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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

घ हिंदी वर्णमाला के व्यंजनों में से कवर्ग का चौथा व्यंजन जिसका उच्चारण जिह्वामूल या कंठ से होता है । यह स्पर्श वर्ण हैं । इसमें घोष, नाद, संवार और महाप्राण प्रयत्न होते हैं ।