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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ड व्यंजनों में तेरहवाँ व्यंजन और टवर्ग का तीसरा वर्ण । इसका उच्चारण आभ्यंतर प्रयत्न द्वारा तथा जिह्वामध्य को मूर्धा में स्पर्श करने से होता है ।

ड संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. ध्वनि । शब्द ।

२. नागाड़ा ।

३. बड़वाग्नि ।

४. भय ।

५. शिव (को॰) ।