साहित्यगी मखल अमा

संस्मरण (पुं.) इष्‍ट देव आदि का बार-बार स्मरण करना या उनका नाम जपना -- लाइ शोन्बा

संहार (पुं.) ध्वंस, नाश -- माङ्‍हन्बा

संहार (पुं.) बहुत से व्यक्‍तियों की युद्‍ध आदि में एक साथ होने वाली हत्या -- मीयाम हात्पा

सकपकाना (अ.क्रि.) चौंकना, चकित होना -- ङक्पा, खङ्‍बा

सकपकाना (अ.क्रि.) घबराना (लज्‍जा आदि के कारण) -- मीपाइबा

सख्‍त (वि.) कठोर, कड़ा -- अकन्बा

सख्‍त (वि.) कठिन, मुश्किल -- अरूबा

सघन (वि.) घना, अविरल, ठोस -- अनङ्‍बा, अशुक्पा, अकन्बा

सचमुच (क्रि.वि.) यथार्थत:, वास्तव में -- तशेङ्ना

सचमुच (क्रि.वि.) निश्‍चित रूप से, अवश्य -- अओइबमक, शोयदना

सच्‍चरित्र (वि.) जिसका चरित्र अच्छा हो, सदाचारी -- फजबा लिचत् चत्पा

सच्‍चा (वि.) सच बोलने वाला, सत्यवादी -- अशेङ्बा अचुंबा

सच्‍चा (वि.) ईमानदार -- पुक्चेल शेङ्बा

सच्‍चा (वि.) जो नकली या बनावटी न हो, बल्कि असली और वास्तविक हो, जिसमें खोट न हो -- अशेङ्बा

सजनी (स्‍त्री.) सखी, सहेली -- इता, इमान्‍नबी

सजनी (स्‍त्री.) प्रेमिका -- नुङ्‍शि-थोइबी

सजा (स्‍त्री.) अपराधी को दिया जाने वाला दंड -- दंडी

सजाना (स.क्रि) वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, सँवारना -- लैतेङ्‍बा

सजाना (स.क्रि) अलंकृत करना -- शेम्शाबा

सजावट (स्‍त्री.) सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा -- लैतेङ्, निङ्थिजबा

सजीव (वि.) जीवयुक्‍त, जिसमें प्राण हो -- अहिङ्बा

सजीव (वि.) तेज, फुरतीला -- अहिङबा

सज्‍जन (वि./पुं.) भला आदमी, सत्पुरुष, शरीफ -- सज्‍जन, सतलोक, ताबा, अफबा

सज्‍जा (स्‍त्री.) साज-सामान -- लैतेङ्गी पोत्लुम्

सटीक (वि.) जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित, टीका सहित -- अर्थगा कोन्‍नना फोङ्बा लाइरिक्

सटीक (वि.) बिलकुल ठीक, उपयुक्‍त -- मतिक्चाबा, अचुम्बा

सड़क (स्‍त्री.) मार्ग, रास्ता, पथ -- सोरोक, लंबी

सड़ना (अ.क्रि.) किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का विकृत हो जाना -- पुम्थरक्पा

सतत (क्रि.वि.) निरंतर, बराबर, लगातार -- लेप्‍तना

सतत (क्रि.वि.) सदा, हमेशा -- मतम लैबा खिबिक्‍ता

सतर्क (वि.) सचेत, सावधान, सजग, होशियार -- चेक्शिन्बा हैशिङ्बा

सतर्कता (स्‍त्री.) सावधानी, होशियारी, सजगता -- चेक्शिन्बा हैशिङ्बा

सत्कार (पुं.) आदर-सम्मान -- इकाइ-खुम्‍नबा

सत्कार (पुं.) आवभगत, आतिथ्य, खातिर -- हराओ तयाम्‍ना ओक्पा सेवा नुङ्‍बा तौबा

सत्‍ता (स्‍त्री.) होने का भाव, अस्तित्व, हस्ती -- लैबगी मओङ्

सत्‍ता (स्‍त्री.) अधिकार, शक्‍ति, सामर्थ्य -- शक्‍ति, तौबा ङ्‍मबा

सत्‍तू (पुं.) भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण -- अङौबा जौ, चनानचि-ङ्बगी मकुप्

सत्यनिष्‍ठा (स्‍त्री.) सत्य पर निष्‍ठा, सत्य में विश्‍वास, सच या वास्तविक से प्रेम -- अशेङ्बदा थाजबा

सत्याग्रह (पुं.) सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ -- सत्याग्रह, अचुम्बा ङाक्‍न-बगीदमक् तक्‍नबा

सत्याग्रह (पुं.) आधुनिक राजनीति में वह अहिंसात्मक कार्रवाई, जो किसी सत्‍ता या अधिकारी के व्यवहार आदि के प्रति असंतोष प्रकट करने के लिए की जाती है -- अहिंसादा युंफम् ओइबा आंदोलन अचुम-अरान येङ्बा चाङ्‍येङ्

सत्यापन (पुं.) जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों-का-त्यों और ठीक है कि नहीं -- अचुम-चुमदा येङ्बा, अचुम-अराल् येङ्बा

सत्रावसान (पुं.) विधान मंडल या विश्‍वविद्‍यालय आदि में दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन -- मीफम् यैथोक्पा

सत्संग (पुं.) अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहबत, सज्‍जनों के साथ उठना बैठना -- संग अफबा

सत्संग (पुं.) वह समाज या जन-समूह, जिसमें कथावार्ता या भगवत् पाठ होता है -- सत्संग

सदन (पुं.) घर, मकान -- युम

सदन (पुं.) वह स्थान, जहाँ किसी देश या राज्य के विधान बनने के कार्य होते हों -- आइन सभा

सदस्य (पुं.) उन व्यक्‍तियों में से हर एक, जिनके योग से कुटुंब, परिवार, समाज आदि बनते हैं -- मेंबर

सदस्य (पुं.) वह व्यक्‍ति, जिसका संबंध किसी समुदाय से हो और जिसका वह नियमित रूप से चंदा आदि देता हो या उसके कार्यों में सम्मिलित होता हो -- मेंबर

सदा (क्रि.वि.) नित्य, हमेशा, हर समय -- नुङ्‍तिगी

सदा (क्रि.वि.) निरंतर, लगातार -- तत्‍तना, लेप्‍तना

सदाचार (पुं.) अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन -- लम्चत् नाइबा

सदुपयोग (पुं.) अच्छा और उत्‍तम उपयोग -- फजवा अमदि निङ्‍थिना, अफबदा शिजिन्‍नबा

सद्‍भाव (पुं.) शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्‍वेष आदि से रहित भाव -- अफबा भाव

सद्‍भाव (पुं.) दो व्यक्‍तियों या पक्षों में होने वाली मैत्रीपूर्ण स्थिति -- चान्‍नबा, तिन्‍नबा

सद्‍व्यवहार (पुं.) अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार -- फजना लोइनबा

सद्‍व्यवहार (पुं.) सद्‍वृत्‍ति, सदाचार -- अफबा लिचत्

सन्‍नाटा (पुं.) निस्तब्धता, नीरवता -- अचिक्पा

सपना (स्वप्‍न) (पुं.) वह घटना या दृश्य, जो सोए होने पर अंतर्मन में काल्पनिक रूप में भासित होता है -- मङ्

