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ल्

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ल व्यंजन वर्ण का अट्ठाईसवाँ वर्ण जिसका उच्चारण स्थान दंत है । इसके उच्चारण मे संवार, नाद और घोष प्रयत्न होते हैं । यह अल्पप्राण है ।

ल संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. इंद्र ।

२. पृथ्वी ।

३. छंदःशास्त्र में लघु मात्रा के लिये प्रयुक्त संक्षिप्त रूप (को॰) ।

४. पाणिनि व्याकरण में क्रिया के काल एवं अवस्था के लिये प्रयुक्त विशेष संज्ञा ।

४. पचास की संख्या (को॰) ।