रात

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिंदी[सम्पादन]

व्युत्पत्ति १[सम्पादन]

शौरसेनी प्राकृत 𑀭𑀢𑁆𑀢𑀺 (रत्ति) से, संस्कृत रात्रि से।

संज्ञा[सम्पादन]

रात

  1. वह समय जब बाहर अंधेरा हो जाता है, क्योंकि सूर्य का प्रकाश धरती की इस ओर तक नहीं पहुँच पाता
    पर्यायवाची शब्द: रात्रि, निशा, रजनी, रैन
अनुवाद[सम्पादन]

व्युत्पत्ति २[सम्पादन]

शौरसेनी प्राकृत 𑀭𑀢𑁆𑀢 (रत्त) से, संस्कृत रक्त से।

संज्ञा[सम्पादन]

रात पु

  1. (पुरानी हिंदी) रक्त के रंग का, लाल
    • जायसी ग्रंथावली, पृ॰ ११९
      कँवल चरन आति रात बिसेखे ।
      रहहिं पाट पर पुहुमि न देखे ।
      (please add an English translation of this usage example)