सपरिवार (वि.) परिवार के सदस्यों के साथ -- इमुङ् मनुङ्गा लोइनबा

सप्तक (पुं.) सात वस्तुओं का समूह -- पोत्लम तरेत्

सत्पक (पुं.) संगीत के सात स्वरों का समाहार -- सूर तरेत्

सफर (पुं.) यात्रा -- कोइबा, खोङ्‍चत्

सफल (वि.) जिसका अच्छा परिणाम हो -- महै यान्बा

सफलता (स्‍त्री.) सफल होने का भाव, कामयाबी, सिद्‍धि -- माइ पाक्पा

सबल (वि.) बलवान, ताकतवर, बलशाली -- पाङ्गन कन्बा

सभा (स्‍त्री.) बैठक, परिषद् -- सभा

सभापति (पुं.) सभा का अध्यक्ष -- सभापति

सभी (वि.) सार, संपूर्ण -- पुम्‍नमक्

सभ्य (वि.) जिसका आचार-व्यवहार उत्‍तम हो, शिष्‍ट, विनम्र -- सभ्य, शिष्‍ट सदस्य, सज-लोक भद्र

सभ्यता (स्‍त्री.) सभ्य होने की अवस्था या भाव -- चाओखत्पा

सभ्यता (स्‍त्री.) किसी जाति या देश की बाहय तथा भौतिक उन्‍नतियों का सामूहिक रूप -- चाओ-खत्लबा, सिविला-इजेशन

समकक्ष (वि.) जोड़ या बराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला -- चाङ्-मान्‍नबा

समझना (अ.क्रि.) किसी बात को ठीक और पूर्ण रूप से मन में बैठाना -- खङ्बा

समझना (अ.क्रि.) विचारना -- वाखल तौबा

समझौता (पुं.) राजीनामा, मेल, सुलह -- यान्‍नबा

समझौता (पुं.) आपस में होने वाला करार या निश्‍चय, संधि -- संधि

समता (स्‍त्री.) सादृश्य, बराबरी, संतुलन -- मान्‍नबा

समदर्शी (वि.) सब को एक-सा देखने-समझने वाला -- मान्‍नना उबा

समन्वय (पुं.) वह अवस्था, जिसमें कथनों या बातों का पारस्परिक विरोध न रहे -- चाशिन्‍नबा, खेननदबा

समय (पुं.) दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्‍त -- मतम

समय (पुं.) अवसर, मौका -- तान्जा

समय-सारणी (स्‍त्री.) समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारिणी -- मतम यात्पा

समय-सारणी (स्‍त्री.) वह पुस्तिका, जिसमें विभिन्‍न स्टेशनों से छूटने और पहुँचने के समय का उल्लेख सारिणियों में किया जाता है (टाइमटेबल) -- थबक्‍की अमदि थौदोक्‍की मतम ताक्पा चे

समर (पुं.) युद्‍ध, संग्राम, लड़ाई -- लाल्

समर्थ (वि.) जिसमें कोई काम करने की शक्‍ति हो, योग्य, उपयुक्‍त -- वौ डंबा, मतिक् चाबा

समष्‍टि (स्‍त्री.) अनेकों का समूह, संपूर्णता -- अपुन्बा, मपुङ्फाबा

समांतर (समानांतर) (वि.) जो समान अंतर पर रहे -- चप् मान्‍नगा लाओबा चाङ् मान्‍नबा

समाचार (पुं.) खबर, वृत्‍तांत, संदेश -- पाओ

समाचार-पत्र (पुं.) नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र, जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्‍ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूजपेपर) -- पाओजेल-चे, खबर

समाज (पुं.) बहुत से लोगों का समूह -- समाज

समाज (पुं.) किसी विशिष्‍ट उद्‍देश्य से स्थापित की हुई सभा -- सभा

समाज (पुं.) किसी प्रदेश या भूखंड में रहने वाले लोग जिनमें सांस्कृतिक एकता होती है -- समाज

समाज-विज्ञान (पुं.) मानव समाज का विकास, प्रकृति और नियम बताने वाला वैज्ञानिक अध्ययन, समाजशास्‍त्र (सोशिअलॉजी) -- समाजगी मरमदा नियम-परिङ् ताक्पा, सोशिअ-लाजी

समाजी-करण (पुं.) किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें (सोशिअलाइजेशन) -- समाजगी ओइना कान्‍नबा तौरक्पा थौओङ्

समाधान (पुं.) आपत्‍ति की निवृत्‍ति करना, संदेह निवारण करना -- शङ्‍दाइनबा

समाधान (पुं.) समस्या का हल -- समस्या कोक्हन्बा

समापन (पुं.) समाप्‍त करने की क्रिया या भाव, समाप्‍ति -- लोइरबा

समाप्‍ति (स्‍त्री.) खत्म या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन -- लोइरबा

समायोजन (पुं.) अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव -- चाशिन्‍नबा

समायोजन (पुं.) आँकड़ों का मेल बिठाना या ठीक-ठाक करने की क्रिया या भाव -- चानबा

समारोह (पुं.) कोई ऐसा शुभ आयोजन, जिसमें चहल-पहल हो -- समारोह, अफबा थौदोक्‍का मरि लैनब कुम्हे

समालोचक (पुं.) समीक्षक -- आलोचक

समास (पुं.) योग, मेल -- पुन्सिन्बा

समास (पुं.) दो या अधिक पदों के मेल से बनने वाला नया पद -- वाहै अनि नत्रगा अनिदगी हेन्बा वाहैशिङ् ना पुन्शिल्‍लगा शेंबा अनौबा वाहै, समास

समाहार (पुं.) बहुत-सी चीजों को एक जगह हकट्‍ठा करना, संग्रह -- खोम्जिन्बा

समाहार (पुं.) ढेर, राशि -- मपै

समिति (स्‍त्री.) किसी विशिष्‍ट कार्य के लिए नियुक्‍त व्यक्‍तियों का समूह -- सभा, समिति

समिति (स्‍त्री.) किसी विशेष कार्य के लिए गठित कुछ व्यक्‍तियों की सभा -- समिति

समुदाय (पुं.) समाज, बिरादरी -- काङ्बु, काङ्लुप

समुदाय (पुं.) समूह, राशि -- मपै

समुद्र (पुं.) सागर -- समुद्र

समूह (पुं.) बहुत-सी चीजों का ढेर, राशि -- मपै

समूह (पुं.) झुँड, समुदाय -- शङ्‍गु, काङ्लुप

समृद्‍ध (स्‍त्री.) संपन्‍न, धनवान -- मरल मथुम वात्बा, इनाक् खुन्बा

समृद्‍धि (स्‍त्री.) बहुत अधिक संपन्‍नता, अमीरी, ऐश्‍वर्य -- मरल लैबा, इनाक खुनबा, पैसा पाइबा

सम्मान (पुं.) इज्‍जत, आदर, प्रतिष्‍ठा -- इज्‍जत, इकाइ-खुमनजरिबा

सम्मेलन (पुं.) मनुष्यों का किसी विशेष उद्‍देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज -- सम्मेलन

सम्मेलन (पुं.) कोई बहुत बड़ी स्थायी संस्था -- अचौबा संस्था

सम्मोहन (पुं.) मोहित करने या लुभाने की क्रिया, मुग्ध करने की शक्‍ति या गुण -- सुम्हत्पा, सुम्हत्-निङ्ङाइ ओइबा गुण

सम्राट (पुं.) साम्राज्य का स्वामी -- निङ्थौ

सरकना (अ.क्रि.) जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना -- चिङ्‍बा शित्पा

सरकना (अ.क्रि.) धीरे-धीरे तथा थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ना -- शित्ल-शित्ल चत्पा

