विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ट संस्कृत या हिंदी वर्णमाला में ग्यारहवाँ ब्यंजन जो टवर्ग का पहला वर्ण है । इसका उच्चारण स्थान मूर्धा है । इसका उच्चारण करने में तालु से जीभ का अग्र भाग लगाना पड़ता है ।

ट संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. नारियल का खोपड़ा ।

२. वामन ।

३. चौथाई भाग ।

४. शब्द ।