विक्षनरी से
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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

प हिंदी वर्णमाला में स्पर्श व्यंजनों के अंतिम वर्ग का पहला वर्ग । इसका उच्चारण ओठ से होता है इसलिये शिक्षा में इसे ओष्ठ्य वर्ण कहा गया हे । इसके उच्चारण में दोनों ओठ मिलते हैं इसलिए यह स्पर्श वर्ण है । इसके उच्चारण मे शिक्षा के अनुसार विचार,श्वास, घोष और अल्पप्राण नामक प्रयत्न लगते हैं ।

प ^१ वि॰ [सं॰]

१. पीनेवाला । जैसे,—द्विप, अनेकप, मद्यप ।

२. रक्षा या शासन करनेवाला । जैसे, क्षितिप, नृप ।

प ^२ संज्ञा पुं॰

१. वायु । हवा ।

२. पत्ता ।

३. अंडा ।

४. पीने की क्रिया ।

५. संगीत में पंचम स्वर का संकेत [को॰] ।