सरकार (स्‍त्री.) शासन तंत्र -- सरकार

सरल (वि.) सीधा, भोला -- अतिङ्बा, अचंबा

सरल (वि.) आसान, सहज -- अराइबा

सरस (वि.) रसयुक्‍त, रसीला -- महाओ याओबा, महि याओबा, महि होंबा

सरस (वि.) रचना जो भावमयी और मोहक हो -- रस चेन्बा

सराहना (स्‍त्री.) तारीफ, प्रशंसा -- थागत्पा

सराहना (स्‍त्री.) तारीफ करना, प्रशंसा करना -- थागत्पगी थबक

सरोकार (पुं.) वास्ता, संबंध -- मरि

सरोवर (पुं.) तालाब -- पुखी

सर्ग (पुं.) किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय -- ताङकक्, अध्याय

सर्जन (पुं.) उत्पन्‍न करना या जन्म देना -- शेंबा, शाबा, सर्जन

सर्प (पुं.) साँप -- लिल्

सर्वज्ञ (वि.) सब कुछ जानने वाला -- पुम्‍नमक खङ्बा

सर्वज्ञ (पुं.) ईश्‍वर -- ईश्‍वर

सर्वत्र (क्रि. वि.) सब जगह -- मफम पुम्‍नमक्‍ता

सर्वव्यापक (पुं.) जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्‍त हो -- पाक् शन्बा मफम खुदिङ्दा लैबा

सर्वसम्मति (स्‍त्री.) सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य -- मत अमत्‍ता ओइबा

सर्वांगीण (वि.) सब अंगों में व्याप्‍त होने वाला -- शरुक खुदिङ्-मक्‍की ओइबा

सर्वांगीण (वि.) जो सभी अंगों से युक्‍त हो -- हक्चाङ् शिन्ब थुङवा

सर्वेक्षण (पुं.) किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगों का किया गया आधिकारिक निरीक्षण -- थिजिन्बा

सर्वोदय (पुं.) सभी का उदय या उन्‍नति -- चाओखत्-मिनबा

सर्वोदय (पुं.) सब लोगों के आर्थिक, नैतिक तथा सामाजिक उत्थान के लिए चलाया गया स्वतंत्र भारत का आंदोलन -- सर्वोदय आंदोलन (विनोवा भावेगा हौदोक् लंबा)

सलाहकार (पुं.) राय देने वाला, परामर्शदाता -- राय पीबा मी, बा तानफम

सस्ता (पुं.) कम मूल्य का -- अहोङ्बा, ममल याम्दबा

सस्ता (पुं.) घटिया -- NA

सहकारिता (स्‍त्री.) साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता -- तेङ्बाङ-नरिबा

सहज (वि.) जन्मजात, प्राकृतिक -- महौशागी ओइबा

सहज (वि.) आसान -- अराइबा

सहन शक्‍ति (स्‍त्री.) सहने की शक्‍ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सहयता -- खाङ्बा ङम्बगी शक्‍ति

सहना (स.क्रि.) सहन करना, झेलना -- खाङ्बा

सहना (स.क्रि.) बर्दाश्त करना, कष्‍ट उठाना -- अवाबा खाङ्बा

सहमत (वि.) जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्‍टि करता हो -- यानिङ्बा, मत मान्‍नबा

सहमति (स्‍त्री.) सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना -- मत अमत् ओइना यानिङबगी मओङ्

सहयोग (पुं.) साथ मिलकर काम करना -- तेङ्‍बाङ्

सहयोग (पुं.) किसी के काम में हाथ बँटाना -- तेङ्बाङ्बा

सहयोग (पुं.) सहायता देना -- मतेङ् पीबा

सहयोगी (पुं.) साथ में काम करने वाला, सहायता करने वाला -- तेङ्बाङ्-नरिबा

सहलाना (स.क्रि.) धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना -- नाल्बा

सहानुभूति (स्‍त्री.) हमदर्दी -- मीनुङ्शि

सहायता (स्‍त्री.) मदद -- मतेङ्

सहिष्णु (वि.) सहने वाला, बरदाश्त करने वाला -- खाङ्लिबा

सहिष्णुता (स्‍त्री.) सहनशीलता -- खाङ्बा कन्बगी मतौ

सहृदयता (स्‍त्री.) दयालुता, करुणा -- थमोइ नौबा

सहृदयता (स्‍त्री.) रसज्ञता -- रसचुप्पा/रस खङ्बा

सांकेतिक (वि.) संकेत संबंधी, संकेत रूप में होने वाला -- इंगित्‍ना खङ्नबा

सांगोपांग (वि.) सभी अंगों और उपांगों सहित -- मशा पुंबगी ओइबा

सांत्वना (स्‍त्री.) शोकाकुल या संतप्‍त व्यक्‍ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्‍ली -- थेम्जन्बा फाथबिवा

साकार (वि.) मूर्त, आकारयुक्‍त -- मओङ् नाइबा, मशक् नाइबा

साकार (वि.) बात या योजना, जिसे क्रियात्मक रूप प्राप्‍त हुआ हो -- थबक् ओइरक्पा

साक्षरता (स्‍त्री.) पढ़े-लिखे होने का भाव -- इबा-पाबा ङम्बा

साजन (पुं.) पति, स्वामी -- मपुरोइबा

साजन (पुं.) प्रेमी -- नुङ्शिनबा नुपा

साज-सामान (पुं.) सामग्री, उपकरण, असबाब -- तङ्ङाइ-फदबा पोत्चङ्

साज-सामान (पुं.) ठाठ-बाट -- अरङ् अराक्‍की पोत्लम

साझेदारी (स्‍त्री.) हिस्सेदारी, शराकत -- शरुक् याबा

सात्विक (वि.) सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य -- सतगुण याओबा

सादर (क्रि.वि.) आदरपूर्वक, इज्‍जत से -- इकाइ-खुम्‍नना

सादा (वि.) खालिस, बिना मिलावट -- यांदबा

सादा (वि.) जिसमें किसी तरह की उलझन, पेंच की बात या बनावट न हो, सरल -- अतिङ्बा, अचंबा

सादृश्य (पुं.) समानता, तुल्यता, बराबरी -- मान्‍नबा

साधन (पुं.) सामान, सामग्री, उपकरण -- पोल्लम

साधन (पुं.) कोई ऐसी चीज या वस्तु, जिससे कुछ कर सकने की शक्‍ति आती है (मीन्स) -- पांबै, उपाय

साधन (पुं.) जिसके सहारे कोई काम पूरा होता है (रिसोर्सिस) -- थबक् पाङ्थोकपदा मतेङ् ओइरिबा मी

साधना (स्‍त्री.) कोई कार्य सिद्‍ध करना -- थब पाङ्थोक्पा

साधना (स्‍त्री.) ऐसी आराधना या उपासना, जो बहुत कष्‍ट सहते हुए मनोयोगपूर्वक की जाती है अथवा किसी महत्वपूर्ण कार्य को सिद्‍ध करने के लिए त्याग तथा परिश्रम से किया गया प्रयत्‍न या प्रयास -- अनिङ्बगी मखा पोन्‍ना होत्‍नबा

साधारण (वि.) जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली -- इचम् चंबा, इतिङ् तिङ्बा

साधारण (वि.) सहज, सुगम, सरल -- अराइबा

साधु (पुं.) संत, महात्मा -- साधु

साधु (पुं.) बढ़िया, उत्‍तम -- अथोइबा

साधु (पुं.) सज्‍जन, भला आदमी -- अफबा, लैबाक मचा ताबा

साध्य (वि.) जो सिद्‍ध या पूरा किया जा सके -- पाङ्थोक्‍क दौरिबा थबक्

साध्य (वि.) (रोग आदि) अच्छा करने योग्य -- फहनग-दौबा

सान्‍निध्य (पुं.) निकटता, समीपता -- नक्‍नबा

सापेक्ष (वि.) जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलंबित हो -- मतेङ् लौबा

