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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ब हिंदी का तेईसवाँ व्यंजन और पवर्ग का तीसरा वर्ण । यह ओष्ठय वर्ण है और दोनों होठों के मिलाने से इसका उच्चारण होता है । इसलिये इसे स्पर्श वर्ण कहते हैं । यह अल्पप्राण है और इसके उच्चारण में संवार, नाद और गोष नामक बाह्य प्रयत्न होते हैं ।

ब ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वरुण ।

२. सिंधु ।

३. भग ।

४. जल ।

५. सुगंधि ।

६. वयन । बुनना ।

७. ताना ।

८. कुंभ ।

९. दे॰ 'गंधन' ।

ब ^२ प्रत्य॰ [फा॰]

१. से । साथ । जैसे, बखुद, बखुदी ।

२. वास्ते । लिये । जैसे, बखुदा ।

३. पर । जैसे, दिन ब दिन ।