गाय

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

गाय संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ गो]

१. सींगवाला एक मादा चौपाय जिसके नर को साँड़ या बैल कहते हैं । विशेष—गाय बहुत प्राचीन काल से दूध के लिये पाली जाती है । भारतवासियों को यह अत्यंत प्रिय और उपयोगी है । इसके दूध और घी से अनेक प्रकार की खाने की चीजें बनाई जाती हैं । गाय बहुत सीधी होती है; बच्चा भी उसके पास जाय, तो नहीं बोलती । मुहा॰—गाय की तरह काँपना = (१) बहुत डरना । (२) थर थर काँपना । थर्राना । गाय का बछिया तसे और बछिया का गाय तले करना = (१) हेरी फेरी करना । इधर उधर करना । (२) काम निकालने के लिये कुछ का छुछ प्रकट करना ।

२. बहुत सीधा सादा मनुष्य । दीन मनुष्य । जैसे,—वह बेचारा तो गाय है; किसी से नहीं बोलता ।

गाय बगला संज्ञा पुं॰ [हिं॰ गाय + बगला] एक प्रकार का बगला । विशेष—यह धान के खेतों में होता है । यह पशुओं के झुंड के साथ रहता है और उनके कीड़ों को खाता है । इसे सुरखिया बगला भी कहते हैं ।