साफ (वि.) स्वच्छ, शुद्‍ध, स्पष्‍ट -- अशेङ्बा, मोत्‍तबा अरुबा, शोयदबा, चिङ्न-निङ्ङाइ ओइद्रबा

साबुन (पुं.) नहाने या कपड़े धोने का एक पदार्थ (सोप) -- सापोन्, सोप

सामंजस्य (पुं.) वह स्थिति, जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता -- चाशन्‍नबा

सामग्री (स्‍त्री.) आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान -- पोत्लम

सामग्री (स्‍त्री.) किसी उत्पादन, निर्माण रचना आदि के सहायक अंग या तत्व -- पोत्चङ्

सामने (अव्य.) आगे, समक्ष -- माङ्‍दा

सामने (अव्य.) मुकाबले में -- लांबा तौबदा, येङ्नबदा

सामर्थ्य (पुं.) कोई कार्य करने की योग्यता और शक्‍ति -- तौ ङम्बगी शक्‍ति

सामयिक (वि.) समयोचित, ठीक समय में -- मतम चाबा

सामयिक (वि.) वर्तमान समय का -- हौजिक्‍की

सामाजिक (वि.) समाज का, समाज से संबंध रखने वाला -- समाज गी ओइबा

सामान्य (वि.) मामूली -- इचम-चंबा

सामान्य (वि.) सार्वजनिक, आम -- ममामगी ओइबा

साम्राज्य (पुं.) वे अनेक राष्‍ट्र या देश, जिन पर कोई एक शासन-सत्‍ता राज्य करती हो -- निङथोरेल अमगी मखादा लैबा अपुन्बा लैबाक्, साम्राज्य

साम्राज्य वाद (पुं.) वह सिद्‍धांत, जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्‍धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज्म) -- लोइलम शंदोक्पा

सामुद्रिक (वि.) समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला -- समुद्रगा मरि लैनबा

सामुद्रिक (पुं.) फलित ज्योतिष की वह शाखा, जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिहनों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है -- खुबाक मयि येङ्बा

सामूहिक (वि.) कई व्यक्‍तियों (समूह) द्‍वारा किया जाने वाला -- अपुन्बा

सार (पुं.) मूल भाग, सत -- मचङ्

सार (पुं.) तात्पर्य या निष्कर्ष, सारांश

सारणी (स्‍त्री.) वर्गीकृत सूची (टेबल) -- टेबल

सारांश (पुं.) संक्षिप्‍त रूप, सार, निचोड़, उपसंहार -- वा मचङ्, वारोइसन

सारा (वि.) कुल, समस्त, पूरा, समग्र -- पुम्‍नमक्

सार्थक (वि.) जिसका कुछ अर्थ हो, अर्थवान -- अर्थ थोक्पा, अर्थ लैबा

सार्वजनिक (वि.) सर्वसाधारण-संबंधी -- मीयामगी ओइबा

सार्वजनिक (वि.) समान रूप से सब लोगों के काम आने वाला -- मीयामगी ओइबा

सावधान (वि.) सचेत, सतर्क, खबरदार -- चेक्शिन्बा

साहित्य (पुं.) ग्रंथों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्‍य तथा पद्‍यात्मक रचनाएँ -- साहित्य

साहित्यकार (पुं.) साहित्य की रचना करने वाला -- साहित्य इबा

साहूकार (पुं.) बड़ा व्यापारी, महाजन -- महाजन, अचौबा व्यापार तौबा

सिंगार (श्रृंगार) (पुं.) सजाने की क्रिया, सजधज -- लैतेङ्

सिंगारदान (पुं.) श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक -- लैतेङ्गी पोत् हाप्फम

सिंदूर (पुं.) एक प्रकार का लाल चूर्ण, जिसे सौभाग्यवती स्‍त्रियाँ माँग में भरती हैं -- सिंदूर

सिंहनाद (पुं.) सिंह का गर्जन, युद्‍ध आदि के समय गरज कर की जाने वाली ललकार, जोरदार शब्दों में ललकार कर कही जाने वाली बात -- नोङ्शाना ङङ्‍बा नोङ्शागी खोल्लाओ

सिंहासन (पुं.) राजा का आसन, राजगद्‍दी -- निङ्‍थौ खुभम्, सिंहासन

सितारा (पुं.) तारा, नक्षत्र -- थावन् मिचाक्

सितारा (पुं.) भाग्य -- लाइबक्

सिद्‍धांत (पुं.) निश्‍चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए (प्रिंसिपल) -- अचुंबा वाफमदा युंफम ओइबा अरेप्पा मत, सिद्‍धांत, प्रिंसिपल

सिद्‍धांत (पुं.) विचार, तर्क और प्रयोग द्‍वारा सिद्‍ध मत; कला, विज्ञान आदि के संबंध में कोई ऐसी मूल बात जो किसी विद्‍वान द्‍वारा प्रतिपादित हो और जिसे बहुत से लोग ठीक मानते हों। (थीअरी) -- थोऑरी

सिपाही (पुं.) फौजी, सैनिक -- लालमी, सिफाइ

सिपाही (पुं.) पुलिस विभाग का साधारण कर्मचारी -- पोलिस

सिफारिश (स्‍त्री.) किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना -- तौबिनबा हायजबा

सिफारिश (स्‍त्री.) किसी के गुण, योग्यता आदि का परिचय देने वाली बात किसी दूसरे व्यक्‍ति से कहना, जो उस पहले व्यक्‍ति का कोई उपकार कर सकता है, संस्तुति -- तौबा ङम्बा मीदा कनागुंबा अमगी मगुन ताक्‍तुना तौननबा हायजबा

सिर्फ (वि.) बस, इतना ही, केवल -- शुप्‍नगी

सिलसिला (पुं.) एक के बाद एक का क्रम,श्रृंखला -- मथङ् मनाओ

सिलाई (स्‍त्री.) सीने की क्रिया या भाव -- लोनबा

सिलाई (स्‍त्री.) सिलने पर दिखाई पड़ने वाले टाँके -- किसी

सिलाई (स्‍त्री.) सिलने के बदले में मिलने वाली मजदूरी -- चिलाह, सियनि

सिवाय (अव्य.) जो है या हो उसको छोड़कर -- मदु नत्‍तना, अदुतनत्‍तना

सींचना (स.क्रि.) खेत या पेड़े-पौधों में पानी देना -- चीङ्बा

सीखना (स.क्रि.) किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्‍त करना, पढ़ना -- तंबा

सीधा (वि.) जिसमें टेढ़ापन या घुमाव न हो -- अतिङ्बा

सीधा (वि.) जिस में छलकपट न हो -- नम्थाक् थाओदबा

सीधा (वि.) सरल, सुगम, आसान -- अचंबा, अराइबा

सीना (स.क्रि.) सिलाई करना -- लोन्बा

सीना (पुं.) छाती, वक्षस्थल -- थबाक

सीमा (स्‍त्री.) एक स्थान से दूसरे स्थान को विभाजित करने वाली रेखा, हद, सरहद -- सीमा, पंखे

सीमा (स्‍त्री.) वह अंतिम हद जहाँ तक कोई बात हो सकती हो या होनी उचित हो, नियम या मर्यादा की हद -- लिमिट, इज्‍जद

