चीनी

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हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

पु./स्त्री.

  1. शक्कर (स्त्री.)
  2. चीन देश की भाषा (स्त्री.)
  3. व्यक्ति (पु./स्त्री.)

संज्ञा[सम्पादन]

विशेषण[सम्पादन]

यह भी देखिए[सम्पादन]

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चीनी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [ हिं॰ चीन(देश) + ई (प्रत्य॰)सं॰ अथवा सिता] या दानेदार सफेद रंग का एक प्रसिद्ध मीठा पदार्थ जो चूर्ण रुप में होता है औऱ ईख के रस, चुकंदर, खजूर आदि पदार्थों से बनाया जाता है । विशेष—चीनी का व्यवहार प्राय:मिठाईयाँ बनाने और पीने के दूध या पानी आदि को मिठा करने के लिये होता है । तरल पदार्थ में यह बहुत सरलता से घुल जाती है । भारतवर्ष में चीनी केबल ईख के रस से ही उसके बार बार उबाल और साफ करके बनाई जाती है । पर संसार के अन्य भागों में यह और भी बहुत से पौधों के मीठे रस और विशेषत: चुकंदर के रस से बनाई जाती है । जिस देशी चीनी में मैल अधिक हो उसे 'कच्ची चीनी' और जिसमें मैल कम हो उसे पक्की चिनी कहते हैं । अब भारतवर्ष में दानेदार चीनी (जिसे प्रारंभ में लोग विलायती कहा करते थे क्योंकि पहले ऐसी चीनी विदेश से ही आती थी) भी तैयार होने लगी है । प्रारंभ में लोग इसका प्रयोग अधार्मिक समझते थे परंतु अब इसका प्रयोग बिना किसी हिचक के होता है । चीनी की खपत भारतवर्ष में अपेक्षाकृत अधिक होती है । खाँड, राब, गुड आदि इसी के पूर्ण और अपरिष्कृत रुप है । प्राचिन भारतीयों ने इनकी गणना मंगलद्रव्यों में की बै । सुश्रुत के अनुसार ईख का रस उबालकर बनाए हुए पदार्थ ज्यों ज्यों साफ होकर राब, गुड, चीनी, मिस्री आदि बनते हैं, त्यों त्यों वे उत्तरोत्तर शीतल, स्निग्ध, भारी, मधुर और तृष्णा शांत करनेवाले होते जाते हैं ।

चीनी ^२ वि॰ चीन देश संबंधी । चीन देश का । जैसे, चीनी मिट्टी, कबाब चीनी, चीनी भाषा ।

चीनी ^३ संज्ञा पुं॰ [देश॰] एक प्रकार का छोटा पौधा जो पंजाब और पश्चिम हिमालय में पाया जाता है । इसकी पत्तियाँ प्राय: चारे के काम में आती हैं ।

चीनी कपुर संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चीनी+सं॰ कपूर] एक प्रकार का कपूर ।

चीनी कबाब संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चीनी+कबाब]दे॰ 'कबाब चीनी' ।

चीनी चंपा संज्ञा पुं॰ [देश॰] एक प्रकार का बहुत उत्तम केला जो आकार में छोटा होता है । इसी को 'चीनिया केला' चीनिया केला भी कहते हैं ।

चीनी मिट्टी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ चीनी (वि॰)+मिट्टी] एक प्रकार की मिट्टी जो पहले पहल चीन के किंग वि॰ चिन् नामक पहाड से निकली थी ओर अब अन्य देशों में भी कहीं कहीं पाई जाती है । विशेष—इसके ऊपर पुलिस बहुत अच्छी होती है और इससे तरह तरह के खिलौने, गुलदान और छोटे बडे बरतन बनाए जाते हैं जो 'चीन के' या 'चीनी क,' कहलाते हैं । आजकल इस प्रकार की मिट्टी मध्यप्रदेश तथा बंगाल के कुछ जिलों में भी पाई जाती है ।

चीनी मोर संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चीनी+मोर] सोहन चिडिया की जाति का एक पक्षी । विशेष—यह पक्षी संयुक्त प्रांत, बंगाल और आसाम में अधिकता से होता है । इसका माँस बहुत स्वादिष्ट होता है, इसलिये शिकारी प्राय: इसका शिकार करते हैं ।