विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ङ व्यंजन वर्ण का पाँचवाँ और कवर्ग का अंतिम अक्षर । यह स्पर्श वर्ण है, और इसका उच्चारण स्थान कंठ और नासिका है । इसमें संवार, नाद, घोष और अल्पप्राण नामक प्रयत्न लगते हैं ।

ङ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. सूँघने की शक्ति ।

२. गंध । सुगंध ।

३. शिव का एक नाम । भैरव ।

४. इंद्रियों का विष्य । इंद्रिय— विषय (को॰) ।

५. इच्छा । आकांक्षा । स्पृहा (को॰) । च