सीमित (वि.) विभाजक रेखा के अंदर -- पन्‍ना

सीमित (वि.) जिसका प्रभाव या विस्तार एक निश्‍चित सीमा के अंतर्गत हो -- कोशिन्बा

सुंदर (वि.) जो आँखों को अच्छा लगे, खूबसूरत -- फजबा, निङ्‍थिबा

सुख (पुं.) इंद्रियों को अनुकूल लगने वाली चेतना, चैन, आराम -- नुङ्ङाइबा हराओबा, पोताथाबा

सुख-सुविधा (स्‍त्री.) ऐसी चीजें, जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके -- नुङाइना लैनबगी पोत्लमशिङ्

सुगंध (स्‍त्री.) अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक -- नुङ्‍शिबा मनम, मनम्‍नु-ङ्‍शिबा

सुगम (वि.) सहज में आने या पाने योग्य -- अराइबा

सुगम (वि.) आसान, सरल -- इराइ-लाइबा

सुघड़ (वि.) जिसकी बनावट सुंदर हो, सुडौल -- मओङ् फजबा, मओङ् ताबा

सुघड़ (वि.) कुशल, निपुण, होशियार -- हैशिङ्बा

सुचारु (वि.) अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत -- याम्‍ना फजबा, निङ्‍थिबा, पुक्‍निङ् हुबा

सुझाव (पुं.) सुझाने की क्रिया या भाव -- खङहन्बा, ताकपिबा, खङ्-ताक्पिवां वाफम

सुझाव (पुं.) वह नई बात जो किसी को सुझाई गई हो या जिसकी ओर ध्यान आकृष्‍ट किया गया हो (सजेशन) -- हौदोक्पा, राय पिबा

सुडौल (वि.) सुंदर डीलडौल या आकार वाला -- फिबम् मूर्ति फजबा शाबाल फजबा, मउङ् फजबा

सुध-बुध (स्‍त्री.) होश-हवास, चेतना -- बुद्‍धि-लौशिङ्

सुध-बुध (स्‍त्री.) याद -- निङ्-शिङबा

सुधा (स्‍त्री.) अमृत, पीयूष -- अमृत

सुधार (पुं.) दोष दूर करने या होने का भाव -- शेङ्-दोक्पा, शेंदोक्पा, फगत्पा

सुधार (पुं.) वह काँट-छाँट, जो किसी रचना को अच्छा रूप देने के लिए की जाती है -- कक्थोक् कक्शिल तौदुना फजनबा शेम्दोक्पा

सुधीर (वि.) धैर्यवान, जिसमें धैर्य हो -- अचेतपा वाखल लैबा, मपुक्‍निङ चेत्पा

सुनना (स.क्रि.) कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना -- ताबा

सुनहरा (सुनहला) (वि.) सोने के रंग का -- सनामचु

सुबोध (वि.) जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य -- खङ्गन्बा, लाइना खङ्गंन्बा

सुमति (स्‍त्री.) अच्छी मति या बुद्‍धि -- बुद्‍धि लैबा, वाखल् लैबी, ज्ञान ताबी

सुमन (पुं.) पुष्प, फूल -- लै, लैराङ्

सुरंग (स्‍त्री.) जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता -- सुरुग

सुरंग (स्‍त्री.) जमीन या समुद्र के नीचे बिछाया गया बारूद, जाल आदि जिससे व्यक्‍ति या जहाज नष्‍ट हो जाते हैं -- लैबाक्‍ता अमदि समुद्र-दा बोम् फुंबा, माइन

सुर (पुं.) गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर -- स्वर

सुर (पुं.) देवता -- लाइ

सुरक्षा (स्‍त्री.) समुचित रक्षा -- निङ्थिना ङाक्शेन्बा

सुरक्षा (स्‍त्री.) आक्रमण, आघात आदि से बचने के लिए किया जाने वाला प्रबंध -- लांदाबा, खुदोङ् थिबदगी कन्जनबा थौराङ्

सुरभि (स्‍त्री.) सुगंध, खुशबू -- नुङ्शिबा मनम्

सुरमा (पुं.) काजल -- सुरमा

सुराही (स्‍त्री.) जल आदि रखने का मिट्‍टी का पात्र, जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लंबा नल की तरह होता है -- सनाबुल

सुलगना (अ.क्रि.) इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुआँ निकले, धीरे-धीरे जलना -- ओमदुना चाक्पा

सुलझना (अ.क्रि.) किसी समस्या आदि की पेचीदगी का दूर होना -- किसी लौथोक्पा, चयेत्‍नबा कोक्पा

सुलभ (वि.) जो आसानी से मिल जाए -- लाइना फङ्बा इराइ लाइना फङ्बा

सुवास (स्‍त्री.) अच्छी महक, खुशबू, सुगंध -- मनम् नुङशिबा

सुविधा (स्‍त्री.) आसानी -- अराइबा

सुविधा (स्‍त्री.) आराम -- पोत्थाबा

सुसज्‍जित (वि.) भली-भाँति सजा या सजाया हुआ -- लैतेङ्लबा

सुस्ताना (अ.क्रि.) थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना -- ङहाक पोत्थबा

सुहाग (पुं.) विवाहिता स्‍त्री की वह स्थिति, जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य -- युम पान्बा

सुहाग (पुं.) विवाह के समय कन्यापक्ष में गाए जाने वाले मांगलिक गीत -- याइफ-ईशै, लुहोङ्बगी इशै

सुहागा (पुं.) एक क्षार द्रव्य, जो सोना गलाने और दवा के काम आता है -- थुम् मान्बा खोनिदगी थोक्पा पोत्, बोरेक्स

सूक्ष्मदर्शी (वि.) बारीकी से देखने वाला -- कूप्‍ना येङ्बा

सूखा (वि.) शुष्क, निर्जल -- अकङ्बा ईशिङ् याओदबा

सूखा (वि.) अकाल, दुर्भिक्ष -- थमोइ कन्बा, मीनुङ्शि याओदबा

सूचना (स्‍त्री.) कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्‍तिला -- खङ्हन्बा

सूची (स्‍त्री.) किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्‍ध लेखा या विवरण -- पोत्की, मिङ्गी मथङ् मनाओ नाइना इबा परेङ्, लिस्ट

सूजना (अ.क्रि.) शरीर के किसी अंग का अधिक फूलना या फैलना -- पोंबा, पोम्-खत्पा

सूझना (अ.क्रि.) अचानक ध्यान में आना -- वाखल खन्बा

सूझना (अ.क्रि.) दृष्‍टि में आना, दिखाई देना -- उरक्पा

सूत्र (पुं.) महीन सूत या धागा -- लङ् लङ्ला

सूत्र (पुं.) गूढ़ अर्थयुक्‍त संक्षिप्‍त वाक्य या पद -- मरु ओइबा अर्थ याओबा वाहै नत्रगा वाहै परेङ्

सूत्र (पुं.) संकेत, पता, सुराग -- अशेन्बा-अथुप्पा खङ्बा

सूद (पुं.) ब्याज -- शेंदोइ

सूना (वि.) जनहीन, निर्जन -- अचिक्पा, मी तादबा

सूराख (पुं.) छेद, छिद्र -- अहोबा, मखून

सूर्य (पुं.) सूरज, रवि -- नुमित्

सृजन (पुं.) सृष्‍टि करने अर्थात् जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना -- नौना इबा, शबा

सृष्‍टि (स्‍त्री.) सारा विश्‍व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ -- लैशेंबा

सृष्‍टि (स्‍त्री.) निर्माण, रचना -- शेम्गत्पा

सेंकना (स.क्रि.) आँच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना -- याइबा, फौबा

