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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

स हिंदी वर्णमाला का बत्तीसवाँ व्यंजन । यह ऊष्म वर्ण है । इसका उच्चारण स्थान दंत है, इसलिये यह दंती 'स' कहा जाता है ।

स ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. ईश्वर ।

२. शिव । महादेव ।

३. साँप ।

४. पक्षी । चिड़िया ।

५. वायु । हवा ।

६. जीवात्मा ।

७. चंद्रमा ।

८. भृगु ।

९. दिप्ति । कांति । चमक । १० ज्ञान ।

११. चिंता ।

१२. गाड़ी का रास्ता । सड़क ।

१३. संगीत में षड़ज स्व र का सूचक अक्षर । जैसे,—रे, ग, म, ध, नि, स ।

१४. छंद- शास्त्र में 'सगण' शब्द का सूचक अक्षर या संक्षिप्त रूप । दे॰ 'सगण' ।

१५. घेरा । बाड़ (को॰) ।

स ^२ उप॰ एक उपसर्ग जिसका प्रयोग शब्दों के आरंभ में, कुछ विशिष्ट अर्थ उत्पन्न करने के लिये होता है । जैसे,—(क) बहुब्रीहि समास में 'सह' के अर्थ में । जैसे,—सजीव = सह + जीव । सपरिवार = सह + परिवार । (ख) 'स्व या एक ही' के अर्थ में । जैसे,—सगोत्र । (ग) 'सु' के स्थान में । जैसे,— सपूत ।