अगुश्ताना

विक्षनरी से
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संज्ञा पुल्लिंग

  1. उँगली पर पहनने की पीतल या लोहे की एक छोटी टोपी जिसमें छोटे छोटे गड़हे बने रहते हैं और जिसे दरजी लोग कपड़ा सीते समय एक उँगली में पहन लेते हैं जिससे सुई न चुभ जाय । इसी से वे सुई को उसका पिछला हिस्सा दबाकर आगे बढ़ाते हैं।
  2. सोने या चाँदी की एक प्रकार की मुँदरी जो हाथ के अँगुठे में पहनी जाती है
  3. उँगली की रक्षा के लिये उसमें पहनने का धातु, चमड़े, सींग आदि का खोल

प्रयोग

संबंधित शब्द

अन्य भाषा में

  • अंगुश्ताना - फारसी

वर्णक्रम सहचर

हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अगुश्ताना संज्ञा पुं॰ [फा॰]

१. उँगली पर पहनने की पीतल वा लोहे की एक छोटी टोपी जिसमें छोटे छोटे गड़हे बने रहते हैं । इसे दरजी लोग कपड़ा सीते समय एक उँगली में पहन लेते हैं जिससे सुई न चुभ जाय । इसी से वे सुई को उसका पिछला हिस्सा दबाकर आगे बढ़ ते है ।

२. सोने वा चाँदी की एक प्रकार की मुँदरी जो हाथ के अँगुठे में पहनी जाती है ।

३. उँगली की रक्षा के लिये उसमें पहनने का धातु, चमड़े, सींग आदि का खोल । अंगुलित्राण (को॰) ।