सेंकना (स.क्रि.) शरीर को गरमी या धूप देना -- याइबा, फौबा

सेठ (पुं.) बहुत धनवान या संपन्‍न व्यक्‍ति -- मरल-मथुम लैबा, पैसा पाइबा

सेतु (पुं.) नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल -- थोङ्

सेना (स्‍त्री.) रण-शिक्षा प्राप्‍त सशस्‍त्र व्यक्‍तियों का दल, फौज -- लाल्मी

सेनापति (पुं.) सेना का नायक, फौज का अफ़सर -- सेनापति, लालमीगी अफसर

सेवा (स्‍त्री.) परिचर्या, टहल -- सेबा तौबा

सेवा (स्‍त्री.) नौकरी -- थबक

सेवा (स्‍त्री.) पूजा, आराधना -- पूजा, सेबा

सैकड़ा (पुं.) सौ, शत की संख्या का सूचक, जो इस प्रकार (100) लिखा जाता है -- चाम्मा

सैनिक (वि.) सेना-संबंधी, सेना का -- लाल्मी ओइबा

सैनिक (पुं.) सेना या फौज का सिपाही, फौजी -- सैनिक

सैर (स्‍त्री.) मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण -- कोइबा

सोचना (स.क्रि.) किसी विषय पर विचार करना -- खन्जन्बा

सोचना (अ.क्रि.) चिंता या फिक्र में पड़ना -- खन्बा

सोना (पुं.) स्वर्ण, कँचन -- सना

सोना (अ.क्रि.) निद्राग्रस्त होना, नींद लेना -- तुंबा

सोना (अ.क्रि.) एक ही स्थिति में रहने के कारण सुन्‍न होना -- बोर चुबा, हैनिङ्दबा

सोपान (पुं.) सीढ़ी, ज़ीना -- थाक्, सीढ़ी

सौंपना (स.क्रि.) (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना -- शिनबा

सौजन्य (पुं.) सज्‍जनता, भलमनसाहत -- मी अफबा, हौन खङ्बा

सौतेला (वि.) सौत से उत्पन्‍न -- लोल्नबी

सौतेला (वि.) सौत अथवा सपत्‍नी संबंधी -- नूपी लोल्बदगी ओइरक्पा

सौभाग्य (पुं.) अच्छा भाग्य, अच्छी किस्मत -- लाइबक फबा

सौभाग्य (पुं.) सुहाग -- मपुरोइ-बगा नुङ्शि चान्‍ना लैरिबा, युमपान्-नरिबा

स्तंभ (पुं.) खंभा -- युंबी

स्तंभ (पुं.) पत्र-पत्रिका आदि में ऐसे विभाग, जिनमें किसी विशेष विषय का प्रतिपादन अथवा निरूपण होता है -- कालम (लेख)

स्तब्ध (वि.) जड़ीभूत, निश्‍चेष्‍ट, हक्‍का-बक्‍का -- चङक्‍नबा

स्तुति (स्‍त्री.) आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई तारीफ -- थागत्पा

स्तोत्र (पुं.) वह रचना, विशेषत: पद्‍यबद्‍ध रचना, जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति -- शोन्बा, श्‍लोक, शैथाबा

स्‍त्री (स्‍त्री.) महिला, औरत -- नुपी

स्‍त्री (स्‍त्री.) पत्‍नी, जोरू -- मतु (अ. पु.), नतु (म. पु.), इतु (उ. पु.)

स्थगन (पुं.) सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना -- यैथोक्पा

स्थान (पुं.) जगह, स्थल -- मफम्

स्थान (पुं.) पद, ओहदा -- फम्

स्थानांतरण (पुं.) किसी वस्तु या व्यक्‍ति का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना या भेजना, बदली -- मफम्-होङ्बा, लैफम् होङ्बा

स्थानीय (वि.) स्थान विशेष का, मुकामी, स्थानिक -- मफम् मफमगी, लम-लमगी

स्थापना (स्‍त्री.) स्थापित करने की क्रिया या भाव -- लिङ्-खत्पा

स्थापना (स्‍त्री.) प्रतिपादन, निरूपण -- फोङ्-दोक्पा

स्थायी (वि.) सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत -- स्थायी, नित्य, अटल, साकार

स्थायी (वि.) टिकाऊ -- पल्लिबा, पंथरिबा कुइना चत्पा

स्थिति (स्‍त्री.) दशा, हालत, अवस्था -- फिभम, दशा

स्थिति (स्‍त्री.) पद, मर्यादा आदि के विचार से समाज में स्थान -- मफम्

स्थिति (स्‍त्री.) किसी कार्य आदि की प्रगति की अवस्था, चरण -- थाक्, मफम्

स्थिर (वि.) अटल, निश्‍चल -- लेङ्दबा

स्थिर (वि.) स्थायी -- लेङ्दबा

स्थिर (वि.) धीर, शांत -- अतप्पा, अइङ्बा

स्‍नेह (पुं.) प्रेमियों, हमजोलियों, बच्‍चों आदि के प्रति होने वाला प्रेमभाव -- नुङ्शिबा

स्‍नेह (पुं.) चिकना पदार्थ, चिकनाहट वाली चीज -- अनान्बा

स्पंदन (पुं.) धीरे-धीरे हिलना या काँपना -- निक्पा, थमोइ तनिक् तनिक्पा

स्पंदन (पुं.) फड़क, प्रस्फुरण, गति -- खोङ्चत् नाइबा, फ्रङ् हौबा

स्पर्धा (स्‍त्री.) प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ -- लंबा तौनबा

स्पर्श (पुं.) त्वचा का वह गुण, जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है -- थेङ्बा शोक्पा

स्पर्श (पुं.) एक वस्तु के तल का दूसरी वस्तु के तल से सटना या छूना, संपर्क -- थेङ्नबा

स्पष्‍ट (वि.) जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ -- मयेक् शेङ्बा

स्फूर्ति (स्‍त्री.) तेजी, फुर्ती -- अयाङबा

स्मरण (पुं.) कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद -- निङ्शिङ्बा

स्मारक (वि.) स्मरण कराने वाला -- निङ्‍शिङ्ल-कइबा

स्मारक (पुं.) स्मरण चिहन, यादगार -- निङ्शिङ् खुदम

स्मृति (स्‍त्री.) स्मरण शक्‍ति -- निङ्‍शिङ्बगी शक्‍ति

स्मृति (स्‍त्री.) याद, अनुस्मरण -- निङ्शिङ्बा

स्मृति (स्‍त्री.) धर्म, आचार-व्यवहार आदि से संबंधित हिंदू धर्मशास्‍त्र, जिसकी रचना ऋषियों और मुनियों ने वेदों का स्मरण या चिंतन करके की थी -- स्मृति

स्रष्‍टा (वि.) सृष्‍टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता -- अइबा, करिगुंबा अमा शेम्गत् शागत्लिबा मी

स्रष्‍टा (पुं.) ब्रहमा, सृष्‍टि का रचयिता -- ब्रहमा, विधाता

स्वचालित (वि.) अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह अपने आप चलने या कोई काम करने लगे -- मथंता चत्वबा

स्वजन (पुं.) अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन -- ईमुङ् मनुङ्गी मीशिङ्

स्वजन (पुं.) सगे-संबंधी, रिश्तेदार, बंधु-बांधव -- मरि-मता शागै-नातै मरूप-मपाङ्

स्वतंत्र (वि.) जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद -- मनिङ् मखा तंबा

स्वतंत्र (वि.) किसी प्रकार के नियंत्रण, दबाव या बंधन से रहित -- अफा-अपुन लैतबा

स्वतंत्रता (स्‍त्री.) स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आजादी, स्वातंत्र्य -- मनिङ् मखा तंबा मतौ

