होना

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी[सम्पादन]

क्रिया[सम्पादन]

अनुवाद[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

होना । (२) अंजाम बिगड़ना । बुरा परिणाम होना ।—बिगाड़ना । मुहा॰— आकबत में दिया दिखाना= परलोक में काम आना ।

होना क्रि॰ अ॰ [सं॰ √भू > भवन; प्रा॰ होण]

१. प्रधान सत्तार्थक क्रिया । आस्तित्व रखना । कहीं विद्यमान रहना । 'उपस्थित या मौजूद रहना । जैसे,—उसका होना न होना बराबर है । (ख) संसार में ऐसा कोई नहीं है । उ॰—गगन हुती, नहिं महि हुती, हुते चंद नहीं सूर ।—जायसी (शब्द॰) । विशेष—शुद्ध सत्ता के अर्थ में इस क्रिया का प्रयोग साधारण रूप 'होना' के अतिरिक्त केवल सामान्य कालों में ही होता है । जैसे,— वह है, मैं था, वे होंगे । और कालों में प्रयुक्त होने पर यह क्रिया विकार,निर्माण, घटना, अनुष्ठान आदि का अर्थ देती है । हिंदी में यह क्रिया बड़े महत्व की है, क्योंकि खड़ी बोली में सब क्रियाओं के अधिकतर 'काल' इसी क्रिया की सहायता से बनते हैं । कालनिर्माण में यह सहायक क्रिया का काम देती है ।