स्वप्‍न (पुं.) सपना, ख्वाब -- मङ्, मङ्लान

स्वप्‍न (पुं.) मन ही मन की जाने वाली बड़ी-बड़ी कल्पनाएँ और बाँधे जाने वाले मनसूबे -- मङ्लान फूरा शाबा

स्वभाव (पुं.) प्रकृति, खासियत, मिजाज -- हौनशा, हैनबी, लम्चत

स्वभाव (पुं.) आदत, बान -- हैनबी

स्वयं (वि., क्रि.वि.) खुद (व्यक्‍ति) -- मशा, मशामक, मशाना, मशामक्‍ना

स्वरूप (पुं.) आकृति, रूप, शक्ल -- शक्‍तम, शकओङ्

स्वरूप (पुं.) प्रकृति, स्वभाव, गुण -- मओङ्, स्वभाव, मगुण

स्वर्ग (पुं.) देवलोक -- स्वर्ग, लाइरैबाक

स्वर्ग (पुं.) ऐसा स्थान, जहाँ सभी प्रकार के सुख प्राप्‍त हों और नाममात्र भी कष्‍ट या चिंता न हो -- अवात्-अपा लैतबा, नुङाइ-याइफबा मफम

स्वर्ण-युग (पुं.) उत्कर्ष का समय, अभ्युदय काल -- स्वर्ण, युग, लन-थुम, कला साहित्य चाओखत्पा अमदि वायेन थौदादा शांति ओइबा अतम

स्वर्णिम (वि.) सोने, का, सुनहला -- सनागी, सनाना शाबा

स्वस्थ (वि.) रोग, विकार आदि से रहित -- नादबा, मशा-फबा

स्वागत (पुं.) सादर अभिनंदन -- स्वागत, नुङशिना अमदि इकाइखुमनना ओक्चबा, हराओना ओकपा, ओकपा लौबा, लैशिनबा

स्वाद (पुं.) खाने-पीने पर जीभ को होने वाली अनुभूति, जायका -- महाओ

स्वादिष्‍ट (वि.) जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो -- अहाओबा

स्वाभाविक (वि.) प्राकृतिक, कुदरती -- हौनशा ओइबा, प्रकृतिगी ओइबा

स्वाभाविक (वि.) जो या जैसा प्रकृति के या स्वभाव के अनुसार साधारणत: हुआ करता है -- लाइना, हौनशा ओइना

स्वामित्व (पुं.) मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव -- मपु ओइबा, मपु

स्वामित्व (पुं.) प्रभुता, आधिपत्य -- मपु, मपुङ ओइबा, मपु ओइबा

स्वामी (पुं.) वह व्यक्‍ति, जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्‍त हों, मालिक -- मपु

स्वामी (पुं.) पति, शौहर -- पति, स्वामी, गिरिहत

स्वार्थ (पुं.) अपना अर्थ या उद्‍देश्य, अपना मतलब -- मशा गी ओइजबा (अ.पु.), नशागी ओइजबा (म.पु.), इशागी ओइजबा (उ.पु.)

स्वार्थी (वि.) मात्र अपने उद्‍देश्य की सिद्‍धि चाहने वाला, खुदगर्ज़ -- ओइजबा थिबा

स्वावलंबन (पुं.) अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव; आत्मनिर्भरता -- मशाना मशागी मतेङ् लौजबगी मओङ्, फियम्

स्वावलंबी (वि.) अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर -- मशना मशागी मतेङ् लौबा, माशना मशाबु तेङ्बाङ्जबा मीगी मतेङ् पाङ्दबा

स्वास्थ्य (पुं.) स्वस्थ अर्थात् नीरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, आरोग्यता, तंदुरुस्ती -- मशा फबा, मशा मऊ फबा

स्वीकार (पुं.) अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव -- चाबा, लौबा

स्वीकार (पुं.) कोई बात मान लेने की क्रिया या भाव -- याबगी थबक, याबगी भाव

स्वीकृति (स्‍त्री.) स्वीकार करने की क्रिया या भाव, सहमति -- याबा, याबगी भाव

स्वीकृति (स्‍त्री.) प्रस्ताव, शर्त आदि मान लेने अथवा ग्रहण करने की क्रिया या भाव -- याबा

हँसना (अ.क्रि.) मुख-मुद्रा द्‍वारा प्रसन्‍नता प्रकट करना -- नोक्पा

हँसना (अ.क्रि.) दिल्लगी, मजाक या परिहास करना -- नोक्‍नबा, फागी

हँसमुख (वि.) जिसका मुख सदा हँसता हुआ-सा रहता हो, विनोदी -- नोक्‍कन्बा

हँसली (स्‍त्री.) गले के नीचे और छाती के ऊपर की धनुषाकार हड्‍डी -- ङक्‍का थबाक् का ताइनबगी शरू

हँसली (स्‍त्री.) स्‍त्रियों का एक चंद्राकार गहना -- नेक्लेस

हँसी (स्‍त्री.) हँसने की क्रिया, ध्वनि या भाव -- नोक्पा

हँसी (स्‍त्री.) परिहास, दिल्लगी, मज़ाक, ठट्‍ठा -- नोक्‍नबा

हकलाना (अ.क्रि.) अटक-अटक कर बोलना -- मरै लोंबा, स्टैमरिग

हटना (अ.क्रि.) एक जगह से चल कर, खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना -- हंदोक्पा, थैथोक्पा

हड़ताल (स्‍त्री.) विरोध प्रकट करने के लिए काम बंद करना -- अवाबा, अशाओबा, पेंदबा, फोङ्‍दोक्पा हौबा इहौ, स्ट्राइक

हड़पना (स.क्रि.) मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना -- योत्शान्बा

हड़पना (स.क्रि.) किसी की चीज अनुचित रूप से लेकर दबा बैठना -- मुनबा, मत्पा

हत्था (पुं.) हाथ से चलाए जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता -- हात्पा

हथ-करघा (हाथ-करघा) (पुं.) कपड़ा बुनने का वह करघा, जो हाथ से चलाया जाता है -- योङ्घम्

हथियाना (स.क्रि.) अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना -- लौशिन्बा

हथियार (पुं.) अस्‍त्र-शस्‍त्र -- खुत्लाइ

हथौड़ा (पुं.) धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार -- नुङ्थङ्

हदबंदी (स्‍त्री.) दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना -- लम् ओन्थोक्पगी थबक्

हम (सर्व.) उत्‍तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम ‘मैं’ का बहुवचन -- ऐखोय

हमारा (वि.सर्व.) हम’ का संबंधकारक रूप -- ऐखोयगी

हमेशा (क्रि.वि.) सदा, सर्वदा, सदैव -- मातम लैबा खिबिक्‍ता

हरण (पुं.) उठा ले जाना, छीनना या लूटना -- मत्पा मुन्बा

हरा (वि.) ताजी उगी हुई घास या पत्‍तों के रंग का, हरित, सब्ज़ -- इशङ् शङ्बा

हरा (वि.) हरियाली से भरा हुआ -- इशङ् शङ्बना थल्बा

हरा (वि.) हरा रंग -- अशङ्बा मचु

हरित (वि.) हरे रंग का, हरा -- अशङ्बा मचुगी, अशङ्बा

हरित-क्रांति (स्‍त्री.) फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आंदोलन -- ऊ, वा. मना-मशिङ् थादुना इशङ् शङ्नबा तौबा आंदोलन

हरियाली (स्‍त्री.) हरे-भरे पेड़-पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह -- इशङ् शङ्बा मतौ, इशङ् शङबा

हरियाली (स्‍त्री.) आनंद, प्रसन्‍नता -- हराओबा

हर्ष (पुं.) प्रसन्‍नता, आनंद, खुशी -- हराओबा, नुङाइबा, अपेन्बा

हल (पुं.) खेत जोतने का एक प्रसिद्‍ध यंत्र -- लाङगोल

हल (पुं.) गणित के प्रश्‍न का उत्‍तर -- अंक फल ताबा

हल (पुं.) किसी विषय या समस्या का समाधान -- फल ताबा

हलचल (स्‍त्री.) दौड़-धूप -- उखल-माखल, लाङ्बा मीयाम तिन्बा

हवन (पुं.) देवताओं को प्रसन्‍न करने के लिए अग्‍नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम -- यज्ञ तौबा

हवाई-अड्‍डा (पुं.) वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान -- प्लेन ताफम

हवाई जहाज (पुं.) हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान -- प्लेन, एरोप्लेन, दोलाइ-अपाइबी

हवाई डाक (स्‍त्री.) वायुयान द्‍वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्‍ठियाँ आदि -- प्लेन ना चिथि पुथोक् पुशिन तौबा

हस्तकला (स्‍त्री.) हाथों के कौशल द्‍वारा किया जाने वाला काम -- खुत् शा हैबगी थबक्

हस्तक्षेप (पुं.) किसी दूसरे के काम में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना -- खुट् थिङ्‍जिन्बा

हस्तांतरण (पुं.) वस्तु, संपत्‍ति का एक हाथ से दूसरे हाथ में जाना -- शिन्‍नबा

हस्ताक्षर (पुं.) किसी व्यक्‍ति द्‍वारा लिखा जाने वाला अपना नाम, जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हुई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत -- शोय

हाँ (अव्य.) स्वीकृति, निश्‍चय आदि का सूचक शब्द -- होइ

हाँकना (स.क्रि.) जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुँह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना -- होइबा

हाँकना (स.क्रि.) बहुत बढ़-चढ़ कर बातें करना -- हेन्जिन्‍ना हायबा

हाँफना (अ.क्रि.) थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे साँस लेना -- निक्पा, स्वर थबेत् थबेत् होन्बा

हाथापाई (स्‍त्री.) वह लड़ाई, जिसमें एक-दूसरे के हाथ को पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं -- फुनबा

हाथी दाँत (पुं.) हाथी के मुँह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दाँत -- शामु मया

हानि (स्‍त्री.) क्षति, नुकसान -- माङ्बा माङजबा

हार (स्‍त्री.) पराजय, जीत का विपर्याय -- माइथिबा

हार (पुं.) फूलों-मोतियों आदि की माला -- लै परेङ्

हारना (अ.क्रि.) युद्‍ध, खेल आदि में पराजित होना, गँवाना, खोना -- माइ पाकतबा

हारना (अ.क्रि.) विफल होना -- माइथिबा

हार्दिक (वि.) हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का -- थम्मोयगी ओइबा, थम्मोयगी

हालचाल (पुं.) अवस्था, दशा, वृत्‍तांत, समाचार -- फिभम्, पाओ, मओङ् फिभम्

हालाँकि (अव्य.) यद्‍यपि -- अदुम ओइनमक्

हालाँकि (अव्य.) अगरचे -- NA

हास्य (पुं.) हँसने की क्रिया या भाव, हँसी, हास -- नोक्‍निङ्बा, नोकनिङ्बगी भाव

हास्य (पुं.) दिल्लगी, मजाक -- फागी

हास्य (पुं.) साहित्य में नौ स्थायी भावों या रसों में से एक -- साहित्यगी रस अमगी ममिङ्

हिंसा (स्‍त्री.) हत्या, वध -- जीव हात्पा

हिंसा (स्‍त्री.) किसी प्रकार की हानि पहुँचाने, अनिष्‍ट या अपकार करने, कष्‍ट या दुख देने की क्रिया या भाव -- ओत्पा, माङ्हन्बगी थवक, भाव

हिचकी (स्‍त्री.) खाँसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार, जिसमें साँस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुँह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) -- थगोक्पा

हिचकी (स्‍त्री.) उक्‍त के फलस्वरूप झटके से होने वाला तीव्र शब्द, जो कंठ से निकलता है -- थगोकपगी मखोंल

हितैषी (वि.) भला चाहने वाला, कल्याण मनाने वाला, हितचिंतक -- फनबा खन्बा

हिनहिनाना (अ.क्रि.) घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना -- शगोलना खोङ्बा

हिरासत (स्‍त्री.) किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा -- फादोक् ताबा, फादोक् थंबा, फाशिन्बा

हिरासत (स्‍त्री.) वह स्थान, जहाँ उक्‍त प्रकार के लोग बंद करके रखे जाते हैं -- लाक-अप

हिलाना (स.क्रि.) हिलने में प्रवृत्‍त करना, झुलाना -- हाइबा

हिलाना (स.क्रि.) हेल-मेल में लाना, परचाना -- अङाङ्बु नुङ्शिना फम्दुना हाइबिबा

हिसाब किताब (पुं.) लेखा-जोखा -- हिसाब होत्पा, हिसाब तौबा

हिसाब किताब (पुं.) व्यापारिक लेन-देन या व्यवहार -- ललोन्‍नबा पोत लौथोक् लौशिन तौबा

हिस्सा (पुं.) भाग, अंश, खंड -- शरुक

हिस्सा (पुं.) वह धन जो किसी साझे की वस्तु या व्यवसाय में किसी एक या हर एक साझेदार ने लगाया हो (शेयर) -- पुथोक्खिबा शेल्गी शरूक

हिस्सा (पुं.) साझेदार को मिलने वाला आनुपातिक लाभ या अंश -- शेंदोङ् शरुक

हुंडी (स्‍त्री.) एक लिखित पत्र, जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपए अमुक व्यक्‍ति, महाजन या बैंक को दे दिए जाएँ -- हुंडी, ड्राफ्ट, चेक

हुंडी (स्‍त्री.) वह महाजनी पत्र, जिस पर यह लिखा रहता है कि ऋणकर्ता इतने दिनों में ब्याज समेत चुका देगा -- हूंडी

हृदय (पुं.) कलेजा, दिल -- थम्मोई

हृदय (पुं.) अंत:करण -- थम्मोइनुङ्

हृष्‍ट-पुष्‍ट (वि.) मोटा-ताजा -- अनोइबा

हेरा-फेरी (स्‍त्री.) चालबाजी, गड़बड़ -- चलाक्

होना (अ.क्रि.) अस्तित्व में आना -- ओइबा

होना (अ.क्रि.) कार्य या घटना का क्रियात्मक या वास्तविक रूप में सामने आना -- ओइबा

होनी (स्‍त्री.) ऐसी घटना या बात, जिसका होना अनिवार्य हो -- तङाइफादना तौगदबा

होश (पुं.) चेतना, संज्ञा -- ज्ञान, लौशिङ्

होश (पुं.) याद, स्मृति -- निङ्शिङ्बा

होशियार (वि.) सावधान, सतर्क, सजग, चौकस -- हैशिङ्बा

होशियार (वि.) चतुर, चालाक -- चलाक लैबा

होशियार (वि.) माहिर, कुशल, दक्ष -- हैशिङ्बा

ह्रास (पुं.) क्षय, नाश, घटती -- अमाङ्बा

ह्रास (पुं.) पतन, अवनति -- लैखा ताबा


इन्हें भी देखें

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स्रोत

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  • भारतीय भाषा कोश से मणिपुरी के अलावा शेष भाषाओं की प्रविष्टियों को हटाकर बनाया गय।